शुक्रवार, 28 अगस्त 2020

चीड़ की पत्तियां (पिरूल) अब ग्रामीणों के लिए वरदान...

संवाददाता : देहरादून उत्तराखंड 


      चीड़ की पत्तियां (पिरूल) अब ग्रामीणों के लिए वरदान बनने जा रही हैं। पिरूल एवं बायोमास नीति के तहत पिरूल से बिजली व ब्रिकेट बनाने को प्रोत्साहित किया जा रहा है। बेहद खुशी की बात है कि बहुत से उद्यमी आगे आए हैं। पिरूल नीति से बिजली उत्पादन के साथ ही वनाग्नि की समस्या का समाधान भी होगा।


चीड़ की पत्तियों को एकत्र कर बिजली इकाइयों को बेचने से स्थानीय ग्रामीणों की आजीविका भी मजबूत हुई है।उत्तरकाशी के डुण्डा ब्लाॅक के ग्राम चकोन धनारी में स्थित पिरूल प्लांट इसका बेहतरीन उदाहरण है।


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