सोमवार, 30 सितंबर 2019

प्रधानमंत्री नई दिल्‍ली में ‘आरोग्‍य मंथन’ समारोह में शिरकत करेंगे...

संवाददाता: नई दिल्ली


      प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी कल यानी 1 अक्‍टूबर, 2019 को नई दिल्‍ली स्थित विज्ञान भवन में 'आरोग्‍य मंथन'के समापन समारोह की अध्‍यक्षता करेंगे। दो दिवसीय आरोग्‍य मंथन समारोह का आयोजन आयुष्‍मान भारत पीएम-जेएवाई का एक साल पूरा होने के अवसर पर किया जा रहा है। इसका आयोजन राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य प्राधिकरण द्वारा किया जा रहा है।


प्रधानमंत्री इस अवसर पर आयुष्‍मान भारत के नये मोबाइल एप को लॉन्‍च करेंगे। प्रधानमंत्री 'आयुष्‍मान भारत स्‍टार्ट-अप ग्रैंड चैलेंज' का भी शुभारंभ करेंगे और इसके साथ ही इस अवसर पर एक स्‍मारक सिक्‍का भी जारी करेंगे।



प्रधानमंत्री इस अवसर पर आयुष्‍मान भारत पीएम-जेएवाई के चुनिंदा लाभार्थियों से संवाद करेंगे। प्रधानमंत्री इसके साथ ही 'पीएम-जेएवाई' पर आयोजित प्रदर्शनी का मुआयना करेंगे, जिसमें पिछले एक वर्ष में इस योजना की यात्रा को दर्शाया जाएगा।


आरोग्‍य मंथन का उद्देश्‍य पीएम-जेएवाई के सभी महत्‍वपूर्ण हितधारकों को आपस में एकजुट होने के लिए एक प्‍लेटफॉर्म सुलभ कराना है, ताकि पिछले एक वर्ष में इस योजना के कार्यान्‍वयन में आई चुनौतियों पर विचार-विमर्श करने के साथ-साथ इसका बेहतर क्रियान्‍वयन सुनिश्चित करने के लिए नई समझ और मार्ग प्रशस्‍त किया जा सके। इस अवसर पर आरोग्‍य मंथन की महत्‍वपूर्ण सिफारिशों को भी पेश किया जाएगा।


प्रधानमंत्री ने 23 सितम्‍बर, 2018 को आयुष्‍मान भारत पीएम-जेएवाई का शुभारंभ किया था।


भारत को केवल 130 करोड़ भारतीयों की भागीदारी से ही एक महान देश बनाया जा सकता है : प्रधानमंत्री

प्रजा दत्त डबराल @ नई दिल्ली


      प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), मद्रास के 56वें दीक्षांत समारोह में हिस्सा लेने के लिए चेन्नई पहुंचे। उन्‍होंने चेन्नई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मीडिया को संबोधित किया।


इस अवसर पर उन्‍होंने कहा कि 2019 के आम चुनावों के बाद उनकी यह चेन्नई की पहली यात्रा है। मैं आईआईटी मद्रास की हीरक जयंती समारोह में भाग लेने आया हूं, लेकिन मेरे स्‍वागत के लिए आप लोग इतनी बड़ी संख्‍या में आए है, मैं आप सभी का दिल से आभार व्‍यक्‍त करता हूं।



अपनी हाल की अमरीकी यात्रा के दौरान मैंने वहां भारतीय समुदाय से तमिल में बात की और बताया कि तमिल दुनिया की सबसे पुरानी भाषा है। इस बात की अमेरिका की मीडिया में व्यापक चर्चा हुई।


उन्होंने कहा कि अमेरिका की अपनी यात्रा के दौरान मैंने यह महसूस किया कि दुनिया बड़ी उम्मीद के साथ भारत की ओर देख रही है और यह अपेक्षा दिन पर दिन बढ़ती ही चली जा रही है। अब यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम न केवल देश को एक महान राष्ट्र बनाएं, बल्कि यह भी देखें कि हम विश्व समुदाय की अपेक्षाओं पर खरे उतरें।


मोदी ने कहा कि यह कार्य केवल केन्‍द्र सरकार द्वारा ही नहीं, बल्कि 130 करोड़ भारतीयों के माध्यम से ही हो सकता है। ऐसा देश के हर नुक्कड़ पर, देश के हर कोने में प्रत्‍येक भारतीय, चाहे वह अमीर हो या गरीब हो, ग्रामीण हो या शहरी, युवा हो या बूढ़ा हो सभी के प्रयास से ही हो सकता है।


उन्होंने कहा कि हमने अनेक सफलताएं जन भागीदारी के माध्‍यम से अर्जित की हैं और उसी प्रकार हमें सिंगल यूज प्लास्टिक से देश को छुटकारा दिलाना चाहिए। कुछ लोग इसकी गलत व्याख्या कर रहे हैं कि मैं चाहता हूं कि भारत प्लास्टिक से मुक्त हो जाए, मैंने ऐसा नहीं कहा, मैंने केवल यह कहा, 'मैं चाहता हूं कि देश को सिंगल यूज प्लास्टिक से छुटकारा मिलना चाहिए।' ऐसी प्लास्टिक का उपयोग केवल एक बार किया जा सकता है, लेकिन यह बाद में बहुत सारी समस्याएं पैदा करता है।


2 अक्टूबर को, महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर हम पदयात्राएं करेंगे और इन पदयात्राओं के माध्यम से गांधी के आदर्शों का प्रचार करेंगे। उन्होंने कहा, "मेरे स्वागत के लिए इतनी बड़ी संख्या में आने के लिए मैं एक बार फिर आपको धन्यवाद देता हूं"।


प्रधानमंत्री आईआईटी-मद्रास रिसर्च पार्क में सिंगापुर इंडिया हैकाथॉन 2019 को भी संबोधित करेंगे और वहां पैविलियन में स्टार्टअप्स का अवलोकन करेंगे। वे संस्थान के छात्र गतिविधि केंद्र में दीक्षांत समारोह को भी संबोधित करेंगे।


सभी विश्वविद्यालय होंगे डिजिटल,अनिवार्य होगी नैक ग्रेडिंग : राज्यपाल

संवाददाता: भोपाल मध्यप्रदेश


      राज्यपाल लालजी टंडन ने आज राजभवन में विश्वविद्यालयों की 97वीं राज्य स्तरीय समन्वय समिति की बैठक ली। टंडन ने कहा कि प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नई व्यवस्था का प्रारंभ हो रहा है। इसमें जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक पालन करने वाले पुरस्कृत होंगे और जिम्मेदारियों की उपेक्षा करने वाले दण्ड के भागी होंगे। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में राज्यपाल से लेकर द्वारपाल तक सभी पदों की जिम्मेदारी निर्धारित है। जिम्मेदारी का पालन नहीं करना असफलता है। राज्यपाल ने साफ शब्दों में कहा कि हर स्तर पर जवाबदारी के साथ कार्य की मॉनीटरिंग होगी। परिणाम नहीं देने वालों को सहन नहीं किया जायेगा।



सभी विश्वविद्यालय होंगे डिजिटल


राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों में इंटीग्रेटेड मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जा रहा है। शीघ्र ही सभी विश्वविद्यालय और महाविद्यालय डिजिटल हो जायेंगे। जानकारी दी गई कि आगामी 6 माह में प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय और महाविद्यालय में यह व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।


नैक ग्रेडिंग अनिवार्य


राज्यपाल ने कहा कि बदलती परिस्थितियों में केवल उन्हीं शिक्षा संस्थानों का भविष्य है, जो नैक ग्रेडिंग प्राप्त होंगे। उन्होंने सचेत किया कि अनिवार्य रूप से शिक्षा संस्थान नैक ग्रेडिंग प्राप्त करें। अभी इस कार्य में उन्हें नैक का सहयोग भी दिलाया जा सकेगा। बाद में यह और अधिक कठिन हो जायेगा। भविष्य में नैक ग्रेडिंग के बिना उच्च शिक्षण संस्थान का संचालन संभव नहीं होगा।


न्यूनतम मूलभूत सुविधाओं का सर्वेक्षण करें विश्वविद्यालय


राज्यपाल ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शैक्षणिक पर्यावरण आवश्यक है। पुस्तकालय, प्रयोगशाला, शैक्षणिक कैलेण्डर, हराभरा परिसर, शौचालय और स्वच्छता आदि मूलभूत व्यवस्थाएँ संस्थान में होना आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिये कि सभी विश्वविद्यालय सर्वेक्षण कराकर मूलभूत सुविधाओं की पूर्ति करें।


राजभवन से होगी मानीटरिंग


लालजी टंडन ने बैठक के निर्णयों के समयबद्ध पालन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कुलपति हर स्तर पर जवाबदारी के साथ कार्य व्यवस्था का निर्माण करें। परिणाम नहीं मिलने पर उत्तरदायी के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जायेगी। राजभवन द्वारा इसकी गहन मानीटरिंग भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि परिणाम पहले दिन से ही दिखना चाहिये।


निजी और शासकीय विश्वविद्यालयों को समान रूप से करना होगा नई शिक्षा नीति का पालन


राज्यपाल ने कहा कि शासकीय और निजी विश्वविद्यालयों को नई शिक्षा नीति का पालन अनिवार्यत: समान रूप से करना होगा। नीति निर्धारण वैश्विक परिवर्तन और राष्ट्र की अपेक्षाओं के अनुरूप चिंतन के आधार पर किया जा रहा है। 


रोड मेप बनाने के निर्देश


राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों को बदलते परिवेश के अनुसार क्या करना है, इसका नक्शा तैयार करें। जो परिवर्तन किये जाने हैं, उसका रोड मेप बनाया जाये। व्यवस्थागत परिवर्तनों के साथ ही अनुशासन, नैतिकता, शिक्षा का स्तर और परिसर पर्यावरण के लिये आवश्यक कार्य चिन्हित कर उसका क्रियान्वयन करें।


जीने की कला सिखाना विश्वविद्यालय का दायित्व


राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय भविष्य के नागरिक तैयार करते हैं। इसलिए यह आवश्यक है कि विद्यार्थियों को सामाजिक दायित्वों और समस्याओं का सफलतापूर्वक सामना करने के लिए परिसर में ही तैयार कर दिया जाये। स्वच्छता, जल संरक्षण, ऊर्जा संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण आदि के संस्कार छात्र-छात्रों के व्यवहार में शामिल हों, ऐसी व्यवस्थाएँ की जायें। उन्होंने कहा कि ग्राम विकास की अनेक योजनायें संचालित हैं। इनके अन्तर्गत विश्वविद्यालय गांव को गोद लें। शिक्षक गांव में काम करने के लिए छात्र-छात्राओं को प्रेरित करें।


गांधी के नाम पर पीठ


राज्यपाल ने कहा कि उच्च शिक्षा में शोध और अनुसंधान की व्यवस्था आवश्यक है। उन्होंने गांधी जी के नाम पर शोध पीठ की स्थापना करने की जरूरत बतायी।


निर्णयों की उपेक्षा कुलाधिपति की अवमानना


लालजी टंडन ने कहा कि बैठक में कुलपतियों की सहभागिता से निर्णय हुए हैं। उन्हें क्रियान्वित करने का समयबद्ध कार्यक्रम बनाया गया है। इसमें विलंब को गंभीरता से लिया जायेगा। पालन में लापरवाही को कुलाधिपति की अवमानना का दोषी मानकर दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी।


उत्कृष्ट कार्यों के लिए चांसलर मेडल


राज्यपाल ने कहा कि राजभवन द्वारा अच्छा कार्य करने वालों को प्रोत्साहित और प्रेरित किया जायेगा। उन्होंने बताया कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले छात्र, कर्मचारी, शिक्षक, कुलपति को चांसलर मेडल से सम्मानित किया जायेगा।


भ्रष्टाचार अक्षम्य अपराध


राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा के मंदिर में भ्रष्टाचार अक्षम्य अपराध है। गोपनीयता आदि किसी भी नाम पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं होगा। भ्रष्टाचारियों के विरूद्ध कठोर दण्डात्मक कार्यवाही होगी।


परीक्षा कार्य में उदासीनता वाले होंगे ब्लैक लिस्ट


राज्यपाल ने कहा कि परीक्षा कार्य विश्वविद्यालय की मौलिक जिम्मेदारी है। परीक्षा कार्य विश्वविद्यालय के प्रत्येक कर्मचारी और प्राध्यापक का दायित्व है। उन्होंने कहा कि इस कार्य में असहयोग करने वालों को ब्लैक लिस्ट कर कुलपति द्वारा कार्रवाई की जाये।


लंबित परीक्षा परिणाम 15 दिन में घोषित होंगे


राज्यपाल श्री टंडन ने विश्वविद्यालयों में परीक्षा परिणामों के लम्बित होने पर नाराजगी व्यक्त की। बैठक में बताया गया कि सभी विश्वविद्यालय आगामी 15 दिन में लंबित परीक्षा परिणाम अनिवार्यत: घोषित कर देंगे।


पेंशन की असमानताओं को दूर किया जाये


राज्यपाल ने कहा कि सेवानिवृत्ति के 6 माह पूर्व कर्मचारी की पेंशन संबंधी कार्यवाही प्रारंभ कर उसे सेवानिवृत्ति के साथ ही समस्त स्वत्वों का भुगतान किया जाये। उन्होंने पेंशन संबंधी असमानताओं को भी दूर करने के निर्देश दिये।


नये सत्र में होगा नया पाठ्यक्रम


राज्यपाल ने कहा कि डिग्रीधारी विश्वविद्यालय के बाहर रोजगार के लिए भटके नहीं, इसके लिए उन्हें हुनरमंद बनाना आवश्यक है। रोजगार मूलक व्यवस्थाएँ पाठ्यक्रमों में शामिल करने के लिए आवश्यक संशोधन किये जाने चाहिये। पाठ्यक्रम संशोधन का कार्य वर्तमान सत्र में पूर्ण कर लिया जाये। नये सत्र में प्रवेश, नये पाठ्यक्रम के अनुसार हो।


वित्तीय अनुशासन अनिवार्य


राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय अपनी आवश्यकताओं के लिए धन का संग्रहण करें। धन का संचयन करना उचित नहीं है। उन्होंने विश्वविद्यालयों को नियमित ऑडिट कराने के निर्देश दिये। बैठक में बताया गया है कि विश्वविद्यालयों की ऑडिट कंडिका का निराकरण कराने के लिए उच्च शिक्षा विभाग के अन्तर्गत शिविर लगाकर कार्यवाही की जा रही है।


रिक्त पदों की पूर्ति की पारदर्शी व्यवस्था


राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों द्वारा रिक्त पदों की पूर्ति का कार्य पारदर्शिता के साथ किया जाये। पद के लिए उपयुक्त व्यक्ति का चयन हो। उन्होंने चयन समिति में नैक और यू.जी.सी. के प्रतिनिधियों को शामिल किये जाने की आवश्यकता बतायी। उन्होंने कहा कि पूर्व से कार्यरत व्यक्ति को ग्रेस अंक दिया जा सकता है लेकिन अनुपयुक्त व्यक्ति की नियुक्ति नहीं हो, यह सुनिश्चित किया जाये।


जल और ऊर्जा संरक्षण के मॉडल बनें विश्वविद्यालय


उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अपनी ऊर्जा की आवश्यकताओं की पूर्ति स्वयं ऊर्जा उत्पादन से करें। जल आवश्यकताओं की भी पूर्ति स्वयं करें। विश्वविद्यालय का कचरा भी विश्वविद्यालय में निष्पादित हो, ऐसी व्यवस्था की जानी चाहिये।


शैक्षणिक कैलेण्डर से चलेगा आगामी सत्र


राज्यपाल श्री टंडन ने कहा कि शैक्षणिक कैलेण्डर का पालन नहीं होना विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। इसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने प्रवेश परीक्षा और परिणाम के कार्य तय समय-सीमा में सम्पन्न करने और ऑनलाइन प्रमाण-पत्र तथा अंकसूची वितरण की व्यवस्था किये जाने पर बल दिया। राज्यपाल ने इसके लिए उच्च शिक्षा आयुक्त की अध्यक्षता में समिति गठित कर आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिये।


जयपुर विकास प्राधिकरण,जयपुर ट्रैफिक कन्ट्रोल बोर्ड की बैठक कमेटी द्वारा दिये गये सुझावों को एक सप्ताह में लागू किया जायेगा...

संवाददाता : जयपुर राजस्थान


       जयपुर विकास आयुक्त टी.रविकांत ने शहर के मुख्य चौराहों पर दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए निर्देश दिये की गठित कमेटी द्वारा सुझावों को जेडीए द्वारा एक्शन प्लान बनाकर एक सप्ताह में लागू करें।

 

जेडीसी सोमवार को जेडीए के चिन्तन सभागार में ट्रैफिक कन्ट्रोल बोर्ड की आयोजित बैठक में मुख्य चौराहों पर यातायात नियंत्रण के लिए अब तक किये गये सुधारोें के लिए कायोर्ं की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने यातायात पुलिस द्वारा सड़क पर जरूरत से ज्यादा वाहन पार्क करवाने वाले चिन्हित मॉल्स, व्यावसायिक एवं आवासीय भवनों के विरूद्ध कार्यवाही करने के लिए प्रवर्तन शाखा को निर्देश दिये।

 


 

उन्होंने जेडीए व नगर निगम के अधिकारियों को फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने, विभिन्न घुमावों पर यातायात सुगम बनाने एवं मुख्य स्थलों पर खुले नालाें को ढकने के साथ कचरा पात्र रखने के निर्देश दिये।

 

उन्होंने फुटपाथों पर छोटे-मोटे पेड़ों की टहनियों को हटाने, पाकोर्ं की लाईटों की नियमित मॉनिटरिंग करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये। बैठक में पुलिस उपायुक्त यातायात राहुल प्रकाश ने कहा कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सभी को मिलकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मुख्य चौराहों पर जरूरी सुधार शीघ्र किये जाये।

 

बैठक में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने बताया कि शहर में 26 हजार ऑटो रिक्शा संचालित हैं। यात्रियों की आवश्यकता को देखते हुए ऑटो रिक्शों की संख्या बढ़ाने तथा संचालित 11 हजार 500 ई-रिक्शा परमिट जारी करने व जोनवार कलर कोडिंग करने का काम किया जा रहा है।

 

जेडीसी ने जेडीए के दोनों निदेशक अभियांत्रिकों को निर्देश दिये कि वर्षा के दौरान टूटी सड़कों को 15 दिन में चिन्हित कर ठीक करावें।  

 

बैठक में निदेशक अभियांत्रिकी एन.सी.माथुर, एवं वी.एस.सुण्डा, उप नियंत्रक प्रवर्तन रघुवीर सैनी, अतिरिक्त निदेशक मकसूद अहमद, नगर निगम, परिवहन विभाग, यातायात पुलिस के संबंधित अधिकारीग उपस्थित थे।

दिल्‍ली-मेरठ एक्‍सप्रेसवे छह महीने के भीतर तैयार हो जाएगा : नितिन गडकरी

संवाददाता: नई दिल्ली


      केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने उत्तर प्रदेश के पिलखुआ में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (पैकेज -3) के डासना-हापुड़ खंड का आज उद्घाटन किया। इस अवसर पर सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री (सेवानिवृत्त) वी के सिंह, उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री  केशव चंद्र मौर्य, लोकसभा सदस्य श्री राजेंद्र अग्रवाल, राज्यसभा सदस्य श्री अनिल अग्रवाल और कई विधायक उपस्थित थे।


इस अवसर पर गडकरी ने कहा कि दिल्ली-मेरठ राजमार्ग क्षेत्र में समृद्धि लाएगा  और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से भीड़-भाड़ कम करने में मदद करेगा। इसके बन जाने से यात्रा समय में 1 घंटे से अधिक की कमी आएगी और प्रदूषण स्तर में महत्वपूर्ण कमी लाएगा। उन्होंने कहा कि राजमार्ग और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का सीधा संबंध किसी क्षेत्र के विकास से है।



गडकरी ने घोषणा की कि इस सड़क (पैकेज 2) का गाजीपुर-डासना खंड को अगले तीन महीनों में पूरा कर लिया जाएगा और पूरा दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे छह महीने के भीतर तैयार हो जाएगा।


जनरल (सेवानिवृत्त) वी के सिंह ने इतने कम समय में एक मजबूत, चौड़ी और बहुत उपयोगी सड़क को पूरा करने में इंजीनियरों और निर्माण में लगे श्रमिकों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा, सरकार ने एनसीआर के लिए एक महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा विकास योजना शुरू की है, जो पूरे क्षेत्र के विकास परिदृश्य को बदल देगी।


केशव चन्द्र मौर्य ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार राजमार्ग क्षेत्र के समक्ष मौजूद समस्याओं का समाधान निकालने को प्राथमिकता देगी, क्योंकि ये गांवों और उपनगरों में लोगों के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण हैं।


82 किलोमीटर लंबा दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दिल्ली को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मेरठ से जोड़ता है। परियोजना पर 8,346 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है। गाजियाबाद में डासना से हापुड़ तक तीसरा पैकेज 22 किलोमीटर से अधिक लंबा है। इसकी लागत 1058 करोड़ रुपये है। इस 6-लेन के खंड में दोनों तरफ 2 + 2 लेन की सर्विस रोड हैं, और पिलखुआ में 4.68 किलोमीटर लंबा 6-लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर है। इसमें सात नए पुल, हापुड़ बाईपास पर एक फ्लाईओवर, 11 वाहन अंडरपास, दो पैदल अंडरपास, दो फुट ओवरब्रिज, छह प्रमुख जंक्शन और 105 छोटे जंक्शन हैं।


पिलखुआ में 4.68 किलोमीटर लंबे 6-लेन के एलिवेटेड कॉरिडोर को निर्माण प्रौद्योगिकी में नवाचार के लिए स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया है और इसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की उत्कृष्ट ठोस संरचना के रूप में भी पुरस्कृत किया गया है।


दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे परियोजना चार पैकेजों में कार्यान्वित की जा रही है - (i) दिल्ली में सराय काले खां से गाजीपुर सीमा तक 8.72 किलोमीटर लंबा 6-लेन का एक्सप्रेसवे / 8-लेन एनएच 24, पहले ही जून 2018 में पूरा हो चुका है, (ii) 19.28 किमी लंबा 6-लेन का एक्सप्रेसवे / 8-लेन एनएच 24, उत्तर प्रदेश में गाजीपुर बॉर्डर से डासना तक, (iii) 22.23 किमी लंबा 6-लेन एनएच 24, 2 + 2 लेन सर्विस सड़कों के साथ उत्तर प्रदेश के डासना से हापुड़ तक और (iv) हापुड़ से मेरठ तक 31.78 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड 6-लेन एक्सप्रेस-वे।


नितिन गडकरी ने दिल्ली-गाजियाबाद सीमा पर राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण में प्लास्टिक कचरे के उपयोग का भी शुभारंभ किया। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय राजमार्ग निर्माण में प्लास्टिक कचरे के उपयोग को प्रोत्साहित कर रहा है, विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों के 50 किलोमीटर की परिधि में राष्ट्रीय राजमार्गों पर जिनकी आबादी 5 लाख या उससे अधिक है। धौला कुआँ के पास हाल ही में NH-48 पर बेकार प्लास्टिक का उपयोग करके सड़क का एक हिस्सा बनाया गया है। दिल्ली - मेरठ एक्सप्रेसवे और गुरुग्राम- सोहना रोड पर प्लास्टिक कचरे का उपयोग करके निर्माण की योजना बनाई गई है।


प्लास्टिक कचरे का उपयोग पहले ही तमिलनाडु और केरल राज्यों में प्रमुखता के आधार पर किया जा चुका है। 4 लेन के राजमार्ग के 1 किलोमीटर के निर्माण में लगभग 7 टन प्लास्टिक कचरे का निपटान करने में मदद मिल सकती है।


भारत में प्रयोगशाला के साथ-साथ क्षेत्र में किए गए अध्ययन से सड़क निर्माण के लिए बिटुमिनस मिश्रण में प्लास्टिक कचरे के इस्तेमाल के अनेक लाभों की पहचान की गई है; इसमें उच्च प्रतिरोध क्षमता है अधिक समय तक टिकाऊ है और स्थायित्व में सुधार लाता है। यह मिश्रण में बिटुमन की खपत कम कर देता है। बेकार प्लास्टिक को जोड़ने से प्लास्टिक के कूड़े के ढेर पर अंकुश लगाने में काफी मदद मिलेगी, इसके अलावा आने वाले वर्षों में प्लास्टिक कचरे के निपटान में मदद मिलेगी।


मंत्री डॉ. चौधरी द्वारा स्व. माधवराव सिंधिया को भावभीनी श्रद्धांजलि...

संवाददाता: भोपाल मध्यप्रदेश


      स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने आज स्व. माधवराव सिंधिया की पुण्य-तिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। डॉ. चौधरी ने कहा कि मानव संसाधन मंत्री रहते हुए उन्होंने महिलाओं एवं युवाओं के लिये रोजगार के अवसरों में वृद्धि कर उन्हें सशक्त बनाया।



सिंधिया जी के रेल मंत्रित्व कार्यकाल में ही शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन प्रारंभ की गई। डॉ. चौधरी ने कहा कि स्व. सिंधिया का हर कदम और नीति हमेशा देश हित में रही।


जलवायु परिवर्तन पर नई दिल्ली में एक सप्ताह की आईपीसीसी बैठक शुरू...

संवाददाता: नई दिल्ली


      भारत 30 सितंबर से 4 अक्टूबर, 2019 तक नई दिल्ली में जलवायु परिवर्तन (आईपीसीसी) कार्य समूह III कीछठी मूल्यांकन रिपोर्ट पर अंतर सरकारी पैनल के प्रमुख लेखकों की दूसरी बैठक की मेजबानी कर रहा है।


पत्रकारों को इसकी जानकारी देते हुए, पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालयों में  सचिव, सी.के. मिश्र ने जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों और व्यवहार्य समाधानों की चर्चा की। उन्होंने कहा कि आईपीसीसी के लेखक और वैज्ञानिक जलवायु परिवर्तन से राहत दिलाने के बारे में सबसे अधिक प्रासंगिक और आधुनिक अनुसंधान करने की दिशा में काम कर रहे हैं। सी. के. मिश्रा ने कहा कि "नवोन्मेष और प्रौद्योगिकी पर वैश्विक गठबंधन भविष्य मं जरूरी है"।  



नई दिल्ली में एक सप्ताह तक चलने वाली इस बैठक में 200 से अधिक विशेषज्ञ / लेखकों के शामिल होने की उम्मीद है। इनमें भारत के 12 विशेषज्ञ / लेखक और अन्य लगभग 65 देशों से हैं।


कार्य समूह III के सह अध्यक्ष श्री जिम स्केया ने छठी मूल्यांकन रिपोर्ट की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा "पिछले कार्य समूह III के आकलन की रचना पर, यह रिपोर्ट इस बात पर जोर देगी कि जलवायु परिवर्तन को कम करने के लिए निकट भविष्य में क्या किया जा सकता है, और इस प्रकार नीतिगत, संस्थागत निर्माण और निधियन के जरिए इस कैसे कम किया जा सकता है"।


छठी मूल्यांकन रिपोर्ट (एआर-6) उपभोग और आचरण तथा ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के बीच की कड़ी और नवोन्मेष और प्रौद्योगिकी की भूमिका जैसे विषयों की जांच करेगी। रिपोर्ट मध्यम-अवधि के कार्यों के बीच संबंध और पेरिस समझौते में दीर्घकालिक तापमान लक्ष्य के साथ उनकी संगतता का आकलन करेगी। यह ऊर्जा, कृषि, वानिकी और भूमि उपयोग, भवन, परिवहन और उद्योग जैसे क्षेत्रों में शमन विकल्पों का आकलन करेगी।


पहले आदेश का मसौदा 13 जनवरी से 8 मार्च, 2020 तक विशेषज्ञ समीक्षा के लिए उपलब्ध होगा। आदेश का दूसरा मसौदा सरकार और विशेषज्ञों की समीक्षा के लिए 13 जुलाई से 13 सितंबर 2020 तक खुला रहेगा, साथ ही नीति निर्माताओं के लिए संक्षिप्त विवरण का पहला मसौदा उपलब्ध होगा। आईपीसीसी पैनल 12 से 16 जुलाई 2021 को एक पूर्ण सत्र में आईपीसीसी की छठी आकलन रिपोर्ट में कार्य समूह III के योगदान पर विचार करेगा।


आईपीसीसी के तीन कार्य समूहों में से प्रत्येक 2021 में छठी मूल्यांकन रिपोर्ट में अपना योगदान जारी करेगा। 2022 में एक संश्लेषण रिपोर्ट उन्हें तीन विशेष रिपोर्टों के साथ जोड़ेगी


आईपीसीसी के बारे में:


आईपीसीसी जलवायु परिवर्तन से संबंधित विज्ञान का आकलन करने के लिए संयुक्त राष्ट्र का संगठन है। इसकी स्थापना संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) और विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) द्वारा 1988 में की गई थी।


अधिक जानकारी के लिए www.ipcc.ch पर क्लिक करें।


आपकी सरकार-आपके द्वार शिविर में आवेदन का होगा निराकरण मंत्री जयवर्द्धन सिंह...

संवाददाता: भोपाल मध्यप्रदेश


      नगरीय विकास एवं आवास मंत्री जयवर्द्धन सिंह अपने प्रभार के आगर जिले की सुसनेर तहसील में 'आपकी सरकार आपके द्वार' शिविर में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का तुरन्त निराकरण करने के लिये ही 'आपकी सरकार आपके द्वार' शिविर के माध्यम से सरकार जनता के दरवाजे पर पहुँच रही है। सरकार की मंशा शासन, प्रशासन एवं जनता के बीच की दूरी को कम करना है। उन्होंने कहा कि किसान भाई किसी भी बात की चिन्ता न करें, सरकार हर समय उनके साथ खड़ी है। अति-वृष्टि से हुई फसल नुकसानी का सर्वे करवाकर सभी किसानों को पूरा मुआवजा अतिशीघ्र दिया जाएगा। अतिवृष्टि से मकान आदि की नुकसानी का भी आकलन करवाकर राहत राशि का शीघ्र वितरण कराया जाएगा।



मंत्री जयवर्द्धन सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने जय किसान ऋण माफी योजना में किसानों को कर्ज से मुक्ति दिलाई है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक घर में नल के माध्यम से पानी मिले, ऐसी व्यवस्था जिले में सुनिश्चित की जाएगी।


सिंह ने शिविर में क्षेत्रीय जनता की समस्याएँ सुनीं। करीब 283 आवेदकों ने उन्हें समस्या संबंधी आवेदन दिए। सिंह ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि आम जनता अपनी समस्याओं के निराकरण के लिये किसी भी स्थिति में परेशान न हो, उनकी समस्या सुनकर निराकरण सुनिश्चित करें।


श्री सिंह ने विधायक विक्रम सिंह राणा गुड्डू के साथ डूब प्रभावित सोयत नगर का दौरा किया । डूब प्रभावित 23 दुकानदारों को 25-25 हजार की आर्थिक सहायता के प्रमाण पत्र बांटे। जिनके मकान क्षतिग्रस्त हुए उन्हें 99 हजार 100 रूपये की आर्थिक सहायता उनके निजी खाते में जमा करने का आश्वासन दिया। किसानों को उनकी बिगडी फसल का पूरा मुआवजा दिलाने, सोयत नगर में नये बस-स्टेण्ड बनाने और ग्रामीण स्वास्थ्य केन्द्र का सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में उन्नयन करने का आश्वासन दिया।


जनसम्पर्क विभाग के दो कर्मचारी हुए सेवा निवृत...

संवाददाता : जयपुर राजस्थान


      सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के सहायक प्रशासनिक अधिकारी प्रमेश सैनी एवं सहायक कर्मचारी कमला को उनकी अधिवार्षिकी आयु पूर्ण करने पर सोमवार को विभाग की ओर से भावभीनी विदाई दी गई। 

 

इस अवसर पर सूचना एवं जनसम्पर्क आयुक्त डॉ. नीरज कुमार पवन ने सैनी और कमला के सुखी एवं स्वस्थ जीवन की कामना करते हुए कहा कि कर्मचारी केवल सेवाकाल से रिटायर्ड होता है उन्हें अपनी सेवानिवृति के बाद की आयु सम्पूर्ण सक्रियता के साथ व्यतीत करनी चाहिए।

 


 

आरंभ में विभाग के आयुक्त डॉ. नीरज कुमार पवन ने सेवानिवृत कार्मिकों को पुष्प गुच्छ भेंटकर उन्हें सेवा प्रशंसा प्रमाण-पत्र एवं स्मृति चिन्ह् प्रदान किएं। सूचना एवं जनसम्पर्क कर्मचारी समन्वय समिति के अध्यक्ष गोपाल स्वरूप पाठक ने धन्यवाद ज्ञापित किया। 

 

इस अवसर पर विभाग की वित्तीय सलाहकार अनुपमा शर्मा, अति. निदेशक प्रेम प्रकाश त्रिपाठी, विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों सहित सेवानिवृत कार्मिकों के परिवारजन भी उपस्थित थे।

रविवार, 29 सितंबर 2019

मंत्री को जल-संसाधन सहकारी साख संस्था ने किया सम्मानित...

संवाददाता: भोपाल मध्यप्रदेश


      जनसम्पर्क मंत्री पी.सी. शर्मा को जल-संसाधन सहकारी साख संस्था ने स्वरा भवन में समारोहपूर्वक सम्मानित किया। शर्मा ने इस मौके पर जल-संसाधन कर्मियों के 5वीं, 8वीं, 10वीं, 12वीं कक्षा और अन्य पाठ्यक्रम में उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम प्राप्त बच्चों को पुरस्कृत किया। संस्था की ओर से बुजुर्गों को भी सम्मानित किया गया। 



समारोह में साख संस्था अध्यक्ष ने वार्षिक लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। इस मौके पर पार्षद मोनू सक्सेना भी उपस्थित थे।


माँ दुर्गा की प्रतिमा स्थापना


मंत्री शर्मा ने नवदुर्गा पर्व की प्रथमा पर निवास कार्यालय  में माँ दुर्गा की प्रतिमा की स्थापना कर पूजा-अर्चना की। शर्मा ने 9 दिन तक जलने वाले दीप को प्रज्जवलित किया। जनसम्पर्क मंत्री ने प्रदेश में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।


ब्रह्मकुमारी आश्रम में भूमि-पूजन समारोह


जनसम्पर्क मंत्री होशंगाबाद रोड स्थित सहस्त्रबाहु नगर में ब्रह्राकुमारी आश्रम के नये भवन के भूमि-पूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। शर्मा ने बह्मकुमारी आश्रम के योग, ध्यान, अध्यात्म, पर्यावरण संरक्षण सहित जन  कल्याण और  मानव सेवा  के क्षेत्र में योगदान की सराहना की। ब्रह्मकुमारी  जोन प्रमुख बी. के. अवधेश बहन और डॉ. रीना बहन उपस्थित थीं।


पुरस्कार समारोह में शामिल हुए जनसंपर्क मंत्री


जनसंपर्क मंत्री पी.सी. शर्मा आज समन्वय भवन में आयोजित सदगुरु नागरिक सहकारी बैंक के शैक्षणिक एवं खेलकूद पुरस्कार एवं सम्मान समारोह में शामिल हुए।इस मौके पर शर्मा ने कहा कि खेल-कूद और शिक्षा के  क्षेत्र में प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाना सराहनीय कार्य है l उन्होंने कहा कि सम्मान और पुरस्कार व्यक्ति को अपने कार्य-क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा  देते हैं l इस मौके मंत्री शर्मा ने  प्रतिभाओं को  सम्मानित किया एवं पुरस्कार भी प्रदान किए।


2 अक्टूबर से ‘‘प्लास्टिक # ना बाबा ना‘‘ अभियान का शुभारंभ...

संवाददाता : जयपुर राजस्थान


      सिंगल यूज प्लास्टिक आइटम्स पर रोक की दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश माननीय मो. रफीक द्वारा जयपुर में रविवार को प्लास्टिक हटाओ जनजीवन बचाओ पोस्टर का विमोचन किया गया। इस अवसर पर माननीय का. मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि हमारे संविधान में मौलिक अधिकारों के साथ मौलिक कत्र्तव्यों का भी उल्लेख है, नागरिकाेंं को मौलिक कर्तव्यों के बारे में भी जागरूक किया जाना चाहिए। इसी दिशा में उन्होंने राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा पूरे राजस्थान में महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती, 2 अक्टूबर से चलाए जाने वाले अभियान ''प्लास्टिक रु ना बाबा ना'' का स्वागत व सराहना करते हुए इस अभियान में नागरिकाें का भरपूर सहयोग मिलने की उम्मीद जताई । 

 


 

उन्होंने कहा कि यह अभियान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को उनकी 150 वीं जयन्ती के अवसर पर समर्पित किया जा रहा है। इस अभियान के प्रति उनका आग्रह व जुड़ाव उनके द्वारा अभियान से जुड़ी बारीक जानकारियां भी बताने से दिखाई दिया। उन्होंने बताया कि अभियान में जुड़ने वाले सहयोगियोें व स्कूल के बच्चों को कपड़े व जूट के थैले एवं श्रमदान हेतु रबड़ के दस्ताने दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जनसहयोग के आधार पर गांधी जयंती के बाद भी प्रत्येक माह के दूसरे शनिवार को अभियान संबंधी गतिविधियां करवाई जाएंगी। पोस्टर विमोचन कार्यक्रम में माननीय न्यायाधीश राजस्थान उच्च न्यायालय, श्रीमती सबीना, जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयपुर श्री मदनगोपाल व्यास एवं सदस्य सचिव, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, राजस्थान श्री अशोक कुमार जैन भी सम्मिलित रहे। 

 

राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, राजस्थान, सदस्य सचिव अशोक कुमार जैन ने बताया कि अभियान का उद्देश्य स्वच्छ एवं प्लास्टिक मुक्त वातावरण तैयार करना और जनजागृति बढ़ाना है। इसमें सिंगल यूज प्लास्टिक आइटम्स में पॉलीथीन, बैग्स, स्ट्रॉ, कप्स, प्लेट्स, छोटी बोतलें एवं विशेष प्रकार के पाउच शामिल हैं , जिन पर रोक लगाई जानी है और यह स्वच्छ भारत अभियान का भाग है। सिंगल यूज प्लास्टिक के स्थान पर कॉटन बैग्स, कैनवास बैग्स, जूट बैग्स, पेपर बैग्स आदि को उपयोग मेें लिए जाने के क्रम में आम नागरिक को जागरूक किया जाना आवश्यक है। 

 

इस अभियान के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं तालुका विधिक सेवा समिति द्वारा अपने यहां टास्क फोर्स का गठन किया जायेगा। प्रदेश में विभिन्न स्तरों पर बनी टास्क फोसेर्ं पूरे प्रदेश में अभियान सम्बन्धी गतिविधियों- जागरूकता रैली, श्रमदान कार्यक्रम, प्रभात फेरी, नुक्कड़ नाटक आदि का प्रभावी क्रियान्वयन जनसहभागिता से करेंगी। इसके साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण व तालुका विधिक सेवा समिति स्वयं अपने कार्यालय परिसर व न्यायालय परिसर में भी सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे। 

 

अभियान में स्कूलों, कॉलेजों के छात्र-छात्राओं को विशेष रूप से जोड़ा जाएगा एवं स्थानीय नगर निगम, नगर परिषद, नगर पालिका, पंचायत समिति व अन्य स्थानीय निकायों के सहभागिता ली जाएगी। इस अभियान में जागरूकता के लिए पोस्टर्स लगाएं जाएंगे, पम्फलेट भी बांटे जाएंगे। पोस्टर व पम्फलेट में प्रतिबंधित प्लास्टिक आइटम्स एवं इस्तेमाल करने योग्य आइटम्स को रोचक तरीके से दर्शाया गया है, साथ ही प्लास्टिक आइटम्स के विघटित होने में लगने वाले संभावित समय को भी दर्शाया गया है। मोबाइल वैन के उपयोग से भी जागरूकता का प्रसार किया जायेगा। 

87वां वायु सेना दिवस...

प्रजा दत्त डबराल @ नई दिल्ली


      भारतीय वायु सेना 8 अक्टूबर 2019 को पूरे गर्व के साथ अपना 87वां स्थापना दिवस मनायेगी। इस दिन वायु सेना दिवस परेड सह प्रतिष्ठापन समारोह वायु सेना के विभिन्न विमानों द्वारा एक शानदार प्रदर्शन वायु सेना स्टेशन हिंडन (गाजियाबाद) में संपन्न होगा। इस वायु प्रदर्शन के लिए पूर्वाभ्यास 1 अक्टूबर 2019 (मंगलवार) से शुरू हो जाएगा। वैसे सामान्य क्षेत्र जहां से  विमान कम ऊंचाई पर उड़ान भरेंगे, वो हैं वज़ीरपुर पुल - करावलनगर - अफ़जलपुर - हिंडन, शामली - जिवाना - चांदीनगर - हिंडन, हापुड़ - पिलखुआ - गाजियाबाद - हिंडन।










कम ऊंचाई पर उड़ान भरते समय इन वायु सेना के विमानों के लिए पक्षी हमेशा से एक गंभीर खतरा रहे हैं। खाने-पीने की चीजें बाहर फेंके रहने के कारण ये पक्षी आ जाते हैं। विमानों, पायलटों की सुरक्षा एवं जमीन पर आम लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए भारतीय वायु सेना ने दिल्ली, गाजियाबाद और आस-पास के इलाकों के लोगों से अपील किया है कि आप अपने घर के बाहर खाने-पीने की चीजें या कचरा ना फेंके। इसके अलावा, यदि आपको किसी भी तरह के कचरे/ मरे हुए जानवरों के अवशेष बाहर दिखाई दे, तो तत्काल इसकी सूचना वायु सेना ईकाई / पुलिस स्टेशन को दें, जो आकर इसका सही तरीके से निस्तारण कर सकें। इसके अलावा बर्ड हज़ार्ड कॉम्बैट टीम (बीएचआईएम) के अधिकारी को नं. 7031639259 पर फोन/एसएमएस कर भी सूचित करें।  



ये प्रदर्शन वायु सेना के एन-32 विमानों के प्रसिद्ध “आकाश गंगा” टीम द्वारा राष्ट्रीय ध्वज के साथ स्काई डाईवर्स के प्रदर्शन के साथ 8 बजे शुरू होगा।


फ्लाईपास्ट में विंटेज विमान, आधुनिक परिवहन विमान और फ्रंटलाइन लड़ाकू विमान शामिल होंगे। यह समारोह 10 बजकर 52 मिनट  पर स्पेल बाइंडिंग एरोबैटिक डिस्प्ले के साथ संपन्न होगा।  


चिकित्सा मंत्री ने किया साकेत अस्पताल में मदर एन्ड चाइल्ड विंग का लोकार्पण...

संवाददाता : जयपुर राजस्थान


      चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने रविवार को जयपुर के मानसरोवर स्थित साकेत अस्पताल में 100 बैडेड न्यू मदर एण्ड चाइल्ड यूनिट का लोकार्पण किया।  

 


 

डॉ.शर्मा ने कहा कि चिकिसालयो व उनमें कार्यरत चिकित्सा कर्मियों में मानवीय दृष्टिकोण व संवेदनाएं आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की साढ़े सात करोड़ आबादी तक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना एक बड़ी चुनौती है। सरकार के विशेष प्रयास से स्वास्थ्य एवं चिकित्सा के क्षेत्र में राज्य एक मॉडल स्टेट बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने इस वर्ष के बजट में प्रदेश में मोहल्लों में ''जनता क्लिनिक'' शुरू कर इनमें निशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराने की घोषणा की है। शीघ्र ही जयपुर में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इसे शुरू किया जा रहा है। 

 

उन्होंने बताया कि प्रदेश की  जनता को विधिक रूप से स्वास्थ्य का अधिकार देने के उद्देश्य से जन-घोषणा पत्र में प्रदेशवासियों को राइट-टू-हैल्थ देने का वादा किया था और अब हम इसे शीघ्र ही कानून का स्वरूप प्रदान किया जा रहा है। 

 

राज्य की मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना देशभर में एक अनुकरणीय मिसाल बन चुकी है। इसके तहत वर्ष 2011 से लेकर अब तक 67 करोड़ मरीजों को निःशुल्क दवा दी जा चुकी है। प्रतिदिन लगभग 2 से 2.5 लाख मरीजों को इस योजना का लाभ मिल रहा है। अब दवाइयों की संख्या बढ़ाकर 712 की गयी है। मुख्यमंत्री निःशुल्क जांच योजना के अन्तर्गत लगभग 25 करोड़ निःशुल्क जांच कर लगभग 12 करोड़ मरीजों को लाभान्वित किया जा चुका है। प्रतिदिन लगभग 1 लाख निःशुल्क जांच की जा रही है।

 

डॉ. शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री गहलोत के विशेष प्रयासों से राज्य में मेडिकल कॉलेज की संख्या 6 से बढ़कर 14 हो गई है एवं शीघ्र ही इनकी संख्या 17 हो रही है। इसके साथ ही 10 नए मेडिकल कॉलेज खोलने की भी स्वीकृति प्राप्त हुई है। इनके लिए 60 प्रतिशत राशि केंद्र व 40 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा वहां किया जाएगा। इसके बाद प्रदेश में सरकारी क्षेत्र की मेडिकल कॉलेज की संख्या बढ़कर 27 हो जाएगी। 

 

चिकित्सा मंत्री ने कहा कि राज्य में इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट के विक्रय, वितरण, भण्डारण एवं विज्ञापन को प्रतिबंधित कर दिया गया है। साथ ही हुक्का बार पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया जा चुका है। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा प्रदेश में तंबाकू निषेध के क्षेत्र में किए गए विशिष्ट कायार्ें के लिए दक्षिण एशिया में सरकारी क्षेत्र में एकमात्र राजस्थान राज्य को अन्तरराष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया है।  

 

इस अवसर पर विधायक डॉ. वेद प्रकाश सोलंकी, अशोक लाहोटी, जयपुर महापौर विष्णु लाटा, पूर्व मंत्री डॉ. चंद्रभान ने भी अपने विचार व्यक्त किये। साकेत अस्पताल के निदेशक डॉ. प्रवीण मंगलूनिया ने अतिथियों का स्वागत किया एवं अस्पताल की प्रगति पर प्रकाश डाला। साकेत अस्पताल के डॉ. ईश मुंजाल ने धन्यवाद ज्ञपित किया।

 

उपराष्‍ट्रपति ने श्रीराम भारतीय कला केंद्र की नृत्‍य नाटिका ‘श्रीराम’ का उद्घाटन किया...

संवाददाता: नई दिल्ली


      उपराष्‍ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि रामायण जैसा महाकाव्‍य हमें समाज और देश के हित में अपना कर्तव्‍य निभाने की याद दिलाता है। उन्‍होंने सभी लोगों से प्रदूषण नियंत्रण, जल संरक्षण, पर्यावरण का बचाव जैसे  मुद्दों पर नियमित आधार पर एक छोटा कदम उठाने की अपील की ताकि, दुनिया को रहने लायक एक बेहतर जगह बनाई जा सके। उन्‍होंने कहा कि राम राज्‍य आना अभी बाकी है। हमारा छोटा योगदान राम राज्‍य की आदर्श स्थिति लाने में अहम भूमिका निभा सकता है।


नई दिल्‍ली में श्रीराम भारतीय कला केंद्र की नृत्‍य नाटिका 'श्रीराम' का उद्घाटन करने के बाद लोगों को संबोधित करते हुए उपराष्‍ट्रपति ने रामायण महाकाव्‍य को संपूर्ण मानवता की एक विरासत बताया और इस अमर कथा के  संरक्षण, प्रचार-प्रसार और लोगों में इसकी समझ बढ़ाने के लिए प्रयास करने को कहा है। उन्‍होंने कहा कि अनवरत पुन:सृजन के जरिए परंपराओं को संरक्षित किया जाना चाहिए।



नायडू ने कहा कि रामायण महाकाव्‍य दुनिया, समाज और परिवार के प्रति हमें अपनी भूमिका निभाने की याद दिलाता है। इसके साथ ही यह ग्रंथ एक दूसरे के साथ मानवीय संबंधों सहित धरती माता, प्रकृति, पक्षी और जानवरों के साथ भी हमारे संबंध को दर्शाता है।


रामायण महाकाव्‍य के उच्‍च मूल्‍यों और इसके मूल तत्‍व के बारे में बताते हुए उपराष्‍ट्रपति ने कहा कि रामलीला भगवान राम के जीवन की घटनाओं को महज याद करने और विभिन्‍न रसों का आनंद लेने का ही साधन नहीं बल्कि लोगों को वह संदेश देने का जरिया है जो भगवान राम और सीता के जीवन से मानवता के लिए परिलक्षित होता है। 


उपराष्‍ट्रपति ने कहा कि मर्यादा पुरूषोत्‍तम श्रीराम और योगेश्‍वर कृष्‍ण दो ऐसे नायक हैं जिन्‍होंने शौर्य, सदाचार और आध्‍यात्मिकता के क्षेत्र में वर्षों से मानवता का दिशा-निर्देशन किया है। उन्‍होंने बताया कि भगवान श्रीराम ने धरती पर अपने संपूर्ण जीवन, अपने विचार और कर्मों के जरिए साधुता का मार्ग दिखाया।


उपराष्‍ट्रपति‍ ने कहा कि प्रौद्योगिकी ने पूरे मानव समाज को एक साथ जोड़ दिया है और हर कोई इस वैश्विक गांव (ग्‍लोबल विलेज) का नागरिक है। ऐसे में हमें एक दूसरे के साथ, प्रकृति और पर्यावरण के साथ और दुनिया में रह रहे सभी जीवों और वस्‍तुओं के साथ अपना कर्तव्‍य और जिम्‍मेदारियां निभाने की जरूरत है। उन्‍होंने कहा कि हमें एक दूसरे के साथ रहने की कला में पारंगत होना होगा और यही हमारे 'वसुधैव कुटुम्‍बकम' के आदर्श की भावना  है। यह एक दूसरे की देखभाल और सब कुछ एक दूसरे के साथ साझा करने के हमारे दर्शन का सार भी है।


इस मौके पर श्रीराम भारतीय कला केंद्र के अध्‍यक्ष दीपक सिंह, निदेशक शोभा दीपक सिंह और कई जानी मानी हस्तियां मौजूद थीं।  


स्वस्थ जीवन के लिये खेल बहुत जरूरी : स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. चौधरी

संवाददाता: भोपाल मध्यप्रदेश


      स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने टी.टी. नगर स्टेडियम में 65वीं राज्य-स्तरीय शालेय खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ करते हुए कहा कि स्वस्थ जीवन के लिये खेल बहुत जरूरी हैं। खेल ही अनुशासन, सद्भाव और आपसी सहयोग सिखाते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को पढ़ाई के खेल गतिविधियों में भी भाग लेना चाहिए। डॉ. चौधरी ने कहा कि हार-जीत को भूलकर खेल भावना से प्रतियोगिता में भाग लेना चाहिये।



डॉ. चौधरी ने बच्चों के साथ अपने खेल जीवन की यादें साझा करते हुए कहा कि वे छात्र जीवन में एथलेटिक्स एवं वालीबॉल के खिलाड़ी थे। प्रतिदिन सुबह 4 बजे खेल की प्रेक्टिस करते थे। उन्होंने कहा कि उनके अनुशासित जीवन एवं प्रगति का श्रेय खेलों को ही जाता है।


मंत्री डॉ. चौधरी ने ध्वजारोहण कर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया और खिलाड़ियों को शपथ दिलायी गयी। 65वीं राज्य स्तरीय शालेय खेल प्रतियोगिता 2 अक्टूबर तक चलेगी। इसमें 1400 खिलाडी़ भाग लेंगे। विजेता खिलाड़ी राष्ट्रीय शालेय खेल प्रतियोगिता में भाग लेंगे।


संचालक खेल एवं युवा कल्याण डॉ. एस.एल. थाउसेन ने कहा कि स्कूली बच्चों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिये सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता के विजेता खिलाड़ियों को राष्ट्रीय खेलों में भाग लेने के लिए प्रशिक्षण दिया जायेगा। अन्य जिलों में भी प्रशिक्षण आयोजित किये जाएंगे।


नितिन गडकरी सोमवार को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पैकेज-3 का उद्घाटन करेंगे...

संवाददाता: लख़नऊ उत्तर प्रदेश


      केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग और एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी 30 सितंबर, 2019 को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पैकेज-3 का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री जनरल (सेवानिवृत्त) डॉ. वीके सिंह उपस्थित रहेंगे।


दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे 82 किलोमीटर लंबा है जो पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ को दिल्ली से जोड़ता है। इस परियोजना पर 8346 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है।



तीसरा पैकेज गाजियाबाद के डासना से हापुड़ तक 22 किलोमीटर लंबा है जिसकी दीवानी लागत 1989 करोड़ रुपये है। इस 6-लेन के खंड के दोनों तरफ 2 + 2 लेन के सर्विस रोड हैं और पिलखुवा में 4.68 किलोमीटर लंबा 6-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर है। इस  परियोजना के तहत निर्माण कार्यों में ऊपरी गंगा नहर पर एक प्रमुख पुल, सात नए छोटे पुल, हापुड़ बाईपास पर एक फ्लाईओवर,  वाहनों के लिए 1 अंडरपास, पैदल के लिए दो अंडरपास, दो फुट ओवरब्रिज, छह प्रमुख जंक्शन और 105 छोटे जंक्शन के निर्माण शामिल हैं।


यह परियोजना राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की सड़कों पर भीड़भाड़ कम करने और प्रदूषण स्तर में उल्लेखनीय कमी लाने में मदद करेगी। इससे यात्रा समय में एक घंटे से अधिक की कमी आएगी।


पिलखुवा में 4.68 किलोमीटर लंबे 6-लेन के एलिवेटेड कॉरिडोर को निर्माण प्रौद्योगिकी में नवाचार के लिए गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया है। पिलखुवा के इस पुल को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उत्कृष्ट कंकरीट ढ़ांचे के रूप में भी सम्मानित किया गया है।


दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे परियोजना का कार्यान्वयन चार पैकेजों में किया जा रहा है- (i) दिल्ली के सराय काले खां से गाजीपुर सीमा तक 8.72 किलोमीटर लंबा 6-लेन एक्सप्रेसवे/ 8-लेन एनएच 24 जो जून 2018 में पहले ही पूरा हो चुका है, (ii) उत्तर प्रदेश में  गाजीपुर बॉर्डर से डासना तक 19.28 किमी लंबा 6-लेन एक्सप्रेसवे/ 8-लेन एनएच 24 जो 60% पूरा हो चुका है, (iii) उत्तर प्रदेश में डासना से हापुड़ तक 22.23 किमी लंबा 6-लेन एनएच 24, दोनों ओर 2 + 2 लेन सर्विस रोडों के साथ, जिसका उद्घाटन किया जा रहा है और (iv) हापुड़ से मेरठ तक 31.78 किलोमीटर लंबा नया 6-लेन एक्सप्रेस-वे जिस पर 57% काम किया गया है।


रक्षा मंत्री ने रडार को मात देने वाला पहला युद्धपोत आईएनएस नीलगिरि लॉन्च किया..

प्रजा दत्त डबराल @ नई दिल्ली


      रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज कहा कि सरकार भारत के समुद्री हितों के लिए किसी भी पारंपरिक और अपारंपरिक खतरों से निपटने के लिए नौसेना के आधुनिकीकरण और से बेहतरीन प्लेटफार्मों, हथियारों और सेंसर से लैस करने के लिए ठोस प्रयास कर रही है। श्री राजनाथ सिंह मुंबई में मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड में नौसेना के सात नए स्टील्थ फ्रिगेट्स (रडार को मात देने वाला युद्धपोत) में से पहले युद्धपोत आईएनएस नीलगिरि के लॉन्च के अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि मूल्य के हिसाब से भारत का 70% और मात्रा के लिहाज से 95% व्यापार समुद्री मार्ग से हो रहा है। उन्होंने कहा कि समुद्री डकैती, आतंकवाद या संघर्ष के कारण समुद्री व्यापार में मामूली व्यवधान भी देश की आर्थिक वृद्धि एवं कल्याण पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है।



रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत आगे बढ़ रहा है और इसके वाणिज्यिक हित दूर-दूर तक फैल रहे हैं लेकिन उसे पड़ोसी की दुश्मनी जैसी तमाम चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है। रक्षा मंत्री ने कहा, “राज्य द्वारा प्रायोजित आतंकवाद एक चुनौती बनी हुई है और मजबूत इच्छाशक्ति वाली सरकार देश हित में कड़े फैसले लेने से नहीं हिचकेगी। संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को खत्म करना भी ऐसा ही एक निर्णय है। हमें विश्वास है कि यह जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विकास एवं समृद्धि के एक नए युग की शुरुआत करेगा।


राजनाथ सिंह ने कहा कि किसी देश की विश्वसनीय रक्षा उसकी स्वदेशी रक्षा क्षमता पर आधारित होती है। उन्होंने रक्षा उपकरणों के संदर्भ में 'मेक इन इंडिया' और 'डिजाइन एंड मेक इन इंडिया' पर जोर दिया।


रक्षा मंत्री ने कहा कि नौसेना डिजाइन महानिदेशालय ने 19 से अधिक जहाजों का डिजाइन तैयार किया है जिनके आधार पर 90 से अधिक जहाजों का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि भारत आज उन चुनिंदा देशों के समूह में शामिल है जो खुद अपने विमान वाहक एवं सामरिक युद्धपोत का निर्माण कर रहा है। उन्होंने कहा, “विभिन्न शिपयार्डों को अब तक मिले कुल 51 जहाजों एवं पनडुब्बियों के ऑर्डर में से 49 का निर्माण स्वदेशी तौर पर किया जा रहा है। यह 2025 तक पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने और 2027 तक 70% रक्षा स्वदेशीकरण के हमारे लक्ष्य में एक महत्वपूर्ण योगदान है।”


रक्षा मंत्री ने कहा कि जहाज निर्माण उद्योग में काफी श्रमबल की जरूरत होती है और इसमें न केवल अपने क्षेत्र बल्कि विभिन्न उपस्ट्रीम एवं डाउनस्ट्रीम उद्योगों के लिए रोजगार सृजन की अपार क्षमता मौजूद है। उन्होंने कहा, "एक जीवंत जहाज निर्माण उद्योग देश के समग्र आर्थिक विकास में प्रमुख भूमिका निभा सकता है।" उन्होंने कहा कि एक युद्धपोत के निर्माण से 8 साल की अवधि के लिए 4,800 कर्मियों को प्रत्यक्ष रोजगार और लगभग 27,000 कर्मियों को अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार मिलता है। कुल युद्धपोत लागत का लगभग 87% रकम भारतीय अर्थव्यवस्था में निवेश की जाती है जो राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देता है।


रक्षा मंत्री ने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र तमाम गतिविधियों का केंद्र है और पूरी दुनिया भारतीय नौसेना को एक शुद्ध सुरक्षा प्रदाता के रूप में देखती है। उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक एवं भू-सामरिक आयाम में भारत के बढ़ते कद और हमारे ऊपर पड़ोसियों की बढ़ती निर्भरता के मद्देनजर भारतीय नौसेना की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह विश्वसनीय सुरक्षा और शांत एवं समृद्ध समुद्री मार्ग उपलब्ध कराए।


राजनाथ सिंह ने कहा, "हालांकि नौसेना अपने अत्याधुनिक प्लेटफार्मों और बुनियादी ढांचे के जरिए भारत के समुद्री हितों की उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए लगातार विकसित हो रही है लेकिन हमारी सेनाओं की असली ताकत हमारे जवान हैं।"


रक्षा मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि नीलगिरि और इस परियोजना के अन्य छह युद्धपोत भारतीय ध्वज को गर्व के साथ महासागरों में लहराएंगे। साथ ही वे दुनिया भर में  भारत के जहाज निर्माण क्षमता को प्रदर्शित करते हुए भारत के शांति एवं शक्ति के संदेश को फैलायेंगे। उन्होंने शिपयार्ड के कर्मचारियों द्वारा किए गए कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि जहाज महज धातु और पेंट ही नहीं है बल्कि यह इस परियोजना से जुड़े लोगों की कड़ी मेहनत, पसीने और दृढ़ता की कहानी बयां करता है।


आईएनएस नीलगिरि परियोजना 17ए का पहला जहाज है। परियोजना 17ए के युद्धपोतों का डिजाइन शिवालिक श्रेणी के युद्धपोत जैसा है जो कहीं अधिक उन्नत तकनीक और स्वदेशी हथियार एवं सेंसर से लैस हैं। इन युद्धपोतों को एकीकृत निर्माण पद्धति के इस्तेमाल से बनाये जा रहे हैं। पी17ए युद्धपोत में बेहतर अस्तित्व क्षमता, समुद्र में मौजूद रहने, रडार से बचने और बेहतर गतिशीलता के लिए नई डिजाइन अवधारणाओं को शामिल किया गया है।


रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुंबई के नेवल डॉकयार्ड में भारतीय नौसेना के सबसे बड़े ड्राई डॉक- द एयरक्राफ्ट कैरियर डॉक का भी उद्घाटन किया। उन्होंने इसे "आधुनिक भारत का महल" कहा।


अति-वृष्टि से प्रभावित फसलों के सर्वे के बाद तुरंत मिलेगी राहत राशि...

संवाददाता: भोपाल मध्यप्रदेश


      नगरीय विकास एवं आवास मंत्री जयवर्द्धन सिंह ने गुना जिले की आरोन तहसील के विभिन्न गाँवों में पहुँचकर अति-वृष्टि से प्रभावित फसलों को देखा। उन्होंने किसानों से कहा कि प्रभावित फसलों के सर्वे के बाद तुरंत आर.बी.सी. के प्रावधानों के अनुसार आर्थिक सहायता दी जायेगी।



मंत्री ने कहा कि अति-वृष्टि से क्षतिग्रस्त मकानों के लिये भी आर्थिक सहायता दी जायेगी। उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने बीमा नहीं करवाया है, उन्हें भी नियमानुसार आर्थिक सहायता दी जायेगी। सिंह ने कहा कि अप्रैल माह से सामाजिक सुरक्षा पेंशन में वृद्धि की जायेगी। उन्होंने ग्राम सरोख, आरोन, सिरसी, ढिमरियाई, सेमरा खेड़ा, बरोद, बालापुर, पनवाडी घाट, कस्बा मढ़ी, पिपरिया जागीर और बरपनवारी ग्रामों में खेतों में पहुँचकर प्रभावित फसलों का मुआयना किया और किसानों से चर्चा की।


माउन्ट आबू में उपराष्ट्रपति एवं राज्यपाल ने किया वैश्विक शिखर सम्मेलन का भव्य उद्घाटन...

संवाददाता : जयपुर राजस्थान


     उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू शनिवार को सिरोही जिले के माउन्ट आबू  में स्थित ब्रह्माकुमारीज के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय शांतिवन में पांच दिवसीय वैश्विक शिखर सम्मेलन को विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने इस अवसर पर अपने संबोधन में आध्यात्म, धर्म, एकता, शांति, समृद्धि, पर्यावरण पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि आध्यात्म भारत की पुरातन संस्कृति है। गीता स्वयं ईश्वरीय उपदेश है। महावीर स्वामी, गौतम बुद्ध, स्वामी विवेकानंद, संत रविदास, गुरुनानकदेव आदि महापुरुषों- संतों ने समाज को आध्यात्म के जरिए नई दिशा दी है।

 


 

उन्होंने कहा कि  ब्रह्माकुमारीज संस्थान भी आध्यात्म और राजयोग मेडिटेशन का संदेश विश्व के 140 देशों में अपने आठ हजार से अधिक सेवा केंद्रों के माध्यम से दे रहा है। उन्होंने कहा कि आध्यात्म से ही विश्व में एकता, शांति, समृद्धि आएगी। हमारा विश्वास, हमारी निष्ठा वसुधैव कुटुम्बकम् में रही है। सर्वे भवंतु सुखिन, सर्वे संतु निरामया की भावना की हमारी संस्कृति है। जीओ और जीने दो की परिपाटी है। माधव सेवा ही मानव सेवा हमारा संस्कार रहा है। स्वयं को खोजना ही आध्यात्म है।

 

उपराष्ट्रपति ने कहा कि आध्यात्म ही धर्म का मूल उद्देश्य है। अपने अस्तित्व का वही विश्लेषण कर सकता है जो खुद से प्रश्न करना जानता हो और अपनी खोज करने में समर्थ रखता हो।आध्यात्मिक ज्ञान से ही दुनिया में शांति और सद्भाव आ सकता है। आध्यात्मिक ज्ञान में ही वह शक्ति है जो विश्व को एकता के सूत्र में बांध सकता है।

 

उन्होंने कहा कि हमारे कल्चर में नेचर के प्रति प्यार होना चाहिए तो फ्यूचर बैटर होगा। उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्था जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण को लेकर बहुत बहुत गंभीरपूर्वक प्रयास कर रही है। संस्था द्वारा हर वर्ष विश्वभर में न केवल लाखों की संख्या में पौधे रोपे जा रहे हैं बल्कि उनका एक परिवार की तरह पालन-पोषण करना पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान है।

 

राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा कि आध्यात्मिकता महत्वपूर्ण और गंभीर विषय है। व्यक्ति-व्यक्ति से संबंधित है। अपनी आत्म जागृति को जागृत करना ही आध्यात्म है। पाप-पुण्य के विश्लेषण से अनुशासन की भावना जागृत होती है। इससे ही विश्व में शांति और समृद्धि आएगी। ये गौरव का विषय है कि ब्रह्माकुमारी संस्था नारी शक्ति द्वारा संचालित वैश्विक संगठन है। जो आध्यात्मिक ज्ञान से आगे बढ़ रही है और समाज को सकारात्मकता की ओर ले जा रही है। संस्था 83 वषोर्ं में विश्वभर में आध्यात्मिक ज्ञान को पहुंचाया है। 103 साल की उम्र में भी दादी जानकी इसकी कुशल प्रशासक हैं ये योग से ही संभव है। नारी का आध्यात्मिक शक्तिकरण देवत्व के भाव को साकार कर रहा है। संस्था हर वर्ष लाखों की संख्या में पौधारोपण कर पर्यावरण बचाने का अभिनव प्रयास कर रही है। यहां से मानव जीवन को सुखी और समृद्ध बनाने का प्रयास किया जा रहा है आज ऎसे प्रयासों की दुनिया को जरूरत है।

 

संस्था की मुखिया दादी जानकी ने कहा कि सदा याद रखें मैं (आत्मा) कौन और मेरा (परमात्मा) कौन हम सभी एक परमात्मा की संतान हैं। परमात्मा हम सभी आत्माओं के पिता, शिक्षक, सखा और सद्गुरु हैं। आध्यात्म के ज्ञान से ही दुनिया बदलेगी।

 

केंद्रीय जल संसाधन मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि आध्यात्म और पर्यावरण समन्वय समय की मांग है। सरकारी की ओर से चलाईं जा रही योजनाओं को ब्रह्माकुमारी संगठन का समय अनुरूप पर्याप्त सहयोग मिल रहा है। इस भागीरथ कार्य में समाज के हर वर्ग को एकजुट होकर अपनी सहभागिता सुनिश्चित करनी होगी।

 

संस्था की संयुक्त मुख्य प्रशासिका दादी रतनमोहिनी ने कहा कि भले हम शारीरिक रूप से अलग-अलग देशों, वगोर्ं से हैं लेकिन हम सभी एक ही परमात्मा पिता के बच्चे हैं। परमात्मा हम सबका है। इस भावना से ही विश्व का नवनिर्माण होगा।

 

वन राज्यमंत्री सुखराम विश्नोई, ब्रह्माकुमारी संगठन के महासचिव बीके निर्वैर, कार्यक्रम के संयोजक बीके मृत्युंजय, संस्थान की कार्यक्रम निदेशिका बीके मुन्नी बहन, बीके हंसा बहन ने भी अपने विचार रखे। 

 

इस अवसर पर स्थानीय जन प्रतिनिधि संबंधि अधिकारी मौजूद थे।

राष्ट्रपति ने आर्मी एयर डिफेंस के जवानों को प्रसिडेंट्स कलर्स प्रदान किए...

संवाददाता: नई दिल्ली


      राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ओडिशा के गोपालपुर में 28 सितंबर, 2019 आर्मी एयर डिफेंस के जवानों को प्रसिडेंट्स कलर्स प्रदान किया।



इस अवसर पर बोलते हुए राष्ट्रपति ने आर्मी एयर डिफेंस के शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि उनके बलिदान ने हमारी संप्रभुता को सुरक्षित किया है, हमारे राष्ट्र को गौरव दिलाया है और हमारे लोगों की रक्षा की है। उन्होंने इस कोर के सभी अधिकारियों और सैनिकों को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि वे दुनिया के सबसे दुर्गम इलाकों और जलवायु परिस्थितियों में काम करने वाले सच्चे बल हैं। भारतीय सेना और राष्ट्र को उन पर गर्व है।


गांधीजी के सिद्धांतों पर चलने से ही देश में लोकतंत्र कायम : मुख्यमंत्री

संवाददाता : जयपुर राजस्थान


      मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांंधी के सिद्धान्तों से ही देश में लोकतंत्र कायम है। उनके द्वारा बताये गये सत्य एवं अहिंसा के सिद्धान्त से ही विश्व शांति का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। विश्व के कई देशों के टुकडे़ हो गये हैं, लेकिन गांधी जी के बताये मार्ग पर चलने के कारण ही हमारा देश आज भी अखण्ड है।

 


 

गहलोत शनिवार को भीलवाड़ा के राजीव गांधी ऑडिटोरियम में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 150वें जयन्ती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित 'सर्वधर्म समभाव संगोष्ठी' को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने गांधीजी की 150वीं जयन्ती के कार्यक्रम एक वर्ष तक और आयोजित करने का निर्णय लिया है। 

 

गहलोत ने कहा कि महात्मा गांधी सबके हैं। वह एक ऎसी रोशनी हैं, जिससे दुनिया वषार्ें तक जगमगाती रहेगी। उन्होंने कहा कि आज हम गांधीजी के बताये मार्ग से विचलित हो रहे हैं, यह हमारी भूल है। हमें इस पर आत्म-चिंतन करना होगा। देश में अविश्वास और भय का माहौल है, इसे गांधीजी के जीवन मूल्यों को अपनाकर दूर किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधीजी की आत्मकथा 'सत्य के साथ मेरे प्रयोग' से मैं काफी प्रभावित हूं। इस पुस्तक से हमारे व्यवहार एवं जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ सकता है।  

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि अनेकता में एकता ही हमारा मूलमंत्र है। देश में कई भाषाएं तथा बोलियां है। इसके बावजूद हम सब एक हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को भी भारत के साथ ही स्वतंत्रता मिली थी, परन्तु वहां अधिकांश समय सेना ने शासन किया है तथा अधिकतर प्रधानमंत्रियों को जेल जाना पड़ा। भारत का लोकतंत्र देश को एक सूत्र में बांधकर रखने में सफल रहा है। स्व. इन्दिरा गांधी और स्व. राजीव गांधी जैसे हमारे महान नेताओं ने देश के लिये बलिदान दे दिया, लेकिन लोकतंत्र कायम रखा।  

 

गहलोत ने गांधीजी की 150वीं जयन्ती पर जिला प्रशासन तथा गांधी जीवन दर्शन समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रमों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इन कार्यक्रमों से देश की भावी पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी। 

 

'मोहन से महात्मा' प्रदर्शनी का किया अवलोकन

 

मुख्यमंत्री ने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा राजीव गांधी ऑडिटोरियम में गांधीजी के जीवन दर्शन पर लगाई गई चित्र प्रदर्शनी 'मोहन से महात्मा' का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में महात्मा गांधी के बचपन से लेकर महात्मा बनने तक के सफर को चित्रों तथा आलेख के माध्यम से दर्शाया गया है। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी को सभी के लिए उपयोगी बताया। उन्होंने गांधीजी के चित्र तथा महात्मा गांधी एवं कस्तूरबा बने छात्र-छात्राओं के साथ फोटो खिंचवाये।

 

गहलोत ने गांधी जी से संबंधित समाचार पत्रों, पुस्तकों, डाक टिकिट आदि के संग्रह और 'गांधीजी के सपनों का भारत' विषय पर छात्र-छात्राओं द्वारा बनाये गये चित्रों का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने एलईडी पर तीन दिवसीय कार्यक्रमों की झलकियां तथा जल संरक्षण, महानरेगा एवं हाफ गिलास कैम्पेन पर आधारित प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। 

 

मुख्यमंत्री ने तीन दिवसीय कार्यक्रमों के तहत विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया। साथ ही गांधी जीवन दर्शन समिति भीलवाड़ा द्वारा आयोजित कार्यक्रमों के स्मृति चिन्ह का चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा तथा अन्य अतिथियों के साथ विमोचन किया।

 

कार्यक्रम में समिति के जिला संयोजक अक्षय त्रिपाठी ने स्वागत भाषण दिया। समिति के जयपुर के संयोजक मनीष कुमार शर्मा ने भी उद्बोधन दिया। इस अवसर पर विधायक श्री कैलाश त्रिवेदी, रामलाल जाट सहित बडी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं आमजन उपस्थित थे।  

 

मुख्यमंत्री ने पुर कस्बे का दौरा किया

 

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को भीलवाड़ा के उपनगर पुर का दौरा किया। उन्होंने पुर कस्बे की गलियों में पैदल घूमकर घरों, मंदिरों तथा अन्य भवनों में आई दरारों का अवलोकन किया। वे लक्ष्मीनारायण मंदिर में गये और वहां आई दरारों को देखा। मुख्यमंत्री ने कई घरों में जाकर भी स्थिति का जायजा लिया और लोगों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने जिला कलक्टर राजेन्द्र भट्ट तथा अन्य अधिकारियों से इस संबंध में पूरी जानकारी ली और इस समस्या के समुचित समाधान के लिए कस्बावासियों को आश्वस्त किया। पुर संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने भी मुख्यमंत्री को समस्या के संबंध में विस्तार से अवगत कराया। 

शनिवार, 28 सितंबर 2019

चार सौ राशन दुकान और 70 मोबाइल वैन के माध्यम से दिल्ली सरकार बेचेगी प्याज : अरविंद केजरीवाल

प्रजा दत्त डबराल @ नई दिल्ली


      दिल्ली सरकार ने आसमान छूती प्याज की कीमत से परेशान राजधानी वासियों को आज से दिल्ली सरकार राहत देने जा रही है। अरविंद केजरीवाल सरकार कल से 23.90 रुपये प्रति किलो के हिसाब से आम जनता को प्याज बेचेगी। सरकार के प्रारंभिक तौर पर एक लाख किलो प्याज का इंतजाम किया है। जिसे सरकार 70 विधानसभा क्षेत्र में मोबाइल वैन के माध्यम से बेचेगी। साथ ही पूरी दिल्ली में चार सौ राशन दुकानों के माध्यम से भी प्याज बेचा जाएगा। एक व्यक्ति को अधिकतम पांच किलो प्याज मिलेगा। प्याज बेचने का काम सुबह दस से शाम पांच बजे तक होगा। इसके लिए कोई भी पहचान पत्र नहीं चाहिए। कोई भी व्यक्ति प्याज खरीद सकता है। हालांकि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आम जनता से इमानदारी दिखाने की अपेक्षा की है। जिससे प्याज सिर्फ परिवार के इस्तेमाल के लिए खरीदा जाए।


मुख्यमंत्री केजरीवाल ने इस मामले पर ट्वीट कर कहा, हम चाहते हैं आपके प्याज़ का ज़ायका बना रहे, आपकी जेब भी हल्की न हो और ये प्याज़ आपके आंखों में आंसू भी न ले आए!



दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि प्रेस वार्ता के दौरान इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक तौर पर पांच दिनों के प्याज की खरीद केंद्र सरकार से हुई है। फिर समीक्षा होगा। अगर जरूरत पड़ी तो और प्याज की खरीद होगी। समीक्षा के बाद ही यह तय किया जाएगा कि मोबाइल वैन या दुकानों की संख्या बढ़ानी है या नहीं। उन्होंने कहा कि प्याज अभी केंद्र सरकार की तरफ से आया है। इस कारण उसे सीधा बाजार में उतारा जाएगा। आगे से क्वालिटी कंट्रोल के लिए दिल्ली सरकार के दो अधिकारी नासिक जाएंगे। वह प्याज की क्वालिटी देखकर ही माल लोड कराएंगे। 


जब तक रेट कम न हो जाए, बिक्री जारी रहेगी: अरविंद केजरीवाल 


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्याज की बिक्री दिल्ली सरकार तब तक करेगी, जब तक सामान्य बाजार में रेट कम न हो जाए। उन्होंने कहा कि प्याज की जमाखोरी करने वालों पर भी सरकार की नजर है। लगातार कार्रवाई चल रही है। कोई भी जमाखोरी करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शनिवार से दिल्ली सरकार की तरफ से सस्ता प्याज बेचे जाने के बाद उम्मीद है कि सामान्य बाजार में भी रेट कम होंगे। 


केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने कहा, दिल्ली के अलावा कुछ ही राज्यों ने केंद्र से प्याज़ खरीदने में दिलचस्पी दिखाई


पूरे देश में प्याज़ की कीमतें बढ़ती जा रही हैं। लेकिन केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री राम विलास पासवान ने कहा है कि अभी तक कुछ ही राज्यों ने केंद्र से प्याज खरीदने की दिलचस्पी दिखाई है। अभी तक सिर्फ दिल्ली, त्रिपुरा, हरियाणा और आंध्र प्रदेश की सरकारों ने केंद्र से प्याज़ खरीदकर जनता को सस्ते दामों में बेचने की पहल की है। अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को ही एलान कर दिया था की उनकी सरकार जल्द ही दिल्ली में 23.90 प्रति किलो के हिसाब से प्याज़ अवेलेबल कराएंगे, जिससे जनता को ज्यादा परेशानी न हो।


जरूरत पड़ने पर बढ़ाए जाएंगे मोबाइल वैन 


मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अभी की जरूरत के हिसाब से 70 मोबाइल वैन उतारे गए हैं। साथ ही चार सौ दुकानों को चुना गया है। इस तरह एक विधानसभा में पांच दुकानों पर प्याज मिलेगा। इसकी समय समय पर समीक्षा होगी। अगर जरूरत पड़ी तो दुकानों की संख्या बढ़ा दी जाएगी। साथ ही प्याज मोबाइल वैन भी बढ़ाए जाएंगे।


दिल्ली में फिलहाल खुदरा बाज़ार में प्याज़ 60-80 रुपये प्रति किलो मिल रही है। दिल्ली स्थित आजादपुर मंडी में प्याज का थोक भाव 60 रुपये प्रति किलो हो गया है, जो कि 2015 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। वहीं, एशिया की सबसे बड़ी प्याज मंडी महाराष्ट्र के लासलगांव में भी प्याज 50 रुपये प्रति किलो बिकने लगी है। कारोबारियों ने बताया कि देश में प्याज का स्टॉक काफी कम है, जिसके कारण मंडियों में आवक कम हो रही है। खपत के मुकाबले आवक कम होने से प्याज की कीमत बढ़ रही है.


शुक्रवार, 27 सितंबर 2019

ऐसा रहा अमिताभ बच्चन के दादा साहब फाल्के सम्मान तक का सफर : डॉ. वीरेंद्र सिंह नेगी

संवाददाता: नई दिल्ली 


      एक्टिंग का जूनून, संघर्ष, सफलता, ठहराव, गिरना और फिर उठने, चलने, बढ़ने और शिखर  को छूने का नाम अमिताभ बच्चन।फिल्मों से जुड़े हर शख्स की ख्वाहिश या तो आस्कर अवार्ड या दादा साहब फाल्के सम्मान।


घुटनों के बल थोड़ा सा चला बॉलीवुडी बचपन और फिर जीवन के पन्द्रह पायदान (1969 से 1984) चुटकी बजा कर ऐसे चढ़ जाना कि समय की लगाम अब मेरे हाथ में हो। और फिर एकाएक एक  शूटिंग में छोटी सी दुर्घटना। 



वक्त ने अपनी लगाम खींच ली और सवार चारों खाने चित। और फिर वक्त और दुआओं का आमना-सामना। नायक ब्रिच कैंडी हास्पिटल में और उसके चहेते मंदिर, मस्जिद, गिरिजा-गुरूदवारे में। गरीब, धनवान, नेता, अभिनेता, समाजसेवी, उद्योगपति, किसान, मजदूर, सैनिक और स्कूली बच्चे सब को एक साथ नायक की वापसी चाहिए।


गजब सा सीन हो गया। दूरदर्शन, आकाशवाणी, अखबार और हास्पिटल का बुलेटिन सब दुनिया की धड़कन हो गये। सब यही प्रार्थना कर रहे हैं कि नायक ऐसे नहीं जाना चाहिए। अभी तो बहुत कुछ बाकी है ।


फिर समय ने मानी हार। कहा, ले लो नायक पर अब नहीं दूंगा उसको यश कीर्ति और गान। अब उसकी कीर्ति नहीं रहेगी उसके साथ। रख लो उसे अपने पास वैसा ही जैसा मैंने लिया था सात हिंदुस्तानी में और रेशमा शेहरा में। अब नहीं गूंज सकेंगी इस खुद्दार की चीखें और न खनकेंगी जंजीर। न शोले दहकेंगे और न अब वो सिलसिला और शान होगी।


दर्शन और दर्शकों को भी समय का फैसला मंजूर। हमें हमारा नायक दे दो। नहीं चाहिए नमक हराम नहीं चाहिए बेरहम, बेमिसाल, बेशरम, याराना और दोस्ताना। और नहीं चाहिए नास्तिक, दो और दो पांच,  नहीं बनना है मर्द और महान। शक्ति  होगी तो तोड देगा हर दीवार। राम बलराम हो, ग्रेट गैंबलर या शराबी , हम हर अदालत से छुड़ा देंगे। नायक के लिए काला पत्थर से टकरा कर अमर अकबर एंथनी  अपना खून पसीना बहा कर डान  मिस्टर नटवरलाल से बदला लेकर अपने नसीब से कुली, आनंद,मुकद्दर का सिकंदर और देशप्रेमी सब को फरार करा देंगे। कोई लावारिस न समझें अभी आखिरी रास्ता बचा है। गंगा की सौगंध कालिया की परवरिश इतनी कमजोर नहीं कि मिलि से जुदा हो सके। नहीं भूलेंगे वे कसमें वादे चाहे अकेला इनका याराना रहे, पर हमें हर हाल में अपने शहंशाह के लिए नमक हलाल बनना है।


वक्त का मंजर मन को बहुत भाता है। और नायक वापस आता है। अपना सब कुछ गंवा बैठता है। खुद से नहीं वक्त ने शर्त जो लगाई थी। एक वक्त का नायक बिखर कर फिर समतल में मिल जाता है। अब वह फिर वैसा ही सामान्य और कई अपने जैसों से भी छोटा दिखाई देता है। 


फिर भी एक्टिंग ने उसे सिखाया था शिखर पर पहुंचने का आखिरी रास्ता। भूला नहीं था वह लगन, मेहनत और परिश्रम। उसके साथ अभी भी था उसका दृढ़ संकल्प और निश्चय। उसे मिला था जीवन दोबारा। उसे छूना था आसमां शिखर से ऊंचा। 


देहु शिवा वर मोहे, शुभकरमन तें कबहुँ न टरूँ।
न डरूँ अरसौं जब जाए लडूँ, निश्चय कर अपनी जीत करूँ ।


नायक से महानायक : 50 वर्ष लग गए अपने परिश्रम का अर्थ समझने में और सफ़र की परिणति तक पंहचने में।


दादा साहब फाल्के पुरस्कार व सम्मान के लिए करोड़ों दिलों के सरताज अमिताभ बच्चन को बधाई।



डॉ. वीरेंद्र सिंह नेगी की कलम से। 


छत्तीसगढ़ में किसान सम्मेलन छत्तीसगढ़ व राजस्थान में किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ हो रहा काम : मुख्यमंत्री

संवाददाता : जयपुर राजस्थान 


       मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान और छत्तीसगढ़ की राज्य सरकारें किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों के हित में लिए गए फैसलों की सराहना करते हुए कहा कि राजस्थान में भी हमारी सरकार गांव, गरीब, पिछड़े, महिलाओं सहित तमाम वर्गों की बेहतरी के लिए काम कर रही है। 

 


मुख्यमंत्री शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के गोबरा-नवापाड़ा के राजकीय हरिहर हाई स्कूल मैदान में आयोजित किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। गहलोत तथा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यहां लोकार्पण, भूमि पूजन और आबादी पट्टा वितरण भी किए। 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में हम संवेदनशील, पारदर्शी और जवाबदेह शासन देने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पारदर्शिता बहुत जरूरी है। मुझे यह कहते हुए खुशी है कि राजस्थान में पहले की अपेक्षा प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकारें बदलती रहती हैं लेकिन जनकल्याण की महत्वपूर्ण योजनाएं राजनीतिक दुर्भावना के कारण बंद नहीं होनी चाहिए।

 

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी समारोह को संबोधित किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ में किसान कल्याण के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि उनकी सरकार किसानों के हित में समर्पित भाव से काम कर रही है। 

 

इस अवसर पर राजस्थान के कृषि मंत्री लालचन्द कटारिया, गोपालन मंत्री प्रमोद जैन भाया, छत्तीसगढ़ सरकार के कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे, नगरीय प्रशासन एवं श्रम मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया, सांसद छाया वर्मा, विधायक धनेन्द्र साहू, विकास उपाध्याय,अनिता शर्मा, राजस्थान के मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव कुलदीप रांका सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।

सभी नगर निगम आयुक्त और सीएमओ सुबह 6 बजे फील्ड में पहुँचें...

संवाददाता: भोपाल मध्यप्रदेश


      सभी नगर निगम आयुक्त और मुख्य नगर पालिका अधिकारी सुबह 6 बजे से फील्ड में निकलें और साफ-सफाई की मॉनीटरिंग करें। वे खुद टीम को लीड करें। स्वच्छ सर्वेक्षण में प्रदेश को देश में नम्बर एक राज्य बनाना है। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री जयवर्द्धन सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 378 नगरीय निकायों की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिये।



बाजार में सुबह-शाम सफाई करें


सिंह ने कहा कि सफाई मित्रों से सतत् संवाद करें। उनकी समस्याओं को भी सुनें। उन्होंने कहा कि बाजार में सुबह-शाम सफाई हो। उन्होंने कहा कि गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करने की समझाइश देने के लिए मुहल्लों में नागरिकों के साथ भी मीटिंग करें।


खराब सड़कें जल्द ठीक करें


नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ने कहा कि अति-वृष्टि के कारण खराब हुई सड़कों की मरम्मत जल्द करवायें। उन्होंने कहा कि खराब सड़कों से शहर की छवि खराब होती है। सिंह ने कहा कि सड़कों को धूल मुक्त करें। इसके लिए घरों और सड़क के बीच के स्थान पर पेबिंग ब्लॉक लगवायें। सामुदायिक शौचालयों में पानी और साबुन रखें। उन्होंने कहा कि आवारा पशुओं को शहर से बाहर निर्धारित स्थलों में रखें।


प्रति सप्ताह करें मॉनीटरिंग


सिंह ने कहा कि निर्धारित चार्ट एवं घटकों के अनुसार नगरीय निकायों में किये जा रहे कार्यों की समीक्षा प्रति सप्ताह करें। उन्होंने कहा कि शहर में स्थित वाटर बाडी की सफाई करवायें। इससे जल जनित रोगों से छुटकारा मिलने के साथ ही स्वच्छ सर्वेक्षण में नम्बर भी बढ़ेंगे।


7-स्टार रेटिंग का लक्ष्य बनायें


प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास संजय दुबे ने कहा कि नगरीय निकाय 7-स्टार रेटिंग का लक्ष्य तय करें। उन्होंने कहा कि वेस्ट वाटर को रिसायकल कर 30 प्रतिशत तक रियूज करें। इस पानी का निर्माण कार्यों और गार्डन में उपयोग हो सकता है।


दुबे ने कहा कि वे सुबह किसी भी समय वीडियो कॉलिंग के माध्यम से अधिकारियों की लोकेशन ले सकते हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास सहित अन्य योजनाओं की भी समीक्षा की गयी। इस दौरान उप सचिव मनीष सिंह, एडिशनल कमिश्नर आशीष सक्सेना एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


वैश्विक व्यापार प्रबंधन पर राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस आर्थिक मंदी को रोकने में युवाओं की भागीदारी आवश्यक : तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री

संवाददाता : जयपुर राजस्थान 


       तकनीकी एवं शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने कहा है कि के दौर में बिजनेस व स्टार्टअप्स की बदौलत अर्थव्यवस्था का विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व में जब पूरा विश्व मंदी के दौर से गुजर रहा था तब भारत ऎसा देश था जो वैश्विक मंदी से प्रभावित नहीं हुआ था जिसका कारण था 70.80 के दशक में लागू की गई आर्थिक नीतियां व मण्डल। 

 

 

 

डॉ. गर्ग शुक्रवार को यहा आई आई एस डीम्ड टू बी विश्वविद्यालय जयपुर के कॉमर्स विभाग बिजनेस स्टडीज की ओर से  आयोजित दो दिवसीय नेशनल कॉन्फ्रेंस में मुख्य अतिथि के पद से सम्बोधित कर रहे थे। डॉ. गर्ग ने इस अवसर पर उपस्थित प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि देश की 30 से 40 प्रतिशत जनसंख्या युवाओं की है और अब समय आ गया है जब युवाओं को आगे आते हुए बिजनेस मण्डल तैयार करने होंगे एवं उन तरीकों पर भी विचार करना होगा ।

 

वैश्विक व्यापार प्रबंधन में समकालीन रूझान एवं चुनौतियां कन्टम्प्रेरी ट्रेंड्स एंड चैलेंजेस इन ग्लोबल बिजनेस मैनेजमेंट विषय पर आयोजित इस कॉन्फ्रेंस की शुरूआत आईआईएस विश्वविद्यालय के डॉ. अशोक गुप्ता कुलपति के स्वागत भाषण से हुई। प्रो एम के शर्मा डीनए कॉमर्स व मैनेजमेंट विभाग ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए कॉन्फ्रेंस के लक्ष्य व उद्देश्य से परिचित करवाते हुए कहा कि वैश्विक परिदृश्य में आ रहे बदलावों का असर विभिन्न देशों के व्यापारिक परिदृश्य पर साफ दिखाई दे रहा है। यही नहीं यह बदलाव सांस्कृतिक सामाजिक राजनीतिक आदि क्षेत्रों में भी अनुभव किया जा रहा है। साथ ही साथ गुड्स एंड सर्विस टैक्स जीएसटी के लागू होने से बिजनेसमेन को कई सारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। 

 

कॉन्फ्रेंस संयोजक डॉ. अदिति जैन ने अतिथि गण सहित सभी प्रतिभागियों का कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। 

दुर्घटनाएँ रोकने के लिये रफ्तार पर नियंत्रण जरूरी : विषय विशेषज्ञों की राय

संवाददाता: भोपाल मध्यप्रदेश


      सहायक पुलिस महानिरीक्षक कुमार सौरभ ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार वर्ष 2020 तक दुर्घटनाओं में 50 प्रतिशत कमी लाने का लक्ष्य है। इसके मद्देनजर कई तरह के सुरक्षा उपायउपयोग में लाये जा रहे हैं। इसी कड़ी में आज सभी जिलों को ब्रीथ एनालाईजर उपलब्ध कराये गये। साथ ही उपयोग विधि द्वारा इसका प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। सौरभ ने कहा कि उपकरण का बेहतर ढ़ग से उपयोग हो ताकि अच्छे परिणाम सामने आयें। सौरभ आज पुलिस प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान (पी.टी.आर.आई) में सड़क सुरक्षा क्रियान्वयन समिति के नोडल अधिकारियों एवं पुलिस कर्मियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।



एम.ए.एन.आई.टी. के प्रोफेसर और विषय विशेषज्ञ राहुल तिवारी ने बताया कि दुर्घटनाएँ अधिकतर कन्‍फ्यूजन से होती हैं। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिये रफ्तार पर नियंत्रण बहुत जरूरी है। दुर्घटना के समय जितनी ज्यादा स्पीड होती है, उतनी ज्यादा मृत्यु की संभावनाएँ बढ़ जाती हैं। दुर्घटनाओं को कम करने में रोड सेफ्टी के घटकों का महत्वपूर्ण योगदान रहता है। इसमें इंजीनियरिंग, इन्फोर्समेंट और एजुकेशन बहुत जरूरी है। इसके अलावा, दुर्घटना के बाद इमरजेंसी केयर की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।


विशेषज्ञ तिवारी ने बताया कि कई बार गलत साईन बोर्ड भी दुर्घटना के कारण बनते हैं। समय और स्थान पर आवश्यकता के अनुसार साईन बोर्ड का उपयोग किया जाना चाहिये। अधिकतर देखने में आता है कि दुर्घटना के समय लोग एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने में व्यर्थ समय बर्बाद करते हैं और पीड़ित की सुध नहीं लेते। उन्होंने स्टॉपिंग साइट डिस्टेंस और ओवर टेकिंग साइट डिस्टेंस सहित ब्लैक स्पॉट और ब्लाइंड स्पॉट की जानकारी भी दी।


प्रशिक्षण में सहायक पुलिस महानिरीक्षक अनिता मालवीय और प्रशांत शर्मा भी उपस्थित थे।


स्वच्छ भारत अभियान देशभक्ति से प्रेरित एक अभियान है : रक्षा राज्य मंत्री

संवाददाता: नई दिल्ली 


      रक्षा राज्य मंत्री श्रीपद नाइक ने कहा है कि भारत को स्वच्छ बनाने का स्वच्छ भारत अभियान देशभक्ति से प्रेरित जन-आंदोलन है। नाइक 27/09/2019 को नई दिल्ली में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के सिलसिले में राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) द्वारा आयोजित अखिल भारतीय स्वच्छ भारत साइकिल रैली को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने राष्ट्रपिता के स्वच्छता ही ईश्वरत्व है के आदर्श का उदाहरण देते हुए कहा कि स्वच्छता हमें मानसिक, शारीरिक, सामाजिक और बौद्धिक रूप से स्वस्थ बनाती है। संक्षेप में, यह हमारी भलाई के लिए है।



रक्षा राज्य मंत्री ने स्वच्छ भारत अभियान में एनसीसी कैडेटों की भागीदारी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि एनसीसी ने डिजिटल साक्षरता, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, जल शक्ति अभियान और मादक पदार्थ, बेटी बचाओ बेटी पढाओ, अपशिष्ट प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण जैसे संवेदनशील विषयों पर विभिन्न विकास गतिविधियों में भाग लेकर बहुत बड़ा योगदान दिया है। रक्षा राज्य मंत्री ने हाल में ओडिशा में आए चक्रवात तूफान फानी और बिहार, केरल, कर्नाटक और महाराष्ट्र में बाढ़ राहत कार्य में एनसीसी कैडेटों के योगदान की सराहना की।


इंडिया गेट पर आयोजित कार्यक्रम में एनसीसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल राजीव चोपड़ा और वरिष्ठ एनसीसी अधिकारी भी मौजूद थे।


ऑल इंडिया एनसीसी साइकिल रैली 10 अगस्त, 2019 को देश के विभिन्न हिस्सों - गुवाहाटी, कोलकाता, पुदुचेरी, तिरुवनंतपुरम, पणजी और जम्मू से प्रारंभ हुई। 28 सितंबर, 2019 को इंडिया गेट, नई दिल्ली में इसका समापन होगा। रैली ने 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से होकर 7,800 किलोमीटर की दूरी तय की है। एनसीसी कैडेटों ने गांवों, मलिन बस्तियों, स्कूलों / कॉलेजों, अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाया।


थलसेना अध्‍यक्ष जनरल बिपिन रावत ने चीफ्स ऑफ स्‍टॉफ कमेटी के अध्‍यक्ष पद का कार्यभार संभाला...

प्रजा दत्त डबराल @ देहरादून उत्तराखंड 


      थल सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने नई दिल्‍ली में एक संक्षिप्त समारोह में, चीफ ऑफ स्‍टॉफ कमेटी के निवर्तमान अध्‍यक्ष एयर चीफ मार्शल बीरेंद्र सिंह धनोआ से सीओएससी के अध्‍यक्ष पद की बैटन प्राप्‍त की।


सीओएससी के निवर्तमान अध्‍यक्ष एयर चीफ मार्शल बीरेंद्र सिंह धनोआ ने तीनों सेनाओं से संबंधित सभी मामलों पर अग्रणी भूमिका निभाई। भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमानों की पूरी स्‍क्‍वार्डन के विमानों के परिचालन और उड़ान भरने का व्‍यापक अनुभव रखने वाले एयर चीफ मार्शल को 31 मई, 2019 को सीओएससी का अध्‍यक्ष नियुक्‍त किया गया था। उनके प्रबंधन में तीनों सेनाओं ने 'एकता के जरिये जीत' के ध्‍येय वाक्‍य के  अनुरूप अनेक मोर्चों पर एकता और एकजुटता प्रदर्शित करते हुए शानदार कामयाबी हासिल की।



41 वर्षों के गौरवशाली करियर के साथ जनरल बिपिन रावत ऑपरेशनल और स्‍टॉफ से संबंधित लंबे अनुभव के धनी हैं। थल सेना अध्‍यक्ष के रूप में वह जनवरी 2017 से सीओएससी के सदस्‍य हैं। सीओएससी में उनके कार्यकाल के दौरान, कमेटी ने एकता और एकजुटता के लक्ष्‍य के साथ तीनों सेनाओं के बीच परिचालन, प्रशिक्षण और प्रशासन से संबंधित विविध मामलों पर विचार-विमर्श किया। जनरल रावत ने अपनी दूरदृष्टि और व्‍यवसायिक सूजबूझ के साथ महत्‍वपूर्ण मामलों पर अपने तटस्‍थ विचार प्रकट करते हुए इस कमेटी में अपार योगदान दिया है।  


सीओएससी के अगले अध्‍यक्ष के तौर पर जनरल रावत चीफ ऑफ डिफेन्‍स स्‍टॉफ की नियुक्ति को अमल में लाने, तीनों सेनाओं के बीच एकीकरण को बढ़ावा देने, सेनाओं की समकालिक प्रगति को प्रोत्‍साहन देने, आधुनिक युद्ध कौशल क्षमताओं का त्‍वरित संचालन करने और उन्‍हें समकालिक बनाने पर ध्‍यान केन्द्रित कर रहे हैं ताकि सशस्‍त्र बलों को भविष्‍य के लिए बेहतर ढंग से सुसज्जित किया जा सके।      


इनफोर्समेंट एजेंसियाँ सख्ती से करें निर्वाचन व्यय की निगरानी : सी.ई.ओ.कांताराव

संवाददाता: भोपाल मध्यप्रदेश


      मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी व्ही.एल. कांताराव ने झाबुआ में उप-निर्वाचन के दौरान निर्वाचन व्यय की सख्ती से निगरानी करने के निर्देश दिये हैं। कांताराव ने निर्वाचन व्यय निगरानी की इनफोर्समेंट एजेंसी के साथ विस्तृत चर्चा की। झाबुआ विधानसभा उप-निर्वाचन के लिये 21 सितम्बर को झाबुआ एवं अलीराजपुर जिले में आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई है। झाबुआ में 21 अक्टूबर को मतदान होना है।



कांताराव ने कहा कि मतदान को 25 दिन रह गए हैं। सभी इनफोर्समेंट एजेंसियाँ सक्रियता से कार्य करें। उन्होंने कहा कि इन एजेंसियों ने विधानसभा और लोकसभा निर्वाचन में बहुत अच्छे से कार्य किया और लाखों के नगदी, जेवर एवं नारकोटिक्स जब्त कर निष्पक्ष और निर्बाध मतदान में अहम् भूमिका निभाई थी। उन्होंने बताया कि पिछले चुनावों की अपेक्षा इस बार विधानसभा और लोकसभा चुनावों में इन एजेंसियों ने मुस्तैदी से कार्यवाही कर अधिक नगदी, जेवर नारकोटिक्स एवं अन्य वस्तुओं की बरामदगी की थी, जो प्रशंसनीय है।


कांताराव ने जानकारी दी कि 21 सितम्बर से 25 सितम्बर तक आबकारी और पुलिस विभाग ने 12 लाख 96 हजार 290 मूल्य की मदिरा जब्त की है। उन्होंने निर्देश दिये कि स्थैतिक निगरानी दल की संख्या बढ़ाई जाए। जिला आबकारी अधिकारी वन सीमा क्षेत्रों में खुफिया जानकारी आधारित कार्यवाहियाँ करें। इंटीरियर क्षेत्रों में हेलीकाप्टर आदि के पहुँचने की जानकारी रखें। सभी एजेंसियाँ आपसी समन्वय से कार्य करें तथा प्रतिदिन की कार्यवाही से मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय को अवगत कराएँ। झाबुआ एवं अलीराजपुर जिलों के अन्य राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष मुस्तैदी एवं सख्ती से कार्यवाही की जाए। मतदाताओं को प्रलोभन देकर मतदान को प्रभावित करने वाली हर गतिविधि को निष्पक्षता के साथ सख्ती से रोकें और नियमानुसार कार्यवाही करें।


बैठक में गृह, आयकर, आबकारी, नारकोटिक्स विंग इंदौर, परिवहन, सेंट्रल बैंक, सी.ए.पी. एफ. (एयरपोर्ट), एयरपोर्ट, आकाशवाणी, दूरदर्शन एवं टेलीकम्यूनिकेशन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, उपस्थित थे।


राज्यपाल ने त्रिपुर सुन्दरी के दर्शन किए, प्रदेश-देश की खुशहाली के लिए की कामना...

संवाददाता : जयपुर राजस्थान 


     राज्यपाल कलराज मिश्र ने शुक्रवार को त्रिपुर सुन्दरी पहुंच कर त्रिपुर सुन्दरी देवी मैया के दर्शन किए और प्रदेश एवं देश की सर्वांगीण खुशहाली के लिए कामना की।  मिश्र ने सपत्नीक त्रिपुरा सुन्दरी देवी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। पूजा विधि पं. दिव्यभारत पण्ड्या एवं पं. निकुंजमोहन  पण्ड्या ने करायी। 

 


 

राज्यपाल को जनजाति क्षेत्रीय विकास राज्य मंत्री अर्जुनिंसंह बामनिया ने तीर-कमान तथा त्रिपुरा सुन्दरी की तस्वीर भेंट की। त्रिपुरा सुन्दरी मन्दिर ट्रस्ट की ओर से राज्यपाल कलराज मिश्र का माल्यार्पण एवं शॉल ओढ़ाकर स्वागत-अभिनंदन किया गया। 

 

इस अवसर पर जनजाति क्षेत्रीय विकास राज्य मंत्री अर्जुनसिंह बामनिया,संभागीय आयुक्त विकास भाले, जिला कलक्टर अन्तरसिंह नेहरा, जिला पुलिस अधीक्षक केसरसिंह शेखावत सहित जन प्रतिनिधियों व अधिकारियों ने भी त्रिपुरा सुन्दरी के दर्शन किए। 

 

तलवाड़ा हवाई पट्टी पर अगवानी, गार्ड ऑफ ऑनर दिया

 

इससे पूर्व  राज्यपाल कलराज मिश्र एवं मिश्र के स्टेट प्लेन से तलवाड़ा हवाई पट्टी पहुंचने पर संभागीय आयुक्त विकास भाले, जिला कलक्टर अन्तरसिंह नेहरा एवं जिला पुलिस अधीक्षक केसरसिंह शेखावत ने अगवानी की और पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया। इस मौके पर राज्यपाल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। 

 

राज्यपाल का हवाई पट्टी पर जनजाति क्षेत्रीय विकास राज्य मंत्री अर्जुनसिंह बामनिया, सांसद कनकमल कटारा,पूर्व मंत्री भवानी जोशी, पूर्व विधायक कान्ता भील, प्रधान प्रज्ञा भील एवं राजेश कटारा, बांसवाड़ा नगर परिषद सभापति मंजूबाला पुरोहित, समाजसेवी जैनेन्द्र त्रिवेदी, मनोहर पटेल, पूर्व नगरपालिकाध्यक्ष राजेश टेलर, उपखण्ड अधिकारी पर्वतसिंह चूण्डावत सहित जन प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने स्वागत किया। 

 

डॉ. जितेन्द्र सिंह ने मालदीव और बांग्लादेश के असैन्य अधिकारियों के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के दीक्षांत सत्र को संबोधित किया...

प्रजा दत्त डबराल @ नई दिल्ली


      केन्द्रीय कार्मिक एवं लोक-शिकायत व पेंशन मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने आज नई दिल्ली में मालदीव और बांग्लादेश के असैन्य अधिकारियों के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के दीक्षांत सत्र को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी तथा भारत में बांग्लादेश उच्चायोग एवं मालदीव दूतावास के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।


भारत और बांग्लादेश तथा भारत एवं मालदीव के बीच हुए समझौतों के तहत पांच वर्षों के दौरान बांग्लादेश व मालदीव के क्रमशः 1800 व 1000 अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाना था। दो सप्ताह लम्बे इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम को मसूरी और दिल्ली में नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस आयोजित कर रहा है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में मालदीव के 33 और बांग्लादेश के 31 अधिकारी भाग ले रहे हैं।



दीक्षांत सम्बोधन में डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम भारत व दोनों पड़ोसी देशों के बीच बहु-आयामी संबंधों का विस्तार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 'पड़ोसी सबसे पहले' नीति पर हमेशा जोर दिया है। पड़ोसी देशों के छात्र अध्ययन के लिए भारत आ रहे है।


डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि 1500 पुराने कानूनों को समाप्त किया जा चुका है और भारत अधिकतम शासन और न्यूनतम सरकार पर विशेष जोर दे रहा है।


भारत में मालदीव गणराज्य के राजदूत आइशाथ मोहमेद दीदी ने कहा कि मालदीव के असैन्य अधिकारी इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से बहुत कुछ सीख सकते है। ई-प्रशासन को सीखना व समझना आवश्यक है। मालदीव सहयोग बनाए रखेगा।


मालदीव के सिविल सर्विस कमीशन के चेयनमैन डॉ. अली शामीन ने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और प्रौद्योगिकी स्तर पर एक आधुनिक देश है। इस प्रशिक्षण से ज्ञान प्राप्ति और तकनीकी कौशल प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने आधार कार्ड, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन दिशा-निर्देश, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट आदि का भी जिक्र किया।


विदेश मंत्रालय की संयुक्त सचिव देवयानी खोबरागड़े ने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम विदेश मंत्रालय के आईटीईसी कार्यक्रम का हिस्सा है। भारत एक विविधतापूर्ण देश है। इस कार्यक्रम में भारत के अनुभवों को साझा करने का अवसर मिलेगा। भारत पड़ोसी देशों को विकास प्रक्रिया में बराबर का भागीदार मानता है।


के.वी. ईप्पन ने कहा कि आईटीईसी भारत के लिए एक उपयोगी कार्यक्रम है, जहां हम पड़ोसी देशों के असैन्य अधिकारियों को शामिल करते है। भारत ने बांग्लादेश के 1500 असैन्य अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया है और निकट भविष्य में 1800 अन्य असैन्य अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान करेगा। पड़ोसी देश को ध्यान में रखते हुए भारत प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करता है।


भारत प्रौद्योगिकी और आर्थिक सहयोग कार्यक्रम के तहत इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन 16-28 सितंबर, 2019 तक मसूरी और दिल्ली में किया जाएगा। मालदीव असैन्य अधिकारियों के लिए आयोजित उद्घाटन सत्र के अध्यक्षता डीएआरपीजी के सचिव श्री के.वी. ईप्पन, सिविल सर्विस कमीशन की सदस्य सुश्री फातिमाथ अमीरा तथा डीएआरपीजी के अवर सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने की।


जून, 2019 में मालदीव यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पड़ोसी सबसे पहले नीति पर जोर देते हुए मालदीव को हर संभव समर्थन देने का आश्वासन दिया था। यात्रा के दौरान हुए समझौते में अगले पांच वर्षों के दौरान मालदीव के 1000 असैन्य अधिकारियों के क्षमता निर्माण को शामिल किया गया था। समझौते के तहत सितंबर, 2019 से दिसंबर, 2020 तक दस प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएगे। 2019 में पहले तीन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएगे- क.) 16-28 सितंबर, 2019 ख.) 18-30 नवंबर, 2019- 60 अधिकारियों के लिए और ग.) 2-14 दिसंबर, 2019- 30 अधिकारियों के लिए।


प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी.के. मिश्रा ने एनडीएमए के 15वें स्‍थापना दिवस पर संबोधित किया...

संवाददाता: नई दिल्ली 


      प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी.के. मिश्रा ने नई दिल्‍ली में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के 15वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में उपस्थित लोगों को संबोधित किया


अपने संबोधन में डॉ. मिश्रा ने एनडीएमए के आरंभिक दिनों में उसके साथ अपनी सम्‍बद्धता को याद किया और इस बात पर संतोष व्‍यक्‍त किया कि आपदा प्रबंधन की दिशा में एनडीएमए के प्रयासों और पहलों को आज व्‍यापक पहचान मिल रही है। उन्‍होंने विविध साझेदारों और हितधारकों के बीच इस बात पर सर्वसम्‍मति कायम करने में एनडीएमए की भूमिका की सराहना की कि आपदा जोखिम न्‍यूनीकरण सभी स्‍तरों पर हमारे विकास से संबंधित गतिविधियों के साथ जुड़ा हुआ है।



डॉ. मिश्रा ने दिव्‍यांगता-समावेशी आपदा जोखिम न्‍यूनीकरण पर दिशानिर्देश जारी किये जाने को अनुकूलन की राह में प्रमुख मील का पत्‍थर करार दिया। उन्‍होंने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के 'सबका साथ सबका विकास' विजन को साकार करती है तथा समाज के सबसे कमजोर वर्ग की जरूरतों को पूरा करके जोखिम में कमी लाने के हमारे प्रयासों को ज्‍यादा समावेशी बनाने का प्रयास करती है। उन्‍होंने आपदा न्‍यूनीकरण को निरंतर विकसित होने वाली प्रक्रिया करार दिया और एनडीएमए से अपने प्रक्रियाओं और हस्‍तक्षेपों में निरंतर सुधार लाने की दिशा में कार्य करने का अनुरोध किया।  


इस वर्ष के स्‍थापना दिवस के विषय - 'अग्नि सुरक्षा' के बारे में चर्चा करते हुए उन्‍होंने कहा कि अमेजन के जंगलों में लगी विनाशकारी आग तथा सूरत अग्निकांड जैसी घटनाओं के कारण हाल ही दुनियाभर का ध्‍यान इसकी ओर आकृष्‍ट हुआ था। विशेषकर उन्‍होंने शहरी क्षेत्रों में अग्नि जोखिम न्‍यूनीकरण संबंधी योजना बनाये जाने की जरूरत पर बल दिया। अलग-अलग प्रकार के अग्निकांडों जैसे - रिहायशी, व्‍यावसायिक, ग्रामीण, शहरी, औद्योगिक और जंगल की आग जैसी घटनाओं का उल्‍लेख करते हुए उन्‍होंने कहा कि ये सभी अलग-अलग तरह की चुनौतियां प्रस्‍तुत करती हैं और उन सबसे निपटने के लिए भी विशिष्‍ट रणनीतियों की जरूरत पड़ती है। उन्‍होंने अग्निशमन कर्मियों के लिए प्रर्याप्‍त प्रशिक्षण तथा उन्‍हें सही रक्षात्‍मक उपकरण उपलब्‍ध कराये जाने पर बल दिया।


प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव ने कहा कि शॉपिंग काम्‍पलेक्‍स, व्‍यावसायिक प्रतिष्‍ठानों और सरकारी इमारतों सहित सभी महत्‍वपूर्ण अवसंरचनाओं – का अग्नि सुरक्षा की दृष्टि से नियमित रूप से परीक्षण किया जाना चाहिए और आवश्‍यक ऐहतियाती उपाय प्राथमिकता के साथ किये जाने चाहिए।


उन्‍होंने कहा कि विशेषकर बड़े शहरों के लिये तो यह बात खासतौर पर प्रसांगिक है, जहां नगर निगम के कानूनों का पालन करके सूरत जैसी घटनाओं की रोकथाम की जा सकती हैं, जहां एक व्‍यावसायिक परिसर में स्थित एक कोचिंग सेंटर में लगी आग में अनेक छात्रों की मौत हो गई थी।


डॉ. मिश्रा ने अग्नि से बचाव, शमन और प्रतिक्रिया के लिए नवीनतम प्रौद्योगिकी और उपकरणों को शामिल करने के मुम्‍बई शहर के प्रयासों की सराहना की। इनमें अग्नि शमन कार्रवाईयों के लिए ड्रोन, हैंड-हेल्‍ड लेज़र इन्‍फ्रा–रेड कैमरा और थर्मल इमेजिंग कैमरा से युक्‍त रिमोट-कंट्रोल्‍ड रोबोट शामिल हैं।  


आगजनी की घटनाओं से निपटने में समय के महत्व की चर्चा करते हुए उन्‍होंने कहा कि मुंबई, हैदराबाद तथा गुड़गांव में विकसित मोबाइल फायर स्टेशन कार्रवाई समय को कम करने का नवाचारी उपाय है। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन को अग्निशमन सेवाओं के साथ सहयोग करना चाहिए और कार्रवाई दक्षता बढ़ाने में स्थान अनुकूल समाधान करना चाहिए।


डॉ. पी.के. मिश्रा ने कहा कि पश्चिमी देशों में आपदा और आपातस्थिति में अग्नि शमन सेवायें कार्रवाई की पहली पंक्ति के रूप में काम करती है। उन्होंने कहा कि हमारी अग्निशमन सेवाओं को उन्नत बनाने पर विचार करना चाहिए, ताकि अग्निशमन दल किसी आपदा और आपात की स्थिति में प्रभावित समुदाय द्वारा कदम उठाने से पहले कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि व्यापक जागरूकता अभियानों के साथ सामुदायिक स्तर पर मॉकड्रिल करने की जरूरत है, ताकि अग्नि सुरक्षा सभी के एजेंडा में शामिल हो सके।


उन्‍होंने एनडीएमए से वर्ष 2012 में जारी 'अग्नि सेवाओं पर राष्‍ट्रीय दिशा-निर्देशों' पर नये सिरे से गौर करने और इनका अद्यतन करने को कहा।


उन्‍होंने निष्‍कर्ष के तौर पर यह बात दोहराई कि अग्नि सुरक्षा सभी के लिए चिंता का विषय है और हमें 'सभी के लिए अग्नि सुरक्षा' सुनिश्चित करने के लिए प्रयास करने की जरूरत है।


इस अवसर पर उपस्थित गणमान्‍य व्‍यक्तियों में एनडीएमए, केन्‍द्र सरकार एवं राज्‍य सरकारों के वरिष्‍ठ अधिकारी और राज्‍य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों तथा अग्नि सेवाओं के प्रतिनिधि भी शामिल थे।