बुधवार, 14 अक्तूबर 2020

‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान को आगे बढ़ाते हुए रक्षाबंधन पर 11 नए राजकीय महाविद्यालय खोलने की घोषणा...

 संवाददाता : चंडीगढ़ हरियाणा

हरियाणा के शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान को आगे बढ़ाते हुए रक्षाबंधन के पावन अवसर पर एक साथ 11 नए राजकीय महाविद्यालय खोलने की घोषणा के साथ ही राज्य में राजकीय महाविद्यालयों की संख्या बढकऱ 170 हो गई है। इसके साथ ही,हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहां 15 किलोमीटर की परिधि में एक महाविद्यालय होगा।

शिक्षामंत्री ने कहा कि शिक्षा दान एक महादान है। इसी के मद्देनजर प्रदेश में गत 5 वर्षों में 97 नए कॉलेज खोले गए जबकि पिछले 48 वर्षों में केवल 75 कॉलेज ही खोले गए थे। उन्होंने कहा कि संयोग की बात है कि हाल ही में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति घोषित हुई है। इसमें वर्ष 2030 तक उच्चतर शिक्षा में ग्रॉस इनरोलमेंट रेश्यो (जीईआर) 50 प्रतिशत तक करना है, जो वर्तमान में 26 प्रतिशत  है जबकि हरियाणा में यह 32 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 10 सरकारी  विश्वविद्यालय, 24 प्राईवेट, एक केन्द्रीय विद्यालय के साथ-साथ 97 राजकीय सहायता प्राप्त प्राईवेट महाविद्यालय, 86 स्व:वित्तपोषित डिग्री महाविद्यालय हैं। इसके अलावा दो राजकीय शिक्षण महाविद्यालय तथा 475 स्व:वित्तपोषित बी.एड. कॉलेज है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा के नाम से हरियाणा में देश का पहला कौशल विकास विश्वविद्यालय पलवल जिले के दुधोला में खोला गया है। वर्तमान में हजारों युवा इस विश्वविद्यालय में कौशल शिक्षा हासिल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति प्रधानमंत्री का ‘आत्मनिर्भर भारत’ बनाने की दिशा में कारगर सिद्ध होगी। इससे शिक्षा के क्षेत्र में आमूल-चूल परिवर्तन होगा और यह रोजगारपरक होगी।

मंत्री ने कहा कि पंचायती राज संस्थानों में पढ़े-लिखे जनप्रतिनिधि आएं, इसके लिए सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय तक लड़ाई लड़ी। इसका परिणाम यह हुआ कि वर्ष 2016 में 33 प्रतिशत आरक्षण की तुलना में 43 प्रतिशत महिलाएं चुनकर आईं। उन्होंने कहा कि आगामी पंचायती राज चुनावों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत सीटें आरक्षित की जाएंगी। कन्या भ्रूण-हत्या समाज में एक कलंक है और हरियाणा में इसकी स्थिति कुछ साल पहले और भी खराब थी। इसके मद्देनजर ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान की शुरुआत की गई। सरकारी प्रयासों के साथ-साथ, जनसहयोग से इस अभियान के सार्थक परिणाम आए और वर्तमान में लिंगानुपात 923 तक पहुंच गया है जो पहले केवल 871 था।

कंवर पाल ने कहा कि नई शिक्षा नीति के आने से पहले ही प्रदेश में 1000 प्ले स्कूल खोलने की योजना तैयार की जा चुकी थी। इसके अलावा, मिड-डे मील योजना के तहत प्रदेश के स्कूलों में अब विद्यार्थियों को सप्ताह में 6 दिन दूध उपलब्ध करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के दौरान ऑनलाइन कक्षाएं लगाकर हरियाणा ने देश में बेहतरीन प्रदर्शन किया। हिमाचल व गुजरात के बाद हरियाणा देश में अव्वल स्थान पर रहा है।  उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य व शिक्षा पर मुख्य रूप से फोकस किया जा रहा है। प्रदेश में उच्च शिक्षा के साथ-साथ 98 संस्कृति मॉडल स्कूल भी खोले जा रहे हैं।  

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