सोमवार, 28 सितंबर 2020

जन आंदोलन से ही बढ़ते हुए कोरोना संकट पर लगाम लगाई जा सकती है : मुख्यमंत्री

संवाददाता  : जयपुर राजस्थान


      राजस्थान में प्रदेशवासियों को कोरोना वायरस से स्वयं को तथा दूसरों कोे संक्रमित होने से बचाने के लिए जन आन्दोलन की शुरूआत 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जन्मदिवस से होगी। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत की अगुवाई में इस आन्दोलन के दौरान आम लोगों को मास्क पहनने, उचित दूरी रखने और भीड़-भाड़ से दूर रहने के नियम की अनिवार्य रूप से पालना करने का संदेश दिया जाएगा। 

 

गहलोत ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर उच्चस्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि स्वायत्त शासन विभाग इस जागरूकता अभियान का नोडल विभाग होगा, लेकिन इसमें चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, शिक्षा, युवा मामले, पुुलिस आदि विभागों के साथ-साथ एनसीसी, एनएसएस, स्काउट एण्ड गाइड, नेहरू युवा केन्द्र जैसे संगठनों के युवा, स्वयंसेवी और गैर-सरकारी संगठन, सामाजिक एवं सामुदायिक संस्थाएं, सांसद, विधायक तथा अन्य जनप्रतिनिधियाें से इस अभियान से जुड़ने का आग्रह किया जाएगा। आन्दोलन का संचालन गांधीवादी तरीके से समझाइश कर सार्वजनिक स्थानों पर हेल्थ प्रोेटोकॉल की पालना करने और करवाने के रूप में किया जाएगा।

 


 

सुविधाओं के अभूतपूर्व विस्तार के रूप में सरकारी अभियान भी जारी है


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने जांच, इलाज आदि की सुविधाओं का अभूतपूर्व विस्तार कर लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से एक सरकारी अभियान चलाया, जो अभी जारी है। उस अभियान की सफलता भी तभी सुनिश्चित हो सकेगी, जब सभी लोग मास्क पहनने केे जन आन्दोलन को सफल बनाएं और संक्रमण से खुद अपना तथा दूसरों का बचाव करें। उन्होंने कहा कि वार्ड और मौहल्ला स्तर तक समितियों के माध्यम से स्थानीय नेताओं और आम लोगों को जोड़कर अभियान को व्यापक रूप दिया जाएगा।

 

सही मायनों में जनता का आंदोलन हो और जनता ही इसे आगेे बढ़ाए

 

गहलोत ने कहा कि कम से कम एक महीने तक मास्क पहनने और उचित दूरी बनाने के संकल्प के साथ यह अभियान वास्तव में जनता का आंदोलन होना चाहिए, जनता ही इसे आगेे बढ़ाए। जनप्रतिनिधि लोगों को प्रोत्साहित करने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के फैलने की तेज गति और मानव स्वास्थ्य पर कोरोना पॉजिटिव के ठीक होने के बाद भी इसके लंबे समय तक पड़ने वाले दुष्प्रभाव की स्थिति में ऎसा आंदोलन ही एक विकल्प है, जो जीवन को बचाने में मददगार हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस अभियान का व्यवस्थित ढंग से संचालन किया जाए, जिसमें सोशल मीडिया सहित विभिन्न प्रचार माध्यमों की सकारात्मक भूमिका सुनिश्चित हो।

 

बैठक में स्वायत्त शासन एवं नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा, परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा, उच्च शिक्षा राज्यमंत्री भंवर सिंह भाटी, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री राजेन्द्र यादव, खेल एवं युवा मामले राज्यमंत्री अशोक चांदना, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग, मुख्य सचेतक महेश जोशी, मुख्य सचिव राजीव स्वरूप, पुलिस महानिदेशक भूपेन्द्र सिंह, प्रमुख शासन सचिव गृह अभय कुमार, प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अखिल अरोरा, शासन सचिव स्थानीय निकाय भवानी सिंह देथा, शासन सचिव शिक्षा मंजू राजपाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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