मंगलवार, 6 अक्तूबर 2020

कोरोना की समीक्षा बैठक जन आन्दोलन का प्रदेशवासियों के बीच अच्छा असर : मुख्यमंत्री

संवाददाता : जयपुर राजस्थान


      मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि राज्य सरकार ने जिस मंशा के साथ ’कोरोना के विरूद्ध जन आन्दोलन’ तथा ’नो मास्क, नो एन्ट्री’ अभियान शुरू किया है, इसका प्रदेशवासियों के बीच अच्छा असर हो रहा है। लोग मास्क पहनने और उचित दूरी रखने की पालना के साथ-साथ मास्क वितरण के काम में भी बढ़-चढ़ कर सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि अभियान के दौरान वितरित किये जा रहे मास्क गुणवत्ता-युक्त हों, ताकि संक्रमण को रोकने का उद्देश्य पूरा हो सके। 

 

गहलोत सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर प्रदेश में कोरोना संक्रमण की स्थिति और जन आन्दोलन की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या के दृष्टिगत संक्रमण में कमी लाने तथा आमजन में हैल्थ प्रोटोकॉल की पालना सुनिश्चित करवाने के लिए इस आंदोलन की कल्पना की गई, जिसे लोगों ने खुले दिल से अपनाया है। सरकारी मशीनरी के साथ-साथ गैर-सरकारी संस्थाएं एवं आमजन अभियान में रूचि ले रहे हैं, जिससे यह सही मायनों में जन आन्दोलन बन पाया है।



 

बैठक में अधिकारियों ने अवगत कराया कि प्रदेश के विभिन्न शहरों से अभियान के बारे में सकारात्मक फीडबैक मिला है। लोगों में मास्क पहनने के प्रति चेतना बढ़ी है तथा आमजन एक-दूसरे को भी कोरोना संक्रमण से बचाव के बारे में जागृत कर रहे हैं। स्थानीय संगठन एवं संस्थाएं आगे आकर मास्क वितरण सहित विभिन्न गतिविधियों में सहभागिता निभा रही हैं।

 

इस दौरान इस बात पर भी चर्चा की गई कि विशेषज्ञ चिकित्सकों ने आगामी दशहरे एवं दीपावली पर्व के दौरान पटाखों से फैलने वाले प्रदूषण और धुएं के कारण कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ने एवं इलाज करा रहे मरीजों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका व्यक्त की है। उन्होंने इस संदर्भ में राज्य सरकार को अवगत कराते हुए मांग की है कि इन त्यौहारों पर पटाखों के उपयोग को नियंत्रित किया जाए। विशेषज्ञ चिकित्सकों का मानना है कि जो संक्रमित लोग अब ठीक हो चुके हैं, उनके फेंफड़ों पर भी कोरोना वायरस का लंबे समय तक असर रहता है। ऎसे लोगों को धुएं और प्रदूषण से बचाना बहुत जरूरी है। इस विषय पर राज्य मानवाधिकार आयोग ने भी राज्य सरकार से 12 अक्टूबर तक जवाब मांगा है।

 

बैठक में चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा, चिकित्सा राज्य मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग, मुख्य सचिव राजीव स्वरूप, पुलिस महानिदेशक भूपेन्द्र सिंह, प्रमुख सचिव गृह अभय कुमार, प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अखिल अरोरा, सचिव चिकित्सा शिक्षा वैभव गालरिया, स्वाया शासन विभाग के सचिव भवानी सिंह देथा, सूचना एवं जनसम्पर्क आयुक्त महेन्द्र सोनी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। 

 

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