शनिवार, 5 सितंबर 2020

शिक्षा क्षेत्र में लाएंगे महत्वपूर्ण परिवर्तन...

संवाददाता : भोपाल मध्यप्रदेश 


      मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश के शैक्षणिक परिदृश्य को बेहतर बनाने के लिए शीघ्र ही ठोस कदम उठाए जाएंगे। शिक्षा के वास्तविक उद्देश्य पूर्ण हों और विद्यार्थी शिक्षा हासिल करने के बाद रोजगार के लिए तैयार हो जाएं, इस दृष्टि से नई शिक्षा नीति के मध्यप्रदेश में बेहतर क्रियान्वयन के प्रयास होंगे। शिक्षा जगत का परिदृश्य सकारात्मक रूप से परिवर्तित करने के प्रयास होंगे। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि कोरोना काल में मध्यप्रदेश में 'हमारा घर हमारा विद्यालय' के अंतर्गत सराहनीय कार्य हुआ है। इसके लिए शिक्षक अभिनंदन के पात्र हैं। मुख्यमंत्री चौहान आज मंत्रालय से वीडियो कांफ्रेंस द्वारा शिक्षक समुदाय से संवाद कर रहे थे।


नई शिक्षा नीति के मध्यप्रदेश में बेहतर क्रियान्वयन के प्रयास


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित नई शिक्षा नीति के मध्यप्रदेश में बेहतर क्रियान्वयन के प्रयास किए जाएंगे। आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के लिए बनाए गए रोड मेप के अंतर्गत भी शिक्षा के संबंध में व्यापक विचार-विमर्श कर क्रियान्वयन की तैयारी की गई है। व्यवसायिक शिक्षा कक्षा छठवीं से प्रारंभ होगी जो विद्यार्थियों के लिए जीवन भर उपयोगी सिद्ध होगी। नए विद्यालयों के प्रारंभ करने के बारे में भी विचार-विमर्श कर ऐसा प्रयास किया जाएगा कि दस बारह ग्रामों के बीच एक विद्यालय हो, जहां आने-जाने के लिए बस सुविधा उपलब्ध होगी। लाइब्रेरी के साथ ही दक्ष शिक्षक, संगीत, नृत्य, योग और भारतीय संस्कार की शिक्षा देंगे। विद्यार्थियों का शत-प्रतिशत प्लेसमेंट हो, बेरोजगारी दूर हो यह प्रयास रहेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सुधार की असीम संभावनाएं हैं जिन्हें साकार किया जाएगा।



मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि शिक्षकों का मान सम्मान बढ़ाने के प्रयास होंगे। शिक्षकों का शोषण न हो, इसके साथ ही निजी विद्यालय द्वारा शिक्षण शुल्क के संबंध में सुधार के लिए कानूनी प्रावधान किए जाएंगे। शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए पूर्व वर्षों में काफी कार्य हुआ है।


मुख्यमंत्री चौहान ने शिक्षक दिवस के अवसर पर सभी शिक्षकों को भी बधाई देते हुए कहा कि आज शिक्षक दिवस महान शिक्षक, विद्वान भारतीय संस्कृति के पोषक, राष्ट्रपति पद को सुशोभित करने वाले सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिवस है। मुख्यमंत्री चौहान ने डॉक्टर राधाकृष्णन के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम करते हुए राष्ट्रीय एवं राज्य-स्तरीय पुरस्कार पाने वाले सभी शिक्षकों को बधाई और शुभकामनाएं दी।


शासकीय विद्यालय नहीं है किसी मामले में पीछे


मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि वे स्वयं एक सरकारी विद्यालय में पढ़ चुके हैं। प्राथमिक स्तर पर प्राप्त शिक्षा पूरे जीवन में उपयोगी होती है। मुख्यमंत्री चौहान ने अपने शिक्षक श्री रतनचंद जैन का भी स्मरण किया। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि शिक्षा के तीन प्रमुख उद्देश्य ज्ञान, कौशल और नागरिकता के संस्कार हैं जिन्हें दिलवाने में शासकीय विद्यालय भी काफी सफल रहे हैं। अनेक शासकीय विद्यालयों में प्राइवेट स्कूलों से बेहतर परिणाम प्राप्त हुए हैं। इसके लिए यह संस्थाएं बधाई की पात्र हैं।


शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने भी वर्चुअल कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव रश्मि अरूण शमी, आयुक्त लोक शिक्षण जयश्री कियावत भी उपस्थित थीं।


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