शुक्रवार, 31 जुलाई 2020

कोविड–19 के खिलाफ लड़ाई में फेक्ट केरल सरकार की सहायता कर रहा है...

संवाददाता : नई दिल्ली


      रसायन और उर्वरक मंत्रालय के तहत सार्वजनिक उद्यम, दि फर्टिलाइज़र्स एण्ड केमिकल्स ट्रावनकोर लिमिटेड (फेक्ट) कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में केरल सरकार का समर्थन कर रहा है।


कंपनी ने अपना मुख्य सभागार, एम के के नायर हॉल एलोर नगर पालिका को आवंटित किया है, ताकि इसे 100 बिस्तरों वाले कोविड फर्स्ट-लाइन ट्रीटमेंट सेंटर के रूप में परिणत किया जा सके। इस उद्देश्य के लिए, कंपनी ने अपनी सीएसआर पहल के तहत बेड, बिस्तर, गद्दे आदि की भी आपूर्ति की है।



कल फेक्टएम के के नायर हॉल में आयोजित एक समारोह में, फेक्टके चेयरमैन और प्रबंध निदेशक किशोर रूंगटानेएलोर नगरपालिका की चेयरपर्सन सीपी उषाको सामग्री सौंपी।


इस अवसर पर एलोर नगरपालिका के सचिव सुबाषऔर फेक्ट के शीर्ष अधिकारी गणेशन, निदेशक वित्त;ए.एस. केसवन नमबुथिरी, कार्यकारी निदेशक केवी बालकृष्णन नायर, कार्यकारी निदेशक एवं कंपनी सचिव और एआर मोहन कुमार, महाप्रबंधक भी उपस्थित थे।


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प्रधानमंत्री स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2020 के ग्रैंड फिनाले को संबोधित करेंगे...

संवाददाता : नई दिल्ली


      प्रधानमंत्री  नरेन्‍द्र मोदी 1 अगस्त को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2020 के ग्रैंड फिनाले को संबोधित करेंगे। इस अवसर पर वे छात्रों के साथ बातचीत भी करेंगे।


स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन एक राष्ट्रव्यापी पहल है जो छात्रों को हमारे दैनिक जीवन में आने वाली बड़ी समस्याओं को हल करने के लिए एक मंच प्रदान करता है और इस प्रकार उत्पाद नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देता है और समस्या को सुलझाने की मानसिकता विकसित करता है। यह युवा दिमाग में जरा हटकर सोचने को बढ़ावा देने में बेहद सफल साबित हुआ है।



स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2017 के पहले संस्करण में 42,000 छात्रों की भागीदारी देखी गई जो 2018 में बढ़कर 1 लाख और 2019 में 2 लाख के पार हो गई। स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2020 के पहले दौर में 4.5 लाख से अधिक छात्रों ने भाग लिया।


इस वर्ष सॉफ्टवेयर संस्करण का ग्रैंड फिनाले पूरे देश में सभी प्रतिभागियों को एक विशेष रूप से निर्मित उन्नत प्लेटफॉर्म पर एक साथ जोड़कर ऑनलाइन आयोजित किया जा रहा है। 37 केंद्रीय सरकारी विभागों, 17 राज्य सरकारों और 20 उद्योगों की 243 समस्याओं को हल करने के लिए 10,000 से अधिक छात्र प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।


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" हो गया है, तुझ से प्यार बहुत " कवयित्री श्वेता सिंह की कलम से...

कवयित्री श्वेता सिंह की कलम से...


 


" हो गया है ,तुझ से प्यार बहुत "


 


तेरी आवाज़ सुनने को है दिल बेक़रार बहुत


तेरे आने का भी है अब इंतज़ार बहुत। 


 


कुछ वाक़ियात मुझे नहीं समझते, कुछ हालात को मैं


वरना दिल तो चाहता है करना तुझ पर एतबार बहुत। 


 


हो ही जाती है मुझ से ये कैफ़ियत ज़ाहिर


हर लफ़्ज़ तो चाहता है करना इन्कार बहुत। 


 


जाने क्यूँ हो जाती है हर बार मुझ से ये ख़ता मगर


तज़किरा तेरा कर देता है जीना मेरा दुश्वार बहुत। 


 


तुझ से मिलने की चाहत में तन्हा साथ तेरे मैं


ज़माने ने कर दिया तुझे भी अकेला इस बार बहुत। 


 


फिर से एक बार तोड़ दे मेरा यक़ीन


किसी को न चाहूँ इतना अबकी बार बहुत। 


 


तकर्रुब अगर हो हासिल तेरा तो कहूँ 


क्यूँ हो गया है तुझ से प्यार बहुत .... !


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कोविड रोगियों को लेकर डीएम हरिद्वार सी. रविशंकर ने दिए जरूरी दिशा-निर्देश...

संवाददाता : हरिद्वार उत्तराखंड 


      जिलाधिकारी हरिद्वार सी. रविशंकर ने मुख्य चिकित्साधिकारी हरिद्वार को निजी क्षेत्र के गैर कोविड-19 चिकित्सालयों में कोविड रोगी पाये जाने की दशा में उत्तराखण्ड शासन से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिये। निजी चिकित्सालयों में गैर कोविड रोगियों को भर्ती कर उपचार किया जा रहा है, भर्ती किये गये रोगी की जांच में यदि रोगी कोविड-19 पाॅजीटिव पाया जाता है, ऐसी स्थिति में रोगी को अधिकृत सरकारी चिकित्सालयों में संदर्भित करना पड़ता है, जिससे रोगियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।


उन्होंने कहा कि यदि निजि चिकित्सालय आईसीएमआर भारत सरकार की गाइडलाइन का पालन करते हैं तो वह चिकित्सालय कोविड रोगी के उपचार के लिए अधिकृत होंगे।गाइड लाइन अुनसार उक्त के दृष्टिगत ऐसे निजी चिकित्सालयों द्वारा को-मोर्बिड रोगी की कोविड-19 रोगी की जांच आईसीएमआर की गाइडलाइन के आधार पर की जाएगी। नैदानिक स्थापना अधिनियम-2010 के निहित प्राविधानों के अन्तर्गत पंजीकरण होना चाहिए। कोविड-19 रोगियों को रखने के लिए एक अलग वार्ड ब्लाॅक हो जिसमें प्रवेश तथा निकासी द्वारा अलग हों। आपातकालीन सुविधाएं जिसमें 24 घंटे चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ तैनात हो एवं विशेषज्ञ चिकित्सक की आॅन काॅल सुविधा होनी चाहिए। आईसीयू, फार्मेसी की सुविधा चैबीसों घंटे होनी चाहिए। आइसोलेशन वार्ड में प्रत्येक बेड पर आॅक्सीजन की सुविधा होनी चाहिए।



बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2016 के प्राविधानों का पालन चिकित्सालय द्वारा किया जाना व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से प्राधिकार प्राप्त होना आवश्यक है। समस्त मेडिकल व पैरामेडिकल स्टाॅफ कोविड-19 से बचाव हेतु आईपीसी प्रोटोकाॅल एवं वेस्ट मैनेजमेंट प्रोटोकाॅल में प्रशिक्षित होना चाहिए। चिकित्सालय में कोविड-19 से बचाव हेतु सोशल डिस्टेंशिंग के साथ उपयुक्त लाॅजिस्टिक पीपीई किट, एन-95ध्त्रिपल लेयर सर्जिकल मास्क, फैस शील्ड, सैनिटाइजर आदि प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होने चाहिए साथ ही समर्पित कोविड-19 एम्बुलेंस की सुविधा भी होनी चाहिए।


भर्ती रोगियों को कोविड-19 जाँच की पुनः आवश्यकता पड़ने पर आईसीएमआर द्वारा कोविड-19 जाँच हेतु अधिकृत निजी पैथोलाॅजी लैब को सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर जाँच कराया जा सकेगा। मूल रोग का उपचार चिकित्सालय द्वारा अपने निर्धारत दरों पर एवं ऐसे मरीज जो कोविड-19 संक्रमित हांेगे, उनके उपचार हेतु ली जाने वाली सभी सावधानियों एवं उपयोग में लाये जाने वाले सभी प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट का वास्तविक एवं न्यूनतम खर्च ही अतिरिक्त रूप से लिया जाएगा।


कोविड-19 संक्रमित का उपचार भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही किया जाएगा तथा संक्रमित समस्त रोगियों की सूचना मुख्य चिकित्सा अधिकारीध्नोडल जिला सर्विलांश अधिकारी को रियल टाइम में उपलब्ध करानी होगी।


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मुख्यमंत्री ने चोपाल विधानसभा क्षेत्र में 188 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास किए...

संवाददाता : शिमला हिमाचल


      मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने शुक्रवार यहां वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला शिमला के चोपाल विधानसभा क्षेत्र में लगभग 188 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं की आधारशिला रखी।


जय राम ठाकुर ने 1.39 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नागरिक अस्पताल चैपाल, 25 लाख रुपये के व्यय से निर्मित कुपवी तहसील में बागी हैलीपैड, 1.77 करोड़ रुपये की लागत निर्मित तिमावी-लच्छोग सड़क में मशरांहां खड्ड पर 30 मीटर पुल, नाबार्ड के अंतर्गत 3.15 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित लिहत-सराहन सड़क, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 3.05 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सरकाली-क्यारी शिलान सड़क, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 8.91 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित कुपवी धोटाली- दैया सड़क, 6.25 करोड़ रुपये की लागत का 33 केवीए कुपवी उप केंद्र, 40 लाख रुपये की लागत से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नौरा-बौरा के भवन, 40 लाख रुपये की लागत से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला खाफलाह के भवन और 63.29 लाख रुपये की लागत से निर्मित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बहरान समर्पित किए।



मुख्यमंत्री ने तहसील ठियोग की ग्राम पंचायत बलघार के लिए 1.06 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित उठाउ सिंचाई योजना, ग्राम पंचायत मलाट की बस्तियों के लिए 95.66 लाख रुपये की लागत से उठाउ पेयजल आपूर्ति योजना, ग्राम पंचायत मझोली की बस्तियों के लिए 84.21 लाख रुपये की लागत की उठाउ पेयजल आपूर्ति योजना और क्यारी-2, दोची पुजारली-2, धार सवाला और चिलवार तथा ग्राम पंचायत पुजारली और रूलाहा की बस्तियों के लिए 86.54 लाख रुपये की लागत की उठाउ पेयजल आपूर्ति योजना का शुभारंभ किया।


जय राम ठाकुर ने नागरिक अस्पताल नेरवा को 50 बिस्तरों से बढ़ाकर 75 बिस्तर, नागरिक अस्पताल चैपाल को 50 से बढ़ाकर 100 बिस्तर, पुलिस चैकी देहा को पुलिस थाना में स्तरोन्नत तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बलघार को 30 बिस्तर वाले सामुदायिक अस्पताल को स्तरोन्नत कर लोकार्पण किया।


जय राम ठाकुर ने रेंजा, नगान, बलधार, भाल्ला जोरान के लिए 1.37 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली पट्टे खड्ड उठाउ पेयजल आपूर्ति योजना, खडोग, बामटा, रूपाड़ी के लिए 1.76 करोड़ रुपये की लागत से उठाउ पेयजल आपूर्ति योजना नराटी खड्ड, गारा, बवारा गांव के लिए 1.61 करोड़ रुपये की उठाउ सिंचाई योजना शालावी खड्ड, तहसील नेरवा में 13.24 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले फिडस पुल और ठियोग तहसील और खंड की बस्तियों के लिए 38.97 करोड़ रुपये की उठाउ पेयजल आपूर्ति योजना की आधारशिला रखीं।


शिमला से वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला शिमला का चैपाल विधानसभा क्षेत्र भौगोलिक व सांस्कृतिक मामले में  मण्डी जिला के सिराज विधानसभा क्षेत्र के समान है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र विकास के मामले में कई वर्षों तक उपेक्षित रहा है। लेकिन अब एक मेहनती और युवा नेता के प्रतिनिधित्व में चैपाल क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हो रहा है।


जय राम ठाकुर ने कहा कि जुलाई 2018 में चोपाल विधानसभा क्षेत्र के पिछले दौरे के दौरान 165 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं के शिलान्यास किए थे, जिसमें से अधिकतर का लोकार्पण कर दिया गया है और शेष का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि चैपाल विधानसभा क्षेत्र में अधिकतर योजनाएं पीएमजीएसवाई और नाबार्ड के अन्तर्गत कार्यान्वित की जा रही है। उन्होंने कहा कि इसका श्रेय विधायक बलबीर वर्मा को भी जाता है, जिन्होंने विभिन्न स्तरों पर इन परियोजनाओं की निगरानी की तथा पूरे होने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


मुख्यमंत्री ने कहा कि चोपाल विधानसभा के क्षेत्र के लोगों ने भी पीएम केयर और मुख्यमंत्री कोविड-19 फंड में उदारता से योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने चल रहे सेब सीज़न के दौरान सेब उत्पादन को सुचारू रूप से चलाने के लिए परिवहन की पर्याप्त व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि फल उत्पादकों को फसल की पैकिंग और देश की विभिन्न मण्डियों तक पहुंचाने के लिए फलों की पैकिंग के लिए कार्टन बाॅक्स और ट्रे की पर्याप्त व्यवस्था की है।


जय राम ठाकुर ने कहा कि किसानों को एन्टीहेल नेट और अन्य पौध सुरक्षा सामग्री काफी रियायती दरों पर प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को नकदी फसलों को उगाने के लिए प्रेरित करने के लिए अधिकतर कृषि क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा प्रदान करने के भी प्रयास किए जा रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पिछले कुछ दिनों कोरोना महामारी के मामलें बढ़े हंै लेकिन स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार इस महामारी से निपटने के लिए राज्य सरकार को हर संभव सहायता प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के आग्रह पर केन्द्र सरकार ने राज्य को अतिरिक्त 500 वेंटिलेटर उपलब्ध करवाएं हैं।


जल शक्ति मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर ने कहा कि 38.97 करोड़ रुपये की उठाऊ पेय जल आपूर्ति योजना जिसका शिलान्यास आज मुख्यमंत्री द्वारा किया गया। इससे चोपाल क्षेत्र के  साथ ठियोग क्षेत्र की पेयजल समस्या का समाधान होगा। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के प्रभावी कार्यान्वयन में हिमाचल प्रदेश सर्वश्रेष्ठ राज्य के रूप में  उभरा है।


स्थानीय विधायक बलबीर वर्मा ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए क्षेत्र में विभिन्न महत्वकांक्षी विकासात्मक परियोजनाओं का शिलान्यास करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने विभिन्न विकासात्मक मांगों को विस्तृत रूप से मुख्यमंत्री के समक्ष रखा।


भाजपा मण्डल अध्यक्ष मंगत राम शर्मा ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री व अन्य लोगों का स्वागत किया।


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नई शिक्षा नीति के अनुरुप एक वर्षीय कार्ययोजना बनाए: राज्यपाल मध्यप्रदेश 

संवाददाता : भोपाल मध्यप्रदेश 


      राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने शिक्षकों और शिक्षाविदों का आव्हान किया है कि नई सोच के साथ राष्ट्रीय शिक्षा नीति को सफल बनाने के लिए आगे आए। सफलता के लिए कार्य प्रणाली में बदलाव जरुरी है। विश्वविद्यालय और उसके छात्रों के प्रति संरक्षण के भाव और टीम भावना के साथ विचारों का पारस्परिक आदान-प्रदान करते हुए कार्य करना होगा। उन्होंने विश्वविद्यालय को नई शिक्षा नीति के अनुरूप आगामी एक वर्ष की कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। पटेल शुक्रवार लखनऊ से ऑन लाइन प्लेटफार्म पर बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के 50 वें स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रही थी।


राज्यपाल पटेल ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति से स्कूली शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी एवं उद्देश्यपूर्ण परिवर्तन आयेगा। इससे राष्ट्रीय शिक्षा नीति में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर युवाओं के लिए प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण तैयार करेगी। स्कूल और उच्च शिक्षा दोनों को ई-शिक्षा की जरूरतों के लिए डिजिटल कन्टेन्ट और क्षमता निर्माण से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के वैकल्पिक साधनों को सुनिश्चित करेगा। समस्त उच्च शिक्षा के लिए अति महत्वपूर्ण व्यापक निकाय के रूप में 'भारत उच्च शिक्षा आयोग' के गठन से निर्णय लेने में तेजी आयेगी, और पारदर्शिता भी बढ़ेगी।


उन्होंने कहा कि संस्कार देने का कार्य ही शिक्षा है। नई शिक्षा नीति को अनेकता में एकता जैसे भारतीय संस्कृति के आदर्शो को शामिल करते हुए लागू किया जाए। उच्च-शिक्षा क्षेत्र के विद्वान माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक शिक्षा का भी मार्ग दर्शन करें। 'ई लर्निग' प्रवेश, शुल्क, अनुदान और प्रशिक्षण संबंधी नई व्यवस्थाएं की जाए। नई संस्थाओं का निर्माण सकारात्मकता के साथ किया जाए।


राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में प्रौद्योगिकी के अपने लाभ हैं। हमारे विश्वविद्यालयों ने इसका सफल उपयोग किया है। शिक्षकों की मदद करने और ई-लर्निंग को प्रोत्साहन देने के लिए शिक्षा की पहुंच, इक्विटी और गुणवत्ता में सुधार के लिये निरंतर कार्य करना होगा। ई-पाठशाला विविध ई-पुस्तकों आदि ऐसी ही शिक्षण सामग्री की पहुंच दूरस्थ अंचलों तक बनानी होगी।



उन्होंने कहा कि हर संकट अपने साथ एक अवसर लाता है। कोविड-19 भी अपवाद नहीं है। अब किस तरह के विकास के क्षेत्र नए अवसर उभर सकते हैं। इस पर चिंतन करना होगा। कोविड-पश्चात विश्व में अनुसरण की बजाए, हमें मौजूदा परिपाटियों से आगे बढ़ने के प्रयास करने चाहिए। उन्होंने सभी शिक्षकों, शिष्यों, चिंतकों, शौधकर्ताओं का आव्हान किया कि इस बात पर विचार करें कि हमारी जनता, हमारे कौशल, हमारी मूल क्षमताओं का किस प्रकार सर्वश्रेष्ठ उपयोग किया जाकर भारत को विश्व गुरू के रूप में प्रतिष्ठित किया जाये।


पटेल ने कहा कि वर्तमान समय में सम्पूर्ण समाज को एक नई जीवन शैली अपनानी होगी। डिजिटल गतिविधियों को अधिक से अधिक प्रसारित करने के लिए तकनीक को उपयोगकर्ता के लिए सरल और सुविधा सम्पन्न बनाना होगा। आज जरूरत इस बात की है कि ऐसी जीवनशैली के मॉडल्स के बारे में सोचा जाए, जो आसानी से सुलभ हों। संकट काल में भी हमारे कार्यालय, कारोबार, व्यापार किसी प्रकार के जनहानि के बिना त्वरित गति से आगे बढ़ सकें। गरीबों, सबसे कमजोर लोगों और साथ ही साथ हमारे पर्यावरण की देखरेख को प्रमुखता देते हों। कोविड-19 हमारे समक्ष प्रोफेशनल और पर्सनल प्राथमिकताओं में संतुलन कायम करने की नई चुनौतियां लाया है। चाहे कुछ भी हो, फिटनेस और व्यायाम  के लिए जरूर समय निकालें। अपनी शारीरिक और मानसिक तंदुरूस्ती को बेहतर बनाने के साधन के तौर पर योग का भी अभ्यास करें। राज्यपाल ने भोपाल के सपूत तथा महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रो. बरकतउल्ला भोपाली जिनके नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना हुई है। स्थापना दिवस के अवसर पर उनका सादर स्मरण कर नमन करते हुए 50 वें स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दी।


उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने कहा कि स्थापना दिवस का अवसर अतीत की उपलब्धियों पर गर्व और भविष्य की चुनौतियों के प्रति चिंतन का अवसर है। विश्वविद्यालय पर वंचित वर्ग जो महँगी शिक्षा नहीं प्राप्त कर सकता उनको प्रतियोगी वातावरण में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा प्रदान करने की चुनौती और जिम्मेदारी है। इसके लिए निरंतर प्रयास जरुरी है। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए बधाई और भविष्य की शुभकामनाएं दी।


नैक के कार्यकारी समिति के चेयरमेन डां. वी.एस. चौहान ने कहा कि नई शिक्षा नीति शैक्षाणिक उपब्धियों के नये मानदंड स्थापित करने का स्वर्णिम अवसर है। उन्होंने कहा कि नीति पर गम्भीरता से विचार करे। अच्छी नियत और नीति से क्रियान्वित करें। मूलभूत परिवर्तनों को कैसे उपयोगी बनाया जाए इस पर चिंतन करें। मुड़कर देखे कि क्या दिक्कते और समस्याएं आई उनसे सबक लेकर भविष्य का पथ निर्देशन करें। दूरदर्शी दृष्टिकोण के साथ समयबद्ध लक्ष्य र्निधारित करे।


विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर.जे. राव ने स्वागत उद्बोधन दिया। विश्वविद्यालय की विकास यात्रा एवं भविष्य की चुनौतियो पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बरकतउल्ला पहला विश्वविद्यालय है जिसने गुणवत्ता सुधार के लिए गुणवत्ता प्रबन्धन की समग्र प्रक्रिया अपनाई है। नये पाठ्य क्रम लागू किए गए है। रूसा, यू.जी.सी से अनुदान भी प्राप्त किया। अंतर्राष्ट्रीय स्तर का स्पोर्टस कॉम्पलेक्स बनाने के प्रयास किए जा रहें है।आभार प्रदर्शन कुल सचिव डॉ. बी. भारती ने किया।


कार्यक्रम के प्रारम्भ में ई दीप प्रज्जवलन और माँ सरस्वती का वंदन किया गया। विश्वविद्यालय की विकास यात्रा पर लघु फिल्म का प्रसारण किया गया। स्वर्ण जयंती समारोह में ई-स्मारिका का विमोचन किया गया।


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सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के तीन कार्मिक सेवानिवृत्त...

संवाददाता  : जयपुर राजस्थान


      सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के निजी सचिव दशरथ सिंह, वरिष्ठ कलाकार विनोद शर्मा एवं सहायक कर्मचारी कैलाश चन्द अग्रवाल को उनकी अधिवार्षिक आयु पूर्ण करने पर शुक्रवार को डीपीआर परिसर में भावभीनी विदाई दी गई।

 


 

सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के आयुक्त महेन्द्र सोनी ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया एवं उन्हें साफा व माला पहना कर सम्मानित किया। आयुक्त सोनी ने सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिकों की सराहनीय सेवाओं की प्रशंसा करते हुए उनके दीर्घ एवं स्वस्थ जीवन की कामना की। 

 

इस अवसर पर विभाग के अतिरिक्त निदेशक राजपाल सिंह यादव एवं प्रेम प्रकाश त्रिपाठी, उप निदेशक डॉ. राजेश व्यास, सूचना एवं जनसम्पर्क सेवा समन्वय समिति के अध्यक्ष  गोपाल स्वरूप पाठक सहित विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। 

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राष्ट्रीय शिक्षा नीति: शिक्षा जगत में 21वीं शताब्दी में ज्ञान क्रांति की सूचक : नेशनल डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट

संवाददाता : नई दिल्ली


      34 साल के अंतराल के बाद  सरकार  द्वारा घोषित  नई शिक्षा नीति का नेशनल डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट ने स्वागत किया है। यह शिक्षा नीति शिक्षा के क्षेत्र में दुनिया के अन्य विकसित देशों से सामंजस्य स्थापित करने के साथ भारतीय सभ्यता और ज्ञान की धरोहर को  नई पीढ़ी से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करेगी।  इस  नीति के प्रावधानों के अनुसार  राष्ट्रीय शिक्षा आयोग की  प्रधानमंत्री अध्यक्षता करेंगे। यह आयोग  सभी स्तर पर शिक्षा के मानकों में सुधार के लिए कार्य करेगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति शिक्षा जगत में 21वीं शताब्दी में ज्ञान क्रांति की सूचक बनेगी।


संगठन के अध्यक्ष डाॅ. ए के भागी ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम बदलकर शिक्षा मंत्रालय बनाए जाने पर खुशी जताते हुए बताया कि नई  शिक्षा नीति में  प्री नर्सरी और सीनियर सेकेंडरी स्तर तक 5+3 +3+4 का प्रावधान है जो  विद्यार्थी की मजबूत बुनियाद रखने में सहायक होगा। स्कूली स्तर पर शत-प्रतिशत GER और असमय स्कूल  छोड़ने वाले दो करोड़ बच्चों को वापस शिक्षा से जोड़ने की पहल के उपाय इस  शिक्षा नीति के महत्वपूर्ण प्रस्ताव हैं ।शिक्षा का सार्वजनिककरण और समावेशीकरण  भी इसका एक बहुत महत्वपूर्ण आयाम  है।




उन्होंने यह भी कहा कि विश्व भर में  शिक्षा को लेकर हुए शोधों से ज्ञात हुआ है कि मातृभाषा में शिक्षा ही  सबसे बेहतर माध्यम  है। इस शिक्षा नीति में पांचवी कक्षा तक मातृभाषा में शिक्षा का प्रावधान किया गया है। इस नीति  में कला, विज्ञान , वाणिज्य , शारीरिक शिक्षा और व्यवसायिक रूप में शिक्षा के विभाजन को समाप्त कर उसे समग्रता में  प्रस्तुत करने की पहल को  एक अच्छा प्रयास कहा जा सकता है। B.Ed की हजारों व्यवसायिक दुकानों पर रोक लगाने के लिए 4 वर्षीय B.Ed इंटीग्रेटेड उपाधि भी एक अच्छी पहल मानी जा सकती है।


नई शिक्षा नीति में बहुआयामी निकासी और विद्यार्थी के शिक्षा में कभी भी पुनः प्रवेश की व्यवस्था के प्रावधान और भविष्य के लिए क्रेडिट जमा करने वाली  व्यवस्था एक अन्य महत्वपूर्ण पहल है। नई शिक्षा नीति को लेकर विपक्ष के निजी करण , राज्य के शिक्षा की फंडिंग  से हाथ खींचने , आरक्षण की समाप्ति , प्रमोशन व स्थाई नियुक्ति न होने के तमाम आरोप बेतुके और निराधार है।


संगठन के महासचिव डॉ. वी एस नेगी ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में भारत के उच्चतर शिक्षा आयोग के निर्माण की परिकल्पना की गई है जो अपने विभिन्न अंगों के माध्यम से कार्य करेगा। राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा नियामक परिषद, नियामक अनुदान के लिए उच्चतर शिक्षा अनुदान परिषद और राष्ट्रीय प्रतिज्ञा परिषद के प्रावधानों से उच्चतर शिक्षा के प्रसार की नई परिभाषाएं व संभावनाएं जन्म लेंगी।



नई शिक्षा नीति में राष्ट्रीय प्रत्यायन परिषद का प्रावधान है जिसमें देखना होगा कि नौकरशाही और लालफीताशाही हावी ना हो जाए। नई शिक्षा नीति में आधुनिक और प्राचीन भारतीय ज्ञान के समागम पर जोर है। एन डी टी एफ के उपाध्यक्ष डॉ. बिजेंद्र कुमार ने मातृभाषा में प्राथमिक शिक्षा संस्कृत , पालि , प्राकृत, अपभ्रंश में  शिक्षा और शोध को प्रोत्साहन तथा कौशल आधारित शिक्षा को प्रोत्साहन इस नीति का एक अन्य  महत्वपूर्ण पक्ष बताया।



देश की  शिक्षा पर जीडीपी का 6% खर्च करने की मांग 1964 में की गई थी जिसे इतने लंबे अंतराल के बाद एन डी ए सरकार ने साकार करने का संकल्प लिया है ।नेशनल डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट मानव संसाधन विकास मंत्रालय और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से निम्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर तत्काल ध्यान आकर्षित करके उनके समाधान का अनुरोध करता है:


1. वास्तविक स्वीकृत पदों पर लंबे समय से अध्यापन करने वाले तदर्थ अध्यापकों को भारत सरकार के आरक्षण नियमों का पालन करते हुए उनका स्थायीकरण किया जाए।


 2. पी एच डी के बाद किए गए शोध और  तदर्थ सेवा के समय को जोड़कर प्रमोशन प्रक्रिया शीघ्र आरंभ की जाए। कॉलेजों में प्रोफेसर के स्तर पर प्रमोशन प्रक्रिया आरंभ हो। बिना पीएचडी के भी एसोसिएट प्रोफेसर स्तर तक प्रमोशन हो।


3 .सभी सेवानिवृत्त शिक्षकों के लिए पेंशन की व्यवस्था हो ।पेंशन के लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा हो।


4. छठे और सातवें वेतन आयोग की विसंगतियां शीघ्र दूर की जाएं। वेतन विसंगति समिति की रिपोर्ट जारी की जाए।


5 .पुस्तकालय अध्यक्ष और वोकेशनल शिक्षक स्टाफ की अन्य शिक्षकों के साथ समानता  तय हो। शारीरिक शिक्षकों के साथ अन्याय न हो‌।


इन सब मुद्दों के लिए  नेशनल डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट  ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय  और यूजीसी को  समय -समय पर विस्तृत ज्ञापन भी दिया है। अभी भी लगातार इन मुद्दों पर कार्य किया जा रहा है।


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मुख्य सचिव की कमान ओम प्रकाश को किया पदभार ग्रहण...

संवाददाता : देहरादून उत्तराखंड 


      प्रदेश के नवनियुक्त मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने शुक्रवार को मुख्य सचिव का पदभार ग्रहण करने के पश्चात प्रेस प्रतिनिधियों से वार्ता करते हुए कहा कि प्रदेश में प्रधानमंत्री के निर्देशन में संचालित केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यो, ऑल वेदर रोड, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, मुख्यमंत्री जी की घोषणाओं के अनुरूप विकास का लाभ समाज के अन्तिम व्यक्ति तक पहुंचाने, गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी की घोषणा को मूर्त रूप देने, रिवर्स पलायन को लेकर किये जा रहे प्रयासों को सुनिश्चित करना तथा राज्य में बसावट व रोजगार की दिशा में ठोस नीति तैयार करने, आई0टी0 के क्षेत्र में मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में व्यवस्थाओं को सुढृढ करने, ई-आफिस को मूर्त रूप देने, चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ करने जैसे मुख्यमंत्री जी के संकल्प को मूर्त रूप देना उनकी प्राथमिकता होगी।


मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने कहा कि वर्तमान में देश के प्रधानमंत्री जी के निर्देशन में अनेक योजनाओं पर कार्य चल रहे हैं, जिनमें केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्य, ऑल वेदर रोड, ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल परियोजना के साथ ही मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत द्वारा जनहित में योजना को राज्य हित में समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री द्वारा गैरसैंण को राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी की घोषणा को मूर्त रूप देना प्राथमिकता रहेगी।



उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से दो अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से जुड़ा प्रदेश है ऐसे में सीमांत क्षेत्रों में पलायन एक बड़ी समस्या है। मुख्यमंत्री जी द्वारा रिवर्स पलायन को लेकर किए जा रहे प्रयासों को सुनिश्चित करना तथा राज्य में बसावट व रोजगार की दिशा में नीति तैयार करने पर उनका फोकस रहेगा। मुख्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे यह हमारा प्रयास रहेगा।


साथ ही  राज्य में कर्मचारी हित में उनकी समस्याओं का समाधान करने की दिशा में कर्मचारी संगठनों के साथ बातचीत कर रास्ता निकालने का उनका हमेशा प्रयास रहेगा।  उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री जी के ड्रीम प्रोजेक्ट ऑल वेदर रोड़ पर हमारी प्राथमिकता रहेगी। कोरोना वैश्विक महामारी से राज्य को बचाना एवं अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की दिशा में सामूहिक सहयोग के साथ कार्य किया जायेगा।


मुख्य सचिव ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ करने के प्रयास किये जायेंगे। ई-ऑफिस से पूरे सिस्टम को जोड़ने का प्रयास तेजी से किया जायेगा। प्रदेश के विभिन्न कार्यालयों को इण्टरनेट के माध्यम से जोड़ने का प्रयास प्राथमिकता पर रहेगा। प्रदेश में पहाड़ों पर हो रहे पलायन को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाना शीर्ष प्राथमिकता रहेगी।


उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में चिकित्सा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जायेगा। मा. मुख्यमंत्री जी के प्राथमिकता वाली योजनाओं के लिए संसाधन जुटाना, आय के संसाधनों में बढ़ोतरी के विकल्प तलाश कर कार्यो को पूरा कराया जायेगा। वर्तमान में मीडिया मात्र जनसंचार का माध्यम न रहकर जनहित में एक बड़ी ताकत के रूप में उभरा है राज्य हित में वे मीडिया से भी सहयोग की अपेक्षा रखते हैं।


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मुख्यमंत्री को ईको-फ्रेंडली राखी भेंट की...

संवाददाता : शिमला हिमाचल


      डीआरडीए की परियोजना अधिकारी कल्याणी गुप्ता ने आज यहां मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को जिला सिरमौर के आशा स्वयं सहायता समूह द्वारा बनाई गई ईको-फ्रेंडली राखी भेंट की।

 


 

मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूह के चीड़ की पत्तियों से राखियां बनाने के प्रयासों की सराहना की।

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किया मोटर्स इंडिया ने ऑल-न्‍यू किया सोनेट की आधिकारिक तस्वीरें जारी कीं...

संवाददाता : नई दिल्ली


      मोटर्स कॉर्पोरेशन की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी किया मोटर्स इंडिया ने आज अपनी आगामी सोनेट कॉम्‍पैक्ट एसयूवी के इंटीरियर और एक्सटीरियर की आधिकारिक तस्वीरें जारी की हैं। उत्पादन के लिये तैयार किया सोनेट का डिजाइन अलग और डायनैमिक है और इसमें इसके सेगमेंट के कई पहले फीचर्स हैं। नई किया सोनेट का प्रदर्शन सबसे पहले ऑटो एक्सपो 2020 में एक कॉन्‍सेप्‍ट के तौर पर किया गया था और इसका वर्ल्‍ड प्रीमियर 7 अगस्त को होगा।



इस प्रकार कॉम्‍पैक्‍ट एसयूवी सेगमेंट में इसका दमदार प्रवेश हो रहा है।चालक और यात्री की सुविधा को बढ़ाने के लिये डिजाइन किया गया सोनेट का इंटीरियर आधुनिक और चटकीला है इसमें हाई-टेक डिजिटल डिस्प्ले और इंस्ट्रूमेन्ट क्लस्टर के साथ इस सेगमेंट की पहली 10.25-इंच एचडी टचस्क्रीन और यूवीओ कनेक्टेड टेक्नोलॉजीज़ वाला नैविगेशन सिस्टम है। सोनेट में चालकों के लिये स्टीरिंग व्हील-माउंटेड कंट्रोल्स और विभिन्न ड्राइव तथा ट्रैक्शन मोड्स चुनने की योग्यता है।


सोनेट का भावपूर्ण और दबंग डिजाइन इस ब्राण्ड के विशिष्ट डिजाइनों का मेल है, जिसमें त्रि-विमिय ‘स्टेपवेल’ ज्योमेट्रिक ग्रिल मेश के साथ प्रसिद्ध ‘टाइगर नोज’ ग्रिल शामिल है, जो भारतीय आर्किटेक्चर से प्रेरित है और देखने में प्रभावशाली लगती है। अनूठे एलईडी हेडलैम्प्स ‘वाइल्ड बाय डिजाइन’ थीम को दोहराते हैं, जिसने सोनेट को प्रेरित किया है और शक्तिशाली दिखावट दी है, जो सड़क पर अलग ही लगती है। इसका भाव आक्रामक है और अपील तूफानी।


किया मोटर्स कॉर्पोरेशन के सीनियर वाइस प्रेसिडेन्ट और किया ग्लोबल डिजाइन के हेड करीम हबीब ने कहा, ‘‘हम दुनिया के सामने नई किया सोनेट को प्रस्तुत करते हुए अत्यंत रोमांचित हैं। यह एक कॉम्पैक्ट एसयूवी है, जिसका मजबूत और दमदार कैरेक्‍टर केवल बड़े वाहनों में मिलता है। इसे ध्यान में रखते हुए हमने इस एसयूवी को अनोखी और साहसी सोच के साथ डिजाइन किया है। इसके स्वरूप में आत्मविश्वास है और इसका आकार डायनैमिक है। इसके डिटेल पर जो ध्यान दिया गया है और इसके लिये रंगों और सामग्री का जो चयन किया गया है, वह पूरे भारत में हमारे डिजाइनरों को दिखी महान सांस्कृतिक धरोहर से प्रेरित है।’’


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प्रधानमंत्री और मॉरीशस के प्रधानमंत्री ने संयुक्त रूप से सुप्रीम कोर्ट के नए भवन का उद्घाटन किया...

संवाददाता : नई दिल्ली


      प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी और मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ ने गुरूवार संयुक्त रूप से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए मॉरीशस में सुप्रीम कोर्ट के नए भवन का उद्घाटन किया। यह भवन मॉरीशस की राजधानी पोर्ट लुई के भीतर भारत से सहायता प्राप्त पहली अवसंरचना परियोजना है जिसका उद्घाटन कोविड महामारी के बाद किया गया है। यह ऐतिहासिक परियोजना भारत सरकार से प्राप्‍त 28.12 मिलियन अमेरिकी डालर की अनुदान सहायता से पूरी की गई है।


इस अवसर पर  प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के विकास सहयोग के अंतर्निहित दर्शन के रूप में मानव-केंद्रित दृष्टिकोण के विशेष महत्व को रेखांकित किया और इसके साथ ही उन्‍होंने भारत एवं मॉरीशस के बीच घनिष्ठ संबंधों को और प्रगाढ़ करने में जन-उन्मुख बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं की भूमिका की सराहना की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आधुनिक डिजाइन एवं अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित नया सुप्रीम कोर्ट भवन मॉरीशस न्यायपालिका के लिए एक उपयुक्त स्‍थान और सहयोग के साथ-साथ भारत एवं मॉरीशस के साझा मूल्यों का भी प्रतीक होगा। उन्होंने यह भी कहा कि परियोजना निर्धारित समय पर और प्रारंभिक अनुमानों से कम लागत पर ही पूरी हो गई।



प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मॉरीशस के साथ विकास सहयोग दरअसल विकास साझेदारियों से जुड़े भारतीय दृष्टिकोण के केंद्र में है। उन्होंने विशेष जोर देते हुए कहा कि भारत के विकास सहयोग में कोई भी शर्त अंतर्निहित नहीं होती है  और न ही कोई राजनीतिक या वाणिज्यिक हित जुड़ा होता है। उन्‍होंने कहा कि विकास सहयोग के लिए भारत का मुख्य सिद्धांत हमारे साझेदारों का सम्मान करना है और इसके तहत प्रमुख प्रेरणा विकास के दौरान हमे मिले सबकों का साझाकरण करना है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यह भारतीय विकास सहयोग को ‘सम्मान’, ‘विविधता’, ‘भविष्य के लिए चिंता’ और ‘सतत विकास’ के प्रमुख मूल्यों के रूप में विशिष्‍टता प्रदान करता है।


यह रेखांकित करते हुए कि भारत मॉरीशस के लोगों की उपलब्धियों पर गर्व करता है, प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत-मॉरीशस साझेदारी निश्चित तौर पर आने वाले वर्षों में और भी नई ऊंचाइयों पर पहुंच जाएगी।


मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ ने इस परियोजना के लिए भारत से मिली सहायता की हृदय से सराहना की, क्योंकि यह दोनों देशों के बीच मित्रता और सहयोग के प्रगाढ़ संबंधों को प्रतिबिंबित करती है। उन्होंने कहा कि भारतीय सहायता से बनाया गया नया सुप्रीम कोर्ट भवन मॉरीशस में बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक नया मील का पत्थर है तथा इससे मॉरीशस की न्याय प्रणाली को और भी अधिक प्रभावकारी, सुलभ एवं समावेशी बनाने में मदद मिलेगी।


भारत के ‘सागर (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास)’ विजन के अनुरूप  नया सुप्रीम कोर्ट भवन हिंद महासागर क्षेत्र में मॉरीशस के एक विश्वसनीय साझेदार के रूप में भारत की भूमिका को दर्शाता है और इसके साथ ही दोनों देशों के बीच भविष्य-उन्मुख साझेदारी को मजबूत करने के लिए भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करता है।


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केजरीवाल सरकार का ऐतिहासिक फैसला, वैट में अब तक की सबसे बड़ी कटौती, दिल्ली में 8.36 रुपये प्रति लीटर सस्ता होगा डीजल...

संवाददाता : नई दिल्ली


      मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में वृहस्पतिवार को हुई बैठक में दिल्ली कैबिनेट ने अर्थ व्यवस्था को गति देने के लिए ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए डीजल पर लगने वाले वैट में भारी भरकम कटौती कर दी है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली कैबिनेट ने डीजल पर लगने वाले वैट में 13.25 प्रतिशत की कटौती करने का निर्णय लिया है। अभी तक दिल्ली में डीजल पर 30 प्रतिशत वैट लग रहा था, जिसे घटा कर 16.75 प्रतिशत कर दिया गया है।

 

वैट में कटौती से डीजल की कीमत में 8.36 रुपये की कमी आएगी। कल तक दिल्ली में जो डीजल 82 रुपये प्रति लीटर मिल रहा था, अब वह 73.64 रुपये प्रति लीटर मिलेगा। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि डीजल के वैट में कटौती का निर्णय दिल्ली की अर्थ व्यवस्था को आगे ले जाने में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। उन्होंने कहा कि हमने दिल्ली की अर्थ व्यवस्था को गति देने के लिए जाॅब पोर्टल शुरू करने और रेहड़ी-पटरी वालों को अपना काम शुरू करने की अनुमति देने समेत कई कदम उठाए हैं। 

 


 

हमारे सामने अर्थ व्यवस्था को पटरी पर लाने की सबसे बड़ी चुनौती- अरविंद केजरीवाल

 

दिल्ली कैबिनेट की बैठक के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि अपनी दिल्ली के दो करोड़ लोगों और हम सब ने मिल कर बड़ी सावधानी और कड़ी मेहनत करके कोरोना पर काफी हद तक काबू पा लिया है, लेकिन अभी हमें निश्चिंत नहीं होना है। कोरोना कभी भी बढ़ सकता है। इसलिए अभी हमें सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने और मास्क लगाने समेत सभी सावधानियां बरतनी होगी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती है कि किस तरह अर्थ व्यवस्था को पटरी पर लाया जाए। सभी फैक्ट्री, इंडस्ट्री और धंधे बंद हो गए हैं। लोगों को काफी तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली के लोगों ने बड़ी-बड़ी चुनौतियों को स्वीकार करके उसे जीता है। मैं समझता हूं कि हम सब लोग मिल कर इस अर्थ व्यवस्था की चुनौती को भी जीतेंगे। 

 

डीजल के दाम अधिक होने से लोगों को तकलीफ हो रही थी, दिल्ली निवासियों की मांग पर वैट में कटौती की गई- अरविंद केजरीवाल

 

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज सुबह दिल्ली कैबिनेट बैठक हुई थी। उसमें एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। मुझे विश्वास है कि यह निर्णय दिल्ली की अर्थ व्यवस्था को आगे ले जाने में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में डीजल के दाम अभी तक काफी अधिक थे। दिल्ली में कल डीजल का दाम 82 रुपये प्रति लीटर था। आज दिल्ली की कैबिनेट ने निर्णय लिया है कि डीजल के उपर वैट के रेट 30 प्रतिशत से घटा कर 16.75 प्रतिशत कर दिए जाएंगे। वैट में यह काफी बड़ी कटौती की जा रही है। इस भारी भरकम कटौती के बाद दिल्ली में डीजल के दाम 8 रुपये 36 पैसे कम हो जाएंगे। कल तक जो डीजल 82 रुपये में मिल रहा था, अब वह डीजल 73 रुपये 64 पैसे में मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुत से उद्यमियों, व्यापारियों और दिल्ली के निवासियों की तरफ से यह मांग आ रही थी कि डीजल के दाम अधिक होने की वजह से सभी को तकलीफ हो रही है। लोगों के बजट पर असर पड़ रहा है। मैं समझता हूं कि इस निर्णय से दिल्ली की अर्थ व्यवस्था को गति देने में बहुत बड़ी मदद मिलेगी। 

 

अब तक जाॅब पोर्टल पर 2,04,785 नौकरियां पोस्ट की गईं और 3,22,865 लोगों ने नौकरी के लिए आवेदन किया- अरविंद केजरीवाल

 

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले एक सप्ताह से दिल्ली सरकार ने दिल्ली की अर्थ व्यवस्था को गति देने के लिए कई कदम उठाया हैं। मसलन, हमने सोमवार को ऐलान किया था कि रेहड़ी-पटरी वालों को काफी तकलीफ हो रही है, इसलिए रेहड़ी-पटरी वालों को अपना काम शुरू करने के लिए अनुमति दी गई। दिल्ली सरकार ने एक जाॅब पोर्टल शुरू किया है। दिल्ली में बहुत सारे व्यापारी और उद्यमी हैं, जिनकी फैक्ट्री और दुकानें कोरोना के दौरान बंद हो गई थी, जिसके कारण वहां काम करने वाले लोग अपने-अपने गांव चले गए थे। और अभी लौट कर नहीं आए हैं। हालांकि लोग धीरे-धीरे लौट कर आ रहे हैं। इसलिए फैक्ट्रियों और दुकानदारों को काम करने वालों की कमी हो रही है। ऐसे बहुत सारे लोग हैं, जो काम करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें पता नहीं है कि वे काम करने के लिए कहां जाएं। जो काम देना चाहते हैं और जो काम करना चाहते हैं, उन सभी लोगों को आपस में मिलाने के लिए हमने जाॅब पोर्टल शुरू किया था। मुझे बहुत खुशी है कि जाॅब पोर्टल पर बहुत ज्यादा रिस्पाॅस आ रहा है। जाॅब पोर्टल के शुरू हुए अभी तीन-चार दिन ही हुए हैं और अब तक करीब 7,577 कंपनियों या काम देने वालों ने पंजीकरण किया है और इसमें अभी तक 2,04,785 नौकरियां आई हैं और 3,22,865 लोगों ने नौकरी के लिए आवेदन किया है। 

 

अगले कुछ दिनों में उद्यमियों और व्यापारियों से बात कर उनकी समस्याओं का समाधान करने का प्रयास करेंगे- अरविंद केजरीवाल

 

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कल एक टीवी चैनल पर एक जिंस बनाने वाली फैक्ट्री का संचालक बता रहा था कि उसके पास पहले 35 लोग काम कर रहे थे, लेकिन अब केवल 3 लोग बचे हैं। उसे लोग नहीं मिल रहे थे। इसलिए वह फैक्ट्री शुरू नहीं कर पा रहा था। लेकिन, जब से जाॅब पोर्टल आया है। उस पर उसने अपना पंजीकरण किया। इसके बाद अब तक उसे 190 से अधिक लोग नौकरी के लिए संपर्क कर चुके हैं। मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मुझे लगता है कि इस कदम से अपनी अर्थ व्यवस्था को बहुत अधिक गति मिलेगी। मैं दिल्ली के सभी व्यापारियों और उद्यमियों से अपील करता हूं कि आइए सभी लोग मिलकर एक बार फिर अपनी अर्थ व्यवस्था को पटरी पर लाएं। सभी दुकानदारों और व्यापारियों से अपील करता हूं कि वे अपनी दुकानें खोलें। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, मास्क पहन कर रखें और सभी अपना कामकाज शुरू करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में मैं जूम काॅल और वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बड़ी संख्या में उद्यमियों और व्यापारियों आदि से मिलने जा रहा हूं, ताकि उनकी और कोई समस्या है, तो उसे मिल कर ठीक करने की कोशिश कर सकें।

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गुरुवार, 30 जुलाई 2020

दिल्ली पुलिस हुई दागदार ,रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़े गए थाना विजय विहार के थानाध्यक्ष एस.एस.चहल...

संवाददाता : नई दिल्ली


      सीबीआई ने रिश्वतखोरी के आरोप में 18 जून 2020 बुधवार को दिल्ली के विजय विहार पुलिस स्टेशन में छापा मारकर एसएचओ सहित दो सिपाहियों को गिरफ्तार किया। सीबीआई के एक आलाधिकारी ने बताया कि एंटी करप्शन यूनिट ने रिश्वत के मामले में रोहिणी जिला के विजय विहार थाना के एसएचओ एस.एस.चहल और उनके दो सिपाहियों - बद्री और जितेन्द्र को गिरफ्तार किया है। उन्हें 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा।


इस बाबत पर सीबीआई ने जानकारी देते हुए बताया था कि हमें पक्की सूचना मिली कि थाना विजय विहार के एचएसओ किसी मामले में मोटी रिश्वत लेने वाले हैं तो हमने इस पर एक टीम गठित कर जाल बिछाकर धरपकड़ के लिए मौके पर पहुंचे।  हालांकि,दिल्ली पुलिस ने सिर्फ एक सिपाही की गिरफ्तारी की बात कही है।



आपको बता दें कि एक शिकायतकर्ता ने सीबीआई से संपर्क किया और अपनी शिकायत उनको बतायी की विजय विहार थाने के एसएचओ ने उनके प्लॉट पर निर्माण की अनुमति देने के लिए उनसे 5 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। जिसकी शिकायत शिकायतकर्ता ने सीबीआई से की। इसके बाद सीबीआई की एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) यूनिट ने आरोपियों को पकड़ने के लिए टीम गठित कर एक जाल बिछाया और 18 जून को शिकायतकर्ता को 2 लाख रुपये के साथ एसएचओ के पास भेजा गया। जब सीबीआई ने छापा मारा तो एसएचओ एस.एस.चहल ने भागने की कोशिश की जिसको सीबीआई वालों ने तुरंत धर दबोचा।


एक बार तो उनकी जमानत खारिज हो गई और दुबारा अपील करने के बाद आजकल वह 50000 निजी मुचलके पर जमानत पर बाहर हैं।



आपको बता दें निलंबित एसएचओ एस.एस चहल जो द्वारका की एक सोसाइटी में रहते हैं, उनके घर व उनकी सोसाइटी की पार्किंग से गाड़ियों का भी काफी बड़ा जखीरा बरामद हुआ। जांच में यह भी पता चला है कि उनके पास द्वारका, डीएलएफ, ओखला, हरियाणा और पालम गाव में संपत्तियों के कागजात मिले हैं।जिसकी जांच अभी सीबीआई द्वारा चल रही है और आपको बता दें कि उनकी पर्सनल गाड़ी में भारत सरकार का भी स्टीकर लगा मिला। 



विश्वसनीय सूत्रों से पता चला है कि जैसा कि सभी को मालूम है,द्वारका में 95 फीसदी कोपरेटिव हाउसिगं सोसायटी है और उन्हीं सोसाइटी में से एक सोसाइटी में निलंबित एसएचओ एस.एस.चेहल रहते हैं ,उस सोसायटी में निलंबित थानाध्यक्ष ने उत्पात मचा रखा है। इनसे सोसायटी के ज्यादातर लोग परेशान थे। सन 2013 में सुरेन्द्र चेहल ने यहां फ्लैट खरीदा और यहां रहने आ गये। समझ लो उस दिन से इस सोसाइटी के बुरे दिन शुरू हो गए,जिस समय घर खरीदा उस समय वह सब इन्सपैक्टर थे, आते ही अपना पुलिसिया रोब दिखाना शुरू कर दिया। सबसे पहले जनाब ने लाईट के मीटर का कनेक्शन डायरेक्ट कर लिया, जब सोसायटी मैनेजमेंट को पता चला तो, माफी मांग कर अपना पल्ला झाड़ लिया। धीरे-धीरे इनकी तानाशाही बढ़ती गयी और ये लोगों का सिरदर्द बनते गये। अपनी बढ़ती गाड़ियों की संख्या जिसमें लगभग 9 गाड़िया हो चुकी थीं, दूसरों की रिर्जव पार्किंग में खड़ी कर रौबदारी दिखाने लगे।


बीते समय के अनुरूप इनकी दबंगई बढ़ती गयी, इनकी दबंगई और बदतमीजी इतनी बढ़ गयी की गुस्से में औरतों को भी गाली दे दिया करते थे।  इनकी खिलाफ 100 नंबर पर पीसीआर कॉलें होने लगी और धीरे-धीरे 2013 से अभी तक दर्जन से भी ज्यादा पुलिस शिकायतें इनके खिलाफ दर्ज करवाई जा चुकी थीं। धीरे-धीरे सोसाइटी के अकाउंट में कुछ फंड ट्रांसफर कर हेराफेरी भी करने लगे, उसी का केस न्यायालय में आज भी विचाराधीन है।सोसायटी के चुनाव में शाम-दाम-दण्ड-भेद कर सुचिव की पोस्ट को हथिया ली , फिर तो सोसायटी के लोगों का जीना और भी दूभर कर दिया। यदि कानून के रखवाले ही इस बाबत पुलिस के अधिकारों का फायदा उठायेंगे तो आम आदमी कैसे कानून पर विश्वास करेगा। इनके खिलाफ सोसायटी के लोगों ने दिल्ली कमिश्नर पुलिस सहित भारत के गृहमंत्री को भी शिकायत भेज दी। ताकि इनकी बढ़ती दादागिरी से सोसायटी के आम लोगों को निजात मिल सके।



बिंदापुर और प्रशांत विहार पोस्टिंग के दौरान किसी मामले में उनकी उच्च स्तरीय जांच करायी गयी जिसमें कई जगह उन्हें संदिग्ध पाया गया, साथ ही 2014/2016 के दौरान विदेशी टूरों की डिटेल्स भी हाथ लगी जिसमें पता लगा कि थाना प्रभारी विदेशों का भी दौरा भी समय-समय पर किया करते थे।  अब देखना यह होगा कि निलंबित एसएचओ चहल अपनी ताकत के बल पर गवाह को डराने और धमकाने में कामयाब होते हैं या फिर न्याय प्रणाली सच को सामने रख फैसला करेगी ताकि भविष्य में दिल्ली पुलिस की शाख को फिर कोई एस.एस.चहल रिश्वत लेकर दागदार ना कर सके।


 


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डालियों का दगड़िया संगठन द्वारा नाबार्ड देहरादून के सहयोग से मिश्रित प्रजाति के पौधों का बृक्षारोपण किया...

प्रजा दत्त डबराल @ नई दिल्ली


      डालियों का दगड़िया संगठन द्वारा गुरूवार नाबार्ड देहरादून के सहयोग से गोस्तुगाड़ जलागम परियोजना के तहत चोरकंडी मुसोली धरखोला कफोली गजेली सौड़ कंडोली जमसाली गौंली एवम गोस्तु में मिश्रित प्रजाति की पौधों के सघन बृक्षारोपण का कार्यक्रम प्रारम्भ किया गया।


कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तराखंड सरकार के पूर्व मंत्री डॉ मोहन सिंह रावत गांववासी  द्वारा किया किया गया। डॉ गांववासी  ने कहा कि  बृक्षारोपण कार्यक्रम बिना ग्रमीणों की पूर्ण भागीदारी  के बिना  सम्भव नहीं है । अतः पेड़ों का संरक्षण देखभाल अपने बच्चों की तरह करना चाहिए। डालियों का दगड़िया  संगठन के सचिव प्रो. मोहन सिंह पंवार ने कहा कि गोस्तु जलागम क्षेत्र के कुल 9 गांवों  में फलदार  चारापत्ती ईंधन तथा औषधीय प्रजाति  के पौधों का रोपण किसानों के द्वारा किया जा रहा है सभी पौधे स्थानीय स्तर पर तैयार की गयी नर्सरी जो कि स्थानीय  बेरोजगार  युवक युवक द्वारा बनायी गयी है से आपूर्ति किये जायेंगे।



इस अवसर पर आज विभिन्न  क्षेत्रों में कार्य करने वाले कर्ममनीषियों का सम्मान किया गया। शिक्षा व पर्यावरण के के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए रुद्रप्रयाग से सतेंद्र भण्डारी, पर्यावरण जन आंदोलन के लिए समीर रतूड़ी सामाजिक कार्यों के लिए गिरीश पैन्यूली बन्नू भाई तथा गोस्तु गाड़ जलागम  समिति के पदाधिकारी कांति देवी एवम जगमोहन सिंह रावत को स्मृति चिह्न समान पत्र शॉल ओढ़ाकर समानित किया गया ।


कार्यक्रम का संचालन पर्वतीय विकास शोध के नोडल अधिकारी डॉ अरविंद दरमोडा न किया। इस अवसर पर  डी के डी  के आशाराम ममगाई ,डॉ मनोज परमार , अखिलेश शुक्ला , परमजीत , गोविंद सिंह ,जिला पंचायत सदस्य  कैलाश चंद्र ने अपने विचार व्यक्त किये।



पूर्व केवीनेट मंत्री डॉ मोहन सिंह रावत गाँववासी डी के स डी सचिव प्रो मोहन पंवार पर्वतीय विकास शोध केंद्र के नोडल अधिकारी डॉ अरविंद दरमोडा पर्यावरण शिंक्षक सतेंद्र भण्डारी ,अदिति स्मृति न्यास के सचिव गिरीश पैन्यूली बन्नू भाई हिमालय बचाओ आंदोलन के संयोजक समीर रतूड़ी ने कफोली गांव में विभिन्न फलदार बृक्षों का रोपण किया कार्यक्रम में आसपास के काफी महिलाओं नवयुवकों ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया । जिला पंचायत सदस्य कैलाश चन्द्र ने सभी सम्मानित अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।


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आत्मनिर्भर भारत के लिए उद्योग एवं खनिज को बढ़ावा देना आवश्यक...

संवाददाता : भोपाल मध्यप्रदेश 


      मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि आत्मनिर्भर भारत एवं आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश बनाने के लिए प्रदेश में उद्योग और खनिज को अधिक से अधिक बढ़ावा दिया जाएगा। उद्योगों को आकर्षित करने एवं निवेश के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बहुत आवश्यक है, परंतु अक्सर इसका दिखावा होता है। हम सुनिश्चित करेंगे कि मध्य प्रदेश में 'रियल इज ऑफ डूइंग बिजनेस' हो जिससे निवेशक यहां बिना किसी परेशानी के अपने उद्योग स्थापित कर सकें, सरकार उन्हें पूरा सहयोग देगी।


मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा घोषित आत्मनिर्भर भारत पैकेज के अंतर्गत अब कमर्शियल माइनिंग का प्रावधान किया गया है, जो कि उद्योग एवं व्यवसाय के लिए अत्यंत उपयोगी होगा। मध्यप्रदेश में कोयले के साथ ही बॉक्साइट भी प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। कोयला खदानों के साथ बॉक्साइट की संयुक्त नीलामी उद्योगों को बढ़ावा देने में अत्यंत सहायक होगी। हम अपनी खनिज संपदा के दोहन में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। गत वर्षो में यह कार्य धीमा रहा है, परंतु भविष्य में तेजी लाई जाएगी। इससे शासन को राजस्व तो प्राप्त होगा ही, रोजगार के बड़े अवसर सृजित होंगे। संबंधित विभाग इसके लिए विस्तृत कार्य योजना बनाकर समयबद्ध तरीके से कार्य करें।



मुख्यमंत्री चिरायु अस्पताल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत पैकेज 4 के संबंध में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग तथा खनिज विभाग की कार्य योजना संबंधी बैठक ले रहे थे। बैठक में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री राजवर्धन सिंह, खनिज साधन एवं श्रम मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह, वाणिज्यिक कर एवं वित्त मंत्री श्री जगदीश देवड़ा, प्रमुख सचिव वित्त मनोज गोविल, प्रमुख सचिव संजय शुक्ला व अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। 


11 कोयला खदानों की नीलामी की सूचना जारी


कोयला क्षेत्र में सुधार की नीति के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा अब कमर्शियल माइनिंग का प्रावधान किया गया है। इससे अब कोई भी पार्टी कोल ब्लॉक के लिए बोली लगा सकेगी तथा कोयला खुले मार्केट में विक्रय किया जा सकेगा। प्रतियोगिता बढ़ने से बंद पड़ी खदानें चालू होंगी, नई खदानें शुरू होंगी तथा कोयले के दाम कम होने से पावर, एल्युमिनियम एवं स्टील सेक्टर को लाभ होगा। भारत सरकार द्वारा हाल ही में जारी की गई कोल खदानों की नीलामी सूचना में देश की 41 कोयला खदानों को शामिल किया गया है जिनमें प्रदेश की 11 कोयला खदानें सम्मिलित की गई है। इसकी ड्यू डेट 18 अगस्त रखी गई है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि समय अवधि में सारी कार्यवाही पूर्ण कर ली जाए।


खनिज राजस्व में होगी ढाई गुना वृद्धि


भारत सरकार की इस नई नीति के चलते मध्यप्रदेश की खनिज आय में लगभग ढाई गुना तक वृद्धि होगी। अभी यह लगभग 5 हजार करोड़ रुपए है जो बढ़कर 12 हजार करोड़ रुपए के लगभग हो जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि न केवल कोयला बल्कि अन्य खनिजों के उत्खनन संबंधी ऐसी कार्यप्रणाली बनाई जाए, जिससे प्रदेश को अधिक से अधिक राजस्व प्राप्त हो सके और अधिक से अधिक लोगों को रोजगार मिल सके।


13 खनिज ब्लॉक की नीलामी पूर्ण


प्रदेश के 13 खनिज ब्लॉक की नीलामी पूर्ण कर ली गई है। इनसे प्रदेश को 600 करोड रुपए का राजस्व प्राप्त होगा। अन्य 17 खनिज ब्लॉक की नीलामी 3 माह बाद होगी तथा 66 खनिज ब्लॉक में पूर्वेक्षण कार्य प्रगति पर है।


कोल-बैड मीथेन के दोहन की नीति बनेगी


आगामी समय में कोल बैड मीथेन के दोहन की भी नीति बनाई जाएगी। इसके साथ ही कोयले के गैसीकरण एवं तरलीकरण के उद्योग लगाने के क्षेत्र में भी कार्य होंगे। इससे जहाँ एक ओर पर्यावरण को हानि नहीं होती है वहीं दूसरी ओर इसका परिवहन भी आसान होता है।


अधोसंरचना विकास के कार्य में तेजी लाई जाए


मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिये औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग, लोक निर्माण, ऊर्जा विभाग, जल निगम तथा नगरीय प्रशासन विभाग से समन्वय कर अधोसंरचना विकास के कार्यों में तेजी लाई जाये।


औद्योगिक क्षेत्रों/पार्कों के उन्नयन के कार्य


वीडियों कॉन्फ्रेंस में प्रमुख सचिव श्री संजय कुमार शुक्ला ने बताया कि प्रदेश में औद्योगिक क्षेत्रों/पार्कों के उन्नयन के प्रस्ताव तैयार किये जा रहे है। अगले 4-5 वर्षों में लगभग 10 हजार हेक्टेयर भूमि विकसित करने का प्रस्ताव है। इनमें चंबल प्रोग्रेस-वे तथा इंदौर-भोपाल इंडस्ट्रीयल कॉरीडोर के आसपास 2-2 हजार हेक्टेयर तथा 19 नये चिन्हित औद्योगिक क्षेत्रों में 1910 हेक्टेयर भूमि के विकास के प्रस्ताव शामिल है। उन्होंने बताया कि औद्योगिक अधोसंरचना उन्नयन के क्षेत्र में पीथमपुर में सेक्टर 4 व 5 में 587 हेक्टेयर क्षेत्र के विकास की प्रक्रिया जारी है।


फार्मास्युटिकल क्षेत्र में निवेश


आत्मनिर्भर भारत के लिये भारत सरकार द्वारा फार्मास्युटिकल क्षेत्र में निवेश के लिये नई गाइडलाइन जारी की गई है। इस गाइडलाइन के आधार पर मध्यप्रदेश में फार्मा पार्क की स्थापना हेतु कंसल्टेंट की नियुक्ति की कार्यवाई प्रारम्भ कर दी गई है। फार्मास्युटिकल, ड्रग और उपकरण निर्माताओं से चर्चा कर निवेश हेतु प्रयास किये जा रहे है। फार्मा पार्क की स्थापना के लिये 1500 से 2000 हेक्टेयर भूमि चिन्हित करने की कार्यवाही भी की जा रही है। इस उद्योग से प्रदेश के लगभग 40 से 50 हजार व्यक्तियों को रोजगार प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में फार्मास्युटिकल पार्क की स्थापना के लिए प्रस्ताव तैयार कर भारत सरकार को समय सीमा में भिजवाया जाये।


डिफेंस पार्क की स्थापना


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में डिफेंस पार्क की स्थापना के लिये भी निवेशकों से चर्चा की जा रही है ताकि डिफेंस क्षेत्र में भी निवेश को आकर्षित किया जा सके। मध्यप्रदेश में औद्योगिक क्षेत्रों/ पार्कों की जीआईएस मेपिंग का कार्य भी 31 अगस्त तक पूर्ण कर लिया जायेगा।


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प्रदेश में एक सितम्बर से खुल सकेंगे धार्मिक स्थल 31 अगस्त तक हर ग्राम पंचायत पर लगेंगे ग्राम रक्षक...

संवाददाता  : जयपुर राजस्थान


       प्रदेश में आगामी एक सितम्बर से सभी धार्मिक स्थल आमजन के लिए खोले जा सकेंगे। कोविड-19 संक्रमण को देखते हुए गृह विभाग इसके लिए अलग से गाइडलाइन जारी करेगा। 

 

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने निर्देश दिए हैं कि सभी जिला कलेक्टर सोशल डिस्टेंसिंग एवं हैल्थ प्रोटोकॉल के साथ धार्मिक स्थलों को खोले जाने के लिए अभी से तैयारी शुरू करें।

 

गहलोत ने यह भी निर्देश दिए सभी ग्राम पंचायतों के लिए 31 अगस्त तक ग्राम रक्षकों का चयन करेंं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये ग्राम रक्षक पुलिस और जनता के बीच सेतु का काम करेंगे, जिससे पुलिस के प्रति आमजन में विश्वास और बढे़गा। साथ ही पुलिस को सहयोग और आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी में मदद मिल सकेगी। मुख्यमंत्री गुरूवार को अनलॉक-3 तथा कोविड-19 संक्रमण की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे।

 


 

जुलाई माह में मृत्यु दर एक प्रतिशत से भी कम

 

गहलोत ने कहा कि कोरोना से प्रदेशवासियों की जीवन रक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। जुलाई माह में मृत्यु दर एक प्रतिशत से भी कम रही है। हमारा पूरा प्रयास है कि रिकवरी दर लगातार बढे़ और मृत्यु दर नगण्य स्तर तक लाएं। 

 

प्रभारी सचिव 31 अगस्त से जिलों के दौरे पर 

 

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिलों में कोविड-19 महामारी की और बेहतर मॉनिटरिंग के लिए प्रभारी सचिव 31 अगस्त से दो दिन के दौरे पर जाएं और वहां सभी व्यवस्थाओं का जायजा लें। वे अपने इस दौरे में जागरूकता अभियान, चिकित्सा संसाधनों की स्थिति, प्लाजमा थैरेपी सहित अन्य व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा करें और आवश्यकताओं के संबंध में राज्य सरकार को अवगत कराएं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि उन जिलों पर विशेष ध्यान दिया जाए, जिनमें जुलाई माह में अधिक पॉजिटिव केस सामने आए हैं। 

 

 गहलोत ने प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में आईसीएमआर की अनुमति के साथ जल्द से जल्द प्लाज्मा थैरेपी शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्लाज्मा डोनेट करने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाए। उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि जयपुर, जोधपुर, कोटा एवं उदयपुर के बाद अब बीकानेर में भी प्लाज्मा थैरेपी की शुरूआत हो गई है। बैठक में बताया गया कि आगामी 15 अगस्त तक अजमेर में भी प्लाज्मा थैरेपी प्रारम्भ करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

 

मुख्यमंत्री ने कोविड-19 से बचाव के लिए लाउडस्पीकर के माध्यम से जागरूकता फैलाने पर जोर देते हुए कहा कि इस सिस्टम को प्रभावी रूप से लागू करें। स्थानीय बोली में ऎसे संदेश आमजन तक फैलाएं, जिसे वे आसानी से समझ सकें। इस कार्य में पीसीआर वैन, कचरा एकत्र करने वाली गाड़ियों एवं अन्य वाहनों का भी उपयोग किया जा सकता है।

 

चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने बताया कि प्रदेश में लगातार टेस्टिंग क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि अब तक हम 45 हजार टेस्ट प्रतिदिन की क्षमता हासिल कर चुके हैं। 

 

बैठक में मुख्य सचिव राजीव स्वरूप, अति. मुख्य सचिव गृह रोहित कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक अपराध एमएल लाठर, अति. मुख्य सचिव खान सुबोध अग्रवाल, प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा अखिल अरोरा, सचिव वित्त टी. रविकान्त, चिकित्सा शिक्षा सचिव वैभव गालरिया, शासन सचिव आपदा प्रबंधन सिद्धार्थ महाजन, सचिव खाद्य आपूर्ति हेमन्त गेरा, सूचना एवं जनसम्पर्क आयुक्त महेन्द्र सोनी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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उपराष्ट्रपति ने संबद्ध अधिकारियों से राज्य सभा को 2003 में आबंटित ज़मीन का अधिकार जल्द से जल्द देने को कहा...

संवाददाता : नई दिल्ली


      उपराष्ट्रपति तथा राज्य सभा के सभापति श्री एम. वेंकैया नायडू ने दिल्ली के आर. के. पुरम क्षेत्र में, 2003 में राज्य सभा सचिवालय को आबंटित 8700 वर्ग मीटर की भूमि का अधिकार देने में हो रही देरी पर चिंता जाहिर की है।


इस विषय पर वर्तमान वस्तुस्थिति की समीक्षा के लिए, राज्य सभा सचिवालय के अधिकारियों, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय, दिल्ली के अर्बन शेल्टर इंप्रूवमेंट बोर्ड, लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस के प्रतिनिधियों तथा अधिवक्ताओं के साथ एक बैठक में नायडू ने संबद्ध अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जल्द से जल्द ज़मीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।



राज्य सभा को आबंटित कुल 8700 वर्ग मीटर भूमि में से लगभग 4384.25 वर्ग मीटर क्षेत्र पर तीन गैर सरकारी संस्थाओं सहित अनेक संगठनों ने कब्ज़ा कर रखा है। इसके अलावा 1193.54 वर्ग मीटर क्षेत्र पर अनधिकृत झुग्गियों ने कब्ज़ा कर रखा है।


उन्होंने इस मुद्दे पर हो रही देरी पर चिंता व्यक्त की तथा अधिकारियों को निर्देश दिया कि ज़मीन खाली कराने के लिए हाई कोर्ट में लंबित केस समेत अन्य सभी मुद्दों का प्रभावी समाधान जल्दी ही किया जाय।


उन्होंने कहा कि ज़मीन की कीमत और झुग्गियों को विस्थापित करने के लिए राज्य सभा 2003 में ही रू 1.28 करोड़ खर्च कर चुकी है।


उन्होंने ध्यान दिलाया कि पहले राज्य सभा टेलीविजन प्रतिवर्ष रू 30 करोड़ किराया चुकाता था, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद के साथ उनके बात करने के बाद से यह राशि घट कर रू 15 करोड़ रह गई है। उन्होंने कहा यह रू 15 करोड़ भी बड़ी राशि है जिसकी बचत की जानी चाहिए।


उपराष्ट्रपति की इच्छा है कि ज़मीन का अधिकार मिल जाने पर, तत्काल ही राज्य सभा टेलीविजन तथा राज्य सभा सचिवालय के अधिकारियों के लिए बहु प्रतीक्षित आवास का निर्माण प्रारंभ किया जा सकेगा जिससे सरकारी धन की बड़ी बचत हो सकेगी।


समीक्षा बैठक में नायडू ने सचिव, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय को निर्देश दिया कि वे शीघ्रातिशीघ्र सभी संबद्ध अधिकारियों की बैठक कर इस मुद्दे की समग्र समीक्षा करें। उन्होंने राज्य सभा सचिवालय के अधिकारियों को भी निर्देश दिया कि वे कानूनी मुद्दों के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाएं।


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बीमारियों से रहना है दूर तो मॉनसून में भूलकर भी ना करें ये गलतियां...

रेनू डबराल  @ नई दिल्ली


      गर्मी का मौसम जाने के बाद मॉनसून ने दस्तक दे दी है. मॉनसून यानी बारिश का महीना जितना खूबसूरत होता है, इसमें संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा भी उतना ही ज्यादा होता है। 


इस मौसम में आपको खाने-पीने की चीजों को लेकर जरा भी लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। जानी-मानी हेल्थ एक्सपर्ट डॉक्टर प्रीति नंदा ने मॉनसून में लोगों को खाने-पीने में सावधानी बरतने की सलाह दी है। 



1. एक्सपर्ट की सलाह है कि इस मौसम में लोगों को हमेशा उबालकर ही पानी पीना चाहिए. ऐसा करने से पानी में मौजूद बैक्टीरिया और रोगाणु नष्ट हो जाते हैं. इसके अलावा रोजाना सुबह गुनगुने पानी में नींबू डालकर पीने से शरीर से हानिकारक विषाणु शरीर से बाहर आते हैं.2. मॉनसून के वक्त हमें खाने में नमक कम या स्वादानुसार ही रखना चाहिए। 


शरीर में नमक सोडियम की मात्रा को बढ़ाने का काम करता है, जो आगे चलकर हाई ब्लड प्रेशर का कारण भी बन सकता है. हाइपरटेंशन, कार्डियोवस्क्यूलर डिसीज और डायबिटीज के रोगियों को भी खाने में नमक हिसाब से लेना चाहिए.3. इस मौसम में सिर्फ सीजनल फलों का ही सेवन करना चाहिए. बारिश के मौसम में आप जामुन, पपीता, बेर, सेब, अनार, आड़ू और नाशपाती जैसे फलों को खा सकते हैं. इन फलों से मिलने वाला न्यूट्रीशन शरीर को इंफेक्शन, एलर्जी और सामान्य रोगों से दूर रखता है। 


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मणिपुर में म्यामांर सीमा के पास असम राइफल्स के जवानों पर घात लगाकर हमला...

संवाददाता : इंफाल


      मणिपुर में 4 असम राइफल्स यूनिट की एक टीम पर घात लगाकर हमला किया गया है। इस हमले में टीम के तीन जवान शहीद हो गए हैं, जबकि चार जवान बुरी तरह घायल हो गए हैं। बताया गया है कि यह घटना बुधवार देर रात को राजधानी इंफाल से 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित चंदेल जिले में हुई।


सूत्रों ने बताया है कि म्यामांर की सीमा से लगे चंदेल जिले में स्थानीय समूह पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के आतंकवादियों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले में 4 असम राइफल्स यूनिट के तीन जवान शहीद हो गए और चार सैनिक बुरी तरह घायल हुए हैं।



घायल जवानों को इंफाल के पश्चिम जिले के मिलिट्री अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया गया है कि आतंकवादियों ने पहले आईईडी विस्फोट किया और फिर जवानों पर गोलीबारी की।


इंफाल से 100 किमी दूर उस क्षेत्र में अतिरिक्त सैन्य बल को भेज दिया गया है।


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‘कमलनाथ सरकार की वापसी’ के लिए मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने शुरू किया अभियान...

संवाददाता : भोपाल मध्यप्रदेश 


      मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने एक अभियान शुरू किया है, जिसमें पार्टी कह रही है, ‘हम ऐसे नेता चाहते हैं जो बिक्री के लिए नहीं हो’ और ‘हम कमलनाथ सरकार की वापसी चाहते हैं।’पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता पीसी शर्मा ने गुरुवार को कहा कि पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ लगातार बैठक कर रहे है।


कांग्रेस ने मास्क अभियान के जरिए संदेश देना शुरू किया है, जिसमें ‘हम ऐसे नेता चाहते हैं जो बिक्री के लिए ना हो’ और ‘हम चाहते हैं कि कमलनाथ सरकार की वापसी हो।



कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने दावा किया कि बीजेपी ने कोरोना के दिशानिर्देशों का उल्लंघन किया था, इसलिए पार्टी के सभी बड़े नेता संक्रमित हुए हैं।


भोपाल के मास्टर प्लान को रद्द करने पर बोलते हुए शर्मा ने कहा कि यह योजना जनता की सलाह पर विशेषज्ञों द्वारा बनाई गई थी। मास्टर प्लान बहुत अच्छा था। बीजेपी इतने सालों तक मास्टर प्लान नहीं बना सकी। हम इसे रद्द करने की निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में सितंबर में उपचुनाव होने चाहिए।


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राहुल का पीएम पर हमला, कहा- देश को बर्बाद कर रहे हैं मोदी, जल्द ही टूटेगा भ्रम...

संवाददाता : नई दिल्ली


      कांग्रेस नेता और वायनाड सांसद राहुल गांधी लगातार केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोल रहे हैं। कभी चीन के सीमा विवाद तो कभी बेरोजगारी, राहुल लगातार पीएम मोदी पर निशाना साध रहे हैं। राहुल ने गुरुवार को एक बार फिर ट्वीट कर सरकार पर हमला बोला। राहुल ने ट्वीट कर कहा, ‘‘मोदी देश को बर्बाद कर रहे हैं।


नोटबंदी, जीएसटी, कोरोना महामारी में दुर्व्यवस्था, अर्थव्यवस्था और रोजगार का सत्यानाश। उनकी पूंजीवादी मीडिया ने एक मायाजाल रचा है। ये भ्रम जल्द ही टूटेगा।’’ इससे पहले, राहुल गांधी ने राफेल विमानों के भारत आने पर भारतीय वायुसेना को बधाई दी थी। साथ ही विमानों की खरीद को लेकर सरकार से सवाल पूछे थे। उन्होंने ट्वीट कर पूछा था, श्राफेल विमान के लिए आईएएफ को बधाई। लेकिन क्या सरकार इन सवालों के जवाब देगी।



1) प्रत्येक विमान की कीमत 526 करोड़ की बजाए 1670 करोड़ क्यों दी गई? 2) 126 की बजाए सिर्फ 36 विमान ही क्यों खरीदे? 3) एचएएल की बजाए दिवालिया अनिल अंबानी को 30 हजार करोड़ का कांट्रैक्ट क्यों दिया गया?इससे पहले राहुल ने सोमवार को अपनी वीडियो सीरीज के अगले भाग के जरिए सरकार को घेरा और कहा कि वह चीन की घुसपैठ पर झूठ नहीं बोलने वाले हैं, चाहे उनका राजनीतिक जीवन ही क्यों न खत्म हो जाए।


साथ ही उन्होंने कहा कि चीनी सैनिकों की भारतीय सीमा में घुसपैठ को नकारने और इस विषय पर झूठ बोलने वाले देशभक्त नहीं हैं।उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा, ‘‘एक भारतीय होने के नाते मेरी पहली प्राथमिकता देश और इसकी जनता है। उन लोगों के बारे में आपका क्या ख्याल है जो कहते हैं कि प्रधानमंत्री से चीन पर आपके सवाल भारत को कमजोर कर रहे हैं ?


यह एकदम साफ है कि चीनी हमारे इलाके में घुस गए हैं। यह बात मुझे परेशान करती है। इससे मेरा खून खौलने लगता है कि कैसे एक दूसरा देश हमारे इलाके में घुस आया?’’कांग्रेस नेता ने कहा कि अब आप एक राजनीतिज्ञ के तौर पर चाहते हैं कि मैं चुप रहूं और अपने लोगों से झूठ बोलूं तो ऐसा नहीं होने वाला है।


मैंने उपग्रह की तस्वीरें देखी हैं, मैंने पूर्व सैन्यकर्मियों से बात की है। अगर आप चाहते हैं कि मैं झूठ बोलूं कि चीनी इस देश में नहीं घुसे हैं तो मैं झूठ नहीं बोलने वाला। स्पष्ट कर दूं कि मैं ऐसा नहीं करने वाला। चाहे मेरा पूरा भविष्य डूब जाए लेकिन मैं झूठ नहीं बोल सकता।


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श्रीवास्तव की अध्यक्षता में जिला कार्यालय में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित...

संवाददाता : देहरादून उत्तराखंड 


      जिलाधिकारी डॉ आशीष कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में जिला कार्यालय में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। जनसुनवाई में आज कुल 21 शिकायतें/समस्याएं लोगों द्वारा जिला अधिकारी के संज्ञान में लाई गई, जिनमें मुख्य रुप से जमीन में अवैध कब्जे, आर्थिक सहायता, शस्त्र लाइसेंस, अतिक्रमण, वाहनों के संबंध में, अनियमितता की जांच, मानदेय भुगतान, खोखले पेड़ों के कटान, गिरासू भवन एवं मलवा हटाए जाने को लेकर आम लोगों द्वारा उठाई गई।


जनसुनवाई के दौरान हेरिटेज स्कूल भवन में निर्माण के बाद अवशेष मलवा उठान के संबंध में शिकायत की गई, जिस पर वर्षाकाल के बाद मलवा हटाने की अनुमति दी जाएगी। भंडारीबाग की शारदा एवं लक्खीबाग की पूनम सैनी द्वारा रोजगार उपलब्ध कराए जाने के साथ ही आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग की, जिस पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश मुख्य विकास अधिकारी को दिए, इसी प्रकार रविंद्र कुमार उनियाल ने राष्ट्रीय राजमार्ग में अतिक्रमण का मामला उठाया, जिस पर उप जिलाधिकारी सदर को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।


ग्राम पंचायत सुद्दोवाला के मुनेश ने ग्राम पंचायत की भूमि पर अवैध कब्जे का मामला रखा, जिस पर जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी विकासनगर को मौका मुआयना कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। पथरिया पीर के सोबन सिंह ने कॉलोनी के मुख्य रास्ते पर गेट निर्माण, नाली निर्माण का मामला उठाया, इस पर तहसीलदार सदर को मौका मुआयना करने के निर्देश दिए। गुरु नानक इंटर कॉलेज रेसकोर्स के बलवीर सिंह सैनी ने विद्यालय कार्यकारिणी के सदस्यों के निर्वाचन का मामला रखा, जिस पर जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए निर्वाचन कराए जाने को कहा। इसी प्रकार आशीष, एमडीएन हक्की, राकेश पंडित ने शस्त्र लाइसेंस निर्गत करने की मांग की, जिस पर शस्त्र अनुभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।



जनसुनवाई के दौरान दयानंद जोशी द्वारा मनरेगा कार्य में हुए फर्जीवाड़े की जांच पर अभी तक क्या कार्रवाई की गई के संबंध में जानकारी चाही गई ,इस पर जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को दूरभाष से जांच के संबंध में जानकारी मांगी, जानकारी में बताया गया कि जांच कार्य पूर्ण कर दोषियों के खिलाफ वसूली की कार्रवाई की जा रही है। इसी प्रकार जनसुनवाई में साकेत जैन ने खेती के संबंध में आवेदन किया गया जिस पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।  कय्यूम द्वारा शिमला बायपास मार्ग में अतिक्रमण का मामला उठाया जिस पर जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिएं सिटीजन फाॅर ग्रीन दून के सुरेश श्रीवास्तव द्वारा राजपुर में खोखले पेड़ों के कटान व पार्कों की साफ-सफाई का मामला उठाया, जिस पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिए गए।


जनपद देहरादून ड्राइवर-कंडक्टर यूनियन के शीशपाल सिंह ने वाहन चालकों व परिचालकों की आर्थिक मदद एवं महिला कार्मिकों को रोजगार उपलब्ध कराए जाने की मांग की, जिस पर जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।


लक्खीबाग के पारस धवन ने गिरासू भवन को गिराए जाने तथा इस भवन में रह रहे लोगों को अनियंत्रित विस्थापित करने का अनुरोध किया इस पर उप जिलाधिकारी सदर को तत्काल मौका मुआयना कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।


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बुधवार, 29 जुलाई 2020

भारतीय वायु सेना में राफेल विमान शामिल हुए...

प्रजा दत्त डबराल @ नई दिल्ली


      भारतीय वायु सेना के पहले पांच राफेल विमान वायु सेना स्टेशन, अंबाला पहुंचे हैं। विमानों ने 27 जुलाई 2020 की सुबह दसौं एविएशन फैसिलिटी, मेरिग्नैक, फ्रांस से उड़ान भरी और आज दोपहर भारत पहुंचे। यात्रा के दौरान विमान, संयुक्त अरब अमीरात के अल धाफरा में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रुके थे।


यात्रा की योजना दो चरणों में तैयार की गई थी और इसे भारतीय वायुसेना के पायलटों द्वारा संचालित किया गया था। विमानों ने फ्रांस से भारत तक लगभग 8500 किमी की दूरी तय की। उड़ान के पहले चरण में साढ़े सात घंटे में 5800 किमी की दूरी तय की गयी। फ्रांसीसी वायु सेना के टैंकर ने उड़ान के दौरान समर्पित एयर-टू-एयर ईंधन भरने की सुविधा दी। 2700 किमी से अधिक दूरी की उड़ान के दूसरे चरण में, वायुसेना के टैंकर द्वारा एयर-टू-एयर ईंधन भरा गया। भारतीय वायु सेना, समय पर वितरण सुनिश्चित करने के लिए फ्रांस सरकार और फ्रांस के उद्योग द्वारा दिए गए सक्रिय समर्थन की सराहना करती है। उड़ान के दौरान फ्रांसीसी वायु सेना द्वारा दी गयी टैंकर सुविधा महत्वपूर्ण थी क्योंकि इससे लंबी उड़ान सफलतापूर्वक और समयबद्ध तरीके से पूरी हुई।



विमान 17 स्क्वाड्रन, "गोल्डन एरो" के हिस्से के रूप में शामिल होंगे, जिसे 10 सितंबर 19 को पुनर्गठित किया गया था। स्क्वाड्रन को मूल रूप से वायु सेना स्टेशन, अंबाला में 01 अक्टूबर 1951 को स्थापित किया गया था। कई उपलब्धियां ऐसी हैं जो पहली बार 17 स्क्वाड्रन के द्वारा हासिल की गयी हैं; इसे 1955 में पहला जेट फाइटर, डी हैविलैंड वैम्पायर मिला। अगस्त 1957 में, स्क्वाड्रन एक स्वेप्ट विंग लड़ाकू विमान, हॉकर हंटर में परिवर्तित होने वाला पहला स्क्वाड्रन बना।



17 स्क्वाड्रन में राफेल विमान को शामिल करने का औपचारिक समारोह अगस्त 2020 के दूसरे पक्ष में आयोजित किया जायेगा। समारोह का विवरण नियत समय पर सूचित किया जाएगा।


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जौलीग्रांट एयरपोर्ट से टिहरी-श्रीनगर-गौचर के लिए बुधवार से शुरू हुई हवाई सेवा, इतना होगा किराया...

संवाददाता : नई दिल्ली


     नागर विमानन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अप्रैल, 2017 में शिमला से दिल्ली के लिए पहली उड़ान (यूडीएएन) सेवा को हरी झंडी दिखाने के बाद अभी तक 45 हवाई अड्डों और 3 हेलीपोर्ट्स को जोड़ने वाले 274 उड़ान रूट्स परिचालन में आ चुके हैं। आज उड़ान-आरसीएस योजना के अंतर्गत उत्तराखंड में पवन हंस द्वारा पहली हेलीकॉप्टर सेवा के शुभारम्भ के अवसर पर पुरी ने कहा कि हेली सेवा की शुरुआत और इन नए रूटों के खुलने से राज्य के लोग ज्यादा नजदीक आएंगे और क्षेत्र में पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा।


इस सेवा से देहरादून, नई टिहरी, श्रीनगर और गोचर के बीच संपर्क सुनिश्चित होगा। नई दिल्ली में वर्चुअली हरी झंडी दिखाने के अवसर पर एमओसीए सचिव प्रदीप सिंह खैरोला, एमओसीए संयुक्त सचिव ऊषा पाढे, पवन हंस लिमिटेड के सीएमडी संजीव राजदान उपस्थित रहे। उसी समय पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा रूट का शुभारम्भ किया गया। 


नई हेली सेवा की शुरुआत से उत्तराखंड में पहाड़ी क्षेत्रों के बीच हवाई संपर्क बढ़ेगा और औसत यात्रा समय घटकर 20-25 मिनट रह जाएगा। इससे चार धाम यात्रियों के लिए भी यात्रा आसान हो जाएगी। पवन हंस लिमिटेड इस रूट पर सप्ताह में तीन दिन हेलीकॉप्टर सेवा का परिचालन करेगी। आम लोगों के लिए किरायों को किफायती बनाए रखने के लिए उड़ान योजना के अंतर्गत परिचालक और यात्री दोनों ही वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) उपलब्ध कराई गई है। इस क्रम में, इस रूट के लिए किराया 2,900 रुपये प्रति सीट तय किया गया है। एमओसीए ने उड़ान 2 की निविदा प्रक्रिया के अंतर्गत देहरादून-नई टिहरी-श्रीनगर-गोचर रूट पवन हंस लिमिटेड को आवंटित किया गया है।



पवन हंस द्वारा जल्द ही देहरादून से पंतनगर, नैनीताल, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और देहरादून से मसूरी को जोड़ने वाले दो अन्य नेटवर्क्स पर परिचालन शुरू कर दिया जाएगा।


श्री हरदीप सिंह पुरी ने इसके लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और उत्तराखंड के लोगों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इसकी शुरुआत के साथ हम नई टिहरी और श्रीनगर से 6 नए रूट और 2 हेलीपोर्ट्स जोड़ने जा रहे हैं।


उड़ान के तीन चरण पहले ही पूरे कर लिए गए हैं और अभी तक 19 राज्यों तथा 2 संघ शासित क्षेत्रों में उड़ान सेवाओं में लगभग 50 लाख यात्री यात्रा कर चुके हैं। उड़ान के चौथे चरण पर अभी काम चल रहा है। यह योजना माननीय प्रधानमंत्री के विज़न को पूरा करने में और आदर्श वाक्य “सब उड़ें, सब जुड़ें” के उद्देश्य को पूरा करने में सक्षम है।


उत्तराखंड की हेली सेवा का शिड्यूल निम्नलिखित है 



 


 


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ब्रिटेन में फसे मध्यप्रदेश प्रवासियों की मदद के लिए आगे आये एफओएमपी और एएफबीडी ग्रुप...

संवाददाता : भोपाल मध्यप्रदेश 


       कोरोना काल के दौरान ब्रिटेन मे फसे मध्यप्रदेश निवासियों को फ्रेंड्स ऑफ़ मध्यप्रदेश यूके चैप्टर और एयरकनेक्टिविटी फॉर भोपाल डेवलपमेंट ग्रुप द्वारा हर संभव मदद मुहैया करवाई जा रही है। इस मुहिम की शुरुआत अप्रैल माह में की गयी, जिसका उद्देश्य ब्रिटेन में फसे तमाम ज़रूरतमंद भारतीयों को सुरक्षित मध्यप्रदेश पहुँचाने में मदद की, जो इस महामारी के चलते अपने देश नहीं लौट पा रहे थे। अभी तक तक़रीबन 150 मध्यप्रदेश भारतीय प्रवासी ब्रिटेन से वापस स्वदेश आ चुके हैं।


अप्रैल माह से लगतार एफओएमपी द्वारा लॉकडाउन के दौरान ब्रिटेन मे फसे मध्यप्रदेश के प्रवासी भारतीयों को वापस स्वदेश भेजने के हर संभव प्रयास किये गए है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एफओएमपी यूके द्वारा चलायी गई इस मुहिम और प्रयासों की सराहना की है।



संस्था के आबिद फारूकी ने बताया कि मिशन वन्दे-भारत के तहत अभी तक कुल 5255 प्रवासी भारतीयों को ब्रिटेन, दुबई, अमेरिका, मलेशिया, पेरिस, दोहा, जेद्दाह से वापस लाया गया है। कोरोना वायरस से संक्रमण के चलते अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों पर लगी रोक की वजह से ब्रिटेन में फसे भारतीयों को वन्दे-भारत मिशन एयर इंडिया रेपटरिएशन फ्लाइट्स से स्वदेश लाया जा रहा है। उन्होंने बताया की मिशन वन्दे-भारत के आलावा गो-एयर चार्टेड फ्लाइट्स से भारतीय वापस स्वदेश लौट रहे है। इनमें ज्यादातर भारतीय प्रवासी ऐसे है, जिनके वीज़ा की अवधि समाप्त हो गई, जॉब्स चले गए या फिर अधिकतर एग्जिट केस है।


संस्था द्वारा हाल ही में संभागायुक्त कार्यालय भोपाल और एयरपोर्ट पर हेण्ड-सेनिटाइजर्स मशीन मुहैया करवाई गयी। इसके साथ ही लॉकडाउन के दौरान 'कोई भूखा नहीं सोएगा' की मुहिम में 60 दिनों तक एएफबीडी सदस्यों द्वारा जरूरतमंदों को खाना, राहत सामग्री, मास्क और हेण्ड-सेनिटाइजर्स आदि का वितरण भी किया गया। कोरोना महामारी के चलते अंतर्राष्ट्रीय यात्री, जो विदेशों से भारत लौट रहे हैं संस्था द्वारा, उन्हें कोरोना से बचाव की गाइड लाइन की जानकारी के साथ आवश्यक सुझाव भी दिये जा रहे हैं।


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प्रगति की समीक्षा करने के लिए संबंधित अधिकारियों से गत पांच वर्षों का रिकॉर्ड मंगवाने का निर्णय लिया : हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष

संवाददाता चंडीगढ़ हरियाणा 


      हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने विधानसभा कमेटियों की सिफारिशों और दिए गए आश्वासनों पर की गई कार्रवाई की प्रगति की समीक्षा करने के लिए संबंधित अधिकारियों से गत पांच वर्षों का रिकॉर्ड मंगवाने का निर्णय लिया है।


विधानसभा अध्यक्ष ने यह निर्णय विधान सभा कमेटियों के अध्यक्षों के साथ बुधवार यहां हुई एक बैठक में लिया। उन्होंने कमेटियों की बैठकों में उपस्थित न रहने वाले विधायकों की जानकारी भी मांगी।गुप्ता ने कहा कि कमेटी अधिकारी जल्द पैरा अनुसार पूरा ब्यौरा तैयार कर प्रदेश सरकार को भेजेंगे और उसके 30 दिन के भीतर संबंधित विभागों के अधिकारियों को ब्यौरा लेकर विधानसभा में उपस्थित होना होगा।


उन्होंने कमेटी अध्यक्षों को निर्देश दिए कि अगर कोई विधायक लगातार तीन बैठकों से अनुपस्थित रहे तो मामला उनके संज्ञान में लाया जाए। उन्होंने कहा कि कमेटी अध्यक्षों को अपने स्तर पर भी ऐसे विधायकों से संपर्क करना चाहिए। कमेटी की बैठकों में सरकारी विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति के संबंध में पूछे जाने पर कमेटी अध्यक्षों ने बताया कि स्थिति में पहले से काफी सुधार हुआ है और अधिकारी बैठकों में पूरी तैयारी करके आ रहे हैं।



विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि कमेटियां सदन का आवश्यक अंग हैं। इनमें दिए जाने वाले आश्वासनों की प्रगति रिपोर्ट पर गंभीरता से संज्ञान लिया जाना चाहिए। कमेटियों की ओर से जारी सिफारिशों और निर्देशों की पालना सुनिश्चित करवाना भी विधानसभा की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि गत 5 वर्षों में दिए गए आश्वासनों, सिफारिशों और निर्देशों का विस्तृत ब्यौरा एकत्रित किया जाए तथा उस पर प्रगति रिपोर्ट मंगवाई जाए। उन्होंने बैठक में उपस्थित कमेटी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इस बारे तुरंत प्रभाव से काम शुरू कर दें।


बैठक में लोक लेखा समिति के अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण, पूर्वानुमान समिति के अध्यक्ष सुभाष सुधा, याचिका समिति के अध्यक्ष घनश्याम दास अरोड़ा, शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, व्यवसायिक शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा विषय समिति की अध्यक्ष सीमा त्रिखा, अधीनस्थ कानून समिति के अध्यक्ष राम निवास और सभी कमेटियों के अधिकारी उपस्थित थे।


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माता कौशल्या की जन्मभूमि छत्तीसगढ़ के चंदखुरी में शीघ्र होगा भव्य मंदिर का निर्माण: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

संवाददाता : रायपुर छत्‍तीसगढ़


      छत्तीसगढ़ में राजधानी रायपुर के समीप माता कौशल्या की जन्मभूमि चंदखुरी में शीघ्र ही भव्य मंदिर का निर्माण शुरू हो जाएगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बुधवार धर्मपत्नी मुक्तेश्वरी बघेल और परिवार के सदस्यों के साथ चंदखुरी पहुंचकर वहां स्थित माता कौशल्या के प्राचीन मंदिर में पूजा-अर्चना की और प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। उन्होंने मंदिर के सौन्दर्यीकरण और परिसर के विकास के लिए तैयार परियोजना की विस्तृत जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिर के सौन्दर्यीकरण के दौरान मंदिर के मूलस्वरूप को यथावत रखते हुए यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विशेष रूप से ध्यान रखा जाए।   


उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार राम वन गमन पथ पर पड़ने वाले महत्वपूर्ण स्थलों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर रही है। इसकी शुरूआत चंदखुरी स्थित माता कौशल्या के मंदिर के सौंदर्यीकरण कार्य के बीते 22 दिसम्बर को भूमि-पूजन के साथ कर दी गई है। भव्य मंदिर की निर्माण की कार्ययोजना में परिसर में विद्युतीकरण, तालाब का सौंदर्यीकरण, घाट निर्माण, पार्किंग, परिक्रमा पथ का विकास आदि कार्य शामिल किए गए हैं।



गौरतलब है कि त्रेतायुगीन छत्तीसगढ़ का प्राचीन नाम दक्षिण कोसल एवं दण्डकारण्य के रूप में विख्यात था। प्रभु श्रीराम ने उत्तर भारत से छत्तीसगढ़ में प्रवेश के बाद विभिन्न स्थानों पर चौमासा व्यतीत करते हुए दक्षिण भारत में प्रवेश किया गया था। छत्तीसगढ़ में कोरिया जिले की गवाई नदी से होकर सीतामढ़ी हरचौका नामक स्थान से प्रभु श्रीराम ने छत्तीसगढ़ में प्रवेश किया था। इस दौरान उन्होंने 75 स्थलों का भ्रमण करते हुए सुकमा जिले के रामाराम से दक्षिण भारत में प्रवेश किया था। उक्त स्थलों में से 51 स्थल ऐसे है, जहां प्रभु श्रीराम ने भ्रमण के दौरान रूक कर कुछ समय व्यतीत किया था। 


छत्तीसगढ़ में राम वन गमन पर्यटन परिपथ को विकसित करने के उद्देश्य से प्रथम चरण में 09 स्थलों का चयन किया गया है। इन स्थलों में सीतामढ़ी-हरचौका (कोरिया), रामगढ़ (अम्बिकापुर), शिवरीनारायण (जांजगीर-चांपा), तुरतुरिया (बलौदाबाजार), चंदखुरी (रायपुर), राजिम (गरियाबंद), सिहावा-सप्तऋषि आश्रम (धमतरी), जगदलपुर (बस्तर), रामाराम (सुकमा) शामिल हैं। राम वन गमन पर्यटन परिपथ में प्रस्तावित 09 स्थलों को लेते हुए पर्यटन विभाग द्वारा एक कॉन्सेप्ट प्लान तैयार किया गया है, जिसकी लागत 137.45 करोड़ रूपए है। राम वन गमन पर्यटन परिपथ हेतु राज्य शासन द्वारा गत वर्ष (2019-20) राशि 5 करोड़ रूपए और इस वर्ष (2020-21) 10 करोड़ रूपए का प्रावधान बजट में किया गया है। इस तरह कुल राशि रूपए 15 करोड़ राज्य शासन द्वारा स्वीकृति दी गई है।


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भा ज पा राज्य में नई ऊंचाइयां प्राप्त करेंगी और सुरेश कश्यप की अध्यक्षता में पार्टी अपने आधार का विस्तार करेगी...

संवाददाता : पीटरहाॅफ हिमाचल


      भारतीय जनता पार्टी राज्य में नई ऊंचाइयां प्राप्त करेंगी और सुरेश कश्यप की अध्यक्षता में पार्टी अपने आधार का विस्तार करेगी। पार्टी कड़ी मेहनत से वर्ष 2022 के विधानसभा चुनावों में जीत हासिल कर, एक बार फिर राज्य में सरकार बनाएगी। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने बुधवार संसद सदस्य सुरेश कश्यप द्वारा राज्य भाजपा के नए प्रदेशाध्यक्ष का पदभार ग्रहण करने के अवसर पर पीटरहाॅफ में आयोजित समारोह में कही।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के रूप में उभरी है और यह राज्य के लोगों के लिए सम्मान की बात है कि अनुसूचित जाति समुदाय का एक नेता आज राज्य में भाजपा का नेतृत्व कर रहा है। उन्होंने कहा कि सुरेश कश्यप एक शिक्षित, साधारण और ईमानदार नेता है, जो राज्य के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और पार्टी को मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुरेश कश्यप ने वर्ष 2012 में पच्छाद में कांग्रेस के गढ़ को तोड़ा है। उन्होंने कहा कि इससे पहले कांग्रेस ने लगातार सात बार यह सीट जीती है। उन्होंने कहा कि यही नहीं भाजपा प्रत्याशी सुरेश कश्यप ने शिमला संसदीय सीट पर लगभग 3.77 लाख मतों के रिकाॅर्ड मार्जन से जीत दर्ज की है।

 


 

जय राम ठाकुर ने कहा कि इस कोविड-19 महामारी के दौरान सूचना प्रौद्योगिकी के प्रभावी उपयोग ने हमें एक-दूसरे से संपर्क करने में मदद की है और इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया विज़न को भी जाता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने न केवल राज्य के जिला अधिकारियों के साथ वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोविड-19 संकट से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए बैठकें की, बल्कि राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों के साथ भी वर्चुअल मीटिंग कर बातचीत की।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा लगता है कि नेता प्रतिपक्ष सरकार के खिलाफ आधारहीन और अनुचित आरोप लगाने में लगे हैं। उन्होंने उन्हें सलाह दी है कि पड़ोसी राज्य पंजाब की स्थिति की ओर भी एक नजर डालें, जहां कांग्रेस पार्टी का शासन है। उन्होंने कहा कि पंजाब, राजस्थान और महाराष्ट्र की स्थिति भयावह है और इन सभी राज्यों में कांग्रेस पार्टी की सरकारों का शासन है। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को राज्य सरकार के खिलाफ आधारहीन आरोप लगाने के बजाय इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों को अपने राज्यों में कोविड-19 महामारी से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सलाह देनी चाहिए।

 

जय राम ठाकुर ने कहा कि इस संकट के बावजूद राज्य सरकार विकास की गति सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों द्वारा खर्च नहीं की गई राशि का उपयोग विभिन्न विकासात्मक कार्यों के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हालांकि राज्य में कोविड-19 के मामले बढ़े हैं, लेकिन फिर भी स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि सामुहिक प्रयासांे से हम निश्चित रूप से इस स्थिति पर विजय पाएंगे।

 

इससे पूर्व मुख्यमंत्री नवनियुक्त राज्य भाजपा अध्यक्ष के साथ राज्य भाजपा कार्यालय गए, जहां अध्यक्ष ने अपना कार्यभार संभाला।

 

राज्य भाजपा के नवनियुक्त अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने अपने पहले अध्यक्षीय संबोधन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह तथा राष्ट्रीय भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, द्वारा उन पर विश्वास जताने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने केन्द्रीय नेतृत्व और राज्य के लोगों को आश्वस्त किया कि वह पार्टी को जमीनी स्तर से मजबूत करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी नियुक्ति न केवल उनके लिए सम्मान की बात है, बल्कि यह सम्पूर्ण अनुसूचित जाति समुदाय एवं राज्य के पूर्व सैनिकों के लिए भी गौरव की बात है।

 

सुरेश कश्यप ने कहा कि उनकी नियुक्ति से पुनः यह साबित हुआ है कि भाजपा एक अलग विचारों की पार्टी है और यह सब केवल भाजपा में ही संभव है। उन्होेंने कहा कि वह अपनी नियुक्ति से सम्मानित हैं और केन्द्रीय नेतृत्व एवं राज्य के लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए दृढं सकल्प के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने अपने सभी पूर्वाधिकारियों को राज्य में पार्टी को सुदृढ़ करने के लिए आभार व्यक्त किया और उन्हें अपनी जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभाने के लिए प्रेरित तथा मार्गदर्शन करने का आग्रह किया।

 

राज्य भाजपाध्यक्ष ने कहा कि पार्टी राज्य सरकार के साथ अधिक समन्वय के साथ कार्य करेगी, ताकि भाजपा का वर्ष 2022 में पुनः सत्ता में आना सुनिश्चित हो।

 

राज्य भाजपा के पूर्व अध्यक्ष एवं नाहन विधानसभा क्षेत्र के विधायक डाॅ. राजीव बिन्दल ने कहा कि विशेष रूप से सिरमौर क्षेत्र के लोगों के लिए यह सम्मान की बात है कि राज्य भाजपा अध्यक्ष सिरमौर जिले से हंै। उन्होंने आशा जताई कि राज्य में सुरेश कश्यप के कुशल नेतृत्व में पार्टी अपने आधार का और अधिक विस्तार करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए सत्ता केवल राज्य और देश की सेवा का एक माध्यम है।

 

राज्य भाजपा महासचिव एवं मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार त्रिलोक जम्वाल ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।

 

पूर्व मंख्यमंत्री शांता कुमार और प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल, केन्द्रीय राज्य वित्त एवं कार्पोरेट मामले मंत्री अनुराग ठाकुर, सांसद राम स्वरूप शर्मा, राज्य भाजपा मण्डलों के 74 मण्डलाध्यक्षों ने भी वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से इस अवसर पर सम्मिलित हुए।

 

संगठन सचिव पवन राणा, विधायक एवं राज्य भाजपा महासचिव राकेश जम्वाल, पूर्व सांसद कृपाल परमार, पूर्व राज्य भाजपा अध्यक्ष सतपाल सत्ती, भाजपा महिला मोचा अध्यक्षा रश्मिधर सूद, पूर्व मंत्री एवं हिमुडा उपाध्यक्ष प्रवीण शर्मा, विधायक कमलेश कुमारी, शिशु कल्याण परिषद की महासचिव पायल वैद्य तथा  शिमला नगर निगम की पूर्व महापौर कुसुम सदरेट भी अन्य सहित इस अवसर पर उपस्थित थीं।

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देश में प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत की योजना को सबसे पहले मूर्त रूप देना है...

संवाददाता : भोपाल मध्यप्रदेश 


      मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश को केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन में नंबर-एक रहना है। यह प्रसन्नता का विषय है कि प्रदेश में प्रधानमंत्री जी की स्ट्रीट वेंडर योजना को सबसे पहले क्रियान्वित किया गया है। अब हमें आत्मनिर्भर भारत योजना को भी मध्य प्रदेश में सबसे पहले क्रियान्वयन करना है, इसे सबसे पहले मूर्त रूप देना है।


मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि केंद्रीय योजनाओं के अंतर्गत तत्परता से कार्यवाही प्रकरण बनाए जाएं। हमें इन योजनाओं का लाभ गरीबों, किसानों एवं संबंधित हितग्राहियों को देना है। मुख्यमंत्री चौहान चिरायु अस्पताल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भारत सरकार के आत्मनिर्भर भारत पैकेज-3 की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे।


वीसी में वाणिज्यिक कर, वित्त, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री जगदीश देवड़ा, जल संसाधन, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास मंत्री तुलसी सिलावट, किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री कमल पटेल, बड़वानी से पशुपालन मंत्री प्रेम सिंह पटेल, शिवपुरी से उद्यानिकी एवं खाद्य संस्करण मंत्री भारत सिंह कुशवाहा, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, कृषि उत्पादन आयुक्त के.के. सिंह तथा सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।



प्रधानमंत्री जी को पत्र लिखेंगे


मुख्यमंत्री चौहान ने आत्मनिर्भर पैकेज के अंतर्गत सम्मिलित सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे योजना के संबंध में कोई स्थिति स्पष्ट न होने अथवा इनके संबंध में केंद्र सरकार की अन्य किसी सहायता के लिए प्रारूप बनाकर प्रस्तुत करें। प्रधानमंत्री जी को पत्र भिजवाया जाएगा। प्रधानमंत्री राज्यों की मदद करने में हमेशा तत्पर रहते हैं।


एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 7440 करोड़ का फंड


मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश के लिए वर्ष 2023-24 तक के लिए 7440 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जिसमें इस वित्तीय वर्ष में 744 करोड़ का प्रावधान है। इसके अंतर्गत प्रति प्रकरण दो करोड़ की क्रेडिट गारंटी दी जाएगी तथा ब्याज में 3 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश में कृषि अधोसंरचना के विकास के लिए इस फंड का पूरा-पूरा उपयोग सुनिश्चित किया जाए। इस फंड से प्रदेश में कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउस, साइलो फूड प्रोसेसिंग यूनिट, ई-ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म, राइपनिंग चेंबर, स्मार्ट एग्रीकल्चर  ऑर्गेनिक आदान तथा सप्लाई चैन संबंधी अधोसंरचना का निर्माण किया जा सकता है। इसके अंतर्गत प्रत्येक विकासखंड को इस वित्तीय वर्ष में दो-दो प्रकरणों का लक्ष्य दिया जा रहा है।


प्रदेश में एक हजार कृषक उत्पादक संगठनों का गठन होगा


केंद्र की इस योजना के अंतर्गत प्रदेश में इस वित्तीय वर्ष में एक हजार कृषक उत्पादक संगठनों एफपीओ का गठन किया जाएगा। सरकार की ओर से एफपीओ के प्रत्येक सदस्य को दो हजार रूपये तथा प्रत्येक एफपीओ को अधिकतम 15 लाख रुपए तक बराबर मैचिंग इक्विटी ग्रांट प्रदान की जाएगी। प्रत्येक एफपीओ दो करोड़ रूपये तक क्रेडिट गारंटी फैसिलिटी दी जाएगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में एफपीओ गठन का कार्य तत्परता के साथ किया जाए, साथ ही पुराने कृषक उत्पादक संघों को भी मजबूत बनाया जाए।


प्रदेश के किसानों को फसल ऋण के लिए 2000 करोड़ रुपए  प्राप्त


पैकेज के अंतर्गत किसानों को फसल ऋण के लिए जिला सहकारी केंद्रीय बैंक को नाबार्ड द्वारा स्पेशल लिक्विडिटी फैसिलिटी प्रदान की जा रही है।  इसके अंतर्गत अपेक्स बैंक द्वारा नाबार्ड को 3000 करोड़ रुपए का प्रस्ताव भिजवाया गया था, जिसमें से नाबार्ड द्वारा 2000 करोड़ रुपए प्रदेश के लिए स्वीकृत कर दिए गए हैं, जो कि बैंक को प्राप्त हो गए हैं। राशि कृषकों को ऋण वितरण के लिए जिला सहकारी बैंकों को भिजवाई जा चुकी है। कोरोना संकट के चलते किसानों की सुविधा के लिए राज्य शासन द्वारा खरीफ 2019 तथा रबी 2019-20 के ऋणों की ड्यू डेट बढ़ाकर 31 अगस्त 2020 कर दी गई है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कार्य के लिए सभी संबंधित को बधाई दी।


प्रदेश के 9.50 लाख से अधिक किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड


किसानों को क्रेडिट कार्ड योजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री किसान योजना में प्रदेश के 9 लाख 87 हजार किसानों को बैंकों के माध्यम से किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए जाने हैं। इनमें से नौ लाख तीन हजार किसानों को कार्ड जारी किए जा चुके हैं। शेष 63 हज़ार 526 किसान पात्र हैं, जिनको केसीसी जारी करने की कार्रवाई की जानी है। इसके लिए भारत सरकार द्वारा 334.71 करोड रुपए की लिमिट राशि स्वीकृत की गई है। इसके साथ ही प्रदेश के 2 लाख 68 हजार दुग्ध उत्पादकों को भी किसान क्रेडिट कार्ड  दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि हर किसान को किसान क्रेडिट कार्ड आवश्यक रूप से प्राप्त हो जाए। इसके लिए आवश्यकता पड़ने पर वे स्वयं बैंक के अधिकारियों के साथ राज्य स्तरीय बैठक करेंगे। 


उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण योजना 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान


उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण योजना के अंतर्गत विभिन्न उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा दिए जाने के साथ ही सप्लाई चैन, विपणन लिंकेज, पैक हाउस, सोर्टिंग एवं ग्रेडिंग यूनिट, कोल्ड चैन, प्राइमरी प्रोसेसिंग सेंटर एवं राइपनिंग चेंबर आदि के लिए 2 करोड रुपए तक की ऋण गारंटी सरकार द्वारा दी जाएगी तथा 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जाएगा। योजना के क्रियान्वयन के मुख्यमंत्री चौहान ने निर्देश दिए।


290 लाख पशुओं का टीकाकरण एवं टैगिंग


पैकेज में पशुपालन संबंधी प्रावधानों के अंतर्गत प्रदेश के समस्त गो-भैंस वंशीय 290 लाख पशुओं का टीकाकरण कराया जाएगा तथा टैगिंग की जाएगी। इसके लिए केंद्र सरकार को प्रदेश से 301 करोड़ 76 लाख रुपए का प्रस्ताव भिजवाया गया था जिसमें से भारत सरकार द्वारा 48 करोड़ 82 लाख रुपये की राशि प्रथम चरण के लिए जारी कर दी गई है। प्रदेश के 70 लाख पशुओं की टैगिंग भी की जा चुकी है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने तत्परता से कार्य के लिए संबंधितों को बधाई दी।


दुग्ध संघों को 2 प्रतिशत ब्याज अनुदान


इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के दुग्ध संघों को भारत सरकार द्वारा ऋण पर दिए गए ब्याज पर 2 प्रतिशत वार्षिक अनुदान दिया जाएगा। प्रदेश के दो दुग्ध संघों को कुल 40 करोड रूपए की कार्यशील पूंजी के लिए प्रस्ताव राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड को भिजवाया जा चुका है।  इसमें 20 करोड रुपए इंदौर दुग्ध संघ के लिए तथा 20 करोड रुपए उज्जैन दुग्ध संघ के लिए होंगे।


प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का लाभ दें


मुख्यमंत्री चौहान ने प्रत्येक जिले में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का समुचित क्रियान्वयन करने और मछुआरों को इसका अधिक से अधिक लाभ दिए जाने के निर्देश दिए। बताया गया कि जिलों में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत कुल राशि 149.44 करोड़ रुपये के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इसमें से केंद्र अंश की राशि 45.41 करोड़ रूपये राज्य अंश की राशि 30.04 करोड़ रूपये तथा हितग्राही अंश की राशि 73.99 करोड़ रुपये है।


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