बुधवार, 21 अक्तूबर 2020

मनसुख मंडाविया ने "वीटीएस और वीटीएमएस के लिए स्वदेशी सॉफ्टवेयर समाधान के विकास" का शुभारंभ किया...

संवाददाता : नई दिल्ली

जहाजरानी राज्य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) मनसुख मंडाविया ने आज नई दिल्ली में समुद्री यातायात सेवा और पोत यातायात निगरानी व्‍यवस्‍था  के लिए स्वदेशी सॉफ्टवेयर समाधान के विकास का शुभारंभ किया।

उद्घाटन संबोधन में, मंडाविया ने भारतीय बंदरगाहों के यातायात प्रबंधन के लिए उच्च लागत वाले विदेश निर्मित सॉफ्टवेयर समाधानों पर भरोसा करने के बजाय देश की आवश्यकता के अनुसार स्वदेशी प्रणाली के विकास पर जोर दिया।

मंडाविया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘आत्‍मनिर्भर भारत’ परिकल्‍पना के अनुरूप ‘मेड इन इंडिया’ वीटीएस और वीटीएमएस सॉफ्टवेयर ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ पोत यातायात प्रबंधन प्रणालियों का मार्ग प्रशस्त करेंगे।

आईएमओ सम्‍मेलन के एसओएलएएस (सेफ्टी ऑफ लाइफ एट सी) के तहत वीटीएमएस का पालन अनिवार्य है। ट्रैफिक इमेज को रडार, एआईएस, दिशा खोजने, सीसीटीवी और वीएचएफ या अन्य सहकारी प्रणालियों और सेवाओं जैसे उन्नत सेंसर के माध्यम से संकलित और एकत्र किया जाता है। एक आधुनिक वीटीएमएस उपयोग की आसानी के लिए और प्रभावी यातायात संगठन और संचार के वास्‍ते अनुमति देने के लिए सभी ऑपरेटर को एक ही स्‍थान पर एकत्र करता है।

वर्तमान में, भारत में भारतीय तट के साथ लगभग 15 वीटीएस सिस्टम चालू हैं लेकिन वीटीएस सॉफ्टवेयर की एकरूपता नहीं है क्योंकि प्रत्येक प्रणाली का अपना वीटीएस सॉफ्टवेयर है। आत्‍मनिर्भर भारत पहल के तहत स्वदेशी वीटीएमएस सॉफ्टवेयर के विकास में लाइट एंड लाइटहाउस (डीजीएलएल) के महानिदेशक कार्यालय के साथ हाल के सकारात्मक सहयोग से स्वदेशी सॉफ्टवेयर के विकास के साथ-साथ  इस क्षेत्र में सहयोग मजबूत होगा। यह भारत और समूचे क्षेत्र में बंदरगाह क्षेत्र के लिए लाभकारी होगा। उम्मीद है कि अगले दस महीने में एक प्रोटोटाइप प्रणाली को परीक्षण के लिए विकसित किया जा सकेगा और जब तक कि यह दिन-प्रतिदिन संचालन के लिए मजबूत न हो, इसे एक समानांतर प्रणाली के रूप में संचालित किया जाएगा।

स्वदेशी वीटीएस सॉफ्टवेयर के विकास से इस क्षेत्र में होने वाले विदेशी मुद्रा के खर्च में कमी आएगी और वीटीएस सॉफ्टवेयर के लिए विदेशी समर्थन पर निर्भरता कम होगी। वीटीएस सॉफ्टवेयर के स्वदेश में विकास से होने वाले लाभ :-

  1. भारत में विभिन्न वीटीएस पर होने वाले विदेशी मुद्रा के खर्च की बचत।
  2. वीटीएस सॉफ्टवेयर भारतीय व्यापार अनुकूल राष्ट्रों जैसे मालदीव, मॉरीशस, म्यांमार, श्रीलंका, बांग्लादेश और खाड़ी देशों को प्रदान किया जा सकता है।
  3. सॉफ्टवेयर के भविष्य में किए जाने वाले उन्नयन की लागत को भी कम करेगा।
  4. बंदरगाहों के एमआईएस/ईआरपी सॉफ्टवेयर्स के साथ जुड़ना आसान होगा।
  5. भारतीय वीटीएस सॉफ्टवेयर की उपलब्धता भारतीय कंपनियों को वैश्विक निविदाओं में व्यावसायिक रूप से प्रतिस्पर्धी बनाएगी।

डीजीएलएल द्वारा भारतीय नौसेना और एनसीवीटीएस के राष्ट्रीय समुद्री डोमेन जागरूकता कार्यक्रम का कार्यान्वयन - तटीय शिपिंग के वास्‍ते एक समयोचित और परस्‍पर संवाद आधारित सहयोगी नेविगेशन प्रणाली, कम लागत पर और स्‍वदेशी वीटीएस सॉफ्टवेयर के साथ संभव होगी।जहाजरानी मंत्रालय ने स्वदेशी वीटीएस सॉफ्टवेयर के विकास के लिए आईआईटी, चेन्नई को 10 करोड़ रूपये की राशि मंजूर की है।

इस कार्यक्रम के दौरान, जहाजरानी मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, प्रमुख बंदरगाहों के अध्यक्ष और आईआईटी, चेन्नई के प्रतिनिधि भी वर्चुअल माध्‍यमों से मौजूद थे।

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मुख्यमंत्री चौहान से मिले सतना जिले के युवा साइकिल यात्री...

 संवाददाता : भोपाल मध्यप्रदेश 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मंगलवार सतना से भोपाल तक बालिकाओं और नारियों की अस्मिता, सम्मान और सुरक्षा का संदेश लेकर निकले 6 युवाओं के प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री निवास पर भेंट की। 

ये युवा आरंभ समिति के सदस्य हैं। दल में शामिल युवाओं अंकित, रोहित, प्रदीप, अभिलाष, नारायण और रावेन्द्र ने मुख्यमंत्री चौहान को सतना से 14 अक्टूबर को निकली साइकिल यात्रा के उद्देश्यों की जानकारी दी। यह साइकिल यात्रा कटनी, दमोह, सागर, विदिशा में लोगों को जागरूक करते हुए भोपाल तक पहुंची। 



युवाओं ने मुख्यमंत्री चौहान से आग्रह किया कि बालिकाओं और स्त्रियों की अस्मिता और सम्मान के लिए अधिक कठोर कानून प्रावधान किए जाएं। जिन महिलाओं के साथ असम्मानजनक व्यवहार और दुष्कर्म जैसी घटनाएं हो जाती हैं, उन्हें जल्दी न्याय मिलना चाहिए। 

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि एक अच्छे संदेश को समाज तक पहुंचाने में इन युवाओं की पहल प्रशंसनीय है।मुख्यमंत्री चौहान ने साइकिल यात्री दल को इस यात्रा के आयोजन के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं।

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शिक्षा मंत्री रूल्याणापट्टी में जीएसएस का शिलान्यास लक्ष्मणगढ़ के किसानों को मिलेगी दिन में बिजली चार नए जीएसएस निर्माण की घोषणा...

 संवाददाता : जयपुर राजस्थान

शिक्षा राज्य मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने मंगलवार को सीकर जिले के रूल्याणा पट्टी गांव में डेढ़ करोड़ की लागत से बनने वाले नये 33/11 केवी जीएसएस का शिलान्यास किया। इस अवसर पर  शिक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि क्षेत्र के किसानों को अब फसलों की सिंचाई के लिए दिन में विद्युत सप्लाई की जाएगी। 
 
शिक्षा राज्य मंत्री डोटासरा ने कहा कि कोविड के साथ विकास के काम भी आवश्यक है। संक्रमण काल में प्रदेश सरकार द्वारा किए गए कामों की प्रशंसा प्रधानमंत्री ने भी की है। डोटासरा ने कहा की 15 करोड़ से घस्सू, सिंगोदड़ा, तिड़ोकी बड़ी में तीन नए जीएसएस तथा मानासी में 220 केवीए का नया जीएसएस बनाया जायेगा। इस घोषणा का क्षेत्र के लोगों ने जोरदार स्वागत किया। इलाके में फिलहाल पन्द्रह करोड़ से जीएसएस व अन्य काम चल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि लक्ष्मणगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 27 स्कूलों को क्रमोन्नत कर 22 करोड़ रुपए से शिक्षा विभाग में विकास के काम कराए जा चुके हैं। उन्होंने ग्रामीणों की मांग पर भिलुण्डा से रूल्याणी सड़क, भाखरों की ढ़ाणी में ट्यूबवेल, चार लाख रूपयों से रूल्याणापट्टी स्कूल में कम्प्यूटर लेब बनाने की घोषणा की। डोटासरा ने कहा कि जल्द ही क्षेत्र में नई सड़कों की स्वीकृति जारी होने वाली है। मीठे पानी को घर-घर पहुंचाने के लिये केन्द्र से स्वीकृति का इंतजार है।
 
समारोह में अजमेर विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक वी.एस भाटी ने कहा कि लक्ष्मणगढ़ में सबसे ज्यादा जीएसएस बने है।  लक्ष्मणगढ़ कस्बे में रिंग जीएसएस की व्यवस्था पर भी काम किया जा रहा है। पिछले साल साढ़े सात करोड़ रुपए निगम द्वारा विद्युत की सुचारू आपूर्ति की यवस्थाओं पर खर्च किए गए है तथा इस वर्ष आठ करोड रूपये के काम प्रगतिरत है।सहित जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन बड़ी संख्या में मौजूद रहें।

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गोधन न्याय योजना,गोबर विक्रेताओं को 6वीं किश्त के रूप में 9.12 करोड़ रूपए का हुआ ऑनलाइन भुगतान...

 संवाददाता : रायपुर छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंगलवार राज्य शासन की महत्वाकांक्षी ‘गोधन न्याय योजना‘ के तहत राज्य के 86 हजार 158 पशु पालकों से की गई गोबर खरीदी के एवज में 6वीं किस्त की राशि 9 करोड़ 12 लाख रूपए का ऑनलाइन भुगतान किया। गोधन न्याय योजना के तहत अब तक गोबर विक्रेताओं को 39 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मंगलवार अपने निवास कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित गोधन न्याय योजना के कार्यक्रम में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के गोढ़ी और रायगढ़ जिले के ननसिया के गौठान के स्व-सहायता समूह की महिलाओं से चर्चा की और उनकी आयमूलक गतिविधियों के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने महिला समूहों द्वारा गौठान में सब्जी-भाजी के उत्पादन से लेकर वर्मी कम्पोस्ट सहित अन्य आयमूलक गतिविधियों के सफल संचालन के लिए उन्हें बधाई और शुभकामानएं दी।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सुराजी गांव योजना के तहत गांवों में गौठान के निर्माण एवं उसके संचालन के साथ-साथ गोधन न्याय योजना के तहत गोबर खरीदी की प्रक्रिया और वर्मी खाद के उत्पादन पर प्रसन्नता जताई और कहा कि सभी विभागों के समन्वित प्रयास से गौठान और गोधन न्याय योजना का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित हुआ है। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टरों एवं जिला पंचायतों के मुख्यकार्यपालन अधिकारियों को गौठानों में क्रय किए जा रहे गोबर से बनने वाली वर्मी खाद की पैकेजिंग और उसके विपणन की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गौठानों में बनने वाली खाद का सोसायटियों के माध्यम से विक्रय और गौठान समिति के खाते में खाद के विक्रय की राशि का जमा होना जरूरी है, ताकि गौठान समितियां स्वावलंबी और स्वयं की राशि से गोबर की खरीदी करने में सक्षम बन सके। उन्होंने कहा कि गोधन न्याय योजना की सतत् मॉनिटरिंग जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को गांवों में पशुधन की संख्या, गोबर की आवक को ध्यान में रखते हुए गौठानों में वर्मी टांके का निर्माण कराए जाने के निर्देश दिए, ताकि क्रय किए गए गोबर से वर्मी खाद बनाने की प्रक्रिया अनवरत रूप से जारी रहे। उन्होंने कहा कि ऐसे बड़े गांव एवं नगरीय क्षेत्र जहां गोबर की आवक अत्याधिक होती है, वहां गोबर गैस प्लांट लगाए जाने चाहिए, इससे आय में और वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री ने सभी गौठानांे में आजीविका ठौर की स्थापना पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे गौठानों में आयमूलक गतिविधियों के संचालन में सुविधा होगी और गौठानों में चहल-पहल बनी रहेगी। उन्होंने कलेक्टरों को स्थानीय बाजारों की डिमांड के अनुरूप गौठानों में उत्पादन गतिविधियों को बढ़ावा देने की बात कही। मुख्यमंत्री ने इस दौरान सभी जिले के कलेक्टरों से गौठानों के संचालन एवं वर्मी कम्पोस्ट के उत्पादन एवं विक्रय के बारे में भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों से यह भी जानना चाहा कि वर्मी खाद के विक्रय की वजह से जिलों के कितने गौठान गोधन न्याय योजना के संचालन के लिए स्वावलंबी हो चुके है।

कार्यक्रम कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि गोधन न्याय योजना गरीबों, ग्रामीणों और किसानों को मदद पहुंचाने वाली योजना है। विगत 20 जुलाई से शुरू हुई इस योजना के तहत अब तक 39 करोड़ रूपए का भुगतान गोबर बेचने वाले पशुपालकों को किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि वर्मी खाद के विपणन के लिए प्राथमिक सहकारी समितियों से इसका लिंकेज किया जाना है। इस मौके पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि गोधन न्याय योजना की लोकप्रियता और सफलता को देखते हुए मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार राज्य के 11 हजार 664 ग्राम पंचायतों में इस वर्ष के अंत तक गौठान का निर्माण कराया जाना है। उन्होंने सभी कलेक्टरों को गौठानों में पर्याप्त संख्या में वर्मी टांके का निर्माण कराए जाने की
निर्देश दिए।

कार्यक्रम के प्रारंभ में कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. एम.गीता ने बताया कि राज्य में 5454 गौठान निर्मित है, जिसमें से 3068 गौठानों में गोबर की खरीदी की जा रही है। गौठानों में औसत रूप से 30 हजार क्विंटल गोबर की रोजाना क्रय किया जा रहा है। अब तक 19 लाख 20 हजार 412 क्विंटल गोबर क्रय किया गया है। उन्होंने बताया कि गोबर विक्रेताओं में अन्य पिछड़ा वर्ग के 51 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति वर्ग के 37 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति वर्ग के 7.69 प्रतिशत हितग्राही शामिल हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार द्वय श्री प्रदीप शर्मा एवं श्री रूचिर गर्ग, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्री गौरव द्विवेदी, सहकारिता सचिव श्री आर. प्रसन्ना, सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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जन सुविधा के लिए राजस्व विभाग के कानूनों का होगा सरलीकरण : महेंद्र सिंह

 संवाददाता : शिमला हिमाचल

 
भू-कानूनों पर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एक्सपर्ट कमेटी की बैठक मंगलवार यहां जल शक्ति एवं राजस्व मन्त्री महेंद्र सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक के दौरान राजस्व विभाग से सम्बन्धित कानूनों के सरलीकरण के लिए कार्यसूची की मदों पर विस्तृत चर्चा की गई जिसमें तकसीम, निशानदेही, इन्तकाल, दुरूस्ति इन्द्राज से सम्बन्धित न्यायालय मामलों के शीघ्र निपटारे को लेकर कमेटी के सदस्यों ने अपने सुझाव दिए।
 
महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में लगभग 94902 मामले विभिन्न राजस्व न्यायालयों मे लम्बित पडे़ हैं। इनमें तकसीम के 29313, निशानदेही के 18025, इन्तकाल के 25251, दुरूस्ति इन्द्राज के 2497, अतिक्रमण के 2837 और 16790 अन्य मामले शामिल हैं।
 
उन्होंने कहा कि कल्याणकारी राज्य की अवधारणा के अनुरूप, प्रदेश सरकार ने भूमिहीन एवं गृहहीन परिवारों को रिहायषी मकान के निर्माण के लिए ग्रामीण क्षेत्रांे में तीन बिस्वा और शहरी क्षेत्रों में दो बिस्वा भूमि देने का प्रावधान किया है। इसके अतिरिक्त, जनजातीय क्षेत्रों में नौतोड़ नियमों के अंतर्गत, नौतोड़ भूमि आबंटन का प्रावधान है, लेकिन इन क्षेत्रों में भी वन संरक्षण अधिनियम के प्रावधान लागू होने के कारण भूमि का आबंटन नहीं हो पा रहा है। समिति ने इस समस्या पर गहन विचार किया तथा इसके निराकरण के लिए सुझाव दिए।
 
सदस्यों का कहना था कि तकसीम, निशानदेही, इन्तकाल, दुरूस्ति इन्द्राज आदि के मामलों में समनों की तामील समय पर नहीं होने का कारण बहुत विलम्ब होता है इसलिए समनों की तामील समयबद्ध और कारगर बनाई जाए। इसके अतिरिक्त, बन्दोबस्त की प्रक्रिया को सरल करने और इसमें आधुनिक उपकरणों की सहायता के इस्तेमाल के सुझाव दिए गए। सदस्यों ने भू-राजस्व के निर्धारण को सरल एवं समयबद्ध बनाने का सुझाव भी दिया।
 
सदस्यों ने विभाग के ध्यान में लाया कि प्रदेश में ऐसे बहुत से मामले लम्बित हैं जिनमें सरकारी भूमि को नौतोड़ के रूप में पात्र व्यक्तियों को आबंटित किया गया है, लेकिन इसके पट्टे जारी नहीं हुए हैं या इंतकाल लम्बित है। इस कारण अभी तक मालिकाना हक नहीं मिले हैं तथा उन्हे अनेकों परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश मुजारियत एवं भू-सुधार अधिनियम, 1972 की धारा 45, 104 व 118 पर विचार करने के उपरान्त इन्हें व्यावहारिक बनाने के लिए आवश्यक संशोधन का सुझाव दिया। बैठक में धारा-118 के प्रावधानों को इसके मूल उद्देश्यों की पूर्ति के लिए इसमें मौजूद कमियों को दूर करने पर विचार किया गया साथ ही इसे प्रदेश के विकास एवं रोजगार सृजन के दृष्टिगत सरल एवं पारदर्शी बनाने पर चर्चा की गई।
 
बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के बाद राजस्व मन्त्री ने विधायक राम लाल ठाकुर, जगत सिंह नेगी, राकेश सिंघा, नरेन्द्र ठाकुर, बलवीर सिंह और बिक्रम जरयाल की अध्यक्षता में उप-समितियों का गठन किया। उप-समितियां आज की बैठक में हुई चर्चा और प्राप्त सुझावों के साथ सभी मामलों में अपनी सिफारिशें 30 नवम्बर, 2020 से पहले प्रस्तुत करेंगी, जिन पर समिति की आगामी बैठक में विचार किया जाएगा।
 
इस बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव, राजस्व आर.डी धीमान, निदेशक भू-अभिलेख सी.पी वर्मा, शिमला के बन्दोबस्त अधिकारी मनमोहन शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता जी.डी. वर्मा, दीपक कौशल, भूपेन्द्र गुप्ता, शशि पंडित व पवन कपरेट, सेवानिवृत्त अधिकारी उग्रसेन नेगी, इन्द्रसिंह भारद्वाज, राकेश मेहता और सरकारी एवं गैर-सरकारी सदस्य उपस्थित हुए।

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मंगलवार, 20 अक्तूबर 2020

हाशिये पर खड़े लोगों के उत्थान व उन्हें लाभान्वित करने के लिए हो व्यय : उद्योग सचिव

 संवाददाता : रांची झारखंड

उद्योग सचिव पूजा सिंघल की अध्यक्षता में कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी की तीन दिवसीय बैठक मंगलवार को सम्पन्न हो गई। बैठक में 31 कंपनियों के प्रतिनिधियों ने सीएसआर फण्ड के तहत झारखण्ड में किये गए कार्यों से उद्योग सचिव को अवगत कराया।

बेहतर परिणाम देना है

उद्योग सचिव ने कहा कि कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी के तहत लाभुकों और योजनाओं के चयन में पूरी सतर्कता बरतने का प्रयास करना श्रेष्ठकर होगा। यह महत्वपूर्ण है कि प्रभावी परिणाम प्राप्त करने के लिए सीएसआर फण्ड का विश्लेषण लगातार हो। फण्ड का उपयोग हाशिये पर खड़े लोगों के उत्थान व उन्हें लाभान्वित करने के लिए होना चाहिए।

वित्तीय वर्ष 2019-20 में 425 करोड़ रुपये किया गया व्यय

उद्योग सचिव को प्रतिनिधियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में 425 करोड़ रुपये सीएसआर में व्यय किया गया है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में शिक्षा, पोषण, स्वच्छता और जरूरतमंदों को स्थायी आजीविका उपलब्ध कराने में अधिक ध्यान दिया जायेगा।

बैठक में आईओसीएल, बीपीसीएल, ओएनजीसी, टाटा स्टील, त्रिवेणी सनिक, हुडको, एसीसी, डालमिया सीमेंट, अडानी पावर, ग्रासिम, इलेक्ट्रोस्टील व खनन कंपनियां शामिल थीं।

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हंसने-मुस्कराने से कम फायदेमंद नहीं झूमना-नाचना...

 संवाददाता : लख़नऊ उत्तरप्रदेश

कहते हैं, हमेशा हंसते-मुस्कराते रहना बीमारियों से बचाव का सबब कारगर जरिया है। हालांकि, ब्रिटेन में हुए एक नए अध्ययन की मानें तो नाचना-गाना भी सेहत के लिए कम फायदेमंद नहीं। इससे वजन नियंत्रित रखने के साथ ही ‘फील गुड’ हार्मोन का स्त्राव बढ़ाने और स्ट्रेस हार्मोन ‘कॉर्टिसोल’ का उत्पादन घटाने में अच्छी-खासी मदद मिलती है।

‘द पोल’ के अध्ययन में दो हजार वयस्क शामिल हुए। इनमें से 80 फीसदी ने डांस को तनाव की छुट्टी करने में बेहद असरदार करार दिया। 75 प्रतिशत ने कहा, टीवी या मोबाइल पर गाना बजाकर नाचने में उन्हें अजब-सी खुशी मिलती है। 50 फीसदी ने माना कि झूमने-नाचने से काम का बोझ ज्यादा महसूस नहीं होता और चिड़चिड़ेपन के एहसास में भी कमी आती है। 

मुख्य शोधकर्ता डॉ. पीटर लोवाट के मुताबिक नृत्य न सिर्फ रोजमर्रा के तनाव से ध्यान भटकाता है, बल्कि सोचने का अंदाज भी बदलता है। जब इनसान अलग-अलग मुद्राएं धारण करता है तो सेराटोनिन और डोपामाइन जैसे ‘फील गुड’ हार्मोन ज्यादा मात्रा में पैदा होने लगते हैं।

साथ ही ‘ओपियॉएड रिसेप्टर’ भी अधिक सक्रिय हो जाता है और दर्द का एहसास खुद बखुद घटने लगता है। इसके अलावा ‘कॉर्टिसोल’ के उत्पादन में कमी लाने में भी नृत्य की अहम भूमिका पाई गई है।

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हरियाणा के मुख्य सचिव ने हरियाणा सिविल सचिवालय के स्वागत कक्ष में स्टेट बैंक इंडिया के ई-लाबी का उद्घाटन किया...

 संवाददाता : चंडीगढ़ हरियाणा

हरियाणा के मुख्य सचिव विजय वर्धन ने मंगलवार हरियाणा सिविल सचिवालय के स्वागत कक्ष में स्टेट बैंक इंडिया के ई-लाबी का उद्घाटन किया।

उद्घाटन अवसर पर मुख्य सचिव का स्वागत स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के मुख्य  महाप्रबंधक अनुकूल भटनागर ने किया। इस ई-लॉबी के खुलने से हरियाणा सचिवालय के कर्मचारियों एवं अन्य आतुंगकों को पैसे निकालने, चैक जमा करवाने एवं अपनी पास बुक अपडेट करवाने में आसानी होगी।

इस संबंध में जानकारी देते हुए बैंक की प्रबंधक भारती शर्मा ने बताया कि ई-लाबी में तीन तरह की मशीनों- एटीएम, इलैक्ट्रोनिक चैक डिपोजिट एवं स्वयं पासबुक प्रिंटर मशीन को लगाया गया है।

इस कार्यक्रम में मुख्य सचिव को स्मृति  चिन्ह एवं पौधा भेंट किया गया। 

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बद्रीनाथ धाम में स्थानीय व्यापारियों, तीर्थ पुरोहितों एवं हक-हकूकधारियों के साथ बद्रीनाथ महानिर्माण योजना को लेकर बैठक की...

 संवाददाता : देहरादून उत्तराखंड

पर्यटन-धर्मस्व एवं संस्कृति सचिव दिलीप जावलकर ने मंगलवार को बद्रीनाथ धाम में स्थानीय व्यापारियों, तीर्थ पुरोहितों एवं हक-हकूकधारियों के साथ बद्रीनाथ महानिर्माण योजना को लेकर बैठक की। इस दौरान उन्होंने लोगों की आपत्तियों एवं शंकाओं का निवारण किया। बताया कि महानिर्माण योजना के लिए 424 करोड़ का बजट प्रस्तावित है।

इससे बद्रीनाथ धाम में सुविधाओं में वृद्धि होगी। योजना पर तीन चरणों में काम होगा। पहले चरण में शेष नेत्र एवं बद्रीश झील का सौंदर्यीकरण, दूसरे चरण में बद्रीनाथ धाम परिसर व आसपास का सौंदर्यीकरण व विस्तारीकरण एवं तृतीय चरण में शेष नेत्र से बद्रीनाथ मंदिर तक आस्था पथ निर्माण प्रस्तावित है। बैठक के बाद उन्होंने मंदिर के निकटवर्ती स्थानों का भी निरीक्षण किया।



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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मैसूर विश्वविद्यालय के शताब्दी दीक्षांत समारोह-2020 को संबोधित करेंगे...

 संवाददाता : नई दिल्ली

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 19 अक्टूबर को सुबह 11 बजकर 15 मिनट पर मैसूर विश्वविद्यालय के शताब्दी दीक्षांत समारोह को संबोधित करेंगे। कर्नाटक के राज्यपाल, विश्वविद्यालय के अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे। शिक्षा जगत और अकादमिक परिषद के सदस्य, सांसद, विधायक, एमएलसी, सांविधिक अधिकारी, जिला अधिकारी, विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति और छात्र व अभिभावक ऑनलाइन माध्यम से दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे।

विश्वविद्यालय के बारे में

मैसूर विश्वविद्यालय की स्थापना 27 जुलाई, 1916 को हुई थी। यह देश का छठा विश्वविद्यालय और कर्नाटक राज्य में पहला विश्वविद्यालय था। विश्वविद्यालय का आदर्श वाक्य 'ना हाय ज्ञान सेना सदृशम' है जिसका अर्थ है 'ज्ञान के बराबर कुछ नहीं'। विश्वविद्यालय की स्थापना तत्कालीन मैसूर रियासत के दूरदर्शी महाराजा, महामहिम नलवाड़ी कृष्णराज वाडियार और तत्कालीन दीवान सर एम.वी. विश्वेश्वरैया ने की थी।

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सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने करें प्रभावी प्रयास : अभय मनोहर सप्रे

 संवाददाता : भोपाल मध्यप्रदेश

सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी की वर्चुअल बैठक आयोजित हुई। कमेटी के चेयरमेन अभय मनोहर सप्रे ने प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मृत्यु की संख्या को कम करने के लिये सड़क सुरक्षा की दिशा में निरंतर सार्थक एवं प्रभावी प्रयास करने के निर्देश नोडल विभागों को दिये। उन्होंने सभी नोडल विभागों से अपेक्षा की कि वे सड़क सुरक्षा के लिये जरूरी एहतियाती कदम उठायें। मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस ने कहा कि प्रदेश स्तर पर सड़क सुरक्षा की दिशा में प्रभावी कार्यवाही शीघ्र सुनिश्चित की जायेगी।

बैठक में कोविड-19 को लेकर एक्शन प्लान पर भी चर्चा की गई। सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत विशेषकर हाई-वे पेट्रोलिंग, चिल्ड्रन स्कूल एजुकेशन, ट्रेनिंग ऑन रोड सेफ्टी फॉर इंजीनियर्स एवं रोड सेफ्टी स्टॉफ, स्टालेशन ऑफ एसएलडी डिवाइस एवं न्यू मोटर व्हीकल एक्ट के लागू किये जाने के संबंध में विस्तार से चर्चा हुई।

वर्चुअल बैठक में सड़क सुरक्षा के संबंध में की गई अब तक की कार्यवाही का प्रजेन्टेशन भी किया गया। प्रजेन्टेशन में यातायात उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध की गई कार्यवाही, लॉकडाउन अवधि में हुई सड़क दुर्घटनाओं, कोरोना काल के अनलॉक अवधि की कार्य-योजना, नोडल विभागों के लिये आगामी कार्य-योजना, सड़क सुरक्षा अंतर्गत सुधार एवं कार्यवाही, सड़क दुर्घटनाओं के ब्लेक स्पॉट को चिन्हित कर उनमें सुधार, रोड सेफ्टी ऑडिट, क्रेश बेरियर, रम्बल स्ट्रीप्स, साइन बोर्ड्स के संबंध में की गई कार्यवाही और आगामी योजना को प्रदर्शित किया गया।

नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा स्थापित किये जाने वाले ट्रेफिक मैनेजमेंट सिस्टम, पब्लिक ट्रांसपोर्ट कम्पनी, ब्लेक स्पॉट का शुद्धीकरण और जागरूकता अभियान चलाये जाने की जानकारी दी गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित एम्बुलेंस, परिवहन विभाग द्वारा ऑटोमेटिक ड्रायविंग टेस्ट सेंटर, ओटोमेटेड व्हीकल फिटनेस सेंटर, व्हीकल लोकेशन ट्रेकिंग, स्पीड लिमिट डिवाइस, ई-चालान सिस्टम और जागरूकता अभियान की जानकारी दी गई। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के प्रति जाग्रत किये जाने संबंधी जानकारी बैठक में प्रस्तुत की गई।

बैठक में कमेटी के सदस्य गण डीजीपी विवेक जौहरी, एसीएस हेल्थ मोहम्मद सुलेमान, अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजेश राजौरा, एडीजी पीटीआरआई डी.सी. सागर सहित अन्य नोडल विभागों के अधिकारी शामिल हुए।

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स्काउट गाइड ने दिया समझाइश के माध्यम से बचाव के उपायों के संदेश...

 संवाददाता : जयपुर राजस्थान

राजस्थान राज्य भारत स्काउट व गाइड मण्डल जयपुर के आह्वान पर मालवीय नगर में कोविड-19 जन जागरूकता अभियान के अन्तर्गत रैली निकाली गई। यह ई-रिक्शा रैली स्थानीय संघ मुख्यालय से कैलगिरी हास्पिटल होती हुई अपेक्स सर्किल, झालाना डूगरी पहुंची जहां लोगों को बार-बार हाथ धोने, उचित दूरी बनाये रखने, मास्क लगाने की समझाइश की गई। 

अभियान में स्काउट यूनिट लीडर राम नाथ उदैनिया, नीरज चतुर्वेदी तथा स्काउट आकाश शर्मा तथा साथी स्काउट्स ने आमजन को जागरूक करने के उदेश्य से पोस्टर चस्पा किये एवं समझाइश के माध्यम से जन जागृति का संदेश दिया। 





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मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात...

 संवाददाता : रायपुर छत्‍तीसगढ़

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से सोमवार यहां उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा के नेतृत्व में विभिन्न कर्मचारी-अधिकारी संगठनों के प्रांताध्यक्षों ने सौजन्य मुलाकात की।

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को प्रदेश के कर्मचारियों-अधिकारियों की विभिन्न मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री ने राज्य में कोरोना संकट के दौर में कर्मचारी-अधिकारियों के कर्मठ सहभागिता की सराहना भी की।

इस अवसर पर फेडरेशन के आर.के.रिझारिया,  सतीश मिश्रा, संजय सिंह, पंकज पांडेय, विजय झा, बी पी शर्मा, राकेश शर्मा, डॉ लक्ष्मण भारती, यशवंत वर्मा तथा अशोक रायचा आदि उपस्थित रहे।

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प्रदेश पुलिस महानिदेशक संजय कुण्डू ने सोमवार राजभवन में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से भेंट की...

 संवाददाता : शिमला हिमाचल

प्रदेश पुलिस महानिदेशक संजय कुण्डू ने सोमवार राजभवन में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से भेंट की। पुलिस महानिदेशक ने राज्यपाल को 21 अक्तूबर, 2020 को मनाए जाने वाले पुलिस स्मृति दिवस की जानकारी दी। इस अवसर पर उन्होंने राज्यपाल को पुलिस स्मृति दिवस का झण्डा भी लगाया किया।  

 
इस अवसर पर एडीजीपी सीआईडी वेणु गोपाल, राज्यपाल के सचिव राकेश कंवर, आईजीपी, एपीटी जे.पी. सिंह और एआईजी मोनिका भी उपस्थित थीं।

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राज्य के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो को बेहतर इलाज के लिए एयर एंबुलेंस से चेन्नई ले जाया गया...

 संवाददाता : रांची झारखंड

राज्य के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो को बेहतर इलाज के लिए सोमवार शाम एयर एंबुलेंस से चेन्नई ले जाया गया । इस दौरान रांची एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कृषि पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री बादल पत्र लेख भी मौजूद थे । मुख्यमंत्री ने कहा कि जगरनाथ महतो का रांची के मेडिका अस्पताल में पिछले कुछ दिनों से इलाज चल रहा था, लेकिन उनकी स्थिति स्थिर बनी हुई थी, ऐसे में चेन्नई से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह और राय मशविरा के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए चेन्नई ले जाने का निर्णय लिया गया।



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मुंबई में दौड़ी मेट्रो, यात्रियों को रखना होगा इन बातों का ध्यान...

 संवाददाता : मुंबई महाराष्ट्र

मुंबई में सोमवार से एक बार फिर मेट्रो दौड़ेगी. मुंबई मेट्रो कोविड-19 महामारी के चलते मार्च से बंद है. यानी कि लगभग छह महीने बाद एक बार फिर से वर्सोवा-अंधेरी-घाटकोपर कॉरिडोर पर मेट्रो रेल का संचालन हो सकेगा. मुंबई मेट्रो वन प्राइवेट लिमिटेड ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि वह इस रूट पर 19 अक्टूबर से अपनी सेवा शुरू करेगी।मुंबई में 11.7 किमी. लंबी मेट्रो लाइन रोज 4.5 लाख से अधिक यात्रियों को सफर कराती है. हालांकि मौजूदा समय में इसमें यात्रियों की संख्या कम होगी.

मुंबई मेट्रो ने कोरोना संक्रमण को देखते हुए मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या घटाकर 300 कर दी है।मुंबई मेट्रो की नई गाइडलाइन के मुताबिक मेट्रो सेवा सुबह 8.30 से रात 8.30 बजे तक यात्रियों के लिए उपलब्ध होगी. यात्रियों को उनके गंतव्य स्थान तक पहुंचाने के लिए हर साढ़े छह मिनट में घाटकोपर से वर्सोवा के बीच ट्रेन चलेगी. नॉन पीकआवर में मेट्रो करीब आठ मिनट के अंतर से चलेगी. सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए अब एक ट्रेन में केवल 300 यात्रियों को ही सफर की अनुमति होगी।

मेट्रो प्रशासन ने यात्रियों की संख्या और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए फिलहाल 200 के करीब फेरी चलाने का फैसला लिया है. हालांकि पहले घाटकोपर से वर्सोवा के बीच मेट्रो रोजाना करीब 400 चक्कर लगाती थी. स्टेशन परिसर में यात्रियों से नियमों का पालन करवाने के लिए मेट्रो प्रशासन ने सभी स्टेशनों पर यात्री के प्रवेश और निकासी का द्वार तय किया है. केवल उसी से यात्रियों को आने-जाने की अनुमति होगी।बीमार यात्रियों को मेट्रो में सफर करने की अनुमति नहीं दी गई है. इसलिए परिसर में प्रवेश करने से पहले सभी यात्रियों को शरीर के तापमान की जांच करवानी होगी.

यात्रियों के लिए सफर के दौरान मास्क पहनना अनिवार्य होगा. ट्रेन के अंदर लोगों के बैठने के लिए एक सीट छोड़ कर व्यवस्था की गई है. स्टैंडिंग यात्रियों के लिए कोच के भीतर मार्किंग की गई है। कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए मेट्रो प्रशासन ने एक चक्कर के बाद पूरी ट्रेन और हर दो घंटे में स्टेशन परिसर को सैनेटाइज करने का निर्णय लिया है. इसके अलावा मेट्रो के दरवाजे सभी स्टेशनों पर एक मिनट के लिए खोले जाएंगे, जिससे कि अंदर की हवा बाहर निकल सके।

क्यू आर कोड के माध्यम से यात्रियों को स्टेशन में प्रवेश मिलेगा. इसके अलावा टिकट के लिए डिजिटल पेमेंट की व्यवस्था की गई है. यात्रियों को डिजिटल टिकट, स्मार्ट कार्ड या फत् कोड टिकट का इस्तेमाल ही करना होगा. कोई भी प्लास्टिक टोकन जारी नहीं किए जाएंगे। कोच के अंदर का तापमान 25-27 डिग्री सेल्सियस रखा जाएगा. यात्रियों को आरोग्य सेतु ऐप का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।

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जलवायु परिवेश व अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा को ध्यान में रखते हुए अपने अनुसंधान कार्य को आगे बढ़ाएं...

 संवाददाता : चंडीगढ़ हरियाणा

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय,हिसार के कुलपति प्रोफेसर समर सिंह ने वैज्ञानिकों से आह्वïन किया कि वे मौजूदा समय में बदलते जलवायु परिवेश व अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा को ध्यान में रखते हुए अपने अनुसंधान कार्य को आगे बढ़ाएं। इससे एक ओर जहां फसलों की गुणवत्ता कायम रहेगी वहीं दूसरी ओर अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भी उनकी डिमांड बढ़ेगी।

वे विश्वविद्यालय में ऑनलाइन माध्यम से आयोजित रिसर्च प्रोग्राम कमेटी की 49 वीं उच्च स्तरीय बैठक को बतौर चेयरमैन संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक फसलों, फलों व सब्जियों की नई किस्मों व तकनीकों को विकसित करते समय इस बात का भी खास ध्यान रखें कि उसका लाभ हर छोटी से छोटी जोत वाले किसान तक पहुंचना चाहिए। इसके अलावा जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाना चाहिए ताकि गलत खानपान व अधिक रसायनों के प्रयोग से बढ़ रही बीमारियों पर अंकुश लगाया जा सके।

उन्होंने कहा कि हमें किसानों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने के लिए ड्रोन प्रौद्योगिकी, रोबोटिक्स जैसी दूसरी विकसित तकनीकों को अपनाना होगा और किसानों के अनुकूल बनाना होगा। उन्होंने भविष्य की चिंता करते हुए कहा कि भूमिगत जल स्तर नीचे जा रहा है और पानी की समस्या दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है, ऐसे में पानी की बचत और श्रम गहन प्रौद्योगिकी को अपनाना बहुत ही जरूरी है। उन्होंने किसानों से भी अपील की कि वे विश्वविद्यालय से जुडकऱ अधिक से अधिक कृषि संबंधी जानकारी हासिल करें और लाभ उठाएं।

विश्वविद्यालय के अनुसंधान निदेशक डॉ. एस.के. सहरावत ने पिछली बैठक के एजेंडों के बारे में विस्तारपूर्वक चर्चा की और बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा बीते सालों में अनाज, दलहन, तिलहन फसलों, सब्जियों और फलों की लगभग 250 किस्में विकसित की जा चुकी हैं। इसके अलावा विश्वविद्यालय के पास 17 पेटेंट, 2 डिजाइन, 5 कॉपीराइट और एक व्यापार चिह्न हैं। विश्वविद्यालय का देश के खाद्यान भण्डारण में अहम रोल है। बैठक में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद से भी वैज्ञानिक व उच्च अधिकारी शामिल हुए और रिसर्च कार्यक्रम समिति के विभिन्न मुद्दों पर समीक्षा की। इस दौरान वैज्ञानिकों ने सुझाव दिया कि अगर किसान समूह बनाकर खेती करें तो मंहगी तकनीकों के खर्च को वहन करने में सक्षम हो सकते हैं और अधिक से अधिक लाभ कमाकर आर्थिक रूप सेे समृद्ध बन सकते हैं।

अनुसंधान निदेशक व अनुसंधान कार्यक्रम समिति के सचिव डॉ. एस.के. सहरावत ने बताया कि कार्यक्रम समिति की इस 49वीं बैठक मेें चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय ही नहीं अपितु प्रदेश के कृषि एवं बागवानी विभाग के महानिदेशक, महिला एवं बाल विकास विभाग, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अलावा विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान करनाल, केंद्रीय भैंस अनुसंधान संस्थान हिसार, राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान संस्थान, हिसार, मत्स्य विभाग हरियाणा, पर्यावरण विभाग के निदेशक, लुवास से अनुसंधान निदेशक, एचएयू के वित्त नियंत्रक सहित एचएयू व लुवास के सभी महाविद्यालयोंं के अधिष्ठाता एवं निदेशकों ने भाग लेकर अपने विचार साझा किए।

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सोमवार, 19 अक्तूबर 2020

उत्तराखंड में ग्रोथ सेंटरों की स्थिति जानने के लिए मुख्यमंत्री ने सचिवालय में समीक्षा बैठक की...

 संवाददाता : देहरादून उत्तराखंड

उत्तराखंड में ग्रोथ सेंटरों की स्थिति जानने के लिए मुख्यमंत्री ने सोमवार सचिवालय में समीक्षा बैठक की। उन्होंने उत्तराखंड के उत्पादों के लिए एक अम्ब्रेला ब्रांड बनाए जाने और सभी ग्रोथ सेंटरों को बिक्री और मुनाफे का लक्ष्य निर्धारित कर काम करने के लिए निर्देशित किया।

साथ ही उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ग्रोथ सेंटरों में खुद जाकर वहां आने वाली समस्याओं को दूर करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रोथ सेंटर आत्मनिर्भर भारत और वोकल फोर लोकल का अच्छा उदाहरण हैं और इनसे जुड़े लोगों विशेष तौर पर महिलाओं के आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है, हमें इस आत्मविश्वास को और बढ़ाना है।



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डॉ. जितेंद्र सिंह ने जम्मू केंद्रीय विश्वविद्यालय के परिसर में पंडित मदन मोहन मालवीय के नाम पर नए शिक्षा परिसर की नींव रखी...

 संवाददाता : नई दिल्ली

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने रविवार जम्मू केंद्रीय विश्वविद्यालय परिसर में पंडित मदन मोहन मालवीय के नाम पर नए शिक्षा परिसर की नींव रखी। उन्होंने कहा कि जम्मू केंद्रीय विश्वविद्यालय भारत के उन केंद्रीय विश्वविद्यालयों में से एक है, जहां श्री मालवीय के नाम पर शैक्षणिक परिसर है।

उन्होंने कहा कि पंडित मदन मोहन मालवीय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी 20वीं सदी के पहले हिस्से के अग्रणी शिक्षाविदों में से थे लेकिन उनके योगदान को किसी भी तरह से मान्यता नहीं मिली, जिसके वे हकदार थे और इसलिए, यह एक सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने यह भी याद किया कि हाल ही में उन्हें डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर इसी विश्वविद्यालय में एक छात्रावास परिसर का उद्घाटन करने का मौका मिला था, जो कोलकाता के बाहर किसी भी सरकारी विश्वविद्यालय में मुखर्जी के नाम पर रखा गया संभवत: पहला ब्लॉक है।

5 अगस्त, 2019 के बाद हुए संवैधानिक परिवर्तनों के साथ डॉ. जितेंद्र सिंह ने उम्मीद जताई कि इन शैक्षणिक संस्थानों के लिए देशभर से सर्वश्रेष्ठ फेकल्टी को आकर्षित करने में सबसे बड़ी बाधा दूर हो जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान के मानक को केवल तभी बनाए रखा जा सकता है जब पूरी तरह से पेशेवर लोगों की नियुक्ति हो और योग्यता के आधार पर स्कॉलर्स के चयन में कोई समझौता न हो और संस्थान आने वाली सभी फेकल्टी को बेहतरीन सुविधा और प्रोत्साहन के लिए तैयार हों और शिक्षण कार्य करें। इस संदर्भ में उन्होंने फिर से पंडित मदन मोहन मालवीय का जिक्र किया और याद किया कि उस समय भी मालवीय जी डॉ. एस. राधाकृष्णन को ऑक्सफोर्ड में पढ़ाने की अपनी नौकरी छोड़कर बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के कुलपति के रूप में कार्यभार संभालने के लिए मनाने में सफल रहे थे।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि किसी भी शैक्षिक संस्थान के लिए मान्यता और व्यापक पहचान प्राप्त करने की अनिवार्य रूप से दो आवश्यक शर्तें हैं। या तो असाधारण फेकल्टी होनी चाहिए जो अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुसंधान प्रकाशित कर सके या विशेष अध्ययन विभाग होने चाहिए, जो आसानी से उपलब्ध नहीं हैं।

कुलपति प्रोफेसर अशोक आइमा ने अपने स्वागत संबोधन में विश्वविद्यालय की विभिन्न उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने केंद्र में सभी नई परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में डॉ. जितेंद्र सिंह के निरंतर सहयोग का भी जिक्र किया।

प्रोफेसर आइमा ने डीआरडीओ के माध्यम से भारत सरकार के हाल ही में स्वीकृत केंद्र का भी उल्लेख किया।

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श्रम राज्य मंत्री ने कोविड-19 के विरूद्ध जन आन्दोलन अभियान के तहत जागरूकता रैली को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया...

 संवाददाता : जयपुर राजस्थान

श्रम, कारखाना एवं बॉयलर्स निरीक्षण विभाग (स्वतंत्र प्रभार), सहकारिता तथा इंदिरा गांधी नहर परियोजना विभाग राज्य मंत्री टीकाराम जूली ने अलवर के कम्पनी बाग के पास पुराना सूचना केन्द्र से स्काउट व गाइड स्थानीय संघ एवं अलवर जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कोविड-19 के विरूद्ध जन आन्दोलन अभियान के तहत जागरूकता रैली को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। 
 
श्रम राज्य मंत्री जूली ने इस अवसर पर कहा कि कोरोना महामारी फैलने से पूर्व ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने निरोगी राजस्थान अभियान प्रारम्भ किया था जिसका मुख्य उद्देश्य  प्रदेश के  प्रत्येक नागरिक को स्वस्थ रखना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निःशुल्क दवा और निःशुल्क जांच योजना भी सभी नागरिकों के स्वास्थ्य के प्रति सरकार की सजगता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान राज्य सरकार जनहित में निरन्तर फैसले ले रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी की शुरूआत में प्रदेश में एक भी जांच नहीं होती थी और वर्तमान में 50 हजार से अधिक प्रतिदिन जांच क्षमता विकसित की गई है। 
 
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वयं के नागरिकों के साथ-साथ पडोसी राज्यों को भी प्रतिदिन 5 हजार कोविड-19 जांच कराने की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए खुले मन से प्रस्ताव दे चुकी है। भीलवाड़ा मॉडल की देश-दुनिया में निरन्तर चर्चा हो रही है। इसी प्रकार प्रदेश के नवाचार नो मास्क नो एन्ट्री की भी चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश सरकार की आम नागरिकों के प्रति संवेदनशीलता स्पष्ट झलकती है। 
 
उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी का अभी तक इलाज उपलब्ध नहीं है। जब तक इसका विधिसम्मत इलाज उपलब्ध नहीं होवे तब तक मास्क को ही वैक्सीन मानकर इसका उपयोग करें। उन्होंने कहा कि कोरोना के विरूद्ध राज्य सरकार ने 2 अक्टूबर से जन आन्दोलन प्रारम्भ किया है वह वास्तव में प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भूमिका एवं जागरूकता के बिना संभव नहीं है। अतः उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि कोरोना महामारी की गम्भीरता समझते हुए मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। साथ ही अनावश्यक रूप से भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचे। 
 
श्रम राज्य मंत्री ने लिया रैली में भाग, बांटे मास्क
 
श्रम राज्य मंत्री ने जन जागरूकता रैली को हरी झण्डी दिखाकर रवाना करने के साथ ही स्वयं भी जागरूकता स्लोगन लिखी तख्ती को लेकर रैली में सरीक हुए। उन्होंने इस दौरान आम नागरिकों को मास्क बांटकर कोरोना के विरूद्ध मास्क की उपयोगिता का संदेश दिया।
 
नगर परिषद सभापति बीना गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित कोविड-19 के विरूद्ध जन आन्दोलन में अलवर नगर परिषद द्वारा निरन्तर जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही है। उन्होंने बताया कि नगर परिषद ने राज्य सरकार द्वारा वितरण हेतु उपलब्ध कराए गए 2 लाख 20 हजार मास्क में से अब तक 55 हजार मास्क वितरित किये जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना जागरूकता के लिए ऑटो रिक्शा से जागरूकता संदेश का प्रसारण, जागरूकता पोस्टर, रंगोली, रैली एवं प्रमुख चौराहों पर कोरोना जागरूकता के संदेश को प्रसारित कराया जा रहा है। उन्होंने शहर के नागरिकों से आग्रह किया है कि कोरोना के विरूद्ध लड़ाई में मेडिकल गाइडलाइन की पालना कर सहयोग प्रदान करें। इससे पूर्व उन्होंने अतिथियों का पौधे भेंट कर स्वागत किया। संचालन श्री दिनेश शर्मा ने किया। इस अवसर पर सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के द्वारा कोरोना जागरूकता चित्र प्रदर्शनी लगाई गई। 
 
इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर द्वितीय राकेश गुप्ता, नगर विकास न्यास के उप सचिव जितेन्द्र सिंह नरूका, नगर परिषद आयुक्त सोहन सिंह नरूका, प्रदीप आर्य, गोपालदास खटीक, हिमांशु, लीली यादव, विक्रम मीना, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी वीरेन्द्र यादव, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारम्भिक नेकीराम सहित संबंधित अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। 
 
इसके पश्चात श्रम राज्य मंत्री टीकाराम जूली ने अलवर ग्रामीण क्षेत्र के गांव बालेटा, कलसाडा, सोहनपुर, ढेलावास, भाखेडा व खारेडा में जनसम्पर्क कर जनसुनवाई की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि ग्रामीणों की समस्याओं को प्राथमिकता से निस्तारित करें। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि जो कर्मचारी एवं अधिकारी अनावश्यक रूप से परेशान करें उसकी सूचना तत्काल देवे ताकि उनके विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जा सके।  

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गढ़कलेवा में दिखेगी बांस शिल्प की छटा,हस्तशिल्प विकास बोर्ड ने लांच की नए फर्नीचर की श्रृंखला...

 संवाददाता : रायपुर छत्‍तीसगढ़

गढ़कलेवा को नया लुक देने के लिए हस्तशिल्प विकास बोर्ड ने बांस शिल्प पर आधारित फर्नीचर की नई श्रंृखला लांच की है। छत्तीसगढ़ की पारंपरिक परिवेश और साज सज्जा से जिलों में प्रांरभ हो रहे इन केन्द्रों में आकर्षण और भी बढ़ जाएगा।

 नई सरकार के गठन के बाद छत्तीसगढ़ के लोक कला और संस्कृति को जहां बढ़ावा दिया जा रहा है। वहीं छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों को लोकप्रिय बनाने राज्य के प्रत्येक जिला मुख्यालय में गढ़कलेवा खोलने की पहल की गई है। छत्तीसगढी व्यंजन का लुत्फ न केवल युवा पीढ़ी बल्कि पुरानी पीढ़ी के लोग ले रहे हैं। इन दिनों दोनों ही पीढि़यों को इन केन्द्रों में देखा जा सकता है।

हस्तशिल्प विकास बोर्ड द्वारा इन केन्द्रों को आकर्षक और छत्तीसगढ़ी परम्परा के अनुरूप बांस शिल्प फर्नीचर की नई श्रंृखला जारी की गई है। ये फर्नीचर शुरूआत में केवल गढ़कलेवा के लिए तैयार किए जा रहे हैं बाद में लोगों की मांग के अनुरूप इसे बिक्री के लिए तैयार किया जाएगा। बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि अब गढ़कलेवा में बांस शिल्प के इन आकर्षक फर्नीचर पर बैठकर छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का लुत्फ उठा सकेंगे। ये फर्नीचर न केवल आरामदेह हैं बल्कि आकर्षक भी हैं। उन्होंने बताया कि आंकाक्षी जिले नारायणपुर के बांस शिल्प सामान्य सुविधा केन्द्र में इन फर्नीचरों को तैयार किया जा रहा है। 

बांस शिल्प के लोकप्रिय होने से बांस के कारीगरों को नियमित रूप से रोजगार मिलेगा। इसके अलावा उन्हें अपने शिल्प को निखारने तथा अन्य आकर्षक सजावटी वस्तुएं बनाने के लिए प्रोत्साहन भी मिलेगा। हस्तशिल्प बोर्ड द्वारा गढ़कलेवा के फर्नीचरों की विशेष डिजाइन तैयार की गई है। इन फर्नीचरों में आकर्षक पालिश की गई है। अधिकारियों ने बताया कि इन फर्नीचरों को तैयार करने के लिए स्थानीय बंसोड़ों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।

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मुख्यमंत्री ने कंडक्टर भर्ती प्रश्न पत्र लीक मामले में जांच के आदेश दिए...

 संवाददाता : शिमला हिमाचल

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने हिमाचल पथ परिवहन निगम में कंडक्टरों की भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक होने के मामले में कड़ा संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा उसे बख़्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि लिखित परीक्षाएं पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से आयोजित की जाएं ताकि भविष्य में इस तरह की कोई घटना घटित न हो।
 

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उज्जैन पुलिस अधीक्षक को हटाने के दिए निर्देश...

 संवाददाता : भोपाल मध्यप्रदेश

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उज्जैन में 3 दिन पूर्व जहरीली शराब के सेवन से हुई मौतों के मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक उज्जैन को हटाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने रविवार निवास पर आहूत बैठक में इस संबंध में निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित क्षेत्र के नगर पुलिस अधीक्षक के निलंबन के निर्देश भी दिए हैं। उल्लेखनीय है कि उज्जैन के  खाराकुआं थाना  के टीआई और अन्य अमले को पूर्व में ही घटना में लापरवाही का दोषी मानते हुए निलंबित किया जा चुका है। मुख्यमंत्री चौहान ने इस तरह की अवैध गतिविधियों में लिप्त माफिया के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान चला कर प्रदेश स्तर पर कार्रवाई की जाए।

मुख्यमंत्री चौहान ने उज्जैन में हुई घटना की जांच के लिए गए अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजेश राजौरा से की गई कार्रवाई का विवरण प्राप्त किया। इस प्रकरण में अब तक हुई गिरफ्तारियां और पुलिस एवं आबकारी अमले के दोषियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई की जानकारी मुख्यमंत्री चौहान को दी गई। मुख्यमंत्री चौहान ने उज्जैन के एडिशनल एसपी सहित समस्त जिम्मेदार पुलिस अमले को भी हटाने के निर्देश दिये। उज्जैन में हुई घटना को मुख्यमंत्री चौहान ने बेहद गंभीरता से लेते हुए यह निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होना चाहिए।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा इस तरह अवैध रूप से नशीली वस्तुओं का विक्रय और व्यापार हर स्थिति में रोका जाए। मुख्यमंत्री चौहान ने निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलवाई जाए। सड़कों पर बैठने वाले भिखारी या अत्यंत गरीब तबके के लोग इस तरह की वस्तुओं के सेवन के लिए प्रेरित न हों, उन्हें इन वस्तुओं की आपूर्ति करने वालों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाए। यह कार्यवाही  निरंतर अभियान के रूप में चले, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हो। उज्जैन की घटना से संबंधित गृह विभाग द्वारा संपूर्ण  जांच प्रतिवेदन तैयार किया जा रहा है।

नाबालिग की हत्या के संबंध में सख्त एक्शन लें, किसी को न बक्शा जाए

मुख्यमंत्री चौहान ने जबलपुर में एक नाबालिग की हत्या के मामले में भी कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि ऐसे अपराधियों को समाप्त करने के लिए प्रभावी कार्रवाई हो। किसी भी दोषी को न बख्शा जाए। ए.डी.जी. इंटेलिजेंस आदर्श कटियार ने बताया कि इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। प्रकरण में विस्तृत जांच की जा रही है।

इस अवसर पर मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, ओएसडी मुख्यमंत्री कार्यालय मकरंद देउसकर, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री मनीष रस्तोगी, आयुक्त जनसंपर्क डॉ. सुदाम खाडे और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

उज्जैन पुलिस अधीक्षक हटाये गये

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर गृह विभाग द्वारा आदेश जारी कर उज्जैन पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। उनके स्थान पर सत्येन्द्र कुमार शुक्ला पुलिस अधीक्षक शहडोल को पुलिस अधीक्षक उज्जैन पदस्थ किया गया है। मनोज कुमार सिंह की पदस्थापना सहायक पुलिस महानिरीक्षक पुलिस मुख्यालय भोपाल की गई है। अवधेश कुमार गोस्वामी पुलिस अधीक्षक पी.टी.सी. इन्दौर को पुलिस अधीक्षक जिला शहडोल पदस्थ किया गया है।

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रविवार, 18 अक्तूबर 2020

मुख्यमंत्री ने मोराहाबादी स्थित नीलाम्बर-पीताम्बर पार्क में वीर शहीद नीलाम्बर-पीताम्बर की प्रतिमा का अनावरण कर पुष्प अर्पित किया...

 संवाददाता : रांची झारखंड

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने मोराहाबादी स्थित नीलाम्बर-पीताम्बर पार्क में वीर शहीद नीलाम्बर-पीताम्बर की प्रतिमा का अनावरण कर पुष्प अर्पित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिमा क्षतिग्रस्त हो गई थी।

प्रतिमा को पुनः पुराने अस्तित्व में लाया गया है। ऐतिहासिक धरोहर को सम्मान देने के लिए यहां समाज के लोग एकत्र हुए हैं। सभी को शुभकामनाएं। झारखण्ड वीरों का प्रदेश है और हम अपने वीरों को सदैव याद ना करें यह कैसे हो सकता है। शरारती तत्वों द्वारा प्रतिमा क्षतिग्रस्त किये जाने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में कुछ शरारती तत्व होते हैं ऐसे कुकृत्य करने वालों को लोग कभी स्वीकार नहीं करते हैं।

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अवधूत शिरोमणि गिरनार पर रामकथा का शुभारंभ...

 संवाददाता : वृन्दावन उत्तरप्रदेश

शारदीय नवरात्रि के पवित्र दिनों में अवधूत शिरोमणि गिरनार के गुरुशिखर के पास “मानस-जगदंबा” की शुरुआत पूज्य मोरारीबापू द्वारा कमंडल कुंड में की गई थी, जिसे गंगा के स्वरूप के समान माना जाता है।गिरनार पर कहानी शुरू करने से पहले, पूज्य बापू ने अवधूत जोगंदर गिरनार और उस पर सभी पूजा स्थलों और साथ ही सभी साधु-संतों और अदृश्य दिव्य चेतना को प्रणाम किया।

पूज्य बापू ने ब्रह्मलीन स्वामी मुक्तानंद गिरिजी महाराज की निर्भीक चेतना को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने इस कहानी की आकांक्षा की थी, और जिन्होंने चार दिन पहले कहानी का निर्माण करके निर्वाण प्राप्त किया था। बापू ने कहा कि भगवान दत्तात्रेय ने इस साधना भूमि को तपस्थली के रूप में चुना, यही इसकी महानता है। अतीत का धुआं कभी नहीं बुझेगा।

भजन कम होने पर ही इसे बुझाया जाता है।पूज्य बापू ने कहा कि वह पहले भी तीन बार कमंडल कुंड आए हैं। अभी सेन्जल धाम में श्रोता के बिना कथा हुइ, उस समय बापू की इच्छा थी कि गिरनार पर शारदीय नवरात्रि पर कथा सुनाई जाए – यदि संभव हो – ‘कमंडल कुंड’ पर। उनकी यह इच्छा जयंतीभाई चंद्रा ने पूरी की। उन्होंने कोरोना के समय में सामाजिक दूरी के सतर्कता, सावधानी और रखरखाव के नियमों और नियमों के पूर्ण पालन के साथ गिरनार की गोद में रहने वाले सभी भिक्षुओं को आशीर्वाद लिया।संसार में कइ काम दुर्गम है, लेकिन यह केवल उनकी कृपा से आसान हो जाता है।

मां दुर्गा के पावन पर्व नवरात्रि में दुर्गम स्थान पर शुरू हो रही है, इस पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बापू ने कहा कि यह केवल और केवल कृपा से किया जा सकता है।भक्ति के पाँच प्रकार हैं- हरिनिष्ठ, गुरुनिष्ठ, शस्त्रनिष्ठ, शबदनिष्ठ और कुला कुलीनता। भले ही शरीर पंचमहाभूत से बना हो, लेकिन आध्यात्मिक शरीर इन पांच भक्तों से बना है। केवल पूर्ण विश्वास ही हमें यहाँ लाया है।एक मायने में, गिरनार बहुत खास है। और दूसरे अर्थ में यह परिपूर्ण है। साधन से भरा – और पूरी तरह से खाली भी! शून्य और पूर्ण का अद्भुत सामंजस्य यहां महसूस किया जाता है।शास्त्र गिरनार पर्वत को रेवताचल या रेवतागिरि के रूप में संदर्भित करते हैं। शास्त्रों में लिखा है, लेकिन विज्ञान और भूवैज्ञानिकों ने भी कहा है कि गिरनार हिमालय से लाखों साल पुराना है।

’महाकवि माघ ने ‘शिशुपाल वध’ नामक अपनी कविता में इस पर्वत का उल्लेख किया है।पूज्य बापू ने कहा कि मुझे गिरनार से प्यार है। बहुत पुराना प्यार है।महापुरुष यहां आए बिना नहीं रह सकता। क्योंकि यह जगह इसे खींचती है।बापू ने कहा कि चैत्र नवरात्र एक सौम्य नवरात्र है। शारदीय नवरात्रा में कई तरह के अनुष्ठान होते हैं। इस नवरात्रि का लोगों द्वारा व्यापक रूप से आनंद लिया जाता है। मेरे लिए, रामचरित मानस ही मेरा एकमात्र गौरव है।

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केन्द्र सरकार द्वारा लागू किए गए कृषि कानून खेती एवं किसानी के लिए लाभकारी साबित होंगे...

 संवाददाता : चंडीगढ़ हरियाणा

हरियाणा के कृषि मंत्री जय प्रकाश दलाल ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा लागू किए गए कृषि कानून खेती एवं किसानी के लिए लाभकारी साबित होंगे। किसानों को इन कानूनों से घबराने की जरूरत नहीं है। यहीं कानून भविष्य में किसानों की दशा सुधारने में मिल का पत्थर साबित होंगे।

दलाल ने यह बात रविवार जिला जींद में आयोजित दूसरे राज्य स्तरीय समृद्ध किसान- सशक्त भारत कार्यक्रम को सम्बोन्धित करते हुए कही।उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव करने के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। जिनके परिणामस्वरूप प्रदेश की कृषि व्यवस्था तेजी से बदल रही है, जिससे किसानों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा 500 किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था जो लगभग पूरा कर लिया गया है।

दलाल ने कहा कि एफपीओ एक ऐसी व्यवस्था है जो किसानों से फल, सब्जी, फूल, मछली व बागवानी से सम्बन्धित फसलों को खरीदकर सीधे कम्पनियों को बेचते हैं, जिससे किसानों को अधिक आय प्राप्त होती है। इन एफपीओ से अब तक प्रदेश के लगभग 80,000 किसान जुडकऱ लाभ प्राप्त कर रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा एफपीओ का ग्रेडेशन करने का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। अब शानदार कार्य करने वाले एफपीओ को स्टार रेटिंग भी दी जाएगी। प्रदेश के 90 एफपीओ ऐसे हैं जिन्होंने अपने कार्यालय भी स्थापित कर लिए हैं।

उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों के बनने से किसान अपने खेत-खलियान से फसल की बिक्री कर सकेगा। दूसरा फायदा यह मिलेगा अपनी फसल के दाम खुद निर्धारित करेगा और अपनी मर्जी से किसी भी मण्डी में अपनी फसल भी बेच सकेगा और किसानों को फसल बेचने पर मार्किट फीस भी नहीं देनी होगी।

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मुख्यमंत्री ने जयहरीखाल ब्लॉक में 65 करोड़ की भैरवगढ़ी पेयजल योजना एवं विकासखंड कार्यालय भवन का लोकार्पण किया...

 प्रजा दत्त डबराल @ देहरादून उत्तराखंड

मुख्यमंत्री ने पौड़ी जिले के जयहरीखाल ब्लॉक में 65 करोड़ की भैरवगढ़ी पेयजल योजना एवं विकासखंड कार्यालय भवन जयहरीखाल का लोकार्पण किया। इस योजना से इलाके के 75 गांवों और तोकों को पानी मिलेगा।

उन्होंने कहा कि लोग अपने अधिकारों को समझें और जनप्रतिनिधियों से जहां सवाल करना हो वो भी जरूर करें। उन्होंने कहा कि आज सरकार स्वरोजगार के अवसर दे रही है, आमजन की मदद कर रही है। युवाओं को चाहिए कि वे सरकार की मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना समेत मुख्यमंत्री सोलर ऊर्जा योजना का लाभ उठाएं।



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कोविड के उपचाराधीन रोगियों की संख्या आठ लाख से नीचे कुल संक्रमितों के केवल 10.70 प्रतिशत सक्रिय मामले...

 संवाददाता : नई दिल्ली

भारत ने कोविड के खिलाफ अपनी लड़ाई में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। डेढ़ महीने के बाद पहली बार कोविड के उपचाराधीन रोगियों की संख्‍या आठ लाख से नीचे आई है।

देश के कुल सक्रिय मामलों की संख्या आज 7,95,087 है। यह आंकड़ा कुल मामलों का केवल 10.70प्रतिशत ही है। इससे पहले 1 सितंबर को कोविड मामलों की संख्या 8 लाख से नीचे (7,85,996) थी।

हर दिन ठीक होने वाले कोविड रोगियों की अधिकतम संख्या के साथ ही, भारत में सक्रिय मामलों की संख्या में लगातार गिरावट दर्ज करने का चलन जारी है।

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भारत में इस महामारी से उबरने वालों की संख्या भी सर्वाधिक है। कुल 65 लाख से अधिक (65,24,595) रोगी इस संक्रमण से मुक्त हो चुके हैं। सक्रिय मामलों और स्वस्थ होने वालों के बीच अंतर लगातार बढ़ रहा है और अब यह 57,29,508 तक पहुंच चुका है।

पिछले 24 घंटों में 70,816 रोगी ठीक हुए और उन्हें छुट्टी दे दी गई है, जबकि 62,212 नए पुष्ट हुए मामले हैं। देश में कोविड से स्वस्थ होने की दर 87.78 प्रतिशत हो गई है।

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा संवर्धित देशव्यापी चिकित्सा अवसंरचना, केंद्र के मानक उपचार प्रोटोकॉल के कार्यान्वयन और डॉक्टरों, पैरामेडिक्स और पहली पंक्ति के कार्यकर्ताओं के समग्र समर्पण तथा प्रतिबद्धता के कारण ही भारत में मृत्यु दर में कमी आई है और इसके साथ ही रोगमुक्त होने वालों की कुल संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। भारत एकमात्र ऐसा देश है, जहां पर सर्वाधिक कोविड मरीज़ ठीक हुए हैं और यह विश्व स्तर पर सबसे कम मृत्यु दर वाले देशों में से एक है। भारत में मृत्यु दर 1.52 प्रतिशत है। ये सक्रिय मामलों में लगातार गिरावट के परिणामस्वरूप हैं।

पुष्ट हुए नए मामलों में से लगभग 78 प्रतिशत मामले 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से ही सामने आए हैं।

महाराष्ट्र में केवल एक दिन में 13,000 से अधिक मरीज़ स्वस्थ हुए हैं और इसके बाद कर्नाटक में 8,000 से अधिक रोगी संक्रमण मुक्त हुए हैं।

पिछले 24 घंटों में 62,212 नए पुष्ट मामले दर्ज किए गए।

इनमें से 79 प्रतिशथ मामले 10 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से हैं। महाराष्ट्र अभी भी 11,000 से अधिक मामलों के साथ सबसे आगे है इसके बाद कर्नाटक और केरल आते हैं। इन दोनों राज्यों में 7,000 से अधिक नए मामलों की संख्या दर्ज की गई है।

पिछले 24 घंटों में 837 कोविड मरीज़ों की मौत हुई है। इनमें से लगभग 82 प्रतिशत मौतें दस राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों में ही हुई हैं।

महाराष्ट्र में सर्वाधिक एक दिन में 306 रोगियों की मौतें हुई हैं।

केंद्र, कोरोना वैश्विक महामारी के खिलाफ सामूहिक लड़ाई में राज्य और केंद्रशासित प्रदेश सरकारों का पूरी तरह से समर्थन कर रहा है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने केरल, कर्नाटक, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल में उच्च स्तरीय केंद्रीय दलों की प्रतिनियुक्ति की है। इन राज्यों में हाल के दिनों में नए कोविड रोगियों की संख्या में लगातार वृद्धि देखने को मिल रही है।

केंद्रीय दल कोविड महामारी के नियंत्रण, निगरानी, ​​परीक्षण, संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण उपायों तथा पॉजिटिव मामलों के कुशल नैदानिक ​​प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में राज्य के प्रयासों में पूरी मदद करेंगे। केंद्रीय दल समय-समय पर निदान और आगे की कार्रवाई से संबंधित चुनौतियों का प्रभावी ढंग से प्रबंधन करने में भी इनका मार्गदर्शन करेंगे।

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मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख की आर्थिक सहायता स्वीकृत...

 संवाददाता : भोपाल मध्यप्रदेश 

गत दिवस नर्मदा नदी में दुर्घटनावश डूब कर मृत्यु होने पर चारों मृतकों के परिजनों को आर.बी.सी. 6 (4) के तहत 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है।

शुक्रवार 16 अक्टूबर को टिमरनी के ग्राम लछौरा स्थित नर्मदा नदी में अमावस्या के पर्व पर स्नान करने गये रोहित पिता नर्मदा प्रसाद 30 वर्ष, महेन्द्र आत्मज भागवत सिंह राजपूत 22 वर्ष, राहुल पिता सोहन सिंह 25 वर्ष और सुरेन्द्र पिता निर्भय सिंह 22 वर्ष की नर्मदा नदी में डूब जाने से मृत्यु हुई थी। किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री कमल पटेल ने उक्त घटना पर दु:ख व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन को मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता स्वीकृत करने के निर्देश दिये थे।

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भरतपुर का सर्वांगीण विकास मेरी प्राथमिकता में : डॉ गर्ग

 संवाददाता  : जयपुर राजस्थान

चिकित्सा राज्य मंत्री डॉ सुभाष गर्ग ने कहा कि प्रत्येक माता-पिता का यह दायित्व है कि वे अपने बच्चों को शिक्षित बनाने के साथ संस्कारवान भी बनायें। 
 
डॉ सुभाष गर्ग शनिवार को अग्रेसन महाराजा की 5144वीं जयन्ती के अवसर पर विभिन्न संगठनों द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हम सभी का यह दायित्व है हम बच्चों को नवीन तकनीकी से भी जोड़कर उन्हें बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराये।
 
जिससे इस प्रतियोगिता के युग में अपनी प्रतिस्पर्धा में टिके रहे। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी की अवधि में भी राज्य सरकार द्वारा ई-पोर्टल एवं अन्य शैक्षिणक पोर्टलों के माध्यम से विद्यार्थियों को निरन्तर ऑनलाईन शिक्षा से जोड़कर घर पर ही बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि बच्चों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के माध्यम से ही समाज के नवनिर्माण में भागीदारी सुनिश्चित की जा सकेगी। 

डॉ गर्ग ने कहा कि भरतपुर को सुन्दर एवं संभाग स्तरीय शहर बनाने के लिए हम सभी को विकासात्मक एवं सकारात्मक सोच का वातावरण तैयार करना होगा तो ही हम भरतपुर में अच्छे शैक्षिणक संस्थाओं एवं उद्योगों स्थापित करवा पायेंगे। जिससे युवाओं को बेहतर रोजगार के साधन उपलब्ध होंगे। उन्होेंने कहा कि राज्य सरकार केे साथ ही एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से रीजनल प्लान को स्वीकृत कराकर विकास के बड़े प्रोजेक्ट लाये जायें इसमें सभी समाज के स्थानीय भामाशाहों का भी योगदान रहेगा।
 
उन्होंने कहा कि उनकी यह पहली प्राथमिकता है कि भरतपुर का आरबीएम चिकित्सालय अन्य संभाग स्तरीय चिकित्सालयों की तुलना में अन्य बेहतर एवं गुणवत्ता पूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो जिससे जिलेवासियों के साथ ही क्षेत्र के अन्य गरीब एवं निर्धन लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके।

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सेन्टर फाॅर माॅनिटरिंग इंडियन इकानामी के आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी की दर घटकर हुई 2 प्रतिशत...

 संवाददाता : रायपुर छत्‍तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी की दर सितंबर 2020 में घटकर 2 प्रतिशत रह गयी है, जो राष्ट्रीय स्तर पर देश में बेरोजगारी की दर 6.8 प्रतिशत से काफी कम है। देश में शहरी क्षेत्रों में यह दर 7.9 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्रों में 6.3 प्रतिशत रही। सेन्टर फाॅर माॅनिटरिंग इंडियन इकानामी (सीएमआईई) द्वारा 16 अक्टूबर को जारी बेरोजगारी दर के ताजा आंकड़ों के अनुसार बेरोजगारी की दर असम में 1.2 प्रतिशत के बाद छत्तीसगढ़ में सबसे कम 2 प्रतिशत है। जो देश के बड़े और विकसित राज्यों से काफी कम है।

 राजस्थान में बेरोजगारी की दर 15.3 प्रतिशत, दिल्ली में 12.2 प्रतिशत, बिहार में 11.9 प्रतिशत, हरियाणा में 19.1 प्रतिशत, पंजाब में 9.6 प्रतिशत, महाराष्ट्र में 4.5 प्रतिशत, पश्चिम बंगाल में 9.3 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश में 4.2 प्रतिशत, झारखण्ड में 8.2 प्रतिशत, ओडिसा में 2.1 प्रतिशत है। 

  •  गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों और फैसलों से छत्तीसगढ़ में उद्योगों सहित कृषि क्षेत्र में गतिविधियां तेजी से संचालित हो रही हैं, जिससे छत्तीसगढ़ में रोजगार के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं और बेरोजगारी की दर में कमी दर्ज की जा रही है। इसके पहले छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी की दर जून माह में 14.4 से घटकर जुलाई माह में 9 प्रतिशत के स्तर पर आ गयी थी। राज्य सरकार द्वारा लिए गए फैसलों से कोरोना काल में भी राज्य में लोगों को आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर रखा गया। 

 छत्तीसगढ़ में अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह से ही औद्योगिक गतिविधियां प्रारंभ हो गई थी। वर्तमान में लगभग शत-प्रतिशत उद्योगों में कोरोना से रोकथाम और बचाव के साथ काम शुरू हो गया है। अच्छी बारिश से राज्य में कृषि की गतिविधियों में तेजी आयी है।

मनरेगा में अधिक से अधिक रोजगार मूलक कार्यों के संचालन और लघुवनोपज की खरीदी से प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़े। राजीव गांधी किसान न्याय योजना सहित किसान हितैषी योजनाओं तथा जनकल्याणकारी फैसलों से उत्साहजनक वातावरण बना है। अनलॉक होते ही छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था ने गति पकड़ी, जिसकी वहज से छत्तीसगढ़ में जीएसटी कलेक्शन बढ़ा, ऑटोमोबाईल, कृषि सहित अन्य क्षेत्रों में तेजी आयी।

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‘50 साल के रंग पर्यटन के संग’ शीर्षक पर पर्यटन विभाग आयोजित कर रहा है आॅनलाइन अभियान...

 संवाददाता : शिमला हिमाचल

राज्य के 50वें पूर्ण राज्यत्व दिवस के उपलक्ष्य पर ‘‘50 साल के रंग पर्यटन के संग’’ शीर्षक पर राज्य पर्यटन विभाग एक आॅनलाइन अभियान आयोजित कर रहा है। इसका उद्देश्य वर्ष 1971 से आज तक प्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में हुए विकास एवं उन्नति को दर्शाना है। इस अभियान के अंतर्गत आम नागरिकों से पर्यटन क्षेत्र में हुए विकास को लेकर सुझाव भी आमंत्रित किए गए हैं। अभियान का आयोजन हिमाचल डॉट माईगॉव डॉट इन पोर्टल पर किया जा रहा है।
 
पर्याटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग के सचिव देवेश कुमार ने आज यहां बताया कि आमजन अपने सुझाव से अवगत करा सकते हैं कि पिछले 50 वर्षों में हिमाचल प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र में कितना विकास एवं प्रगति हुई है तथा पर्यटन गतिविधियों के बढ़ने से राज्य में पर्यटन को बढ़ावा मिला है। इसे किसी आकर्षक फोटो जैसे प्रदेश के किसी भी पर्यटन स्थल के पुराने अथवा नए यादगार रंगीन या श्याम-श्वेत छाया चित्र के जरिये भी दर्शाया जा सकता है।
 
 

 उन्होंने कहा कि इस अभियान में भाग लेने वाले प्रतिभागी पर्यटन की दृष्टि से प्रदेश के सौंदर्य को दर्शाते अथवा धरोहर, झीलें इत्यादि के यादगार फोटो ऑनलाइन भेज सकते हैं। इसके आलावा, आम जनता हिमाचल प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र में हुई प्रगति एवं विकास के बारे में अपने बहुमूल्य सुझाव भी भेज सकते हैं जो 100 शब्दों से अधिक नहीं होने चाहिए।
 
देवेश कुमार ने कहा कि आकर्षक यादगार फोटो भेजने वाले प्रतिभागी को राज्य पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग पुरस्कृत करेगा। विभाग 50 यादगार छायाचित्रों के लिए 50 प्रतिभागियों को चुनेगा तथा प्रत्येक को दो-दो हजार रुपए की राशि बतौर ईनाम देगा। चुने गए 50 प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट भी प्रदान किए जाएंगे। आकर्षक यादगार फोटो तथा सुझाव, प्रदेश सरकार के पोर्टल हिमाचल डॉट माईगॉव डॉट इन पर भेजने होंगे। इसमें प्रतिभागी को अपना नाम-पता, फोन नंबर, ई-मेल का विवरण देना होगा।
 
उन्होंने कहा कि एक प्रतिभागी अधिकतम पांच छायाचित्र ही भेज सकता है। फोटो केवल हिमाचल प्रदेश के पर्यटन को दर्शाने वाली होनी चाहिए। ऑनलाइन भेजी गई फोटो के बारे में प्रतिभागी को पोर्टल पर दिए गए भाग में यह बताना होगा कि उसके द्वारा भेजी गई फोटो में कोई विवाद या कॉपीराइट नहीं है। फोटो हाई रेसोलुशन वाला होना चाहिए। पर्यटन सम्बन्धी पुराने यादगार फोटो को स्कैन कर भी भेजा जा सकता है।
 
देवेश कुमार ने कहा कि इस अभियान के अंतर्गत चुने गए 50 बेहतरीन सुझावों को विभाग अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित करेगा। विभाग के पास यह अधिकार रहेगा कि पुरस्कार विजेता 50 यादगार छायाचित्रों को विभाग प्रचार के लिए किसी भी तरह के माध्यमों में उपयोग कर सकेगा। इसके अतिरिक्त प्रतियोगिता में किसी भी तरह के बदलाव का अधिकार पर्यटन विभाग के पास ही सुरक्षित रहेगा। अभियान की अंतिम तिथि 20 नवम्बर, 2020 निर्धारित की गई है। प्रतिभागियों से आग्रह किया गया है कि 20 नवम्बर से अपनी पूर्व फोटो एवं सुझाव साझा करें।

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मुख्यमंत्री द्वारा देवघर नगर निगम के नव निर्मित भवन के उद्घाटन एवं देवघर शहरी जलापूर्ति परियोजना का शिलान्यास किया...

 संवाददाता : देवघर झारखंड

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने सभी का जोहार करते हुए कहा कि बहुत दिनों के बाद शनिवार बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर आने का मौका मिला है। आज का दिन देवघर वासियों के लिए कई मायनों में खास है।

आप सभी की सुविधा के लिए भव्य नगर निगम कार्यालय का उद्घाटन करने का मौका मिला है, साथ ही बाबा नगरी के लिए देवघर शहरी जलापूर्ति परियोजना का शिलान्यास भी किया गया है। देवघर शहर झारखण्ड राज्य की सांस्कृतिक राजधानी भी है। ऐसे में देवघर शहर में पहले से चल रहे आंशिक जलापूर्ति को सुधार कर सभी 36 वार्डों के शतप्रतिशत घरों में जलापूर्ति योजना हेतु व्यापक योजना तैयार की गयी है। हमारी सरकार 2022 तक झारखण्ड के हर गांवों को पेयजल से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

मुख्यमंत्री श्रमिक योजना के माध्यम से शहरी क्षेत्र के श्रमिक को बनाया जायेगा सशक्त

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण के इस दौर में रोजगार के अभाव व दिहाड़ी मजदूरों के सुविधा को देखते हुए मुख्यमंत्री श्रमिक योजना की शुरूआत की गयी है। वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार को लेकर जो तनाव था, उसे काफी हद तक सरकार ने कम करने का प्रयास किया है। ग्रामीण क्षेत्र में करोड़ों मानव दिवस सृजित करने में सरकार सफल भी रही है। शहरी क्षेत्रों में भी कार्य के अभाव को देखते हुए योजना का शुभारंभ रांची से किया गया था। उन्होंने कहा कि इस योजना से शहरी जनसंख्या लोग, जो गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहे हैं, उन्हें लाभान्वित करने का लक्ष्य है। योजना से पांच लाख से अधिक परिवार लाभान्वित होंगे। साथ हीं श्रमिकों द्वारा आवेदन करने के पश्चात उन्हें 15 दिनों के भीतर रोजगार मिलने की गारंटी है। उद्देश्य स्पष्ट है कि झारखण्ड राज्य में कोई भी गरीब या मजदूर पैसे के अभाव में कष्ट न सहें।

मुख्यमंत्री श्रमिक योजना का क्रियान्वयन झारखण्ड राज्य के सभी 51 नगर निकायों में किया जा रहा है, जिसके तहत राज्य के शहरी क्षेत्रों में निवास करने वाले गरीब परिवारों को गारंटीयुक्त 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन से पूर्व किसी को इस बात का अनुमान नहीं था कि राज्य से कितने लोग विभिन्न राज्यों में कार्य करने जाते हैं। इसकी जानकारी लॉकडाउन के दौरान ही हुई। करीब दस लाख लोग रोजगार के लिए विभिन्न राज्यों में जाया करते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखण्ड के श्रमिकों को ट्रेन व एअरलिफ्ट करा कर वापस अपने घर लाने वाला पहला राज्य झारखंड बना। श्रमिकों के लिए लगातार राहत कार्य में सरकार जुटी रही।

करीब 25 करोड़ की राशि डीबीटी के माध्यम से श्रमिक भाइयों के खाते में भेजी गई ताकि लॉकडाउन में भी उनका जीवन यापन हो सके। राज्य में भी इस आपदा की घड़ी में भूख से किसी की मृत्यु नहीं हुई ये हम सभी के लिए सुखद है। लॉकडाउन के दौरान शुरू की गई दीदी किचन, मुख्यमंत्री दाल-भात केन्द्र के माध्यम से शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के लाखों लोगों को भोजन प्राप्त हुआ और इसका श्रेय हमारे जेएसएलपीएस के दीदियों को जाता है, जिन्होंने अपनी जान की प्रवाह किये बगैर लोगों को निःस्वार्थ भाव से सेवा की है।

आज इस विपरित परिस्थिति के बीच हम सभी राज्य को सामान्य बनाने में लगे हुए हैं और यही वजह है कि लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा व मजबूरीवश बाबा मंदिर को भी बंद किया गया, जिसे अब धीरे-धीरे अब खोला जा रहा है। इसके अलावा कोविड-19 के प्रकोप व लाॅकडाउन के वजह से प्रभावित लोगों की सुविधा के लिए प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत सुक्ष्म वित्तीय सहायता प्रदान करते हुए उन्हें सशक्त व स्वावलंबी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

कोरोना संक्रमण के इस जंग में आप सभी सरकार का सहयोग करें, ताकि इस बीमारी से हम जीत सकें

 मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने सभी से आग्रह करते हुए कहा कि वर्तमान में कोरोना कोरोना संक्रमण के प्रकोप को देखते हुए  हम सभी को सतर्क, सजग और सावधान रहने की आवश्यकता है। सबसे महत्वपूर्ण है कि चेहरे और नाक को अच्छे से मास्क या रूमाल से ढंक कर रखें एवं एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के बीच दो से चार मीटर तक की दूरी बना कर रहें और जमघट लगाने से परहेज करें। स्वच्छता पर विशेष ध्यान रखते हुए अपने हाथो को थोड़े समय के अंतराल पर साबुन या हैंडवॉश से अवश्य धोएं।

झारखण्ड सरकार किसानों के आर्थिक विकास के लिए प्रतिबद्ध

इस अवसर पर मंत्री कृषि, पशुपालन एवं सहाकारिता विभाग श्री बादल पत्रलेख ने अपने संबोधन में कहा कि नवरात्र के पहले दिन मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन द्वारा देवघर की जनता को कई सौगात दी गयी है। हमारी सरकार ने कोरोना काल में आप सभी के सहयोग से बेहतर कार्य किया है। वहीं किसानों की बेहतरी के लिए कृषि, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता के क्षेत्र में हमारी सरकार लगातार बेहतर कार्य कर रही है। आज हमारी सरकार कृषि को बढ़ावा देने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है, ताकि किसानों को सुदृढ़ किया जा सके। कृषि के क्षेत्र में जो भी समस्याएं आ रही है उन सभी को शीघ्र दूर किया जायेगा और विकास योजनाएं पूर्ण रूप से धरातल पर दिखेंगी। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए परंपरागत खेती के साथ आधुनिक तकनिकों की सुविधा के साथ मत्स्य पालन, दुग्ध उत्पादन के अलावा विभिन्न योजनाओं से जोड़ते हुए उन्हें सशक्त करने का प्रयास कर रही है।

झारखण्ड के अन्य निकायों में भी बनाये जायेंगे निगम के भवन

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव श्री विनय चौबे ने कहा कि आज कलस्थापना के अवसर पर बाबा नगरी देवघर में माननीय श्री हेमंत सोरेन द्वारा 21.12 करोड़ लागत से बने नगर निगम भवन का उद्घाटन किया गया है जल्द हीं झारखण्ड के अन्य निकायों में भी नगर निगम भवन बनाये जाएंगे। इसके अलावे हर घर को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के उद्देश्य से देवघर शहरी जलापूर्ति योजना का शिलान्यास किया गया, ताकि देवघर नगर निगम क्षेत्र के सभी 36 वार्ड को शुद्ध पेयजल के कनेक्शन से जोड़ा जा सके। 14 अगस्त को मुख्यमंत्री श्रमिक योजना की शुरूआत के बाद आज दूसरी कड़ी देवघर जिला से माननीय मुख्यमंत्री के द्वारा शुरू की गयी है।

कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने बाबा मंदिर पहुंचकर बाबा बैद्यनाथ का दर्शन कर राज्य के समृद्धि की कामना की।

इस अवसर पर नगर आयुक्त शैलेन्द्र कुमार लाल, उप विकास आयुक्त, संजय कुमार सिन्हा, अनुमंडल पदाधिकारी दिनेश कुमार यादव सहित अन्य उपस्थित थे।

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शक्ति पम्प्स के घरेलू व्यापार में 178 फीसदी वृद्धि...

संवाददाता : रूड़की उत्तराखंड 

भारत की ऊर्जा कुशल (एनर्जी एफिशिएंट) पम्प्स तथा सौर ऊर्जा समाधानों के क्षेत्र में अग्रणी, शक्ति पम्प्स इंडिया लिमिटेड, ने  30 सितम्बर 2020 को समाप्त दूसरी तिमाही के अंत तक शानदार वित्तीय प्रदर्शन की उद्घोषणा की।

प्रथम तिमाही की तुलना में कम्पनी ने घरेलू व्यापार में 178 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करते हुए वित्तीय वर्ष 2020-21 की दूसरी तिमाही के अंत तक 153 करोड़ रुपये का घरेलू व्यापार किया। यह आंकड़ा इस वर्ष की प्रथम तिमाही की तुलना में 98 करोड़ रुपये अधिक रहा।

कंपनी ने इस वर्ष की दूसरी तिमाही के अंत तक 48 करोड़ रुपये का निर्यात किया, जबकि पिछली तिमाही में यह आंकड़ा 36 करोड़ रुपये था।ग्रामीण, कृषि तथा निर्यात में एनर्जी एफिशिएंट पम्प्स तथा सौर ऊर्जा समाधानों की मांग बढ़ने के कारण कंपनी की निरन्तर उत्कृष्ट प्रदर्शन देने में सफल रही  है। वित्तीय वर्ष 2020-21 की प्रथम तिमाही में कंपनी ने 55 करोड़ का घरेलू व्यापार किया था।

इस वर्ष की दूसरी तिमाही में निर्यात में 12 करोड़ रुपये की वृद्धि देखी गयी। इन उत्साहवर्धक परिणामों के बारे में बात करते हुए, श्री दिनेश पाटीदार, चेयरमैन एवम मैनेजिंग डायरेक्टर, शक्ति पम्प्स (इंडिया) लिमिटेड ने कहा- “शक्ति पम्पस के प्रबंधन व टीम के अथक प्रयासों के चलते पिछली तिमाही में हम सोलर पम्पस निर्माण में तो अग्रणी रहे ही, साथ ही कृषि व्यवसाय एवं निर्यात में भी बढौतरी हासिल कर पाये. हमारी विशेषज्ञता, तकनीक, ग्राहकों का भरोसा, राज्य सरकार व केंद्र सरकार की नीतियों और वृद्धि के अवसरों की तलाश से लक्ष्यों तक पहुँचने में आसानी हुई है. हमें विश्वास है कि निर्यात के साथ ही, विभिन्न ग्रामीण और सौर (रिन्यूएबल) ऊर्जा योजनाओं के क्षेत्र में मांग निरन्तर बढ़ेगी।

 

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शनिवार, 17 अक्तूबर 2020

भाजपा प्रदेश कार्यालय का वर्चुअल शिलान्यास,नड्डा ने कांग्रेस पर जमकर किये प्रहार...

 संवाददाता : देहरादून उत्तराखंड 

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने शनिवार को दिल्ली से वर्चुअली देहरादून में पार्टी के प्रदेश कार्यालय के नए भवन का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि पार्टी का प्रांतीय कार्यालय भविष्य के लिहाज से अति उपयोगी है और इसे 50 साल आगे के हिसाब से बनाया जाएगा।

देशभर में पार्टीजनों के सहयोग से पार्टी कार्यालय बनाए जा रहे हैं। इस दौरान नड्डा ने विपक्ष को भी आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि अगर एक पार्टी का कार्यालय राजनेता के निवास स्थान से संचालित होता है तो इसका मतलब है कि पार्टी उस व्यक्ति की है। पर अन्य दलों के लिए ऐसा नहीं है। उनके मामले में परिवार पार्टी बन गया है। पर भाजपा के लिए पार्टी ही हमारा परिवार है।

देहरादून के रिंग रोड में प्रदेश भाजपा का नया कार्यालय बनने जा रहा है। शनिवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इसका ऑनलाइन शिलान्यास किया। उन्होंने कांग्रेस समेत अन्य राजनीतिक दलों पर निशाना साधा। जेपी नड्डा ने कहा, बात चाहे कांग्रेस की हो या फिर किसी भी क्षेत्रीय पार्टी की। सभी भाई-बहन, मां-बेटे की रक्षा करने में व्यस्त हैं। कहीं तो भतीजों के साथ अनबन चल रही है। परिवार ही उनके लिए पार्टी बन चुका है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत, सांसद तीरथ सिंह रावत व माला राज्यलक्ष्मी शाह, राज्यमंत्री डॉ. धन सिंह रावत, प्रांतीय पदाधिकारी, कार्यकर्त्ता मौजूद थे। दिल्ली से राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, सांसद अजय भट्ट और अजय टम्टा, राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी आदि वर्चुअली इस कार्यक्रम से जुडे।

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हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण विधेयक,2020 के प्रारूप को स्वीकृति प्रदान की गई...

 संवाददाता चंडीगढ़ हरियाणा 

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में शुक्रवार यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा में जल संसाधनों के संरक्षण, प्रबंधन और विनियमन के लिए हरियाणा जल संसाधन (संरक्षण, प्रबंधन और विनियमन)प्राधिकरण विधेयक,2020 के प्रारूप को स्वीकृति प्रदान की गई। अब तक भू जल का विनियमन केन्द्रीय भूजल प्राधिकरण द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत किया जा रहा था। बहरहाल, भारत के संविधान के शेडयूल-ङ्कढ्ढढ्ढ की सूची-ढ्ढढ्ढ में  प्रविष्टिï 17 यह प्रावधान करती है कि जल आपूर्ति सिंचाई एवं नहरें ड्रेनेज एवं तटबंध जलभण्डारण एवं पनबिजली राज्य का विषय हैं। इस लिए यह विधेयक लाया गया है।

यह विधेयक राज्य में सतही जल, भूजल और संशोधित व्यर्थ पानी सहित जल संसाधनों के संरक्षण, प्रबंधन और विनियमन के लिए एक प्राधिकरण स्थापित करने के उद्देश्य से बनाया गया है जिसका अधिकार क्षेत्र समस्त राज्य होगा।

राज्य में किसी भी प्रभावी कानून के अभाव में पानी के अनियंत्रित और तेजी से उपयोग के कारण कई क्षेत्रों में सतही जल की कमी के साथ भूजल स्तर में गिरावट की खतरनाक स्थिति पैदा हो गई है। भविष्य में गंभीर जल संकट और पानी के अत्यधिक दोहन की स्थिति से निपटने के लिए राज्य में पानी की सुरक्षा, संरक्षण, नियंत्रण एवं उपयोग को नियमित करने के लिए एक उचित कानून बनाने की अत्यधिक आवश्यकता है ताकि राज्य में विशेष रूप से तनावग्रस्त क्षेत्रों में मात्रात्मक और गुणात्मक दोनों प्रकार से स्थायी रूप में पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध हो।

प्राधिकरण का गठन किया जाएगा और इसमें मसौदा विधेयक की धारा 5 के तहत गठित चयन समिति द्वारा नियुक्त अध्यक्ष सहित पांच सदस्य शामिल होंगे।

प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं सदस्यों का कार्यकाल तीन वर्ष का होगा और प्राधिकरण के पास मसौदा विधेयक की धारा 8 के तहत नियुक्त किया जाने वाला अपना स्वयं का स्टाफ होगा। इसके अतिरिक्त, विधेयक की धारा 12 के तहत प्राधिकरण को शक्तियां एवं कार्य प्रदान किए गए हैं।

प्राधिकरण के पास सिविल कोर्ट की शक्तियां भी होंगी और प्राधिकरण के आदेशों या निर्देशों का पालन न करना धारा 22 के तहत दंडनीय होगा। विधेयक की धारा 25 के तहत अनधिकृत कृत्यों के लिए दंड के साथ-साथ धारा 26 के तहत जुर्माने का भी प्रावधान है।

विधेयक कुछ प्रावधानों पर नियम बनाने के लिए सरकार को अधिकार देता है और साथ ही धारा 30 और 31 के तहत नियम बनाने के लिए प्राधिकरण को अधिकार देता है। प्राधिकरण अपनी वार्षिक रिपोर्ट तैयार करेगा और प्राधिकरण की निधि महालेखाकार, हरियाणा द्वारा लेखा परीक्षण के अधीन होगी।

प्राधिकरण द्वारा हर तीन वर्ष बाद प्रत्येक जिला के लिए तैयार जल योजनाओं के आधार पर एक एकीकृत राज्य जल योजना तैयार की जाएगी। प्राधिकरण धारा 16 के तहत अनुमति देने या इस अधिनियम के किसी भी अन्य उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए एक रूपरेखा तैयार करेगा और उसे सरकार से अनुमोदित करवाएगा। बड़ी संख्या में उद्योगों को भूजल दोहन की वर्तमान अनुमति को जारी रखने के लिए केन्द्रीय भूजल प्राधिकरण से अनुमति प्राप्त करने के लिए अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था और एनजीटी द्वारा ऐसे उद्योगों पर जुर्माने लगाए गए हैं। यह विधेयक ऐसे मामलों में शीघ्र स्वीकृतियां प्राप्त करने में मदद करेगा।

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