मंगलवार, 1 सितंबर 2020

हरियाणा में बिजली उपभोक्ता अब बिजली बिल की अदायगी ऑनलाईन पेमेंट के साथ-साथ डाकघरों में भी कर सकेंगे...

संवाददाता चंडीगढ़ हरियाणा 


      हरियाणा में बिजली उपभोक्ता अब बिजली बिल की अदायगी ऑनलाईन पेमेंट के साथ-साथ डाकघरों में भी कर सकेंगे ।इस संबंध में जानकारी देते हुए बिजली निगमों के एक प्रवक्ता ने बताया कि बिजली उपभोक्ताओं को बिल की अदायगी में किसी प्रकार की कोई असुविधा न हो, इसके लिए उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) के उपभोक्ता आज से डाकघरों में भी अपने बिजली बिलों की अदायगी कर पाएंगे। इसके अलावा, वर्तमान में हरियाणा के 60 प्रतिशत से अधिक बिजली उपभोक्ता अपने बिजली बिलों की अदायगी ऑनलाइन कर रहे हैं।


उन्होंने बताया कि विशेषतौर पर ग्रामीण क्षेत्र के बिजली उपभोक्ताओं की सुविधा का ध्यान में रखते हुए डाक विभाग से बातचीत की गई और यह निर्णय हुआ कि अब बिजली उपभोक्ता डाकघर की शाखा में भी अपने बिजली बिल जमा कर सकते हैं। हरियाणा में डाकघर की 2964 शाखाएं हैं जिनमें से 2180 शाखाएं  ग्रामीण क्षेत्रों में हैं।


उन्होंने बताया कि डाकघरों के  काउंटरों पर 20 हजार रुपए तक के बिजली बिलों का भुगतान किया जा सकेगा। इसके लिए उपभोक्ताओं से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा और जमा की गई राशि उसी समय बिजली निगमों के सर्वर पर अपडेट हो जाएगी। कोरोना महामारी के खतरों को भांपते हुए ग्रामीण क्षेत्र के बिजली उपभोक्ताओं को बिजली बिल की अदायगी के लिए दूर न जाना पड़े, इसके लिए वे अपने गांव और मोहल्ले के डाकघर में आसानी से अपने बिजली बिल की अदायगी कर सकते हैं।



प्रवक्ता ने बताया कि गत जनवरी माह में बिजली वितरण निगमों के मुख्य प्रबंध निदेशक (सीएमडी) शत्रुजीत कपूर ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत पहले यमुनानगर और अंबाला (पंचकूला) सर्कलों में डाकघर काउंटर से बिजली बिल का भुगतान आरंभ करने की शुरुआत करने के निर्देश दिए। इन दोनों सर्कलों के सकारात्मक नतीजों को देखते हुए आज से (1 सितंबर, 2020) से यूएचबीवीएन ने विशेषतौर पर ग्रामीण क्षेत्र के बिजली उपभोक्ताओं के लिए डाकघरों के काउंटर पर बिल भुगतान की सुविधा उपलब्ध करवा दी गई है, तथा डीएचबीवीएन के बिजली उपभोक्ताओं के लिए यह सुविधा जल्द शुरू हो जाएगी।


प्रवक्ता ने बताया कि लगातार तीन वर्षों से यूएचबीवीएन और डीएचबीवीएन ने लाभ कमाकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वित्त वर्ष 2019-20 में दोनों निगमों ने 29519 करोड़ 74 लाख रुपए का राजस्व प्राप्त किया, इससे 331 करोड़ 39 लाख रुपए का शुद्ध लाभ हुआ है। यूएचबीवीएन और डीएचबीवीएन ने वर्ष 2018-19 में 29962 करोड़ 34 लाख रुपए का राजस्व अर्जित किया तथा 280 करोड़ 94 लाख रुपए का लाभ तथा वर्ष 2017-18 में 28926 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त किया और 412 करोड़ 36 लाख रुपए का लाभ हासिल किया। 


प्रवक्ता ने बताया कि ‘म्हारा गांव-जगमग गांव’ योजना भी पूरी तरह से सफल रही, आज हरियाणा के 4538 गांवों में 24 घंटे बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है।


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