बुधवार, 2 सितंबर 2020

लापरवाही और अनियमितता करने वाले दण्डित होंगे...

संवाददाता : भोपाल मध्यप्रदेश 


      उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण (स्वतंत्र प्रभार) एवं नर्मदा घाटी विकास राज्य मंत्री भारत सिंह कुशवाह ने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही या गड़बड़ी करने वाले अधिकारी-कर्मचारी दंडित होने से बच नहीं सकते। गड़बड़ी करने वालों की  रिटायरमेंट के  बाद पेंशन बंद करने की कार्यवाही राज्य सरकार द्वारा की गई है। अधिकारी-कर्मचारी इस बात को ध्यान में रखें कि गड़बड़ी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जायगा। 


मंत्री कुशवाह बुधवार को नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के सभाकक्ष में इंदौर, उज्जैन, भोपाल और होशंगाबाद संभागों की विभागीय गतिविधियों की  समीक्षा कर रहे थे।



राज्य मंत्री कुशवाह ने कहा कि उद्यानिकी विभाग के अधिकारी महीने में  एक बार आवश्यक तौर पर ब्लाक स्तर पर समीक्षा बैठक करें। बैठक में योजनावार समीक्षा की जाए और जहां स्थिति कमज़ोर है वहां का स्थल मुआयना कर कमी का पता लगाएं और उसे दूर करें। उन्होंने कहा कि ब्लाक स्तर की समीक्षा ठीक से करने पर ही संभागीय और राज्य स्तर की समीक्षा में सही और वास्तविक जानकारी प्रस्तुत की जा सकती है। राज्य मंत्री कुशवाह ने योजनावार और जिलेवार लक्ष्यों में पिछड़ रहे जिले के अधिकारियों से जवाब तलब किया। 


राज्य मंत्री कुशवाह ने कहा कि फल, शाक-सब्जी की पैदावार की अनिश्चितता के कारण इनके विपणन की कोई ठोस कार्ययोजना पहले से नहीं होती। कई बार अधिकता में उत्पादित टमाटर, प्याज आदि को उत्पादक किसान लागत से कम मूल्य पर बेचने पर मजबूर होता है और कई बार उत्पाद खराब हो जाते हैं। इसका प्रमुख कारण है कि उद्यानिकी फसलों के बोए गए रकबे और अनुमानित उत्पादन की जानकारी नहीं होना है।  


राज्य मंत्री कुशवाह ने उद्यानिकी विभाग की नर्सरी का उन्नयन करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि पहले अधिकारी किसानों से उनके द्वारा लगाए जाने वाले पौधों की जानकारी प्राप्त करें और नर्सरी में उन्हीं पौधों को विकसित करें। इससे किसानों की जरूरत स्थानीय स्तर पर पूरी हो सकेगी। राज्य मंत्री श्री कुशवाह ने कहा कि शासकीय योजनाओं में पौध की खरीदी केवल शासकीय नर्सरी से ही होगी। 


राज्य मंत्री कुशवाह ने कहा कि आधुनिक उद्यानिकी फसलों के उत्पादन का कृषकों को प्रशिक्षण देने के कार्यक्रम में तेजी लाएं तथा प्रशिक्षण में नए किसानों को जोड़ें। 


समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण कल्पना श्रीवास्तव, उद्यानिकी आयुक्त पुष्कर सिंह तथा इंदौर, उज्जैन, भोपाल और होशंगाबाद के अधिकारी उपस्थित थे।  


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