गुरुवार, 23 अप्रैल 2020

रांची में फंसे पश्चिम बंगाल के 10 मजदूरों तक पहुँचाया गया राशन...

संवाददाता : रांची झारखंड


      राज्य स्तरीय कोरोना नियंत्रण केंद्र में कोविड -19 से संबंधित किसी भी तरह की सहायता हेतु टॉल फ्री नम्बर 181 पर सम्पर्क किया जा रहा है। नियंत्रण केंद्र में  अब तक  कुल 67,818 कॉल आए जिसमें 42,092 कॉल्स कोरोना से संबंधित है। 20,405 मामलों को नियंत्रण केंद्र में ही निष्पादित कर दिया गया। 21,687 मामले की कार्रवाई हेतु संबंधित जिलों एवं विभागों को अग्रसारित कर दिया गया है । इनमें से अबतक 16,168 मामलों पर सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है ।  शेष बचे मामलों पर हर संभव कार्रवाई की जा रही है। नियंत्रण केंद्र में खाद्य आपूर्ति से संबंधित 10,982, विधि व्यवस्था से संबंधित 1,011, चिकित्सा से संबंधित 1,135, झारखंड में फंसे व्यक्ति से संबंधित 1,179 एवं अन्य 1,861 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है।



पश्चिम बंगाल के हावड़ा निवासी तहीदुल इस्लाम एवं अन्य 9 लोग रांची स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत केएमवी, धुर्वा में मजदूरी करने आए थे ।लॉक डाउन के कारण काम बंद होने से इन्हें खाद्यान्न की समस्या होने लगी।  इन्होंने 181 पर संपर्क किया जिसपर नियंत्रण केंद्र द्वारा तत्काल जिला आपूर्ति पदाधिकारी को सूचित किया गया। उन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 4 घंटे में ही इन मजदूरों तक राशन उपलब्ध कराया।


बिहार निवासी प्रमोद मंडल एवं अन्य 2 लोग रांची के तमाड़ में मजदूरी करने आए थे। लॉक डाउन के कारण काम बंद होने से इनके समक्ष खाद्य सामग्रियों से संबंधित समस्या होने लगी थी । इन लोगों के समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई। कोरोना कंट्रोल रूम में इन्होंने संपर्क किया जिसके पश्चात नियंत्रण केंद्र द्वारा जिला आपूर्ति पदाधिकारी रांची से संपर्क किया गया ।जिला आपूर्ति पदाधिकारी के द्वारा इन लोगों को राशन उपलब्ध कराया गया।


राज्य में कोई भूखा न रहे


कोविड 19 को रोकने के लिए पूरे देश में लॉक डाउन 3 मई तक चलेगा । इस दौरान कोई राज्य में भूखा न रहे इस हेतु झारखंड सरकार विभिन्न योजनाओं के तहत लोगों तक भोजन और खाद्य सामग्री पहुँचाने का कार्य कर रही है।  खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा  लोगों तक विभिन्न योजनाओं के तहत  राशन एवं खाना पहुँचाने का कार्य किया जा रहा है। विभाग द्वारा  प्राप्त आंकड़ो के अनुसार अब तक 1,83,031 लोगों तक अनाज पहुंचा दिया गया है। वहीं नन पीडीएस के तहत 2,41,819  लोगों तक अनाज उपलब्ध करा दिया गया है। दाल भात के विभिन्न योजनाओं में अब तक 98,65,820 लोगों को खाना खिलाया गया है।  सरकार द्वारा चलाये जा रहे विभिन्न राहत  कैम्पों में 2,13,617 प्रवासी मजदूरों को खाना खिलाया जा रहा है। एनजीओ एवं वॉलिंटियर्स के  विभिन्न टीमों द्वारा राज्य में विभिन्न जगहों पर 36,81,642 लोगों को खाना खिलाया जा चुका है। साथ ही आकस्मिक राहत पैकेट का वितरण भी जरूरतमंदों के बीच किया जा रहा है।


सरकार राज्य के बाहर फंसे लोगों की सहायता का कर रही प्रयास


विश्वव्यापी  महामारी कोविड-19 के संक्रमण से देश में 3 मई तक चलने वाले लॉक डाउन के वजह से झारखंड के कई लोग राज्य के बाहर फंसे हुए हैं। राज्य सरकार उनकी सहायता के लिए प्रतिबद्ध है।श्रम विभाग द्वारा जारी किए गए टॉल फ्री नम्बर्स पर अबतक 31,776 कॉल्स प्राप्त हुए हैं जिसमें राज्य के बाहर 9,33,505 लोगों के फंसे होने की सूचना प्राप्त हुई है। इनमें 13,642 जगहों पर 6,33,123 प्रवासी मजदूरों के फंसे होने की जानकारी प्राप्त हुई है।  अब तक सरकार द्वारा 12,870 जगहों पर फंसे 4,86,373 मजदूरों के खाने एवं रहने की व्यवस्था की गयी है। सभी लोगों के संबंध में पूरी जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि उन तक हर स्तर से मदद पहुंचाई जा सके।


राज्य सरकार द्वारा मार्च एवं अप्रैल माह का पेंशन, लाभुकों तक पहुंचाने का  किया जा रहा कार्य


राज्य सरकार के सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा मार्च एवं अप्रैल माह का पेंशन लाभुकों तक  पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। इस क्रम में राज्य के विभिन्न जिलों में मार्च माह का 19,47,801 लोगों तक पेंशन उपलब्ध करा दिया गया है वहीं अप्रैल माह मेंअब तक 16,68,845 लोगों को पेंशन दिया जा चुका है।


 


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