मंगलवार, 21 अप्रैल 2020

केंद्रीय गृह मंत्रालय के द्वारा लॉकडाउन में से कुछ सेवाओं में दी जा रही रियायतों की झारखंड के परिपेक्ष्य में हुई चर्चा...

संवाददाता : रांची झारखंड


        मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि लॉकडाउन में से बेहत सख्त शर्तों के साथ कुछ जरुरी सेवाओं में छूट दी जा रही है. केंद्रीय गृह मंत्रालय के द्वारा जारी गाइलाइन के तहत ही झारखंड में भी  रियायतें दी जा रही हैं, लेकिन इस राज्य की भी अपनी कुछ समस्याएं और जरुरतें हैं. इसकी समीक्षा कर राज्य सरकार उचित कदम उठाएगी. मुख्यमंत्री आज कोरोना महामारी की रोकथाम,बचाव औऱ इलाज तथा लॉकडाउन को लेकर वित्त, वाणिज्यकर एवं खाद्य आपूर्ति मंत्री रामेश्वर उरांव, ग्रामीण विकास एवं संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम, स्वास्थ्य एवं आपदा मंत्री बन्ना गुप्ता और कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री बादल के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर लॉक डाउन के तहत कुछ सेवाओं में दी गई छूट में नियमों की अनदेखी और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं होता है तो तुरंत रियायतों को वापस ले लिया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में कोरोना वायरस के बढ़ रहे संक्रमण के खतरे को लेकर सरकार पूरी तरह सतर्क है और इसे रोकने के लिए सभी एहतियात कदम उठाए जा रहे हैं। 



कुछ सेवाओं में दी गई छूट का असर एक-दिन बाद दिखेगा 


मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉक डाउन  के तहत कुछ सेवाओं में सशर्त छूट दी जा रही है. इसका उल्लंघन नहीं हो, इसकी निगरानी  करने का निर्देश अधिकारियों  को दिया जा चुका है. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि  लॉक डाउन में  दी जाने वाली रियायतों का असर एक-दो दिनों के अंदर देखने को मिलने लगेगा. इसके बाद सरकार  इसकी समीक्षा कर निर्णय लेगी। 


झारखंड में चार कोरोना संक्रमित मरीज हो चुके हैं स्वस्थ


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य मे चार कोरोना संक्रमित मरीज स्वस्थ हो चुके हैं. इन्हें मैं शुभकामनाएं देता हूं. वे स्वस्थ रहें, सुरक्षित रहें, यही कामना है. मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से लड़ाई में यह जीत काफी अहम है. अब इस वैश्विक महामारी से हम और मजबूती से लड़ेंगे और जीत हासिल करेंगे। 


कोटा में फंसे राज्य के बच्चों को लेकर सरकार है चिंतित


मुख्यमंत्री ने कहा कि कोटा में फंसे राज्य के बच्चों को लेकर सरकारी काफी चिंतित है. बच्चों और उनके अभिभावकों के लगातार फोन आ रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को लेकर उनकी प्रधानमंत्री से बात हुई है. अभी मैं बच्चों को यही संदेश देना चाहता हूं कि आप जहां सुरक्षित समझे, वहीं रहें. अगर किसी तरह की परेशानी आ रही है तो उससे सरकार को अवगत कराएं, आपकी सहायता के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। 


दूसरी बीमारियों के इलाज में कोताही नहीं बरतें निजी अस्पताल


मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे बीमारियों के मरीजों के इलाज में निजी अस्पताल कोतानी नहीं बरतें.  निजी अस्पतालों की निगरानी के निर्देश अधिकारियों को दे दिए गए हैं. अगर उनके द्वारा किसी मरीज के इलाज में किसी तरह की लापरवाही बरते जाने की बात सामने आएगी तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 


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