सोमवार, 31 अगस्त 2020

रक्षा मंत्रालय ने भारतीय कंपनियों के साथ 2580 करोड़ रुपये मूल्य के अनुबंधों पर हस्ताक्षर किये...

संवाददाता : नई दिल्ली


      रक्षा क्षेत्र में भारत सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ पहल को और बढ़ावा देते हुए, रक्षा मंत्रालय (एमओडी) के अधिग्रहण विंग ने आज भारतीय सेना के आर्टिलरी रेजिमेंट को छह पिनाका रेजिमेंट की आपूर्ति के लिए मैसर्स भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल), मैसर्स टाटा पावर कंपनी लिमिटेड (टीपीसीएल) और मैसर्स लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) के साथ अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए हैं।


इनकी अनुमानित लागत लगभग 2580 करोड़ रुपये है। इन छह पिनाका रेजीमेंट में ऑटोमेटेड गन ऐमिंग एंड पोजिशनिंग सिस्टम (एजीएपीएस) के साथ 114 लॉन्चर और 45 कमांड पोस्ट हैं जिन्हें मैसर्स टीपीसीएल और मैसर्स एलएंडटी से खरीदा जायेगा तथा 330 वाहनों को मैसर्स बीईएमएल से खरीदा जाएगा।



इन छह पिनाका रेजिमेंटों को हमारे देश की उत्तरी और पूर्वी सीमाओं पर तैनात किया जाएगा, जो हमारे सशस्त्र बलों की ऑपरेशन तैयारियों को और मजबूती प्रदान करेगा। छह पिनाका रेजीमेंट्स को 2024 तक शामिल करने की योजना है। 


70 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री के साथ खरीद (भारतीय) वर्गीकरण के तहत इस परियोजना को रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह और वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा मंजूरी दी गयी है।


पिनाका मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम (एमएलआरएस) को डीआरडीओ द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित किया गया है और इसका उत्पादन उपरोक्त रक्षा उद्योगों द्वारा किया जाता है। यह भारत सरकार (डीआरडीओ एवं  रक्षा मंत्रालय) के तत्वावधान में सार्वजनिक निजी भागीदारी की एक प्रमुख परियोजना है, जो आधुनिक रक्षा तकनीकों को अपनाने में "आत्मनिर्भरता” को सक्षम बनाती है।


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मुख्यमंत्री चौहान नाव से पहुँचे बाबई के बाढ़ प्रभावित बालाभेंट ग्राम...

संवाददाता : भोपाल मध्यप्रदेश 


      मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को होशंगाबाद जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। विकासखंड बाबई के सर्वाधिक प्रभावित ग्राम बालाभेंट में मुख्यमंत्री चौहान आर्मी के जवानों के साथ नाव से पहुँचे। लगभग आधे घंटे की दूरी नाव से तय कर गाँव पहुँचे मुख्यमंत्री ने हालात का जायजा लिया और ग्रामीणों के हाल जाने।


मुख्यमंत्री चौहान ने ग्रामवासियों से संवाद करते हुए कहा कि वे किसी बात की चिंता न करें, उन्हें हर संभव मदद मुहैया कराई जाएगी। इस मौके पर उन्होंने ग्रामवासियों को भोजन के पैकेट और पानी की बोतलें भी वितरित कीं।


मुख्यमंत्री चौहान को अपने बीच पाकर महसूस की राहत


अतिवर्षा से तवा नदी के बैकवाटर से जलमग्न हुए ग्राम बालाभेंट में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को अपने बीच पाकर ग्रामीणों ने राहत महसूस की। ग्रामवासियों ने मुख्यमंत्री श्री चौहान से कहा कि इतने दूरदराज क्षेत्र में जहाँ बाढ़ का पानी भरा पड़ा है, वहां भी आप हमारे हाल-चाल पूछने आये, यह हमारा सौभाग्य है।



मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि पूरे गाँव में चाक-चौबंद इंतजामों के लिये प्रशासन अपेक्षित कार्यवाही करेगा। ग्रामीण चिंता न करें, हर संभव मदद मुहैया कराई जाएगी। मुख्यमंत्री के आत्मीय व्यवहार से ग्रामीण भावुक हो उठे। मौके पर उपस्थित जिला प्रशासन के अधिकारियों को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिए कि गाँव में किसी को कोई परेशानी न हो तथा ग्रामीणों को हरसंभव सहायता एवं आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाये जाएँ।


इस मौके पर विधायक होशंगाबाद डॉ. सीतासरन शर्मा, विधायक पिपरिया ठाकुरदास नागवंशी, कलेक्टर धनंजय सिंह सहित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।


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अल्पसंख्यक मामलात एवं वक्फ विभाग के भवनों का लोकार्पण-शिलान्यास : मुख्यमंत्री

संवाददाता  : जयपुर राजस्थान


      मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि भारत विभिन्न जातियों, धर्माें और भाषाओं का एक गुलदस्ता है, जिसे मजबूत बनाने के लिए हम सभी को एक साथ जुटकर काम करना होगा। अल्पसंख्यकों को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए विशेष प्रयासों की जरूरत है, क्योंकि गरीबी के खिलाफ लड़ाई जीतने के लिए यह आवश्यक है कि सभी वर्गों के लोग एक साथ आएं।

 

गहलोत ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर अल्पसंख्यक मामलात एवं वक्फ विभाग द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों में 8 भवनों के लोकार्पण एवं दो भवनों के शिलान्यास के लिए आयोजित वर्चुअल समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ये निर्माण कार्य अल्पसंख्यक समुदाय के लिए आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के उद्देश्य को हासिल करने में मील का पत्थर साबित होंगे। इन सुविधाओं के विस्तार से अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्र में लोगों को शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवाओं में लाभ मिलेगा। 

 

कुल 22 करोड़ रूपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात

 

समारोह में अलवर जिले के हसनपुर माफी, लधावड़ा और सहजपुर तथा भरतपुर जिले के कामां में राजकीय अल्पसंख्यक बालिका छात्रावासों का लोकार्पण किया गया। साथ ही, अलवर के तिजारा और ढाढोली-रामगढ़ में राजकीय नर्सिंग कॉलेजों तथा अलावड़ा में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के भवनों का भी लोकार्पण किया। इन सभी भवनों की कुल निर्माण लागत 18.75 करोड़ रूपये है। इस दौरान सवाई माधोपुर में राजकीय अल्पसंख्यक बालिका छात्रावास तथा झुन्झुनू में कॉमन सर्विस सेन्टर के भवनों, जिनकी अनुमानित निर्माण लागत   3.8 करोड़ रूपये है, का शिलान्यास भी किया गया। 

 


 

किसी भी समाज की उन्नति शिक्षा के प्रसार से ही सम्भव

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी क्षेत्रों में शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए आवश्यकता के अनुरूप संसाधन उपलब्ध करा रही है। उन्हाेंने कहा कि कुछ क्षेत्रों में अल्पसख्यंक वर्ग में शिक्षा का अभाव है और इन क्षेत्रों में शिक्षा के लिए सुविधाओं का विकास करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। बीते दिनों विधानसभा में राजस्थान राज्य मदरसा बोर्ड को वैधानिक दर्जा देकर राज्य सरकार ने इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की उन्नति शिक्षा के प्रसार से ही सम्भव है। मदरसा बोर्ड अब अधिक सक्रिय रूप से अल्पसंख्यक समुदाय की आधुनिक शिक्षा तक पहुंच बनाने के लिए प्रयास कर सकेगा। 

 

जन घोषणा पत्र के वायदों को पूरा करने के लिए कदम उठाए- डॉ. शर्मा

 

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार अल्पसंख्यक समुदाय के बालक-बालिकाओं की शिक्षा पर फोकस कर रही है। जन घोषणा पत्र में जो वायदे किए गए थे, उन सभी को पूरा करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। आज जिन भवनों के लोकार्पण एवं शिलान्यास हुए हैं, उनसे सम्बन्धित क्षेत्रों में शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हो सकेंगी। 

 

अल्पसख्ंयक बाहुल्य क्षेत्रों में शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार- मोहम्मद

 

अल्पसंख्यक मामलात मंत्री शाले मोहम्मद ने मदरसा बोर्ड को वैधानिक दर्जा देने के लिए मुख्यमंत्री श्री गहलोत का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशन में राजस्थान के विभिन्न अल्पसख्ंयक बाहुल्य क्षेत्रों में छात्रावासों और स्वास्थ्य केन्द्रों जैसी सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। कई जगहों पर अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं के लिए कौशल विकास के प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू करवाए गये हैंं। इच्छुक एवं हुनरमंद युवाओं को शिक्षा तथा स्वयं का रोजगार स्थापित करने के लिए ऋण भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।  

 

प्रदेश में विकास योजनाओं एवं कार्यक्रमों के दूरगामी परिणाम निकलेंगे- भूपेश

 

अल्पसंख्यक मामलात राज्यमंत्री ममता भूपेश ने कहा कि उनके विभाग की अल्पसख्यंक मामलात एवं वक्फ विभाग द्वारा शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुविधाओं के विकास के लिए प्रस्तावित योजनाओं एवं कार्यक्रमों के दूरगामी परिणाम निकलेंगे। इन कार्यों से अल्पसंख्यक समुदाय को सीधा लाभ मिलेगा तथा वे विकास की मुख्यधारा में आगे बढ़ सकेंगे।

 

इस दौरान विभाग की पुस्तिका एवं ब्रोशर का विमोचन भी किया गया। झुन्झुनू सांसद नरेन्द्र कुमार, बड़ी संख्या में विधायक, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य जन विभिन्न जिलों में वीडियो कॉन्फे्रंस के माध्यम से समारोह में उपस्थित हुए।

 

कार्यक्रम में मुख्य सचिव राजीव स्वरूप, अति. मुख्य सचिव वित्त निरंजन आर्य, प्रमुख शासन सचिव अल्पसख्यंक मामलात अपर्णा अरोरा, प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अखिल अरोरा, निदेशक अल्पसंख्यक मामलात जमील अहमद कुरैशी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

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मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायतों के साथियों को छत्तीसगढ़ी में लिखा पत्र पोषण माह में सहयोग और भागीदारी की अपील...

संवाददाता : रायपुर छत्‍तीसगढ़


        मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ग्राम पंचायतों के सभी प्रतिनिधि साथियों को छत्तीसगढ़ी में पत्र लिखकर पोषण माह में सहयोग और भागीदारी की अपील की है।


मुख्यमंत्री बघेल ने सभी सरपंच और पंच को सम्बोधित करते हुए लिखा है सितम्बर महीना में महिला बाल विकास विभाग सुपोषण महीना मना रहा है। विभाग ने पूरे महीने के लिए कार्ययोजना बनाई है, जिसमें कुपोषण दूर करने के लिए काम किया जाएगा। उन्होंने कहा है कि इस आयोजन में पंचायत प्रतिनिधियों की भागीदारी और सहयोग जरूरी है।


मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ में सुपोषण की अलख जगाकर छत्तीसगढ़ महतारी के बच्चों को स्वस्थ और सुपोषित बनाने सभी से अनुरोध करते हुए लिखा है कि हमारे छत्तीसगढ़ में कुपोषण एक गंभीर समस्या है। जब से सरकार बनी है, वे बच्चों के स्वास्थ्य और सुपोषण के लिए चिंतित हैं। वे लगातार कोशिश कर रहे हैं, कि हमारे प्रदेश के बच्चे स्वस्थ और सुपोषित रहें। बच्चों में कुपोषण को दूर करने के लिए मैंने पिछले साल 2 अक्टूबर से मुख्यमंत्री सुपोषण योजना चलाई है।



मुख्यमंत्री ने पत्र मे कहा है कि मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान से कुपोषण दूर करने में सफलता मिली है, लेकिन सुपोषित छत्तीसगढ़ की कल्पना आपके सहयोग के बिना नहीं की जा सकती। आप सब जनता के प्रतिनिधि हैं। लगातार जनता के साथ मिलते और बात करते रहते हैं। उनके सुख-दुख में हमेशा साथ रहते हैं। यही समय है कि आप सब अपने क्षेत्र की आम जनता को समझाएं कि कुपोषण कोई बीमारी नहीं है, केवल हमारे खान-पान और रहन-सहन की आदतों में सुधार करने से हम अपने बच्चों को स्वस्थ रख सकते हैं।


मुख्यमंत्री ने सभी सरपंचों और पंचों से अनुरोध करते हुए कहा है कि हमारे समाज और परिवार के बीच यह संदेश जाना चाहिए हमारे बच्चे स्वस्थ रहेंगे, तभी हम स्वस्थ रहेंगे और हमारा समाज और प्रदेश भी स्वस्थ रहेगा।


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संदीप की आत्महत्या का जिम्मेदार कौन संदीप की आत्महत्या देवभूमि उत्तराखंड पर बड़ा कलंक : रविन्द्र सिंह आनन्द

संवाददाता : देहरादून उत्तराखंड 


       आज उत्तराखंड आम आदमी पार्टी ने सरकार पर  बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि  संदीप ने बेरोजगारी से तंग आकर की थी आत्महत्या उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल एक ऑडियो में संदीप द्वारा यह बताया गया कि संदीप को यह नहीं लगता कि त्रिवेंद्र सरकार के रहते हुए उसे नौकरी मिल पाएगी जिस कारण उसका जीवन बहुत विकट हो गया है और अब जीवन का निर्वाह नहीं कर पा रहा है जिस कारण वह आत्महत्या कर रहा है।


आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता रविन्द्र सिंह आनन्द  ने  आरोप लगाया है कि बेरोजगार संदीप की आत्महत्या के लिए सरकार जिम्मेदार है और सरकार किसी को रोजगार नहीं दे रही है  और मुख्यमंत्री बेरोजगारी के आंकड़े को छुपाते हैं इसलिए सरकार को चाहिए कि वह इन चीजों पर ध्यान दें और इसकी जो हत्या हुई है उसके लिए उसकी जिम्मेदारी लें आत्महत्या के लिए सीधे सीधे आम आदमी पार्टी ने सरकार को जिम्मेदार ठहराया है और कहा है कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं नहीं होनी चाहिए इससे हमारे उत्तराखंड पर काला टीका लगता है।



उन्होंने कहा कि विश्व भर में प्रसिद्ध देव भूमि उत्तराखंड जहां आकर लोग अपने आप को स्ट्रेस फ्री महसूस करते हैं वही यहां के बेरोजगार युवक आत्महत्या करने को मजबूर है उन्होंने सरकार को चेताया कि यदि इस प्रकार की घटनाएं जल्द ना रुकी तो वे उत्तराखंड के बेरोजगारों के साथ मिलकर सड़कों पर उतरेंगे।


उन्होंने कहा कि सूत्रों के अनुसार प्रदेश में लगभग 30,000 से 40,000 सरकारी रिक्त पद है जिन्हें सरकार द्वारा नहीं भरा जा रहा कहां की यदि इन पदों पर नियुक्ति सरकार द्वारा कर दी जाए तो बेरोजगारों को बहुत आराम मिलेगा उन्होंने आगे कहा कि उत्तराखंड में जो प्रवासी भाई आए हैं वह भी सरकार की ओर बड़ी मायूसी से देख रहे हैं लेकिन सरकार अपने झूठे वादों और योजनाओं को प्रचारित प्रसारित कर रही है।


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मुख्यमंत्री ने झंडुता क्षेत्र के लिए 40 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाएं समर्पित कीं...

संवाददाता : शिमला हिमाचल


       मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने सोमवार शिमला से वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिलासपुर जिले के झंडुता विधानसभा क्षेत्र के लिए 40 करोड़ रुपये लागत की विकासात्मक परियोजनाओं के उद्घाटन व शिलान्यास किए।

 

जय राम ठाकुर ने क्षेत्र के 91 हजार 562 लोगों की सुविधा के लिए झण्डुता में लोक निर्माण विभाग का मण्डल और उप-अग्निशमन केन्द्र का उद्घाटन किया।

 

उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत 11.50 करोड़ रुपये की समोह-गेहड़वी-थुराण सड़क व 10 करोड़ रुपये की लागत की झण्डुता-भरोलीकलां सड़क  के स्तरोन्यन की आधारशिला रखीं। उन्होंने सात करोड़ रुपये की लागत से सीर खड्ड पर री-रडोह में 100 मीटर स्पैन डबल पे्रस-स्ट्रैस्ड बाॅक्स गर्डर पुल, तलाई में 3.82 करोड़ के समुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन, 3.62 करोड़ की दसलेहड़ा-खमेड़ा कलां पुल, तलाई में 1.68 करोड़ रुपये से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में विज्ञान प्रयोगशाला, झण्डुता तहसील में 94 लाख रुपये की उठाऊ पेयजल आपूर्ति योजना चैंता जांगला ठाठल के अतिरिक्त स्त्रोत के विकास व सुधार तथा तलाई में 48 लाख रुपये की लागत की विद्युत उप-मण्डल भवन की आधारशिलाएं रखीं।

 


 

वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लोगों को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक निर्माण विभाग का मण्डल खुलने से क्षेत्र के लोगों की लम्बित मांग पूर्ण हुई है। इस मण्डल के खुलने से जिला के झण्डुता क्षेत्र में लोक निर्माण गतिविधियों को मजबूती प्रदान होगी। इसी तरह झण्डुता में अग्निशमन उप-केन्द्र आज समर्पित किया गया है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 10 करोड़ रुपये की लागत से स्तरोन्नत होने वाली झण्डुता-भड़ोली सड़क से क्षेत्र के 25 हजार लोगों को बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि 11.50 करोड़ रुपये से बनने वाली समोह-गेहड़ीं-थुरान सड़े से भी लोगों को सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि छः करोड़ रुपये की लागत की 33 केवीए उप-केन्द्र का कार्य शीघ्र पूर्ण होने से क्षेत्र के लोगों की कम वोल्टेज की समस्या का समाधान होगा।

 

जय राम ठाकुर ने झंडूता क्षेत्र के लोगों का मुख्यमंत्री कोविड फंड में 1.16 करोड़ रुपये और पीएम केयर्स में 5 लाख रुपये का योगदान करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र के लोगों को 54 हजार से अधिक फेस मास्क तैयार कर वितरित किए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों द्वारा प्रदान की गई सहायता संकट के समय जरूरतमंदों को सहायता प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगी।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को कोरोना वायरस को लेकर अधिक सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों के दौरान बारिश के मौसम में कोरोना पाॅजिटिव मामलों में तेजी आई है। उन्होंने लोगों से सार्वजनिक स्थानों पर बाहर जाने के दौरान फेस मास्क का उपयोग करने और इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए नियमित रूप से साबुन से हाथ धोने का भी आग्रह किया। उन्होंने 2017 के विधानसभा चुनावों में भाजपा उम्मीदवार को समर्थन देने और 2022 के विधानसभा चुनावों में भी भाजपा उम्मीदवार को इसी तरह का समर्थन देने का आग्रह किया।

 

केंद्रीय वित्त और काॅरपोरेट मामले राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने क्षेत्र की सड़कों और पुलों की बेहतर स्थिति को सुनिश्चित करने के लिए झंडुता में लोक निर्माण विभाग मंडल के खोलने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी ने हमारे जीवन और जीवन शैली को पूरी तरह से बदल दिया है। इस महामारी को फैलने से रोकने के लिए जन प्रतिनिधियों को लोगों को फेस मास्क और हाथ धोने के लिए प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत की स्थिति विश्व के अन्य विकसित देशों की तुलना में बहुत बेहतर है इसका पूरा श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समयबद्ध निर्णयों को जाता है।

 

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सितम्बर के अंत में अटल टन्नल रोहतांग जनता को समर्पित करेंगे जो प्रदेश के लोगों के लिए सबसे बड़ा उपहार होगा। उन्होंने कहा कि बिलासपुर को रेल लाइन के माध्यम से जोड़ने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं जिसके लिए भानुपल्ली बिलासपुर रेल लाइन का कार्य शुरू हो गया है।

 

विधायक झंडुता जेआर कटवाल ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए क्षेत्र के लिए करोड़ों रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि झंडुता विधानसभा क्षेत्र में गत अढ़ाई वर्षों में अभूतपूर्व विकास हुआ है, मुख्यमंत्री के इस स्नेह के प्रति क्षेत्र के लोग हमेशा आभारी रहेंगे।

 

राज्य भाजपा कार्यकारी सदस्य राकेश गौतम ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। भाजपा मंडल अध्यक्ष मोहिन्द्र सिंह चंदेल ने इस अवसर पर सभी गणमान्यों का स्वागत किया। बहुद्देश्यीय परियोजना एवं ऊर्जा मंत्री सुखराम चैधरी, उपायुक्त बिलासपुर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री का निदेश मिलते ही 500 बेड के नए भवन हेतु कार्यवाई शुरू...

संवाददाता : रांची झारखंड


      मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने उपायुक्त पलामू को मायापुर गांव के कोरवा टोला में निवास करने वाले 30 परिवार  को मनरेगा सहित सभी सरकारी योजनाओं से लाभान्वित कर सूचित करने का निदेश दिया है।


सरकारी सुविधाओं से वंचित हैं


मुख्यमंत्री को जानकारी दी गई कि पलामू के रामगढ़ के हुटार पंचायत स्थित मायापुर गांव के कोरवा टोला में 30 आदिम जनजाति परिवार के लोग रोजगार से वंचित हैं। इन्हें मनरेगा के तहत रोजगार नहीं मिला है। कई लोगों को राशन कार्ड, वृद्धा पेंशन समेत अन्य सरकारी सुविधाओं से लाभान्वित नहीं किया गया है। मामले की जानकारी के बाद मुख्यमंत्री ने उपरोक्त निदेश दिया है।



व्यवस्था सुदृढ़ करने हेतु आवश्यक कदम उठाया जाए


मुख्यमंत्री ने उपायुक्त पूर्वी सिंहभूम को एमजीएम में डिमना रोड निवासी संजय सिंह की इलाज के क्रम में हुए मौत मामले की जांच कर कार्यवाई करने का निदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्तव्यनिष्ठ चिकित्सक और मेहनती स्वास्थ्य कर्मचारियों के बावजूद वर्षों से एमजीएम में ऐसी घटनाएं देखने को मिल रहीं हैं। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य मंत्री से मामले में संज्ञान लेकर व्यवस्था सुदृढ़ करने हेतु आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया है।


500 बेड क्षमता के भवन का होगा निर्माण


मुख्यमंत्री के आदेश के बाद उपायुक्त पूर्वी सिंहभूम ने बताया कि मामले का संज्ञान ले लिया गया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। साथ ही सुधार की दिशा में आदेशानुसार MGM कॉलेज के 500 बेड के नये भवन के लिए भी कार्यवाई शुरू कर दी गयी है ताकि लोगों को भविष्य में उच्च गुणवत्ता के सरकारी इलाज की सुविधा प्राप्त हो सके ।


सांस लेने में थी परेशानी


मुख्यमंत्री को जानकारी दी गई कि जमशेदपुर स्थित एमजीएम में डिमना रोड निवासी 40 वर्षीय संजय सिंह को  सांस लेने में तकलीफ के बाद भर्ती किया गया। इमरजेंसी में बेड नहीं मिलने पर फर्श पर ही उनका ईसीजी किया गया। इस क्रम में उनकी मौत हो गई।


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चीन ने की थी घुसपैठ की कोशिश, भारतीय सेना ने किया नाकाम...

संवाददाता : नई दिल्ली


      भारत और चीन के सैनिकों के बीच एक बार फिर झड़प हुई है। बताया गया है कि 29 अगस्त की रात यह झड़प पैंगोंग त्सो झील के पास हुई है। सरकार ने इस पर कहा है कि हमारे जाबांज जवानों ने चीनी सैनिकों की घुसपैठ को नाकाम कर दिया है। भारतीय सेना के पीआरओ कर्नल अमन आनंद ने कहा, ‘‘पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के जवानों ने 29/30 अगस्त की रात को पूर्वी लद्दाख में चल रहे गतिरोध के दौरान दोनों देशों के बीच शांति स्थापित करने के लिए हुई सैन्य और राजनयिक बातचीत का उल्लंघन किया और यथास्थिति को बदलने के लिए घुसपैठ की।


पीआरओ ने कहा, भारतीय सेना ने पैंगोंग त्सो झील के दक्षिणी किनारे पर पीएलए के जवानों की इस कायराना हरकत को नाकाम कर दिया। सेना के जवानों ने इस इलाके में हमारी स्थिति को मजबूत किया और जमीनी स्थिति को बदलने के चीनी इरादों को ध्वस्त किया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय सेना बातचीत के माध्यम से शांति और एकता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन अपनी क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए भी समान रूप से दृढ़ है।



सीमा मुद्दों को हल करने के लिए चुशुल में एक ब्रिगेड कमांडर स्तर की फ्लैग मीटिंग चल रही है।’’ गौरतलब है कि, जून के मध्य में दोनों देशों के जवानों के बीच पूर्वी लद्दाख की गलवां घाटी में हिंसक झड़प हो गई थी। इस झड़प में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए थे। वहीं, चीन ने इस झड़प में हताहत हुए अपने जवानों की जानकारी को साझा नहीं किया था। हालांकि, एक अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में बताया गया था कि इस घटना में चीन के 35 जवान हताहत हुए थे।


भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच पिछले साढ़े तीन महीने से पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के साथ कई क्षेत्रों में गतिरोध जारी है। भारत इस बात पर जोर देता रहा है कि चीन को अपनी सेना को फिंगर 4 और 8 के बीच के क्षेत्रों से हटाना होगा।


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हरियाणा काडर के सभी प्रशिक्षणाधीन आईएएस अधिकारी भारत सरकार के ऑनलाइन प्रशिक्षण पोर्टल में भागीदारी करेंगे...

संवाददाता चंडीगढ़ हरियाणा 


      विशिष्ट भूमिकाओं के लिए कर्मचारियों के प्रशिक्षण एवं पहचान को पूर्ण पारदर्शी बनाने, प्रत्येक कर्मचारी को सीखने, विकास करने और बेहतर सेवा के लिए उचित अवसर प्रदान करने के प्रयास के तहत हरियाणा काडर के सभी प्रशिक्षणाधीन आईएएस अधिकारी भारत सरकार के ऑनलाइन प्रशिक्षण (आईजीओटी) पोर्टल में भागीदारी करेंगे।


इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि हरियाणा काडर के आईएएस अधिकारी इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेंगे। इस कार्यक्रम की घोषणा हाल ही में लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी, मसूरी द्वारा की गई है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ऑनलाइन प्रशिक्षण पोर्टल को केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा विकसित किया गया है।


उन्होंने बताया कि यह प्रशिक्षण प्रक्रिया कर्मचारियों एवं नागरिकों के लिए सेवा को और संतोषजनक बनाएगी जोकि सरकार की नीतियों एवं सेवाओं के अंतिम प्राप्तकर्ता हैं।



प्रवक्ता ने बताया कि भारत सरकार ऑनलाइन प्रशिक्षण पोर्टल प्रशासन को समझने और उसे प्रभावी बनाने के तरीकों में अपार परिवर्तन लाने में सहायक होगा। यह एक नियम आधारित प्रणाली से भूमिका आधारित प्रणाली में परिवर्तित होगी।


उन्होंने बताया कि एफआरएसी अर्थात नियम, गतिविधि एवं क्षमता रूपरेखा एक सरकारी कर्मचारी के समस्त व्यावसायिक जीवन चक्र को यह सुनिश्चित करने में सक्षम बनाती है कि उन्हें एक विशिष्ट कार्य, प्रदर्शन मानचित्रण, पात्रता मूल्यांकन और प्रशिक्षण की दिशा का आंकलन करने और  प्रशिक्षण के माध्यम से कौशल बढ़ाने के लिए क्या करना चाहिए।


उन्होंने बताया कि नागरिक सेवा क्षमता निर्माण के अपने राष्ट्रीय कार्यक्रम के माध्यम से केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की इस परिकल्पना में सक्रिय भागीदार बनकर अकादमी द्वारा अन्य केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थानों के साथ मिलकर विभिन्न विषयों में ऑनलाइन अध्ययन मॉडयूल तैयार किए जा रहे हैं। इन अध्ययन मॉडयूल को शीघ्र ही भारत सरकार ऑनलाइन प्रशिक्षण पोर्टल पर डाला जाएगा।


सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए विकेंद्रीकृत अध्ययन अवसरों के लक्ष्य की दिशा में कार्य करते हुए यह परिकल्पना की गई है कि इस ढांचे में प्रशिक्षणाधीन युवा अधिकारी भी शामिल हों और उन्हें कौशल मानचित्रण एवं सुधार में सक्रिय भागीदार बनाएं।


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मुख्यमंत्री के निर्दश पर बाढ़ से निपटने को लेकर आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह से सतर्क...

संवाददाता : पटना बिहार


बिहार एक झलक में, बिहार की प्रमुख खबरें  :


      मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्दश पर बाढ़ से निपटने को लेकर आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह से सतर्क है। नदियों के बढ़े जलस्तर से बिहार के 16 जिलों के कुल 130 प्रखंडों की 1,333 पंचायतें प्रभावित हुई हैं। खगड़िया में 01 और समस्तीपुर में 04 राहत शिविर चलायी जा रही है। इन सभी 06 राहत शिविरों में कुल 4,759 लोग आवासित हैं। 57 कम्युनिटी किचेन चलाए जा रहे हैं, जिनमें प्रतिदिन 51.207 लोग भोजन कर रहे हैं। सभी बाढ़ प्रभावित जिलों में NDRF और SDRF की टीमें प्रतिनियुक्त है। अब तक प्रभावित इलाकों से NDRF, SDRF और बोट्स के माध्यम से 5,50,792 लोगों को निष्क्रमित किया गया है।

वहीं मुख्यमंत्री के निर्देश पर बाढ़ प्रभावित 13,22,891 परिवारों को जी.आर. की राशि 6,000 रुपये की दर से कुल 793.61 करोड़ रुपये का भुगतान उनके बैंक खाते में किया जा चुका है। ऐसे परिवारों को एस.एम.एस. के माध्यम से सूचित भी किया गया है। आपदा प्रबंधन विभाग संपूर्ण स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर कोराना संक्रमण की जांच और इसके इलाज से संबंधित सभी बिन्दुओं पर सरकार लगातार आवश्यक कार्रवाई कर रही है। कोरोना संक्रमण की पॉजिटिविटी रेट में लगातार कमी हो रही है, जबकि रिकवरी रेट में उत्तरोत्तर सुधार हो रहा है। बिहार की रिकवरी रेट 80 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत से लगभग 10 प्रतिशत अधिक है।




वहीं वापस लौटे श्रमिकों एवं कामगारों के लिए रोजगार सृजन पर सरकार का पूरा ध्यान है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर लॉकडाउन पीरियड से लेकर अभी तक 5 लाख 7 हजार 201 योजनाओं के अंतर्गत 14 करोड़ 25 लाख से अधिक मानव दिवसों का सृजन किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ओणम के शुभ अवसर पर सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार स्टेट बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष और वरीय अधिवक्ता बालेश्वर प्रसाद शर्मा के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे कानुन के अच्छे जानकार थे। वे अधिवक्ताओं के हक एवं उनके अधिकार के लिए लगातार संघर्षशील रहे उनके निधन से विधि के क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।

कोविड-19 की रोकथाम को लेकर शेखपुरा जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जिलाधिकारी ने कोविड-19 सैम्पल जांच की संख्या बढ़ाने का निर्देश सभी एमओआईसी को दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि सभी प्रखंडों के लिए सैम्पल जांच की अलग-अलग संख्या निर्धारित की गयी है। विशेष मेडिकल टीम बनाकर होम आइसोलेशन में रहने वाले वयोवृद्ध व्यक्तियों के स्वास्थ्य की जांच कर आवश्यक परामर्श एवं दवाई देना सुनिश्चित करें। कोविड से बचने के लिए मास्क, सेनिटाइजर का उपयोग एवं सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन जरूरी है।

कोविड-19 से बचाव को लेकर सीतामढ़ी जिला प्रशासन हर स्तर पर काम कर रहा है। जिलाधिकारी ने एसपी, डीडीसी तथा अन्य अधिकारियों के साथ परिहार प्रखंड के सोनापट्टी चौक, एकडण्डी, लहेरिया आदि स्थलों पर मास्क पहनने हेतु मास्क फोर्स अभियान के तहत व्यापक जांच अभियान चलाया। जिलाधिकारी ने मास्क पहनने एवं सामाजिक दूरी का पालन हेतु लोगों को जागरूक भी किया। साथ ही उन्होंने मास्क नहीं पहनने वालों से जुर्माने की राशि वसूलने का निर्देश दिया।

जहानाबाद जिला पदाधिकारी ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जन जाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम एवं संशोधित नियम के कार्यान्वयन हेतु जिलास्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक की। वित्तीय वर्ष 2020-21 में अनुसूचित जाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत अनुदान मद में प्राप्त आवंटन/व्यय, उपरोक्त अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में दोषसिद्धि, मृतक के आश्रित को देय पेंशन इत्यादि की समीक्षा की गई।

बेतिया जिलाधिकारी ने जिले के सब्जी उत्पादकों को उत्पाद का उचित मूल्य दिलाने तथा खरीददारों को सस्ती एवं हरी-ताजी सब्जियां उपलब्ध कराने के उद्देश्य से समाहरणालय परिसर से सब्जी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जिलाधिकारी ने कहा कि सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन संघ द्वारा उपलब्ध करायी गयी सब्जियों को वाहनों के माध्यम से जिले के विभिन्न हाट बाजारों में भेजा जा रहा है, जहां आम नागरिकों को निर्धारित एवं सस्ती दर पर ताजी सब्जियां उपलब्ध होगी। इसका मुख्य उद्देश्य सब्जी उत्पादकों को उचित मूल्य दिलाना तथा खरीददारों को सस्ती एवं ताजी सब्जियां उपलब्ध कराना है।

अरवल जिला को धूम्रपान मुक्त घोषित किया गया है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समहराणालय सभाकक्ष में राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण के तहत धूम्रपान मुक्त जिला घोषणा समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक, अनुमंडल पदाधिकारी, सिविल सर्जन सहित जिले के सभी पदाधिकारी पुलिस पदाधिकारी उपस्थित थे।

आगामी बिहार विधानसभा निर्वाचन 2020 के मद्देनजर समस्तीपुर जिला पदाधिकारी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने स्ट्रांग रूम एवं मतगणना हॉल हेतु समस्तीपुर कॉलेज, समस्तीपुर के भवन और कैंपस का निरीक्षण किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया।


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जनता मिलन कार्यक्रम में डीएम ने जनता की शिकायते सुनी...

संवाददाता : देहरादून उत्तराखंड 


      जिलाधिकारी डाॅं. आशीष कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में जिला कार्यालय में जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों के त्वरित गति से निस्तारण करने को लेकर जनता मिलन कार्यक्रम का आयोजित हुआ। इस अवसर पर 15 फरियादियों द्वारा अपनी शिकायतें/समस्यांए प्रस्तुत की गई, जिनमें अधिकांश शिकायतें शस्त्र लाईसेंस, जल निकासी, साफ-सफाई, मार्ग निर्माण, गिरासू भवन, बेटे के विरूद्ध शिकायत, बन्द नाला खोले जाने, स्कूल फीस, वेतन आहरण कराये जाने को लेकर प्राप्त हुई। जनसुनवाई के दौरान जावेद, भूपेन्द्र बोरा, रणजीत सिंह, के.बी चन्द, विनय कुमार एवं तेजेन्द्र सिंह द्वारा शस्त्र लाईसेंस दिलाये जाने को लेकर मांग उठाई गई, जिस पर जिलाधिकारी ने शस्त्र अनुभाग को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये। मेहूवाला निवासी धर्मपाल सिंह ने क्षेत्र में जल निकासी किये जाने का मामला उठाया, इस पर जिलाधिकारी ने तहसीलदार सदर को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिये।


लीला शर्मा द्वारा उनके क्षेत्र में मार्ग निर्माण एवं साफ-सफाई के सम्बन्ध में शिकायत की जिस पर जिलाधिकारी ने नगर निगम के साथ ही उप जिलाधिकारी सदर को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिये। जनसुनवाई में मेजर रणवीर सिंह ने अपने बेटे के विरूद्ध परेशान किये जाने की शिकायत की गई, जिस पर उप जिलाधिकारी सदर को आपसी सुलह अथवा बेदखली का मामला दर्ज कराने के निर्देश दिये।



करनपुर के इरशाद अहमद द्वारा गिरासू भवन में दुकान ठीक करने के सम्बन्ध में अपनी समस्या रखी जिस पर जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी को मौका मुआवना कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिये। मनोज गौड़ द्वारा होटल निर्माण एक्शटेंशन के सम्बन्ध में अपना मामला रखा इस पर जिलाधिकारी ने डीएलआरसी को पत्रावली प्रस्तुत करने के निर्देश दिये हैं,  मीरा देवी द्वारा भवन को पीछे बंद नाला खोले जाने की समस्या बताई, इस पर जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी सदर को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।


जनसुनवाई के तहत् इन्द्रेश अस्पताल के डाॅ बानी द्वारा अस्पताल द्वारा वेतन न दिए जाने की शिकायत की इस पर जिलाधिकारी ने अस्पताल प्रबन्धन से वार्ता करने हेतु अपर जिलाधिकारी प्रशासन को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। बंजारावाला के देवेन्द्र शर्मा द्वारा स्कूल प्रबन्धन द्वारा फीस के सम्बन्ध में अपनी समस्या रखी जिस पर जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये।


इस दौरान खड़क माफ, तहसील डोईवाला के प्रतिनिधियों द्वारा बन्दोबस्त को लेकर अपनी समस्या रखी, जिस पर जिलाधिकारी ने क्षेत्रीय काश्तकारों को उनकी भूमि का बन्दोबस्त निर्धारित मापदण्ड के आधार पर  किये जाने का आवश्वासन दिया।


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PM मोदी के ‘मन की बात’ को यूट्यूब पर मिले लाइक से अधिक डिसलाइक...

संवाददाता : नई दिल्ली


       प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार यानी 30 अगस्त को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ को संबोधित किया। मगर सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म यूट्यूब पर दर्शकों के रिएक्शन को देखकर ऐसा लग रहा है कि यह लोगों को रास नहीं आया।


यही वजह है कि पीएम मोदी के ‘मन की बात’ को यूट्यूब पर पसंद करने वाले लोगों की संख्या से अधिक संख्या नापसंद करने वाले लोगों की देखी गई। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से बने यूट्यूब अकाउंट ‘Narendra Modi’ पर ‘प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी मन की बात विद नेशन’ शीर्षक से वीडियो अपलोडेड है। इस वीडियो के आंकड़ों पर गौर करने से पता चलता है कि इस वीडियो को 35 हजार लोगों ने जहां लाइक किया है, वहीं करीब 90 हजार लोगों ने डिस्लाइक किया है।



अब तक इस वीडियो को 668,852 व्यूज मिल चुके हैं। इस ‘मन की बात’ के वीडियो के लेटेस्ट आंकड़ों से पता चलता है कि यूट्यूब पर लाइक करने वाले से करीब ढाई गुना अधिक लोगों ने डिसलाइक बटन दबाया है। नरेंद्र मोदी यूट्यूब चैनल के अलावा, अगर मन की बात कार्यक्रम के लिए बीजेपी के चैनल पर नजर डालते हैं तो यह आंकड़ा और भी ज्यादा हैरान करता है।


भारतीय जनता पार्टी के यूट्यूब चैनल पर लाइक और डिस्लाइक का बहुत बड़ा अंतर दिख रहा है। यहां पर मन की बात कार्यक्रम को जहां 52 हजार लोगों ने लाइक किया है, वहीं इससे कई गुना अधिक 392 हजार लोगों ने डिसलाइक किया है। हालांकि, यहां पर इस कार्यक्रम को 1,312,602 व्यूज मिले हैं।



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रविवार, 30 अगस्त 2020

केंद्रीय मंत्री ने 777 करोड़ रुपये लागत की सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया...

संवाददाता : नई दिल्ली


      केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार वीडियो लिंक के जरिए महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में तीन महत्वपूर्ण पुलों और दो सड़क सुधार परियोजनाओं का उद्घाटन किया। मंत्री महोदय ने वैनगंगा, बांडिया, पर्लकोटा और पेरमिली नदियों पर चार अन्य प्रमुख पुल परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया। गढ़चिरौली जिले के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए गतिशीलता में सुधार लाने हेतु इन परियोजनाओं को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


आज जिन परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया, वे इस प्रकार हैं:



  • 168 करोड़ रुपये की लागत से निजामाबाद - जगदलपुर रोड (एनएच 63) पर प्राणहिता नदी पर 855 मीटर का प्रमुख पुल

  • 248 करोड़ रुपये की लागत से निजामाबाद - जगदलपुर रोड (एनएच 63) पर पातागुडम के पास इंद्रावती नदी पर 630 मीटर ऊंचा पुल

  • बेजुरपल्ली - अहेरी रोड पर लंकाचेन के पास 30 मीटर ऊंचा पुल

  • वातरा और मोयाबीनपेटा के बीच बेजुरपल्ली-अहेरी रोड (एसएच 275) का सुधार

  • गरंजी - पुस्टोला रोड का सुधार


इस अवसर पर बोलते हुए नितिन गडकरी ने कहा कि इन प्रमुख पुलों के निर्माण के साथ महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़-तेलंगाना में राष्ट्रीय राजमार्ग संपर्क अब पूरा हो गया है। उन्होंने कहा, "ये एक ऐसा सपना है जो लगभग 25 वर्षों के बाद सच हो गया है, इसकी कल्पना तब की गई थी जब मैं महाराष्ट्र में एक मंत्री था।



मंत्री महोदय ने टिप्पणी की कि, "गढ़चिरौली जैसे नक्सल प्रभावित जिलों के दूर-दराज के इलाकों में हर-मौसम का सड़क नेटवर्क इस क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में सुधार करेगा और आगामी दो वर्षों में गढ़चिरौली जिले में एक सर्वांगीण परिवर्तन दिखाई देगा।


मंत्री महोदय ने नक्सलियों के डर के बावजूद गढ़चिरौली में पुलों का निर्माण पूरा करने वाले इंजीनियरों और ठेकेदारों की तहेदिल से तारीफ की। उन्होंने बताया कि इंद्रावती नदी पर पुल का निर्माण बहुत ही मुश्किल और युद्ध जैसी परिस्थितियों के बीच पूरा हुआ था। इस पुल के निर्माण में मदद के लिए वहां एक पुलिस स्टेशन स्थापित करना पड़ा था।


केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने जिले की वैनगंगा, बांडिया, पर्लकोटा और पेरमिली नदियों पर 4 प्रमुख पुलों का भी शिलान्यास किया। इन नदियों में मौजूदा पुल बहुत संकरे हैं और अक्सर मानसून के दौरान जलमग्न हो जाते हैं। वैनगंगा नदी पर लगभग 825 मीटर का पुल गढ़चिरौली और चंद्रपुर जिले के बीच संपर्क में सुधार करेगा। मंत्री महोदय ने एनएचएआई के अधिकारियों से ये भी कहा कि प्रमुख पुलों के निर्माण कार्यों के दौरान बची 50 करोड़ रुपये की राशि का उपयोग 14 छोटे पुलों का निर्माण करने के लिए किया जाए और गढ़चिरौली जिलों के दुर्गम क्षेत्रों में निर्बाध परिवहन सुनिश्चित किया जाए।


गडकरी ने इस साल अलापल्ली - बामरागढ़ के बीच 35 किमी सड़क विकास को मंजूरी देने का वादा किया और शेष 65 किलोमीटर को अगले वित्तीय वर्ष में। मंत्री महोदय ने ब्रॉड गेज मेट्रो कनेक्टिविटी योजना के तहत देसाईगंज - ब्रह्मपुरी को नागपुर के साथ जोड़ने के लिए राज्य सरकार की अनुमति भी मांगी, जिससे यात्रा का समय वर्तमान ढाई घंटे से कम होकर 75 मिनट रह जाएगा।


एमएसएमई मंत्री के तौर पर पिछड़े क्षेत्रों के विकास के लिए अपने विजन के बारे में बोलते हुए श्री गडकरी ने कहा कि यहां बांस काफी मात्रा में उपलब्ध हैं, ऐसे में गढ़चिरौली अगरबत्ती निर्माण का केंद्र बन सकता हैजिसका आयात अब रोक दिया गया है। उन्होंने कहा कि यहां 100 इकाइयां स्थापित करने की गुंजाइश है जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। मंत्री महोदय ने यह भी कहा कि वे जैव-ईंधन विकास कार्यक्रम के तहत गढ़चिरौली में चावल से इथेनॉल बनाने की परियोजना शुरू कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "इससे चावल उत्पादकों को अधिक मूल्य प्रदान होगा और रोजगार भी पैदा होगा।" श्री गडकरी ने राज्य के लोक निर्माण कार्य मंत्री श्री एकनाथ शिंदे से गढ़चिरौली में 10,000 युवाओं को रोजगार देने के लक्ष्य के साथ रोजगार सृजन के विभिन्न मार्ग तलाशने का अनुरोध किया।


केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री जनरल वी. के. सिंह ने इस क्षेत्र में विकास सड़क परियोजनाओं के पूरा होने की सराहना की और कहा कि वामपंथी अतिवाद (एलडब्ल्यूई) वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मुख्यधारा में लाने के मामले में ये कदम लंबी दूरी तय करेंगे। उन्होंने कहा कि इन इलाकों में ज्यादा से ज्यादा बुनियादी ढांचा परियोजनाएं आ रही हैं, उससे अतिवाद लगातार नीचे आ रहा है।


महाराष्ट्र के पीडब्ल्यूडी मंत्री अशोक चव्हाण ने कहा कि गढ़चिरौली में सड़क विकास से औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और लोगों के जीवन स्तर के उत्थान में मदद मिलेगी। इसके अलावा कानून और व्यवस्था के रखरखाव में भी मदद मिलेगी। गढ़चिरौली-चिमूर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के सांसद श्री अशोक नेते, अन्य जनप्रतिनिधि और केंद्र व राज्य सरकार के अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।



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विद्युतीकरण से पिछड़ी बस्तियों में विकास को गति मिलेगी - ऊर्जा मंत्री तोमर

संवाददाता : भोपाल मध्यप्रदेश 


      ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने वर्चुअल तरीके से आज उपनगर ग्वालियर स्थित सती विहार एवं राधा विहार में 47 लाख की लागत से होने वाले विद्युतिकरण कार्य का भूमि पूजन किया। उन्होंने कहा कि विद्युतीकरण का यह कार्य तेजी से पूरा कराया जाएगा। इस क्षेत्र में विद्युतीकरण होते ही हर घर की बिजली समस्या हल हो जाएगी। साथ ही विकास को गति मिलेगी ।


मंत्री तोमर ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार पूरी शिद्दत के साथ घर -घर बिजली पंहुचाने में जुटी है।


ऊर्जा मंत्री तोमर ने सती विहार में 19 लाख 36 हजार रूपये एवं राधा विहार में 27 लाख 64 हजार रूपये की लागत से होने वाले विद्युतीकरण कार्य का भूमि पूजन किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने हर वर्ग के हितों को ध्यान में रखते हुए एक किलोवाट तक के बिजली के 31 अगस्त तक के बिल स्थगित कर दिये हैं। आपको सितम्बर का बिल ही दिया जायेगापिछला बकाया जोडकर नही दिया जायेगा।



ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि पीताम्बरा कॉलोनीझलकारी बाई कॉलेजकिरार कॉलोनीदीनदयाल नगर के पीछे की बस्तियों में बिजली की समस्या बनी हुई थी। इन समस्याओं को देखते हुए विद्युतीकरण का कार्य शुरू कर दिया है। साथ ही अधिकारियों को भी निर्देशित किया गया है कि क्षेत्र में उपभोक्ताओं को विद्युत से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या नही आनी चाहिए।


मंत्री तोमर ने कहा कि क्षेत्र का विकास अब रूकने वाला नही है। उन्होंने कहा कि चार शहर का नाके से सागर ताल रोडगांधी रोड जैसी चमकती हुई दिखेगी। इस सड़क पर डिवाईडर का कार्य चल रहा है। इसके बाद विद्युतीकरण किया जायेगा। बरसात के बाद डामरीकरण का कार्य सुचारू रूप से चालू हो जाएगा। पानी की समस्या के निदान के लिए अमृत योजना के तहत पानी की लाईन डाली जा रही है। साथ ही नलकूप भी खनित किये जा रहे हैंजिससे पानी की समस्या का निदान हो जायेगा।


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जैसलमेर में अल्पसंख्यक मामलात मंत्री ने पोकरण में ली अधिकारियों की बैठक...

संवाददाता  : जैसलमेर राजस्थान


      अल्पसंख्यक मामलात, मंत्री शाले मोहम्मद ने कहा है कि आम जन की समस्याओं का निस्तारण और हरसंभव विकास के अवसरों के माध्यम से सामुदायिक विकास राज्य सरकार की प्राथमिकताओं मेंं है और इस दिशा में हर स्तर पर प्रभावी एवं सार्थक कार्यवाही की जा रही है। 

 

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की मंशा के अनुसार अभावों और समस्याओं से प्रभावितों को समय पर राहत देने तथा उनकी पीड़ाओं को दूर कर स्वस्थ पारिवारिक एवं सामाजिक विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों को त्वरित गति से सार्थक बनाएं। 

 

शाले मोहम्मद ने रविवार को जैसलमेर जिले के पोकरण उपखण्ड मुख्यालय पर सांकड़ा पंचायत समिति सभागार में अधिकारियों की बैठक में यह निर्देश दिए। शाले मोहम्मद ने क्षेत्रीय विकास योजनाओं, कार्यक्रमों, विभिन्न विभागों की गतिविधियों आदि की समीक्षा की और इनके संबंध में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

 


 

उन्होंने कहा कि अधिकारियों एवं कार्मिकों सहित सभी जन प्रतिनिधियों की यही प्राथमिकता होनी चाहिए कि समस्याओं और परेशानियों से पीड़ितों को समय पर समाधान की राहत प्राप्त हो, शिकायतों से मुक्ति प्राप्त हो तथा खुशहाली एवं विकास की मुख्य धाराओं को लाभ प्राप्त कर आम जन सुशासन का अनुभव कर सके।

 

शाले मोहम्मद ने बुनियादी लोक सेवाओं एवं आधारभूत जन सुविधाओं से संबंधित गतिविधियों के क्रियान्वयन एवं इनसे संबंधित संरचनात्मक एवं विस्तारमूलक गतिविधियों पर विशेष जोर दिया और कहा कि इनसे जुड़े विभागों, अधिकारियों एवं कार्मिकों पर अधिक जिम्मेदारी है, जिसे समझ कर जनता की आशाओं, अपेक्षाओं एवं आकांक्षाओं पर खरा उतरें और अपने कार्यकाल को यादगार स्वरूप प्रदान करें। 

 

अल्पसंख्यक मामलात मंत्री ने कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने की दृष्टि से जारी गाइड लाईन एवं नियमों-निर्देशों व हिदायतों का पूरा-पूरा पालन करने की हिदायत भी दी।

 

इस अवसर पर उन्होंने जनसुनवाई भी की एवं उनका अभिनंदन भी किया गया। इस अवसर पर स्थानीय जन प्रतिनिधि अधिकारी मौजूद थे।

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नल जल प्रदाय योजना के लिए 1.30 करोड़ रूपए स्वीकृत...

संवाददाता : रायपुर छत्‍तीसगढ़


      लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग मंत्रालय द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत कांकेर और जांजगीर-चांपा जिले में सोलर ड्यूल पंप आधारित नल-जल प्रदाय योजना के लिए एक करोड़ तीस लाख 36 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।



लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार कांकेर जिले के चारामा विकासखण्ड के ग्राम गिधाली में सोलर ड्यूल पंप आधारित नल-जल योजना की स्थापना के लिए 58 लाख 99 हजार रूपए की और जांजगीर-चांपा जिले के मालखरौदा विकासखण्ड के ग्राम बरभांठा में सोलर ड्यूल पंप आधारित नल-जल प्रदाय योजना की स्थापना के लिए 71 लाख 37 हजार रूपए की स्वीकृति दी गई है।


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मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन जिला मण्डी ने मुख्यमंत्री राहत कोष में किया 51 हजार रुपये का अंशदान...

संवाददाता : शिमला हिमाचल


      मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को रविवार यहां मण्डी जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोहर लाल ने एसोसिएशन की ओर से मुख्यमंत्री राहत कोष में 51 हजार रुपये का चैक भेंट किया।

 


 

मुख्यमंत्री ने एसोसिएशन के सदस्यों का इस पुनीत कार्य के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योगदान आपदा के समय में जरूरतमंदों को सहायता प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा।

 

उन्होंने लोगों से फंड में उदारतापूर्वक योगदान करने का आग्रह किया ताकि संकट के समय में गरीब और जरूरतमंदों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा सके।

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देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में प्रतिदिन रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी हो रही : मुख्यमंत्री

संवाददाता : रांची झारखंड


      मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में प्रतिदिन रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी हो रही है। यह संख्या 78 हजार पहुंच चुकी है। ऐसे में संक्रमण काल में सितंबर में आयोजित होने वाले JEE, NEET की परीक्षा लाखों बच्चों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। इस बात का ध्यान केंद्रीय शिक्षा मंत्री को रखना चाहिए।


मुख्यमंत्री ने छात्रों के स्वास्थ्य के मद्देनजर देश के युवा खासकर चिकित्सक एवं इंजीनियर से आयोजित होने वाले परीक्षा के संदर्भ में सुझाव मांगा है।



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डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी दुर्घटना सहायता योजना के तहत दुर्घटना में मृत्यु या अपंगता होने पर एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता...

संवाददाता चंडीगढ़ हरियाणा 


      हरियाणा सरकार द्वारा राज्य के 18 से 70 वर्ष तक की आयु के नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी दुर्घटना सहायता योजना के तहत दुर्घटना में मृत्यु या अपंगता होने पर एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह योजना पूरी तरह से नि:शुल्क है। इसलिए पात्र लाभार्थियों को योजना के तहत किसी भी प्रकार के प्रीमियम का भुगतान नहीं करना होगा। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत आने वाले केस इस योजना में कवर नहीं होंगे।


एक सरकारी प्रवक्ता ने इस बारे में और अधिक जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के तहत कवरेज के दायरे में केवल वही हरियाणा निवासी और राज्य के मूल निवासी आएंगे जो नामांकन न होने या किसी अन्य कारण से प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत लाभ उठाने में सक्षम नहीं हैं। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत मृत्यु, सडक़ या हवाई दुर्घटनाओं, दंगों, हड़ताल और आतंकवाद जैसी दुर्घटनाओं के कारण स्थायी विकलांगता या विकलांगता, सांप के काटने, डूबने, विष, करंट लगने, ऊंचाई से गिरने, मकान या भवन के गिरने, अग्नि, विस्फोट, हत्या, जानवरों के हमले, भगदड़ और घुटन, पाला मारने, लू लगने, बिजली गिरने, जलने, भूख या भुखमरी (केवल मृत्यु) और प्रसव के दौरान मातृ मृत्यु जैसे मामले कवर होंगे।



उन्होंने बताया कि इस योजना में व्यावसायिक खतरों जैसे कि थ्रेशिंग मशीन या औद्योगिक मशीन या किसी अन्य अप्राकृतिक घटना के कारण मृत्यु या पूर्ण स्थायी विकलांगता या विकलांगता भी शामिल होगी। योजना के तहत युद्ध और इससे संबंधित खतरे, परमाणु जोखिम और जानबूझ कर स्वयं को चोट पहुंचाने, आत्महत्या या आत्महत्या का प्रयास, मादक पेय या मादक पदार्थों के कारण, यात्री के रूप में हवाई यात्रा के अलावा हवाई गतिविधियों में लिप्त होने तथा आपराधिक इरादे से किसी भी कानून का उल्लंघन करने के मामले शामिल नहीं होंगे।


उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत स्वीकृत लाभ का 50 प्रतिशत लाभ मिलेगा। अर्थात दुर्घटना मृत्यु के लिए एक लाख रुपए और दुर्घटना के कारण दोनों आंखों की पूर्ण या रि-कवरेबल हानि या दोनों हाथों या पैरों की हानि या एक आँख की दृष्टि खोने या हाथ या पैर की हानि के मामले में एक लाख रुपए दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि विकलांगता  के मामले में लाभ का भुगतान दुर्घटना के शिकार व्यक्ति को किया जाएगा, जबकि मृत्यु के मामले में लाभ वरीयता के आधार पर जीवित पति या पत्नी (यदि पुनर्विवाह न किया हो), सभी अविवाहित बच्चों को बराबर हिस्सा, माता तथा पिता को दिया जाएगा।


प्रवक्ता ने बताया कि इस योजना के तहत दुर्घटना पीडि़त या पात्र संबंधी (मृत्यु के मामले में) द्वारा आवेदन उस जिले के जिला समाज कल्याण अधिकारी को किया जाएगा, जहां दुर्घटना पीडि़त दुर्घटना के समय रहता था। जिला समाज कल्याण अधिकारी अपने कार्यालय में दावा प्राप्त होने की तिथि से पांच कार्य दिवसों के भीतर दावे को उपायुक्त को भेजेगा। उपायुक्त भी पांच कार्य दिवसों के भीतर दावे का फैसला करेगा और वह दावा स्वीकार करने के लिए सक्षम प्राधिकारी होगा। उपायुक्त के निर्णय के खिलाफ सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के निदेशक को अपील की जा सकेगी। अपील दायर करने की समय सीमा उपायुक्त से दावा रद्द होने की तिथि से तीन माह होगी। राशि का भुगतान सीधा पात्र दावेदार के बैंक खाते में किया जाएगा।


उन्होंने बताया कि मृत्यु के मामले में, इस योजना के तहत जमा करवाए जाने वाले दस्तावेजों में दावा फार्म, हरियाणा डोमिसाइल सर्टिफिकेट और सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी राज्य में निवास का प्रमाण पत्र, दुर्घटना पीडि़त का आयु प्रमाण, दुर्घटना पीडि़त और पात्र रिश्तेदार (मृत्यु के मामले में) का आधार कार्ड, एफआईआर या पुलिस रोजनामचा रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मृत्यु प्रमाण पत्र और यदि दावेदार जीवित पति या पत्नी है तो इस आशय का हलफनामा कि  उसने पुनर्विवाह नहीं किया है, शामिल होंगे।


प्रवक्ता ने बताया कि विकलांगता के मामले में जमा किए जाने वाले दस्तावेजों में दावा फार्म, हरियाणा डॉमिसाइल प्रमाण पत्र और सक्षम प्राधिकारी द्वारा राज्य में निवास का प्रमाण पत्र, आयु का प्रमाण, आधार कार्ड और विकलांगता की प्रतिशतता तथा उसके प्रकार की पुष्टि करते हुए सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी मेडिकल सर्टिफिकेट तथा मेडिको-लीगल रिपोर्ट शामिल होगी। उन्होंने बताया कि मृत्यु की तिथि के छह महीने बाद तथा विकलांगता की तिथि से 12 महीने बाद जमा करवाए गए किसी भी दावे पर विचार नहीं किया जाएगा।


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उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन खोलने का दिया सुझाव...

संवाददाता : देहरादून उत्तराखंड 


      वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण उत्तराखंड में पर्यटन उद्योग पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव तथा उनसे जुड़ी समस्याओं एवं सुझावों पर विचार-विमर्श के दौरान औद्योगिक प्रतिनिधयों ने साहसिक पर्यटन शुरू करने और क्वारंटीन अवधि कम करने के सुझाव दिए हैं। पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर की मौजूदगी में होटल, राफ्टिंग, एयरो स्पोट्र्स, सीआईआई और फिक्की के 20 से अधिक प्रतिनिधियों की शनिवार को यहां वचुर्अल बैठक में उद्योग प्रतिनिधियों ने यह सुझाव दिया।


जावलकर ने सरकार की तरफ से उद्योग के कर्मियों को उपलब्ध करायी जा रही मदद की जानकारी दी और उद्योग से सरकार को सहयोग करने की अपेक्षा जाहिर की। होटल उद्योग प्रतिनिधियों ने कोविड टेस्ट के सम्बंध में असमंजस की स्थिति से अवगत कराया। साथ ही पर्यटकों हेतु क्वारंटीन अवधि सात दिन से कम किये जाने का सुझाव दिया गया। राज्य के बॉर्डर पर पर्यटक सहायता केन्द्र भी स्थापित किये जाने के सुझाव दिए गए। शादी समारोह व अन्य कार्यक्रमों से सम्बन्धित आयोजनों में अधिकतम 50 अतिथियों की सीमा के स्थान पर प्रति वर्ग मी० के आधार पर अतिथियों की संख्या के निधार्रण करने का सुझाव दिया गया है।



ऑनलाईन बैठक के दौरान राफ्टिंग व साहसिक पर्यटन से जुड़े प्रतिनिधियों द्वारा साहसिक पर्यटन की गतिविधियों को खोले जाने का अनुरोध किया गया है। साथ ही ट्रैकिंग गतिविधियों को खोलने के लिए वन विभाग को दिशा-निदेर्श जारी किये जाने का भी सुझाव दिया गया। साहसिक पर्यटन की गतिविधियों के संचालन हेतु एडवेंचर टुअर ऑपरेटर एसोसिएशन ऑफ इण्डिया (एटीएएआई) द्वारा तैयार की गई गाईडलाइन्स को प्रयोग में लाने का सुझाव दिया गया। सीआईआई के प्रतिनिधि ने पर्यटकों से जुड़ी समस्याओं एवं उनके समाधान के लिए कॉल सेंटर स्थापित किये जाने का सुझाव दिया।


फिक्की के प्रतिनिधि द्वारा राज्य में पर्यटन को बढ़ाने के उद्देश्य से पर्यटकों को इनसन्टिवध्डिस्काउंट दिये जाने के साथ ही सकारात्मक प्रचार अभियान चलाये जाने का भी सुझाव दिया गया। कोविड से सम्बन्धित सभी प्रोटोकॉल गाईडलाइन्स पर स्पष्ट आदेश जारी किये जाने के सुझाव दिये गये, जिसमें किसी प्रकार का असमंजस न हो।


जावलकर ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा पर्यटन उद्योग के कार्मिकों को तात्कालिक सहायता के रूप में 1000 रुपये प्रति कार्मिक उपलब्ध कराये जाने हेतु धनराशि जिलाधिकारियों को उपलब्ध कराई गई है, जिसमें लगभग 2.5० करोड़ की धनराशि वितरित भी की जा चुकी है।


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भारत की कोई भी पार्टी भारत को उज्ज्वल भविष्य दे सकती है : अन्ना

संवाददाता : नई दिल्ली


      दिल्ली की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी के जनांदोलन में शामिल होने के दिल्ली भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता के अनुरोध पर सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने शुक्रवार को भेजे अपने जवाब में कहा है कि जब तक व्यवस्था नहीं बदली जाती, तब तक स्थिति में कोई बदलाव नहीं होगा और उनके दिल्ली आने से भी इसमें कोई अंतर नहीं आएगा।


अन्ना हजारे ने अपने पत्र में लिखा, “मुझे लगता है कि यहां तब तक कोई बदलाव नहीं आएगा, जब तक सिस्टम में कोई बदलाव नहीं होता है, तब तक मेरे दिल्ली आने पर भी कोई फर्क नहीं पड़ेगा।



दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने सोमवार को सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे को पत्र लिखकर उनसे AAP के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ अपनी पार्टी के “जन आंदोलन” में शामिल होने का आग्रह किया था।अन्ना ने अपने पत्र में कहा, “मैं आपके पत्र से बहुत निराश हूं।


आपकी राष्ट्रीय पार्टी पिछले छह वर्षों से अधिक समय से देश पर शासन कर रही है और आप देश की सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करते हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आप एक 83 वर्षीय ऐसे व्यक्ति जो 10×12 फीट कमरे में रह रहा है और जिसके पास पैसा और ताकत भी नहीं है आप उससे मदद मांग रहे हैं। उन्होंने पूछा कि दिल्ली सरकार के कई मामले केंद्र सरकार के अधीन आते हैं जैसे सीबीआई, आर्थिक अपराध और व्यापार। प्रधानमंत्री ने हमेशा भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करने का दावा किया।


अगर दिल्ली सरकार भ्रष्टाचार में लिप्त है, तो आपकी सरकार उनके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है? या भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने के आपके वादे थोथे थे?  अन्ना हजारे ने कहा कि उनका किसी पार्टी या पद से कोई लेना-देना नहीं है। वह गांवों, समाज और देश के कल्याण के लिए विरोध प्रदर्शन करते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि भारत की कोई भी पार्टी भारत को उज्ज्वल भविष्य दे सकती है।


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मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत NEET तथा JEE की परीक्षाओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री से बातचीत

संवाददाता : देहरादून उत्तराखंड 


      NEET तथा JEE की परीक्षाओं को लेकर रविवार केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dr.Ramesh Pokhriyal Nishank से बातचीत की। उन्हें बताया कि राज्य में परीक्षाओं को सुरक्षित और सुचारू रूप से करवाने की पुख्ता व्यवस्था की गई है। निशंक जी ने भी केंद्र की तरफ से प्रदेश सरकार को पूरा सहयोग करने का भरोसा दिलाया है। परीक्षा के प्रबंधन में कोविड-19 के सभी मानकों का पालन सुनिश्चित किया गया है। परीक्षार्थियों को हर सम्भव सुरक्षा व सुविधा उपलब्ध कराने के लिए हम वचनबद्ध हैं। सभी परीक्षार्थियों को शुभकामनाएं देता हूँ।



 


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कोविड-19 की वर्तमान स्थिति में प्रतिदिन एक लाख से अधिक सैम्पल्स की जांच हो रही है...

संवाददाता : पटना बिहार


बिहार एक झलक में, बिहार की प्रमुख खबरें  :



      कोविड-19 की वर्तमान स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार सभी बिन्दुओं पर समुचित कार्रवाई की जा रही है। प्रतिदिन एक लाख से अधिक सैम्पल्स की जांच हो रही है और अन्य पैरामीटर्स में भी काफी सुधार हुआ है। स्वास्थ्य विभाग निरंतर क्वालिटी इम्प्रूवमेंट एवं बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए काम कर रहा है। क्वालिटी इम्प्रूवमेंट एवं बेहतर इलाज की व्यवस्था का ही परिणाम है कि रिकवरी रेट लगातार बढ़ रहा है और आज बिहार का रिकवरी रेट 86.56 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत से 10 प्रतिशत अधिक है।



 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर बिहार की विभिन्न नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह से सतर्क है। नदियों के बढ़ते जलस्तर से बिहार के 16 जिलों के कुल 130 प्रखंडों की 1,333 पंचायतें प्रभावित हुई हैं, जहाँ आवश्यकतानुसार राहत शिविर चलाई जा रही हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में 68 कम्युनिटी किचेन चलाये जा रहे हैं, जिनमें प्रतिदिन 62,138 लोग भोजन कर रहे हैं। सभी बाढ़ प्रभावित जिलों में NDRF/SDRF की टीमें प्रतिनियुक्त हैं और अब तक प्रभावित इलाकों से NDRF/SDRF और बोट्स के माध्यम से 5,50,792 लोगों को निष्क्रमित किया गया है। अब बाढ़ की स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है।

 



वहीं मुख्यमंत्री के निर्देश पर अभी तक बाढ़ प्रभावित 13,22,691 परिवारों के बैंक खाते में प्रति परिवार 6,000 रुपये की दर से कुल 793.61 करोड़ रुपये जी.आर. की राशि भेजी जा चुकी है। सभी लाभान्वित परिवारों को SMS के माध्यम से सूचित भी किया गया है।

 


 



मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुहर्रम की 10वीं तारीख के अवसर पर कर्बला के शहीदों एवं हजरत इमाम हुसैन की कुर्बानियों को नमन किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैदान-ए-कर्बला में अन्याय, जुल्म, अहंकार के विरुद्ध हक और सच्चाई के लिए हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों द्वारा दी गयी कुर्बानी अमर है। इसे कमायत तक याद किया जाएगा। इससे प्रेरणा लेकर हमें इंसानियत, सच्चाई और भलाई के लिए बड़ी सी बड़ी कुर्बानी देने के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए।

 



आगामी बिहार विधानसभा चुनाव-2020 की तैयारियां बक्सर जिला प्रशासन द्वारा तेज कर दी गयी है। इसी क्रम में जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से बाजार समिति प्रांगण स्थित बनाए जाने वाले मतगणना केंद्र एवं स्ट्रांग रूम का निरीक्षण किया एवं संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिया।

 



बाहर से आए कामगारों को आत्मनिर्भर बनाने हेतु जिला प्रशासन कृत संकल्पित है। इसी क्रम में पूर्णिया जिलाधिकारी द्वारा श्रमिकों को रोजगार देने व स्वरोजगार (सूक्ष्म लघु उद्योगों की स्थापना) के विकास एवं बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला औद्योगिक नवप्रवर्तन योजना अंतर्गत सीमांचल टेलरिंग क्लस्टर टौली डगरूआ एवं A R गारमेंट्स क्लस्टर एकंबा जलालगढ़ का उद्घाटन किया गया।

 



आगामी बिहार विधानसभा चुनाव-2020 की तैयारियों में बेगूसराय जिला प्रशासन जुट गया है। इसी क्रम में जिला निर्वाचक पदाधिकारी-सह-जिला पदाधिकारी द्वारा आसन्न बिहार विधानसभा निर्वाचन, 2020 के मद्देनजर गठित विभिन्न कोषागों के कार्यों की समीक्षा की गई तथा संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

 



कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रसार की रोकथाम हेतु सीतामढ़ी जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी कड़ी में जिलाधिकारी द्वारा परिहार प्रखंड के सोनापट्टी चौक, एकडण्डी, लहेरिया आदि स्थलों पर पहुंचकर मास्क पहनने को लेकर मास्क फ़ोर्स अभियान के तहत सघन जांच किया गया एवं मास्क नहीं पहनने वालों से जुर्माना राशि भी वसूला गया, वहीं दूसरी तरफ डीएम ने मास्क एवं सामाजिक दूरी को लेकर लोगों को जागरूक भी किया।

 



कोरोना संक्रमितों को हरसंभव चिकित्सा सुविधा देने हेतु नालंदा जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में जिलाधिकारी ने जीवन रक्षक टीम द्वारा संचालित टेली काउंसिलिंग कार्यालय, राजगीर का औचक निरीक्षण किया। ये टेली काउंसिलिंग कार्यालय नालंदा जिला में कोविड 19 के पॉजिटिव मरीजों, जो घर में आवासित हैं, उनके स्वास्थ्य की देखभाल सुबह शाम फोन के माध्यम से करती है। इस मौके पर जिलाधिकारी ने टेली काउंसिलिंग कार्यालय में उपस्थित सभी लोगों से करीब 45 मिनट तक बातचीत की और उनके कार्यकलापों के बारे में भी जाना।

 



कोविड-19 की रोकथाम हेतु गया जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। इसी के अंतर्गत जिलाधिकारी ANMMCH के अधीक्षक तथा सिविल सर्जन गया को निर्देश दिया कि जिले में जहां अधिक कोरोना के केस आ रहे हैं, उस क्षेत्र में शत प्रतिशत लोगों की जांच रैपिड एंटीजन टेस्ट से करावें। उन्होंने कहा कि नगर क्षेत्र में कार्यपालक पदाधिकारी तथा ग्रामीण क्षेत्र में अंचलाधिकारी कंटेनमेंट जोन के अंदर सभी हाउसहोल्ड की सूची तैयार कर उसमें संबंधित व्यक्तियों के सैंपल कलेक्शन कर जांच कराना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि कंटेनमेंट जोन में एक भी व्यक्ति जांच से वंचित ना रहे इसे सुनिश्चित करें। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक जांच कराने पर उन्होंने जोर दिया।

 



आगामी बिहार विधानसभा चुनाव-2020 को देखते हुए कैमूर जिला प्रशासन द्वारा कार्रवाई तेज कर दी गयी है। इसी कड़ी में जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह- जिलाधिकारी द्वारा सभी 04 विधानसभा क्षेत्र के लिए मतदाता जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने बताया कि विधानसभा चुनाव हेतु विशेष अभियान चलाकर छूटे हुए मतदाता/दिव्यांगजन/प्रवासियों के नाम जोड़ने, नाम विलोपन एवं संशोधन का कार्य किया जायेगा।

 



आगामी बिहार विधानसभा चुनाव- 2020 को देखते हुए भोजपुर जिलाधिकरी ने संदेश तथा आरा विधानसभा क्षेत्र के लिए मतदाता जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने बताया कि यह जागरूकता रथ निर्धारित रूट चार्ट पर घूम-घूम कर लोगों को मतदान के संबंध में एवं मतदाता सूची में छूटे हुए नाम को जोड़ने के संबंध में लोगों के बीच जागरूकता फैलाएगी!


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पत्रकारों की हत्याओं और पत्रकारों पर फर्जी मुकदमे बनाकर जेल भेजने के खिलाफ संसद के सामने डीजेए का प्रदर्शन...

आदेश शर्मा @ नई दिल्ली


      नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स-इंडिया और दिल्ली जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ने देश में पत्रकारों की हत्या और उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों में पत्रकारों पर फर्जी मुकदमे बनाकर जेल में भेजने के खिलाफ संसद के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को दो ज्ञापन सौंपे गए। ज्ञापन में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश में सुरक्षा मांगने के बावजूद पुलिस की लापरवाही के कारण तीन पत्रकारों को गोलियों से उड़ा दिया गया। दूसरे ज्ञापन में उत्तराखंड में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक खामियों को उजागर करने वाले पत्रकारों पर राजद्रोह के मामले दर्ज कर जेल भेजने के मामलों में हस्तक्षेप का अनुरोध किया गया है।


इटंरनेशनल फेडरेशन ऑफ जर्नलिस्ट्स से संबद्ध एनयूजे-आई के राष्ट्रीय अध्यक्ष रास बिहारी की अगुवाई में निकाले गए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में मीडियाकर्मियों ने हिस्सा लिया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति को दिए गए ज्ञापन में पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की मांग की गई है। 30 अगस्त को पूरे देश में पत्रकारों के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज करने के खिलाफ ऑनलाइन धरना दिया जायेगा।



दिल्ली जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन के राकेश थपलियाल ने कहा कि उत्तराखंड में पत्रकारों का सरकार द्वारा उत्पीड़न किया जा रहा है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत मीडिया की आवाज दबाने में लगे हुए हैं। राज्य के वरिष्ठ पत्रकार और निजी न्यूज़ चैनल के मुख्य संपादक उमेश कुमार, वरिष्ठ पत्रकार राजेश शर्मा, एसपी सेमवाल व अन्य लोगों के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दर्ज कर  गैंगस्टर लगा दिया।


दिल्ली जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन के महासचिव एवं दैनिक भास्कर के राजनैतिक संपादक के.पी. मलिक ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बदमाशों की गोलियों से मारे गए तीन पत्रकारों शलभमणि तिवारी, विक्रम जोशी और रतन सिंह ने पुलिस से हत्या होने की आशंका के कारण सुरक्षा मांगी थी। तीनों की मौत उत्तर प्रदेश में खराब कानून-व्यवस्था के कारण हुई है। इसके अलावा हमारी मांग है कि पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने, मीडिया काउंसिल और मीडिया कमीशन का गठन हो, लेकिन सर्वप्रथम प्रदेश सरकार पत्रकारों के खिलाफ फर्जी मुकदमों के आधार गिरफ्तारी बंद करें। मलिक ने कहा कि हम सरकार से पत्रकारों की हत्या के आरोपियों को कड़ी सजा देने की भी मांग करते है। 


प्रदर्शन में आए पत्रकार साथियों को प्रेस काउंसिल सदस्य आनंद राणा, एनयूजे और डीजेए के वरिष्ठ नेता सीमा किरण, अशोक किंकर, नरेश गुप्ता आदि ने संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने कहा कि मीडिया पर बढ़ते हमलों के मद्देनजर पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की जरूरत है।



इस प्रदर्शन में वरिष्ठ पत्रकार अशोक कुमार निर्भय, दूरदर्शन स्टिंगर्स फेडरेशन के संयुक्त सचिव आदेश शर्मा, विक्रम गोस्वामी, मणि आर्य, सुजान सिंह, सुभाष बारोलिया, विपिन चौधरी, मनमोहन समेत सैंकड़ों पत्रकारों ने हिस्सा लेकर सरकार से पत्रकारों की सुरक्षा कानून बनाने, मुआवजा राशि देने, पत्रकार आयोग के गठन समेत अनेक मांगे रखी गयी। 


महामहिम राष्ट्रपति को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि पत्रकारों को गलत तरीके से जेल भेजने वाली उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार पर भरोसा नहीं है। राष्ट्रपति से इन मामलों की अन्य राज्य की पुलिस से जांच कराने का अनुरोध किया गया है। संगठनों की तरफ से 30 अगस्त को देश के सबसे बड़े ऑनलाइन धरना में भाग लेने की अपील की गई है।


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दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने हथियारों के डीलर को पिस्टल और गोलियों के साथ पकड़ा...

प्रदीप महाजन @ नई दिल्ली 


       दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने अंतरराज्यीय आर्म्स डीलर बदमाश को पकड़ा जो अवैध हथियारों को दिल्ली में लाकर बेचता था। पुलिस ने उसके पास से दो 7.65 सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल,एक 9 m.m पिस्टल,7 देसी कट्टे और 25 जिंदा कारतूस वाहन के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस उसको पकड़कर आगे की पूछताछ कर रही हैं कि उसने दिल्ली में कितने हथियार किसको बेचे है और कौन कौन लोग इस धंधे में शामिल हैं।


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शनिवार, 29 अगस्त 2020

प्रधानमंत्री ने लोगों से आत्‍मनिर्भर अभियान को सफल बनाने का आग्रह किया...

संवाददाता : नई दिल्ली


      प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शनिवार उत्‍तर प्रदेश के झांसी जिले में रानी लक्ष्मीबाई केन्‍द्रीय कृषि विश्वविद्यालय के कॉलेज और प्रशासनिक भवनों का उद्घाटन किया। उन्होंने विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ बातचीत की।


प्रधानमंत्री ने सभी को बधाई दी और आशा व्यक्त की कि इस विश्वविद्यालय से स्नातक करने के बाद छात्र देश के कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने में सक्रिय योगदान देंगे। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नई इमारत के कारण प्रदान की गई नई सुविधाएं छात्रों को और अधिक मेहनत करने के लिए प्रोत्साहित और प्रेरित करेंगी।


उन्‍होंने रानी लक्ष्मीबाई को उद्धृत करते हुए कहा, "मैं अपनी झाँसी नहीं दूंगी", प्रधानमंत्री ने झाँसी और बुंदेलखंड के लोगों से आग्रह किया कि वे आत्मनिर्भर भारत अभियान को सफल बनाएं।



प्रधानमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान में योगदान देने के लिए कृषि की प्रमुख भूमिका है। उन्होंने कहा कि किसानों को उत्पादक और उद्यमी दोनों के रूप में कृषि लक्ष्य में आत्मनिर्भरता हासिल करनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस भावना के अनुरूप, कई ऐतिहासिक कृषि सुधार किए गए। अन्य उद्योगों की तरह, अब किसान भी अपनी उपज देश में कहीं भी बेच सकते हैं, जहां कहीं भी उन्‍हें बेहतर मूल्य मिलता हो। उन्होंने कहा कि क्लस्टर आधारित दृष्टिकोण में बेहतर सुविधाएं प्रदान करने और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 1 लाख करोड़ रुपये का एक विशेष समर्पित कोष स्थापित किया गया है


यह कहते हुए कि खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लगातार प्रयास जारी हैं, प्रधानमंत्री ने कहा कि अनुसंधान संस्थानों और कृषि विश्वविद्यालयों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि 6 वर्ष पहले देश में सिर्फ एक केन्‍द्रीय विश्वविद्यालय था जिसकी तुलना में अब तीन केन्‍द्रीय कृषि विश्वविद्यालय हैं। इसके अलावा, तीन और राष्ट्रीय संस्थानों जैसे आईएआरआई झारखंड, आईएआरआई असम और बिहार के मोतिहारी में महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट फॉर इंटीग्रेटेड फार्मिंग की भी स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि ये संस्थान न केवल छात्रों को नए अवसर प्रदान करेंगे, बल्कि स्थानीय किसानों को प्रौद्योगिकी लाभ का प्रदान करने और उनकी क्षमता बढ़ाने में भी मदद करेंगे।


कृषि संबंधी चुनौतियों का सामना करने में आधुनिक तकनीक के इस्‍तेमाल के बारे में प्रधानमंत्री ने हाल के टिड्डी दल के हमले का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने हमलों को नियंत्रित करने और नुकसान को कम करने के लिए युद्धस्तर पर काम किया। उन्होंने उल्लेख किया कि कई शहरों में दर्जनों नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए थे, किसानों को पहले से सचेत करने की व्यवस्था की गई थी, स्प्रे करने के लिए ड्रोन, टिड्डियों को मारने के लिए दर्जनों आधुनिक स्प्रे मशीनें खरीदकर किसानों को प्रदान की गई थी।


प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले छह वर्षों में, सरकार ने अनुसंधान और खेती के बीच एक कड़ी स्थापित करने और किसानों को वैज्ञानिक सलाह देने के लिए गांवों में जमीनी स्तर पर प्रयास किया है। उन्होंने विश्‍वविद्यालय परिसर से खेतों तक ज्ञान और विशेषज्ञता के प्रवाह को कारगर बनाने के लिए पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने में विश्वविद्यालयों के सहयोग की मांग की।


कृषि संबंधी ज्ञान और स्कूल स्तर तक इसके व्यावहारिक अनुप्रयोग की आवश्यकता पर जोर देते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि गांवों में माध्‍यमिक स्तर पर कृषि विषय शुरू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके दो लाभ होंगे- एक, इससे छात्रों में कृषि संबंधी समझ विकसित होगी और दूसरा, इससे छात्र कृषि,  आधुनिक कृषि तकनीकों और विपणन के बारे में अपने परिवार के सदस्यों को जानकारी देने में सक्षम हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि इससे देश में कृषि-उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा।


कोरोना वायरस महामारी के दौरान लोगों के सामने उत्‍पन्‍न समस्याओं को कम करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में बात करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में करोड़ों गरीब और ग्रामीण परिवारों को मुफ्त राशन प्रदान किया जा रहा है। बुंदेलखंड में लगभग 10 लाख गरीब महिलाओं को इस दौरान मुफ्त गैस सिलेंडर दिया गया है। गरीब कल्याण रोज़गार अभियान के तहत, उत्‍तर प्रदेश में अब तक 7 सौ करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं, जिसके तहत लाखों श्रमिकों को रोजगार प्रदान किया गया।



प्रधानमंत्री ने कहा, जैसा कि पहले वादा किया गया था, हर घर को पीने का पानी उपलब्ध कराने के अभियान को तेज गति से पूरा किया जा रहा है। इस क्षेत्र के लिए 10,000 करोड़ रुपये से अधिक की लगभग 500 जल परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इसमें से पिछले दो महीनों में 3000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम शुरू हुआ है। इसका सीधा फायदा बुंदेलखंड के लाखों परिवारों को होगा। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड में भूजल स्तर बढ़ाने के लिए अटल भूजल योजना पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि झांसी, महोबा, बांदा, हमीरपुर, चित्रकूट और ललितपुर के साथ-साथ पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश के सैकड़ों गाँवों में जल स्तर बढ़ाने के लिए 700 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर काम चल रहा है।


प्रधानमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड के बेतवा, केन और यमुना नदी से घिरे होने के बावजूद पूरे क्षेत्र को नदियों का पूरा लाभ नहीं मिलता है। उन्होंने कहा कि सरकार इस स्थिति को बदलने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि केन-बेतवा नदी लिंक परियोजना में क्षेत्र की किस्मत बदलने की क्षमता है और कहा कि सरकार इस दिशा में राज्य सरकारों के साथ सहयोग और काम कर रही है। प्रधानमंत्री ने विश्‍वास व्‍यक्‍त किया कि एक बार बुंदेलखंड को पर्याप्त पानी मिल जाने पर यहां का जीवन पूरी तरह से बदल जाएगा। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे, डिफेंस कॉरिडोर जैसी हजारों करोड़ रूपये की परियोजनाओं से यहां रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड में चारों दिशाओं में 'जय जवान, जय किसान और जय विज्ञान' का मंत्र गूंजेगा। प्रधानमंत्री ने बुंदेलखंड की प्राचीन पहचान को समृद्ध बनाने, और इस धरती के गौरव को हासिल करने की केन्‍द्र और उत्तर प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।


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मुख्यमंत्री ने मनाली क्षेत्र के लिए 64 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाएं समर्पित की...

संवाददाता : शिमला हिमाचल


      मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने शनिवार जिला कुल्लू के मनाली क्षेत्र के एक दिवसीय दौरे के दौरान 64 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के उद्घाटन किए और आधारशिलाएं रखीं।

 

जय राम ठाकुर ने नाबार्ड के अंतर्गत ब्यास नदी पर 9.09 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 85 मीटर लंबे पुल और 4.95 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित मनाली पुलिस स्टेशन भवन को प्रदेश की जनता को समर्पित किया।

 

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 16.93 करोड़ रुपये की लागत से स्तरोन्नत किए जाने वाले रामशिला एनएच-02 से बेखली, जिंदौड़, ब्यासर सड़क, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 19.71 करोड़ रुपये की लागत से स्तरोन्नयन किए जाने वाले रायसन, शिरड़, शिल्लीहार सड़क, सात करोड़ रुपये की लागत से मनाली परिधि गृह के अतिरिक्त आवास, चोल नाला से पुरानी मनाली (मनु नगर) के लिए 4.60 करोड़ रुपये की लागत से जल आपूर्ति योजना के सुधार कार्य, कुल्लू तहसील के अंतर्गत बागा, रायसन और रायसन बिहाल में 89 लाख रुपये की लागत से जल आपूर्ति योजना के सुधार कार्य और कुल्लू तहसील के शरण, कलौंटी तथा माहिली में जल आपूर्ति योजना का मुरम्मत कार्य की आधारशिलाएं रखीं।

 


 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मनाली में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जिन विकास परियोजनाओं की आधारशिलाएं आज रखी गई हैं उनको तय समय सीमा के भीतर पूर्ण कर दिया जाएगा। राज्य सरकार मनाली कस्बे का महत्व समझती है, इसलिए इस क्षेत्र के विकास को उच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इस क्षेत्र में बेहतर सुविधा उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि यहां आने वाले पर्यटक लाभान्वित हो सकंे।

 

जय राम ठाकुर ने कहा कि अटल टन्नल रोहतांग पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का सपना था, जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से पूर्ण हो गया है और इस वर्ष सितम्बर माह के अन्त तक प्रधानमंत्री द्वारा यह टन्नल लोगों को समर्पित की जाएगी। राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि राज्य में विकास की गति करोना महामारी के कारण प्रभावित न हो, जिसके लिए राज्य सरकार ने प्रदेश में आॅनलाइन आधारशिला और उद्घाटन करने का निर्णय लिया है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र में चल रहे सभी विकासात्मक परियोजनाओं के कार्यों में तेजी लाई जाएगी ताकि इन परियोजनाओं की लागत की वृद्धि से बचा जा सके और लोगों को इन परियोजनाओं का लाभ पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि मनाली में 13 करोड़ रुपये की लागत की जलापूर्ति योजना का कार्य पूर्ण हो गया है, जिससे क्षेत्र क्षेत्र के लोगों व पर्यटकों को बेहतर पेयजल सुविधा उपलब्ध होगी। मनाली व इसके साथ लगते क्षेत्रों के लिए 162 करोड़ रुपये की मल निकासी योजना का कार्य शीघ्र आरम्भ किया जाएगा। पुलिस चैकी पतलीकुहल को पुलिस थाना और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पतलीकुहल को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में स्तरोन्नत किया गया है, जिससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होगी।

 

जय राम ठाकुर ने मुख्यमंत्री कोविड फंड में उदारता से दान देने के लिए मनाली के लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मनाली के लोगों ने इस फंड में 70 लाख रुपये का योगदान किया है और क्षेत्र के लोगों के लिए हजारों मास्क वितरित किए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश प्रभावशाली तरीके से कोविड-19 महामारी से लड़ रहा है। प्रधानमंत्री के हर निर्णय में पूरा देश उनके साथ खड़ा है। विपक्ष के नेता इस संवेदनशील मुद्दे का भी राजनीतिकरण कर रहे हैं और प्रदेश सरकार द्वारा देश के विभिन्न भागों से 2.5 लाख लोगों की घर वापसी का भी विरोध कर रहे हैं।

 

शिक्षा मंत्री गोविन्द ठाकुर ने मनाली क्षेत्र के लिए करोड़ों रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार ने वर्तमान कार्यकाल में मनाली क्षेत्र का अभूतपूर्व विकास सुनिश्चित किया है। मुख्यमंत्री के गतिशील और कुशल नेतृत्व में प्रदेश ने विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है।

 

सांसद राम स्वरूप शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार के अढ़ाई वर्ष के कार्यकाल में राज्य के सभी भागों में अभूतपूर्व विकास हुआ है। लाहौल-स्पिति के क्षेत्रों के लिए अटल टन्नल, रोहतांग वरदान साबित होगी। इससे क्षेत्र की पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

 

जनजातीय विकास मंत्री डाॅ. राम लाल मारकण्डा, बंजार के विधायक विधायक सुरेन्द्र शौरी, एचपीएमसी के उपाध्यक्ष राम सिंह, प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष धनेश्वरी ठाकुर, जिला कुल्लू भाजपा अध्यक्ष भीमसेन भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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भारत सरकार द्वारा कोसी नदी पुनर्जनन अभियान टीम की प्रशंसा,उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया...

संवाददाता : अल्मोड़ा उत्तराखंड 


      कोसी नदी पुनर्जनन अभियान को ई-लेट्स टेक्नोमीडिया द्वारा सतत जल प्रबंधन एवं संरक्षण के लिए ‘ई-लेट्स उत्कृष्टता पुरस्कार’ दिया गया है। यह पुरस्कार वाटर इनोवेशन समिट-2020 में दिया गया जिसका आयोजन दिनांक 28 अगस्त 2020 को कोविड-19 के दृष्टिगत वर्चुअल प्लैट्फार्म के माध्यम से किया गया। इस वर्चुअल कान्ॅफ्रसिंग की अध्यक्षता सचिव, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार यू. पी सिंह, द्वारा की गयी।


सतत जल प्रबंधन एवं संरक्षण विषय में प्रस्तुतिकरण के दौरान जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया द्वारा जनपद अल्मोड़ा में संचालित “कोसी नदी पुनर्जनन अभियान” का प्रतिनिधित्व एवं प्रस्तुतिकरण किया गया । जिलाधिकारी द्वारा अल्मोड़ा जनपद प्रशासन, नागरिकों, विभिन्न सहयोगी संस्थओं, स्वयं सहायता समूहों, वन-विभाग, तथा ईको टास्क फोर्स के सहयोग से कोसी नदी के पुनर्जनन हेतु किये जा रहे कार्यों से अवगत कराया गया। कोसी नदी जलागम क्षेत्र में मनरेगा एवं कैम्पा के माध्यम से किये जा रहे कार्यों से अवगत कराते हुए अभियान के तहत अल्मोड़ा के नागरिकों के सहयोग हेतु आभार व्यक्त किया गया।



जिलाधिकारी द्वारा जल संरक्षण एवं संवर्धन हेतु जी.बी. पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान और एनआरडीएमएस के प्रो. ज.एस रावत द्वारा किये जा रहे उत्कृष्ट शोध कार्यों के विषय में अवगत कराते हुए, यह भी बताया गया कलेक्ट्रेट परिसर में कोसी सेल के माध्यम से कृत कार्यों की मॉनीटरिंग एवं समीक्षा की जा रही है।


जिलाधिकारी ने बताया कि इस अभियान को भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के द्वारा वर्ष-2019 में नेशनल वाटर अवार्ड मिल चुका है। इसके अलावा पौधरोपण में भी वर्ष 2018 में लिम्का बुक में रिकार्ड दर्ज हुआ है। उन्होने कहा कि यह सभी इस अभियान से जुडे़े लोगों की मेहनत और जनसहभागिता से सम्भव हो सका है।


इस चर्चा के दौरान शिवेन्द्र प्रताप सिंह, क्षेत्र अधिकारी, कोसी नदी पुनर्जनन अभियान द्वारा भी प्रतिभाग किया गया। कोसी पुर्नजनन अभियान के अन्तर्गत किये जा रहे कार्यों हेतु सचिव, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा कोसी नदी पुनर्जनन अभियान टीम की प्रशंसा की गयी तथा जल संरक्षण एवं संवर्धन हेतु उत्कृष्टता पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया ।


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अनलॉक-4 गाइडलाइंस की 7 बड़ी बातें जानें,स्कूल-कॉलेज 30 सितंबर तक बंद...

प्रजा दत्त डबराल @ नई दिल्ली


       केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अनलॉक-4 से जुड़े दिशानिर्देश शनिवार को जारी कर दिए। सरकार ने शर्तों के साथ सात सितंबर से मेट्रो चलाने को मंजूरी दे दी है। हालांकि स्कूल-कॉलेज 30 सितंबर तक  बंद रहेंगे।


अनलॉक- 4 की गाइडलाइन में कहा गया है कि मेट्रो सेवा आवास व शहरी विकास मंत्रालय  केंद्रीय गृहमंत्रालय की सलाह से शुरू करेगा। इस संबंध में शहरी विकास मंत्रालय जल्द ही एसओपी जारी करेगा। स्कूल कॉलेज 30 सितंबर तक बंद रखने को कहा गया है। हालांकि नौंवी या बारहवीं के बच्चे अगर अपने टीचर से कुछ पूछने के लिए स्कूल जाना चाहते हैं तो जा सकते हैं। इसकी इजाजत कंटेन्मेंट जोन के बाहर माता पिता या अभिभावक की लिखित सहमति से ही दी जाएगी।



राज्य के भीतर और एक से दूसरे राज्य में आने जाने पर कोई रोक नहीं होगी। यहां तक कि किसी को भी देश में कहीं भी जाने के लिए अलग से अनुमति नहीं लेनी होगी।


राज्य बिना केंद्र की अनुमति के अपने यहां कहीं भी लॉकडाउन लागू नही कर पाएंगे। उनको इसकी अनुमति लेनी होगी। कंटेन्मेंट जोन में 30 सितंबर तक कड़ाई से लॉकडाउन जारी रहेगा।


गृह मंत्रालय की ओर से जारी ताजा दिशानिर्देशों के मुताबिक, सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक समेत अन्य आयोजनों की अनुमति मिल गई है। हालांकि इसमें 100 से ज्यादा लोगों के शामिल होने की इजाजत नहीं होगी।


उच्च शिक्षण संस्थान में केवल रिसर्च स्कॉलर,  तकनीकी व प्रोफेशनल कार्यक्रम के पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों को जहां लैब या प्रायोगिक कार्य के लिए जरूरी है अनुमति दी जाएगी। लेकिन यह अनुमति उच्च शिक्षा विभाग की ओर से गृहमंत्रालय की सलाह पर राज्य में कोविड की स्थिति का आकलन करने के बाद दी जाएगी।


ओपन एयर थियेटर भी 21 सितंबर से खुलेगा। इस दौरान, मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग, थर्मल स्क्रीनिंग और सैनेटाइजर का उपयोग अनिवार्य होगा।


राज्य व केंद्रशासित प्रदेश 50 प्रतिशत तक टीचिंग व नॉन टीचिंग स्टाफ को ऑनलाइन क्लास, टेली काउंसलिंग व अन्य सबंधित काम के लिए स्कूल बुलाने की अनुमति दे सकते हैं।


 सिनेमा हॉल, स्वीमिंग पूल, एंटरटेनमेंट पार्क, थियेटर (ओपन एयर थियेटर को छोड़कर) और इस तरह की जगहों पर गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी।


पहले की तरह ही 65 साल से ज्यादा उम्र के लोगों और 10 साल से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं दूसरी घातक बीमारियों से जूझ रहे लोगों को जरूरी ना होने की दशा में बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई है।


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अतिवर्षा और बाढ़ से प्रदेशवासियों की रक्षा हमारा कर्तव्य भी है और धर्म भी : मुख्यमंत्री

संवाददाता : भोपाल मध्यप्रदेश 


      मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश में बनी अतिवर्षा और बाढ़ की स्थिति से कोई जनहानि न हो, यह सुनिश्चित करना हमारा कर्तव्य भी है और धर्म भी। उन्होंने विशेष रूप से भोपाल, होशंगाबाद तथा जबलपुर संभाग में आगामी 48 घंटों में बन रही अतिवृष्टि की संभावनाओं को देखते हुए, जिला प्रशासन को निरंतर सतर्क रहने के निर्देश दिए। आवश्यकता होने पर सेना और वायुसेना की मदद ली जाए।


मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, नावों, गोताखोरों तथा उपकरणों की तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित करें। निचली बस्तियों में पानी भरने की आशंकाओं को देखते हुए लोगों को समय रहते राहत शिविरों में शिफ्ट किया जाए।


शिविरों में कोरोना से बचाव की सभी सावधानियाँ बरती जाएं। अतिवृष्टि तथा बाढ़ से प्रभावित व्यक्ति डायल-100 तथा फोन नं. 1079 पर मदद के लिए संपर्क कर सकते हैं। नर्मदा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर और विभिन्न बांधों के गेट खुलने तथा सहायक नदियों से आ रहे पानी के कारण होशंगाबाद, शाहगंज तथा बरेली में जिला प्रशासन को आगामी 10 दिन के लिए मुस्तैद रहने के निर्देश भी दिए गए हैं।



बैठक में डूब में आने वाले संभावित निचले इलाकों की जिलावार जानकारी ली गई। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में बनी अतिवर्षा और बाढ़ की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री निवास में आयोजित बैठक में संभागवार स्थिति पर चर्चा हुई।


बैठक में जानकारी दी गई की भोपाल, होशंगाबाद तथा जबलपुर संभाग में निरंतर अतिवर्षा जारी है तथा अगले 48 घंटों में भी वर्षा की संभावना है। साथ ही सागर तथा उज्जैन संभाग भी वर्षा से प्रभावित हैं। ग्वालियर संभाग भी इससे प्रभावित होगा। प्रदेश के सभी बांध लगभग भर गए हैं। तवा डेम के 13 में 13 गेट खोले गए हैं, इंदिरा सागर बांध के 22 गेट, ओंकारेश्वर में 23 में से 21 गेट, राजघाट बांध पर 18 में से 14 गेट, बरगी बांध 21 में से 17 गेट खोले गए हैं। सरदार सरोवर बांध भी हाई लेवल से 7 मीटर नीचे है। मण्डला तथा पेंच बांध के भी गेट खोले गए हैं।


जबलपुर संभाग में छिंदवाड़ा और नरसिंहपुर में सबसे अधिक बारिश हुई है। छिंदवाड़ा के बेलखेड़ा में 150 लोगों को सुरक्षित केम्प में पहुँचाया गया। यहां बाढ़ में फंसे मधु कहार को सुरक्षित निकाला गया। नर्मदा नदी की सहायक नदियों से आ रहे पानी के कारण जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। इन्दौर संभाग में सर्वाधिक वर्षा खण्डवा में दर्ज की गई है। सागर संभाग के दमोह, छतरपुर, निवाड़ी भी अतिवर्षा से प्रभावित हैं तथा राहतगढ़ में कुछ परिवारों को कैम्प पहुँचाया गया है।


उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, पुलिस महानिदेशक विवेक जौहरी, अपर मुख्य सचिव गृह राजेश राजौरा तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


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राज्यपाल कलराज मिश्र का प्रवासियों से संवाद राजस्थान के सर्वागीण विकास में बनें भागीदार...

संवाददाता  : जयपुर राजस्थान


      राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने प्रवासियों से कहा है कि राजस्थान आपका घर है। आप सभी राजस्थान के मूल निवासी हैं। यहां आपकी जड़ें है। आप अपनी मातृ भूमि के विकास में योगदान करें। हमें मिलकर इस प्रदेश के लिए बहुत कुछ करना है।

 

मेरी प्राथमिकता है कि प्रदेश का चहुंमखी विकास हो। इसके लिए हमें दिव्यांगांंे, बालिकाओं और महिलाओं को विकास की मुख्य धारा से जोड़ना है। दिव्यांगांंे की हर संभव मदद के प्रयास करने हैं। उनको आगे बढ़ने के अवसर देने है। राज्यपाल ने कहा कि आप सभी लोग राजस्थान आयें और प्रदेश के सर्वागीण विकास में भागीदार बनें।

 

राज्यपाल मिश्र ने शनिवार को यहां राजभवन से वीडियों कॉन्फ्रेन्स के माध्यम से यूनाइटेड किंगडम में रह रहे राजस्थान के प्रवासियों से चर्चा की। राज्यपाल ने प्रवासियों द्वारा पूछे गये प्रश्नों का जवाब दिया। राज्यपाल ने कहा कि राजस्थान के प्रवासी जब कभी भी राजस्थान आयें, वे राजभवन जरूर आयें। राजस्थान के प्रवासी जब चाहें वे राज्य के प्रथम नागरिक से बात कर सकते हैं, मुलाकात कर सकते हैं। राजभवन राजस्थान के प्रवासियों के लिए भी खुला हुआ है।

 


 

राज्यपाल मिश्र ने एक प्रश्न के जवाब में कहा कि महात्मा गांधी की ‘‘सत्य के प्रयोग‘‘ और रामधारी सिंह दिनकर की ‘‘संस्कृत के चार अध्याय‘‘ पुस्तकें उनके लिए प्रेरणादायी हैं। राज्यपाल ने कहा कि इन पुस्तकों को सभी लोगों को पढ़ना चाहिए। राज्यपाल ने एक अन्य प्रश्न के जवाब में कहा कि वे सार्वजनिक क्षेत्र में भारत मां की प्रेरणा से आये।

 

दसवीं कक्षा में अध्ययन करते हुए उनके मन में देश सेवा की भावना जागृत हुई। स्व. माधवराव सदाशिव गोलवलकर और स्व. अटल बिहारी वाजपेयी उनके जीवन में प्रेरणास्रोत रहे हैं। स्नातकोत्तर करने के बाद उन्होंने स्व. गोलवलकर की प्रेरणा से ही राष्ट्र सेवा के लिए सार्वजनिक क्षेत्र में प्रवेश किया।

 

राज्यपाल ने कहा कि राज्यपाल राहत कोष का मदद के लिए दायरा बढ़ा दिया गया है। कोष में लोग स्वेच्छा से राशि दान करने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। कोष का उपयोग किया जा रहा है। आप लोगों की यह मातृ भूमि है। आप सभी समर्थ है। मेरा आप सभी से अनुरोध है कि आप लोग अपनी इस मातृ भूमि के लिए यदि कुछ मदद करना चाहे तो अवश्य करें। राज्य में कोविड-19 के दौरान लोगों को जागरूक करने के लिए मैंने राज्य सरकार से समन्वय रखते हुए प्रयास किये। हर स्तर पर जरूरतमदों की मदद की। प्रत्येक दिन कोविड-19 से बचाव के लिए प्रदेश में किये जा रहे प्रयासों की समीक्षा की।

 

कोविड में लॉक डाउन के दौरान मैंने प्रत्येक दिन लोगों में जागरूकता लाने, लोगों की मदद करने और कोविड से बचाव के लिए किये जा रहे प्रयासों की हर स्तर पर समीक्षा की। राज्यपाल ने कहा कि वे प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति भी है। उन्होंने कहा कि वे युवा वर्ग को संविधान की प्रस्तावना और कत्र्तव्यों का वाचन करवा रहे है ताकि छात्र-छात्राओं को संविधान में निहित कत्तत्यों का ज्ञान हो सके। सभी विश्वविद्यालयों में संविधान उद्यान बनाये जा रहे है। राजभवन में भी विश्वविद्यालय उद्यान विकसित किया जा रहा है। राज्य में कदाचित देश के लिए यह एक मिशाल है। इसमें पूरे राज्य की प्रतिकृति राज भवन में दिखाई देगी। 

 

समारोह में हाउस ऑफ कॉमन्स, ब्रिटिस पार्लियामेन्ट में सांसद वीरेन्द्र शर्मा और हाउस ऑफ लॉर्डस में सांसद बारोनेस संदीप वर्मा भी मौजूद थे। प्रवासियों के संवाद के कार्यक्रम की जानकारी संस्कृति युवा संस्थान के अध्यक्ष पंडित सुरेश मिश्रा ने दी। कार्यक्रम का संचालन आलोक शर्मा ने किया। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख विशेशाधिकारी गोविन्द राम जायसवाल भी मौजूद थे। 

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मुख्यमंत्री को विधायक विनय भगत ने भेंट की महुआ फूल से निर्मित ‘जशपुर मधुकम‘ सेनेटाईजर...

संवाददाता : रायपुर छत्‍तीसगढ़


      मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से शनिवार यहां उनके निवास कार्यालय में विधायक जशपुर विनय भगत ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान विधायक भगत ने उन्हें स्थानीय महिला स्व-सहायता समूह द्वारा महुआ फूल से निर्मित ‘जशपुर मधुकम‘ सेनेटाईजर भेंट किया। मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक रूप से निर्मित महुआ फूल के सेनेटाईजर को रसायनमुक्त होने के कारण बहुत उपयोगी बताया और इसके प्रसंस्करण में शामिल सिंगी महिला स्व-सहायता समूह के प्रयासों की सराहना की। सिंगी महिला स्व-सहायता समूह जशपुर नगर के समीप पनचक्की वन धन केन्द्र में कार्यरत् है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लघु वनोपजों का संग्रहण बहुतायत में होता है। वनवासियों के हित को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा लघु वनोपजों के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी का दायरा को भी बढ़ा दिया गया है। राज्य में वर्ष 2018 तक मात्र 7 लघु वनोपजों की खरीदी की जाती थी, जिसे बढ़ाकर अब 31 तक कर दी गई हैं। इससे आदिवासी-वनवासी संग्राहकों को वर्ष भर अधिक से अधिक लघु वनोपजों के संग्रहण का भरपूर लाभ मिलने लगा है।



राज्य सरकार द्वारा लघु वनोपजों के संग्रहण के साथ-साथ प्रसंस्करण का लाभ दिलाने के लिए हरसंभव पहल की जा रही है। इनमें वनधन केन्द्रों के स्व-सहायता समूहों को प्रसंस्करण के लिए प्रोत्साहित कर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही है। इनके फलस्वरूप राज्य में आदिवासी-वनवासी संग्राहकों को रोजगार के साथ-साथ आय का भरपूर अवसर मिलने लगा है। 


मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस दौरान महुआ फूल से सेनेटाईजर बना रहे महिला समूहों को इसके अन्य प्रसंस्करण कार्यों में भी प्रोत्साहित करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि लघु वनोपजों के संग्रहण के साथ प्रसंस्करण कार्य से समूहों को और अधिक मुनाफा होगा। मुख्यमंत्री को विधायक भगत ने सिंगी महिला स्व-सहायता समूह द्वारा महुआ फूल से सेनेटाईजर बनाने के अलावा महुआ लड्डू आदि के प्रसंस्करण कार्य में जुड़ने की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने यह जानकर खुशी व्यक्त की और वनोपजों के प्रसंस्करण कार्यों में सिंगी स्व-सहायता समूह की महिलाओं की रूचि और लगन की प्रशंसा की। 


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