रविवार, 31 मार्च 2019

आईएएफ मिग-27 (अपग्रेड) दुर्घटनाग्रस्‍त...

संवाददाता : नई दिल्ली 



           भारतीय वायु सेना का मिग -27 (अपग्रेड) विमान राजस्थान के एयरफोर्स स्टेशन उत्तरलाई से आज सुबह 11:27 बजे एक नियमित उड़ान के लिए रवाना हुआ। विमान जोधपुर से लगभग 120 किलोमीटर दक्षिण में 11:45 बजे दुर्घटनाग्रस्त हुआ। पायलट को सुरक्षित रूप से बाहर निकाल लिया गया और खोज और बचाव हेलीकॉप्टर द्वारा बरामद किया गया। पायलट सुरक्षित है और प्रारंभिक जांच में किसी व्यक्ति या संपत्ति को कोई नुकसान नहीं हुआ है। दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए जांच न्‍यायालय का आदेश दे दिया गया है।


शाह ने कांग्रेस को जमकर लताड़ा...

संवाददाता : परलाखेमुंडी



                भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कांग्रेस पर समझौता एक्सप्रेस बम विस्फोट मामले के असल गुनहगारों को खुला छोड़कर देश की सुरक्षा को ताक पर रखने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्षी पार्टी ने आतंकवाद से जोड़कर हिंदुओं का अपमान किया है। शाह ने कहा कि सीमा को सुरक्षित रखने और आतंकवाद को कुचलने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केवल भाजपा ही मजबूत और निर्णयकारी सरकार देने में सक्षम है।


शाह ने कहा कि राहुल (गांधी) बाबा की पार्टी ने हिंदू समुदाय को आतंकवाद से जोड़ने का प्रयास किया। यह हर जगह हिंदुओं को बदनाम करने का प्रयास था।शाह ने ब्रहमपुर लोकसभा सीट के तहत परलाखेमुंडी और नबरंगपुर संसदीय क्षेत्र के तहत उमरकोट में ‘उत्कल दिवस’ पर दो चुनावी सभाओं को संबोधित किया। कांग्रेस पर हमला करते हुए भाजपा प्रमुख ने कहा कि समझौता एक्सप्रेस बम विस्फोट मामले में स्वामी असीमानंद सहित सभी आरोपियों को हाल में बरी कर दिया गया। शाह ने कहा, ‘दुर्भाग्य से तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने मामले में असल गुनहगारों को खुला छोड़कर राष्ट्र की सुरक्षा के साथ समझौता किया। इन लोगों को राष्ट्र की सुरक्षा से कोई मतलब नहीं है।


शाह ने कांग्रेस,तृणमूल कांग्रेस और बीजद की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि उन लोगों ने संसद में नागरिकता (संशोधन) विधेयक को रोका।उन्होंने कहा कि मैं नवीन बाबू और ममता दीदी को बताना चाहूंगा कि उन्होंने उसे रोकने के लिए पुरजोर प्रयास किया लेकिन नरेंद्र मोदी एक बार फिर प्रधानमंत्री बनेंगे और अगली बार शरणार्थियों के हितों के लिए निश्चित तौर पर नागरिकता (संशोधन) विधेयक पारित कराया जाएगा। भाजपा प्रमुख अमित शाह ने मुख्यमंत्री नवीन पटनायक पर निशाना साधते हुए ओडिशा के लोगों से कहा कि अंग्रेजीभाषी मुख्यमंत्री चुनने की ‘गलती’ नहीं दोहराएं। शाह 19 साल तक मुख्यमंत्री रहने के बावजूद कथित रूप से उड़िया भाषा नहीं बोल पाने के लिए नवीन पटनायक पर निशाना साध रहे थे।


वित्त वर्ष 2018-19 जीएसटी सर्वाधिक वसूली...

संवाददाता : नई दिल्ली 


            मार्च, 2019 में जीएसटी राजस्‍व संग्रह कुल मिलाकर 1,06,577 करोड़ रुपये का हुआ, जिसमें 20,353 करोड़ रुपये का सीजीएसटी, 27,520 करोड़ रुपये का एसजीएसटी, 50,418 करोड़ रुपये का आईजीएसटी (आयात पर संग्रहीत 23,521 करोड़ रुपये सहित) और 8,286 करोड़ रुपये का उपकर या सेस (आयात पर संग्रहीत 891 करोड़ रुपये सहित) शामिल हैं। फरवरी माह के लिए 31मार्च, 2019 तक कुल मिलाकर 75.95 लाख जीएसटीआर 3बी रिटर्न दाखिल किए गए हैं।


सरकार ने नियमित निपटान के रूप में सीजीएसटी में 17,261 करोड़ रुपये और आईजीएसटी से एसजीएसटी में 13,689 करोड़ रुपये निपटाए हैं। इसके अलावा, केन्द्र और राज्यों के बीच 50:50 के अऩुपात में अनंतिम आधार पर केन्द्र के पास उपलब्ध शेष आईजीएसटी से 20,000 करोड़ रुपये निपटाए। मार्च, 2019 में नियमित निपटान के बाद केन्‍द्र सरकार और राज्‍य सरकारों द्वारा अर्जि‍त कुल राजस्‍व कुछ इस तरह से है : सीजीएसटी के लिए 47,614 करोड़ रुपये और एसजीएसटी के लिए 51,209 करोड़ रुपये।  


जीएसटी की शुरुआत से लेकर मार्च 2019 के दौरान सर्वाधिक वसूली की गई। मार्च, 2018 में राजस्‍व 92,167 करोड़ रुपये था और मार्च, 2019 में राजस्‍व वसूली पिछले वर्ष के समान महीने में संग्रहीत राजस्‍व की तुलना में 15.6 प्रतिशत अधिक है। वर्ष 2018-19 में अंतिम तिहामी के लिए राजस्व  पिछले वर्ष की समान अवधि की वसूली की तुलना में 14.3 प्रतिशत अधिक है। वर्ष 2018-19 के दौरान जीएसटी राजस्व का मासिक औसत 98,114 करोड़ रुपये है, जो 2017-18 की तुलना में 9.2 प्रतिशत अधिक है। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि अनेक दरों को सुसंगत बनाने के उपायों के बावजूद हाल के महीनों में राजस्‍व में निरंतर वृद्धि हुई है।


निम्‍नलिखित चार्ट में पिछले वर्ष की तुलना में चालू वर्ष के दौरान राजस्‍व वसूली के रुख को दर्शाया गया है :



 


 


पीएसएलवी-सी45 ने एमीसैट और अन्य देशों के 28 उपग्रहों को सफलतापूर्वक लांच किया...

संवाददाता : नई दिल्ली 



           पीएसएलवी-सी45 ने आज श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र से एमीसैट और अन्य देशों के 28 उपग्रहों को सफलतापूर्वक लांच किया। पीएसएलवी-सी45 ने दूसरे लांच पैड से भारतीय समयानुसार 9:27 पर उड़ान भरी। वह 17 मिनट और 12 सैकेंड के बाद अपनी कक्षा में स्थापित हो गया। उसके बाद सौर ऊर्जा से चलने वाली एमीसैट की दो श्रृंखलाएं स्थापित हो गई तथा बेंगलुरु स्थित इसरो टेलीमेट्री ट्रेकिंग और कमॉन नेटवर्क ने उपग्रह पर नियंत्रण प्राप्त कर लिया। आने वाले दिनों में यह उपग्रह पूरी तरह संचालित हो जाएगा।


एमीसैट इसरो के मिनी उपग्रह-2 के आधार पर निर्मित है। इसका भार लगभग 436 किलोग्राम है। इसे इलेक्ट्रोमेगनेटिक स्पेक्ट्रम पैमाइश के लिए तैयार किया गया है।



इसके अलावा चार देशों के भी कुल 28 अंतर्राष्ट्रीय़ उपग्रहों को भी लांच किया गया। इनमें लिथुआनिया के दो, स्पेन का एक, स्विटजरलैंड का एक और अमरीका के 24 उपग्रह शामिल हैं। इस अवसर पर इसरो के अध्यक्ष डॉ. के सिवान ने कहा कि आज का पीएसएलवी अभियान कई मामलों में अनोखा है। उन्होंने वैज्ञानिकों को बधाई भी दी।


उल्लेखनीय है कि अगले अभियान के तहत पीएसएलवी– सी 46 मई 2019 में रीसैट-2 बी को लांच करेगा।


सेना प्रमुख अमरीका के दौरे पर जाएंगे...

संवाददाता : नई दिल्ली 



            सेना प्रमुख जनरल विपिन रावत 2 अप्रैल से 5 अप्रैल 2019 तक एक सरकारी दौरे पर अमरीका जाएंगे। दौरे के अवसर पर, जनरल विपिन रावत के नेतृत्‍व में प्रतिनिधिमंडल अमरीकी सशस्‍त्र बलों के वरिष्‍ठ सैन्‍य अधिकारियों के साथ बातचीत करेगा। इसका उद्देश्‍य दोनों देशों की सेनाओं के बीच सैन्‍य सहयोग को आगे बढ़ाना है। सेना प्रमुख वेस्‍ट प्‍वाइंट में यूएस मिलिट्री अकादमी और फोर्ट लीवनवर्थ, कंसास में कमांड एंड जनरल स्‍टाफ कॉलेज का भी दौरा करेंगे।


जनरल विपिन रावत परस्‍पर हित से जुड़े सैन्‍य सहयोग के मुद्दे पर विचार-विमर्श के लिए ज्‍वाइंट चीफ ऑफ स्‍टाफ चैयरमेन जनरल जोसेफ एफ. डनफोर्ड और अमरीकी सेना के प्रमुख जनरल मार्क ए. मिली से मिलेंगे। जनरल विपिन रावत कमांड एंड स्‍टाफ कॉलेज, फोर्ट लीवनवर्थ के पूर्व-छात्र भी हैं। अमरीका के इस दौरे का लक्ष्‍य सैन्‍य संबंधों पर जोर देना और रणनीतिक साझेदारी बढ़ाना है। दौरे के अवसर पर प्राप्‍त संचालनात्‍मक अनुभव से भारत-अमरीकी संबंध और भी मजबूत होंगे।  


समाज के विकास के लिए शिक्षा को ऐसी आधारशिला रखनी चाहिए जो मजबूत आचार नीति और नैतिक मूल्‍यों पर आधारित हो : उपराष्‍ट्रपति

संवाददाता : नई दिल्ली 



             उपराष्‍ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने कहा है कि समाज के विकास के लिए शिक्षा को ऐसी आधारशिला रखनी चाहिए जो मजबूत आचार नीति और नैतिक मूल्यों पर आधारित हो ताकि शांति सुनिश्चित हो सके और जीवन में संतुष्टि मिल सके।


समाज में चारों तरफ नैतिक मूल्‍यों और आचार नीति में गिरावट पर चिंता व्‍यक्‍त करते हुए नायडू ने कहा कि अनुचित प्रचलनों को पूरी तरह रोका जाना चाहिए और ऐसे बदलाव के लिए स्‍कूल सर्वश्रेष्‍ठ स्‍थल हैं।


भुवनेश्‍वर में आज साईं इंटरनेशनल स्‍कूल के 10वें स्‍थापना दिवस पर व्‍याख्‍यान देते हुए उपराष्‍ट्रपति ने कहा कि शिक्षा ऐसी होनी चाहिए, जो आने वाली पीढ़ी को ज्ञान और विवेक के साथ अधिकार संपन्‍न बनाए, साथ ही उसमें सामाजिक, नैतिक, आचार नीति और आध्‍यात्मिक मूल्‍यों का समावेश हो ।


उन्‍होंने कहा कि यह सबसे महत्‍वपूर्ण है कि नागरिकों, अन्‍य जीवित वस्‍तुओं के प्रति आपका दृष्टिकोण क्‍या है तथा पर्यावरण की रक्षा करने और समाज की बेहतरी के प्रति आपकी प्रतिबद्धता क्‍या है।      



नायडू ने छात्रों के मन में स्वेच्छा से काम करने की भावना पैदा करने पर जोर दिया। उन्‍होंने छात्रों को सलाह दी कि वे जीवन के गुण और स्‍वेच्‍छा से कार्य करने की भावना लाने के लिए एनसीसी,एनएसएस, स्‍काउट और गाइड जैसे संगठनों में शामिल हों।


राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी द्वारा बताई गई सात सामाजिक बुराइयों का जिक्र करते हुए उपराष्‍ट्रपति ने कहा कि ऐसी शिक्षा जो चरित्र का निर्माण नहीं करती इनमें से एक बुराई है।


यह कहते हुए किसी राष्‍ट्र की नियति को आकार देने में स्‍कूल सबसे महत्‍वपूर्ण और आधारभूत भूमिका निभाते हैं उपराष्‍ट्रपति ने कहा कि स्‍कूल की पढ़ाई के दौरान केवल शै‍क्षणिक उपलब्धियों पर ध्‍यान दिए बिना बच्‍चे के समग्र विकास पर जोर दिया जाना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि युवाओं के लिए यह जरूरी है कि वे देश के जिम्‍मेदार नागरिक बनें, सेवा की भावना रखें और समानुभूति रखने वाले नागरिक बनें।


उपराष्‍ट्रपति ने जोर देकर कहा कि अपने आचार संबंधी बंधनों को खोये बिना यह आवश्‍यक है कि शिक्षा को सर्वश्रेष्ठ अध्यापन, अध्यापन के तरीकों और तकनीक से जोड़ा जाए, ताकि भारत को फिर से विश्व गुरु का स्थान मिल सके।


उन्‍होंने स्‍कूलों को सलाह दी कि वे अध्‍यापन के नवीनतम तरीकों को अपनाएं और छात्रों को प्राचीन सभ्‍यता, संस्‍कृति, परम्‍पराओं, विरासत और देश के इतिहास का महत्‍व बताते रहें। उन्‍होंने कहा,‘बिना किसी पूर्वाग्रह के इतिहास की पूरी और विस्‍तृत समझ होनी चाहिए’।


नायडू ने स्‍कूलों को सलाह दी कि वे शिक्षा के रटने वाले तरीके को छोड़कर नवोन्मेष और सृजनात्मक सोच को बढ़ावा दें। उन्‍होंने कहा कि छात्रों को जिज्ञासु और सवाल पूछने वाला दिमाग विकसित करने के लिए प्रोत्‍साहित किया जाना चाहिए ताकि वे हमेशा नई चीजें जानने के लिए उत्‍सुक रहें और बेहतर विचारों के साथ आगे आएं।


नायडू ने कहा कि स्‍कूलों को प्रौद्योगिकी के तेजी से विकास के साथ अपने पास जानकारी रखनी चाहिए और छात्रों को 21वीं सदी के रोजगार बाजार के अनुसार कौशल प्रदान करना चाहिए। उन्‍होंने स्‍कूलों को सलाह दी कि वे छात्रों के बीच उद्यमिता की भावना को बढ़ावा दें।


देश भर के रेडियो स्टेशनों ने मतदाताओं को शिक्षित और जागरूक करने के लिए पूर्ण सहयोग करने का दिया आश्वासन...

संवाददाता : नई दिल्ली 



                        भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं को शिक्षित और जागरूक करने के लिए देश भर में 150 से अधिक सामुदायिक रेडियो स्टेशनों से संपर्क किया है, जो अपनी तरह की अनूठी पहल है। कार्यक्रम का आयोजन ‘इंडियन इंस्ट्टीयूट फॉर डेमोक्रेसी एंड इलेक्टोरल मैनेजमेंट (आईआईआईडीईएम) की ओर से ‘सीकिंग मॉर्डन एप्लीकेशंस फॉर रीयल ट्रांसफॉरमेशन’ (स्मार्ट) की साझेदारी में आईआईआईडीईएम, द्वारका, नई दिल्ली में किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य मतदाताओं को शिक्षित और जागरूक करने में सामुदायिक रेडियो का प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण सुनिश्चित करना था।


अपने समापन भाषण में वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त श्री उमेश सिन्हा ने कहा कि देश के आखिरी मतदाता तक पहुंचने के लिए सामुदायिक रेडियो एक बेहतरीन माध्यम है। उन्होंने कहा कि ये कार्यशालाएं एक दीर्घकालिक और निरंतर जुड़ाव की शुरुआत हैं। उप चुनाव आयुक्त ने कहा कि सामुदायिक रेडियो मतदाताओं को प्रोत्साहित करने, मतदाता सूची में उन्हें शामिल करने,उन्हें मतदान केंद्र तक ले जाने, उन्हें उनके अधिकार और जिम्मेदारियों के प्रति शिक्षित करने तथा उन्हें जागरूक एवं शिक्षित मतदाता बनाने में सामुदायिक रेडियो एक अहम भूमिका निभा सकता है।


उन्होंने जोर देकर कहा कि हर मतदाता देश का पहला प्रतिनिधि ही नहीं बल्कि वो सैनिक है जो लोकतंत्र की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। देश भर के सभी मतदाताओं के पास समान अधिकार हैं। चुनाव सबको समान अधिकार देते हैं और प्रत्येक वोट अहम होता है, चाहे वह सबसे अमीर व्यक्ति का हो या सबसे गरीब व्यक्ति का। उन्होंने कहा कि सामुदायिक रेडियो अपनी स्थानीय बोलियों में सामग्री विकसित करके और जमीनी स्तर तक मतदाताओं को शिक्षित करने की प्रक्रिया सुदृढ़ करने तथा लोकतंत्र को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि सामुदायिक रेडियो स्टेशन अब मतदाताओं को शिक्षित करने वाले कार्यक्रम का अभिन्न हिस्सा बन जाएंगे।


कार्यशाला का उद्घाटन 25 मार्च को उप-चुनाव आयुक्त और महानिदेशक, आईआईआईडीईएम चंद्र भूषण कुमार द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि सामुदायिक रेडियो 'लोकतंत्र के उत्सव' में मतदाता नामांकन और भागीदारी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि 'कोई मतदाता छूट ना जाए' की टैग लाइन यह सुनिश्चित करने के लिए है कि हर एक योग्य मतदाता को अपनी आर्थिक स्थिति, वर्ग, जाति या पेशे के बावजूद अपने वोट की कीमत मालूम हो। उन्होंने प्रवासी श्रमिकों, बेघरों, आदिवासी व्यक्तियों, दिव्यांगजनों (पीडब्ल्यूडी), सेवा मतदाताओं, एनआरआई को शामिल करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का प्रयास निष्पक्ष और निर्भीक चुनाव सुनिश्चित करना है और आयोग के इस लक्ष्य को पूरा करने में सामुदायिक रेडियो स्टेशन महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।


सीकिंग मॉर्डन एप्लीकेशंस फॉर रीयल ट्रांसफॉरमेशन’ (स्मार्ट) की संस्थापक अर्चना कपूर ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा अभियान में सामुदायिक रेडियो स्टेशनों को शामिल करने का मतलब स्टेशनों द्वारा जमीनी स्तर पर किए जा रहे उनके कार्यों की मान्यता है। स्टेशन अपनी स्वयं की बोली में कार्यक्रम प्रसारित करेंगे और प्रचार सामग्री प्रसारित करने के अलावा 5 और कार्यक्रम भी विकसित करेंगे। सुश्री कपूर ने आश्वासन दिया कि देश भर के सामुदायिक रेडियो स्टेशन, मतदाताओं को शिक्षित और जागरूक करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देंगे।


 


शनिवार, 30 मार्च 2019

आप बेहद आसानी से फूड क्रेविंग को नियंत्रित कर सकते हैं...

संवाददाता : देहरादून उत्तराखंड 



        कई बार ऐसा होता है कि आपको भूख नहीं होती लेकिन फिर भी किसी खाद्य पदार्थ को देखकर या उसके बारे में सोचकर आप खुद को उसे खाने से रोक ही नहीं पाते। इसे ही फूड क्रेविंग कहा जाता है। जब व्यक्ति को फूड क्रेविंग होती है तो वह इतनी तीव्र होती है कि जब तक वह उस चीज को खा न लें, तब तक उसे शांति नहीं मिलती। बहुत से लोग मानते हैं कि इस फूड क्रेविंग को कंट्रोल करना संभव नहीं है। जबकि ऐसा नहीं है।


आज हम आपको ऐसे कुछ उपाय बता रहे हैं, जिनकी मदद से आप बेहद आसानी से फूड क्रेविंग को नियंत्रित कर सकते हैं−अगर भोजन करने के बाद भी आपको कुछ खाने की इच्छा हो रही है तो यह फूड क्रेविंग है। इसके पीछे का एक कारण यह भी होता है कि आपके शरीर की पानी की मात्रा पूरी नहीं हो रही। दरअसल, भूख व प्यास दोनों मिलकर दिमाग में कुछ सेंसेशन पैदा करते हैं, जिससे व्यक्ति को हमेशा कुछ न कुछ खाने की इच्छा होती है।


इसलिए यह बेहद जरूरी है कि आप पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं।प्रोटीन सिर्फ मसल्स बिल्डअप करने में ही मदद नहीं करता, बल्कि इसके जरिए आप अत्यधिक फूड क्रेविंगस को भी नियंत्रित कर सकते हैं। जब आप प्रोटीन का पर्याप्त मात्रा में सेवन करते हैं तो पेट अधिक देर तक भरा रहता है, जिससे व्यक्ति को कुछ भी खाने की इच्छा नहीं होती। आपने शायद कभी नोटिस किया हो कि जब व्यक्ति किसी तरह के तनाव या डर के साए में होता है तो वह अधिक खाता है।


तनाव के कारण जब आपका मूड खराब होता है तो मस्तिष्क शरीर को ऐसी चीजें खाने के संकेत देता है, जिससे व्यक्ति को अच्छा फील हो। यही वजह है कि तनाव में व्यक्ति को फूड क्रेविंग अधिक होती है। इसलिए तनाव को खुद से दूर रखने की कोशिश करें। इसके लिए आप मेडीटेशन से लेकर योग व लाफटर थेरेपी आदि का सहारा ले सकते हैं।


गरीबी पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ करेगी कांग्रेस : राहुल गांधी

संवाददाता : विजयवाड़ा आंध्र प्रदेश



          कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने रविवार को वादा किया कि आगामी लोकसभा चुनावों में अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो वह आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देंगे। साथ ही उन्होंने इस बात पर भी आश्चर्य जताया कि राज्य की पार्टियां इस मुद्दे को ‘आक्रामकता’ से उठाने में विफल रहीं। कांग्रेस अध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि उनकी पार्टी गरीबी पर भी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ करेगी।


उन्होंने कहा कि न्यूनतम आय (न्याय) योजना का उनका वादा एक “अहिंसक हथियार’ है जो अत्यंत गरीबों के उत्थान के लिए उपयोग होगा। राज्य में अपनी पहली चुनावी रैली में गांधी ने कहा कि पूर्व की कांग्रेस नीत सरकारों ने गरीबी उन्मूलन योजनाएं बनाई थीं लेकिन प्रधानमंत्री “नरेंद्र मोदी ने सब कुछ समाप्त कर दिया।” राज्य में लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव साथ-साथ होने हैं।  कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने करीब 30 मिनट के भाषण में कहा, “उन्होंने (मोदी) मनरेगा एवं खाद्य सुरक्षा कानून के स्तंभों को बर्बाद कर दिया।”


दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने आईपीएल टी -20 फिरोज शाह कोटला के मैदान में ट्रैफिक सर्कुलेशन,पैदल चलने वालों की आवाजाही और सुरक्षा की विस्तृत व्यवस्था की है...

संवाददाता : नई दिल्ली 



         दिल्ली कैपिटल बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच आईपीएल टी -20 क्रिकेट मैच फिरोजशाह में खेला जाएगा नीचे दिए गए कार्यक्रम के अनुसार कोटला मैदान: -               
 

















दिनांक



टीमें



मैच का समय



30 मार्च



दिल्ली कैपिटल बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स



8PM - 11:30 PM




 दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने स्टेडियम में और उसके आसपास वाहनों की पार्किंग, ट्रैफिक सर्कुलेशन, पैदल चलने वालों की आवाजाही और सुरक्षा की विस्तृत व्यवस्था की है।


पार्किंग


स्टेडियम की निकटता में लेबल किए गए वाहनों के लिए सीमित पार्किंग उपलब्ध है। बहादुर शाह ज़फ़र पर वाहनों की कोई भी पार्किंग खड़ी नहीं होने दी जाएगी मार्ग , जवाहरलाल नेहरू मार्ग और रिंग रोड पर राजघाट से आईपी फ्लाईओवर (दोनों कैरिजवे) के बीच मैच के दिन। इन सड़कों पर खड़े वाहनों को कानून के अनुसार हटाकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


पार्क और सवारी की सुविधा


दर्शकों के लिए, गैर-पंजीकृत वाहन 'पार्क और राइड' की सुविधा निम्नलिखित स्थानों पर बनाई गई है: -


1. माता सुंदरी पार्किंग 2. शांति वैन पार्किंग 3. वेलोड्रोम रोड के नीचे ।


उनके वाहनों में आने वाले सभी दर्शक इन 'पार्क एंड राइड' साइटों तक पहुंचेंगे, और स्टेडियम तक पहुंचने के लिए "पार्क एंड राइड" सुविधा का लाभ उठाएंगे। सभी बसों मैच से पहले 2 घंटे उनकी सेवा शुरू कर देंगेऔर मैच की शुरुआत के बाद 1 घंटे तक जारी रहेगा। स्टेडियम से उनके सम्मान ive गंतव्यों के लिए बस सेवा खेल समाप्त होते ही शुरू हो जाएगी और मैच समाप्त होने के 1 घंटे बाद तक जारी रहेगी।


 ऐप आधारित टैक्सी और अन्य टैक्सियों का उपयोग करने वाले दर्शकों को ड्रॉप और पिकअप के लिए आईपी फ्लाईओवर और राजघाट क्रॉसिंग के बीच रिंग रोड पर सर्विस लेन का उपयोग करना चाहिए।


कार पार्किंग लेबल धारकों को रिंग रोड, जेएलएन मार्ग , आसफ अली रोड या बहादुरशाह ले जाने की सलाह दी जाती है जफर मार्ग। दिल्ली गेट पर 'यू' मोड़ की अनुमति है। पार्किंग स्थल P1, P3 & P4 में प्रवेश बहादुरशाह से होगा जफर केवल मार्ग , पेट्रोल पंप के पास।


मेट्रो स्टेशन:


दर्शकों को स्टेडियम तक पहुंचने के लिए मेट्रो सुविधा का उपयोग करने की सलाह दी जाती है; दिल्ली गेट मेट्रो स्टेशन (गेट नंबर 4 और 5) स्टेडियम तक पहुंचने के लिए निकटतम है। आईटीओ मेट्रो स्टेशन (गेट नंबर 3, 4 और 5) का उपयोग स्टेडियम तक पहुंचने के लिए भी किया जा सकता है।


स्टेडियम में प्रवेश


 गेट नं 1,2,3,4,5,6 और 7 स्टेडियम के दक्षिणी ओर स्थित हैं और इन परिक्षेत्रों में प्रवेश करना भारदुरशाह से है जफर मार्ग।


गेट न 8, 9, 10, 11, 12, 13, 14, और 15 सड़क पर स्टेडियम के पूर्वी तरफ स्थित हैं और प्रवेश JLN मार्ग से अंबेडकर स्टेडियम बस टर्मिनल के बगल में है।


गेट नं 16, 17 और 18 स्टेडियम के पश्चिमी तरफ स्थित हैं और प्रवेश पेट्रोल पंप के बगल में बीएसजेड मार्ग से होता है ।


मैच के समापन के बाद डेढ़ घंटे तक ट्रैफिक का डायवर्जन रहेगा । बहादुरशाह पर किसी भी यातायात की अनुमति नहीं दी जाएगी जफर मार्ग , दिल्ली गेट से जेएलएन मार्ग , दरिया गंज से बहादुरशाह तक जफर मार्ग और गुरु नानक चौक से आसफ अली रोड तक। लोगों से अनुरोध है कि मैच के दिन क्रमशः 04.00 बजे से 11.30 बजे तक निम्नलिखित सड़कों से बचें, जब दर्शक स्टेडियम में आ रहे होंगे और भीड़ बढ़ने की उम्मीद है:


(1)               राजघाट से जेएलएन मार्ग ,


(2)               जेएलएन मार्ग आर / ए कमला मार्केट से राज घाट तक ,


(3)               तुर्कमान गेट से दिल्ली गेट तक आसफ अली रोड ,


(4)               राम चरण से बीएसजेड मार्ग अग्रवाल चौक से दिल्ली गेट तक।


विंडस्क्रीन पर कार पार्किंग लेबल का प्रदर्शन अनिवार्य है। वाहन का नंबर पार्किंग लेबल पर लिखा होना चाहिए। जो लोग वाहन नंबर के साथ पार्किंग लेबल प्रदर्शित नहीं करते हैं, उन्हें स्टेडियम की निकटता में अनुमति नहीं दी जाएगी।


सुरक्षा निर्देश


लैपटॉप, कैमरा / वीडियो कैमरा, ट्रांजिस्टर, डिजिटल डायरी, रिमोट नियंत्रित कार-चाबियाँ, आदि जैसे इलेक्ट्रॉनिक आइटम न लाएं।


खाने का सामान, खाने के पैकेट, पानी की बोतल, सिगरेट लाइटर, माचिस की डिब्बी, चाकू, हथियार आदि न लाएं।


रियर एडमिरल महेश सिंह ने कर्नाटक क्षेत्र के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग रूप में पदभार संभाला...

संवाददाता : नई दिल्ली 



                रियर एडमिरल महेश सिंह, एनएम ने आज अनवरगंज में एक औपचारिक परेड में कर्नाटक नौसेना क्षेत्र के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग के रूप में पदभार ग्रहण किया।


राष्‍ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व छात्र महेश सिंह को जनवरी, 1987 में भारतीय नौसेना में कमीशन किया गया और वह एक नेविगेशन और दिशा विशेषज्ञ हैं। उनकी उल्लेखनीय समुद्री नियुक्तियों में आईएनएस अक्षय और ज्योति के कमीशनिंग दल, फ्रिगेट टैबर के कार्यकारी अधिकारी और ओपी विजय, एमसीजीएस विजिलेंट के दौरान मिसाइल पोत आईएनएस निर्घट की कमान, मॉरीशस की सरकार और प्रतिनियुक्ति पर एलपीडी आईएनएस जलाश्व शामिल हैं।


उनके स्टाफ असाइनमेंट में नौसेना संचालन निदेशालय में संयुक्त निदेशक के रूप में कार्यकाल और कार्मिक निदेशालय में प्रधान निदेशक शामिल हैं। वह कोच्चि में नेविगेशन और दिशा स्कूल और विशाखापत्तनम में समुद्री युद्ध केंद्र के प्रमुख भी रहे हैं। वह डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज और कॉलेज ऑफ डिफेंस मैनेजमेंट सिकंदराबाद से स्‍नातकोत्‍तर हैं। उन्होंने प्रतिष्ठित रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज, ब्रिटेन में एक कोर्स में भी भाग लिया है। अक्टूबर 2016 में रियर एडमिरल के पद पर पदोन्नति पर, उन्हें मुख्यालय के पूर्वी नौसेना कमान में मुख्य कर्मचारी अधिकारी (संचालन) के रूप में तैनात किया गया था।


इस फ्लैग ऑफिसर को समर्पण के साथ ड्यूटी करने के नौसेना का पदक भी प्राप्त हो चुका है।


गरीब एवं कमजोर वर्ग की है कांग्रेस :राहुल गांधी

संवाददाता : यमुनानगर हरियाणा 



             कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जबरदस्त हमला बोलते हुए कहा कि वह (मोदी) अमीरों की सुरक्षा करते हैं जबकि उनकी पार्टी (कांग्रेस) गरीबों, कमजोर वर्गों और किसानों के लिए काम करती है राहुल ने कहा, ‘‘2019 का आम चुनाव दो विचारधाराओं के बीच की लड़ाई है । इसमें एक तरफ भाजपा, संघ और नरेंद्र मोदी हैं तो दूसरी ओर कांग्रेस है।’’राहुल अपने एक दिवसीय दौरे के तहत यहां हरियाणा कांग्रेस की ओर से जारी ‘परिवर्तन यात्रा’ में हिस्सा लेने पहुंचे ।


इस दौरान कई सभाओं को संबोधित करने का उनका कार्यक्रम है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘पिछले पांच साल के दौरान मोदी ने देशवासियों से कई वादे किये। वह जहां कहीं भी जाते हैं, घृणा फैलाते हैं।


यमुनानगर जिले के जगाधरी शहर में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा, ‘‘उन्होंने प्रत्येक भारतीय के बैंक खाते में 15 लाख रुपये जमा कराने का वादा किया था । क्या किसी को कुछ मिला ।’’ उन्होंने कहा कि भाजपा के उलट कांग्रेस अपने वादों को पूरा करती है।


वित्त वर्ष 2018-19 के लिए फरवरी 2019 के महीने तक के भारत सरकार के खाते की मासिक समीक्षा...

संवाददाता : नई दिल्ली 



       वित्त वर्ष 2018-19 के लिए फरवरी 2019 तक भारत की केन्‍द्र सरकार के मासिक खाते को समेकित कर दिया गया है और संबंधित रिपोर्टों को प्रकाशित कर दिया गया है।


इनसे संबंधित मुख्‍य बातों का उल्‍लेख नीचे किया गया है :


भारत सरकार को फरवरी 2019 तक 13,37,340 करोड़ रुपये (कुल प्राप्तियों के संबंधित आरई 2018-19 का 73.37 प्रतिशत) प्राप्‍त हुए हैं जिनमें 10,93,923 करोड़ रुपये का कर राजस्‍व, 1,71,755 करोड़ रुपये का गैर-कर राजस्‍व और 71,662 करोड़ रुपये की गैर-ऋण पूंजीगत प्राप्तियां शामिल हैं। गैर-ऋण पूंजीगत प्राप्तियों में ऋणों की वसूली (15,042 करोड़ रुपये और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पी एस यू) के विनिवेश से प्राप्‍त राशि (56,620  करोड़ रुपये) शामिल हैं।


इस अवधि के दौरान भारत सरकार द्वारा करों में हिस्‍सेदारी के हस्‍तांतरण के रूप में राज्‍य सरकारों को 5,96,667  करोड़ रुपये हस्‍तांतरित किये गये हैं, जो पिछले वित्‍त वर्ष अर्थात 2017-18 की समान अवधि में हस्‍तांतरित की गई धनराशि की तुलना में 67,043 करोड़ रुपये अधिक है।


भारत सरकार का कुल व्‍यय 21,88,839 करोड़ रुपये (संबंधित आरई 2018-19 का 89.08 प्रतिशत) आंका गया है जिनमें से 19,15,303 करोड़ रुपये राजस्‍व खाते और 2,73,536 करोड़ रुपये पूंजीगत खाते से जुड़े हुए हैं। कुल राजस्‍व व्‍यय में से 5,01,160  करोड़ रुपये ब्‍याज भुगतान और 2,63,868 करोड़ रुपये प्रमुख सब्सिडियों की अदायगी से जुड़े हुए हैं।


मोदी जी पहले प्रधानमंत्री हैं जिनके राज में नौकरी का विनाश हुआ :जयराम रमेश

संवाददाता : नई दिल्ली 



      कांग्रेस ने मुद्रा योजना एवं रोजगार सृजन से जुड़े सरकार के दावे को लेकर शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि इस सरकार में नोटबंदी और जल्दबाजी में जीएसटी लागू करके रोजगार पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की गई।पार्टी के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी को ‘नौकरियों का विनाश करने वाले’ प्रधानमंत्री के तौर पर याद किया जाएगा।


उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मोदी जी पहले प्रधानमंत्री हैं जिनके राज में नौकरी का विनाश हुआ है।इतिहास नरेंद्र मोदी को नौकरियों का विनाश करने वाले प्रधानमंत्री के तौर पर याद करेगा। नोटबंदी और जीएसटी लागू होने के बाद एक साल में एक करोड़ लोग बेरोजगार हुए हैं। यह नौकरियों का विनाश नहीं तो क्या है?’’


शुक्रवार, 29 मार्च 2019

वायुसेना की मेंटेनेंस कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ,एयर मार्शल आर के एस शेरा ने तुगलकाबाद वायुसैनिक अड्डे का दौरा किया...

संवाददाता : नई दिल्ली 



        अति विशिष्ट सेवा मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल से सम्‍मानित भारतीय वायुसेना की मेंटेनेंस कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (एओसी)  एयर मार्शल आर के एस शेरा ने 26 मार्च को तीन दिवसीय दौरे पर तुगलकाबाद  स्थित भारतीय वायुसैनिक अड्डे पहुंचे। इस अवसर पर उनकी पत्‍नी तथा एयरफोर्स वाइव्स एसोसिएशन की क्षेत्रीय अध्यक्ष श्रीमती जसप्रीत शेरा भी मौजूद थीं। तुगलकाबाद वायुसैनिक अड्डा वायुसेना के विमानों और अन्‍य सैन्‍य उपकरणों के रखरखाव और मरम्‍मत का एक बड़ा डिपो है।


तुगलकाबाद वायुसैनिक अड्डे के एयर ऑफिसर कमांडिंग (एओसी-इन-सी) एयर कमोडोर आरएल नारायणन ने अपनी पत्‍नी तथा एयरफोर्स वाइव्स एसोसिएशन की स्‍थानीय इकाई की अध्‍यक्ष राजलक्ष्मी नारायणन के साथ एयर मार्शल आरकेएस शेरा की अगवानी की और डिपो के प्रमुख कर्मियों के साथ उनका परिचय कराया।  


एओसी-इन-सी ने सैन्‍य डिपो में विभिन्‍न उत्‍पादक इकाइयों, कैलिब्रेशन सुविधाओं, लॉजिस्टिक्स सेवा इकाइयों ,लॉगर यूनिट और अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों का दौरा किया। डिपो कर्मियों के साथ बातचीत के दौरान भारतीय वायुसेना की क्षेत्रीय  इकाइयों की परिचालन तैयारियों के तहत उपकरणों की उच्च सेवाक्षमता और गुणवत्‍ता सुनिश्चित करने में उनके द्वारा प्रदर्शित प्रतिबद्धता और कार्यकुशलता की सराहना की। उन्होंने विश्वसनीयता और उत्पादन की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए स्व-निर्भरता हासिल करने के लिए स्वदेशी प्रयासों पर ध्यान देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। 


एयरफोर्स वाइव्स एसोसिएशन की स्‍थानीय इकाई की महिलाओं द्वारा एयरफोर्स वाइव्स एसोसिएशन की क्षेत्रीय अध्यक्ष जसप्रीत शेरा का गर्मजोशी से स्‍वागत किया गया। श्रीमती शेरा ने इस मौके पर वायुसैन्‍य कर्मियों की संगनियों के साथ बातचीत की और क्षेत्रीय इकाई के प्रयासों में उनकी सक्रिय भागीदारी और सहयोग की प्रशंसा की।


मतदाता जागरूकता का संदेश देगी केरला एक्सप्रेस...

संवाददाता : भोपाल मध्यप्रदेश



               लोकसभा निर्वाचन-2019 में मतदाता जागरूकता के लिये भारत निर्वाचन आयोग द्वारा भारतीय रेलवे के सहयोग से सभी आईकॉन्स के फोटो और उनके लिखित संदेशों से सुसज्जित ट्रेन केरला एक्सप्रेस 29 मार्च, 2019 को भोपाल मुख्य स्टेशन रात्रि 9:50 मिनट पर संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अभिजीत अग्रवाल और जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ सुदाम खाड़े ने हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया।


इस अवसर पर डीआईजी इरशाद वली, स्टेशन मैनेजर वाई एस बघेल, सीईओ जिला पंचायत सतीश कुमार, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव जैन, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी भुवन कुमार गुप्ता सहित अन्य शासकीय सेवक तथा बड़ी संख्या में स्थानीय मतदाता उपस्थित थे। 



यूरोप और ओशिनिया देशों के राजदूतों और उच्‍चायुक्‍तों के साथ व्‍यापार और आर्थिक सहयोग पर चर्चा...

संवाददाता : नई दिल्ली 



               यूरोपीय और ओशिनिया देश प्रमुख व्यापारिक साझेदार होने के साथ ही भारत में निवेश के प्रमुख स्रोत भी हैं। इन देशों में व्‍यापार की प्रचुर संभावनाए मौजूद हैं जिनका लाभ उठाया जा सकता है। इन देशों के साथ भारत ने हाल के दिनों में आर्थिक संबंधों को अगले स्तर तक ले जाने के प्रयासों के तहत कुछ व्‍यापारिक समझौते किए हैं। इन प्रयासों को तार्किक निष्कर्ष पर ले जाने की आवश्यकता है। वाणिज्य सचिव डॉ. अनूप वधावन ने कल शाम नई दिल्ली में यूरोपीय और ओशिनिया देशों के राजदूतों और उच्चायुक्तों के साथ व्यापार और आर्थिक सहयोग पर चर्चा के दौरान  यह बात कही।ओशिनियाई देश प्रशांत महासागर और उसके आसपास के क्षेत्र के द्वीपीय देश हैं जिन्‍हें उनकी भौगोलिक समानता के कारण ओशिनियाई देशों के रूप में जाना जाता है।


डॉ. वधावन ने कहा विकासशील और विकसित देशों के साथ होने वाली व्‍यापार वार्ताओं की तरह ही यूरोपीय और ओशिनियाई देशों के साथ भी लंबे समय से ऐसी वार्ताएं की जा रही हैं।  उन्‍होंने कहा कि भारत एक विकासशील देश है जबकि यूरोपीय संघ और ओशिनिया देश मुख्य रूप से विकसित हैं और इस वजह से हमारी महत्वाकांक्षाएं, आकांक्षाएं और संवेदनाएं कुछ विशिष्ट क्षेत्रों में इन देशों के साथ मेल नहीं खाती हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भारत, यूरोपीय संघ और ओशिनिया देश इन  मुद्दों को सुलझाने में सक्षम होंगे और निकट भविष्य में आपासी समझ विकसित कर किसी प्रकार के औपचारिक समझौते तक पहुंच पाएंगे।


डॉ. वधावन ने कहा कि भारत,यूरोपीय संघ और ओशिनिया में उपलब्ध अवसरों को समझने के लिए  सरकार, निर्यात, व्यापार और निवेश से संबंधित संस्थानों, निर्यातकों और व्यवसायों आदि के हर स्तर पर संपर्क बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने एक-दूसरे की बाध्यताओं को समझते हुए सभी पक्षों की रजामंदी से बीच का रास्ता निकालने पर जोर दिया।  


वर्ष 2011-12 में भारत और यूरोप के बीच द्विपक्षीय व्यापार 150 अरब डॉलर से ज्यादा का रहा। हालांकि वैश्विक मंदी और कमोडिटी की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव के कारण व्यापार प्रभावित हुआ, लेकिन हाल के समय में इसमें सुधार के संकेत मिल रहे है। वर्ष 2017-18 के दौरान भारत और यूरोपीय देशों के बीच 130.1 अरब डॉलर का व्यापार हुआ। निर्यात और आयात दोनों ही मोर्चे पर दहाई अंक की वृद्धि दर्ज की गई।


ऑस्ट्रेलिया के लिए भारत पांचवा बड़ा निर्यात बाजार है। भारत में ऑस्ट्रेलिया से कोयला, सब्जियों और सोने के अलावा शिक्षा पर्यटन क्षेत्र से जुड़ी चीजों का आयात होता है वहीं दूसरी ओर भारत से ऑस्ट्रेलिया को मुख्य रूप से परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पादों, बिजनेस सेवाओं और दवाओं का निर्यात किया जाता है। ओशिनियाई क्षेत्र में न्यूजीलैंड भी भारत के लिए निर्यात का एक प्रमख बाजार है। भारत से न्यूजीलैंड को निर्यात की जाने वाली वस्तुओं में दवाएं, कीमती पत्थर और जेवरात, मशीनी उपकरण, कपड़े तथा तैयार वस्त्र प्रमुख हैं।


भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का एक चौथाई हिस्सा यूरोपीय देशों से आता है। इसी तरह भारत की ओर से विदेशों में किए जाने वाले निवेश का करीब 29.8 फीसदी हिस्सा यूरोप में जाता है।अप्रैल 2002 से दिसंबर, 2018 के बीच ओशिनियाई देशों की कम्पनियों की ओर से भारतीय बाजार में करीब 1034.2 मिलियन डॉलर का निवेश किया गया। भारत की विदेशी निवेश का करीब 1.7 फीसदी हिस्सा ओशिनियाई क्षेत्र के देशों में जाता है। इन देशों में ऑस्ट्रेलिया, फिजी, न्यूजीलैंड और वानूआतू प्रमुख हैं।


रतूड़ा गाँव कर्णप्रयाग में 4 से 11 अप्रैल तक होगा चित्रकला शिविर का आयोजन...

संवाददाता : देहरादून उत्तराखंड 



                स्वयंभू फाउंडेशन की ओर से 4 से 11 अप्रैल तक चमोली जिले के कर्णप्रयाग तहसील के रतूड़ा गाँव में चित्रकला शिविर आयोजित किया जाएगा। गढ़वाल की घाटियों में यह समय क्युराल (गढ़वाल केचेरी-ब्लॉसम) के खिलने का समय भी है। गढ़वाल के पहाड़ों में वसंत ऋतु के आगमन का जश्न मनाने के लिए देश के विभिन्न भागों से सोलह चित्रकार इस चित्रकला शिविर में शामिल होने के लिए पहुंच रहे हैं।  सुभाष रोड स्थित एक होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में चित्रकला शिविर के आयोजक सेवानिवृत्त आईएएस ऑफिसर पीके महांति ने बताया कि शिविर का आयोजन स्वयंभू सोशल फाउंडेशन द्वारा किया जा रहा है जो कि एक लाभ रहित चौरिटेबल (धर्मार्थ) संगठन है।


इस शिविर के लिए श्री महान्ति को भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय, उत्तराखंड सरकार के संस्कृति विभाग, इंडियन ऑयल और ओएनजीसी जैसी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों द्वारा समर्थन मिला है और शिविर का प्रीमियर प्रायोजक आदित्य बिड़ला ग्रुप है। पीके महान्ति ने पत्रकारों को बताया कि देश के विभिन्न राज्यों जैसे ओडिशा, पश्चिम बंगाल, केरल, दिल्ली और उत्तराखंड के चित्रकार ‘घाटियों और पहाड़ों’, ‘क्युराल और बुरांश’, ‘चीढ़ और बाँज’ जैसे अन्य विषयों को अपने कैनवस में उतारने का प्रयास करेंगे। गाँव में उन्हें प्रकृति के करीब रहने वाले सीधे-सादे लोगों से बातचीत व उनके जीवन शैली को समझने का अवसर भी मिलेगा। इसके पश्चात् शिविर में चित्रकारों द्वारा बनाये गये चित्रों को दिल्ली, मुंबई और देहरादून में प्रदर्शनी के द्वारा बिक्री के लिए रखा जाएगा। जिससे जमा की गई धनराशि को फाउंडेशन के अन्य धर्मार्थ गतिविधियों के लिए पुनः प्रयोग किया जाएगा।


श्री महान्ति ने बताया कि नव गठित नॉन-फॉर प्रॉफिट चौरिटेबल संस्था, स्वयंभू सोशल फाउंडेशन दिल्ली, का उद्देश्य ग्रामीण जीवन को कला, संस्कृति और संगीत जैसे रचनात्मक माध्यम से जोड़ना है। फाउंडेशन का उद्देश्य कला और शिल्प, पर्यावरण-पर्यटन, आदि के माध्यम से गाँववासियों के लिए आजीविका पैदा करना है, ताकि अधिक से अधिक लोग अपनी जड़ों की ओर वापस लौट सकें। फाउंडेशन ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधा को उपलब्ध कराने की योजना भी बना रही हैं, ताकि वरिष्ठ नागरिक सेवानिवृत्ति के बाद अपने पैतृक गांवों में लौट सकें। पत्रकार वार्ता में प्रकाश थपलियाल भी उपस्थित रहे।


देश की दिशा और दशा संवारने में संत महापुरूषों की अहम भूमिका रहीः प्रेमचंद अग्रवाल

संवाददाता : हरिद्वार  उत्तराखंड 



       परिवारों में अच्छे संस्कार संत महापुरूषों के आशीर्वाद से ही प्राप्त होते हैं। क्योंकि संत ही गुरू के बताए मार्ग पर चलने की प्रेरणा देकर अपने शिष्यों और भक्तों के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उक्त उद्गार उत्तराखण्ड के विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद्र अग्रवाल ने जयराम आश्रम में आयोजित तीन दिवसीय शत चण्डी यज्ञ के समापन पर आयोजित विशाल संत सम्मेलन को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि हरिद्वार धर्मनगरी की पहचान संतों से ही जानी जाती है। संत समाज लगातार श्रद्धालु भक्तों को धार्मिक गतिविधियों से अवगत कराता है। भक्ति का मार्ग प्रशस्त कर भक्तों का कल्याण करने में संतों की निर्णायक भूमिका है।


जयराम आश्रम से देश भर में सेवा के प्रकल्प चलाए जा रहे हैं। जोकि प्रशंसनीय है। संत सम्मेलन में पहुंचे संत महापुरूषों व श्रद्धालुओं का आभार जताते हुए स्वामी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि शिक्षा संस्कार से ही परिवारों का कल्याण होता है। देवभूमि से गंगा निकलती है। वह भक्तों का अवश्य कल्याण करती है। समाजसेवा से ही ईश्वरीय भक्ति प्राप्त की जा सकती है। अपने गुरूओं व अपने माता पिता की सेवा करने से परिवारों में सुख समृद्धि का वास होता है। हमें व्यक्ति कल्याण में हर संभव प्रयास करने की आवश्यकता है। समाज को सच्चाई के मार्ग पर चलना चाहिए। किसी के साथ भी दुर्व्यवहार नही करना चाहिए। मृदुभाषा ही व्यक्ति को पहचान दिलाती है। पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि संतों का जीवन निर्मल जल के समान होता है। संत समाज सनातन परंपराओं का निर्वहन करने में अपना योगदान देता चला आ रहा है। गुरूओं के आशीर्वाद से ही श्रद्धालु भक्तों का कल्याण होता है। गुरू परंपराओं का निर्वाह ठीक रूप से किया जाना चाहिए।


अपने बताए हुए गुरूओं के पदचिन्हों पर चलकर समाजसेवा में जो योगदान स्वामी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी दे रहे हैं। वह प्रशंसनीय है। भक्तों का कल्याण करने में गुरूओं की जितनी भी प्रशंसा की जाए उतना कम है। आदि काल से संत समाज गुरू परम्पराओं का निर्वहन कर रहा है। मण्मण्स्वामी रामेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि जयराम आश्रम के अधिष्ठाता मनुष्य कल्याण में हर संभव अपने प्रयास करते चले आ रहे हैं। गौसेवाए भारतीय संस्कृति का प्रचार प्रसारए गरीब असहाय निर्धन परिवारों की मदद करना इनकी अच्छी कार्यशैली को दर्शाता है। देश भर में इनके भक्त प्रेरित होकर मानव सेवा में अपना योगदान कर रहे हैं। सामाजिक दायित्व को निभाने में संतों की भूमिका को दरकिनार नहीं किया जा सकता है। संत समाज ही समाज का मार्गदर्शक होता है। इस दौरान उपस्थित संत महापुरूषोंए गणमान्य लोगों व श्रद्धालुओं ने स्वामी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी को जन्म दिन की बधाई देते हुए उनकी दीघार्यू की कामना की।


शहरी विकास मंत्री मदन कौशिकए पूर्व विधायक अंबरीष कुमार ने भी आश्रम पहुंचकर स्वामी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी को शॉल ओढ़ाकर व माला पहनाकर जन्म दिवस की बधाई देते हुए मां गंगा से उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रविन्द्रपुरीए श्रीमहंत रामरतन गिरीए महंत जसविन्द्र सिंहए महंत कमलजीत सिंहए संत जगजीत सिंहए पूर्व पालिका अध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारीए महंत देवानंद सरस्वतीए स्वामी सत्यव्रतानंदए मण्मण्स्वामी प्रबोधानंद गिरीए महंत गंगादास उदासीनए स्वामी ऋषि रामकृष्णए श्रीमहंत विनोद गिरीए स्वामी जगदीशानंदए महंत गंगादास उदासीनए स्वामी हरिवल्लभदास शास्त्रीए महंत कमलदासए स्वामी ऋषिश्वरानंदए महंत मोहनसिंहए महंत तीरथ सिंहए महंत प्रेमदासए स्वामी अरूणदासए लोकशदासए डाण्संजय पालीवालए मेयर अनीता शर्माए धर्मपालए ओपी चौहानए पुरूषोत्तम शर्माए पूर्व पालिका अध्यक्ष प्रदीप चौधरीए पूनम भगतए शुभम अग्रवालए अंजू द्विवेदीए राजेश रस्तोगीए बचन सिंह पोखरियालए जयपाल सिंहए सुनीलए मुदित आदि मौजूद रहे। संत सम्मेलन का संचालन मण्मण्स्वामी हरिचेतनानंद महाराज ने किया।


आदर्श आचरण संहिता का सख्ती से पालन करायें : मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी

संवाददाता : भोपाल मध्यप्रदेश



 


           मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी व्ही.एल. कांता राव ने कहा है कि प्रदेश में लोकसभा निर्वाचन-2019 को भी स्‍वतंत्र, निष्‍पक्ष, सुगम, नैतिक, विश्‍वसनीय एवं समावेशी तरीके से संपन्‍न कराया जाना है। निर्वाचन में दिव्‍यांगजन एवं महिलाओं को दिक्‍कत नहीं हो, इसके लिये सभी व्‍यवस्‍थाएँ सुनिश्‍चित की जायें। आदर्श आचरण संहिता का सख्‍ती से पालन कराया जाये। संपत्ति विरूपण, वाहनों पर अवैध हूटर, नेमप्‍लेट के संबंध में प्रभावी कार्यवाही की जाये। राव आज प्रशासन अकादमी में जिला निर्वाचन अधिकारियों, रिटर्निंग एवं सहायक रिटर्निंग अधिकारियों के प्रशिक्षण को संबोधित कर रहे थे।।


अपर मुख्‍य निर्वाचन पदाधिकारी संदीप यादव ने रिटर्निंग एवं सहायक रिटर्निंग अधिकारियों की लोकसभा निर्वाचन में भूमिका की जानकारी दी।यादव ने लोक-प्रतिनिधित्‍व अधिनियम 1950 एवं 1951 के विभिन्‍न प्रावधान से अवगत कराया। उन्होंने ई.व्‍ही.एम. और व्‍ही.व्‍ही.पैट की पूर्ण अभिरक्षा एवं सुरक्षा व्‍यवस्‍था, मतदान दलों का गठन, मतदान दलों को मशीनों का वितरण, नामांकन-पत्र प्राप्ति और उसकी संवीक्षा, प्रतीक चिन्‍हों के आवंटन, मत पत्र मुद्रण की भी जानकारी दी।


अपर मुख्‍य निर्वाचन पदाधिकारी अरूण कुमार तोमर ने कहा कि त्‍वरित निर्णय लेने में आसानी के लिये निर्वाचन संबंधी निर्देशों का अध्‍ययन अवश्‍य करें। संयुक्‍त मुख्‍य निर्वाचन पदाधिकारी राजेश कौल ने निर्वाचन व्‍यय अनुवीक्षण एवं मीडिया मॉनीटरिंग का प्रशिक्षण दिया। संयुक्‍त मुख्‍य निर्वाचन पदाधिकारी अभिजीत अग्रवाल ने आई.टी. एप्‍लीकेशन, सी-विजिल, न्‍यू सुविधा तथा स्‍वीप गतिविधियों की जानकारी दी।


प्रशिक्षण सत्र में कलेक्‍टर भोपाल सुदाम खाड़े ने आदर्श आचरण संहिता के पालन, कलेक्टर सीहोर गणेश शंकर मिश्रा ने नवीन तकनीकों के उपयोग, विनायक वर्मा पुलिस अ‍धीक्षक विदिशा ने संवेदनशील मतदान केन्‍द्रों एवं सुरक्षा बलों की तैनाती, उप मुख्‍य निर्वाचन पदाधिकारी प्रमोद शुक्‍ला ने ई.व्‍ही.एम. व व्‍ही.व्‍ही.पैट. तथा राकेश कुशरे उप मुख्‍य निर्वाचन पदाधिकारी ने मतदान दल, प्रशिक्षण, मटेरियल प्रबंधन एवं मास्टर ट्रेनर डॉक्टर समीरा नईम ने मतगणना के विषय में जानकारी दी।


रेरा अध्ययन के लिए असम का प्रतिनिधि-मंडल प्रदेश प्रवास पर...

संवाददाता : भोपाल मध्यप्रदेश


        असम से नगरीय विभाग का प्रतिनिधि-मण्डल मध्यप्रदेश में रेरा एक्ट के क्रियान्वयन का अध्ययन करने प्रदेश प्रवास पर आया है। प्रतिनिधि-मण्डल का नेतृत्व, असम के नगरीय विभाग के अपर मुख्य सचिवश्री पाल बरुआ कर रहे हैं। प्रतिनिधि-मण्डल भ्रमण के दौरान, इंदौर पहुँचकर रेरा के सर्किट कोर्ट की कार्य-प्रणाली को देखेगा। साथ ही भोपाल में म.प्र. भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण रेरा अध्यक्ष श्री अन्टोनी डिसा तथा रेरा पदाधिकारियों से असम में रेरा एक्ट के बेहतर क्रियान्वयन पर भी चर्चा करेगा।


मध्यप्रदेश के रेरा-प्राधिकरण ने अभी तक कुल 1713 शिकायतों में आदेश किये हैं, वहीं 2138 प्रोजेक्ट का पंजीयन रेरा में किया जा चुका है। बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए अन्य राज्य से विशेषज्ञ प्राधिकरण की कार्य-शैली को देखने आते रहे हैं।


मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र रेरा एक्ट के क्रियान्वयन में प्रारम्भ से ही अग्रणी बने हुए हैं। जबकि असम सहित 13 राज्यों में अभी तक स्थायी प्राधिकरण की स्थापना नहीं हो पाई है।


धस्माना ने भाजपा को मुद्दों पर खुली बहस की चुनौती दी...

संवाददाता :  रुद्रपुर उत्तराखंड 



           रुद्रपुर में आयोजित बीजेपी की चुनावी रैली में पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा उत्तराखंड व कांग्रेस के संदर्भ में कही बातें सत्य से परे और निराधार हैं। यह बात  प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने पीएम की रैली पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते कांग्रेस भवन में कही।  शुक्रवार को कांग्रेस भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने बीजेपी को चुनौती दी कि अगर उनमें साहस है तो सभी मुद्दों पर वह खुली बहस के लिए मैदान में आएं। उन्होंने कि पीएम ने कहा कि केंद्र सरकार ने केदारपुरी के पुनर्निर्माण के लिए बहुत काम किया। लेकिन यह सच नहीं है।


उन्होंने कहा कि सचाई यह है कि पांच सालों में मोदी सरकार ने एक भी रुपया केदारनाथ के पुनर्निर्माण सहित उत्तराखंड में 2013 की आपदा से प्रभावित क्षेत्र के पुनर्निर्माण के लिए नहीं दिया। इसके विपरीत मोदी सरकार ने मनमोहन सरकार की ओर से स्वीकृत साढ़े सात हजार करोड़ के पैकेज की आधी धनराशि दी। धस्माना ने कहा कहा कि ऋषिकेश- कर्णप्रयाग रेललाइन पर भी पीएम का बयान भी निराधार है। इस रेललाइन को कांग्रेस के जमाने में स्वीकृत व शुरू किया गया था और पिछले पांच वर्ष से इसमें कोई प्रगति नहीं हुई। उन्होंने कहा कि पीएम ने प्रदेश के किसानों व बेरोजगारी की बदहाली के संदर्भ में एक भी शब्द नहीं कहा, पीएम मोदी ने स्वयं को निडर व कांग्रेस नेताओं को डरपोक करार दिया जो अपने आप में हास्यास्पद है। क्योंकि देश जानता है कि कांग्रेस के नेता देश के लिए बलिदान हुए हैं। महात्मा गांधी से लेकर इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, सरदार बेअंत सिंह आदि नेताओं ने जो बलिदान दिया है।


धस्माना ने कहा कि चुनाव आयोग ने सैनिकों, सैनिक ऑपरेशन आदि विषयों का चुनावी इस्तेमाल न करने के आदेश दिये हैं। पर, इस रैली में इसका खुला उल्लंघन किया गया। उत्तराखंड हमेशा से सैनिकधाम रहा है। आईएमए, आरआईएमसी यहां पांच साल में नहीं बने। ये यहां दशकों पहले से स्थापित है। राज्य के बहादुर हमेशा देश की सुरक्षा के किये बलिदान देते आये हैं। सैनिकों के शौर्य का चुनावी इस्तेमाल करना बिल्कुल गलत है। इसकी शिकायत चुनाव आयोग से की जाएगी। इससे पहले भाजपा विंग कमांडर अभिनंदन के फोटो  लगाकर रैलियां निकाल रही थी। उस पर कांग्रेस ने आपत्ति की थी। उसके बाद ही आयोग ने सैनिकों के फोटो के इस्तेमाल पर रोक लगाई थी।


18 पुलिस उपाधीक्षक प्रशिक्षुओं की प्रशिक्षण के पश्चात दीक्षांत परेड आयोजित...

संवाददाता : देहरादून उत्तराखंड 



             पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय नरेन्द्रनगर, टिहरी गढ़वाल में लोक सेवा आयोग उत्तराखण्ड द्वारा चयनित 18 पुलिस उपाधीक्षक प्रशिक्षुओं के 12 माह के आधारभूत प्रशिक्षण के पश्चात् दीक्षांत परेड का आयोजन किया गया। दीक्षांत परेड में परेड कमाण्डर प्रथम, पूर्णिमा गर्ग, परेड कमाण्डर द्वितीय नरेन्द्र पंत एवं परेड एड्ज्यूडेण्ट संगीता टम्टा नियुक्त रहीं। दीक्षान्त परेड में मुख्य अतिथि के रूप में अनिल के.रतूड़ी पुलिस महानिदेशक द्वारा परेड का मान-प्रणाम ग्रहण कर दीक्षान्त परेड का निरीक्षण किया गया।रतूड़ी द्वारा प्रशिक्षण में सर्वांग सर्वोत्तम एवं अन्तः कक्ष में प्रथम स्थान आने पर पूर्णिमा गर्ग एवं बाहय कक्ष में प्रथम आने पर शान्तनु पारासर को सम्मानित किया गया।


यह सभी पुलिस उपाधीक्षक अपने-अपने व्यवहारिक प्रशिक्षण हेतु प्रथम चरण में 03-03 माह के लिए मैदानी जनपदों, द्वितीय चरण में 02-02 माह के लिये पर्वतीय जनपदों व 01-01 माह के लिये पुलिस मुख्यालय में नियुक्त रहेंगे। अनिल के.रतूडी, ने अपने सम्बोधन में कहा कि पुलिस के सामने कई चुनौतियां है इस चुनौती में हमे समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए कार्य करना चाहिए। इसके अतिरिक्त सामाज में शान्ति व्यवस्था कायम रखना ध्चुनाव ड्यूटी अपराध निरोध आदि एक पुलिस अधिकारी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ हैं जिनका निर्वहन पूर्ण सेवा भाव से किया जाना आवश्यक है। आगामी लोक सभा चुनाव में भी इन उत्तीर्ण पुलिस उपाधीक्षकों को प्रशिक्षण हेतु नियुक्त किया जायेगा, जिसमे ये अधिकारी अपनी पूर्ण कर्तव्य निष्ठा से अपना योगदान देंगे।


पुलिस उपाधीक्षकों की दीक्षान्त परेड की मुख्य अतिथि अनिल कुमार रतूड़ी ने भूरी-भूरी प्रशंसा की व सभी पुलिस उपाधीक्षकों के उत्साह और परेड को उत्कृष्ट बताया। प्रशिक्षण के दौरान स्टडी टूर के माध्यम से जनपद के थानों, एस0टी0एफ0, साईबर थाना देहरादून, जिला मुख्यालय के कार्यालयों, जेल, उत्तराण्ड न्यायिक अकादमी, भवाली नैनीताल आदि में भ्रमण कराकर विशेष प्रशिक्षण प्रदान कर व्यवसायिक रूप से दक्ष बनाये जाने के प्रयास किये गये। प्रशिक्षण अवधि में इन प्रशिक्षु अधिकारी द्वारा कांवड मेला, वी.वी.आई.पी. डयूटी, नगर निकाय चुनाव, विधान सभा सत्र आदि ड्यूटियों में भेजकर फील्ड-एक्सपोजर प्रदान किया गया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि राधा रतूडी अपर मुख्य सचिव, वी0 विनय कुमार अपर पुलिस महानिदेशक प्रशासन, संजय गुंज्याल, पुलिस महानिरीक्षक, पी.एम. ए.पी. अंशुमान पुलिस महानिरीक्षक, प्रशिक्षण/पीएसी, जगत राम जोशी, पुलिस उप महानिरीक्षक, कार्मिक मुख्तार मोहसिन, पुलिस उप महानिरीक्षक/निदेशक पी.टी.सी., प्रकाश चन्द्र देवली, पुलिस उपाधीक्षक पी.टी.सी. आदि पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।


भारतीय कॉफी की पांच किस्‍मों को जीआई प्रमाणन...

संवाददाता : नई दिल्ली 



          भारत सरकार के वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग एवं आंतरिक व्‍यापार संवर्धन विभाग ने हाल ही में भारतीय कॉफी की पांच किस्‍मों को भौगोलिक संकेतक (जीआई) प्रदान किया है। ये किस्‍में निम्‍नलिखित हैं :


कूर्ग अराबिका कॉफी – यह मुख्‍यत: कर्नाटक के कोडागू जिले में उगायी जाती है।


वायानाड रोबस्‍टा कॉफी – यह मुख्‍यत: वायानाड जिले में उगायी जाती है जो केरल के पूर्वी हिस्‍से में अवस्थित है।


चिकमगलूर अराबिका कॉफी – यह विशेष रूप से चिकमगलूर जिले में उगायी जाती है। यह दक्‍कन के पठार में अवस्थित है जो कर्नाटक के मलनाड क्षेत्र से वास्‍ता रखता है।


अराकू वैली अराबिका कॉफी – इसे आंध्र प्रदेश के विशाखापत्‍तनम जिले और ओडिशा क्षेत्र की पहाडि़यों से प्राप्‍त कॉफी के रूप में वर्णित किया जाता है जो 900-1100 माउंट एमएसएल की ऊंचाई पर अवस्थित है। जनजातियों द्वारा तैयार की जाने वाली अराकू कॉफी के लिए जैव अवधारणा अपनायी जाती है जिसके तहत जैविक खाद एवं हरित खाद का व्‍यापक उपयोग किया जाता है और जैव कीटनाशक प्रबंधन से जुड़े तौर-तरीके अपनाये जाते हैं।


बाबाबुदनगिरीज अराबिका कॉफी – यह भारत में कॉफी के उद्गम स्‍थल में उगायी जाती है और यह क्षेत्र चिकमंगलूर जिले के मध्‍य क्षेत्र में अवस्थित है। इसे हाथ से चुना जाता है और प्राकृतिक किण्वन द्वारा संसाधित किया जाता है। इसमें चॉकलेट सहित विशिष्‍ट फ्लैवर होता है। कॉफी की यह किस्‍म सुहावना मौसम में तैयार होती है। यही कारण है कि इसमें विशेष स्‍वाद और खुशबू होती है।


इससे पहले भारत की एक अनोखी विशिष्‍ट कॉफी ‘मानसूनी मालाबार रोबस्टा कॉफी’ को जीआई प्रमाणन दिया गया था।


भारत में 3.66 लाख कॉफी किसानों द्वारा तकरीबन 4.54 लाख हेक्‍टेयर क्षेत्र में कॉफी उगायी जाती है। इनमें से 98 प्रतिशत छोटे किसान हैं। कॉफी की खेती मुख्‍यत: भारत के दक्षिणी राज्‍यों में की जाती है :


कर्नाटक – 54 प्रतिशत,केरल- 19 प्रतिशत,तमिलनाडु – 8 प्रतिशत


कॉफी गैर-परंपरागत क्षेत्रों जैसे कि आंध्र प्रदेश एवं ओडिशा (17.2 प्रतिशत) और पूर्वोत्‍तर राज्‍यों (1.8 प्रतिशत) में भी उगायी जाती है।


भारत पूरी दुनिया में एकमात्र ऐसा देश है जहां कॉफी की समूची खेती छाया वाले माहौल में की जाती है, इसे हाथ से चुना जाता है और फिर धूप में सुखाया जाता है। दुनिया में कॉफी की कुछ सर्वोत्‍तम किस्‍में भारत में ही उगायी जाती हैं, इन्‍हें पश्चिमी एवं पूर्वी घाटों के जनजातीय किसानों द्वारा उगाया जाता है, जो विश्‍व में जैव विविधता वाले दो प्रमुख स्‍थल (हॉट स्‍पॉट) हैं। भारतीय कॉफी विश्‍व बाजार में अत्‍यंत ऊंची कीमतों पर बेची जाती है। यूरोप में तो इसकी बिक्री प्रीमियम कॉफी के रूप में होती है।


जीआई प्रमाणन से जो विशिष्‍ट मान्‍यता एवं संरक्षण मिलता है उससे भारत के कॉफी उत्‍पादक विशिष्‍ट क्षेत्रों में उगायी जाने वाली कॉफी की अनूठी खूबियों को बनाये रखने में आवश्‍यक खर्च करने के लिए प्रोत्‍साहित होंगे। यही नहीं, इससे विश्‍व भर में भारतीय कॉफी की मौजूदगी भी बढ़ जायेगी और इसके साथ ही देश के कॉफी उत्‍पादकों को अपनी प्रीमियम कॉफी की अधिकतम कीमत प्राप्‍त करने में भी मदद मिलेगी।


वायु सेना प्रमुख ने उम्दा खिलाड़ियों को सम्मानित किया...

संवाददाता : नई दिल्ली 



       राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले वायुसेना के खिलाड़ियों को सम्मानित करने के लिए 28 मार्च 2019 को नई दिल्ली वायुसेना केंद्र में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। समारोह का आयोजन वायुसेना खेल नियंत्रण बोर्ड द्वारा किया गया जिसमें वायु सेना प्रमुख मुख्य अतिथि थे। इस समारोह में वायुसेना के उच्च अधिकारियों सहित वायुसेना प्रशासन प्रभारी और महानिदेशक (कार्य एवं समारोह) भी मौजूद थे। वायुसेना प्रमुख मार्शल बी एस धनोवा पीवीएसएम एवीएसएम वाईएसएम वीएम एडीसी ने 21 खिलाड़ियों और वायु सेना के 7 दलों को सम्मानित किया और उन्हें स्मृति चिन्ह प्रदान किए। 



वायु सेना प्रमुख ने भारतीय वायुसेना खेल विवरण पुस्तिका का लोकार्पण किया जिसमें खिलाड़ियों की उपलब्धियों का बखान है।


अपने संबोधन में वायु सेना प्रमुख ने वायुसेना खेल नियंत्रण बोर्ड की पिछले 1 साल की उपलब्धियों  और खिलाडियों को विश्वस्तरीय संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रशंसा की। उन्होंने खेल में बेहतर प्रदर्शन करने वालों को बधाई दी और खेल के अपने स्तर को अनवरत बनाये रखने की सलाह दी। उन्होंने खेल में बेहतर प्रदर्शन करने और बने रहने के लिए तंदरूस्ती, उत्साह और मजबूत इच्छाशक्ति को बनाये रखने पर जोर दिया।


नौसेना ने बिखेरी चेरिया कदामाकुड्डी में नवनिर्मित मकानों की चाबियां तीन परिवारों को सौंपीं,निवासियों के चेहरों पर मुस्‍कान...

संवाददाता : नई दिल्ली 



           अगस्त 2018 की विनाशकारी बाढ़ के बाद दक्षिणी नौसेना कमान द्वारा शुरू किए गए पुनर्वास कार्यों के तहत वाइस एडमिरल अनिल कुमार चावला, एवीएसएम, एनएम, वीएसएम, फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ (सी-इन-सी), दक्षिणी नौसेना कमान ने 28 मार्च, 2019 को चेरिया कदामाकुड्डी में नवनिर्मित मकानों की चाबियां तीन परिवारों को सौंपीं। भारतीय नौसेना द्वारा प्रायोजित किए गए ये मकान पुलियाल पाराम्बिल हाउस के श्री बीनू पी.पी, पाश्नी पराम्बिल हाउस की श्रीमती मरियम्मा और मदाथिल पराम्बिल हाउस के श्री जोसेफ एंटनी के थे और इनका निर्माण 28 लाख रुपये की कुल लागत पर किया गया है। इन नये मकानों का निर्माण प्रत्येक घर के मालिक की सलाह और आवश्यकता के अनुसार किया गया है। प्रत्येक मकान में सभी कमरों में वर्टिकल टाइल्स और इलेक्ट्रिकल फिटिंग आदि जैसी  अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त बैडरूम्स, ड्राइंगरूम और रसोई घर बनाए गए हैं। इस परियोजना का संचालन आईएनएस वेंदुरथी द्वारा किया गया है और इसे साढ़े पांच महीने में पूरा किया गया है।  


इसके अलावा, नौसेना चेरिया कदामाकुड्डी के सभी 55 मकानों में सौर ऊर्जा उपकरण लगवा रही है, जिनमें से तीन नवनिर्मित मकानों सहित 30 मकानों में यह कार्य पूरा हो चुका है। इसलिए अगले कुछ हफ्तों में चेरिया कदामाकुड्डी पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल गांव बन जाएगा।  


गांव के निवासियों के आश्चर्य का उस समय कोई ठिकाना ना रहा जब कमांडिंग इन चीफ ने चेरिया कदामाकुड्डी को पिझाला द्वीप से जोड़ने वाले स्टील आर्क ब्रिज के निर्माण की घोषणा की और उसकी आधारशिला रखी। बाढ़ का पानी उतरने के बाद से ही स्थानीय निवासी नया पुल बनवाने का अनुरोध कर रहे थे क्योंकि कंक्रीट का बना मौजूदा पुल काफी लंबे अरसे से बदहाली की स्थिति में था और हाल ही में पीडब्ल्यूडी ने इसे पैदल चलने वालों के लिए भी असुरक्षित घोषित कर दिया था। नया पुल पहले से मौजूद पुल के साथ बनाया जाएगा और यह 50 मीटर लम्बा और 3.5 मीटर चौड़ा होगा। इस पुल से चार टन तक के वजन वाले वाहन गुजर सकेंगे और इस प्रकार ग्रामिणों की काफी अरसे से लंबित कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की मांग पूरी हो जाएगी।


कमांडिंग इन चीफ के साथ नेवी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन (दक्षिणी क्षेत्र)  श्रीमती सपना चावला और कुछ अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी थे। वाइस एडमिरल चावला को नवनिर्मित मकानों में ले जाया गया, जहां उन्होंने वहां मौजूद परिवारों से बातचीत की। श्रीमती चावला ने इन परिवारों को मिठाइयां भी दीं।   


पुनर्वास पैकेज की घोषणा नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा, पीवीएसएम, एवीएसएम, एडीसी, ने अगस्त 2018 में मुट्टीनक्कम में अपने दौरे के समय की थी।इसमें भारतीय नौसेना की ओर से वित्तीय सहायता प्रदान की गई जिसमें दक्षिणी नौसेना कमान के कर्मियों का योगदान शामिल है।


गुरुवार, 28 मार्च 2019

मैं भी हिन्दू हूं : दिग्विजय सिंह

संवाददाता : भोपाल मध्यप्रदेश



        कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से उनका कोई विवाद नहीं है और संघ यदि हिन्दुओं का संगठन है तो वहभी हिन्दू हैं फिर उनसे बैर क्यों। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री से जब यह पूछा गया कि भाजपा ने आपको संघ एवं हिन्दू विरोधी बना दिया है, तो उन्होंने यहां संवाददाताओं को बताया, ‘‘आरएसएस से मेरा कोई विवाद नहीं है। यह अगर हिन्दुओं का संगठन है तो दिग्विजय सिंह भी हिन्दू है। फिर मुझसे बैर क्यों भाई।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आरएसएस कोई राजनीतिक संगठन तो है नहीं। आप (आरएसएस) स्वयं कहते हैं कि यह सांस्कृतिक संगठन हैं। आप (आरएसएस) कोई रजिस्टर्ड बॉडी भी नहीं है।


राजनीतिक दल भी नहीं है। फिर क्यों नाराज होते हो भाई।’’दिग्विजय ने बताया, ‘‘मैं द्वारिका एवं ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का आज से नहीं, बल्कि वर्ष 1983 से उनका दीक्षित शिष्य हूं। मैं अपने धर्म काढिंढोरा नहीं पीटता और न ही चुनाव में उसका उपयोग करता हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ये भारतीय संविधान बाबा साहेब अम्बेडकर ने जो बनाया, उसमें हर व्यक्ति को अपने धर्म का पालन करने का अधिकार है। उसमें क्यों लोगों को बांटते हो। देश की एकता और अखंडता हमारी शक्ति है। उसे कायम रखना है। सभी धर्म प्रेम और सद्भाव का रास्ता दिखाता है। राजनीति बांटती है, परिवार तक को बांट देती है। इसलिये धर्म को राजनीति से नहीं जोड़ना चाहिये।


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित भाजपा नेताओं द्वारा कांग्रेस मुक्त भारत बनाये जाने पर पूछे गये सवाल पर दिग्विजय ने कहा, ‘‘यही मानासिकता है (तानाशाह एडोल्फ) हिटलर की। कांग्रेस मुक्त भारत…. । ढूंढ़ते रह जाएंगे यानी लोकतंत्र में विपक्ष नहीं होना चाहिए।इसी मानसिकता से तो हम लड़ाई लड़ रहे हैं।’’


अच्छी आदतों को अपनाएंगे तो आएगी अच्छी नींद...

संवाददाता : लख़नऊ उत्तर प्रदेश 



                   आज के समय में लोगों का लाइफस्टाइल कई तरह की समस्याओं का कारण बनता है। अनिद्रा या रात को ठीक से नींद न आना इन्हीं में से एक है। अक्सर देखने में आता है कि लोग देर रात तक जागते हैं या फिर अगर वह बिस्तर पर होते भी हैं तो भी करवटें बदलते रहते हैं। अगर आपका नाम भी ऐसे ही लोगों की लिस्ट में शुमार है तो अब आपको परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। आप बेडटाइम में कुछ छोटी−छोटी आदतों में बदलाव करके एक अच्छी और बेहतर नींद पा सकते हैं−


रात के समय में भी लोग मोबाइल, टीवी, फोन में लगे रहते हैं, जिसके कारण रात में ठीक से नींद नहीं आती। इसलिए आप घर वापिस आने के बाद आधा घंटा स्क्रीन टाइम के लिए तय कर लें। इसके बाद आप सभी तरह के गैजेट्स को बंद कर दें। इससे आपको बेहद अच्छी नींद आएगी।

 

नींद भी बेहद प्यारी

जब आप अपने पैरों को रिलैक्स करते हैं तो इससे नींद भी बेहद प्यारी आती है। इसके लिए टब में गर्म पानी डालकर उसमें थोड़ा सा पानी और कुछ बूंदे लैवेंडर ऑयल की डालें। अब पैरों को पानी में कम से कम दस मिनट के लिए सोक करके रखें। अब प्लास्टिक फुट रोलर की मदद से पैरों की मसाज करें। इससे सभी तरह का स्टेस दूर हो जाएगा और आपकी नींद में भी सुधार होगा। वैसे आप चाहें तो रात को सोने से पहले नहा भी सकते हैं। इससे बॉडी कूल डाउन और रिलैक्स होती है।

शपथ-पत्र के साथ निवेश और देनदारी की जानकारी देना होगी...

संवाददाता : भोपाल मध्यप्रदेश



                  लोकसभा निर्वाचन में अभ्यर्थियों को नाम निर्देशन-पत्र के साथ दिये जाने वाले शपथ-पत्र (फार्म-26) में फरवरी माह में किये गए संशोधन के अनुसार विदेशी बैंकों एवं विदेश में किये गये निवेश की जानकारी देनी होगी। अभ्यर्थी को उसके पति/पत्नी और उस पर आश्रित व्यक्तियों के साथ-साथ अविभक्त परिवार की स्थावर आस्तियों, शासकीय देनदारियों और उसके साथ ही विगत 5 वर्षों के आयकर की जानकारी देनी होगी।


इसके साथ ही शपथ-पत्र के प्रत्येक पृष्ठ पर अभ्यर्थी के हस्ताक्षर एवं  नोटरी द्वारा सत्यापित होकर सील लगी होना अनिवार्य होगा।


टेलीकॉम सेवा प्रदाता 1950 टोल फ्री नंबर की व्‍यवस्‍था सुधारें...

संवाददाता : भोपाल मध्यप्रदेश



             संयुक्‍त मुख्‍य निर्वाचन पदाधिकारी श्री अभिजीत अग्रवाल ने टेलीकॉम कंपनियों को निर्देशित किया है कि आयोग द्वारा निर्धारित टोल फ्री नंबर 1950 पर कॉल कांटेक्‍ट के संबंध में व्‍यवस्‍थाएँ सुधारें। जिलों में संचालित स्‍टेट कांटेक्‍ट सेंटर के नंबर सभी टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं को दिये गये जिससे 1950 टोल फ्री नंबर की मेपिंग सही तरीके से हो सकें।


अग्रवाल ने कंपनियों को कहा कि मतदाता जागरूकता एवं निर्वाचन सहभागिता के प्रचार-प्रसार में भी सहयोग करें ताकि लोकसभा निर्वाचन में अधिक से अधिक संख्‍या में नागरिक अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।


बैठक में उप मुख्‍य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव जैन तथा बीएसएनएल, एयरटेल, आइडिया, वोडाफोन, टाटा टेलीसर्विस एवं रिलायंस जियो के नोडल अधिकारी उपस्थित थे।


केंद्र व राज्य की भाजपा सरकारों ने जनता को गुमराह करने व ठगने का काम कियाः मथुरादत्त जोशी

संवाददाता : देहरादून उत्तराखंड 



               प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता मथुरादत्त जोशी ने भाजपा की राज्य व केन्द्र सरकार पर जोरदार हमला करते हुए कहा कि भाजपा की दोनों सरकारों ने अपने कार्यकाल में जनता को गुमराह करने व ठगने का काम किया है।  प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए मुख्य प्रवक्ता मथुरादत्त जोशी ने कहा कि राज्य सरकार के मंत्री कभी आपस में लड़ते हैंं तो कभी खनन माफिया को संरक्षण देने के लिए थाने में जाकर पुलिसकर्मियों से मार पिटाई करते हैं। उन्होंने कहा कि चाहे भाजपा की केन्द्र सरकार हो या राज्य सरकार दोनों ही जनता की समस्याओं के प्रति कभी भी गम्भीर नहीं रही है। उन्होंनें कहा कि पांच साल बाद जब चुनाव आये हैं तो प्रधानमंत्री फिर से जनता को अपने जुमलों से गुमराह करने की चेष्टा कर रहे है।


उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रूद्रपुर मे अपने चुनावी भाषण में उत्तराखण्ड राज्य के एक भी ज्वलंत मुद्दे को नहींं छुआ। उन्होंने आज फिर 2014 के लोकसभा चुनाव के झूठे वादों की याद दिलाई जिसे जनता जरूर याद रखेगी। मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि लोकसभा चुनाव 2014 में राज्य की जनता ने पांचों लोकसभा सीटों से भाजपा के उम्मीदवारों को विजयी बनाया परन्तु वे जनता की अपेक्षाओं पर खरे नही ंउतर पाये तथा जनता से जुडे मुद्दों को भी संसद में उठाने में फिसड्डी साबित हुए। मथुरादत्त जोशी ने कहा कि भाजपा के पांचों सांसद अपने पूरे कार्यकाल में कोई ऐसी छाप नहीं छोड पाये जिससे जनता उन्हें दुबारा चुनने की सोचे। भाजपा सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने जहां अपने पांच वर्ष के कार्यकाल में मात्र 10 प्रश्न उठाये वहीं माला राज्यलक्ष्मी ने 33, अजय टम्टा ने 69, भुवन चन्द्र खण्डूरी ने 104 तथा रमेश पोखरियाल निशंक ने 389 सवाल ही जनता से जुडें उठाये।


उन्होंने कहा कि आज भाजपा के बडे नेता अपनी चुनावी सभाओं में मोदी के नाम पर एक बार फिर से जनता को गुमराह करने की सोच रहे हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार ने अपने पांच साल के कार्यकाल में कोई ऐसा काम नहीं किया जिससे जनता को राहत मिलती उल्टे मंहगाई, बेरोजगारी अपने चरम पर पहुंच गई। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का नेटबंदी का फैसला हो या जीएसटी का उसने जनता की मुश्किलें बढाने का ही काम किया। उन्होंने राज्य सरकार पर हमला करते हुए कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है राज्य के मंत्री ही कानून का मजाक उडाते दिख रहे हैं। इसका ताजा उदाहरण प्रदेश के शिक्षा मंत्री द्वारा खनन माफियाओं के संरक्षण के लिए थाने पर तैनात पुलिस कर्मियों पर हमला है। पत्रकार वार्ता के दौरान डीएवी महाविद्यालय छात्र संघ अध्यक्ष शिवराज चौहान ने टिहरी संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन देने की घोषणा की।


पीएम मोदी ने कांग्रेस पर बोला जमकर हमला...

संवाददाता : रुद्रपुर उत्तराखंड 



           प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऊधमसिंहनगर जिले के अंतर्गत रुद्रपुर में चुनावी रैली में कांग्रेस पर जमकर हमला किया। उन्घ्होंने कहा कि कांग्रेस राफेल सौदे पर बैठी रही। क्योंकि उसे मलाई नहीं मिल रही थी। कहा, मलाई कैसे निकाले, किसकी मदद से निकाले, इसी सोच में दस साल निकाल दिए। पीएम मोदी ने चुनावी रैली को गढ़वाली-कुंमाऊनी भाषा में संबोधन से शुरू किया। मोदी ने कहा, उत्तराखंड के भाई बहनों तैं मेरू सादर नमस्कार।


देवभूमि के करोड़ां लोगों का आशीर्वाद मेरे साथ छ पीएम ने कहा, 2019 के चुनाव में हम लोग विकास के मुद्दे को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। याद दिलाना चाहूंगा, हमारे देश के सैनिकों को जिस प्रकार से अपमानित दिखाया जा रहा है, नीचा दिखाने का प्रयास हो रहा है, अपशब्द बोलने की हिम्मत की जा रही है। ये उत्तराखंड वीरों की बलिदानियों की भूमि है। ऐसी भूमि पर देश के चौकीदार को आशीर्वाद देने के लिए इतने सारे चौकीदार एक साथ निकल पड़े हैं।  मोदी ने कहा कि, उधमसिंह नगर आया तो उधमसिंह को नमन करता हूं। गुरु नानकजी के पग यहां पड़े ऐसी मिट्टी को प्रणाम।


वाजपेयीजी ने जो सपना देखा था, वो साकार होता दिख रहा है। इस क्षेत्र के विकास के लिए अलग-अलग प्रांत के लोगों ने जो सहयोग किया है, वो भारत के लिए गर्व की बात है। हम विकास को नई ऊंचाई पर ले जा सकते हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि, पुराने साथियों ने उत्तराखंड के हर उतार चढ़ाव देखे। हर सरकार के कामकाज देखे। 2014 से पहले केंद्र सरकार 2017 से पहले उत्तराखंड की सरकार के कामकाज भी देखे। इससे आप भी भलिभांति परिचित हैं। सड़कों के अभाव में बागवानी और खेती दयनीय थी। इसी कारण उत्तराखंड की कड़वी सच्चाई पलायन को कोई नकार नहीं सकता। याद करिए उत्तराखंड की पहचान घोटालों से क्या हो गई थी। कभी राहत, आबकारी, खनन घोटाला। कांग्रेस के कल्घ्चर ने उत्तराखंड को तबाह कर दिया था। पीएम नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा, यहां के युवाओं को पलायन करने के लिए मजबूर किसने किया, घोटाले किसने किए, बर्बादी कौन लाया। साठ दशक तक भी उत्तराखंड के अधिकतर गांवों को सड़कों से वंचित रखने वाले कौन थे।


जिस कांग्रेस ने ऐसी बर्बादी की, उसे कौन मौका देगा। ऐसे लोगों को सजा मिलनी चाहिए या नहीं। उन्होंने जनता से सवाल किया। 11 अप्रैल को बटन दबाकर सजा देगे क्या। पीएम मोदी ने पूर्व सीएम हरीश रावत पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मानसिकता ने मेरे तमाम प्रयासों में अड़ंगे लगाने का काम किया था। कहा, यहां के सीएम थे, जो उनके पास सिर्फ दिल्ली दरबार में हाजरी लगाने के अलावा फुर्सत नहीं थी। एक परिवार के बेरोजगार का रोजगार पक्का कराने के मिशन में जुटे थे। उन्हें यहां के हजारों युवाओं की चिंता नहीं थी। पीएम मोदी ने कहा कि यहां की सड़कों, कनेक्विटि जोड़ने के हमने प्रयास किए। चारधाम आल वेदर रोड का काम तेजी से चल रहा है। हाईवे पर तेजी से काम हो रहा है।


ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन की वर्षों से मांग थी। तेजी से इस पर भी काम चल रहा है। बाबा केदारनाथ में भी तेजी से काम हो रहा है। देश देख रहा है। नमामि गंगे के तहत उत्तराखंड के कई शहरों में गंगा की सफाई के प्रयस हो रहे हैं। आज उत्तराखंड नए रास्ते में निकल पड़ा। अटलजी के वीजन के चलते रुद्रपुर शहर इंडस्ट्रीयल हब है। यहां और अधिक उद्योगों के निवेश की संभावनाएं बन रही हैं। मोदी ने कहा कि यहां गंगा यमुना है, अलकनंदा है, पांच प्रयाग है। बदरी केदार मिलाएं तो चार धाम बनते हैं। इनमें पांचवां धाम सैनिक धाम है। देवभूमि यहां आइएमए है, राष्ट्रीय इंडियन मिलेट्री कालेज है। गढ़वाल रायफल भी इसी धरती पर है। इस धाम उत्तराखंड को कोटी कोटी नमन। मोदी ने कहा कि हमारे वीर जवानों की वीरता पर सवाल उठाना क्या सही थी। जब आतंकियों को घर में घुसकर मारा गया तो वीर जवानों पर इस प्रकार के सवाल करना ठीक था। क्या सेनाध्यक्ष को गाली देना सही था। भारत विरोधी बयान देना क्या देश की जनता माफ करेगी। आपको ऐसे सवालों के सही जवाब पता है।


कांग्रेस के नामदार राजदरबारी करते हैं ऐसी बातें मोदी को नहीं करनी चाहिए। कांग्रेस के लोग कहते हैं कि मोदी को ऐसी बात नहीं करनी चाहिए। मोदी चुपचाप बैठ जाएगा क्या। डरने वाले संस्कार आपके इस चौकीदार में नहीं है। पीएम मोदी ने कहा कि कान खोल कर सुन लें। देश के दुश्मन और विरोधी सुन लें। हम डरने वाले नहीं, बल्कि डटने वाले हैं। यही संस्कार उत्तराखंड की मिट्टी में है। यही संस्कार मां भारती ने हमें दिए। डरने और झुकने वाले कांग्रेस के नामदार हैं। इनका खून तब भी नहीं खोला, जब भरी सड़क पर आतंकवादी खून बहा रहे थे। देश की सेना हथियार मांगती थी। वन रेंक वन पेंशन मांगती थी। बदला लेने की इजाजत मांगती थी। सेनाध्यक्ष पर ही मुकदमा कर दिया। अफवाह फैला दी सेना सरकार का तख्ता पलटने वाली है। पीएम मोदी ने कहा कि सेना को हथियार देने के मसले पर मामा भांजे फंसे रहे। कांग्रेस राफेल सौदे पर बैठी रही। क्योंकि उसे मलाई नहीं मिल रही थी। मलाई कैसे निकाले, किसकी मदद से निकाले, इसी सोच में दस साल निकाल दिए।


हमारी सरकार ने वायुसेना की जरूरत देखते हुए इस काम को आगे बढ़ाया। आने वाले दिनों में राफेल सैन्य ताकतों को मजबूत करेगी। नए आधुनिक हेलीकाप्टर सेना को मिल रहे हैं। इनकी सरकार ने हेलीकाफ्टर खरीद में भी घोटाला कर दिया। मिशेल मामा राज उगल रहा है। इनका पसीना छूट रहा है। ध्यान सुरक्षा के बजाय मलाई खाने में लगा था। कहा, यही कांग्रेस है, जिसने पूर्व सैनिकों को दशकों तक धोखे में रखा। वन रैंक लटकाए रखा। ओआरओपी के नाम पर पांच सौ करोड़ बजट रखा। हमारी सरकार ने वन रेंक को मंजूर दी। पैंतीस हजार करोड़ पूर्व सैनिकों तक पहुंचा दिए।पीएम मोदी ने कहा कि अपने स्वार्थ के लिए सोचने वाली कांग्रेस को दूसरों की परवाह नहीं है। कांग्रेस ने जो काम देश के लोगों के साथ ही जो सलूक जवानों के साथ किया, वही काम किसानों और गरीबों के साथ किया। नारे दिए वोट लिए और भूल गए। कहा, गरीबी हटाओ को जो वादा पहले करते थे, वही वादा फिर दोबरा रहे हैं। ये कांग्रेस की असफलता का सबसे बड़ा उदाहरण है।


कांग्रेस जो भी करती है उसे गंभीरता से नहीं करती। वह कभी गरीबों के बारे में नही सोच सकती। देश का गरीब यही कह रहा है कांग्रेस हटाओ गरीबी हट जाएगी। गरीबी का कारण कांग्रेस है। मोदी जो भी करता है पूर्णता के साथ करता है। इसका सबूत आपके सामने हैं। उत्तराखंड के करीब आठ लाख किसान परिवारों को प्रधानमंत्री किसान योजना से सीधी मदद मिलनी तय हुई। सवा तीन लाख किसानों को पहली किश्त मिल गई। बाकि को मिल जाएगी। आयुष्मान भारत के तहत उत्तराखडं में हर परिवार यानी 19 लाख परिवारों को मुफ्त इलाज सुनिश्चित हुआ। इसके तहत ग्यारह हजार लोगों को लाभ मिल गया है। पीएम मोदी ने कहा कि इतिहास में पहली बार सामान्य वर्ग के गरीबों को 10 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया।


लागू भी कर दिया गया। ये तमाम बड़े बड़े काम यदि हुए हैं इसके पीछे कौन है। कैसे संभव हुआ। ये आपके एक वोट के कारण हो रहा है। इसी के कारण पांच साल से देश को मुसीबत से निकालकर देश को आगे बढ़ाने का काम हुआ। आपका एक एक वोट देश का निर्माण करेगा। भाजपा प्रत्याशी अजय भट्ट को दिया गया हर वोट मोदी को मजबूत करेगा। हर वोट विकास के नाम पड़ेगा। जनसभा में भाजपा प्रत्याशी अजय भट्ट ने देश को मजबूत करने के लिए भाजपा के पक्ष में मतदान की अपील की। कहा प्रधानमंत्री की इच्छा शक्ति ने ही आज भारत को विश्व की चौथी महाशक्ति बना अंतरिक्ष में जासूसी करने वाले उपग्रह को नष्ट करने की क्षमता हासिल कर देश की सुरक्षा को मजबूत करने का काम किया है।


कहा प्रधानमंत्री मोदी ने ईमानदारी से काम कर पांच वर्षों में विश्व के अन्य देशों से कोई कर्ज न लेकर पुराने कर्ज को भी वापस करने का काम किया है, जबकि कांग्रेस ने आज तक देश को लूटने का ही काम किया। इसके प्रमाण सामने आने लगे है। जनसभा में पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश को विश्व की बड़ी ताकत बनाने के लिए की पहल को अंजाम तक पहुचाने के लिए अजय भट्ट को संसद में भेजने की अपील की। कहा देश को आज मोदी की जरूरत है, कांग्रेस ने देश को आज तक कमजोर करने का काम किया है।


डीएम व एसएसपी ने मतदान केन्द्रों का स्थलीय निरीक्षण किया...

संवाददाता : देहरादून उत्तराखंड 



         लोकसभा सामान्य निर्वाचन को शांतिपूर्वक, निष्पक्ष, निर्विघ्न एवं पारदर्शिता से सम्पन्न कराने को लेकर आज रिटर्निंग अधिकारी व जिलाधिकारी एस.ए मुरूगेशन एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक निवेदिता कुकरेती ने विभिन्न स्थानों पर मतदान केन्द्रों का स्थलीय निरीक्षण किया।


इस दौरान नन्हीं दुनिया प्राथमिक विद्यालय चन्दरनगर के मतदान केन्द्र में स्थापित बूथोंका निरीक्षण कर वहां पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये गये। इसके बाद राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय रेस्टकैम्प का स्थलीय निरीक्षण किया तथा यहां के चार बूथों में आवश्यक फर्नीचर एवं पेयजल एवं शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये, तत्पश्चात जिलाधिकारीध्जिला निर्वाचन अधिकारी ने सीधे हिन्दू नेशनल इन्टर कालेज लक्ष्मण चौक पंहुचे तथा यहां पर बनाये गये 8 बूथों का स्थलीय निरीक्षण कर दिव्यांगों के लिए रैम्प तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं समय रहते पूर्ण करने के निर्देश दिये।


मतदान केन्द्रों के निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक नगर श्वेता चौबे, थानाध्यक्ष शिशुपाल सिंह समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


आई एन एस ‘मगर’ राहत सामग्री के साथ मोजाम्बिक के लिए रवाना...

संवाददाता : नई दिल्ली 



       धरती और जल दोनों के लिए अनुकूल एक युद्ध पोत, आईएनएस ‘मगर’ मोजाम्बिक के चक्रवात से प्रभावित क्षेत्रों के लिए आवश्यक राहत सामग्री के साथ मुंबई से पोर्ट बीरा के लिए रवाना हो गया।


भारतीय युद्ध पोत आवश्यक दवाओं, एंटी-एपिडेमिक ड्रग्स, खाद्य पदार्थों, कपड़े, मरम्मत और पुनर्वास उपकरण और अस्थायी आश्रयों सहित 300 टन राहत सामग्री ले जा रहा है। जहाज एक नौसेना चेतक लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर भी ले जा रहा है, जिसका उपयोग राहत कार्यों में किया जाएगा।


आईएनएस सुजाता, शारदुल और सारथी के बाद पोर्ट बीरा के लिए रवाना होने वाला यह  भारतीय नौसेना के 1 प्रशिक्षण स्क्वाड्रन का चौथा जहाज है, जो मोजाम्बिक में भारतीय नौसेना के मौजूदा मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) प्रयासों में जुटे हैं।     


आई.आई.एम. काशीपुर का 7वां दीक्षांत समारोह आयोजित...

संवाददाता :काशीपुर/देहरादून उत्तराखंड 



                        राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने गुरूवार को भारतीय प्रबन्धन संस्थान काशीपुर के 7वें दीक्षांत समारोह प्रतिभाग किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को बधाई व शुभकामनाएं देते हुए राज्यपाल श्रीमती मौर्य ने कहा कि शिक्षा के विभिन्न उद्देश्य हैं। परन्तु कैरियर बनाना, बहु-राष्ट्रीय कम्पनियों में बड़े-बड़े पदों पर आसीन होना ही शिक्षा का एक मात्र उद्देश्य नहीं होना चाहिए। आई.आई.एम जैसे संस्थानों को समाज के लिए उपयोगी शोध एवं अनुसंधान कार्यों को भी प्रोत्साहित करना होगा।


राज्यपाल मौर्य ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड अवसरों की भूमि है। यहां अर्न्तराष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक संस्थान हैं। इस राज्य में गुणवत्तायुक्त मानव संसाधन उपलब्ध हैं। राज्य की विकास दर अच्छी है। यहाँ हाई क्वालिटी का रॉ मैटीरियल उपलब्ध है। आई.आई.एम जैसे संस्थानों की विशेषज्ञता से राज्य बड़े लक्ष्य हासिल कर सकता है। राज्यपाल ने पंतनगर विश्वविद्यालय के तकनीकी और आई.आई.एम की प्रबंधन क्षमता के समन्वित प्रयासों से कृषि के क्षेत्र में नए बिजनेस मॉडल विकसित करने पर बल दिया।


राज्यपाल ने कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि आई.आई.एम काशीपुर में कृषि व कृषक कल्याण के लिए एग्रो-बिजनेस सहायक केन्द्र की स्थापना की मंजूरी मिली है। देश में ऐसे मात्र 24 केन्द्र हैं। राज्यपाल श्रीमती मौर्य ने उत्तराखण्ड के पर्वतीय कृषि और उद्यान के उत्पाद और जड़ी-बूटियाँ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जड़ी-बूटिर्यों के वैज्ञानिक उत्पादन और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के समग्र प्रबन्धन की आवश्यकता है। राज्यपाल ने कहा कि ‘‘कैम्पस प्लेसमेंट में महिलाओं को अवसरों की समानता सुनिश्चित करना पहला कदम है। इसके उपरांत कम्पनी में उन्हें आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त हो, उन्हें डिसीजन मेकिंग प्रणाली में बराबरी का हक मिले यह भी सुनिश्चित किया जाना जरूरी है। स्त्री और पुरूष कार्मिकों में भेद नहीं होना चाहिए। 


आई.आई.एम काशीपुर द्वारा विद्यार्थियों में सामाजिक संवेदनशीलता को विकसित करने के प्रयासों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए राज्यपाल ने कहा कि संस्थान द्वारा ग्रामीण विकास कार्यक्रमों में प्रतिभाग किया जा रहा है। मैनेजमेण्ट विद्यार्थियों को स्थानीय समस्याओं के इनोवेटिव समाधान पर कार्य करना चाहिए। विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि संस्थान प्रयास करें कि आवश्यकता की बिजली और पानी का बड़ा भाग सोलर पावर और रेनवाटर प्लांट से पूरा हो जाए।


राज्यपाल मौर्य ने कहा कि एक खुशहाल, समृद्ध भारत के निर्माण का लक्ष्य ही विद्यार्थियों का लक्ष्य होना चाहिए। देश को न केवल स्मार्ट और क्षमतावान प्रबन्धकों की जरूरत है, बल्कि ऐसे नेतृत्व की भी आवश्यकता है जो राष्ट्र की प्रगति के संवाहक बन सके। उन्हांने पोस्ट ग्रेजुवेट प्रोग्राम के टापर हर्षवर्धन झा को गोल्ड मेडल, काशी वेंकटेश को सिल्वर मेडल, रोहन सेन गुप्ता और मुर्शीद आलम को ब्रांज मेडल देकर सम्मानित किया। ईपीजी के टापर दिनेश भारद्वाज को गोल्ड व प्रदीप चोपडा को सिल्वर मेडल देकर सम्मानित किया। इस अवसर आईआईएम के निदेशक डा0 केएन बधानी द्वारा संस्थान मे किये जा रहे कार्यो व संस्थान की गतिविधियो पर विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई।


कॉफी बोर्ड ने ब्लॉकचेन आधारित कॉफी ई-मार्किटप्लेस का आरंभ किया...

संवाददाता : नई दिल्ली 



वाणिज्य सचिव डॉ. अनूप वधावन नई दिल्ली में कॉफी ई-मार्किटप्लेस का आरंभ करते हुए


वाणिज्य सचिव डॉ. अनूप वधावन ने आज नई दिल्ली में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ब्लॉकचेन आधारित कॉफी ई-मार्किटप्लेस का आरंभ किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि इस प्रायोगिक परियोजना से किसानों को बाजारों के साथ पारदर्शी ढंग से जोड़ने में मदद मिलेगी और कॉफी उत्पादकों को उचित मूल्य की प्राप्ति होगी। डॉ. वधावन ने कहा कि ब्लॉकचेन से कॉफी उत्पादकों और खरीदारों के बीच की परतें कम होंगी और किसानों को अपनी आमदनी दोगुनी करने में मदद मिलेगी।


यह परियोजना केन्या के नेरोबी से अंतर्राष्ट्रीय कॉफी संगठन (आईसीओ) के कार्यकारी निदेशक श्री होजे दोतेरसेत्ते, द्वारा भी समानान्तर रूप से आरंभ की गई। इस अवसर पर केन्या में भारत के उच्चायुक्त राहुल छाबरा भी उपस्थित थे।


भारत दुनिया का एक मात्र ऐसा देश है जहां कॉफी छाया में उगाई जाती है, उसे हाथ से तोड़ा जाता है और धूप में सुखाया जाता है। यहां उगायी जाने वाली कॉफी दुनिया की सबसे बेहतरीन कॉफी में शुमार है। कॉफी छोटे उत्पादकों, दुनिया के जैवविविधता दो प्रमुख वाले क्षेत्रों - पश्चिमी और पूर्वी घाटों में राष्ट्रीय उद्यानों और वन्य जीव अभ्यारणयों से सटे इलाकों के जनजातीय किसानों द्वारा उगायी जाती है। विश्व बाजार में भारतीय कॉफी की बहुत मांग है और यह प्रीमियम कॉफी के रूप में बेची जाती है। लेकिन बदले में किसानों को बहुत कम आमदनी होती है। 


भारतीय कॉफी की ट्रेडिंग के लिए ब्लॉकचेन आधारित मार्किटप्लेस ऐप का उद्देश्य भारतीय कॉफी के व्यापार में पारदर्शिता लाना है। इस पहल से भारतीय कॉफी की ब्रैंड इमेज तैयार करने में मदद मिलेगी और खरीदारों तक सीधी पहुंच कायम होने से कॉफी उत्पादकों की बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी।


बहुराष्ट्रीय उद्यमों संबंधी देश दर देश रिपोर्टों के आदान-प्रदान के लिए भारत और अमेरिका के बीच अंतर सरकारी समझौते पर हस्ताक्षर किए...

संवाददाता : नई दिल्ली 



                    भारत और अमेरिका ने देश-दर-देश (सीबीसी) रिपोर्टों के आदान-प्रदान के लिए आज 27 मार्च, 2019 को नई दिल्ली में एक अंतर-सरकारी समझौते पर हस्ताक्षर किए। दोनों देशों की ओर से इस समझौते पर केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के अध्यक्ष श्री पी.सी. मोदी और भारत में अमेरिका के राजदूत केनेथ आई. जस्टर ने हस्ताक्षर किए। सीबीसी रिपोर्टों के आदान-प्रदान के लिए हुए समझौते के साथ-साथ दोनों देशों के सक्षम प्राधिकरणों के बीच हुई द्विपक्षीय सक्षम प्राधिकरण व्यवस्था की बदौलत भारत और अमेरिका अपने-अपने क्षेत्राधिकारों में बहुराष्ट्रीय उद्यमों (एमएनई) के परम या मुख्य जनक निकायों द्वारा दाखिल की गई उन सीबीसी रिपोर्टों का स्वतः आदान-प्रदान करने में सक्षम हो जाएंगे, जिनका वास्ता 01 जनवरी, 2016 को अथवा उसके बाद शुरू हुए वर्षों से होगा। यही नहीं, इससे अमेरिका के एमएनई की भारत स्थित सहयोगी कंपनियों द्वारा स्थानीय स्तर पर सीबीसी रिपोर्टों को दाखिल करने की जरूरत भी समाप्त हो जाएगी, जिससे अनुपालन बोझ कम हो जाएगा।


भारत सीबीसी रिपोर्टों के आदान-प्रदान के लिए बहुपक्षीय सक्षम प्राधिकरण समझौते (एमसीएए) पर पहले ही हस्ताक्षर कर चुका है, जिससे 62 क्षेत्राधिकारों के साथ सीबीसी रिपोर्टों का आदान-प्रदान करना संभव हो गया है।


किसी एमएनई समूह के मुख्य जनक निकाय द्वारा अपने से संबंधित क्षेत्राधिकार के निर्दिष्ट प्राधिकरण में सीबीसी रिपोर्टों को दाखिल करना और संबंधित क्षेत्राधिकार के सक्षम प्राधिकरण द्वारा अन्य क्षेत्राधिकारों (जिनमें समूह के एक या उससे अधिक घटक निकाय हैं) के सक्षम प्राधिकरणों के साथ सीबीसी रिपोर्टों का आदान-प्रदान करना दरअसल भारत की सक्रिय सहभागिता वाली ओईसीडी/जी20 बीईपीएस परियोजना की एक्शन 13 रिपोर्ट के तहत आवश्यक न्यूनतम मानक हैं।


सीबीसी रिपोर्ट में किसी भी एमएनई समूह की आय के वैश्विक आवंटन, अदा किए गए करों और कुछ अन्य संकेतकों से संबंधित देश-दर-देश सूचनाओं का संकलन किया गया है। इसमें किसी विशेष क्षेत्राधिकार में कार्यरत एमएनई समूह के सभी घटक निकायों की सूची है और इसके साथ ही इस तरह के प्रत्येक घटक निकाय के मुख्य कारोबार के स्वरूप का भी उल्लेख किया गया है। किसी एक वर्ष में 750 मिलियन यूरो (अथवा कोई समतुल्य स्थानीय मुद्रा) अथवा उससे अधिक का वैश्विक समेकित राजस्व अर्जित करने वाले एमएनई समूहों के लिए अपने जनक निकाय के क्षेत्राधिकार में सीबीसी रिपोर्टों को दाखिल करना आवश्यक है। भारतीय मुद्रा रुपये में 750 मिलियन यूरो की समतुल्य राशि को भारतीय नियमों के तहत 5500 करोड़ रुपये के रूप में निर्दिष्ट किया गया है। इस सूचना की बदौलत दोनों ही कर प्रशासनों द्वारा टैक्स संबंधी जोखिम का बेहतर आकलन करना संभव हो पाएगा।


जनता के बीच जाकर भाजपा की जुमलेबाजी का जवाब दें : प्रियंका गांधी

संवाददाता : लख़नऊ उत्तर प्रदेश 



        कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार को कहा कि केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनने पर उनकी पार्टी गरीब परिवारों को हर साल 72000 रुपये देने का वादा पूरा करके दिखाएगी। प्रियंका ने पार्टी कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे जनता के बीच जाकर भाजपा की जुमलेबाजी  का जवाब दें और लोगों को भाजपा सरकार की नाकामियां बतायें। अमेठी के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचीं प्रियंका ने  हमारा बूथ हमारा गौरव  अभियान के तहत कांग्रेस के बूथ अध्यक्षों के साथ बैठक की । उन्होंने कहा,  हम गांवों में जाएं और भाजपा की जुमलेबाजी का जवाब दें।


लोगों को सच्चाई बताएं। सरकार की नाकामियां बतायें। जब तक हम लोग इन बातों को लेकर जनता के बीच नहीं जाएंगे तब तक लोगों को सच्चाई का पता नहीं लगेगा।मुसाफिरखाना के एएच इंटर कालेज में प्रियंका ने 1956 बूथ अध्यक्षों के साथ संवाद किया।प्रियंका ये बैठकें विधानसभा क्षेत्रवार कर रही हैं। अमेठी विधानसभा के बूथ अध्यक्षों से बात करते हुए प्रियंका ने यह जानने की कोशिश की कि हम कैसे बूथ तक पहुंच बना सकते हैं। कांग्रेस वहां कैसे मजबूत होगी।प्रियंका ने कहा कि देश में सब कुछ कांग्रेस ने किया है।


उन्होंने कहा, ‘दियासलाई से लेकर मिसाइल तक बना कर देने का काम कांग्रेस ने किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तो केवल विश्व का भ्रमण कर रहे हैं देश का किसान परेशान है। ना तो उसे खाद मिल रही है और ना ही उत्पाद का सही दाम। कांग्रेस महासचिव ने कहा कि 2014 में मोदी ने सबके बैंक खाते में 15 लाख रुपए भेजने का वादा किया था लेकिन आज तक किसी के खाते में पैसा नहीं गया।


गुजरात के समुद्र तट पर 100 किलोग्राम हेरोइन के साथ 9 ईरानी पकडे गये...

संवाददाता : नई दिल्ली 



            भारतीय तट रक्षक (आईसीजी) और गुजरात के आतंकवादी रोधी दस्‍ते के समु्द्री कार्य बल (एमटीएफ) ने एक संयुक्‍त कार्यवाई में 26 मार्च, 2019 को गुजरात के समुद्र तट से 100 किलोग्राम नशीले पदार्थों के साथ 9 ईरानी नागरिकों को पकड़ लिया गया।


आतंकवादी रोधी दस्‍ते को 24 मार्च, 2019 को जानकारी मिली थी कि तस्‍करी के जरिए ईरान से एक नौका में गैर-कानूनी तरीके से एक नशीला पदार्थ, हेरोइन गुजरात लाया जा रहा है। यह भी जानकारी मिली थी कि इस खेप को पाकिस्‍तान में लादा गया और गुजरात के लिए रवाना किया गया। आतंकवादी रोधी दस्‍ते का एक दल भारतीय तटरक्षक जहाज पर चढ़कर मिशन पर निकल पड़ा जबकि एटीएस कर्मी लगातार संचार फ्रीक्‍वेंसी की निगरानी कर रहे थे।


24 घंटे से अधिक समय की विस्‍तृत तलाशी के बाद, आईसीजी जहाज ने संदेहास्‍पद नौका को गुजरात तट पर 26 मार्च, 2019 को रोक लिया। चुनौती मिलने पर संदेहास्‍पद नौका ने बचने की कोशिश की। यह एहसास होने पर कि आईसीजी द्वारा उन्‍हें हर हालत में पकड़ लिया जाएगा, नौका के चालक दल ने सबूतों को मिटाने के लिए उसमें आग लगा दी। आईसीजी और एटीएस दल के निर्भीक सदस्‍य नौका पर चढ़ गये और 100 किलोग्राम हेरोइन के साथ ईरानी चालक दल के 9 सदस्‍यों को पकड़ लिया।


भारतीय तट रक्षक जहाज ने इसके बाद नौका में लगी आग को बुझाने का प्रयास किया, नौका पर बड़ी मात्रा में ईंधन और कुछ गैस सिलेंडर होने के कारण आग अनियंत्रित हो गई और डूब गई। नौका के पकडे गये चालक दल के सदस्‍यों को नशीले पदार्थों की खेप के साथ भातीय तटरक्षक जहाज द्वारा पोरबंदर लाया गया और आगे कार्रवाई के लिए 27 मार्च, 2019 को समुद्री कार्यबल को सौंप दिया गया।


मंत्रिमंडल ने मादक पदार्थों, नशीले पदार्थों की अवैध तस्‍करी और आवाजाही से निपटने पर भारत और इंडोनेशिया के बीच समझौते...

संवाददाता : नई दिल्ली 



            प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मादक पदार्थों, नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी और आवाजाही से निपटने पर भारत और इंडोनेशिया के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर को अपनी मंजूरी दे दी है।


इस समझौते से मादक पदार्थों और नशीले पदार्थों के नियमन तथा मादक पदार्थों की तस्‍करी से निपटने के लिए परस्‍पर सहयोग में मदद मिलेगी। हस्‍ताक्षर की तिथि से यह प्रभावी होगा और 5 वर्ष की अवधि के लिए लागू रहेगा।


भारत ने 37 देशों के साथ ऐसी संधियों/सहमति पत्रों/समझौतों पर हस्‍ताक्षर किए हैं।


सहमति पत्र की मुख्‍य विशेषताएं निम्‍नानुसार हैं:-



  • इस समझौते से दोनों देशों के बीच संयुक्‍त राष्‍ट्र अंतर्राष्‍ट्रीय ड्रग नियंत्रण संधियों के अनुसार मादक पदार्थों और नशीले पदार्थों तथा मादक पदार्थों की तस्‍करी और इसकी आवाजाही से निपटने में सहयोग बढ़ेगा।

  • इस सहमति पत्र के तहत सहयोग में मादक पदार्थों, नशीले पदार्थों की अवैध तस्‍करी और इसकी आवाजाही से निपटने में दोनों देशों के राष्‍ट्रीय विधान के मौजूदा वैधानिक औजारों पर आधारित विवरण का आदान-प्रदान करना, मादक पदार्थों, नशीले पदार्थों की अवैध तस्‍करी और इसकी आवाजाही तथा अनिवार्य रसायनों, धनशोधन (मनी लॉंडरिंग) के काम में शामिल लोगों की पहचान करने की दृष्टि से नियंत्रित वितरण संचालन के इस्‍तेमाल में एक दूसरे को अनुमति देना और सहायता देना शामिल हैं।

  • सहमति पत्र के तहत, इस सहमति पत्र के अनुसार प्राप्‍त सूचना और दस्‍तावेजों की गोपनीयता कायम रखने का प्रावधान किया गया है।    


चेंहरा दिखेगा खिला खिला नारियल तेल में प्राकृतिक हीलिंग प्रापर्टीज...

संवाददाता : मुंबई महाराष्ट्र



        जरा सोचिए कि अगर आप सुबह उठकर ब्रश करें और आपको सिंक में ब्लड नजर आए तो यकीनन आपको घबराहट होती है। कई बार ओरल हेल्थ का ठीक तरह से ध्यान न रखने, विटामिन सी और के की कमी, हार्मोनल चेंजेस या फिर किसी तरह की मेडिकल कंडीशन होने पर मसूड़ों से खून आने लगता है। मसूड़ों से खून आने पर व्यक्ति परेशान होता है लेकिन अब आपको घबराने की जरूरत नहीं है। आज हम आपको इसके उपाय के लिए कुछ घरेलू उपचारों के बारे में बता रहे हैं−


एक चम्मच नारियल तेल लेकर उसे अपने मुंह में लें और करीबन दस से पंद्रह मिनट तक इससे मुंह में कुल्ला करें। आप इस उपाय को दिन में एक बार अपनाएं। चूंकि नारियल तेल में प्राकृतिक हीलिंग प्रापर्टीज हैं, जिसके कारण मसूड़ों से खून आने की समस्या से राहत मिलती है। इसके अतिरिक्त इसमें एंटी−इंफलेमेटरी और एंटी माइक्रोबायल प्रापर्टीज भी होती हैं, जो ओरल हेल्थ के लिए काफी लाभकारी होती है।

 

लौंग का तेल

एक टीस्पून नारियल तेल में दो बूंदे लौंग का तेल मिलाएं। अब इसे मसूड़ों पर लगाकर  दस मिनट के लिए छोड़ दें। उसके बाद आप मुंह साफ कर सकते हैं। दिन में दो बार इस उपाय को अपनाएं। लौंग के तेल मेंएंटी−इंफलेमेटरी व एंटीबैक्टीरियल प्रापर्टीज पाई जाती हैं। साथ ही लौंग का तेल एक प्राकृतिक एनाल्जेसिक है। जो मसूड़ों से खून बहने के उपचार में बेहद प्रभावी तरीके से काम करते हैं।

बुधवार, 27 मार्च 2019

कैबिनेट ने जैव चिकित्सा अनुसंधान करियर कार्यक्रम को पांच साल आगे और बढ़ाने को मंजूरी दी...

संवाददाता : नई दिल्ली 



               प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जैव चिकित्सा अनुसंधान करियर कार्यक्रम (बीआरसीपी) और वेलकम ट्रस्ट (डब्ल्यूटी)/डीबीटी इंडिया एलायंस को इसकी आरम्भिक 10 वर्षीय अवधि (2008-09 से 2018-19 तक) से आगे बढ़ाकर नये पंचवर्षीय चरण (2019-20 से 2023-24 तक) में भी जारी रखने को मंजूरी दे दी है। उधर, जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) ने अपनी प्रतिबद्धता डब्ल्यूटी की तुलना में दोगुनी बढ़ा दी है।इस निर्णय से कुल वित्तीय बोझ 1092 करोड़ रुपये का पड़ेगा जिसमें डीबीटी और डब्ल्यूटी क्रमशः 728 करोड़ एवं 364 करोड़ रुपये का योगदान करेंगे।


इस कार्यक्रम ने 1:1 साझेदारी में अपने 10 वर्षीय वित्त पोषण के दौरान भारत में अत्याधुनिक जैव चिकित्सा (बायोमेडिकल) अनुसंधान में उच्चतम वैश्विक मानकों वाली प्रतिभाओं के सृजन एवं शिक्षण से संबंधित अपने उद्देश्यों को पूरा कर लिया है, जिसके फलस्वरूप सामाजिक जरूरतों को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण वैज्ञानिक उपलब्धियां और अनुप्रयोग संभव हो पाए हैं।


बीआरसीपी से विदेश में काम कर रहे बेहतरीन भारतीय वैज्ञानिकों के लिए स्वदेश वापस आना आकर्षक बना दिया है। इसके साथ ही बीआरसीपी की बदौलत भारत में कई स्थानों पर ऐसे केन्द्रों की संख्या काफी बढ़ गई है, जहां विश्वस्तरीय जैव चिकित्सा अनुसंधान किए जाते हैं।


इस कार्यक्रम के विस्तार वाले चरण के दौरान इस क्षमता को बढ़ाने का क्रम जारी रखा जाएगा और इसके साथ ही भारत में स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण चुनौतियों से पार पाने के लिए नैदानिक अनुसंधान और कार्य को भी सुदृढ़ किया जाएगा। भारत सरकार की बढ़ी हुई हिस्सेदारी के साथ इस कार्यक्रम को जारी रखा जाना अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि तभी अपेक्षित परिणाम हासिल हो पाएंगे।