सोमवार, 31 अगस्त 2020

हरियाणा काडर के सभी प्रशिक्षणाधीन आईएएस अधिकारी भारत सरकार के ऑनलाइन प्रशिक्षण पोर्टल में भागीदारी करेंगे...

संवाददाता चंडीगढ़ हरियाणा 


      विशिष्ट भूमिकाओं के लिए कर्मचारियों के प्रशिक्षण एवं पहचान को पूर्ण पारदर्शी बनाने, प्रत्येक कर्मचारी को सीखने, विकास करने और बेहतर सेवा के लिए उचित अवसर प्रदान करने के प्रयास के तहत हरियाणा काडर के सभी प्रशिक्षणाधीन आईएएस अधिकारी भारत सरकार के ऑनलाइन प्रशिक्षण (आईजीओटी) पोर्टल में भागीदारी करेंगे।


इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि हरियाणा काडर के आईएएस अधिकारी इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेंगे। इस कार्यक्रम की घोषणा हाल ही में लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी, मसूरी द्वारा की गई है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ऑनलाइन प्रशिक्षण पोर्टल को केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा विकसित किया गया है।


उन्होंने बताया कि यह प्रशिक्षण प्रक्रिया कर्मचारियों एवं नागरिकों के लिए सेवा को और संतोषजनक बनाएगी जोकि सरकार की नीतियों एवं सेवाओं के अंतिम प्राप्तकर्ता हैं।



प्रवक्ता ने बताया कि भारत सरकार ऑनलाइन प्रशिक्षण पोर्टल प्रशासन को समझने और उसे प्रभावी बनाने के तरीकों में अपार परिवर्तन लाने में सहायक होगा। यह एक नियम आधारित प्रणाली से भूमिका आधारित प्रणाली में परिवर्तित होगी।


उन्होंने बताया कि एफआरएसी अर्थात नियम, गतिविधि एवं क्षमता रूपरेखा एक सरकारी कर्मचारी के समस्त व्यावसायिक जीवन चक्र को यह सुनिश्चित करने में सक्षम बनाती है कि उन्हें एक विशिष्ट कार्य, प्रदर्शन मानचित्रण, पात्रता मूल्यांकन और प्रशिक्षण की दिशा का आंकलन करने और  प्रशिक्षण के माध्यम से कौशल बढ़ाने के लिए क्या करना चाहिए।


उन्होंने बताया कि नागरिक सेवा क्षमता निर्माण के अपने राष्ट्रीय कार्यक्रम के माध्यम से केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की इस परिकल्पना में सक्रिय भागीदार बनकर अकादमी द्वारा अन्य केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थानों के साथ मिलकर विभिन्न विषयों में ऑनलाइन अध्ययन मॉडयूल तैयार किए जा रहे हैं। इन अध्ययन मॉडयूल को शीघ्र ही भारत सरकार ऑनलाइन प्रशिक्षण पोर्टल पर डाला जाएगा।


सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए विकेंद्रीकृत अध्ययन अवसरों के लक्ष्य की दिशा में कार्य करते हुए यह परिकल्पना की गई है कि इस ढांचे में प्रशिक्षणाधीन युवा अधिकारी भी शामिल हों और उन्हें कौशल मानचित्रण एवं सुधार में सक्रिय भागीदार बनाएं।


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