गुरुवार, 2 अप्रैल 2020

दिल्ली सरकार ने निर्माण कार्य से जुड़े दिहाड़ी मजदूरों को दी 5-5 हजार की सहायता राशि...

संवाददाता : नई दिल्ली


      दिल्ली सरकार ने लॉक डाउन की वजह से आर्थिक संकट से जूझ रहे निर्माण कार्य से जुड़े दिहाड़ी मजदूरों को 5-5 हजार रुपये की सहायता राशि दी है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निर्देश पर दिल्ली लेबर वेलफेयर बोर्ड ने 32358 पंजीकत दिहाडी मजदूरों को 5-5 हजार रुपये की सहायता राशि भेज दी गई है। इन मजदूरों में दिल्ली सरकार कुल 16.18 करोड़ रुपये वितरित की है। वहीं, दिल्ली लेबर वेलफेयर बोर्ड से अभी तक करीब 9 हजार मजदूरों का पंजीकरण नहीं हुआ है, उनके पंजीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। इनके लिए 4.50 करोड़ रुपये भी दिल्ली सरकार ने बोर्ड को जारी कर दिया है। इनका पंजीकरण पूरा होते ही सहायता राशि शीघ्र जारी कर दी जाएगी। इसके अलावा पेंशन प्राप्त कर रहे निर्माण कार्य से जुड़े 200 कर्मचारियों की पेंशन राशि भी जारी कर दी गई है।



गौरतलब है कि कोरोना के प्रकोप से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए 24 मार्च की रात 12 बजे दिल्ली समेत पूरे देश में 21 दिन का लॉक डाउन कर दिया गया है। दिल्ली सरकार लॉक डाउन की वजह से लोगों को हो रही परेशानियों को कम करने का पूरा प्रयास कर रही है। प्रतिदिन काम करके घर का खर्च चलाने वाले दिहाड़ी मजदूरों की मदद को लेकर दिल्ली सरकार काफी गंभीर है।


मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लॉक डाउन के दौरान निर्माण कार्य से जुड़े दिहाड़ी मजदूरों को राहत देते हुए उन्हें 55 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की थी। यह सहायता राशि दिल्ली लेबर वेलफेयर बोर्ड के तहत पंजीकत मजदूरों को दी जानी है। दिल्ली लेबर वेलफेयर बोर्ड के तहत कुल 37127 मजदूर पंजीकृत हैं, जबकि 9149 मजदूरों का पंजीकरण नहीं हुआ है, इन लोगों का पंजीकरण कराया जा रहा है। दिल्ली सरकार ने सहायता राशि देने के लिए एलजी अनिल बैजल के पास इसकी फाइल भेजी थी। एलजी से फाइल को मंजूरी मिल। जिसके बाद सरकार ने पंजीकृत दिहाड़ी मजूदरों के खाते में सहायता राशि भेज दी है। वहीं, जिन मजदूरों का अभी पंजीकरण कराया जा रहा है, उन्हें भी जल्द सहायता राशि भेज दी जाएगी ।


लॉक डाउन से आर्थिक संकट का सामना कर रहे गरीबों के साथ खडी है दिल्ली सरकार


कोरोना वायरस के प्रकोप को खत्म करने और लॉक डाउन के दौरान लोगों को हो रही परेशानियों को कम करने के लिए दिल्ली सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत सभी मंत्री और विधायकों के अलावा जरूरी सेवाओं से जुड़े सभी विभागों के अधिकारी दिन-रात लोगों की मदद में लगे हुए हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल खुद सब की निगरानी कर रहे हैंमुख्यमंत्री प्रतिदिन उच्च स्तरीय बैठकें कर ताजा स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं और आवश्यकतानुसार जरूरी कदम उठाए जा रहे है, ताकि लोगों की परेशानियां कम की जा सके। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निर्देश पर पेंशन योजना से जुड़े 8.5 लाख विकलांगों, विधवाओं व बुजुर्गों को अप्रैल माह की पेंशन राशि दोगुना करके उनके बैंक खाते में भेज दी गई है।


दिल्ली में रह रहे करीब 72 लाख राशन कार्ड धारकों को इस माह 5 किलो की बजाय 7.5 किलो गेहूं और चावल दिया जा रहा 2500 सरकारी स्कूलों और 250 से अधिक नाइट सेल्टरों में दोपहर और रात में मुफ्त भोजन की व्यवस्था की गई है, जहां 10 से 12 लाख गरीबों को प्रतिदिन खाना खिलाया जा रहा है। यहां कोई भी व्यक्ति आकर खाना खा सकता है। उससे कोई पूछताछ नहीं की जा रही है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लोगों से अपील की है कि वे एक-दूसरे की मदद करते रहें, ताकि कोई भूखा न सोए। इसके परिणाम स्वरूप मदद के लिए काफी लोग आगे आ रहे हैं। वहीं, मुख्यमंत्री की अपील के बाद कुछ मकान मालिकों ने लॉक डाउन के दौरान अपने किराएदारों का किराया नहीं लेने की घोषणा की है। जबकि कुछ कंपनी मालिकों ने कर्मचारियों को पूरी तनख्वाह देने की घोषणा की है।


 


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