शनिवार, 31 अगस्त 2019

अमित शाह और सिंगापुर के गृह मंत्री के बीच बैठक,दोनों नेताओं ने आपसी हित के द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की...

संवाददाता: नई दिल्ली 


      सिंगापुर के गृह और कानून मंत्री के. शनमुगम ने नई दिल्ली में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने बैठक के दौरान आपसी हित के द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की।



केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भारत और सिंगापुर संबंध साझा मूल्यों और दृष्टिकोण, आर्थिक अवसरों और प्रमुख मुद्दों पर आपसी हितों पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सिंगापुर  यात्रा के बाद दोनों देशों के बीच रणनीतिक भागीदारी में एक नई गति आई है।  गृह मंत्री शनमुगम ने इस बात पर भी जोर दिया कि सिंगापुर भारत के साथ अपने संबंधों को कितना महत्व देता है।


दोनों नेताओं ने आतंकवाद और उग्रवाद से उत्पन्न चुनौतियों पर विचारों और चिंताओं का आदान-प्रदान किया। दोनों नेताओं ने सुरक्षा के मुद्दों पर मौजूदा द्विपक्षीय संस्थागत तंत्र को मजबूत करने पर सहमती व्यक्त की। दोनों पक्ष नशीले पदार्थों की तस्करी और आर्थिक अपराधों सहित अंतर्राष्ट्रीय संगठित अपराधों से निपटने में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमत हुए।


सिंगापुर के मंत्री के. शनमुगम ने अमित शाह को सिंगापुर आने का निमंत्रण दिया।


आईएएस एसोसिएशन का साहित्य चर्चा कार्यक्रम "कटिहार से कैनेडी"...

संवाददाता : जयपुर राजस्थान 


      आईएएस एसोसिएशन की साहित्यिक सचिव तथा विज्ञान एवं पर््रौद्योगिकी विभाग की सचिव मुग्धा सिन्हा ने शनिवार को बताया कि एसोसिएशन की ओर से साहित्यिक संवाद कार्यक्रम के तहत शनिवार को झालाना संस्थानिक क्षेत्र स्थित भामाशाह टेक्नोहब में प्रातः 11 बजे डॉ. संजय कुमार द्वारा रचित ''कटिहार से कैनेडी, दि रोड लेस ट्रेवल्ड'' पर लेखक के साथ आंचल सिंह ने संवाद किया।

 

इस अवसर पर लेखक डॉ. संजय कुमार ने कहा कि जीवन में संघर्ष या हार स्थायी नहीं होती और ऎसी परिस्थितियों में व्यक्ति को टूटना या हारना नहीं चाहिये। पढ़ाई और एक्सपोजर के द्वारा लगातार प्रेरित होकर संघर्ष और हार को जीत में बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि मानवीय रिश्ते की बेहतरी के लिये लोगों को ही बदलाव के लिये लगातार प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था में मोबाइल एवं सोशल मीडिया का उपयोग कैसे हो, इसको बताने की आवश्यकता है।

 


 

डॉ. कुमार ने कहा कि प्रत्येक बच्चा यूनिक होता है, लेकिन सभी एक जैसे नहीं होते। अतः माता-पिता को यह समझना चाहिये कि वे बच्चे को क्या देना चाहते हैं। उन्होंने सलाह दी कि कुछ चीजे समय के लिये छोड़ देनी चाहिये। उन्होंने कहा कि फेलियर परमानेंट नहीं होता और सही रास्ते पर जाकर उसको जीत में बदला जा सकता है। डॉ. कुमार ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था, महिलाओं की स्थिति, छात्र-छात्राओं में संवाद, दिल्ली, जवाहर लाल नेहरू एवं हॉवर्ड विश्वविद्यालय के गुण दोष, शिक्षा व्यवस्था सहित अन्य पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की।

 

पुस्तक कटिहार टू कैनेडी ः द रोड लेस ट्रैवेल्ड पर चर्चा करते हुये डॉ. कुमार ने कहा कि यह एक ऎसे आम व्यक्ति की विशिष्ट यात्रा की कहानी है, जहाँ वह अपने संघर्ष और अथक परिश्रम के बल पर बिहार के छोटे से शहर कटिहार से निकलकर कैनेडी तक की यात्रा करता है। यह आत्मकथा एक व्यक्ति के आन्तरिक और बाह्य विकास की कथा है, जहाँ अपनी गलतियों से सीखते हुए वह आगे बढ़ता जाता है और अपनी प्रतिभा और जज्बे के दम पर कैम्बि्रज के हार्वर्ड कैनेडी स्कूल में दाखिला ले पाने में सफल होता है।

 

 इस पुस्तक में एक व्यक्ति की अन्तर्यात्रा, उसका मनोविज्ञान, उसके जीवन के हार-जीत के क्षण इस तरह वर्णित किये गये हैं कि यह सिर्फ एक व्यक्ति की कथा नहीं रह जाती बल्कि उन सभी व्यक्तियों की कथा बन जाती है जो सीमित संसाधनों और अभावों के बीच भी निरन्तर खुद को परिष्कृत करते रहते हैं और अन्ततः अपने लक्ष्य को प्राप्त करते हैं, तथा स्वयं के साथ-साथ समाज के वंचित समूह के विकास के लिए भी प्रतिबद्ध होते हैं। उनकी यात्रा एक सतत प्रेरणा है, उनकी अपनी प्रेरणाएँ उदार, गहन और नित्य हैं। वे अपनी परिस्थितियों और विकल्पों को पाठक के सामने रखते हैं, और अपने विशिष्ट संघर्ष की परिस्थितियों से भटके बिना सहज सहानुभूति के माध्यम से संकीर्णता को पार करते हैं।

 

लेखक परिचय

 

डॉ. संजय कुमार वर्तमान में द लक्ष्मी मित्तल एंड फैमिली साउथ एशियन इंस्टीट्यूट, हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के भारतीय निदेशक हैं। डॉ. कुमार को अमेरिका के हार्वर्ड विश्वविद्यालय ने मास्टर इन पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में पीजी पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद मैसन फैलो उपाधि से सम्मानित किया है। स्व. बैद्यनाथ प्रसाद सिंह एवं तिला देवी के पुत्र संजय ने स्कूली शिक्षा शहर के हरिशंकर नायक उच्च विद्यालय से पूरी की। इसके बाद दिल्ली विश्वविद्यालय से राजनीतिशास्त्र में पीजी एवं जेएनयू से एमफिल एवं पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। सेवा भारत संस्था से जुड़ कर उन्होंने असंगठित क्षेत्र की महिला श्रमिकों के लिए देश के विभिन्न प्रदेशों में कई काम किये। राष्ट्रीय अखबारों में वह निरन्तर सामाजिक मुद्दों पर लिखते रहते हैं।

 

नौसेना अध्यक्ष का आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड दौरा 2 से 6 सितम्बर 2019 तक...

संवाददाता: नई दिल्ली 


      नौसेना अध्‍यक्ष एडमिरल करमबीर सिंह 02 से 06 सितम्‍बर 2019 तक ऑस्‍ट्रेलिया और न्‍यूजीलैंड की सरकारी यात्रा पर जाएंगे।


सहयोग के लंबे इतिहास पर बने, भारत और ऑस्‍ट्रेलिया के बीच परिपक्‍व रक्षा सम्‍बन्‍ध हैं जिन्‍हें 2006 के रक्षा सहयोग ज्ञापन और सुरक्षा सहयोग पर 2009 के संयुक्‍त घोषणापत्र द्वारा मजबूत आधार प्रदान किया गया है। सुरक्षा सहयोग के लिए द्विपक्षीय रूपरेखा के 2014 में हुए समझौते के बाद रणनीतिक बातचीत के लिए अनेक मंचों को शामिल करने के लिए रक्षा सम्‍बन्‍ध बढ़ने के साथ-साथ वरिष्‍ठ अधिकारियों की यात्रा, उनके बीच बातचीत और एक दूसरे के यहां प्रशिक्षण के जरिये नौसेना के बीच नियमित बातचीत होती रही है। भारतीय नौसेना (आईएन) और रॉयल ऑस्‍ट्रेलियन नेवी (आरएएन) समुद्री सहयोग बढ़ाने के लिए नियमित बातचीत करती रहती है। द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्‍यास ऑसइन्‍डैक्‍स का तीसरा संस्‍करण भारत में अप्रैल 2019 में आयोजित किया गया जिसमें दोनों देशों के नौसैनिकों ने बड़ी संख्‍या में भाग लिया।



भारतीय नौसेना और रॉयल ऑस्ट्रेलियन नेवी हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी (आईओएनएस) में साझेदार हैं, जो 2008 में भारतीय नौसेना द्वारा परिकल्पित एक समुद्री सहयोग निर्माण है। दोनों नौसेनाएँ सूचनाओं को साझा करने और पारस्‍परिकता पर आईओएनएस कार्य समूह के लिए सह-अध्यक्ष भी हैं जिसकी उद्घाटन बैठक की मेजबानी ऑस्ट्रेलिया ने जून 2019 में की थी।


न्यूजीलैंड की यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को बढ़ाना है। न्यूजीलैंड के साथ भारत के रक्षा संबंध पहले विश्व युद्ध के समय से हैं। दोनों देशों के बीच नौसैनिक सहयोग गतिविधियों में युद्धपोतों द्वारा मध्‍यवर्ती बंदरगाहों में ठहरना, मार्ग अभ्यास का संचालन और विभिन्न रक्षा संस्थानों में आयोजित पाठ्यक्रमों में भागीदारी शामिल है। न्यूजीलैंड भारतीय नौसेना द्वारा संचालित मिलान गतिविधियों में नियमित भागीदार भी रहा है।


इस यात्रा से मौजूदा समुद्री सहयोग पहलों को मजबूत बनाने के साथ ही ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के साथ सहयोग के नए रास्तों का पता लगाया जाएगा। यात्रा के दौरान, एडमिरल करमबीर सिंह ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में उन देशों के नौसेना अध्‍यक्षों के साथ-साथ अन्य वरिष्ठ रक्षा और सरकारी अधिकारियों के साथ भी बातचीत करेंगे।


इंटरपोल महासचिव ने केन्द्रीय गृह मंत्री से मुलाकात की, आतंक के खिलाफ संघर्ष में इंटरपोल के सहयोग का आश्वासन दिया...

संवाददाता: नई दिल्ली 


      इंटरपोल महासचिव जुरगेन स्टॉक ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। उन्होंने शाह द्वारा व्यक्त प्रतिबद्धता और सहयोग के लिए धन्यवाद दिया और आतंक के खिलाफ संघर्ष में इंटरपोल के यथा संभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि इंटरपोल  आतंकवाद, संगठित और उभरते हुए अपराधों और साइबर अपराधों पर विशेष रूप से ध्यान दे रहा है।



बैठक के दौरान, शाह ने 2022 में भारतीय स्वतंत्रता की 75 वीं वर्षगांठ के समारोह के हिस्से के रूप में नई दिल्ली में इंटरपोल महासभा की मेजबानी का प्रस्ताव रखा। उन्होंने सहायता के साथ आधारभूत संरचना देकर इंटरपोल ग्लोबल एकेडमी का क्षेत्रीय केन्द्र बनने की भारत की इच्छा व्यक्त की।


स्टॉक के साथ बातचीत में, गृह मंत्री ने नशीले पदार्थों की तस्करी, अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद, डर्टी मनी और मनी लॉन्ड्रिंग पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीरो टॉलरेन्‍स दृष्टिकोण पर जोर दिया। उन्होंने इंटरपोल से इन खतरों से लड़ाई को सबसे अधिक प्राथमिकता देने का आह्वान किया। शाह ने न केवल एशियाई क्षेत्र में बल्कि दुनिया भर में इन खतरों से लड़ने के लिए दीर्घकालिक रणनीतिक कार्य योजना बनाने की तत्काल आवश्यकता पर बल किया।


शाह ने बताया कि भारतीय खुफिया और जांच एजेंसियों ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी दशकों पुरानी लड़ाई में समृद्ध और विविध अनुभव हासिल किए हैं। इस विशेषज्ञता का सर्वश्रेष्ठ उपयोग करने के लिए इंटरपोल का भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ सक्रिय रूप से सहयोग करने के लिए स्वागत है। उन्होंने यूएपीए में हाल के संशोधनों का भी उल्लेख किया।


गृह मंत्री ने रेड नोटिस के प्रकाशन में देरी के बारे में चिंता व्यक्त की और रेड नोटिस का शीघ्र प्रकाशन सुनिश्चित करने के लिए पूर्व परामर्श की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह के सहयोग से भारत रसूख वाले भगोड़े आर्थिक अपराधियों और आतंकवादियों का तेजी से पीछा कर सकेगा।


स्टॉक ने गृह मंत्री को इंटरपोल के डेटाबेस से अवगत कराया जिसमें 100 मिलियन रिकॉर्ड, सुरक्षित वैश्विक डेटा संचार चैनल (I-24/7) और अन्य उपकरण हैं जिनके माध्यम से इंटरपोल दुनिया भर में कानून प्रवर्तन एजेंसियों की सहायता कर रहा है। उनका कहना था कि भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियां विशेष रूप से सीमा नियंत्रण बिन्दुओं पर​​ इंटरपोल के उपकरणों और डेटाबेस का व्यापक उपयोग कर सकती हैं। श्री स्टॉक ने परिचालन सहयोग बढ़ाने का भी आश्वासन दिया।


 


ईमानदारी से बिना मिलावट शुद्ध खाद्य पदार्थ के क्रय-विक्रय करने वालों को परेशान करने पर अधिकारियों पर होगी कार्यवाही...

संवाददाता: भोपाल मध्यप्रदेश


       लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि ईमानदारी से बिना मिलावट किये शुद्ध खाद्य पदार्थों का क्रय-विक्रय करने वालों को परेशान करने की शिकायत पर अधिकारियों के विरुद्ध भी सख्त कार्यवाही की जायेगी। मंत्री सिलावट मंत्रालय में 'शुद्ध के लिये युद्ध' अभियान में भोपाल संभाग में की जा रही कार्यवाही की समीक्षा कर रहे थे।



मंत्री सिलावट ने कहा कि भोपाल नगर के खाद्य पदार्थों का विक्रय करने वाले रेस्टॉरेंट, होटल और अन्य व्यापारियों ने अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री आरिफ अकील को ज्ञापन सौंप कर अवगत कराया था कि कुछ अधिकारियों द्वारा अभियान में कार्यवाही का डर दिखाकर व्यापारियों को परेशान किया जा रहा है। इस पर मंत्री सिलावट ने कहा कि उन्होंने व्यापारियों को आश्वस्त किया है कि किसी को भी अनावश्यक परेशान करने की सरकार की मंशा नहीं है, लेकिन मिलावटखोरों के खिलाफ चलाये जा रहे 'शुद्ध के लिये युद्ध' अभियान में कतई ढिलाई नहीं दी जायेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दूध, दूध उत्पाद, खाद्य तेल, मसाले आदि में केमिकल्स और विभिन्न प्रकार के हानिकारक पदार्थों की मिलावट कर आम आदमी की जिंदगी से खिलवाड़ करने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती। शासन इस बात की भी गारंटी लेता है कि कोई भी व्यापारी ईमानदारी से निर्भय होकर व्यापार करे, उसे कोई परेशान नहीं करेगा। ऐसे अधिकारी, जो अभियान की आड़ में व्यापारियों को डराने आदि का कृत्य करेंगे, उनके खिलाफ भी सख्त कार्यवाही की जायेगी।


मंत्री सिलावट ने कहा कि सभी वरिष्ठ अधिकारी इसे सुनिश्चित करें कि मैदानी अमला अभियान को ईमानदारी से चलाये और जिस किसी अधिकारी के खिलाफ शिकायत मिले, उसकी तत्काल जाँच करें और सही पाये जाने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्यवाही भी करें। बैठक में संभागायुक्त कल्पना श्रीवास्तव, नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन रवीन्द्र सिंह, कलेक्टर तरुण पिथोड़े, आई.जी., डी.आई.जी. और अन्य अधिकारी मौजूद थे।


मुख्यमंत्री पहुंचे भामाशाह टेक्नोहब और स्टेट डाटा सेंटर सूचना प्रौद्योगिकी में हो रहे नवाचारों का लिया जायजा...

संवाददाता : जयपुर राजस्थान 


      मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को झालाना डूंगरी स्थित भामाशाह टेक्नोहब और स्टेट डाटा सेंटर जाकर प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हो रहे नवाचारों और वहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक टेक्नोलॉजी, थ्री-डी प्रिंटर तकनीक एवं एक्स आर-वी आर तकनीक पर हो रहे कार्यों का जायजा लिया। 

 


गहलोत ने भामाशाह टेक्नोहब के डिजिटल म्यूजियम में वर्चुअल ट्रेक पर ड्राइव का आनंद लिया, तो साथ ही रोलर कोस्टर राइड, वीआर टेक्नोलॉजी के माध्यम से हैंग ग्लाइडर से आसमान में उड़ने के नजारे का अनुभव लिया। उन्होंने सेण्ड आर्ट पर हाथ आजमाए तो दूसरी ओर फुटबॉल व क्रिकेट जैसे वर्चुअल गेम भी खेले। टेक्नोहब के 'प्रोग्राम बे' में मौजूद ह्यूमेनाइड रोबोट ने गहलोत का डांस कर स्वागत किया। 

 

मुख्यमंत्री ने सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ई-मित्र प्लस मशीन के माध्यम से वीडियो कॉन्फ्रेसिंग सुविधा, थ्री-डी प्रिंटर और स्पाइडर रोबोट के बारे में जानकारी ली। गहलोत टेक्नोहब से सीधे राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर की निर्माणाधीन बिल्डिंग में पहुंचे जहां अधिकारियों ने उन्हें निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति के बारे में बताया। 

 

इसके बाद मुख्यमंत्री स्टेट डाटा सेंटर गए और वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री सेंटर में बने 'राजस्थान सिक्यूरिटी ऑपरेशन सेंटर' गए और वहां साइबर सिक्यूरिटी के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। प्रमुख शासन सचिव सूचना प्रौद्योगिकी श्री अभय कुमार ने डाटा सेंटर के माध्यम से विभिन्न विभागों की एप्लीकेशन एक्सेस की प्रक्रिया के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि करीब 290 ब्लॉक स्टेट डाटा सेंटर से जुड़े हुए हैं।

 

मुख्यमंत्री स्टेट डाटा सेंटर की कैन्टीन गए तो वहांं बैठे स्कूली बच्चों को देख उनके बीच जाकर बैठ गए। बच्चों ने अपने हाथ से उन्हें समोसा खिलाया और सेल्फी ली। गहलोत को लेखक डॉ. संजय कुमार ने अपनी पुस्तक 'कटिहार से कैनेडी' की प्रति भेंट की।  

 

गहलोत स्टेट डाटा सेंटर से सीधे बजाज नगर स्थित खादी ग्रामोद्योग भवन परिसर गए और वहां उन्होंने खादी उत्पादों के साथ गांधी साहित्य, पेटी चरखा, तकली जैसी सामग्री का अवलोकन किया। 

 

इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री डी बी गुप्ता, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री कुलदीप रांका, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अजिताभ शर्मा, जेडीसी श्री टी रविकांत एवं अन्य अधिकारी मौजूद थे। 

पीयूष गोयल ने भारतीय रेल के राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता खिलाडि़यों को सम्मानित किया...

संवाददाता: नई दिल्ली 


      रेल और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्‍त करने वाले रेल कर्मचारियों को सम्मानित किया। पीयूष गोयल ने खेल क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए बजरंग पुनिया को 7.5 लाख रुपये का चेक और एक शॉल भेंट किया। इसके अलावा एस. भास्‍करन, सोनिया लाठेर, चिंगलियाना सिंह कंगुजम, पूनम यादव, नटीन कीर्तन प्रत्येक को 5-5 लाख रुपये के चेक और शॉल देकर सम्मानित किया। बजरंग पुनिया को 2019 का राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार और एस भास्करन, सोनिया लाठेर, चिंगलियाना सिंह कंगुजम, पूनम यादव को अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। नीटन किर्तने को ध्यानचंद पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।



इस अवसर पर, अपने संबोधन में गोयल ने राष्ट्र और भारतीय रेलवे को अपने खेल क्षेत्र में उत्‍कृष्‍ट प्रदर्शन से गौरवान्वित करने के लिए इन खिलाड़ियों की उपलब्धियों पर उन्‍हें बधाई दी। उन्होंने खिलाडि़यों को भविष्य में होने वाले टूर्नामेंट में भी इसी तरह के प्रदर्शन करने के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं। गोयल ने रेलवे खिलाड़ियों को उनके खेल क्षेत्र में सहायता और सहयोग जारी रखने का आश्वासन भी दिया। माननीय प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए 'फिट इंडिया कैंपेन' से प्रेरणा लेते हुए गोयल ने सलाह दी कि भारतीय रेल को 'फिट रेलवे, फिट इंडिया' अभियान का शुभारंभ करना चाहिए और सभी कर्मचारियों को फिटनेस गतिविधियों में भाग लेना चाहिए। उन्होंने रेलवे कर्मचारियों और उनके बच्‍चों के साथ-साथ आम लोगों को लाभान्वित करने के लिए रेलवे परिसर में व्यायामशाला/फिटनेस सेंटर खोले जाने की भी सलाह दी।


भारतीय रेल में प्रसिद्ध खिलाडि़यों के उत्‍कृष्‍ट प्रदर्शन की एक लंबी परंपरा रही है। अब तक भारतीय रेल के खिलाड़ियों को 23 पद्मश्री, 166 अर्जुन, 11 ध्यानचंद, 9 द्रोणाचार्य और 6 राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कारों से सम्‍मानित किया जा चुका है। इस शानदार विरासत को जारी रखते हुए, इस वर्ष भी छह खिलाडि़यों ने पुरस्कार जीते हैं। भारतीय रेल के रेलवे स्पोर्ट्स प्रमोशन बोर्ड (आरएसपीबी) को खेलों के क्षेत्र में इन प्रतिष्ठित पुरस्‍कार प्राप्तकर्ताओं का संरक्षक होने पर गर्व है:


बजरंग पुनिया (कुश्ती) - उन्हें राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। वह अर्जुन पुरस्कार और पद्मश्री पुरस्‍कार भी प्राप्त कर चुके हैं। बजरंग ने एशियाई चैम्पियनशिप में स्वर्ण और कांस्य, राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण, एशियाई खेलों में स्वर्ण और कुश्ती में विश्व चैम्पियनशिप पदक भी जीते हैं।


एस. भास्‍करन (बॉडी बिल्डिंग) - उन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उन्होंने थाईलैंड में वर्ल्ड-बॉडी बिल्डिंग चैंपियनशिप 2018 और भारत में एशियन बॉडी बिल्डिंग चैंपियनशिप 2018 में स्वर्ण पदक जीते हैं। उन्हें स्वर्ण पदक के साथ तीन बार मिस्टर इंडिया के खिताब से सम्मानित किया गया है और उन्होंने रजत पदक भी जीता है।


सोनिया लाठेर (बॉक्सिंग) - उन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उन्‍होंने एशियाई खेल 2018 में भारत का प्रतिनिधित्व किया था और उन्‍हें दो एशियाई चैम्पियनशिप पदक प्राप्‍त करने का भी गौरव मिला है। सुश्री लाठेर वर्ष 2017 और 2018 में भारतीय रेल का प्रतिनिधित्व करते हुए दो बार सीनियर नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में राष्ट्रीय चैंपियन बनीं।


चिंगलियाना सिंह कंगुजम (हॉकी) - उन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उन्होंने 2014 के कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया था, जिसमें भारतीय हॉकी टीम ने रजत पदक जीता था, इसके बाद वह 2014 में एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक और एशियाई खेल 2018 में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम के सदस्य भी रहे।


पूनम यादव (क्रिकेट) - उन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। सुश्री यादव 2017 के महिला क्रिकेट विश्व कप के फाइनल में पहुंचने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थीं।  जून 2018 में, वह टी-20 रैंकिंग में शीर्ष पांच में शामिल थीं। वह सितंबर 2018 में ट्वेंटी-ट्वेंटी इंटरनेशनल में 39 टी-20 मैचों में 57 विकेट लेकर भारत की सबसे अधिक विकेट लेने वाली खिलाड़ी बनीं।


नीटन किर्तने (टेनिस) - उन्हें ध्यानचंद पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। अपने चार दशकों से अधिक के शानदार करियर में उन्होंने भारतीय टेनिस में अनुकरणीय योगदान दिया है। अपने खेल करियर के दौरान उन्‍होंने भारत के लिए 9 अंतर्राष्ट्रीय पदक जीते हैं। हाल ही में बुल्गारिया में आयोजित विश्व रेलवे चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले भारतीय रेल टेनिस टीम के वह कोच भी थे।


खेल मंत्री पटवारी ने 73वीं ग्लेनमार्क सीनियर राष्ट्रीय तैराकी प्रतियोगिता का किया शुभारंभ...

संवाददाता: भोपाल मध्यप्रदेश


      खेल एवं युवा कल्याण मंत्री जीतू पटवारी ने आज भोपाल के तरण पुष्कर में 73वीं ग्लेनमार्क राष्ट्रीय सीनियर तैराकी प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। पाँच दिवसीय राष्ट्रीय प्रतियोगिता में 28 राज्यों के लगभग 650 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता में तैराकी के साथ वॉटर पोलो के इवेन्ट भी होंगे।



खेल मंत्री पटवारी ने कहा कि ये गर्व का विषय है कि मध्यप्रदेश में विभिन्न राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं का निरंतर आयोजन हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हम खेलों का ऐसा वातावरण तैयार करना चाहते हैं जिससे बच्चों का भविष्य सुरक्षित कर सकें। माता-पिता अपने बच्चों को खेलों के माध्यम से केरियर ओरिएंट बनाने की ओर विचार करें। पटवारी ने कहा कि हमारी कोशिश है कि ओलम्पिक 2020 में देश का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों में मध्यप्रदेश की भी भागीदारी हो।


गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री तथा भारतीय तैराकी संघ के आजीवन सदस्य दिगंबर कामत, भारतीय तैराकी संघ के सीईओ वीरेन्द्र नानावती, विधायक कुणाल चौधरी एवं मनोज चौधरी तथा म.प्र. तैराकी संघ के अध्यक्ष पीयूष शर्मा उपस्थित थे।


रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की पहली प्राथमिकता : पी.सी.शर्मा

प्रजा दत्त डबराल @ भोपाल मध्यप्रदेश


      जनसंपर्क मंत्री पी.सी.शर्मा ने बिजली विभाग के कर्मचारियों को निर्देशित किया कि विच्छेदित बिजली कनेक्शनों को तत्काल प्रभाव से जोड़ना सुनिश्चित करें जिससे की जनता को परेशानी का सामना न करना पड़े। वे सूरज नगर (वार्ड क्रमांक 26) में 'आपकी सरकार-आपके द्वार' योजना के अंतर्गत आयोजित लोक कल्याण एवं जन समस्या निवारण शिविर में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जनता को रोजगार उपलब्ध कराना कमलनाथ सरकार की पहली प्राथमिकता है। शिविर में 49 शिकायतें प्राप्त हुई जिसमें से सात शिकायतों का मौके पर निराकरण किया गया। शेष 42 शिकायतें निराकृत किये जाने हेतु समय सीमा तय की गई।



 मंत्री शर्मा ने कमलनाथ सरकार द्वारा आम जनता को बगैर किसी भेदभाव के 100 यूनिट तक की बिजली मात्र 100 रुपये में दिये जाने के निर्णय और आदेश से अवगत कराया। उन्होंने जनता से अपेक्षा की कि बिजली का उपयोग समझदारी से करें ताकि योजना का पूरा-पूरा लाभ उन्हें मिल सके। शर्मा ने बिजली विभाग के अधिकारियों को विच्छेदित किये गये बिजली कनेक्शनों को तत्काल जोड़ने के निर्देश दिये। उन्होंने सूरज नगर क्षेत्र के निवासियों को अवगत कराया कि शीघ्र ही क्षेत्र में साइंस सिटी और इंटरनेशनल स्टेडियमों के निर्माण संबंधी कार्यों की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जायेगा। इनके निर्माण के दौरान और बाद में भी कमलनाथ सरकार के द्वारा लिये गये निर्णय अनुसार स्थानीय लोगों के रोजगार उपलब्ध कराने में प्राथमिकता दी जायेगी।


विधायक निधि से वार्ड क्रमांक 26 को विकासशील बनाया जायेगा


मंत्री शर्मा ने वार्ड क्रमांक 26 में अधोसंरचनात्मक विकास के साथ ही जनता की समस्याओं के निराकण के लिये विधायक निधी की अधिकतम राशि क्षेत्र में व्यय करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वार्ड 26 के विकास के लिये आपके साथ हर समय मदद के लिये तैयार हूँ।   


ऋण पुस्तिकायें, लाड़ली लक्ष्मी के प्रमाण पत्र और पात्रता पर्चियां वितरित


मंत्री पी.सी. शर्मा ने शिविर में बरखेड़ी खुर्द एवं बरखेड़ी कला के किसानों को ऋण-पुस्तिकायें वितरित की। उन्होंने लाड़ली लक्ष्मी योजना के प्रमाण पत्र और खाद्य विभाग के अंतर्गत परिवारों को खाद्यान की पात्रता-पर्चियां भी वितरित की।


प्रत्येक स्टॉल पर मंत्री श्री शर्मा ने उपस्थित अधिकारियों से जानकारी ली


मंत्री ने शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाये गये स्टॉलों पर जाकर अधिकारियों से पूछताछ की कि वे किस प्रकार से जनता की शिकायतों का निराकण कर रहे हैं। उन्होंने निर्देशित किया कि प्राप्त होने वाले आवेदनों की समुचित पूर्तियां करवाने की अधिकारी स्वयं पहल करें। ताकि जनता की समस्या का निराकरण और मांगों को पूरा किया जा सकें। मंत्री शर्मा ने जनता को आश्वस्त किया कि उनकी सभी मांगे हर हाल में पूरी की जायेंगी। शिविर में पार्षद योगेन्द्र सिंह चौहान, मोनू सक्सेना, संतोष कसाना, नगर निगम के पूर्व सभापति कैलाश मिश्रा, अभिषेक शर्मा, एसडीएम टीटी नगर संतोष शुक्ला, नगर निगम अपर आयुक्त मयंक वर्मा एवं विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी और नागरिक गण मौजूद थे।


डॉक्टर नियमित रूप से डिस्पेंसरी में बैठे : सिविल डिस्पेंसरी सूरज नगर का अवलोकन किया


जनसंपर्क मंत्री पी.सी. शर्मा ने सूरज नगर स्थित सिविल डिस्पेंसरी का अवलोकन किया। उन्होंने डिस्पेंसरी में मौजूद दवाईयों और इंजेक्शन के स्टॉक संबंधी जानकारियों की पड़ताल की। शर्मा ने डिस्पेंसरी की चिकित्सा अधिकारी को तत्परतापूर्वक अपने कर्तव्य निर्वहन के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि अस्पताल की व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने के लिये वे स्वयं परिवार एवं लोकस्वास्थ्य कल्याण मंत्री सिलावट से चर्चा करेंगे।


फिट इंडिया अभियान के तहत, संस्‍कृति और पर्यटन राज्‍य मंत्री ने हुमायूं के मकबरे में सुबह की सैर की...

संवाददाता: नई दिल्ली 


      फिट इंडिया अभियान के तहत संस्‍कृति और पर्यटन राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) प्रहलाद सिंह पटेल ने नई दिल्‍ली में हुमायूं के मकबरे में सुबह की सैर की। इस अवसर पर पटेल ने कहा कि फिटनैस के सम्‍बन्‍ध में जागरूकता भारतीय संस्‍कृति और विरासत का हिस्‍सा है। हमें अपने रोजमर्रा के जीवन में बेहतर स्‍वास्‍थ्‍य के लिए योग, कसरत, पैदल चलना और इससे जुड़े कार्य करने चाहिए। उन्‍होंने कहा 'तंदुरूस्‍ती हजार नियामत' है और एक स्‍वस्‍थ शरीर होने पर ही हम अपने भौतिक और आध्‍यात्मिक लक्ष्‍यों को हासिल कर सकते हैं। पटेल ने सभी नागरिकों का आहवान किया कि वे 'फिट इंडिया अभियान' को जन आंदोलन बनाने के लिए इसमें भाग लें।



प्रहलाद सिंह पटेल ने अपनी यात्रा के दौरान हुमायूँ के मकबरे के परिसर में नीला गुम्‍बद आम जनता के प्रवेश के लिए खोल दिया। नीला गुम्‍बद मुगल काल की सबसे पुरानी संरचनाओं में से एक है और इसे 1530 में बनाया गया था। नीले गुम्‍बद को यमुना में एक द्वीप पर बनाया गया था, और बाद में 1569-70 में जब हुमायूं के मकबरे का निर्माण किया गया तो इसे और आसपास की अन्‍य संरचनाओं को परिसर में शामिल कर लिया गया था।


नीला गुम्‍बद को गुम्‍बद में लगी नीले रंग की टाइलों के कारण इसे यह नाम दिया गया था। आम जनता आज से हुमायूँ का मकबरा परिसर के अंदर से इस तक पहुंच सकती है।


नीला गुम्बद का महत्‍व 19 वीं शताब्दी में कम होना शुरू हो गया था जब नीला गुम्बद उद्यान के उत्तरी भाग को रेलवे लाइनों के निर्माण के लिए ले लिया गया था और निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशन का निर्माण कर दिया गया। स्मारक इसके साथ ही लगा हुआ है। 1980 में, हुमायूं के मकबरे से नीला गुम्‍बद को अलग करते हुए एक सड़क बना दी गई और बाद में इस पर 200 से अधिक झुग्गियों के साथ एक अवैध बस्‍ती का निर्माण होने के साथ ही नीला गुम्‍बद पर कब्‍जा हो गया।


इसकी चमक-दमक वापस लाने के लिए, सबसे पहले रेलवे के साथ हुए समझौते के अनुसार, अवैध बस्‍ती के निवासियों को 2004-05 में और बाद में 2014 में, दोबारा बसाया गया। स्‍मारक को हुमायूं के मकबरे से अलग करने वाली सड़क को स्थानांतरित किया गया ताकि हुमायूँ के मकबरे से नीला गुम्‍बद तक पहुँचने की अनुमति दी जा सके।


पिछले 5 वर्षों में काफी मेहनत करके, इसके आसपास प्राकृतिक दृश्य को बहाल किया गया और एक वैकल्पिक सड़क बनाई गई। इसके अलावा ईंट जैसी 15000 टाइलों के गायब होने से गुम्‍बद की भव्यता पूरी तरह से समाप्‍त हो गई थी। स्मारक की चमक-दमक वापस लाने के लिए, हुमायूँ के मकबरे के परिसर में भट्ठे स्थापित किए गए, हज़रत निज़ामुद्दीन बस्ती के युवाओं को नियुक्त किया गया, और खोई हुई शिल्प परंपरा को पुनर्जीवित किया गया।


छत की ज्यामितीय और कलात्मक रचनाएँ जो वर्षों से सफेदी और सीमेंट की अनेक परतों के नीचे छिप गई थी, वह सामने आ गईं और गायब पर्दानुमा बलुआ पत्‍थर की जालियों को फिर से लगाया गया।रेलवे से प्राप्‍त भूमि के एक हिस्सा को दोबारा इस तरह विकसित किया गया ताकि मकबरे के आसपास के मूल उद्यान के हिस्से को फिर से बनाया जा सके।


इसके अलावा संरक्षण कार्य के दौरान, एक ढालू रास्‍ते (रैम्‍प) के पुरातात्विक अवशेष भी मिले। माना जाता है कि इस ढालू रास्‍ते का इस्तेमाल हुमायूँ के मकबरे के निर्माण के लिए नावों से यहाँ पहुंचने वाले पत्थरों और अन्य निर्माण सामग्री को चढ़ाने के लिए किया जाता था। हुमायूं के मकबरे की पूर्वी दीवार के साथ मूल नदी के तल को बहाल करने के लिए 10 फुट से अधिक संचित गाद को हटाया गया। इससे नीला गुम्‍बद के उत्तरी तोरण पथ का पता चला – जिसका बाद में दोबारा निर्माण किया गया।    


मकबरे के संरक्षण का कार्य आगा खां ट्रस्‍ट ने भारतीय पुरातत्‍व सर्वेक्षण के सहयोग से किया।वर्ष 2017 में, यूनेस्‍को ने हुमायूं के मकबरे के विस्‍तारित विरासत स्‍थल के हिस्‍से के तहत नीला गुम्‍बद को वैश्विक धरोहर घोषित किया था। 


आमजन की समस्याओं का संवेदनशीलता से समाधान करें : डॉ. सुभाष गर्ग

संवाददाता : जयपुर राजस्थान 


      प्रभारी मंत्री एवं तकनीकी शिक्षा, संस्कृत शिक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, आयुर्वेद व सूचना एवं जनसम्पर्क राज्य मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने अधिकारियों से कहा है कि वे आमजन की समस्याओं का संवदेनशीलता से समाधान कर त्वरित राहत प्रदान करना सुनिश्चित करें।

 


 

डॉ. गर्ग शनिवार को सर्किट हाउस चूरू में आयोजित जन-सुनवाई कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.भंवरलाल सर्वां को निर्देशित किया कि वे राजकीय डीबी अस्पताल चूरू में विभिन्न वार्डाें की नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था करते हुए लावारिश पशुओं की रोक के लिए प्रवेश द्वार पर काऊकेचर लगाएं तथा गार्ड रूम स्थापित करें। उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसर में सी.सी.टीवी केमरा लगाएं तथा दवा काऊंटर्स पर सीनियर सिटीजन एवं महिला रोगियों के लिए अलग-अलग लाईन व्यवस्था सुनिश्चित करें।

 

उन्होेंने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सहजुसर को बीनासर में स्थानान्तरित नही करने तथा सहजुसर में श्मसान भूमि को राजस्व रिकार्ड में दर्ज करने, विभिन्न विकास योजनान्तर्गत कार्य समय पर स्वीकृत करने, सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने, ग्राम सोमासी को पंचायत मुख्यालय रखने, झारिया ग्राम सरपंच द्वारा किये गये अवैद्य कार्यो की जांच करने, खाद्य सुरक्षा योजनान्तर्गत योग्य एवं पात्र व्यक्तियों का नाम जोड़ने, पेयजल व विधुत व्यवस्था दुरूस्त करने की समस्याओं की सुनवाई कर संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान करने के निर्देश दिये।

 

इस अवसर पर जिला कलक्टर संदेश नायक, पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम, अतिरिक्त जिला कलक्टर रामरतन सौंकरिया, उपखण्ड अधिकारी श्वेता कोचर, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

1 दिवसीय सरस राष्ट्रीय क्राफ्ट मेले का शुभारम्भ क्राफ्ट मेले से ग्रामीण महिलाओं को अपनी प्रतिभाओं को निखारने का अवसर मिलेगा : उप मुख्य मंत्री

संवाददाता : जयपुर राजस्थान


      उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने सोमवार को जवाहर कला केन्द्र परिसर में राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) एवं पंचायती राज विभाग द्वारा ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से आयोजित 11 दिवसीय जयपुर सरस राष्ट्रीय क्राफ्ट मेला-2019 का दीप प्रज्जवलित कर उद्घाटन किया।

 

उद्घाटन उपरान्त मेले में देश के विभिन्न राज्यों के महिला स्वंय सहायता समूहों की स्टॉल्स का अवलोकन करने के पश्चात पायलट ने कहा कि मेले के आयोजन से ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को अपनी छुपी हुई प्रतिभाओं को निखारने का अवसर मिलेगा ।

 


 

पायलट ने कहा इस प्रकार के हस्तशिल्प मेले में उनके द्वारा तैयार उत्पादोें को लाकर बिक्री करने से उन्हें आर्थिक सम्बल मिलेगा । 

 

राजीविका के अधिकारियों को मेले के कुशल आयोजन के लिए बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि इस प्रकार के मेलों से देश व प्रदेश की महिलाओं का आथ्रिक एवं सामाजिक रूप से सशक्तिकरण होगा साथ ही वे अपने जीवन को बेहत्तर बना सकेगीं । 

 

अतिरिक्त मुख्य सचिव, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज एवं स्टेट मिशन हैड राजीविका राजेश्वर सिंह ने कहा कि इस मेले में राजीविका के तहत प्रदेश भर में संचालित महिला स्वंय सहायता समूहों के द्वारा हस्तशिल्प, हस्तकला एवं अन्य घरेलू उपयोग के उत्पादों को तैयार करने में निपुणता हासिल है व जो उत्पाद देश-विदेश में अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं, विक्रय के लिये वाजिब दामों पर उपलब्ध करवाये गये हैें ।

 

सिंह ने जयपुर वासियों से अपील की है कि वे मेले में अधिक से अधिक संख्या में आकर श्रमजीवी महिलाओं द्वारा प्रदर्शित उत्पादों की खरीददारी कर उनका मनोबल बढ़ायें ।

 

उन्होंने बताया कि क्राफ्ट मेले में प्रदेश के साथ देश के विभिन्न अंचलों से आयी महिला स्वयं सहायता समूहों ने विभिन्न कलात्मक उत्पादों में उड़ीसा की सबई हस्तकला, आन्ध्र प्रदेश की बकरी के चमड़े का सामान, आसाम की जल कुम्भी से निर्मित विभिन्न आकर्षक बैग, टोपीयां, मणिपुर का कौना, उत्तर प्रदेश के पायदान, कॉंच की मूर्तियां, ट्राईब्स इण्डिया के जैविक खाद्य पदार्था जूट,  महिला पोषाकें, शहद, ब्लैक पोट्री, चमड़े की कसीदाकारी की हुई जूतियां व चप्पल, शुभ कार्य में काम में आने वाली सामग्री, मिट्टी व लोहे के बर्तन, बंधेज की पोषाकें, चूड़ियां, जैविक साबुन, बीकानेरी नमकीन, कैर-सांगरी, अचार, पापड़, काचरी, नागौरी मेथी, मसाले, सौर ऊर्जा की लाईटें, टेबल लेम्प, दरियां, तीर कमान आदि अनेक घरेलू उपयोग की सामग्री उपलब्ध है ।

 

मेले में लोगों की सुविधाओं के लिए राजस्थान मरूधरा ग्रामीण बैंक का एटीएम, मेले में आने वाले बालक-बालिकाओं के लिए अप्पू घर, व प्रतिदिन सांयकाल सांस्कृतिक कार्यक्रम 9 अक्टूबर तक आकर्षण का केन्द्र रहेगें ।

 

मेला आमजन के लिए प्रातः 11 बजे से रात्रि 10 बजे तक खुला रहेगा। मेले में प्रवेश निः शुल्क है।

 

मेले के उद्घाटन के मौके पर परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, शिक्षा राज्य मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा, विशिष्ट शासन सचिव, ग्रामीण विकास के.सी. मीणा, अतिरिक्त आयुक्त मनरेगा विश्राम मीणा, राज्य परियोजना प्रबन्धक महेश नारायण शर्मा, के.एम. नूरदीन, डॉ. शमिला मल्होत्रा, स्टेट नोडल ऑफिसर जयपाल सिंह मेड़तिया सहित राजीविका के अनेक अधिकारी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।मेले के उद्घाटन के पश्चात गुलाबी नगर वासियों ने राजस्थानी सांस्कृतिक संध्या का आनंद उठाया ।  

सीपीडब्ल्यूडी के कार्य आदेश 1,50,000 करोड़ रुपए रहे...

प्रजा दत्त डबराल @ नई दिल्ली


      मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल “निशंक” ने सीपीडब्ल्यूडी के महानिदेशक प्रभाकर सिंह को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, खड़गपुर के प्रतिष्ठित पूर्व विद्यार्थी पुरस्कार से सम्मानित किया। प्रभाकर सिंह को यह पुरस्‍कार आईआईटी खड़गपुर में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान एक विशिष्ट टेक्नोक्रेट और विभिन्‍न पदों पर सीपीडब्ल्यूडी में 37 वर्ष की राष्ट्र के लिए उत्कृष्ट और अनुकरणीय सेवा के लिए प्रदान किया गया। सिंह ने अभियांत्रिकी के हर क्षेत्र जैसे योजना, अनुमान, संरचनात्मक डिजाइन, परियोजना प्रबंधन, अनुबंध प्रबंधन, वित्त प्रबंधन के अलावा गुणवत्ता आश्वासन, प्रशासन और सतर्कता में अपना उत्कृष्ट योगदान दिया है। वह आईआईटी, खड़गपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग स्‍नातक और देश के एक प्रीमियर मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट से एमबीए हैं। सिंह वर्तमान में 165 से अधिक वर्षों की शानदार विरासत वाले विभाग, सीपीडब्ल्यूडी के कार्यों का प्रबंधन कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में, सीपीडब्ल्यूडी को एक आधुनिक, कुशल और केंद्रित संगठन रूप में परिवर्तित किया गया है।



सिंह के गतिशील और दूरदर्शी नेतृत्व में सीपीडब्ल्यूडी ने अपने कार्य क्षेत्र में एक अभूतपूर्व प्रतिमान स्‍थापित करते हुए एक के बाद एक त्वरित सकारात्‍मक बदलाव की भूमिका को अंजाम दिया है। सीपीडब्ल्यूडी ने अपनी दूरदृष्टि और अभियान पर स्पष्ट ध्‍यान केंद्रित करते हुए विकास के एक नए चरण में प्रवेश किया है। सीपीडब्ल्यूडी सरकारी विभागों/सार्वजनिक उपक्रमों/स्वायत्त निकायों की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए के लिए सबसे प्रतिष्ठित गंतव्य बन गया है। यह भारत सरकार के प्रधान तकनीकी सलाहकार के रूप में भी अपनी भूमिका निभा रहा है।


सीपीडब्ल्यूडी केंद्र सरकार की विकासात्मक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सिंह के इस विभाग की बागडोर संभालने के बाद से पिछले वर्षों की तुलना में विभाग के कार्यक्षेत्र में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। प्रगति और पाइपलाइन में कार्यों सहित 150000 करोड़ रुपए तक की उच्‍च सीमा के अनेक नए आदेश बुक किए गए हैं। 6500 करोड़ रुपये की लाग‍त से 1100 से अधिक निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं। 600 से अधिक विभागों/मंत्रालयों के 40,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत की 2,000 से अधिक परियोजनाओं को निष्‍पादित किया जा रहा है। पिछले दिनों में सीपीडब्ल्यूडी को 15000 करोड़ रुपए के नए कार्यभार सौंपे गए हैं। यह सीपीडब्ल्यूडी की उच्च क्षमता और इंजीनियरिंग उत्कृष्टता को दर्शाता है।


उनके नेतृत्व के दौरान ऊर्जा कुशलता और स्थायी आवासों के अभिनव विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने हरित भवनों के निर्माण को बढ़ावा देने और निर्माण में नई और उभरती प्रौद्योगिकियों और विभिन्न ऊर्जा दक्षता और संरक्षण उपायों को अपनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।


माननीय प्रधानमंत्री की घोषणा के अनुरूप वर्ष 2019-20 को 'निर्माण प्रौद्योगिकी का वर्ष' के रूप में मनाने के संकल्‍प के साथ पुरस्कार ग्रहण करते सीपीडब्ल्यूडी के महानिदेशक ने कहा कि सीपीडब्ल्यूडी ने इस दिशा में एक अग्रणी भूमिका निभाई है। सीपीडब्ल्यूडी द्वारा कार्य में तेजी लाने और पारिस्थितिक रूप से स्‍वच्‍छ एवं सुंदर निष्पादन को सुनिश्चित करने के लिए 16 अभिनव और नवीन तकनीकों को अपनाया गया है। निर्माण उद्योग में नवीन प्रौद्योगिकियों और सामग्रियों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए 14 जून, 2019 को नई दिल्ली में "निर्माण में नवीन प्रौद्योगिकियों और सामग्रियों के उपयोग" पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दिशा में आगे कदम बढ़ते हुए, आर्किटेक्चर डिज़ाइन और नियोजन के क्षेत्र में नवीनतम विकास और क्षमता निर्माण के ज्ञान को साझा करने के लिए "सार्वजनिक वास्तुकला में उभरते रुझान" पर एक और राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन 18 सितंबर, 2019 को नई दिल्ली में किया जाएगा।


सीपीडब्ल्यूडी देश में निर्माण की भावना को आगे ले जाने के लिए इस वर्ष के दौरान भी विभिन्न कार्यक्रमों को प्रारभ करने की मंशा रखती है। सिंह ने कहा कि वह सीपीडब्ल्यूडी को एक अत्याधुनिक तकनीकी से युक्‍त सुव्‍यवस्थित संगठन बनाने हेतु मानव संसाधन के सुव्यवस्थित अभियांत्रिक उपयोग और कुशल संचालन के लिए प्रतिबद्ध हैं।


अधिकारी भी नये मोटर व्हीकल एक्ट का कड़ाई से पालन करें : प्रमुख सचिव गृह

संवाददाता: भोपाल मध्यप्रदेश


      शासकीय अधिकारी भी नये मोटर व्हीकल एक्ट का कड़ाई से पालन करें। यह बात प्रमुख सचिव गृह एस.एन. मिश्रा ने राज्य सड़क सुरक्षा कोष की बैठक में कही। मिश्रा ने अधिकारियों को चेताया कि नये प्रावधान अनुसार नियमों का पालन करें और अपने वाहन चालक को भी इसके प्रति सचेत रहने को कहें।



बैठक में पूर्व बैठक में लिये गये निर्णयों से सभी को अवगत करवाया गया। भविष्य में राज्य सड़क सुरक्षा कोष की राशि के उपयोग पर चर्चा कर अगली बैठक 18 सितंबर को तय की गई।


बैठक में विशेष पुलिस महानिदेशक महान भारत सागर और परिवहन आयुक्त शैलेंद्र श्रीवास्तव सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।


धर्मेंद्र प्रधान ने ऊर्जा और इस्पात क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने के लिए रूस का दौरा किया...

संवाददाता: नई दिल्ली 


      पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस एवं इस्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ऊर्जा और इस्‍पात क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने के लिए रूस का दौरा किया। प्रधान ने ऊर्जा और इस्पात क्षेत्रों में भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए एक व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भी किया। उनकी यह यात्रा दोनों देशों के बीच ऊर्जा और इस्‍पात क्षेत्रों में सक्रिय संबंधों का एक अहम हिस्सा है।



अपनी इस यात्रा के दौरान धर्मेंद्र प्रधान ने रूस के उप प्रधानमंत्री और रूस के सुदूर पूर्वी संघीय जिलों में राष्ट्रपति के प्रतिनिधि, यूरी पी ट्रूटनेव के साथ बैठक के दौरान, भारत और सुदूर पूर्वी रूस के बीच ऊर्जा और इस्पात क्षेत्रों में सहयोग के क्षेत्र का विस्तार करने पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने रूस के सुदूर पूर्व से धातुकर्म कोयला और कच्चे तेल के स्रोत में सहयोग को आगे बढाने पर विचार-विमर्श किया। बैठक के दौरान, सुदूर पूर्वी रूस में तेल और गैस एवं इस्पात क्षेत्रों में संभावित भारतीय निवेश के संबंध में भी चर्चा की गई और सितंबर के पहले सप्ताह के दौरान आर्थिक मंच और 20वें वार्षिक द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन के लिए माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की व्लादिवोस्तोक यात्रा के मद्देनजर इन क्षेत्रों में प्रगति की भी समीक्षा की गई।


सचिव और रूसी संघ के उद्योग एवं व्यापार मंत्री विक्टर एव्टुखोव के साथ भी दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के लिए अवसरों को तलाशने और निवेश के प्रवाह को बढ़ाने पर भी दोनों पक्षों के बीच बैठक हुई। प्रधान ने कहा कि भारत और रूस के बीच इस्पात क्षेत्र में सहयोग का लंबा इतिहास रहा है। बैठक के दौरान कोकिंग कोल सोर्सिंग, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, कौशल विकास आदि क्षेत्रों में भी द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने पर चर्चा की गई।


प्रधान ने व्‍यापार विकास के उप सीईओ डिडिएर कासेमिरो और इसके प्रमुख क्रिज ज़िलिकी के साथ-साथ रूस के पेट्रोलियम उद्योग और दुनिया की सबसे बड़ी सार्वजनिक रूप से कारोबार करने वाली पेट्रोलियम कंपनी रोसनेफ्ट का प्रतिनिधित्‍व कर रही नायरा एनर्जी के मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी, आनंद से भी मुलाकात की। कंपनी की मुख्य गतिविधियों में हाइड्रोकार्बन, तेल और गैस एवं गैस-कंडेनसेट उत्पादन, अपस्ट्रीम अपतटीय परियोजनाएं, प्रसंस्करण के साथ-साथ तेल और गैस के क्षेत्र में रूस और विदेशों में उत्पाद, विपणन और अन्वेषण शामिल हैं। बैठक के दौरान भारतीय ईएंडपी और रिफाइनिंग क्षेत्रों में रूसी विशेषज्ञता का लाभ लेने के तरीकों और सहयोग पर भी चर्चा की गई। श्री प्रधान ने रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल संचालन में नए निवेश के प्रस्तावों का भी स्वागत किया।


धर्मेन्द्र प्रधान ने रूस के ऊर्जा मंत्री अलेक्जेंडर नोवाक से भी मुलाकात की और तेल एवं गैस क्षेत्र में व्‍यापक सहयोग की समीक्षा की। दोनों पक्षों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच पूर्वी आर्थिक मंच और 20वें वार्षिक द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन के लिए तेल और गैस क्षेत्र में सहयोग के लिए एक प्रारूप और कार्य योजना सहित मजबूत सिफारिशों के प्रस्ताव पर भी सहमति जताई। उन्होंने वैश्विक तेल बाजार में मूल्य अस्थिरता से दोनों देशों के उपभोक्‍ताओं और उत्पादकों के हितों को हो रही हानि पर विचार-विमर्श किया।


प्रधान ने उम्मीद जताई कि ओपेक प्लस के सदस्य के रूप में रूस उचित मूल्य निर्धारण और पर्याप्त आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए वैश्विक तेल बाजार में संतुलन लाने की दिशा में एक जिम्मेदार और महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। दोनों मंत्रियों ने सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की 20 से अधिक भारतीय और रूसी तेल और गैस कंपनियों के मुख्‍य कार्यकारी अधिकारियों और वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक के दौरान इस मुद्दे पर भी गौर किया गया कि रूस में तेल और गैस परिसंपत्तियों के निवेश के लिए अभी भी बहुत से अवसर हैं। इसके अलावा रूस के द्वारा सीजीडी, एलएनजी टर्मिनलों और परिवहन में प्राकृतिक गैस के उपयोग, ई एण्‍ड पी के विस्तार एवं शोधन क्षमताओं के माध्यम से भारत को गैस आधारित अर्थव्यवस्था में बदलने के लिए शुरू की गई नई पहलों में निवेश पर भी विचार-विमर्श किया गया।


गांधी से जुड़े अडिग के चित्रों पर आधारित कैलेंडर जारी किये जायेंगे : सूचना एवं जनसंपर्क राज्य मंत्री

संवाददाता : जयपुर राजस्थान 


      राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 150 वें जयंती वर्ष पर प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह में सूचना केंद्र आए तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, सूचना एवं जनसंपर्क राज्य मंत्री तथा प्रभारी मंत्री डॉ सुभाष गर्ग ने जिले के प्रख्यात चित्रकार रामकिशन अडिग के महात्मा गांधी की विभिन्न भाव-भंगिमाओं पर बने चित्रों का अवलोकन किया।

 


अडिग द्वारा बनाए गए इन चित्रों को देखकर वे बहुत प्रभावित हुए और उन्होंने कहा कि राज्य सरकार रामकिशन अडिग के चित्रों को शामिल कर वार्षिक कैलेंडर जारी करेगी। 

 

शुक्रवार, 30 अगस्त 2019

सरकार मीडिया की आजादी के लिए हमेशा प्रतिबद्ध हैः प्रकाश जावड़ेकर

प्रजा दत्त डबराल @ नई दिल्ली


      सूचना एवं प्रसारण, पर्यावरण, वन तथा जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि कामकाज, सुधार और परिवर्तन वे तीन स्तम्भ हैं, जिन पर नये भारत का दृष्टिकोण आधारित है। वह केरल के कोच्चि में मलयालय मनोरमा कंपनी लिमिटेड द्वारा आयोजित 'न्यू इंडियाः गवर्नमेंट एंड मीडिया' नामक न्यूज कॉन्क्लेव में मुख्य वक्तव्य दे रहे थे।


जावड़ेकर ने कहा कि सरकार ने भ्रष्टाचार मुक्त, आतंक मुक्त, जातिवाद मुक्त, साम्प्रदायिकता मुक्त और निर्धनता मुक्त नये भारत का सपना संजोया है। उन्होंने कहा, 'हमारा देश विविधता वाला देश है। विविधता भारत की आत्मा है। जियो और जीने दो, भारतीय दर्शन का आधार है।



जावड़ेकर ने मीडिया की स्वतंत्रता के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा, 'मीडिया की आजादी लोकतंत्र की बुनियाद है। लेकिन यह भी समझना चाहिए कि एक लोकतांत्रिक समाज में आजादी को उत्तरदायित्व के साथ जुड़ा होना चाहिए। उत्तरदायित्व के साथ जुड़ी आजादी नियम से बंधी आजादी नहीं होती। वह अपने तरीके से खुद को नियमों में ढालती है।'


सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने कहा कि भीड़ हिंसा की घटनाएं देश में सोशल मीडिया में फैलाई जा रही अफवाहों के कारण हो रही है। यह सोशल मीडिया में स्व-नियामक व्यवस्था या प्राधिकार के अभाव में होता है।


एक प्रश्न के उत्तर में जावड़ेकर ने कहा कि सरकार हर तरह की आलोचना का स्वागत करती है, क्योंकि इससे शासन की समझ मिलती है। उन्होंने कहा, 'हम स्वतंत्र संस्थाओं में विश्वास करते हैं, क्योंकि ये लोकतंत्र की ताकत होते हैं।' कश्मीर में मीडिया की आजादी का उल्लेख करते हुए जावड़ेकर ने कहा कि हालांकि वहां उचित प्रतिबंधों का दौर रहा है, लेकिन ज्यादातर प्रतिबंधों को धीरे-धीरे हटाया जा रहा है। हम जल्द ही सामान्य स्थिति में पहुंच जाएंगे और नये कश्मीर तथा नये भारत को देखेंगे।


उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कॉन्क्लेव का उद्घाटन किया था।


मनोहर का दावा 6 लाख युवाओं को रोजगार मिला...

संवाददाता : चंडीगढ़ हरियाणा 


      हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी की तैयारियां तो उसी दिन शुरू हो गई थी जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मनोहर लाल खट्टर की अगुवाई में जन आशीर्वाद यात्रा को हरी झंडी दिखाई थी। पंचकूला के कालका से शुरु हुई यह यात्रा के 9 दिन पूरे हो चुके हैं। करीब 2100 किमी की जन आशीर्वाद यात्रा 8 सितंबर को थमेगी। इस दौरान मनोहर लाल खट्टर प्रदेश के चप्पे-चप्पे में जाकर सरकार की उपलब्धियां गिनाने वाले हैं।जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान जब मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने फरीदाबाद में एक बड़ा खुलासा किया।



उन्होंने कहा कि प्रदेश में हमारी सरकार के कार्यकाल में 50 हजार नए उद्योग खुले हैं और 6 लाख युवाओं को रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पारदर्शी तरीके से सरकार को चलाया है और मेरिट के आधार पर नौकरियां देने का काम किया है।जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान खट्टर ने पिछली सरकारों पर जमकर आरोप लगाए।


उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों में नौकरियों के लिए बोलियां लगती थी लेकिन हमारी सरकार ने इस भ्रष्टाचार को भी समाप्त कर दिया। साथ ही प्रदेशवासियों को या कहें युवाओं को रोजगारपरक बनाने के लिए हमने पलवल में देश का पहला कौशल विकास विश्वविद्यालय खोला।


राज्य सरकार की विभिन्न स्वीकृत योजनाओं का कार्य तय समयावधि में पूर्ण हो...

संवाददाता : जयपुर राजस्थान 


      आयोजना विभाग राज्य मंत्री एवं डूगरपुर जिला प्रभारी राजेन्द्र सिंह यादव ने समस्त विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे राज्य सरकार की विभिन्न स्वीकृत योजनाओं का कार्य तय समयावधि में पूर्ण हो, जिससे इस योजना से आमजन लाभान्वित हो सकें।

 

यादव ने निर्देश शुक्रवार को डूंगपुर जिला परिषद के ईडीपी सभागार में आयोजित विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए जिला स्तरीय अधिकारियों को पर््रदान किए। 

 


 

बैठक के दौरान उन्होंने पीएचईडी विभाग अधीक्षण अभियन्ता से मेडिकल कॉलेज में अब तक कार्य के अपूर्ण होने पर जानकारी चाही जिस पर अधीक्षण अभियन्ता ने ठेकेदार के द्वारा बार-बार विभागीय रिमाइंडर के बाद भी कार्य नही करने की स्थिति में विभाग द्वारा नोटिस देने से अवगत कराया जिस पर प्रभारी मंत्री यादव ने कहा अगर संबंधित फर्म के द्वारा समय पर कार्य पूरा नही किया जाता है तो नियमानुसार कार्यवाही करें और कार्य को तय सीमा में पूर्ण करवायें । उन्होंने कहा कि अगर कार्य समय पर पूर्ण नही होता है और अत्यधिक विलम्ब हो तो ऎसे में राज्य सरकार के आमजन के हित के लिए संचालित उस योजना के मूल उद्देश्य की पूर्ति नही होती है। 

 

इस पर प्रभारी सचिव एवं संभागीय आयुक्त विकास सीताराम भाले ने समस्त अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रत्येक विभाग टेण्डर प्रक्रिया के दौरान किये गये निर्धारण के अनुसार यह चार्ट बनाये कि किस अवधि तक कितना प्रतिशत कार्य संपादित किया जाना है और उस अनुरूप मॉनिटरिंग करें। 

 

बैठक के प्रारंभ में जिला कलक्टर चेतन देवड़ा ने जिला प्रभारी मंत्री यादव एवं प्रभारी सचिव एवं संभागीय आयुक्त भाले का स्वागत करते हुए जिले में चल रही योजनाओं की जानकारी प्रदान की। 

 

बेणेश्वर धाम पर वायरलैस सिस्टम का नवाचार करने से अवगत कराते हुए जानकारी दी कि प्रति वर्ष बारिश के मौसम में धाम के टापू में तब्दील होने से रेस्क्यू करने की आवश्यकता होती है इस स्थिति के मद्देनजर इस बार जिला प्रशासन द्वारा नवाचार करते हुए प्रयास किया गया जिसमें वायरलेस सिस्टम लगाया गया जिसमें जैसी ही पानी की अधिकता की स्थिति होने पर तत्काल अवगत कराते हुए लोगों को पहले ही बाहर भेज दिया जाता है जिससे अब तक एक भी रेस्क्यू की जरूरत नही हुई है । इस पर जिला प्रभारी मंत्री व प्रभारी सचिव ने इस ऎतिहयात बरतने की सराहना की। प्रभारी मंत्री यादव व प्रभारी सचिव भाले ने सिंचाई विभाग अधिकारी से मझोला तालाब, महुडी, पनीवाला बांध, वालपोल का नाका, भादल, सोनार माता एनिकट आदि के बारें में जानकारी ली। 

 

बैठक के दौरान आईसीडीएस उपनिदेशक ने जिले के 127 आंगनवाड़ी भवनों के अत्यन्त जर्जर होने से नये भवन हेतु बजट उपलब्ध करवाने तथा एक हजार आंगनवाड़ी केन्द्रों में शौचालय नही होने से अवगत कराया जिस पर प्रभारी सचिव श्री भाले द्वारा टीएडी विभाग को प्रतिवर्ष नियमानुसार मय शौचालय प्रस्ताव बनाकर भेजने की बात कही। इसी प्रकार पशुपालन विभाग के द्वारा पोलिटेक्निक के स्वीकृति होने परंतु भवन जर्जर होने की जानकारी दी तथा नये भवन हेतु अनुरोध किया। 

 

यादव ने समस्त विद्यालयों को विद्युत कनेक्शन से जोड़ने के निर्देश प्रदान किये जिस पर अधीक्षण अभियंता एवीएनएल ने एक हजार 179 विद्यालयों में लाईन खींचने की प्रगति से अवगत कराया । 

 

प्रभारी मंत्री ने चिकित्सा विभाग को मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए पूर्ण तैयारी रखने, आवश्यकता होने पर फोगिंग करने, चिकित्सा टीम तैयार रखने के लिए भी निर्देश प्रदान किये। 

 

बैठक में श्रम विभाग के द्वारा श्रमिक कार्ड के निर्माण में आने वाली तकनीकी समस्या से अवगत कराया गया जिस पर समाधान के प्रयास हेतु कहा । इसी क्रम में चिकित्सा विभाग, शिक्षा विभाग सहित अन्य विभागों के  रिक्त पदों को भरने के लिए जिला कलक्टर देवड़ा ने प्रभारी मंत्री यादव से अनुरोध किया। 

 

बैठक के दौरान जिला कलक्टर देवड़ा ने बजट घोषणा विधि कॉलेज के लिए भवन आवंटन की प्रक्रिया प्रगतिरत होने, सागवाड़ा में उत्कृष्ट कोचिंग के भवन आवंटन हेतु प्रक्रिया प्रगतिरत होने, बेणेश्वर धाम पर हाई लेवल ब्रिज, भीखाभाई केनाल आदि के संबंध में अब तक की गई कार्यवाही की जानकारी प्रदान की। 

 

बैठक में प्रभारी मंत्री ने जिले में अल्पकालीन फसली ऋण की धीमी प्रगति पर रोष व्यक्त किया तथा इसमें शीघ्रता लाते हुए अधिक लोगों को लाभान्वित करने के निर्देश प्रदान किये। कृषि विभाग अधिकारी द्वारा जिले में एक लाख चालीस हजार हेक्टयर से अधिक में मुख्य रूप से मक्का, सोयाबीन, उडद आदि की बुवाई होने की जानकारी दी। प्रभारी सचिव भाले ने कृषि पर्यवेक्षकों को फील्ड में भ्रमण के निर्देश प्रदान किये। 

 

बैठक में टीएडी, रोडवेज, श्रम विभाग, सिंचाई, पीडब्ल्यूडी, पीएचईडी, शिक्षा विभाग सहित समस्त विभागों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किये गये। 

भाजपा से संजय सिंह ने पूछा सवाल, कौन देगा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को टक्कर ?

संवाददाता: नई दिल्ली 


      भाजपा को घेरते हुए आम आदमी पार्टी ने शुक्रवार को उससे पूछा कि दिल्ली में अरविंद केजरीवाल का मुकाबला करने के लिए उसके मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार कौन है? भाजपा नेता विजय गोयल को लिखे एक पत्र में आप के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने तीन सवाल पूछे जिनके बारे में उन्होंने कहा कि दिल्ली के लोग उनकी पार्टी से पूछना चाहते हैं और साथ ही कहा कि वह 24 घंटों के भीतर जवाब की उम्मीद करते हैं।



यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सिंह ने भाजपा पर निशाना साधा और कहा कि वह असमंजस में थे कि किसे पत्र लिखा जाए क्योंकि दिल्ली भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री पद के तीन उम्मीदवार हैं। सिंह ने कहा कि दिल्ली के लोग भाजपा से कुछ सवाल पूछना चाहते हैं जिसकी वजह से मैं यह पत्र लिख रहा हूं। चूंकि आपके पास तीन मुख्यमंत्री उम्मीदवार हैं तो मैं असमंजस में था कि किसे यह पत्र लिखा जाए। आप सबसे वरिष्ठ और अनुभवी हैं तो मैंने आपको यह पत्र लिखा।


उन्होंने गोयल से तीन मुद्दों पर जवाब मांगे। पहला कि क्या उनकी पार्टी दिल्लीवासियों को 200 यूनिट तक बिजली निशुल्क देने के पक्ष में है। दूसरा, क्या भाजपा लोगों के पानी के बिल के बकाये को माफ करने के पक्ष में है और आखिरी, ''आगामी दिल्ली विधानसभा चुनावों में अरविंद केजरीवाल का मुकाबला करने के लिए भाजपा का मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार कौन है?''दिल्ली विधानसभा चुनाव अगले साल की शुरुआत में होने हैं। गोयल से ''सीधे, स्पष्ट जवाब'' देने का अनुरोध करते हुए सिंह ने कहा कि भाजपा नेता या तो सवालों के जवाब नहीं देते हैं या उन्हें टाल देते हैं। उन्होंने कहा कि वह उम्मीद करते हैं कि गोयल 24 घंटे के भीतर जवाब देंगे।


कार्यशाला में महिला पॉलीटेक्निक की छात्राओं ने बनाई मिट्टी की गणेश प्रतिमाएँ...

संवाददाता: भोपाल मध्यप्रदेश


      पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन (एप्को) परिसर में ग्रीन गणेश अभियान कार्यशाला में आज भोपाल के शासकीय महिला पॉलीटेक्निक की छात्राओं ने पर्यावरण संरक्षण के लिये मिट्टी की गणेश प्रतिमाएँ तैयार की। भोपाल के एप्को परिसर में अभियान की कार्यशाला 13 अगस्त से चल रही है। कार्यशाला का 31 अगस्त को अंतिम दिन है। अंतिम दिन दोपहर 12 बजे से मिट्टी से गणेश प्रतिमाएँ तैयार करने का प्रतिभागियों को नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जायेगा।



एप्को द्वारा वर्ष 2016 से निरंतर ग्रीन गणेश अभियान चलाया जा रहा है। इस वर्ष एप्को ने भोपाल, इंदौर और उज्जैन शहर में जन-जागरूकता के मकसद से स्कूल-कॉलेज में कार्यशालाएँ की गई। इन कार्यशालाओं में 15 हजार से अधिक गणेश प्रतिमाएँ तैयार की गईं। कार्यपालन यंत्री राजेश रायकवार ने बताया कि कार्यशाला में प्रतिभागियों को पीओपी एवं रासायनिक रंगों से बनी प्रतिमाओं को विसर्जित करने से होने वाले दुष्प्रभाव और उनसे बचने की जानकारी भी दी गई। प्रतिभागियों को कार्यशाला में मूर्ति निर्माण के साथ प्राकृतिक रूप से उपलब्ध रंगों जैसे हल्दी, रामरस, गेरू, खड़िया, मिट्टी आदि से रंगे जाने की भी जानकारी दी गई। कार्यशाला में विद्यार्थियों और प्रतिभागियों को गणेश प्रतिमा निर्माण के समय सीड गणेश तकनीक की भी जानकारी दी गई। श्री रायकवार ने बताया कि बढ़ती आबादी और रहवासी क्षेत्रों के कारण जलीय वनस्पतियों और जल-संरचनाओं को लगातार नुकसान पहुँच रहा है। इसका मुख्य कारण पीओपी की मूर्तियाँ भी हैं।


ग्रीन गणेश अभियान में एप्को के विषय-विशेषज्ञों ने औद्योगिक क्षेत्र मण्डीदीप में जाकर श्रमिकों को मिट्टी के गणेश तैयार किये जाने की जानकारी दी। श्रमिकों को बताया गया कि मिट्टी के गणेश तैयार कर अतिरिक्त आय प्राप्त की जा सकती है।


GDP विकास दर घटकर 5 प्रतिशत पर, पिछले 6 साल में सबसे खराब स्तर पर पहुंची...

संवाददाता: नई दिल्ली 


       देश की आर्थिक वृद्धि दर 2019-20 की अप्रैल-जून तिमाही में घटकर पांच प्रतिशत रह गयी। यह पिछले छह साल से अधिक अवधि का न्यूनतम स्तर है। विनिर्माण क्षेत्र में गिरावट और कृषि उत्पादन की सुस्ती से जीडीपी वृद्धि में यह गिरावट आई है। शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गयी है।



इससे पहले वित्त वर्ष 2012-13 की जनवरी से मार्च अवधि में देश की आर्थिक वृद्धि दर सबसे निचले स्तर 4.9 प्रतिशत पर रही थी। एक साल पहले 2018-19 की पहली तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर आठ प्रतिशत के उच्च स्तर पर थी। जबकि इससे पिछली तिमाही यानी जनवरी से मार्च 2019 में वृद्धि दर 5.8 प्रतिशत रही थी। भारतीय रिजर्व बैंक ने जून में हुई मौद्रिक समीक्षा में चालू वित्त वर्ष की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान सात प्रतिशत से घटाकर 6.9 प्रतिशत कर दिया था।


इसके साथ ही केन्द्रीय बैंक ने कुल मांग बढ़ाकर वृद्धि चिंताओं से निपटने पर जोर दिया था। केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष की पहली छमाही में जीडीपी वृद्धि दर के 5.8 प्रतिशत से 6.6 प्रतिशत और दूसरी छमाही में 7.3 प्रतिशत से 7.5 प्रतिशत के दायरे में रहने का अनुमान जताया है। वर्ष 2019 की अप्रैल-जून अवधि में चीन की आर्थिक वृद्धि दर 6.2 प्रतिशत रही है जो पिछले 27 साल में सबसे कम रही।


भारतीय सेना का माउंट कुन (7077 मीटर) अभियान...

संवाददाता: नई दिल्ली 


      माउंट कुन (7077 मीटर) के भारतीय सेना पर्वतारोही अभियान लद्दाख के जन्सकर रेंज में 30 जुलाई से 29 अगस्त, 2019 तक चला। 22 सदस्यीय दल में 10 महिला अधिकारी शामिल थीं। दल को लेह से 30 जुलाई, 2019 को रवाना किया गया था और अपना अभियान समय पर पूरा करके दल सुरक्षित वापस आ गया।



अभियान दल का स्वागत सैन्य प्रशिक्षण के अतिरिक्त महानिदेशक मेजर जनरल कुलप्रीत सिंह ने किया।


अत्यंत अनुभवी और संतुलित दल को अभियान के लिए चुना गया और प्रशिक्षित किया गया। अपने अभियान के दौरान दल को रास्ते में कई कठिनाइयों और चुनौतियों का सामना करना पड़ा और उसने गहरी खाईयों, बर्फीले तूफानों और सीधी चढ़ाई वाली बर्फीली चट्टानों का सामना करते हुए माउंट कुन पर विजय प्राप्त की।


मैक्स हास्पिटल और खेल विभाग ने आयोजित की 10 किलोमीटर दौड़...

संवाददाता: देहरादून उत्तराखंड 


      मैक्स अस्पताल देहरादून द्वारा राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया गया। इस मौके पर उत्तराखण्ड खेल विभाग द्वारा मैक्स अस्पताल देहरादून के साथ मिलकर 10 किलोमीटर दौड़ आयोजित की गई। इस दिन को खेल भावना का जश्न मनाने और उन खिलाड़ियों को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है जिन्होंने भारत को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। खेल दिवस के अवसर पर 10 किमी की दौड़ आयोजित की गई, जो सुबह 8 बजे शुरू हुई। आयोजन में भाग लेने के लिए महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, रायपुर में लगभग 500 एथलीट और खिलाड़ी जमा हुए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखण्ड के खेल मंत्री अरविंद पाण्डे, गेस्ट ऑफ ऑनर-रायपुर विधायक उमेश शर्मा और राज्य के खेल सचिव बृजेश कुमार संत, संयुक्त निदेशक खेल डॉ. धर्मेन्द्र भट्ट के साथ संदीप सिंह तंवर, वाईस प्रेजीडेन्ट, ऑपरेशन्स एवं यूनिट हैड, मैक्स सुपर स्पेशलटी अस्पताल, देहरादून की उपस्थिति में किया गया।



पेशेवर एथलीट हर दिन अपने शरीर का परीक्षण करते हैं और हममें से अधिकांश के लिए यह कल्पना करना भी कठिन है। इस तरह के गहन प्रशिक्षण से शरीर पर प्रभाव पड़ सकता है, और चोटें लगभग अपरिहार्य हैं। यही कारण है कि कुशल, अनुभवी खेल चिकित्सा विशेषज्ञ का होना आवश्यक है। मैक्स हॉस्पिटल, देहरादून स्पोर्ट्स इंजुरी सेंटर से सुसज्जित है, जहां स्पोर्ट्स और एक्सरसाइज मेडिसिन के साथ नवीनतम तकनीकों और खेल से जुड़ी चोटों में प्रत्यारोपण के विशेषज्ञ मौजूद हैं। तृतीयक देखभाल अस्पताल होने के नाते यहां घुटने टेखने  कंधे या किसी भी ऑर्थोपीडिक चोटों के लिए एंड-टू-एंड सॉल्यूशन के साथ-साथ रोगियों की जरूरतों के अनुसार, सभी जटिल और तकनीकी रूप से मांगी जाने वाली स्पोर्ट्स सर्जरी नियमित आधार पर की जा रही हैं।


फिजियोथेरेपी के माध्यम से सर्जरी के बाद के पुनर्वास के लिए आवश्यक उपचार के बारे में उचित परामर्श भी नियमित रूप से दिया जाता है।


रेरा म.प्र. में सूचना संचार तकनीकी के उपयोग के अच्छे परिणाम मिले...

संवाददाता: भोपाल मध्यप्रदेश


      मध्यप्रदेश रियल एस्टेट रेग्युलरिटी अथॉरिटी (रेरा) के चेयरमेन अन्टोनी डिसा ने कहा कि मध्यप्रदेश में रेरा की कार्य-प्रणाली में सूचना संचार तकनीकी (आई.सी.टी.) के उपयोग अच्छे परिणाम सामने आये हैं। उन्होंने कहा कि इस तकनीकी का प्रभावी उपयोग के व्यवसाय प्रक्रिया सुधार के साथ संचालित हुआ है। उन्होंने कहा कि सूचना संचार तकनीकी का रेरा में उपयोग अभी भी 'कार्य प्रगति पर है' के स्तर पर है, जिसे और अधिक लचीला बनाये जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अभी भी इसमें कुछ कमियाँ है, जैसे पीडीएफ फार्मेट सर्टिफिकेट, पेमेन्ट पोर्टल का एकीकृत नहीं होना, जिन्हें निर्धारित किया जाने की जरूरत महसूस हुई है। श्री डिसा आज नई दिल्ली में आई.आई.एम.टी. के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में मध्यप्रदेश में रेरा एक्ट के क्रियान्वयन में (आई.सी.टी.) सूचना संचार तकनीकी के उपयोग पर प्रेजेन्टेशन दे रहे थे।



डिसा ने कहा कि मध्यप्रदेश रेरा में सूचना संचार तकनीकी (आईसीटी) के उपयोग ने न केवल उद्देश्य को पूर्ण किया है बल्कि वह उससे भी आगे बढ़ा है। उन्होंने कहा कि रेरा के कार्यों में आईसीटी के उपयोग को बढ़ावा देने के लिये देश में सबसे पहले मध्यप्रदेश रेरा ने एक सॉफ्टवेयर विकसित किया। वर्तमान में देश के अनेक राज्यों की रेरा अथॉरिटी के साफ्टवेयर इसी पर बेस्ड है। म.प्र. रेरा इस सॉफ्टवेयर में निरंतर सुधार कर रहा है। उन्होंने एक मोबाइल एप विकसित किये जाने की आवश्यकता भी बताई।


डिसा ने म.प्र. रेरा में आईसीटी के उपयोग की सफलता के पीछे राजनैतिक इच्छा शक्ति, आईसीटी क्षमता निर्माण, ई-उपार्जन में आईसीटी के उपयोग के अनुभव को मिली जनस्वीकृति और व्यावसायिक सुधार प्रक्रिया के साथ समन्वय को प्रमुख कारक बताया। डिसा ने कहा कि मध्यप्रदेश रेरा में उपयोग किया जा रहा एम.पी. वेब एप्लीकेशन मुख्यत: परियोजना, सम्प्रवर्तक, एजेंटस और आवंटियों के इर्द-गिर्द बनाया गया है। यह यूजर फ्रेडंली होने के साथ ही द्विभाषी भी है अर्थात् इस पर हिन्दी और अंग्रेजी दोनों में कार्य किया जा सकता है। प्रदेश रेरा में सभी एप्लीकेशन वर्तमान में ऑनलाइन प्राप्त किये जा रहे हैं। साथ ही इस पर सभी तरह का कार्य व्यवहार 'ट्रेक' किया जा सकता है।


रेरा अध्यक्ष श्री डिसा ने कहा कि मध्यप्रदेश रेरा में आईसीटी के उपयोग के जो फौरी परिणाम प्राप्त हुए हैं उनमें प्रमुखत: प्रबंधन सूचना तंत्र (एमआईएस) का जनरेशन और डाटाबेस की आसानी से उपलब्धता है। यह तकनीकी समग्र में प्राधिकरण के कार्यों में सुधार लाने और रीयल एस्टेट सेक्टर में व्यावसायिक दक्षता बढ़ाने में मददगार हो रही है। डिसा ने अपने प्रेजेन्टेशन में बताया कि रेरा के प्रशासन में आईसीटी के उपयोग में कुल मिलाकर क्षमता(गति, गुणवत्ता, मूल्य), पारदर्शिता (समय पर सूचना की प्राप्ति) और कारण, जिम्मेदारी बोध और भ्रष्टाचार में कमी ( व्यक्तिगत या आमने-सामने के सम्पर्क को न्यूनतम करना) शामिल है।


अन्टोनी डिसा ने कहा कि रियल एस्टेट (रेग्युलेशन एन्ड डेव्हलपमेन्ट) एक्ट 2016 के सेक्शन 4(3) और सेक्शन 34 ( बी), (सी) और ( डी) में कार्य सम्पादन में आईसीटी (सूचना संचार तकनीकी) के उपयोग का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि इन प्रावधानों का अर्थ ही रियल एस्टेट प्रोजेक्टस के पंजीयन और पर्यवेक्षण, रियल एस्टेट एजेन्टस को लायसेंस प्रदाय और उपभोक्ताओं की शिकायतों के निराकरण में आईसीटी का उपयोग है। जिसे मध्यप्रदेश में सफलता से किया जा रहा है। श्री डिसा ने प्रेजेन्टेशन में वर्तमान में म.प्र. रेरा में रियल एस्टेट परियोजनाओं ऑनलाइन पंजीयन, पंजीकृत प्रकरण में उपभोक्ताओं को राहत, शिकायतों के समाधान में आई.सी.टी. के उपयोग के आँकड़ों को भी दर्शाया।


आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेकर लौटे केन्द्रीय दल ने मुख्यमंत्री से की भेंट...

संवाददाता: देहरादून उत्तराखंड 


      आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेकर लौटे केन्द्रीय दल ने मुख्यमंत्री से की भेंट। मुख्य सचिव से की आपदा से हुए नुकसान पर व्यापक चर्चा।


प्रदेश के जनपद उत्तरकाशी एवं चमोली जनपदों में आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेने गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री संजीव कुमार जिन्दल के नेतृत्व में आये केन्द्रीय दल के सदस्यों ने शुक्रवार को सांय मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से मुख्यमंत्री आवास पर भेंट की। 


मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में दैवीय आपदा के मानकों में शिथिलता होनी चाहिए तथा पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार सहायता राशि में भी तद्नुसार वृद्धि होनी चाहिए ताकि आपदा में प्रभावित लोगों को और अधिक प्रभावी ढंग से मदद की जा सके। 



मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र के सहयोग से सड़क, बिजली, पेयजल योजनाओं का पुनर्निर्माण कराने के साथ ही पीड़ितों को हरसम्भव मदद देने का प्रयास किया है। परन्तु आपदा से हुए नुकसान की व्यापकता को देखते हुए आधारभूत सुविधाओं की पुनस्र्थापना के लिए और अधिक सहायता राशि की आवश्यकता है। 


केन्द्रीय दल के अध्यक्ष संजीव कुमार जिन्दल ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके दल ने प्रभावित जिलों का दौरा कर आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेने के साथ ही इससे संबंधित सूचनाएं संकलित की है। अब जल्द ही उनके द्वारा केंद्र सरकार को रिपार्ट सौंप दी जाएगी। 


इससे पूर्व  संजीव कुमार जिन्दल, संयुक्त सचिव, गृह मंत्रालय, भारत सरकार की अध्यक्षता में गठित 07 सदस्यीय अन्तरमंत्रालयीय केन्द्रीय दल ने उत्तराखण्ड के आपदा प्रभावित क्षेत्रों के भ्रमण के पश्चात सचिवालय में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह के साथ ही अन्य उच्चाधिकारियों से आपदा से हुए नुकसान पर चर्चा की।


इस अवसर पर सचिव आपदा प्रबंधन अमित नेगी ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा आपदा जोखिम न्यूनीकरण हेतु विभिन्न कदम उठाए गये हैं। इसके लिए आपदा प्रबन्धन विभाग, उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण, स्टेट डिजास्टर रिस्पाॅंस फोर्स, आपदा न्यूनीकरण एवं प्रबन्धन केन्द्र, राज्य एवं जिला आपातकालीन परिचालन केन्द्रों की स्थापना की गयी है।


उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सामुदायिक स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। प्रशिक्षित लोगों की जानकारी आपदा प्रबन्धन विभाग की वेबसाईट पर भी उपलब्ध है ताकि आपदा जैसी परिस्थितियों में प्रशिक्षित लोगों से सहायता हेतु तुरन्त सम्पर्क किया जा सके। उन्होंने बताया कि आॅटोमैटिक वेदर स्टेशन एवं भूकम्प हेतु अर्ली वाॅर्निंग सिस्टम आदि की स्थापना की जा रही है।


नई दिल्ली में मिला आरुषि निशंक को भारत गौरव अवार्ड…

आशुतोष ममगाई  @ देहरादून उत्तराखंड 


      सुप्रसिद्ध कत्थक नृत्यांगना, फिल्म निर्मात्री एवं समाज सेविका आरुषि निशंक को भारत गौरव अवार्ड फाउंडेशन ने भारत गौरव अवार्ड से सम्मानित किया है। यह सम्मान इन्हें कला और संस्कृति के क्षेत्र में अतुलनीय कार्य के लिए दिया गया।


 दिल्ली के ताज पैलेस में आयोजित कार्यक्रम में यह सम्मान आरुषि को दिया गया जिसमें रतन लाल कटारिया केंद्रीय जल शक्ति राज्यमंत्री, मार्गनी भारत सांसद लोकसभा , सत्य नारायण जातीय सांसद लोकसभा, संग्राम सिंह इंडियन रेसलर समेत अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।



आरुषि सुप्रसिद्ध कत्थक गुरु पदम् विभूषण बिरजू महाराज की शिष्या है, और भारत सरकार के भारत विदेश सांस्कृतिक सम्बन्ध परिषद् की कलाकार हैं। ये एक दर्जन से साधिक देशों में अपनी कत्थक की प्रस्तुति दे चुकी हैं तथा कत्थक के अलावा आरुषि विगत 90 वर्षों से सामाजिक क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण व संवर्धन, नारी सशक्तिकरण और पवित्र गंगा नदी अवं उसकी सहायक नदियों की स्वछता एवं संरक्षण के कार्यों में संलग्न हैं।


आरुषि केंद्र सरकार की नमामि गंगे परियोजना की प्रमोटर हैं और साथ ही साथ हिमालय तथा नदियों की स्वछता तथा संवर्धन के लिए समर्पित अभियान स्पर्श गंगा की राष्ट्रीय संयोजक भी हैं। इसके अलावा इनके द्वारा महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में देश – विदेश में अनेक कार्यक्रम आयोजित करती आ रही हैं।


इस मौके पर अपनी प्रसन्ता व्यक्त करते हुए आरुषि निशंक ने कहा- 


“मैं धन्यवाद् करती हूँ भारत गौरव अवार्ड फाउंडेशन का जिन्होंने मेरे प्रयासों को सराहते हुए यह सम्मान दिया। मुझे गर्व है की हमारे प्रयासों के चलते लोग गंगा सफाई के प्रति जागरूक हो रहे हैं। यह एक बड़ा मिशन है जिसके लिए सबका साथ आवश्यक है।”


हाल ही में उत्तराखंड की महान सैन्य परंपरा एवं रीति – रिवाजों पर केंद्रित उत्तराखंडी फिल्म मेजर निराला का निर्माण भी इन्होने किया। यह फिल्म दर्शकों के बीच अत्यंत लोकप्रिय हुई है।


युवाओं को नशे की लत से बचाने को धार्मिक संस्थाएं आगे आएं : राज्यपाल

प्रजा दत्त डबराल @ उत्तराखंड 


       राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कहा कि युवाओं को नशे की लत से बचाने में समाज के विभिन्न वर्गो के साथ ही धार्मिक संस्थाओं को भी आगे आना होगा। युवा देश की पूंजी है। उन्हें नशे की बुरी आदतों से बचाना सभी का सामाजिक दायित्व है। राज्यपाल मौर्य ने कहा कि सभी धर्मो की संस्थाएं नशे के विरूद्ध युवाओं का सही मार्गदर्शन करें। बच्चों को नशे की आदतों से बचाने में उनकी माताएँ महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।



अभिभावक अपने बच्चों पर निगरानी रखें तथा अच्छी शिक्षा के साथ संस्कार भी दें। राज्यपाल ने कहा कि छात्र-छात्राएं स्कूल व कॉलेजों के आस-पास होने वाले नशे के व्यापार व नशे में लिप्त लोगों की सूचना बिना डरे तत्काल पुलिस को दें। बच्चे अपने ऐसे मित्रों की जो नशे के आदी हो गये है को स्नेह व सहयोग से नशे के विरूद्ध जागरूक करने का प्रयास करे तथा उनकी नशे की गिरफत से बाहर आने में मदद करें। राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने शुक्रवार को राजभवन में आयोजित ''एन्टी ड्रग्स टै्रफिकिंग'' कार्यशाला का शुभारम्भ किया। राज्यपाल मौर्य ने घोषणा की कि नशे के विरूद्ध अभियान चलाने वाले बच्चों को राजभवन द्वारा सम्मानित किया जायेगा। इस अवसर पर डीजीपी अनिल रतूड़ी ने कहा कि राज्यपाल द्वारा बेहद महत्वपूर्ण एवं ज्वलंत मुद्दे को उठाया गया है। युवा अपनी ऊर्जा व उत्साह को सही दिशा में लगाये। उत्तराखण्ड पुलिस विभाग नशे के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही व जन जागरूकता के कार्य कर रही है परन्तु नशे की बुराई को जड़ से समाप्त करने के लिये समाज के सभी लोगों को मिलजुल कर प्रयास करने होंगे। पुलिस विभाग इस सम्बन्ध में एक कार्ययोजना बनाने जा रहा है। उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा वर्ष 2017 से निरन्तर एन्टी ड्रग्स टै्रफिकिंग का कार्यक्रम चलाया जा रहा है।


मुख्यमंत्री के स्तर पर इसकी निरन्तर समीक्षा की जा रही है। नशे के अपराधी, व्यापारी व माफिया के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जायेगी। डीजीपी रतूड़ी ने कहा कि नशे के व्यापार से सम्बन्धित किसी भी प्रकार सूचना उत्तराखण्ड पुलिस को निडर होकर दें। सूचना देने वाले का पहचान गुप्त रखी जाती है। पुलिस विभाग इस सम्बन्ध में हर प्रकार के सहयोग के लिये तत्पर है। एडीजी अशोक कुमार ने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस की वेबसाइट, फेसबुक पेज व सोशल मीडिया साइट पर एन्टी ड्रग्स टै्रफिकिंग से सम्बन्धित विभिन्न जागरूकता वीडियों क्लिपस, शॉर्ट फिल्मस व सामग्री उपलब्ध है।


शिक्षण संस्थानों व लोगों द्वारा इनका उपयोग किया जा सकता है। डीआईजी एसटीएफ रिद्धम अग्रवाल ने जानकारी दी की नशे में भाग व चरस के नशे के उपयोग में सिक्किम, नागालैण्ड, उड़ीसा, दिल्ली, मिजोरम, मणिपुर, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश जैसे राज्य आगे हैं। भांग व चरस के नशे के उपयोग में उत्तराखण्ड प्रथम 10 राज्यों में नहीं है। इस वर्ष उत्तराखण्ड से लगभग 1000 किलोग्राम गांजा तथा 150 किलोग्राम चरस रिकवर किया गया है। राज्य में वर्ष 2019 में 250 किलोग्राम डोडा रिकवर किया गया है। इस वर्ष लगभग 15 किलोग्राम अफीम व 7 किलोग्राम स्मैक व हिरोइन की रिक्वरी राज्य के विभिन्न जनपदों से की गई है। सिथेंटिक ड्रग्स में एलएसडी की रिकवरी की गई व गोवा से आए विदेशी पर्यटकों से वर्ष 2017 में 100 बलॉटिंग पेपर की रिकवरी की गई थी। उत्तराखण्ड में ब्लॉटिंग पेपर का प्रयोग नगण्य है।


सचिव राज्यपाल रमेश कुमार सुधांशु ने कहा कि राज्यपाल के निर्देशानुसार नशे के विरूद्ध इस प्रकार की कार्यशालाएं प्रत्येक जनपद में चलाई जाएगी। हाल ही में राज्यपाल की अध्यक्षता में नैनीताल में भी इस प्रकार की कार्यशाला का सफल संचालन किया गया था। राज्यपाल द्वारा नशे के विरूद्ध अभियान को नेतृत्व देना जन-जागरूकता को नया आयाम देगा व उनके प्रयास युवाओं प्रेरणा देंगे। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित छात्र-छात्राओं ने नशे के विरूद्ध अभियान को सफल बनाने हेतु राज्यपाल को सुझाव भी दिये।


इस अवसर पर राज्यपाल मौर्य ने ''एन्टी ड्रग्स टै्रफिकिंग'' अभियान के तहत राज्यभर के 1800 स्कूलों में आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता के विजेता छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। एसटीएफ उत्तराखण्ड पुलिस तथा शिक्षा विभाग द्वारा ''एन्टी ड्रग्स टै्रफिकिंग'' में केन्द्रीय विद्यालय ओएनजीसी, केन्द्रीय विद्यालय हाथीबड़कला, केन्द्रीय विद्यालय एफआरआई, आर्मी पब्लिक स्कूल, कान्वेन्ट ऑफ जीसस एण्ड मैरी स्कूल, समर वैली स्कूल, ब्राइटलैण्ड स्कूल, स्कॉलर होम सीनियर सेकेन्ड्री स्कूल, हिम ज्योति स्कूल, सोशल बलूनी स्कूल, वेलहम बॉयज स्कूल, दून इन्टरनेशनल स्कूल, टाईम्स वर्ल्ड स्कूल, गुरू नानक पब्लिक स्कूल, देहरादून के विभिन्न राजकीय इण्टर कॉलेजो व प. ललित मोहन शर्मा गवर्नमेन्ट पी.जी. कॉलेज ऋषिकेश के छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। कार्यक्रम में सचिव गृह नितेश झा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून, पुलिस विभाग व शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।


खाद्य-पदार्थों में मिलावट के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही की जाए : मुख्य सचिव मोहंती

संवाददाता: भोपाल मध्यप्रदेश


      मुख्य सचिव एस.आर. मोहन्ती ने कहा है कि खाद्य-पदार्थों में मिलावट खोरी मानव जीवन और स्वास्थ्य के प्रति जघन्य अपराध से कम नहीं है। मध्यप्रदेश को मिलावट-मुक्त प्रदेश बनाने की दिशा में खाद्य और पेय पदार्थों में मिलावट करने वालों के विरूद्ध नियमित रूप से प्रभावी कार्यवाही की जाए। मुख्य सचिव ने यह निर्देश जबलपुर संभाग के कलेक्टर और वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में संभागीय समीक्षा के दौरान दिए।



मोहंती ने आरसीएमएस में दर्ज राजस्व प्रकरणों को अभियान चलाकर निराकृत करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रीष्म काल में पेयजल का संकट उत्पन्न न हो, इसकी कार्ययोजना अभी से तैयार करने के निर्देश भी दिए। मुख्य सचिव ने जिलों में वर्षा और अतिवृष्टि-राहत तथा फसलों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में आपदा-प्रबंधन के उपायों के चलते अतिवृष्टि और बाढ़ से ज्यादा क्षति नहीं हुई है। सभी कलेक्टर खरीफ फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीदी की आवश्यक तैयारियाँ अभी से पूर्ण कर लें। उन्होंने कहा कि खरीफ और रबी की समर्थन मूल्य पर खरीदी में किसी भी स्थिति में नान एफएक्यू जिन्स की खरीदी नहीं की जानी चाहिए।


मुख्य सचिव ने आरसीएमएस पर दर्ज राजस्व प्रकरणों के जिलेवार पंजीयन और निराकरण की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आगामी 3 माह के भीतर पंजीकृत होने वाले राजस्व प्रकरणों की तुलना में अधिकाधिक संख्या में प्रतिमाह निराकरण भी दर्ज हो। उन्होंने जिलेवार खरीफ फसलों की बोनी, खाद-बीज की उपलब्धता और वितरण तथा रबी फसल के लिये अग्रिम खाद भण्डारण के बारे में भी जानकारी ली।


मुख्य सचिव ने विभिन्न जिलों में वनाधिकार के पट्टों के अमान्य दावों और शासन के निर्देशानुसार अमान्य दावों के ऑनलाईन पुनर्सत्यापन कार्य की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र हितग्राही वनाधिकार से वंचित नहीं रहना चाहिये। वनमित्र सॉफ्टवेयर द्वारा अमान्य दावों के सत्यापन और हितग्राहियों के दावे के साक्ष्य के लिये संबंधित क्षेत्र और ग्राम सभाओं में व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाये। मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त सीएम मॉनिट के प्रकरणों के निराकरण की भी समीक्षा की।


मुख्य सचिव ने कहा कि आगामी माह के त्यौहारों के मद्देनजर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक समन्वित रूप से कानून-व्यवस्था की स्थिति को मजबूत रखें। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी अपना इन्फॉरमेशन नेटवर्क भी मजबूत बनाये रखें।


मुख्य सचिव ने संभाग के प्रत्येक जिले में रेत के अवैध उत्खनन, परिवहन, भण्डारण के विरुद्ध की गई कार्यवाही की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि रेत के अवैध उत्खनन व परिवहन पर सख्त कार्यवाही की जाये।


सांसद तन्खा ने सौंपा जबलपुर का विजन डाक्यूमेंट सौंपा गया राज्य सभा सदस्य श्री विवेक कृष्ण तन्खा ने मुख्य सचिव को जबलपुर के चहुँमुखी विकास का "विजन डाक्यूमेंट" सौंपा।


प्रधानमंत्री ने योग पुरस्कार प्रदान किए, आयुष के दिग्गज चिकित्सकों की स्मृति में डाक टिकट जारी किया...

संवाददाता: नई दिल्ली 


      प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली में योग के संवर्धन और विकास के लिए शानदार योगदान करने वालों को योग पुरस्कार प्रदान किए। इन पुरस्कारों की घोषणा रांची में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर की गई थी। इसके साथ आयुष मंत्रालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पिछले वर्ष के दो विजेता भी शामिल हैं।



प्रधानमंत्री ने आयुष प्रणाली के महान और दिग्गज चिकित्सकों की उपलब्धियों और उनके योगदान के मद्देनजर उनकी स्मृति में 12 डाक टिकटों का एक सेट भी जारी किया। प्रधानमंत्री ने हरियाणा में स्थित 10 आयुष स्वास्थ्य और आरोग्य केन्द्रों की भी शुरूआत की। उल्लेखनीय है कि आयुष मंत्रालय ने अगले तीन वर्षों में 12,500 आयुष स्वास्थ्य और आरोग्य केन्द्र खोलने का लक्ष्य निर्धारित किया है।


वर्ष 2019 योग पुरस्कार विजेताओं के नाम इस प्रकार हैं- व्यक्तिगत-राष्ट्रीय वर्ग में गुजरात के लाइफ मिशन के स्वामी राजर्षि मुनि, व्यक्तिगत-अंतर्राष्ट्रीय वर्ग में इटली की एंतोनिता रोज़ी, संगठन-राष्ट्रीय वर्ग में मुंगेर, बिहार का योग विद्यालय, संगठन-अंतर्राष्ट्रीय वर्ग में जापान का योग निकेतन। 2018 योग पुरस्कार विजेताओं में व्यक्तिगत-राष्ट्रीय वर्ग में नासिक के विश्वास मांडलीक और संगठन-राष्ट्रीय वर्ग का योग संस्थान, मुंबई शामिल है।


प्रधानमंत्री ने कहा कि आधुनिक क्षेत्र के अलावा आयुष के लिए भी अधिक से अधिक प्रोफेशनलों को लाने के लिए आवश्यक सुधार किए जा रहे हैं। उन्होंने आयुष-ग्रिड बनाने के विचार की सराहना करते हुए कहा कि इससे इस क्षेत्र की कमियां दूर करने में मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार देश में डेढ़ लाख से अधिक आरोग्य केन्द्रों की योजना बनाने के संदर्भ में आयुष को ध्यान में रख रही है। उन्होंने कहा कि 12.5 हजार आयुष आरोग्य केन्द्रों की योजना बनाई गई है, जिनमें से इस साल लगभग 4,000 केन्द्र खोल दिए जाएंगे।


आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीपद येसो नाइक ने प्रधानमंत्री योग पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि योग स्वास्थ्य की जमानत है, जिसके लिए हमें कोई पैसा खर्च नहीं करना पड़ता। इस क्षेत्र के महान दृष्टाओं के योगदान को याद करते हुए नाइक ने कहा, 'इन दिग्गज चिकित्सकों का योगदान अतुलनीय है। भव्यता, सम्मान और सौंदर्य के साथ इन डाक टिकटों को जारी करना उन दिग्गज चिकित्सकों के विज्ञान और मानवता के प्रति स्वास्थ्य सेवा के प्रति समर्पण के लिए सच्ची श्रद्धांजलि है। युवा अवस्था में उन लोगों ने कड़ी मेहनत की और सीमित संसाधनों की चुनौतियों पर विजय प्राप्त करके मानवता के लिए योगदान किया। आज वे राष्ट्र का गौरव हैं।'


नाइक ने कहा कि प्रधानमंत्री आयुष प्रणाली में विशेष रूचि रखते हैं। यह उन्हीं की पहल थी कि आयुष मंत्रालय आयुष्मान भारत के अंग के रूप में देश भर के डेढ़ लाख स्वास्थ्य और आरोग्य केन्द्रों के 10 प्रतिशत का संचालन करे। उन्होंने कहा कि यह केन्द्र राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति, 2017 का पूरक हैं। उन्होंने पारम्परिक स्वास्थ्य सेवा आपूर्ति प्रणाली में आयुष सेवाओं को एकीकृत करने पर जोर दिया।


भोजपुर क्लब में इंडोर क्रिकेट प्रेक्टिस एवं फुटसाल कोर्ट का लोकार्पण...

संवाददाता: भोपाल मध्यप्रदेश


      राज्यसभा सदस्य और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भोजपुर क्लब बिट्टन मार्केट के स्पोर्टस एरीना में इंडोर क्रिकेट प्रेक्टिस तथा फुटबाल के नये स्वरूप 'फुटसाल' के कोर्ट का लोकार्पण कर खिलाड़ियों को सम्मानित किया।



पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुरेश पचौरी, सामान्य प्रशासन मंत्री डॉ. गोविंद सिंह, जनसम्पर्क मंत्री पी.सी.शर्मा और विधायक आरिफ मसूद उपस्थित थे।


खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने झालावाड़ में किया छात्राओं को स्कूटी वितरण...

संवाददाता : जयपुर राजस्थान 


      खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री एवं झालावाड़ जिले के प्रभारी रमेश चन्द मीना ने शुक्रवार को खेल संकुल झालावाड़ में माडा योजना के अन्तर्गत अनुसूचित जनजाति की 53 छात्राओं को निःशुल्क स्कूटियों का वितरण किया।

 


 

मीणा ने समारोह में संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा 65 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाली जनजाति की छात्राओं को स्कूटी वितरण दी जाती है आप सभी और अधिक मेहनत करके इससे भी बड़ा इनाम प्राप्त कर अपने जिले का नाम रोशन कर सकती हैं। उन्होंने छात्राओं को स्कूटी के साथ-साथ इनकी सुरक्षा की दृष्टि से हेलमेट का भी वितरण किया। उन्होंने कहा कि हमारी सुरक्षा हमारे हाथों में हैं सड़क पर वाहन चलाते समय हेेलमेट लगाना और यातायात के नियमों का पालन करना हमारी नैतिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने छात्राओं की सफलता के लिए उनके परिजनों को बधाई भी दी।

 

इस दौरान जिला परिषद् के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद चतुर्वेदी ने स्वागत भाषण में बताया कि माडा योजना के तहत निःशुल्क स्कूटी वितरण योजना के अन्तर्गत राज्य सरकार की ओर से अनुसूचित जनजाति की 53 छात्राओं को स्कूटियों का वितरण किया गया है। उन्होंने बताया कि राजकीय विद्यालयों में अध्ययन कर राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की कक्षा 10वीं व 12वीं में 65 प्रतिशत से अधिक अंकों से उत्तीर्ण एवं अगली कक्षा में अध्ययनरत छात्राओं को स्कूटियों का वितरण किया जाता है। अन्त में अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी कपिल चौधरी ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। 

 

कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला कलक्टर करतार सिंह पूनिया, पंचायत समिति अकलेरा प्रधान कैलाश मीणा, नगर परिषद् सभापति मनीष शुक्ला, नगर पालिका झालरापाटन अध्यक्ष अनिल पोरवाल, जनप्रतिनिधि मानवेन्द्र सिंह, प्रमोद शर्मा, मदनलाल वर्मा, सुरेश गुर्जर सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। 

नृपेंद्र मिश्र प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव का पद छोड़ेंगे...

संवाददाता: नई दिल्ली 


      प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्र ने अपने पद से हटने की इच्छा व्यक्त की है। प्रधानमंत्री ने उनसे दो सप्ताह और इस पद पर बने रहने के लिए कहा है। साथ ही प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री कार्यालय में विशेष ड्यूटी पर तैनात भारतीय प्रशासनिक सेवा के उत्तर प्रदेश कैडर के 1977 बैच के सेवानिवृत्त अधिकारी पी.के.सिन्हा की नियुक्ति की है।



एक बयान में नृपेंद्र मिश्र ने कहा :


“माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश सेवा करने का मुझे सौभाग्य मिला। मैं तहे दिल से उनका आभारी हूँ कि उन्होंने मुझे यह अवसर दिया और मुझमें विश्वास व्यक्त किया।


मैंने पांच वर्ष से अधिक समय हर घंटे संतोषजनक तरीके से कार्य करने का आनंद उठाया। अब समय आ गया है जब मैं आगे कूच करें, हालांकि मैं जनता के हितों और राष्ट्रीय हितों के प्रति समर्पित हूं। मैं सरकार के भीतर और बाहर सभी सहयोगियों, मित्रों और मेरे परिवार को सहयोग के लिए धन्यवाद देता हूँ। मैं हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की सफलता की कामना करता हूं जो हमारे देश को एक उज्जवल भविष्य की ओर ले जा रहे हैं।


राज्य के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के उत्तराधिकारियों की विभिन्न मांगों के सम्बन्ध वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक...

संवाददाता: देहरादून उत्तराखंड 


      अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में उत्तराखण्ड राज्य के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के उत्तराधिकारियों की विभिन्न मांगों के सम्बन्ध में सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक सम्पन्न हुयी।



अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी किसी जनपद या राज्य तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वह पूरे देश की धरोहर हैं। स्वतंत्रता दिवस के दिन सभी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को समान रूप से सम्मान किया जाना चाहिए, चाहे वह किसी भी जनपद अथवा अन्य राज्य से सम्बन्धित क्यों न हों। उन्होंने समस्त जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की सभी समस्याओं की माॅनिटरिंग की जाए। उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए प्रत्येक जिले में नोडल अधिकारी नामित कर उनका फोन नम्बर भी प्रचारित किया जाए, ताकि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को अपनी समस्याओं को लेकर इधर-उधर न भटकना पड़े।



अपर मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को यह भी निर्देश दिये कि जनपदों की सभी तहसीलों में उस क्षेत्र में निवास कर रहे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की लिस्ट उपलब्ध करा दी जाए, जिससे तहसीलदार एवं अन्य अधिकारियों को अपने क्षेत्र में रह रहे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की जानकारी रहे, एवं आवश्यकता पड़ने पर उनकी समस्याओं का समयबद्ध रूप से निराकरण किया जा सके।



गुरुवार, 29 अगस्त 2019

पसंदीदा निवेश गन्तव्य बनकर उभर रहा है उत्तराखण्ड: मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र

प्रजा दत्त डबराल @ उत्तराखंड 


मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बैंगलोर में आयोजित आठवें इनवेस्ट नाॅर्थ कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए उत्तराखण्ड में निवेश के लिए उद्यमियों को आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में सेवा क्षेत्र विशेष तौर पर पर्यटन, बायो टेक्नोलाॅजी, नवीकरणीय ऊर्जा, फिल्म शूटिंग व सूचना प्रौद्योगिकी में निवेश की काफी सम्भावनाएं हैं। उत्तराखण्ड सरकार, निवेशकों को आवश्यक सुविधायें प्रदान करने के लिए तत्पर है। गत दो वर्षाें मंे राज्य में निवेश के लिए सुनियोजित प्रयास किए गए हैं।



मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य तेजी से निवेश के लिये मुख्य गंतव्य स्थल के रूप में विकसित हुआ है। यह देश की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। राज्य सरकार ने डीपीआईआईटी और विश्व बैंक द्वारा प्रस्तावित विभिन्न व्यावसायिक सुधार किए हैं। पर्वतीय राज्यों द्वारा किए गए व्यापार सुधारों के मामले में उत्तराखण्ड अग्रणी है। लाॅजिस्टिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और व्यापार को सुविधाजनक बनाने के लिए अनेक बुनियादी अवसंरचनात्मक परियोजनाएं प्रारम्भ की हैं। राज्य में निर्यात को बढ़ावा देने के लिए आईसीडी और एलसीएस की स्थापना की गई हैं। आॅल वेदर रोड़ व जौलीग्रांट एयरपोर्ट की क्षमता विस्तार का काम प्रगति पर है। केन्द्र सरकार द्वारा प्रस्तावित अमृतसर-कोलकाता इण्डस्ट्रियल काॅरिडोर से उत्तर प्रदेश व उत्तराखण्ड में स्थित उद्योगों को लाॅजिस्टिक्स के लिए सुगमता होगी।


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में औद्योगिक विकास को सुदृढ करने हेतु एकीकृत औद्योगिक आस्थान/क्षेत्रों का निर्माण किया गया है, जो विश्व स्तरीय अवस्थापना सुविधाओं से युक्त हैं। सुदृढ़ कानून व्यवस्था, भारत के अन्य राज्यों की तुलना में कम औद्योगिक विद्युत दर, गुणवत्ता युक्त मानव संसाधन की उपलब्धता, सौहार्दपूर्ण श्रमिक सम्बन्ध एवं न्यूनतम कार्यदिवसों की क्षति आदि कुछ ऐसे मुख्य कारण हैं, जो उत्तराखण्ड में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण बनाने में सहायक कारक सिद्ध हुए हैं।


मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बैंगलुरू में आयोजित ''आठवें इन्वेस्ट नाॅर्थ'' कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
उद्यमियों को उत्तराखण्ड में निवेश की सम्भावनाओं के साथ ही राज्य सरकार द्वारा किए गए प्रयासों से अवगत कराया।
पर्यटन, बायो टेक्नोलाॅजी, नवीकरणीय ऊर्जा, फिल्म शूटिंग व सूचना प्रौद्योगिकी पर रहा फोकस।


उत्तराखण्ड में अक्टूबर, 2018 में प्रथम इन्वेस्टर्स समिट ''डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड'' का आयोजन किया गया था, जिसमें देश व विदेश के 4000 से अधिक प्रतिनिधियों, निवेशकों, उद्योगपतियों ने प्रतिभाग किया था। शिखर सम्मेलन के दौरान 600 से अधिक निवेशकों के साथ विभिन्न क्षेत्रों में पूंजी निवेश के लिए रू. 1,24,000 करोड़ (एक लाख चौबिस हजार करोड़़) से अधिक के प्रस्तावों के एमओयू किये गये। इन एमओयू के क्रियान्वयन के लिए ठोस पहल की गई है। इन्वेस्टर्स समिट के बाद के 10 माह में लगभग रू. 17 हजार करोड़ से अधिक के पूंजी निवेश के प्रस्तावों की ग्राउण्डिंग की जा चुकी है। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य में औद्योगिकीकरण की अपार सम्भावनायें हैं। राज्य सरकार ने आॅटोमोबाइल, आयुष एवं वेलनेस, बायो-टैक्नोलाॅजी, सूचना प्रौद्योगिकी, पर्यटन, नवीकरणीय ऊर्जा, आदि क्षेत्रों को चिन्हित किया है और इन क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देने के लिए विशिष्ट नीतियां लागू कर आकर्षक प्रोत्साहन प्रदान किये जा रहे हैं।


राज्य का ध्यान ऐसी परियोजनाओं पर भी केंद्रित है, जिससे राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों के निवासियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर उनकी आर्थिकी को मजबूत किया जा सके। पाइन निडिल से ऊर्जा उत्पादन इनमें से एक है, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को रोजगार के अवसर सुलभ हो सकें। राज्य सरकार ने अब तक 20 परियोजनाआंे की स्थापना के लिए विकासकर्ताओं का चयन किया है, जो लगभग 675 किलोवाट की बिजली उत्पादन कर सकेंगे और आने वाले समय में इस परियोजना की क्षमता को 5 मेगावाट तक बढ़ाये जाने की योजना है।


मुख्यमंत्री ने राज्य में पर्यटन के क्षेत्र में निवेश की सम्भावनाओं के बारे में बताते हुए कहा कि उत्तराखण्ड भारत के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है। राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये नयी पर्यटन नीति-2018 लागू की गयी है, जिसका मुख्य उद्देश्य रिवर्स माइग्रेशन को सुगम बनाने, ग्रामीण पर्यटन को प्रोत्साहित करने और पारिस्थितिक पर्यटन, वैलनेस व साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देना है। राज्य के प्रत्येक जनपद में एक नया थीम बेस्ड डेस्टिनेशन विकसित किया जा रहा है। राज्य में पर्यटक रोप-वे निर्माण की व्यापक सम्भावनायें हैं, जिनमें से कुछ चिन्हित परियोजनायें देहरादून-मसूरी, जानकी चट्टी-यमुनोत्री, गोविन्दघाट-हेमकुण्ड साहिब, भैरव गढ़ी, देव का डाण्डा, बिनसर प्रमुख हैं। हाल ही में देहरादून को मसूरी से जोड़ने वाले रोप-वे प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया गया है, जिससे सड़क मार्ग से यात्रा मंे लगने वाला समय एक घण्टा तीस मिनट से घटकर केवल 15-20 मिनट हो जायेगा। यह परियोजना विश्व की 5 सबसे लम्बी रोप-वे परियोजनाओं में से एक है, जिस पर रू. 285 करोड़ का व्यय अनुमानित है। राज्य सरकार द्वारा पर्यटन को राज्य की आर्थिकी से जोड़ने के लिए उद्योग का दर्जा प्रदान दिया गया है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन की भी व्यापक सम्भावनाएं हैं। वैकल्पिक ऊर्जा उत्पादन के लिए कई निविदाएं आमंत्रित की हैं। पर्वतीय क्षेत्र में सौर ऊर्जा उत्पादन की लगभग 148 मेगावाट की परियोजनाओं के लिए उद्यमकर्ता/विकासकर्ताओं का चयन किया जा चुका है, जिसका कुल निवेश लगभग रू. 600 करोड़ सम्भावित है। इसके अतिरिक्त 52 मेगावाट की परियोजनाओं के लिए निविदाएं आमंत्रित की गयी है।


मुख्यमंत्री ने कहा 66 वें राष्ट्रीय फिल्म फेयर अवाड्र्स में उत्तराखण्ड का चयन मोस्ट फिल्म फेंडली स्टेट के लिए किया गया है। राज्य सरकार की फिल्म नीति के कारण ही पिछले वर्ष 180 से अधिक फिल्मों की शूटिंग राज्य में की गईं, जो एक समर्पित क्षेत्र नीति का ही परिणाम है। उत्तराखण्ड, सूचना प्रौद्योगिकी एवं समर्थित सेवाओं के क्षेत्र के विकास पर भी अपना ध्यान केंद्रित कर रहा है और इस क्षेत्र के लिए राज्य सरकार ने आवश्यक बुनियादी ढांचे के विकास के लिए विशेष पहल की है। राज्य ने अपनी सूचना प्रौद्योगिकी नीति को अधिसूचित कर दिया है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत, दुनिया के शीर्ष 12 बायोटेक गंतव्यों में शामिल है। उत्तराखण्ड विविध प्रकार की वनस्पतियों और जड़ी-बूटियों से समृद्ध है और राज्य में कई विशेष प्रकार की दुर्लभ औषधीय और सुगंधित पौधे पाये जाते हैं। राज्य में उत्तराखण्ड जैव प्रौद्योगिकी परिषद सहित आई0आई0टी0 रुड़की, जीबी पंत विश्वविद्यालय, जैव ऊर्जा संस्थान, रक्षा अनुसंधान संस्थान, वन अनुसंधान संस्थान सहित जैव प्रौद्योगिकी तथा अन्य क्षेत्रों से सम्बन्धित शोध संस्थान हैं, जो कि उत्तराखण्ड राज्य के सतत् विकास में निरन्तर योगदान प्रदान कर रहे हैं। उत्तराखण्ड राज्य में जैव प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार के सहयोग से अन्तरराष्ट्रीय स्तर का एक समर्पित जैव प्रौद्योगिकी पार्क प्रस्तावित किया गया है। जैव प्रौद्योगिकी एवं इससे सम्बन्धित नवीन क्षेत्रों में निवेश की सुविधा को और सुगम बनाने के लिए जैव प्रौद्योगिकी नीति-2018-23 को अधिसूचित किया जा चुका है।


इस अवसर पर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने भी सम्बोधित किया।