गुरुवार, 8 अगस्त 2019

प्ले- स्कूल की तरह दिल्ली की आंगनबाड़ियों में बच्चों को मिलेगा माहौल:अरविंद केजरीवाल

प्रजा दत्त डबराल : नई दिल्ली


     दिल्ली सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों को हाईटेक कर रही है। उन्हें प्ले-स्कूल जैसा माहौल देने की कोशिश की जा रही है। इसी क्रम में दिल्ली सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यरत 10000 वर्कर्स को स्मार्टफोन प्रदान किए। साथ ही बच्चों के लिए अर्ली चाइल्डहुड केयर कैरिकुलम लाॅन्च किया गया। 

 

इस अवसर पर मौजूद दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने बताया कि अब आंगनबाड़ी केंद्रों को कंप्यूटराइज्ड किया जा रहा है। यहां काम कर रही वर्कर्स को अब 11-12 रजिस्टर मेन्टेन नहीं करने होंगे। वह स्मार्टफोन के जरिए ही पूरी जानकारी दे सकेंगी। उन्होंने कहा कि 2015 से पहले आंगनबाड़ी केंद्र केवल खाना बांटने के सेंटर की तरह जाने जाते थे। इसमें हमने बदलाव किया है। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि सभी को समान शिक्षा मिले। अमीर लोग अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूल, प्ले स्कूल में दाखिला करा देते थे। जबकि गरीबों के पास सरकारी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों का ही रास्ता बचता था। इसलिए हम ऐसा माहौल दे रहे हैं कि आंगनबाड़ी केंद्रों को भी प्ले स्कूल की तरह विकसित किया जा सके।

 


 

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज जब देश में बिजली, पानी, हेल्थ, सरकारी स्कूलों की बात की जाती है तो दिल्ली में अच्छे काम का जिक्र होता है। इसी तरह आने वाले साल में हम आंगनबाड़ी केंद्रों में भी इस तरह के बदलाव करना चाहते हैं। जहां बच्चों को बुनियादी शिक्षा और उचित पोषक आहार मिले।

 

मोबाइल का खर्चा भी देगी दिल्ली सरकार

 

जिन आंगनबाड़ी वर्कर्स को स्मार्टफोन दिए गए हैं, उनके मोबाइल का खर्च भी दिल्ली सरकार ही वहन करेगी। सीएम केजरीवाल ने कहा कि आंगनबाड़ी वर्कर्स गरीब घर से आती हैं, उनकी सैलरी आदि को लेकर कई समस्याएं थीं। सबसे पहले हमने उनकी समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया। उनकी सैलरी डबल कर दी। गरीबों को फ्री बिजली-पानी की सुविधा दी। उन्होंने कहा कि आगे भी जो समस्या होंगी, उन्हें दूर किया जाएगा। जब आप दुखी होगे तो आपका काम में मन नहीं लगेगा। आपको हमने खुश किया है, अब आपका काम इन बच्चों को खुश करना है। 

 


 

दिल्ली में बदली सरकारी स्कूलों की तस्वीर

 

उन्होंने दिल्ली सरकार के सरकारी स्कूलों की व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि आज दिल्ली के स्कूलों का माहौल बदल दिया। इससे दिल्ली के सरकारी स्कूलों में कार्यरत टीचर्स और हेडमास्टर का नाम हो रहा है। ये वही टीचर और हेडमास्टर हैं जो पहले से पढ़ाते आ रहे थे, हमने उनको नहीं बदला, सरकारी स्कूलों के माहौल को बदल दिया।

 

आंगनबाड़ी वर्कर्स को मिलेगी राहत

 

गौरतलब है कि अभी तक आंगनबाड़ी वर्कर्स को 11-12 रजिस्टर अपने साथ रखने पड़ते थे, अपने सेंटर का रिकार्ड रखने के लिए। लेकिन सारा काम कंप्यूटराइज्ड होने से अब वह स्मार्टफोन के जरिए आॅनलाइन सारी जानकारी मुहैया करा सकेंगी। दिल्ली सरकार के इस कदम से आंगनबाड़ी में फर्जीवाड़ा की संभावनाएं भी कम हो जाएंगी। इन आंगनबाड़ी वर्कर्स को उन्नत किस्म का स्मार्टफोन दिया गया है, जिसे अधिकारी वर्ग वगैरह यूज करते हैं। इस अवसर पर दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, मुख्य सचिव विजय गोयल समेत हजारों की संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहीं।

 

बच्चों के 80 प्रतिशत दिमाग को विकसित करने पर काम शुरू किया आप सरकार ने: मनीष सिसोदिया

 

इस अवसर पर दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा सारी दुनिया में 6 साल से कम के बच्चों को अच्छी पढ़ाई की व्यवस्था कर रखी गई है। लेकिन हमारे देश में ऐसा नहीं है। देश में आज पहली बार राजधानी दिल्ली में यह योजना शुरू की गई है, जिससे बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों में प्ले स्कूल जैसा माहौल मिले। जो बड़े परिवारों की प्ले स्कूल में लर्निंग होती है, वही लर्निंग आंगनबाड़ी पहुंचने वाले बच्चों को मिले।

 

नए लाॅन्च किए गए कैरिकुलम को तैयार करने वाली टीम को धन्यवाद देते हुए सिसोदिया ने कहा कि चार-पांच महीने इंतजार कर लीजिए, कैरिकुलम की कापी मांगने देशभर की सरकारें यहां आएंगी। हिमाचल के मंत्री यहां आए थे, उन्होंने इस कार्य की काफी तारीफ भी की थी। आंगनबाड़ी केंद्रों में चल रही पूर्व की व्यवस्थाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सारी दुनिया के वैज्ञानिक कहते हैं कि 6 साल में बच्चे का 80 परसेंट दिमाग डेवलप हो जाता है, लेकिन हम यहां केवल खाना खिलाने तक इंटरेस्ट रखते हैं। अब उनके खुश रहने, उनके दिमाग को डेवलेप करने पर काम शुरू हुआ है।

 


 

उन्होंने बताया कि दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के हितों का ध्यान रख रहे हैं। उन्होंने उनकी सैलरी 5 हजार से बढ़ाकर दस हजार कर दी। ये देश के इतिहास में पहली बार हुआ, वर्कर्स की सैलरी डबल की गई हो। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूल जैसा माहौल मिले। इसके लिए यहां की वर्कर्स को सैलरी, लीव भी उन्ही की तरह मिले। इस ओर दिल्ली सरकार काम कर रही है। इस दौरान सिसोदिया ने खुले मंच में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से बात भी की और उनकी समस्याओं को भी जाना। उन्होंने कहा कि दिल्ली के 6 लाख बच्चों का भविष्य उनके हाथों में हैं, आप दिल्ली के बच्चों का भविष्य संवारें। उन्होंने कहा कि जिस तरह गवर्नमेंट स्कूलों का माहौल बदला है, हम चाहते हैं कि उसी तरह अब आंगनबाड़ी में बच्चों को भेजकर अभिभावक खुश हों।

 

मिला उन्नत किस्म का स्मार्टफोन

 

उन्होंने कहा कि हम चाहते थे कि मंत्रियों, अधिकारियों के हाथों में जिस तरह का फोन होता है, हम चाहते थे कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के पास भी ऐसा फोन हो। इसको लेकर काफी विरोध भी हुआ। अच्छी क्वालिटी का फोन दिलाने के चलते ही हम एक साल लेट भी हो गए। सरकार अब उनके डेटा का खर्चा भी वहन कर रही है। सारा काम ऑनलाइन होने  से सरकारी दफ़्तरों  चक्कर लगाने से भी छुट्टी मिलेंगीं। अब सब काम  सभी डाँटा मोबाइल  ही बना कर भेज दिये जाएँगे।