रविवार, 31 मई 2020

लाॅकडाउन के दौरान आॅनलाइन शिक्षा का प्रयोग सार्थक रहा: उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया

संवाददाता : नई दिल्ली


      लाॅकडाउन के दौरान दिल्ली सरकार के स्कूलों में आॅनलाइन शिक्षा का रविवार समापन हुआ। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने विभागीय अधिकारियों के साथ इसकी समीक्षा की। श्री सिसोदिया ने कहा कि यह प्रयोग सार्थक रहा।

 

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 4 अप्रैल को ’कोरोना काल में पैरेंटिंग’ तथा “हर घर एक स्कूल, हर माता-पिता एक शिक्षक” का आह्वान किया था। इसके आलोक में दिल्ली सरकार ने केजी से कक्षा 12 तक हर कक्षा के बच्चों के लिए पांच अलग-अलग हस्तक्षेप शुरू किए। दिल्ली सरकार के स्कूलों के लगभग 9 लाख बच्चों को इसका लाभ मिला।

 

उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने आज इस कार्यøम की समीक्षा की। उन्होंने शिक्षा निदेशक विनय भूषण, शिक्षा सलाहकार शैलेन्द्र शर्मा और अतिरिक्त निदेशक (स्कूल) डॉ. सरोज सेन आडल के अलावा मुख्य हितधारकों के साथ समीक्षा की। हितधारकों में स्टूडेंट्स, उनके माता-पिता, शिक्षक, अधिकारी और सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल थे।

 


 

समीक्षा के दौरान श्री सिसोदिया ने कहा कि लाॅकडाउन के  बावजूद नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत करना अनोखा प्रयोग है। इस संकट के दौर में डिजिटल तकनीकों की मदद से ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन करना, काफी चुनौतीपूर्ण था। हमने पहले कभी ऐसी तकनीक का इस्तेमाल नहीं किया था। लेकिन अब हम कोरोना के समय में पेरेंटिंग के समापन सत्र में पहुंच गए हैं। हमारे लिए अपनी शिक्षा और अनुभवों की समीक्षा आवश्यक है।

 

निदेशक शिक्षा विनय भूषण ने कहा कि छात्रों के पूरी तरह स्कूल में वापस आने तक उनकी प्रति सप्ताह ट्रैकिंग करने की योजना है। शिक्षा निदेशक के प्रमुख सलाहकार शैलेन्द्र शर्मा ने इन पाँच कार्यक्रमों की जानकारी दी-

 

1. कक्षा 11 के छात्रों के लिए लाइव ऑनलाइन कक्षाएं,

2. कक्षा 10 और 12 के छात्रों के लिए हर दिन अंग्रेजी और व्यक्तित्व विकास

3. कक्षा 9 के छात्रों के लिए ऑनलाइन गणित की कक्षाएं

4. 9 से 12 के छात्रों के लिए डिजिटल उद्यमशीलता कक्षाएं

5. केजी से कक्षा 8 तक बच्चों के लिए माता-पिता के माध्यम से एसएमएस और आईवीआर आधारित गतिविधियां

 

इनके अलावा, परिवार की खुशी के लिए ऑनलाइन क्लास के 15 सत्र आयोजित हुए। इनमें प्रतिदिन औसतन 40,000 लोग शामिल हुए। लाइव ऑनलाइन कक्षाओं का प्रयोग काफी सार्थक रहा। कक्षा 11 के छात्रों के लिए कैरियर लॉन्चर के सहयोग से 6 अप्रैल आॅनलाइन कक्षाएं प्रारंभ हुईं। 85 फीसदी छात्रों ने इसमें पंजीयन किया। अंग्रेजी कक्षाओं में सर्वाधिक 60,500 छात्रों की उपस्थिति हुई। ये कक्षाएं 30 मई 2020 को संपन्न हुईं। 

 

शिक्षा विभाग के अनुसार इन कक्षाओं के माध्यम से सामान्य कक्षाओं की अपेक्षा 10 घंटे से भी अधिक अतिरिक्त पढ़ाई हुई।

 

आरपीवीवी, गांधीनगर की छात्रा दीया जैन ने अनुभव साझा करते हुए कहा कि पहले नियमित कक्षाओं में हमारे पास किसी विषय को दुबारा पढ़ना मुश्किल था। लेकिन अब ऑनलाइन कक्षाओं में विषय रिकॉर्ड होने के कारण बेहतर समझ के लिए दुबारा देखे जा सकते हैं।

 

सीनियर सेकेंडरी स्कूल, नजफगढ़ की स्टूडेंट एनी ने कहा कि प्रत्येक ऑनलाइन कक्षा में दो शिक्षक होते हैं। एक हिंदी और दूसरे अंग्रेजी के लिए। हमें आसानी से अपनी शंका दूर करने का अवसर मिलता है। हम चैट बॉक्स के जरिए कुछ भी पूछ सकते हैं। एनी ने ऑनलाइन क्लासरूम जारी रखने का सुझाव दिया।

 

इसी तरह, कक्षा 10 और 12 के छात्रों के लिए प्रतिदिन अंग्रेजी और व्यक्तित्व विकास कक्षाएं भी काफी सफल रहीं। इन कक्षाओं में किसी एक दिन अधिकतम उपस्थिति 83545 दर्ज की गई। इसे ब्रिटिश काउंसिल और मैकमिलियन एजुकेशन के सहयोग से 4 मई, 2020 को लॉन्च किया गया था। इसका मकसद बोर्ड परीक्षा का इंतजार कर रहे छात्रों को नए कौशल का अवसर प्रदान करना था। इसके 30 सत्र की अंतिम कक्षा 2 जून को होगी।

 

इन ऑनलाइन कक्षाओं में बच्चों के बीच सबसे लोकप्रिय गतिविधियांे में व्याकरण संबंधी खेल और अभ्यास, खेल और शौक गतिविधियाँ, दोस्त बनाओ और मीडिया साक्षरता प्रमुख थीं। दस दिनों के अंतराल पर दो बार मूल्यांकन किया गया। 70 फीसदी से अधिक अंक लाने वाले छात्रों की संख्या 29 फीसदी से बढ़कर 41 फीसदी हो गई।

 

इसके अलावा, कक्षा 9 के छात्रों के लिए 1015 शिक्षकों की मदद से ऑनलाइन मैथ्स कक्षाएं खान अकादमी की साझेदारी में शुरू हुईं। यह 27 अप्रैल से 29 मई तक चलीं। सप्ताह में तीन दिन 90 मिनट की क्लास हुई। नए बैच के लिए बुनियादी गणित पर 7 विषय और पुराने बैच के लिए अभ्यास के 4 विषय रखे गए। लगभग 1.75 लाख छात्रों ने इन कक्षाओं का लाभ उठाया। यह कुल नामांकन का 36 फीसदी है। 56 शिक्षकों ने शिक्षण सामग्री तैयार करने और हेल्पलाइन प्रबंधन का दायित्व संभाला। 1015 शिक्षकों ने अपने स्कूलों के छात्रों का मार्गदर्शन करने के लिए खान अकादमी के ऑनलाइन प्रशिक्षण में भाग लिया।

 

ऑनलाइन क्लास के बारे में अनुभव पूछने पर आरपीवीवी यमुना विहार के छात्र रजत ने कहा कि स्कूल का अपना आकर्षण है, लेकिन ऑनलाइन क्लासेस भी अच्छा प्रयोग है।

 

लाॅकडाउन के दौरान कक्षा 9 से 12 के छात्र के लिए उद्यमी मानसिकता क्लासेस भी चलाई गईं। दिल्ली सरकार की ईएमसी टीम द्वारा 16 अप्रैल को शुरू हुआ यह प्रयोग 4 जून तक चलेगा। इसमें सोशल मीडिया के विभिन्न मंच फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर, व्हाट्सएप, यूट्यूब और एसएमएस के जरिए ऐसी क्लासेस हुईं। इस दौरान विषयों पर छात्रों के लिए 10 गतिविधियाँ हुईं- रचनात्मकता, आत्म जागरूकता, भय का प्रबंधन, बड़ा सपना और निर्णय-क्षमता। उद्यमियों के साथ दो लाइव संवाद आयोजित किए गए। 3 जून और 10 जून को दो और संवाद होंगे। इन क्लासेस में लगभग 45,000 छात्रों ने भाग लिया।

 

इनके अलावा, केजी से कक्षा 8 तक हैप्पीपेस क्लासेस, मिशन बुनियाद का प्रयोग भी सकारात्मक रहा। केजी से 8 तक बच्चों के 5.7 लाख अभिभावकों के साथ एसएमएस के माध्यम से सामान्य गतिविधियां चलाई गई। स्वास्थ्य और स्वच्छता, कला और शिल्प, कोरोना जागरूकता सहित 52 सामान्य गतिविधियाँ हुईं। प्रत्येक वैकल्पिक दिनों में माता-पिता के साथ कुल 25 कहानियाँ अथवा गतिविधियां साझा की गईं।

 

मिशन बुनियाद के तहत कक्षा 3 से 8 तक के 5.2 लाख अभिभावकों को मिस्ड कॉल के माध्यम से जोड़ा गया। प्रत्येक वैकल्पिक दिन में अभिभावकों के साथ कुल 25 कहानियाँ, गतिविधियां साझा की गई। कक्षा तीन से आठ तक के बच्चों के लिए एसएमएस, आईवीआर के जरिए मिशन बुनियाद और कहानियों पर आधारित शिक्षा 13 मई से 31 मई तक चलाई गईं। साथ ही, दिल्ली में नगर निगम स्कूलों के प्राथमिक कक्षाओं के लगभग 4 लाख बच्चों के अभिभावकों के साथ एसएमएस और आइवीआर के माध्यम से 4 मई को शिक्षण प्रारंभ हुआ।

 

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बच्चों और उनके माता-पिता के साथ फोन पर भी बात की और उनकी पसंदीदा गतिविधियों के बारे में पूछा और कैसे उन्होंने इन गतिविधियों का संचालन किया। श्री सिसोदिया ने कहा कि आॅनलाइन शिक्षा के इन प्रयोगों से सबक लेते हुए सामान्य दिनों की शिक्षा में डिजिटल तकनीक के सार्थक उपयोग के प्रयास किए 

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टिहरी में फंसे 35 नेपाली श्रमिक अपने वतन को हुए रवाना...

संदीप शर्मादेहरादून उत्तराखंड 


      लॉकडाउन के चलते जनपद टिहरी के गजा में  फंसे 35 नेपाली श्रमिकों को उनके वतन रवाना किया गया। रवानगी से पहले सभी की थर्मल स्क्रीनिंग भी की गई। मुनि की रेती थाना क्षेत्र के पूर्णानंद खेल मैदान में प्रवासियों की आमद और घर जाने वाले बाहरी राज्यों के लोग प्रतिदिन पहुंच रहे हैं।



यहां पुलिस प्रशासन की टीम तैनात है, जो सभी के नाम पते दर्ज कर रही है।हालांकि अब रेंडम जांच के बाद प्रवासियों को 14 दिन के लिए मुनिकीरेती क्षेत्र में ही क्वारंटाइन किया जा रहा है। आशंका प्रवासियों के सैंपल लेकर एम्स ऋषिकेश भेजे जा रहे हैं।शनिवार को पूर्णानंद मैदान में 35 नेपाली श्रमिक पहुंचे।


बताया कि अपने वतन जाने के लिए संबंधित थाने में रजिस्ट्रेशन कराया था। पुलिस प्रशासन ने उनके घर जाने की व्यवस्था की है।वरिष्ठ उपनिरीक्षक वीकेंद्र कुमार ने बताया कि नेपाली श्रमिक लॉकडाउन के कारण गजा में फंसे हुए थे। सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन कराते हुए सभी को एक वाहन से गंतव्य की ओर रवाना किया है।


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28 विभिन्न राज्यों के 28 छात्रों ने भाग लिया और मौलिक कर्तव्यों का अनुवाद अपने-अपने राज्यों की क्षेत्रीय भाषाओं में किया...

आशुतोष ममगाई  @ देहरादून उत्तराखंड 


      युवाओं को मौलिक कर्तव्यों के बारे में जागरूक बनाने के लिएपंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय,बठिंडा (सीयूपीबी) ने "ए रिमाइंडर ऑन फंडामेंटल ड्यूटीज " शीर्षक से एक लघु वीडियो जारी किया है।


मानव संसाधन विकास मंत्रालय और यूजीसी के निर्देशों के अनुसार, सीयूपीबी के ईबीएसबीक्लब ने “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के तहत तथा विश्वविद्यालयके कुलपति प्रोफेसर आर.के. कोहली के दिशानिर्देशन में इस वीडियो को तैयार किया है।



इस वीडियो का उद्देश्य सभी जिम्मेदार नागरिकों कोमौलिक कर्तव्यों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित करना है, कोविड –19 से मुकाबला करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को सरकार द्वारा जारी प्रतिबंधात्मक दिशानिर्देशों का पालन करने के लिए प्रेरित करना हैऔर सभी को"संकल्प से सिद्धि की और" अभियान का हिस्सा बनने के लिए अपील करना है।


इस वीडियो मेंदेश भर के 28 विभिन्न राज्यों का प्रतिनिधित्व करने वाले 28सीयूपीबी-ईबीएसबी क्लब के छात्र-स्वयंसेवकों ने भाग लिया और मौलिक कर्तव्यों का अनुवाद अपने-अपने राज्यों की क्षेत्रीय भाषाओं में किया।


https://twitter.com/EBSB_MHRD/status/1265896852232134656



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संगीतकार वाजिद खान का निधन,किडनी हुई थी ट्रांसप्लांट,रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव,बॉलीवुड में शोक की लहर...

संवाददाता : मुंबई  महाराष्ट्र


      बॉलीवुड की दुनिया से एक और दुखद खबर, मशहूर संगीतकार वाजिद खान का निधन हो गया है। उनके निधन से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है। फिल्म इंडस्ट्री में साजिद-वाजिद की जोड़ी के रूप में वाजिद के निधन से बॉलीवुड में शोक की लहर छा गयी है। उन्हें याद करने और श्रद्धांजलि देने का सिलसिला जारी है।


एक रिपोर्ट के अनुसार, वाजिद खान किडनी की बीमारियों से पीड़ित थे और उनकी हालत बिगड़ने के बाद उन्हें मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 42 वर्षीय वाजिद खान को मुंबई के चेंबुर में एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कुछ महीने पहले ही उनकी किडनी ट्रांसप्लांट की गई थी। लेकिन उनकी तबीयत ठीक नहीं थी। कुछ दिन पहले ही जांच में कोरोना संक्रमित भी पाया गया था। 


रविवार शाम को उनकी हालत बिगड़ गई और तमाम कोशिशों के बाद भी डॉक्टर उन्हें बचा नहीं पाए क्योंकि किडनी की समस्या के कारण उनका इम्युनिटी लेवल बहुत कम हो गया था। वहीं संगीतकार सलीम मर्चेंट ने ट्वीट किया, 'साजिद-वाजिद की जोड़ी के मेरे भाई वाजिद के निधन की खबर से परेशान हूं। अल्लाह उनके परिवार को ताकत दे. वाजिद भाई आप बहुत जल्दी चले गए। यह हमारी बिरादरी के लिए एक बड़ा नुकसान है। मैं हैरान और टूट गया हूं। 



वहीं फिल्म अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा ने वाजिद खान के निधन पर शोक जताया है। प्रियंका चोपड़ा ने ट्वीट किया, दुखद समाचार. एक बात जो मुझे हमेशा याद रहेगी वो है वाजिद भाई की हंसी। हमेशा मुस्कुराते रहते थे. बहुत जल्द चले गए। उनके परिवार और शोक व्यक्त करने वाले लोगों के प्रति मेरी संवेदना। आपकी आत्मा को शांति मिले मेरे दोस्त.



बता दें कि साजिद-वाजिद की जोड़ी बॉलीवुड के दबंग सलमान खान के लिए संगीत तैयार करती रही है।वाजिद खान ने साजिद के साथ मिलकर सलमान के लिए कई गीतों का निर्देशन किया। इसमें दबंग के फेमस गाने शामिल हैं। 


साजिद-वाजिद ने 1998 में सलमान खान अभिनीत फिल्म 'प्यार किया तो डरना क्या' से अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद इस जोड़ी ने एक के बाद एक हिट फिल्म के लिए संगीत दिए। इसमें चोरी चोरी, हेलो ब्रदर, मुझसे शादी करोगी, पार्टनर, वांटेड, दबंग (1,2 और 3) जैसी फिल्में शामिल हैं। साजिद-वाजिद की जोड़ी ने अभी हाल ही में सलमान खान के लिए 'भाई-भाई' कम्पोज किया था। एक गायक के रूप में वाजिद खान ने 2008 में फिल्म पार्टनर के लिए गाया भी था। 


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132 गृह रक्षकों नामांकन के दौरान व बाद में भी जाति प्रमाण पत्र को छिपाकर 28 सालों तक सेवा करने वालों के खिलाफ जांच...

संवाददाता : रांची झारखंड


      132 गृह रक्षकों द्वारा नामांकन के दौरान व बाद में भी जाति प्रमाण पत्र को छिपाकर 28 सालों तक सेवा करने वालों के खिलाफ जांच कराने का आदेश मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने दिया है। मुख्यमंत्री ने सरकार से पारिश्रमिक व भत्ता इत्यादि लेने के मामले में इन गृह रक्षकों को अगले आदेश तक  कोई भी कार्य नहीं लेने का भी आदेश दिया है। 



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वी सर्व बिजनेस सोल्यूशन्स के एम डी संदीप पासे ने एक लाख रुपये की राशि का चैक कोरोना रिलीफ फण्ड के लिए सौंपा...

संवाददाता चंडीगढ़ हरियाणा 


      हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ओम प्रकाश यादव को रविवार चंडीगढ़ में वी सर्व बिजनेस सोल्यूशन्स प्राइवेट लिमिटेड गुरुग्राम के एम डी संदीप पासे ने एक लाख रुपये की राशि का चैक हरियाणा कोरोना रिलीफ फण्ड के लिए सौंपा।


यादव ने कहा कि इससे पहले भी प्रदेश की सामाजिक, धार्मिक संस्थाओं के साथ -साथ औधोगिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने कोरोना वायरस के दौरान हरियाणा कोरोना रिलीफ फण्ड में रुपये दान किए।



उन्होंने कहा कि लोगों को कोरोना बीमारी से बचाव के लिए सावधानी बरतनी बहुत ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि लोगों को किसी जरूरी काम से ही घर से बाहर निकलना चाहिए। अगर घर से बाहर जरूरी काम से  निकलना भी पड़े  तो मुंह पर मास्क लगाएं, आपस में एक दूसरे से सोशल  डिस्टेंस रखें व साफ-सफाई व रखें तभी हम कोरोना से लड़ाई लड़ सकते हैं ।


उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि कोरोना को हराने में सरकार की मुहिम में हम सब मिलकर भागीदार बने तभी कोरोना संकट से निजात मिलेगी। उन्होंने कहा कि मनुष्य को कोरोना से बचाव के लिए अपनी इम्युनिटी बढ़ाने के लिए खानपान पर ध्यान देना चाहिए वही योग कर  शरीर को मजबूत व तंदुरुस्त बनाना चाहिए।  


उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मन की बात कार्यक्रम से लोगों तक अपनी बात पहुंचाई जिससे लोगों में नई ऊर्जा और विकास का संचार हुआ। उन्होंने देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल को विकास पुरुष की संज्ञा देते हुए कहा कि इनके नेतृत्व में देश व प्रदेश उन्नति और विकास की ओर अग्रसर है।


मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को एनडीए सरकार के दूसरे कार्यकाल का एक वर्ष पूर्ण होने पर बधाई दी...

संवाददाता : शिमला हिमाचल


      मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एनडीए सरकार के दूसरे कार्यकाल का एक वर्ष पूर्ण होने पर बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह वर्ष उपलब्धियों भरा रहा है, जिसमें एक मजबूत, जीवंत, ऊर्जावान और आत्मनिर्भर भारत की नींव रखी गई है।

 

जय राम ठाकुर ने कहा कि इस दूसरे कार्यकाल के प्रथम वर्ष के दौरान मोदी सरकार ने अयोध्या में एक भव्य श्री राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने के अलावा अनुच्छेद 370 को खत्म करने, तीन तलाक को अपराध घोषित करने, आतंकवाद-रोधी कानून, नागरिकता (संशोधन) अधिनियम जैसे कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।

 


 

मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन तलाक के उन्मूलन ने मुस्लिम महिलाओं के लिए एक बड़ी राहत प्रदान की है और उनके सशक्तीकरण का मार्ग प्रशस्त किया है। उन्होंने कहा कि इसी तरह अनुच्छेद 370 को निरस्त करना, जिससे जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा मिला था, एक ऐतिहासिक निर्णय था, जो भारत में कश्मीर के पूर्ण एकीकरण के लिए आवश्यक था। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य को जम्मू कश्मीर डिवीजन और लद्दाख डिवीजन के दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किया गया, जिससे पाकिस्तान को एक मजबूत संदेश मिला कि दिल्ली उसी क्षमता में जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार है।

 

जय राम ठाकुर ने कहा कि एनडीए सरकार द्वारा अपने एक वर्ष के कार्यकाल के दौरान लिया गया एक और ऐतिहासिक निर्णय नागरिकता (संशोधन) अधिनियम था, जो तीन पड़ोसी मुस्लिम बहुसंख्यक देशों (पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश) में अल्पसंख्यक वर्गों के धार्मिक उत्पीड़न और विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए इन देशों के गैर-मुसलमानों को नागरिकता देने का प्रयास है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की राजनीतिक दूरदर्शिता और मजबूत नेतृत्व के कारण ही आज देश कोरोना जैसी महामारी के संकट से प्रभावी ढंग से निपट रहा है। उन्होंने कहा कि जब दुनिया के अधिकांश शक्तिशाली राष्ट्र भी इस महामारी को नियंत्रित करने के लिए कठिन संघर्ष कर रहे थे, तो प्रधानमंत्री द्वारा समय पर लगाए गए लाॅकडाउन के निर्णय के कारण आज भारत की स्थिति अन्य देशों की तुलना में कहीं बेहतर है। केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी सराहना की है।

 

 जय राम ठाकुर ने कहा कि इस महामारी से देश को बाहर निकालने के लिए तथा समाज के सभी वर्गों के आर्थिक पुनरूत्थान के लिए वर्तमान केंद्र सरकार ने 20 लाख करोड़ रुपये के सबसे बड़े आर्थिक पैकेज की भी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत एक लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं और लगभग 80 करोड़ लोगों को अनुदान पर राशन प्रदान किया गया है और संकट की इस घड़ी में जनधन योजना के तहत लगभग 20 करोड़ महिलाओं के खातों में पैसा जमा किया गया है।   

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संशोधित लॉकडाउन 30 जून तक: छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा दिशा-निर्देश जारी...

संवाददाता : रायपुर छत्‍तीसगढ़


      कोरोना संक्रमण के नियंत्रण के लिए लॉकडाउन को चरणबद्ध ढंग से खोलने के संबंध में तथा 30 जून तक संशोधित लॉकडाउन लागू करने के संबंध में भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा दिशा-निर्देशों के तारतम्य में छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा विस्तृत निर्देश जारी किए गए हैं। 


सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी निर्देश में यह स्पष्ट किया गया है कि व्यक्तियों के अंतर्राज्यीय परिवहन के बारे में प्रतिबंध पूर्व अनुसार जारी रहेगा। इस संबंध में ई-पास के माध्यम से अनुमति प्राप्त होने पर आवागमन हो सकेगा। व्यक्तियों के अंतर जिला आवागमन के लिए भी नियमानुसार ई-पास के माध्यम से अनुमति प्राप्त करना आवश्यक होगा।



राज्य के सार्वजनिक पार्क, स्पोर्टस कॉम्लेक्स एवं स्टेडियम 7 जून तक बंद रहेंगे। राज्य के भीतर एवं अंतर्राज्यीय बस परिवहन सेवाओं के बारे में परिवहन विभाग और क्लब एवं बार के संचालन के बारे में पृथक से आदेश जारी किया जाएगा। 


जारी निर्देश में यह भी कहा गया है कि प्रशासनिक आवश्यकता को देखते हुए इन निर्देशों में कड़ाई की जा सकती है, परन्तु किसी प्रकार की ढील दिए जाने की अनुमति नहीं होगी। प्रदेश में चिन्हित कंटेनमेंट जोन में केवल अत्यावश्यक सेवाओं की अनुमति होगी। 


Pdf के लिये यहाँ Click करेंं।


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आप घर पर ही रहिये, हम हैं आपकी सेवा, सुरक्षा के लिए : वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक

प्रजा दत्त डबराल @ अल्मोड़ा उत्तराखंड 


 प्रहलाद नारायण मीणा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अल्मोड़ा द्वारा लाॅकडाउन के दृष्टिगत कर्तव्य पालन में लगे समस्त पुलिस बल को अपने कर्तव्य के साथ-साथ जरूरतमन्दों की मदद हेतु चलायी जा रही पहल उम्मीद, पर अल्मोड़ा पुलिस सामाजिक दायित्वों को भी बखूबी से निभा रही है। 


वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा चलाई जा रही उम्मीद पहल में आने वाली हर फरियाद का स्वयं प्राथमिकता से संज्ञान लेते हुए हर सम्भव प्रयास जरूरतमन्दों की उम्मीद पर मुस्कान बिखेर रहे हैं। इसी  सेवाभाव प्रेरित होकर अधिनस्थ अधि/कर्मचारी भी हर जरूरमन्द की मदद को आगे आ रही है।



इसी क्रम चौखुटिया थाने में जाकर के खीड़ा चौकी में आनन्द नेगी एवं नारायण सिंह निवासी- चुलेरासीम खीड़ा द्वारा बताया गया कि उनके रिश्तेदार नारायण सिंह पुत्र महेन्द्र सिंह निवासी- ग्राम काॅलोनी पो. बछुवाबाण तह. गैरसैण जिला चमोली  जो कि 7-8 साल से साॅस/फेफड़े के मरीज हैं जिन्हें आॅक्सीजन की हमेशा आवश्यकता रहती हैं, उनका आॅक्सीजन सिलेण्डर समाप्त होने वाला है, काफी कोशिशों के बाद भी नहीं मिल पा रही है।


इस फरियाद पर उम्मीद पहल पर खरा उतरते हुए चौकी प्रभारी खीड़ा फिरोज आलम द्वारा तत्काल हल्द्वानी से उसी सायं उनके लिए निजी व्यय पर आॅक्सीजन सिलैण्डर मॅगवाया गया।


अपनी पुलिस टीम का. संजय कुमार, का. जबर सिंह, का. अनिल कुमार के साथ आॅक्सीजन सिलेण्डर लेकर खीड़ा चौकी से 10 किलोमीटर दूर मोटर मार्ग तक जाकर रामगंगा नदी पार करने के उपरान्त ढाई कि.मी. पैदल खड़ी चढाई चढ़ते हुए नारायण सिंह के घर पर पहॅुचे। आॅक्सीजन सैलेण्डर देख पूरा परिवार खुश हो उठा, पुलिस टीम द्वारा उन्हें आॅक्सीजन सैलेण्डर फिट कराने के उपरान्त वे एसएसपी अल्मोड़ा एवं चौकी प्रभारी खीड़ा का धन्यवाद देने के लिए आतुर हो उठे। उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा पुलिस जिस सेवा भाव से *निःस्वार्थ कार्य कर रही है, यह प्रसंशनीय एवं सराहनीय है।


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जयपुर जिले में 150 हेक्टेयर क्षेत्र में टिड्डी नियंत्रण, कीटनाशक छिड़काव के लिए किया ड्रोन का उपयोग...

संवाददाता  : जयपुर राजस्थान


      कृषि विभाग एवं टिड्डी चेतावनी संगठन ने शनिवार रात्रि को जयपुर जिले में दो स्थानों पर अभियान चलाकर 150 हेक्टेयर क्षेत्र में टिड्डी नियंत्रण किया। एक स्थान पर कीटनाशक छिड़काव के लिए ड्रोन का उपयोग किया  कृषि  विभाग को विराटनगर के पास छिंड, बिहाझर एवं जोधुला में टिड्डी दल होने की जानकारी मिली। विभागीय अधिकारियों-कार्मिकों ने मौके पर पहुंचकर सर्वे कर एक किलोमीटर चौड़ा और 3 किलोमीटर लंबे टिड्डी दल का करीब 230 हेक्टेयर क्षेत्र में  प्रभाव पाया।

 

उप निदेशक कृषि विस्तार बीआर कड़वा के नेतृत्व में विभागीय कार्मिकों और स्थानीय काश्तकारों के सहयोग से आधी रात को टिड्डी नियंत्रण का काम चालू किया गया। यहां दुर्गम एवं पहाड़ी इलाका होने की वजह से ड्रोन के माध्यम से भी कीटनाशक छिड़काव किया गया। इसके अलावा एलडब्ल्यूओ के 4 वाहनों तथा 3 ट्रैक्टर माउंटेड स्प्रेयर का उपयोग किया गया। रविवार सुबह तक चले अभियान में यहां 50 लीटर कीटनाशक का छिड़काव कर 105 हेक्टेयर में टिड्डी नियंत्रित की गई।

 


 

इसी प्रकार शनिवार सायं स्थानीय किसानों ने आमेर तहसील क्षेत्र में हसन तलाई और खोर मीना में टिड्डी होने की सूचना दी।  कृषि विभाग के अधिकारियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर सर्वे कार्यवाही की जिसमें यहां अपेक्षाकृत छोटे टिड्डी दल का ठहराव पाया गया। डेढ़ किलोमीटर लंबे और 300 मीटर चौड़े इस टिड्डी दल से 80 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित मिला।

 

अर्द्ध रात्रि को उप निदेशक उद्यानिकी दानवीर वर्मा की अगुवाई में विभागीय कार्मिकों और किसानों ने मिलकर टिड्डी नियंत्रण अभियान चलाया। एलडब्ल्यूओ के 2 वाहनों और 3 ट्रेक्टर माउंटेंड स्प्रेयर की मदद से 20 लीटर कीटनाशक छिड़काव कर 45 हेक्टेयर क्षेत्र में टिड्डी को नष्ट किया गया।

 

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प्रधानमंत्री मोदी मैन ऑफ आइडियाज : शिवराज सिंह चौहान

संवाददाता : भोपाल मध्यप्रदेश 


      मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी मैन ऑफ आइडियाज है। अद्भुत नेता है। उनकी प्रेरणा हमें काम करने के लिए नया उत्साह देती है। लोक कल्याण की भावना उनकी वाणी से प्रकट होती है। उन्होंने देश में कोरोना संकट की गंभीरता को समय रहते पहचाना, हमें उससे परिचित कराया तथा आगाह किया। उनके कुशल नेतृत्व में हमने कोरोना पर प्रभावी नियंत्रण पाया है।


मुख्यमंत्री चौहान रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम सुनने के बाद उस पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर खजुराहो सांसद वी.डी. शर्मा भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कोरोना की चुनौती को अवसर बनाया है। आत्मनिर्भर भारत बनाने की दिशा में सराहनीय कार्य हो रहे हैं। देश के साथ ही राज्य, कस्बे, गांव आत्मनिर्भर बनेंगे। लोकल वोकल बनेगा।



प्रधानमंत्री मोदी ने प्राकृतिक संकट साइक्लोन, टिड्डी हमले आदि को भी समय से भापा और उससे निबटने के लिए सार्थक प्रयास किए। आयुष्मान भारत के अंतर्गत एक करोड़ से अधिक गरीब लाभान्वित हुए हैं।


मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ऐसे नेता हैं, जिन्हें न केवल मनुष्यों की अपितु पूरी प्रकृति की चिंता रहती है।  पर्यावरण को स्वच्छ बनाएं, नदियां, पहाड़ों की चिंता करें, बारिश का पानी जमीन में पहुंचाएं भूजल स्तर  बढ़ाएं आदि सभी के लिए वे हमें प्रेरित करते हैं। एक और जहां उन्होंने पेड़ लगाने को कहा है वहीं दूसरी ओर यह भी कहा है कि गर्मी में पक्षियों की चिंता करें, उनके पीने के लिए पानी रखें।


मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने प्रवासी मजदूरों की चिंता की तथा कोरोना वारियर्स का अभिनंदन किया।  प्रधानमंत्री ने योग को दुनिया में प्रतिस्थापित किया है। उन्होंने जो 'योग से निरोग' का नारा दिया है वह सारी दुनिया को स्वस्थ करेगा।


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प्रधानमंत्री ने मन की बात में ‘माई लाइफ माई योगा‘ वीडियो ब्लौगिंग प्रतियोगिता की घोषणा की...

प्रजा दत्त डबराल @ नई दिल्ली


      प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार राष्ट्र को संबोधित अपने मासिक मन की बात संबोधन के दौरान सभी लोगों से आयुष मंत्रालय एवं भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) द्वारा एक संयुक्त प्रयास ‘माई लाइफ माई योगा (जीवन योगा के नाम से भी विख्यात) ‘ वीडियो ब्लौगिंग प्रतियोगिता में भाग लेने की अपील की। यह प्रतियोगिता व्यक्तियों के जीवन पर योग के रूपांतरकारी प्रभाव पर फोकस करता है और आगामी 21 जून, 2020 को मनाये जाने वाले छठे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (आईडीवाई) से संबंधित कार्यकलापों में से एक है। यह प्रतियोगिता आज, 31 मई, 2020 को आयुष मंत्रालय के सोशल मीडिया हैंडल्स पर लाइव हो गई है।


पिछले कई वर्षों से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाये जाने के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर योग के हजारों सद्भावपूर्ण सामूहिक प्रदर्शन होते रहे हैं। कोविड-19 की संक्रामक प्रकृति के कारण इस वर्ष सामूहिक भागीदारी उचित नहीं होगी। इसलिए, इस वर्ष मंत्रालय लोगों को उनके घर पर ही, पूरे परिवार की सहभागिता के साथ योग का अभ्यास करने को प्रोत्साहित कर रहा है। ‘माई लाइफ माई योगा‘ वीडियो ब्लौगिंग प्रतियोगिता के माध्यम से, आयुष मंत्रालय और आईसीसीआर योग को लेकर जागरूकता फैलाना चाहते हैं और लोगों को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2020 मनाने के लिए तैयार करने और उसमें सक्रिय भागीदार बनने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। यह प्रतियोगिता फेसबुक, ट्वीटर और इंस्टाग्राम के सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के माध्यम से भागीदारी का समर्थन करेगी। वीडियो प्रतियोगिता सभी देशों के प्रतिभागियों के लिए खुली होगी।



यह प्रतियोगिता दो चरणों में संचालित होगी। पहले चरण में एक अंतरराष्ट्रीय वीडियो ब्लौगिंग प्रतियोगिता होगी जिसमें देश के भीतर विजेताओं का चयन किया जाएगा। इसके बाद वैश्विक पुरस्कार विजेता होंगे जिनका चयन विभिन्न देशों के विजेताओं में से किया जाएगा।


प्रतिभागियों द्वारा तीन वर्गों-युवा (18 वर्ष से कम आयु के), वयस्क (18 वर्ष से अधिक आयु के) और योग प्रोफेशनल के तहत एवं इसके अतिरिक्त, पुरुष एवं महिला के लिए अलग से प्रविष्टियां प्रस्तुत की जाएंगी। इस प्रकार, कुल मिलाकर छह वर्ग होंगे। भारतीय प्रतियोगियों के लिए प्रत्येक वर्ग के भीतर पहले, दूसरे एवं तीसरे स्थान के लिए 1 लाख रुपये, 50 हजार रुपये तथा 25,000 रुपये के बराबर की पुरस्कार की राशि पहले चरण के भीतर घोषित कर दी गई है। वैश्विक पुरस्कारों के विवरण जल्द ही आयुष मंत्रालय के योग पोर्टल पर घोषित कर दिए जाएंगे।


यह प्रतियोगिता पूरे विश्व में हर प्रतिभागी के लिए खुली है। इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रतिभागियों को एक लघु वीडियो संदेश/विवरण कि किस प्रकार उक्त योग अभ्यासों ने उनके जीवन को प्रभावित किया, सहित 3 योग आसनों (क्रिया, आसन, प्राणायाम, बंध या मुद्रा) के 3 मिनट की अवधि के वीडियो अपलोड करने की आवश्यकता होगी। वीडियो को प्रतियोगिता हैशटैग #MyLifeMyYogaINDIA के साथ और उपयुक्त वर्ग हैशटैग के साथ फेसबुक, ट्वीटर और इंस्टाग्राम पर अपलोड किया जा सकता है। प्रतिभागिता के लिए विस्तृत दिशानिर्देश आयुष मंत्रालय के योग पोर्टल (https://yoga.ayush.gov.in/yoga/). पर देखा जा सकता है।


प्रधानमंत्री द्वारा प्रतियोगिता की घोषणा ने इसको लेकर बेशुमार उत्सुकता और दिलचस्पी जगा दी है। आयुष मंत्रालय को भरोसा है कि यह दिलचस्पी उल्लेखनीय सार्वजनिक स्वास्थ्य लाभों के रूप में रूपांतरित होगी क्योंकि कोविड-19 महामारी की स्थिति के कई पहलुओं के प्रबंधन में योग के सकारात्मक प्रभाव को अब भली भांति स्वीकार कर लिया गया है।


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आईआईटी रुड़की ने की स्प्रिंग सेमेस्टर 2019-20 को पूरा करने की योजना की घोषणा...

प्रजा दत्त डबराल @ रुड़की उत्तराखंड 


      भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की ने स्प्रिंग सेमेस्टर को पूरा करने की घोषणा की है। 2019-20 स्प्रिंग सेमेस्टर के सुचारू और समय पर पूरा करने के लिए संस्थान ने नई योजना तैयार की है जो http://acad.iitr.ac.in/notification/SCP_2019-20.pdf  पर उपलब्ध है।


सेमेस्टर पूरा करने की नई योजना कोविड-19 महामारी के कारण उत्पन्न अभूतपूर्व परिस्थितियों को देखते हुए तैयार की गई है। इसमें मौजूदा नियमों में बदलाव करते हुए कई विशेष प्रावधान दिए गए हैं।नई योजना के अनुसार, स्प्रिंग सेमेस्टर 2019- 2020 में छात्रों के प्रदर्शन को प्रोग्राम्स के ऐकडेमिक परफ़ोर्मेंस-बेस्ड टर्मनेशन, स्लो पेस प्रोग्राम्स और ऐसे अन्य क्लॉज़ के लिए नहीं गिना जाएगा।संस्थान ने बिना ग्रेड पॉइंट के पास लेटर ग्रेड को सैटिस्फैक्टरी (S) ग्रेड में बदलने के लिए एक प्रणाली शुरू की है, अगर छात्र इसके लिए अनुरोध करता है।



विभिन्न मूल्यांकन कम्पोनन्ट्स की वेटेज रेंज को भी संशोधित किया गया है। इसके अलावा, छात्रों के पास अपने ग्रेड में सुधार करने के लिए पुन: परीक्षा में बैठने का विकल्प भी होगा।एमटेक (MTech) व पीएचडी (PhD) थीसिस  (Thesis) और बीटेक (BTech) प्रोजेक्ट्स के लिए ऑनलाइन मूल्यांकन मोड शुरू किए गए हैं। जो छात्र अपनी थीसिस (Thesis) में अधिक काम करना चाहते हैं, उन्हें अपने मूल्यांकन को स्थगित करने की अनुमति दी गई है।इसी तरह, एमटेक (MTech) (1 वर्ष) और पीएचडी (PhD) कोर्स के सेमिनार के लिए, जो छात्र तैयार नहीं हैं और उन्हें अधिक समय की आवश्यकता है,वे मूल्यांकन स्थगित करने का अनुरोध कर सकते हैं।


मूल्यांकन अगले सेमेस्टर के पहले 4 सप्ताह के भीतर आयोजित किया जाएगा।लॉकडाउन के दौरान भी आईआईटी रुड़की ने ऑनलाइन शिक्षण विधियों का उपयोग करके सेमेस्टर जारी रखा। सेमेस्टर के पूरा होने पर छात्रों को मिड सेमेस्टर परीक्षाओं में प्रदर्शन व ऑनलाइन शिक्षण के दौरान किए गए मूल्यांकन के आधार पर फाइनल ग्रेडिंग दी जाएगी।


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प्रधानमंत्री ने मन की बात 2.0 के 12वें संस्‍करण को संबोधित किया...

संवाददाता : नई दिल्ली


      मन की बात 2.0 के 12 वें संस्‍करण को संबोधित करते हुए, प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि देश में कोरोना के खिलाफ लड़ाई सामूहिक प्रयासों से तेजी से लड़ी गई। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि कोविड महामारी के बीच वे अधिक सतर्क और सावधान रहें, क्योंकि अर्थव्यवस्था का एक बड़ा खंड खोल दिया गया है।


प्रधानमंत्री ने कहा, पर्याप्त एहतियात के साथ श्रमिक स्‍पेशल ट्रेनों और विशेष ट्रेन सेवाओं को फिर से शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि उड़ान सेवाएं फिर से शुरू हो गई हैं और उद्योग भी सामान्य स्थिति में लौट रहा है। उन्होंने आगाह किया कि किसी तरह की ढिलाई नहीं होनी चाहिए। उन्‍होंने लोगों को 'दो गज की दूरी'  बनाए रखने, फेस मास्क पहनने और जहां तक संभव हो घर पर रहने का सुझाव दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इतनी कठिनाइयों के बाद, देश की स्थिति को दक्षता से संभालना बेकार नहीं जाना चाहिए।



प्रधान मंत्री ने अपने लोगों द्वारा दिखाई गई सेवा की भावना का स्वागत किया और इसे सबसे बड़ी ताकत कहा। उन्होंने कहा, हम इस कहावत से परिचित हैं- सेवा परमो धर्मः; सेवा अपने आप में एक आनंद है…। सेवा अपने आप में एक संतुष्टि है। देश भर के चिकित्सा कर्मियों के प्रति सम्‍मान व्यक्त करते हुए, प्रधानमंत्री ने देश के डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, स्वच्छता कर्मियों, पुलिस कर्मियों और मीडियाकर्मियों की सेवा भावना की सराहना की। उन्होंने इस संकट के दौरान महिला स्व सहायता समूहों के उल्लेखनीय कार्यों की भी प्रशंसा की।


उन्होंने तमिलनाडु के केसी मोहन, अगरतला के गौतम दास, पठानकोट के राजू दिव्यांग जैसे आम देशवासियों के उदाहरणों का हवाला दिया, जिन्‍होंने संकट के  समय में दूसरों की मदद करने के लिए सीमित साधनों के बावजूद विशेष प्रयास किए। उन्होंने कहा कि महिलाओं के स्व सहायता समूहों की दृढ़ता की कई कहानियां देश के कोने-कोने से सामने आ रही हैं।


प्रधानमंत्री ने इस महामारी से निपटने में बहुत सक्रिय भूमिका निभाने के लिए व्यक्तियों के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने नासिक के राजेंद्र यादव का उदाहरण दिया जिन्होंने एक स्वच्छता मशीन तैयार की जो उनके ट्रैक्टर से जुड़ी थी। अनेक दुकानदारों ने अपनी दुकानों में 'दो गज की दूरी' का पालन करने के लिए बड़ी पाइप लाइनें लगाईं।


महामारी के कारण लोगों के कष्टों और कठिनाइयों पर अपना दर्द साझा करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा, कोरोना वायरस ने समाज के सभी वर्गों को पीड़ित किया है, लेकिन वंचित मजदूर और श्रमिक सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि केन्द्र, राज्य सरकारें, प्रत्येक विभाग और संस्थान पूरी गति के साथ राहत दिलाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूरा देश समझता है और महसूस करता है कि वे क्या कर रहे हैं और केन्द्र, राज्यों से लेकर स्थानीय शासन निकायों तक हर कोई चौबीसों घंटे मेहनत कर रहा है। उन्होंने उन लोगों की प्रशंसा की जो रेलगाड़ियों और बसों में लाखों मजदूरों को सुरक्षित रूप से पहुंचाने, उनके भोजन की देखभाल करने और प्रत्‍येक जिले में उनके क्‍वारंटाइन की व्यवस्था करने में लगातार लगे हुए हैं।


प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि समय की आवश्यकता एक नये  समाधान की योजना बनाने की है। उन्होंने कहा, सरकार ने इस दिशा में अनेक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्र द्वारा हाल ही में किए गए फैसलों ने ग्रामीण रोजगार, स्वरोजगार और लघु उद्योग की व्यापक संभावनाएं खोली हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आत्मनिर्भर भारत अभियान इस दशक में देश को अधिक ऊंचाइयों पर ले जाएगा।


प्रधानमंत्री ने दोहराया कि वर्तमान कोरोना महामारी के दौरान, हर जगह लोग 'योग' और 'आयुर्वेद' के बारे में अधिक जानकारी चाहते हैं और इसे जीवन के तरीके के रूप में अपनाते हैं। उन्होंने योग की "कम्‍युनिटी (लोगों), इम्‍युनिटी (प्रतिरक्षा) और यूनिटी (एकता) " के लिए वकालत की। उन्होंने कहा कि वर्तमान कोरोना महामारी के दौरान, योग बेहद महत्वपूर्ण हो गया है, क्योंकि यह वायरस श्वसन प्रणाली को प्रभावित करता है। योग में, प्राणायाम के कई प्रकार हैं जो श्वसन तंत्र को मजबूत करते हैं और इसके लाभकारी प्रभाव को लंबे समय तक देखा जा सकता है।


इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने लोगों से आयुष मंत्रालय द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय वीडियो ब्लॉग प्रतियोगिता 'माई लाइफ, माई योगा' के लिए अपने वीडियो साझा करने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री मोदी ने सभी से इस प्रतियोगिता में भाग लेने, और आगामी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का हिस्सा बनने का अनुरोध किया।


प्रधानमंत्री ने महामारी से निपटने में सरकार के प्रयासों की प्रशंसा की और यह साझा करने में गर्व महसूस किया कि आयुष्मान भारत ’योजना के लाभार्थी एक करोड़ से अधिक हो गए हैं। उन्होंने 'आयुष्मान भारत' के लाभार्थियों के साथ-साथ डॉक्टरों, नर्सों और चिकित्सा कर्मचारियों को भी बधाई दी जिन्होंने महामारी के दौरान रोगियों का इलाज किया था।


प्रधानमंत्री ने कहा कि एक तरफ हम कोरोनोवायरस से लड़ रहे हैं और दूसरी ओर चक्रवात अम्फान जैसी आपदाओं से भी। उन्होंने पश्चिम बंगाल और ओडिशा के लोगों के साहस और बहादुरी की सराहना की जिसके साथ उन्‍होंने चक्रवात अम्फान से मुकाबला किया। उन्होंने इन राज्यों में किसानों को हुए नुकसान के प्रति सहानुभूति व्यक्त की और कहा कि ये लोग जिस कठिन परीक्षा से गुजरे और जिस तरीके से उन्होंने अपना धैर्य और दृढ़ संकल्प दिखाया, वह सराहनीय है।


मोदी ने कहा कि चक्रवाती आपदा के अलावा, देश के कई हिस्से टिड्डियों के हमलों से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे सरकार संकट के दौरान लगातार काम कर रही है, ताकि पूरे देश में आम आदमी को आवश्यक वस्तुओं की कमी का सामना न करना पड़े। इस संकट के कारण किसानों की मदद और फसलों के नुकसान को कम करने के लिए केन्‍द्र से लेकर राज्य सरकारें, कृषि विभाग या प्रशासन तक, हर कोई आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर रहा है।


प्रधानमंत्री ने वर्तमान पीढ़ी को पानी बचाने के लिए अपनी जिम्मेदारी का एहसास कराने की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने वर्षा जल को बचाने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि सभी को जल संरक्षण के लिए प्रयास करने चाहिए। उन्होंने देशवासियों से प्रकृति के साथ दैनिक संबंध बनाने के लिए कुछ पेड़ लगाकर और संकल्प करके इस 'पर्यावरण दिवस' पर प्रकृति की सेवा करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन ने जीवन को धीमा कर दिया है लेकिन इसने प्रकृति को ठीक से देखने का मौका दिया है और जंगली जानवरों ने अधिक बाहर आना शुरू कर दिया है।


प्रधानमंत्री ने अपना संबोधन यह कहते हुए समाप्त किया कि लापरवाह या भावुक होना एक विकल्प नहीं हो सकता। कोरोना के खिलाफ लड़ाई अभी भी समान रूप से गंभीर है!


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बिहार सरकार द्वारा प्राप्त निर्देश के आलोक में जिलाधिकारी ने वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से बैठक की...

संवाददाता : पटना बिहार 


      बेतिया गृह विभाग, बिहार सरकार द्वारा प्राप्त निर्देश के आलोक में जिलाधिकारी ने वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से सभी एसडीओ, बीडीओ, सीओ, एमओआईसी के साथ गहन समीक्षा बैठक की।



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अब टिहरी में मिलेगी ऑस्ट्रेलियाई मेरिनो भेड़ की ऊन...

प्रजा दत्त डबराल @ देहरादून उत्तराखंड 


      उत्तराखंड की पहाड़ियों में अब उच्च गुणवत्ता वाले ऑस्ट्रेलियाई भेड़ से ऊन का उत्पादन किया जाएगा। इन भेड़ों से प्राप्त होने वाली ऊन से देश के कपड़ा उद्योग की वैश्विक बाजार पर निर्भरता कम होगी। 27 मई को, राज्य पशुपालन विभाग द्वारा संकलित भेड़ की ऊन की गुणवत्ता की परीक्षण रिपोर्ट ने पुष्टि की कि ऊन की गुणवत्ता ऑस्ट्रेलियाई मेरिनो भेड़ के समान है।

पशुपालन विभाग के सचिव डॉ. आर मीनाक्षी सुंदरम ने कहा कि, "हमने पिछले साल ऑस्ट्रेलियाई मेरिनो भेड़ आयात किया था और प्युर्ब्रेड से उसी गुणवत्ता और मात्रा में ऊन का उत्पादन हुआ जैसा ऑस्ट्रेलिया में मेरिनो भेड़ से होता है।“ सुंदरम ने कहा कि औसत फाइबर डाइऐमिटर भी 16.88 माइक्रोन है जो बहुत प्रभावशाली है। दुनिया भर में कपड़ा उद्योग में इसकी सबसे अधिक मांग रहती है।



पिछले साल राष्ट्रीय पशुधन योजना के तहत करीब 8.30 करोड़ रुपए की लागत से ऑस्ट्रेलिया से 240 मेरिनो भेड़ों को आयात किया गया था। जिन्हें ऊन की गुणवत्ता में सुधार और प्रजनन के लिए टिहरी गढ़वाल जिले में एक फार्म में रखा गया है। यह विकास कितना महत्वपूर्ण है इसे इस तथ्य से समझा जा सकता है कि भारतीय कपड़ा उद्योग ऑस्ट्रेलिया समेत वैश्विक बाजार से 8000 मीट्रिक टन ऊन का आयात करता है,  जिसकी कीमत 2000 करोड़ रुपये से अधिक है।

सुंदरम ने कहा कि, "उत्तराखंड में अगले सात वर्षों के लिए बहुत ही उन्नत प्रजनन कार्यक्रमों के साथ इसे एकीकृत आजीविका परियोजनाओं के साथ जोड़कर, हम भारत में कपड़ा उद्योग की कुल ऊन आवश्यकता का लगभग 50% उत्पादन कर सकते हैं।"

भेड़ फार्म में भ्रूण हस्तांतरण तकनीक में आधुनिक कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से एक उच्च गुणवत्ता वाले जर्मप्लाज्म को भेड़ के प्रजनक के लिए बनाया गया है।


राज्य  सरकार कोविड-19 के कारण उत्तराखंड लौटने वाले प्रवासी आबादी को एक स्थायी आजीविका के अवसर के रूप में भेड़ पालन की योजना बनायीं है। 


 

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लॉकडाउन में आदित्य सिंह नेगी ने "पेंटिंग" बना कर बिताया खाली समय...

प्रजा दत्त डबराल @ नई दिल्ली


      कोराना संकट में जहां एक ओर लोग घरों में लॉकडाउन से उकता गए वहीं नोएडा के एमिटी इंटरनेशनल स्कूल के नवीं कक्षा के छात्र आदित्य सिंह नेगी ने इनडोर रहते हुए अपनी ऑनलाइन क्लासेस, होमवर्क, परीक्षा, मनोरंजन व खेल के बाद बचे हुए खाली समय में तरह-तरह की पेंटिंग्स बना कर अपने चित्रों के खजाने को और बढ़ा दिया है।



उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल के मूल निवासी आदित्य ने बताया कि इस बार घूमने गांव न जा सकने के कारण उन्होंने गांव की कल्पना को कैनवस पर रंग व‌ ब्रश की मदद से साकार किया। क्रिकेट के शौक रखने और आईपीएल रद्द होने के कारण लॉकडाउन के पश्चात फिर से खेल शुरू होने के इंतजार के अपने भाव को भी उन्होंने इन में दर्शाया है।



पहाड़, टाइगर, गढरिये, मोर, चील, कोयल, घोड़े व कई अन्य चित्रों के साथ स्वामी विवेकानंद जी का चित्र बना कर उन्होंने अपने खजाने में वृद्धि की।


आदित्य ने बताया कि वह दोपहर और रात को खाना खाने के बाद पेंटिंग बनाने में खूब खुश रहता है, अगर लॉक डाउन आगे भी जारी रहता है तो वह अपनी पेंटिंग्स की ऑनलाइन प्रदर्शनी लगाने की सोच रहा है।


मिलनसार,नटखट और हंसमुख स्वभाव के आदित्य बताते हैं, अपनी मेहनत और अपने परिवार का खास तौर से अपनी प्यारी नानी शारदा, माँ डॉ. पूनम ,पिता डॉ.वी एस नेगी और अपनी बड़ी बहन पूर्विका नेगी का पूरा -पूरा योगदान मानते है। वह मानते है की किसी भी कार्य में फैमिली के स्पोट के बिना कार्य करना या सफल होना संभव नहीं होता और मेरी फैमिली मुझे पूरा सपोर्ट करती  है ।


                                                                                                         


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किशोरी से किया दुष्कर्म, प्रेग्नेंट होने पर खुलासा हुआ...

संवाददाता : गुरुग्राम हरियाणा 


        गुरुग्राम में 15 वर्षीय एक किशोरी के साथ दोस्ती कर दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। आरोपी युवक ने इस बारे में किसी को कुछ भी बताने पर उसे जान से मारने की धमकी दी थी, लेकिन किशोरी के गर्भवती होने पर इसका खुलासा हो गया।परिजनों के पूछने पर किशोरी ने पूरा घटनाक्रम उन्हें बता दिया।


पीड़िता की मां की शिकायत पर गुरुग्राम सेक्टर-65 थाने में दुष्कर्म और धमकी देने की धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तार किए गए आरोपी युवक की पहचान बादशापुर निवासी दिनेश के रूप में हुई है।



पुलिस ने आरोपी को शुक्रवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश कर उसे जेल भेज दिया है।पीड़िता की मां ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह सेक्टर-65 थाना क्षेत्र में अपने परिवार के साथ रहती है।


उनकी 15 साल की बेटी के साथ चार महीने से दिनेश नाम का युवक डरा-धमकाकर दुष्कर्म कर रहा था। किशोरी के गर्भवती होने पर परिवार को इस बात का पता चला।


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केजरीवाल सरकार ने केंद्र सरकार से 5000 करोड़ रुपये मांगे कहा कर्मचारियों को सैलरी देने का संकट...

प्रदीप महाजन @ नई दिल्ली 


      दिल्ली सरकार ने वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण को चिट्ठी लिखकर केंद्र सरकार से 5000 करोड़ रुपये मांगे हैं,दिल्ली सरकार के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्‍ली सरकार को हर महीने अपने कर्मचारियों को 3500 रुपये वेतन देना होता है, लेकिन सरकार के पास सिर्फ 1725 करोड़ रुपए ही हैं।


सिसोदिया ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण देशभर में लॉकडाउन लागू है इस लॉकडाउन की वजह से उद्योग-धंधे बंद रहे हैं जिससे सरकार की आय पर भी प्रतिकूल असर पड़ा है। इस कारण दिल्‍ली सरकारनके सामने कर्मचारियों को सैलरी देने का संकट पैदा हो गया है।



सिसोदिया ने बताया कि पिछले दो महीने में कर वसूली के तौर पर सरकार के पास कुल एक हजार करोड़ का राजस्‍व आया है. वहीं, अन्‍य स्रोतों से 725 करोड़ रुपए खजाने में आए हैं डिप्टी सीएम सिसोदिया ने बताया कि दिल्‍ली सरकार को प्रतिमाह 3500 रुपए अपने कर्मचारियों को वेतन देना होता है, लेकिन सरकार के पास सिर्फ 1725 करोड़ रुपए हैं इसलिए केंद्र सरकार आर्थिक मदद करे।


उन्होंने बताया कि आपदा प्रबंधन का रुपया भी दिल्ली सरकार को नहीं मिला है। मौजूदा समय मे दिल्ली सरकार ने 5 हज़ार करोड़ की मदद मांगी है। गौरतलब है कि दिल्ली की वित्तीय हालत सही करने के लिए केजरीवाल सरकार ने शराब पर 70 प्रतिशत कोरोना टैक्स भी लगाया हुआ है।


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पंचायतों में सरकारी हस्तक्षेप लोकतंत्र विरेाधी : कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह

संवाददाता : देहरादून उत्तराखंड 


       जिला पंचायत की योजनाओं के धन की मंजूरी के लिए प्रभारी मंत्री और डीएम अनुमोदन की अनिवार्यता को कांग्रेस ने लोकतंत्र विरेाधी फैसला करार दिया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत को पत्र भेजते हुए कैबिनेट के इस फैसले को निरस्त करने की मांग की।बीते रोज यह निर्णय किया गया है।


इसके लिए सरकार अध्यादेश लाने जा रही है। प्रीतम ने कहा कि यह फैसला पारदर्शिता नहीं बल्कि भ्रष्टाचार बढ़ाने वाला फैसला है।सरकार अपनी नाकामियों के चलते पंचायतों के चुनाव समय पर नहीं करा पाई। इसका खामियाजा जिला पंचायतों एवं ग्राम पंचायतों को भुगतना पड़ रहा है। जिला नियोजन समितियों के अधिकार प्रभारी मंत्री और डीएम को देकर सरकार पंचायतों को कठपुतली बनाना चाहती है।



इससे पंचायतों में विकास योजनाओं की धनराशि को खुदबुर्द किया जा सकेगा। यही सरकार का षड़यंत्र भी है। प्रीतम ने आगे कहा कि कोरोना की आड़ में सरकार ग्राम प्रधानों के 105 रिक्त पदों पर प्रशासक बिठाने और पंचायत प्रतिनिधियों के पदों पर मनचाहे लोगों को नामित करने की साजिश भी रच रही है।सरकार की मंशा लोकतंत्र विरेाधी है।


कांग्रेस इस फैसले का विरेाध करती है। सरकार कैबिनेट के फैसले को तत्काल वापस ले और जिला नियोज और पंचायतों में रिक्त पदों को चुनाव के जरिए भरे।


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दिल्ली पुलिस ने खोए दो दिनों में अपने दो जांबाज अधिकारी, कल ASI शेष मणि के बाद आज ASI विक्रम यादव की मौत...

प्रदीप महाजन @ नई दिल्ली 


      दिल्ली पुलिस कर्मी कोरोना महामारी में अपनी ड्यूटी ततपरता और निष्ठा से निभा रहे हैं। जिसके चलते उनको कोरोना संक्रमण हो रहा है,कल और आज दो पुलिस अधिकारियों की इस महामारी से मौत हो गई है


कल ASI शेषमणि पांडेय की मौत कोरोना से हुई ASI शेषमणि दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच में तैनात थे उन्हें फिंगरप्रिंट का एक्सपर्ट माना जाता था। आज ASI विक्रम यादव की कोरोना बीमारी से मौत हो गई है।



ASI विक्रम यादव सुल्तानपुरी थाने में तैनात थे। इससे पहले सिपाही अमित राणा की मौत इस बीमारी से हुई थी। गौरतलब है कि कोरोना से अभी तक दिल्ली पुलिस के करीब 500 पुलिस कर्मी,आधा दर्जन से अधिक एसएचओ और 2 डीसीपी संक्रमित हो चुके हैं।


दिल्ली पुलिस महासंघ के अध्यक्ष रिटायर्ड एसीपी वेद भूषण शर्मा ने दिल्ली पुलिस के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और पुलिस स्टाफ से अपील करी कि ड्यूटी के दौरान अपना ध्यान रखे।


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बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर श्रमिकों का हुआ अभिनंदन,चेहरे पर खुशी,आखों में आत्मविश्वास के साथ अपने गंतव्य को हुए रवाना...

संवाददाता : रांची झारखंड


      पिछले दो माह से अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में फंसे झारखण्ड के 180 प्रवासी श्रमिक शनिवार हवाई जहाज से झारखण्ड पहुंच गए। उनके आगमन पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि सभी श्रमिक भाइयों की घर वापसी से मन को सुकुन मिला।


पिछले 48 घंटे का प्रयास सफल हुआ। राज्य सरकार लॉकडाउन में फंसे सभी प्रवासियों को वापस लायेगी। पिछले कुछ दिनों में विभिन्न राज्यों में फंसे प्रवासी अपने घर लौट चुके हैं, उनके आने का क्रम जारी है। सरकार का प्रयास श्रमिक भाईयों के अपार धैर्य से परिलक्षित हो रहा है।



 गुलाब का फूल देकर मंत्री ने किया स्वागत


 अंडमान निकोबार द्वीप समूह में फंसे प्रवासी मजदूरों के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर आगमन के बाद स्वच्छता एवं पेयजल मंत्री मिथलेश ठाकुर एवं विधायक स्टीफन मरांडी ने गुलाब फूल देकर स्वागत किया। उनकी कुशलता जानी।


मुख्यमंत्री की लगातार निगरानी में नगर विकास विभाग, परिवहन विभाग, श्रम विभाग एवं कोरोना नियंत्रण कक्ष द्वारा पोर्टब्लेयर में स्थानीय जिला प्रशासन और पुलिस के समन्वय से श्रमिकों को लाने का लक्ष्य साधा गया। झारखण्ड पहुंचे सभी प्रवासियों की स्क्रीनिंग के बाद उन्हें भोजन का पैकेट देकर पूरी गरिमा से सम्मान रथ द्वारा उनके गंतव्य के लिए विदा किया गया।


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भारत में पत्रकारिता अपने प्रारम्भ से ही लोकहित की कसौटी पर खरी उतरती रही : दुष्यंत चौटाला

संवाददाता चंडीगढ़ हरियाणा 


      हरियाणा के उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने हिन्दी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर  प्रदेश के लोगों विशेष पर मीडिया से जुड़े लोगों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत में पत्रकारिता अपने प्रारम्भ से ही लोकहित की कसौटी पर खरी उतरती रही है।


हिन्दी पत्रकारिता के दिवस पर आज यहां जारी एक संदेश में उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि  वर्तमान समय में पत्रकारिता का क्षेत्र व्यापक हो गया है। उन्होंने कहा आज सूचना प्रौद्योगिकी के युग में भी पत्रकारिता जन-जन तक सूचनात्मक, शिक्षाप्रद एवं मनोरंजनात्मक संदेश पहुँचाने का एक माध्यम है। लोगों का आज भी मीडिया पर विश्वास बना हुआ है।



उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना के चलते राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय मीडियाकर्मियों ने अपनी जान-जोखिम में डालकर लोगों तक पल-पल की खबर पहुंचाने का कार्य किया है।


राष्ट्रीय भाषा होने के कारण भारत के अधिकांश राज्यों में आज भी हिन्दी पत्रकारिता पर लोगों का विश्वास बना हुआ है। उन्होंने कहा कि फिर भी संवाददाता को तथ्यों की पुष्टि करने उपरांत ही अपना समाचार प्रकाशित करना चाहिए।


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हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियन्त्रण बोर्ड ने किया एक करोड़ रुपये का अंशदान...

संवाददाता : शिमला हिमाचल


      हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियन्त्रण बोर्ड के अध्यक्ष रजनीश ने शनिवार यहां मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को बोर्ड निधि से एचपी एसडीएमए कोविड-19 स्टेट डिजास्टर रिस्पाॅंस फंड के लिए एक करोड़ रुपये का चेक भेंट किया।

 


 

मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए उनका आभार व्यक्त किया। हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियन्त्रण बोर्ड के सदस्य सचिव आदित्य नेगी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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सभी विभाग राज्य के लघु उद्योगों में उत्पादित सामग्रियों के विपणन को करें प्रोत्साहित: मुख्यमंत्री बघेल

संवाददाता : रायपुर छत्‍तीसगढ़


      मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य के लघु उद्योगों में उत्पादित सामग्रियों के विपणन को प्रोत्साहन देने के लिए सभी विभागों को सी.एस.आई.डी.सी. के माध्यम से जल्द से जल्द रेट कांट्रेक्ट निर्धारित करने के निर्देश दिए हैं।


उन्होंने विभागों द्वारा क्रय की जाने वाली सामग्रियों की सूची उद्योग विभाग-सी.एस.आई.डी.सी. को तत्काल उपलब्ध कराने तथा सी.एस.आई.डी.सी. को शीघ्र अतिशीघ्र समस्त वस्तुओं की दरें निर्धारित करने की कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। 



उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा पूर्व में राज्य के लघु उद्योगों द्वारा उत्पादित सामग्रियों के लिए सी.एस.आई.डी.सी. के माध्यम से ‘रेट कांट्रेक्ट‘ निर्धारित करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अभी भी अनेक विभागों द्वारा नियमित रूप से क्रय की जाने वाली विभिन्न सामग्रियों का ‘रेट कांट्रेक्ट‘ निर्धारित नहीं किया गया है।


मुख्यमंत्री ने कहा है कि जिन वस्तुओं का राज्य में निर्माण नहीं होता है तथा विभागों द्वारा उनका नियमित क्रय किया जाता है, उन सभी वस्तुओं की आपूर्ति राज्य में निर्माता कंपनियों के अधिकृत वितरकों के माध्यम से ही की जाए, जिससे राज्य में व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिले और राज्य को जी.एस.टी. की क्षति भी नहीं हो। 


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मुख्यमंत्री चौहान ने एक क्लिक से जमा किए 66 लाख विद्यार्थियों के लिए 146 करोड़...

संवाददाता : भोपाल मध्यप्रदेश 


      मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार मध्यान्ह भोजन योजना की मई और जून महीने के 37 दिनों की 145.92 करोड़ रूपये की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से 66.27 लाख विद्यार्थियों के खातों में जमा की। पूर्व में मार्च और अप्रैल माह के 33 दिन की राशि 117.11 करोड़ रूपए जमा की जा चुकी है। इसके अलावा भोजन तैयार करने वाले रसोईयों को भी कुल 84 करोड़ की राशि का भुगतान दो किस्तों में किया गया है।


कोरोना संकट की अवधि में कुल 347 करोड़ रूपए योजना के अंतर्गत जमा करवाए गये हैं। अवकाश की अवधि में पहली बार योजना का लाभ विद्यार्थियों को दिया गया है। मुख्यमंत्री चौहान ने विद्यार्थियों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई, कोरोना से बचाव के लिये अपनाए जा रहे उपायों और कॅरियर के संबंध में जानकारी ली। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास मनोज श्रीवास्तव, संचालक मध्यान्ह भोजन योजना दिलीप कुमार और सचिव मुख्यमंत्री एम. सेलवेन्द्रम उपस्थित थे।



उल्लेखनीय है कि प्रदेश की 1.13 लाख लक्षित शासकीय प्राथमिक व माध्यमिक शालाओं, अनुदान प्राप्त शालाओं एवं मदरसों तथा बाल श्रम परियोजना की शालाओं के बच्चों को मध्यान्ह भोजन योजनान्तर्गत दोपहर में पका हुआ भोजन दिया जाता है। कोरोना संकट के कारण शालाओं में मध्यान्ह भोजन का वितरण करना संभव न था, इसलिये बच्चों को खाद्य सुरक्षा भत्ता देने का फैसला लिया गया। इस क्रम में गत 29 मार्च को बच्चों को 33 दिन की राशि 117.11 करोड़ का भुगतान किया गया था। आज 37 दिन की राशि 145.92 करोड़ का भुगतान किया गया। इस तरह आगामी 13 जून तक के लिये छात्रों को खाद्य सुरक्षा भत्ते और रसोईयों को किये गये भुगतान को मिलाकर कुल 347 करोड़ की राशि प्रदान की गई है।


बच्चों के घरों तक पहुँच रहा है गेहूँ, चावल


प्रदेश में प्राथमिक और माध्यमिक कक्षाओं में अध्ययनरत 66.27 लाख बच्चों को 26109.79 मे.टन गेहूँ एवं चावल स्व सहायता समूहों, रसाईयों, स्वैच्छिक संगठनों के माध्यम से घर-घर जाकर वितरित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। यह कार्य सम्पन्न होने के बाद द्वितीय चरण में 29479.65 मेट्रिक टन गेहूँ, चावल के वितरण की कार्यवाही भी प्रारंभ कर दी गई है।


पढ़ाई-लिखाई की सब सुविधाएं देंगे, कोरोना से बचाव के लिए सजग रहें बच्चे : मुख्यमंत्री चौहान


मुख्यमंत्री चौहान ने योजना की राशि बच्चों के खाते में जमा करने के पश्चात 10 जिलों के बच्चों से बातचीत की। मुख्यमंत्री चौहान ने बच्चों से कहा कि उनके मामा का सभी भांजे-भांजियों को ढेर सारा आशीर्वाद है। स्कूल अभी बंद हैं। आप सभी के लिये राशन और खाद्य सुरक्षा भत्ते की व्यवस्था की गई है। कोरोना के संकट में किसी को परेशानी न हो इसलिये गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले परिवारों को पहले तीन माह और बाद में दो माह का राशन दिया गया। बिना राशन कार्ड वालों को भी इसका फायदा दिया गया। आप सभी अपनी पढ़ाई करते रहें। जब भी स्कूल शुरू होंगे, आप सभी को किताबें और यूनिफार्म प्रदान की जाएगी। संबल योजना के विद्यार्थियों के लिये भी सरकार व्यवस्था करेगी।


फीस के साथ ही अन्य सुविधाएं दी जाएंगी। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए दो गज की दूरी, मास्क बांधने और अन्य सावधानियों का पूरा पालन जरूर करें। यह कोरोना समाप्त हो जाएगा, आप सभी स्वस्थ रहने के लिए बचाव पर ध्यान दें। इससे डरना नहीं है, लेकिन लापरवाही भी नहीं करना है। सब मिलकर कोरोना को हराएंगे। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि बच्चे बेहतर भविष्य बनाएं, माता-पिता का नाम रोशन करें। मुख्यमंत्री चौहान ने आज बच्चों को बताया कि प्रधानमंत्री मोदी किस तरह राष्ट्र के हित में निरंतर महत्वपूर्ण फैसले लेते रहे हैं। आज उनके प्रधानमंत्री पद के द्वितीय कार्यकाल का प्रथम वर्ष पूरा हुआ।


बच्चों ने बताए भविष्य के सपने, मामा से खूब बतियाए, लॉकडाउन के अनुभव भी सुनाए


देवास जिले की कु. उत्तरांशी ने कहा कि वो मेहनत से पढ़ने का इरादा रखती हैं। अब स्कूल खुलना चाहिए। डिण्डौरी के सौरभ ने बताया कि लॉकडाउन की अवधि में उसने पढ़ाई भी की और खेती-किसानी के काम में भी समय दिया। सौरभ इंजीनियर बनना चाहता है। गुना के अनुज ने बताया कि उसने आठवीं के साथ नवमी की किताबें भी पढ़ लीं। वह इंजीनियर बनना चाहता है। सीधी की कु. दुर्गा ने अपने पढ़ाई-लिखाई की जानकारी दी। छतरपुर के दिव्यांश और ग्वालियर की रिचा ने भी दो महीने की अध्ययन गतिविधियों की जानकारी दी।


खण्डवा की राधिका ने बताया कि उसने पढ़ाई के साथ माँ को भी घर के काम में हाथ बटाया। वह पुलिस इंस्पेक्टर बनना चाहती है। सागर की गीतांजलि ने बताया कि वह भी घर के कार्य में सभी को सहयोग करती है। उसकी इच्छा आगे चलकर डॉक्टर बनने की है। विदिशा की कु. खुशी आईपीएस अफसर बनना चाहती है। उसे कोरोना संकट में पुलिस की सेवाएं देखकर भी प्रेरणा मिली है। सीहोर की कु. काजल भी पढ़ाई के प्रति गंभीर है और उसका सपना पुलिस इंस्पेक्टर बनने का है।


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शनिवार, 30 मई 2020

मुख्यमंत्री को 20 लाख 20 हजार 444 रूपये के चैक भेंट...

संवाददाता  : जयपुर राजस्थान


      मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को उच्च शिक्षा राज्य मंत्री श्री भंवर सिंह भाटी ने 20 लाख 20 हजार 444 रूपये के चैक मुख्यमंत्री निवास पर मुख्यमंत्री सहायता कोष कोविड-19 राहत कोष के लिए भेंट किए।

 


 

उच्च शिक्षा राज्य मंत्री ने बताया कि इनमें से 11 लाख रूपये का चैक राजस्थान निजी कॉलेज संघ की ओर से, 6 लाख 5 हजार 44 रूपये का चैक महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय की ओर से, 53 हजार 500 रूपये का चैक बीजेएस रामपुरिया कॉलेज, बीकानेर एवं शेष राशि अन्य भामाशाहों की ओर से कोविड-19 कोष के लिए दी गई है। 

 

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस सहयोग के लिए सभी दानदाताओं, भामाशाहों और संस्थाओं को धन्यवाद दिया है। 

 

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आॅनलाइन फोटो प्रतियोगिता के परिणाम घोषित...

संवाददाता : शिमला हिमाचल


      पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग के निदेशक यूनुस ने शनिवार यहां बताया कि विभाग द्वारा आयोजित क्लिक एंड अनलाॅक हिमाचल एट इट्स बेस्ट- ‘घर के झरोखे से’ आॅनलाइन फोटो प्रतियोगिता के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं।


उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा इस प्रतियोगिता का आयोजन 1 मई से 20 मई, 2020 तक किया गया। प्रतियोगिता में इमेल के माध्यम से 3484 फोटो प्राप्त हुए थे, जिसमें धर्मशाला के अनन्य महाजन ने प्रथम पुरस्कार, धनवाड़ चम्बा के हैरीसन सलवानी ने दूसरा और शाहपुरा दिल्ली के अर्पित कथूरिया ने तीसरा पुरस्कार जीता है। प्रथम, द्वितीय और तृतीय विजेताओं को क्रमशः 10 हजार, आठ हजार और पांच हजार रुपये पुरस्कार के रूप में प्रदान किए गए।



चैथे से 10वें पुरस्कार प्राप्त विजेताओं को अढ़ाई-अढ़ाई हजार रुपये जिसमें वरिति शर्मा संजौली शिमला ने चैथा, अभिनव जोशी नादौन ने पांचवा, अभिनन्दन ठाकुर पालमपुर ने छठा, शालीन बिलिंग भटिंडा पंजाब ने सातवां, साहिल सिंह शाहपुर व अरूण कुमार हमीरपुर ने आठवां, सौरव वर्मा हमीरपुर व नीरज ठाकुर मनाली ने नवां और गौरव शर्मा चम्बा व शिवानी रस्तोगी ने दसवां पुरस्कार प्राप्त किया है। 25 प्रतिभागियों को एक-एक हजार रुपये के सांत्वना पुरस्कार व प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए जाएंगे।


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भारतीय नौसेना ने ऑपरेशन "समुद्र सेतु" के अगले चरण की शुरुआत की...

संवाददाता : नई दिल्ली


      भारतीय नागरिकों को विदेशों से वापस लाने के लिए ऑपरेशन "समुद्र सेतु" के अगले चरण की शुरुआत 01 जून 2020 से होगी। इस चरण में, भारतीय नौसेना का जहाज ‘जलाश्व’ कोलंबो, श्रीलंका से 700 कर्मियों को वापस तूतीकोरिन, तमिलनाडु पहुंचाएगा और बाद में माले, मालदीव से तूतीकोरिन, तमिलनाडु के लिए अन्य 700 कर्मियों को स्वदेश भेजा जाएगा।


भारतीय नौसेना अपने पिछले चरण के अभियानों के दौरान, माले से कोच्चि तक 1,488 भारतीय नागरिकों को स्वदेश भेज चुकी है।



श्रीलंका और मालदीव में भारतीय मिशन, भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने की सूची तैयार कर रहे हैं और आवश्यक चिकित्सा जांच के बाद उनको पोतारोहण की सुविधा प्रदान की जाएगी। कोविड से संबंधित सामाजिक दूरी के मानदंडों का जहाज पर पालन किया जा रहा है और लोगों को समुद्र में सफर के दौरान बुनियादी सुविधाएं और चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।


तूतीकोरिन में उतरने के बाद, वापस लाए गए कर्मियों के देखभाल की जिम्मेदारी राज्य के अधिकारियों सौंप दी जाएगी। इस अभियान को विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय और भारत सरकार व राज्य सरकारों की विभिन्न अन्य एजेंसियों के साथ नजदीकी समन्वय से आगे बढ़ाया जा रहा है।


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क्वारंटाइन 113 साल पुराना फलस्पा...

प्रजा दत्त डबराल @ देहरादून उत्तराखंड 


      कोरोना जैसी महामारी का प्रकोप फैलने से अब सभी जान चुके हैं कि संक्रमित व्यक्ति को क्वारंटाइन या आइसोलेशन में क्यों रखा जाता है। लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि अंग्रेजों ने यह व्यवस्था अपने जमाने से ही लागू कर दी थी।



इसका प्रमाण जेल ऐक्ट 1894 में देखने को मिलता है। इसमें हर नए बंदी को क्वारंटाइन बैरक में रखने का प्रावधान है। 1907 में भारत में लागू किया गया यह ऐक्ट आज तक लागू है और जेलों में 113 सालों से बंदी क्वारंटाइन होते आ रहे हैं। वर्ष 1999 में बनकर तैयार हुई हरिद्वार जेल में भी क्वारंटाइन बैरक है। हालांकि वर्तमान समय में क्वारंटाइन बैरक ने मुलाहिजा बैरक का रूप ले लिया है। जहां पर बंदी को 10 दिन पहले ही अलग रखा जाता है और फिर दूसरे बैरक में रखने का प्रवाधान है।


पुराने जमाने में न तो हाईटेक चिकित्सा विधि थी, जिससे बीमारी का सटीक पता चल सके और न ऐसी विशेष दवाएं थीं। लेकिन अंग्रेजी हुकूमत के पास दूरदृष्टि थी।जिस कारण उनके द्वारा बनाए गए जेल ऐक्ट वर्ष 1894 में क्वारंटाइन की व्यवस्था की गई थी। इस नियम को भारत में वर्ष 1907 में लागू कर दिया गया। यह जेल ऐक्ट आज भी प्रभावी है।


113 साल से जेलों में क्वारंटाइन फार्मूला अपनाया जा रहा है। जेल ऐक्ट के मुताबिक जेल में निरुद्ध बंदियों और कैदियों को संक्रमण से बचाने के लिए जेल में आने वाले हर नए बंदी को 10 दिन तक क्वारंटाइन बैरक में रखा जाता है।


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1 जून से लेकर 30 जून तक देश में लॉकडाउन 5.0 लागू रहेगा,काफी सेवाओं पर छूट दी गई...

प्रजा दत्त डबराल @ नई दिल्ली


          केंद्र सरकार ने लॉकडाउन की अवधि को एक माह के लिए और बढ़ा दिया,यानि अब 1 जून से लेकर 30 जून तक देश में लॉकडाउन 5.0 लागू रहेगा। हालांकि इस बार काफी सेवाओं पर छूट दी गई है और इसके चलते लोगों को लॉकडाउन 5.0 में कम असुविधाएं होंगी। लॉकडाउन 5.0 में कर्फ्यू की अवधि को घटा दिया गया है जहां पहले शाम 7 बजे से दूसरे दिन सुबह 7 बजे तक कर्फ्यू रहता था इसे अब 4 घंटा कम कर दिया गया है यानि अब देशभर में रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू लागू रहेगा और लॉकडाउन से तीन चरणों में धीरे धीरे ढील भी दी जाएगी। लोग एक राज्य से दूसरे राज्य में बिना किसी पास के जा सकेंगे। 



आइए एक नजर डालते हैं लॉकडाउन 5.0 की गाइडलाइन पर :-


पहले चरण में धार्मिक स्थल, होटल, रेस्टोरेंट, शॉपिंग मॉल 8 जून, 2020 से खोलने की अनुमति दी गई। स्वास्थ्य मंत्रालय इसके लिए एक SOP जारी करेगा और इसके साथ शर्तें भी लागू रहेंगी।


दूसरे चरण में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की इजाजत के बाद स्कूल, कॉलेज, एजुकेशन, ट्रेनिंग और कोचिंग इंस्टिट्यूट खोले जा सकते हैंं।


तीसरे चरण में अंतरराष्ट्रीय उड़ानें, मेट्रो रेल का संचालन, सिनेमा हॉल, जिम, स्विमिंग पूल, थिएटर, बार और ऑडिटोरियम, असेंबली हॉल आदि को खोला जा सकता है। हालांकि इन सेवाओं को शुरू करने से पहले राज्यों से विस्तृत चर्चा की जाएगी और इसके बाद ही इन्हें शुरू किया जाएगा।


गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए 24 मार्च को देश में लॉकडाउन की घोषणा की थी। उस दौरान यह लॉकडाउन 21 दिनों के लिए था और ये 25 मार्च से 14 अप्रैल तक रहा। इसके बाद इसे बढ़ाकर 3 मई तक के लिए कर दिया गया।


लॉकडाउन 3.0 दो सप्ताह के लिए लगाया गया जो 17 मई को समाप्त हुआ और इसके बाद 31 मई तक के लिए लॉकडाउन 4.0 को लागू किया गया। कोरोना संक्रमण कम न होने की वजह से अब केंद्र सरकार ने 31 मई के बाद यानि 1 जून से लॉकडाउन 5.0 लागू करने का निर्णय लिया है जो 30 जून तक प्रभावी रहेगा।


80-90 फीसदी मरीज होम कोरेन्टीन से स्वस्थ हुए, हरेक को अस्पताल में भर्ती होना जरूरी नहीं : सिसोदिया

संवाददाता : नई दिल्ली


      दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कोरोना से आतंकित होने के बजाय सावधानी की अपील की है। उन्होंने कहा है कि दिल्ली में 80 से 90% मरीज होम कोरेन्टीन से ही स्वस्थ हो रहे हैं। इसलिए हर मरीज का अस्पताल में भर्ती होना जरूरी नहीं है। उन्हें हमारी टीम द्वारा काउंसलिंग करके घर पर ही बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। 

 

सिसोदिया ने शुक्रवार को ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से यह बात कही। प्रेस कॉन्फ्रेंस को स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन भी ने भी संबोधित किया।

 

सिसोदिया ने कहा कि देश में और दिल्ली में भी कोरोना संक्रमण के मामले बढ़े हैं। लेकिन इससे घबराने की जरूरत नहीं। हमें खुद को बचाना जरूरी है। कल दिल्ली में कोरोना से 13 मौत हुई है। साथ ही, 69 पुराने मामले भी जोड़े गए हैं। इसके कारण कल की तारीख में 82 मौत की रिपोर्ट दिखेगी। लेकिन इससे घबराने की जरूरत नहीं है। कल हुई 13 मौत के अलावा शेष 69 मामले पिछले 34 दिन के हैं। यह अलग-अलग दिनों में हुई मौत की लेट रिपोर्टिंग है। इनमें 52 मामले सफदरगंज अस्पताल के शामिल हैं।

 


 

सिसोदिया ने कहा कि होम कोरेन्टीन के दौरान घर में किसी अलग कमरे की व्यवस्था करना बेहतर है। अगर अलग कमरे की व्यवस्था ना हो, तो अलग बेड की व्यवस्था कर सकते हैं। कोरोना से बचने के लिए सभी एहतियाती उपाय बरतना जरूरी है। सिर्फ किसी चीज को छूने से कोरोना नहीं होगा। कोरोना संक्रमित व्यक्ति के थूक के ड्रॉपलेट्स का मुंह, नाक या आंख से इनटेक होने पर संक्रमण होगा। इसलिए किसी भी चीज को छूने के तत्काल बाद साबुन से अच्छी तरह से हाथ धो लेने से संक्रमण नहीं होगा। सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली में मरीजों के ठीक होने की संख्या तेजी से बढ़ रही है। हम सब मिलकर प्रयास करें और सावधानी बरते हैं तो कोरोना पर नियंत्रण पाया जा सकता है।

 

स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि दिल्ली में अब तक कोरोना संक्रमण के कुल 17386 मामले हो चुके हैं। पिछले 24 घंटे में 1106 नए मामले आए हैं। अब तक 7846 लोग ठीक हो चुके हैं। इनमें 351 लोग कल रिकवर हुए। अब तक दिल्ली में 398 मौत हुई है। 

 

जैन के अनुसार सफदरगंज तथा अन्य अस्पतालों की पुरानी रिपोर्ट आने के बाद यह ताजा आंकड़ा है। श्री जैन ने बताया कि अभी दिल्ली में कुल 2100 मरीज भर्ती हैं। फिलहाल 5000 से ज्यादा एक्स्ट्रा बेड मौजूद हैं। इसमें निजी अस्पतालों के 1400 तथा सरकारी अस्पतालों के 3700 बेड शामिल हैं। हम इस संख्या को और बढ़ा रहे हैं। मरीजों की संख्या से दोगुना ज्यादा बेड की तैयारी है। अभी 28 मरीज वेंटिलेटर पर हैं, जबकि 300 खाली वेंटीलेटर मौजूद हैं। 

 

जैन ने कहा कि हम कोरोना से लड़ने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क लगाने और हैंडवाश की प्रैक्टिस पर जोर दे रहे हैं। कोरोना के मरीज घर पर अलग कमरे में सावधानी के साथ रहकर दो सप्ताह में ठीक हो सकते हैं। ज्यादातर लोग घर पर ही ठीक हो रहे हैं।

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"फ़ासला बनाए रखिए" कवयित्री श्वेता सिंह की कलम से...

कवयित्री श्वेता सिंह की कलम से :-


 


"फ़ासला बनाए रखिए"



वक़्त है ये जैसा भी, गुज़र जाएगा


वक़्त का है तक़ाज़ा, हौसला बनाए रखिए,


 


आपकी मुस्कुराहट उन्हें देगी सुकून


जो हैं साथ, पहले से ज़्यादा ख़्याल रखिए,


 


मिलते थे जब भी वो कहते थे


दूर होकर भी तसव्वुर में बनाए रखिए,


 


अभी वक़्त है खुद को समझने का


एक दिन पहचान जायेंगे, इत्मीनान रखिए,


 


हर कहानी का अंजाम होता एक जैसा नहीं


इसलिए लफ़्ज़ों में भी फ़ासला बनाए रखिए। 



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शुक्रवार, 29 मई 2020

नवादा जिला पदाधिकारी यशपाल मीणा की अध्यक्षता में सभी प्रधान सहायकों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई...

संवाददाता : पटना बिहार 


      नवादा जिला पदाधिकारी यशपाल मीणा की अध्यक्षता में सभी प्रधान सहायकों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि कैशबुक का अपडेशन करते रहें। किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता ना हो। ज्यादा से ज्यादा आरटीजीएस के माध्यम से भुगतान करना सुनिश्चित करें।




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राजभवन की महामारी मामले में रस्म अदायगी जनमानस पर पड़ रही भारी : मोर्चा

संवाददाता : विकासनगर उत्तराखंड 


      कोरोना महामारी की अव्यवस्थाओं के मामले में राजभवन ने क्यों तलब नहीं किए मुख्य सचिव, सचिव, स्वास्थ्य एवं आपदा । मात्र जिलाधिकारी, देहरादून को तलब कर की गई इति मा. हाईकोर्ट भी सरकार को लगा चुका फटकार । प्रदेश में महामारी दिनों-दिन ले रही विकराल रूप ।


विकासनगर -जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश भर में कोरोना महामारी लगातार विकराल रूप धारण कर रही है तथा वहीं दूसरी ओर क्वॉरेंटाइन सेंटर्स की अव्यवस्थाएं किसी से छुपी नहीं है ।  दो दिन पहले ही मा. न्यायालय इस मामले में सरकार को फटकार लगा चुका है ।



नेगी ने आश्चर्य जताते हुए कहा कि इस महामारी में राजभवन की भूमिका बिल्कुल नगण्य रही, जिस कारण सरकार निरंकुश होकर जनता के हितों से खिलवाड़ करती रही । बड़े आश्चर्य की बात है कि कल ही राजभवन ने जिलाधिकारी, देहरादून को तलब कर महामारी से संबंधित जानकारी हासिल की, ऐसा प्रतीत हो रहा है कि महामारी सिर्फ देहरादून में ही है ।


राजभवन को चाहिए था कि महामारी के बढ़ते प्रकोप एवं क्वॉरेंटाइन सेंटर्स में लोगों की हो रही दुर्दशा के मामले में मुख्य सचिव, सचिव, स्वास्थ्य एवं आपदा को तलब कर जानकारी लेते व सख्त हिदायत देते, लेकिन ऐसा करने के बजाय जिलाधिकारी व अपने सचिव आदि को बुलाकर रस्म अदायगी कर दी गई ।


मोर्चा राजभवन से मांग करता है कि जनहित में सरकार की कठपुतली बनने के बजाय सरकार को फटकार लगाकर महामारी में लोगों को निजात दिलाने की दशा में काम करने के निर्देश दे ।


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लेह -लद्दाख से हवाई मार्ग के जरिए वापस लाए गए हैं प्रवासी मजदूर,अब अंडमान से हवाई जहाज से वापस आएंगे प्रवासी मजदूर ...

संवाददाता : रांची झारखंड


      मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने शुक्रवार रात बिरसा मुंडा एयरपोर्ट रांची में लेह  लद्दाख से हवाई जहाज से लौटने वाले प्रवासी मजदूरों का स्वागत किया। इस मौके पर  उन्होंने प्रवासी मजदूरों से बातचीत कर उनका हालचाल भी जाना। उन्होंने कहा कि हवाई जहाज से  प्रवासी मजदूरों को  विधिवत तरीके से  लाने का सिलसिला शुरू हो चुका है  अब अंडमान में  फंसे हुए प्रवासी मजदूरों को भी हवाई मार्ग से झारखंड लाने की पहल की जा रही है । मुख्यमंत्री ने कहा कि वैसे इलाकों  जहां  ट्रेन अथवा अन्य परिवहन  साधनों के विकल्प सीमित है, वहां से प्रवासी मजदूरों को हवाई जहाज से वापस लाया जाएगा । इस सिलसिले में राज्य के अधिकारी केंद्र सरकार के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए हैं ।



हवाई मार्ग से मजदूरों को वापस लाने की झारखंड ने सबसे पहले की थी मांग


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रवासी मजदूरों को हवाई जहाज से लाने  के लिए लगातार प्रयासरत थी । इस सिलसिले में केंद्रीय गृह मंत्रालय को अनुमति देने के लिए कई बार पत्र लिखा गया था । मुझे खुशी है कि झारखंड में प्रवासी मजदूरों को हवाई जहाज से वापस लाने का सिलसिला शुरू हुआ है । मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि झारखंड देश का ऐसा पहला राज्य है जिसने सबसे पहले हवाई जहाज से मजदूरों को वापस लाने की मांग केंद्र सरकार से की थी ।


सभी प्रवासी मजदूरों को वापस लाएंगे


 मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रवासी मजदूरों को  सकुशल और सुरक्षित लाने का सिलसिला तब तक जारी रहेगा , जब तक सभी वापस नहीं आ जाते ।अब तक राज्य में विशेष ट्रेनों और  बसों के माध्यम से लगभग 4.5 लाख मजदूरों को वापस लाया जा चुका है । इसके अलावा अपने राज्य वापस  आगे के इच्छुक मजदूरों को हर हाल में जल्द से जल्द वापस लाएंगे । मुख्यमंत्री ने बताया कि उन राज्यों से हमारी सरकार लगातार संपर्क में हैं जहां प्रवासी मजदूर फंसे हुए हैं । उन राज्यों से आग्रह किया गया है कि वे इन मजदूरों को वापस भेजने में सहयोग करें ।


इस मौके पर विधायक नवीन जयसवाल मुख्यमंत्री के प्रेस सलाहकार अभिषेक प्रसाद रांची के उपायुक्त राय महिमापत रे और वरीय पुलिस अधीक्षक अनीश गुप्ता मौजूद थे


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केंद्र सरकार के दूसरे कार्यकाल का एक वर्ष पूरा होने पर सोशल मीडिया के प्लेटफार्म से राज्य के बुद्घिजीवियों से जुड़े...

संवाददाता चंडीगढ़ हरियाणा 


      हरियाणा के शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के पिछले छह वर्ष के कार्यकाल से दुनिया भर में भारत का सम्मान बढ़ा है।


शिक्षा मंत्री कंवर पाल शुक्रवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केंद्र के नेतृत्व मेें केंद्र सरकार के दूसरे कार्यकाल का एक वर्ष पूरा होने पर सोशल मीडिया के प्लेटफार्म से राज्य के बुद्घिजीवियों से जुड़े। उन्होंने इस अवसर पर लोंगों को बधाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने प्रथम कार्यकाल के दौरान भी कई अहम कदम उठाए। केंद्र सरकार ने 28 अगस्त 2014 को देश की जनता को बैंकिंग से जोडऩे के लिए जन-धन योजना की शुरूआत की थी।  


इस योजना के तहत 31 करोड़ से अधिक लोगों के खाते खोले गए। देश में बैंकों ने कैंप लगाकर वंचित लोगों के खाते खोलकर उन्हें बैंकिंग सुविधा से जोडऩे का काम किया था। देश के गरीब भी गैस चूल्हे पर खाना बना सकें, इस मकसद से केंद्र सरकार ने उज्ज्वला योजना का आगाज किया और इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब परिवारों को मुफ्त में गैस कनैक्शन दिया गया। 



कंवर पाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के दूसरे कार्यकाल को भी अहम बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने इस कार्यकाल में सबसे ऐतिहासिक फैसला जम्मू-कश्मीर को लेकर लिया है। जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी बनाने का कदम उठाने के साथ-साथ इस राज्य को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के रूप में दो केंद्र शासित प्रदेश बनाकर एक देश, एक विधान और एक निशान लागू हो गया है। उन्होंने वर्तमान केंद्र सरकार के दूसरे कार्यकाल को ऐतिहासिक उपलब्धियों भरा बताते हुए कहा कि तीन तलाक पर कानून बनाना, धारा 370 को हटाना, लद्दाख को अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाना देश की जनता के लिए खास मायने रखता है।


उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में दूसरी बार सरकार बनने से दुनिया के तमाम देशों के साथ भारत के संबंध और अधिक प्रगाढ़ हुए हैं और देश का सिर सम्मान से ऊंचा उठा और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।


शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्तमान कोविड-19 की संकट की घड़ी में भी प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर आज पूरा देश कोरोना से लडऩे के लिए एकजुट है। कोरोना वायरस की वैश्विक महामारी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लॉकडाऊन की साहसिक घोषणा ने देश को बड़ी जन-धन की हानि से बचाया है।


उन्होंने वर्तमान हालातों में केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को प्रभावी बताते हुए कहा कि इसमें जहां गरीब कल्याण के लिए आर्थिक पैकेज दिया गया है वहीं जन सामान्य के लिए भी 20 लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज की घोषणा की गई है। उन्होंने केंद्र सरकार के पहले कार्यकाल की तरह दूसरे कार्यकाल को भी उपलब्धियां वाला बताया और कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश प्रगति के नित नए आयाम छू रहा है।


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मुख्यमंत्री ने किया स्कूल शिक्षा बोर्ड के न्यूजलेटर का विमोचन...

संवाददाता : शिमला हिमाचल


      राज्य सरकार ने संस्कृत को दूसरी भाषा का दर्जा दिया है और अब इस भाषा को और अधिक व्यावहारिक व सरल बनाने के प्रयास होने चाहिए ताकि इसे जनता के बीच लोकप्रिय बनाया जा सके। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने शुक्रवार यहां हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला के न्यूजलेटर का विमोचन करने के बाद यह बात कही।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि बोर्ड द्वारा न्यूजलेटर को हिंदी, संस्कृत और अंग्रेजी में लाने का प्रयास वास्तव में प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोरोना महामारी के कारण लाॅकडाउन में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। राज्य सरकार ने विद्यार्थियों को गृह शिक्षण सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से दूरदर्शन ज्ञानशाला कार्यक्रम भी शुरू किया है।

 


 

जय राम ठाकुर ने कहा कि बोर्ड को सभी परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रयास करना चाहिए ताकि परीक्षाओं के दौरान विद्यार्थियों को अनुचित साधनों का उपयोग करने से रोका जा सके। उन्होंने मार्च, 2019 की परीक्षा में असफल हुए विद्यार्थियों को स्टेट ओपन स्कूल प्रशिक्षणार्थियों के साथ-साथ उनके शैक्षणिक वर्ष को बचाने के लिए एक अवसर प्रदान करने के लिए बोर्ड के प्रयासों की प्रशंसा की।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूली पाठ्यक्रम में नैतिक शिक्षा, वैदिक गणित और व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।

 

शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। हिमाचल प्रदेश बोर्ड आॅफ स्कूल एजुकेशन धर्मशाला के अयक्ष डाॅ. सुरेश कुमार सोनी ने बोर्ड की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि पहली बार स्कूलों में 45 परीक्षा केंद्रों का प्रबंधन ‘सावित्री बाई फुले’ के नाम से महिला कर्मचारियों द्वारा किया जाएगा, जो भारत की पहली महिला शिक्षक और 1848 में पुणे में पहले भारतीय गर्ल स्कूल की संस्थापक थीं। उन्होंने कहा कि राज्य के विभिन्न स्कूल परिसरों में 1,09,315 पौधे भी लगाए गए हैं।

 

निदेशक उच्च शिक्षा डाॅ. अमरजीत शर्मा और शिक्षा बोर्ड और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री सेे छत्तीसगढ़ प्रदेश धोबी समाज के प्रतिनिधि मण्डल ने की सौजन्य मुलाकात...

संवाददाता : रायपुर छत्‍तीसगढ़


      मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से शुक्रवार यहां उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ प्रदेश धोबी समाज के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेशाध्यक्ष सूरज निर्मलकर के नेतृत्व में सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने कोरोना महामारी के मद्देनजर लगाए गए लॉकडाउन की अवधि में सप्ताह में 6 दिन ड्राईक्लीनिंग-लॉन्ड्री व्यवसाय संचालन की छूट प्रदान करने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।



छत्तीसगढ़ प्रदेश धोबी समाज के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री बघेल को बताया कि इस कदम ड्राईक्लीनिंग-लॉन्ड्री व्यवसाय के लिए बड़ी राहत देने वाला है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि सभी व्यवसाय फिजिकल डिस्टेंसिंग और मास्क आदि सुरक्षा उपकरणों का प्रयोग करते हुए ही संचालित किये जाएं।


इस अवसर पर गिरीश देवांगन और छत्तीसगढ़ प्रदेश धोबी समाज से वीरेंद्र निर्मलकर, मनोज निर्मलकर, नेमचंद निर्मलकर, अम्बे बघमार तथा पप्पू चौधरी उपस्थित थे।


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10वीं और 12वीं की शेष बोर्ड परीक्षाएं कराई जाएंगी : मुख्यमंत्री

संवाददाता  : जयपुर राजस्थान


      राज्य सरकार ने कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित की गई 10वीं और 12वीं कक्षाओं के विभिन्न विषयों की बोर्ड परीक्षाएं कराने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसके लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को समुचित व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए हैं। 

 

गहलोत ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया। इस निर्णय के बाद अब 10वीं और 12वी कक्षाओं के विभिन्न विषयों की शेष रही परीक्षाओं की तिथियों को कार्यक्रम राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर द्वारा जारी किया जाएगा।

 

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इन परीक्षाओं के दौरान कोरोना महामारी के संदर्भ में जारी हैल्थ प्रोटोकॉल की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी परीक्षा केन्द्रों पर परीक्षार्थियों और अध्यापकों द्वारा मास्क तथा सैनिटाइजर के उपयोग की अनिवार्यता सुनिश्चित की जाए। साथ ही, विद्यार्थियों के परीक्षा केन्द्र पर आवागमन और परीक्षा के दौरान सोशल डिस्टेसिंग के नियम की सख्ती से पालना हो। 

 


 

गहलोत ने आवश्यकता के अनुसार परीक्षा केन्द्रों की संख्या बढ़ाने का सुझाव दिया और कहा कि जिन स्कूल भवनों में क्वारंटाइन सुविधाएं संचालित की जा रही है, उन भवनों को परीक्षा से पहले तय प्रोटोकॉल के अनुसार सैनिटाइज किया जाए तथा वहां स्वास्थ्य सुरक्षा मानकों की सम्पूर्ण व्यवस्था की जाए। 

 

बैठक में शिक्षा राज्य मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा, मुख्य सचिव डी.बी. गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त निरंजन आर्य, शासन सचिव स्कूल शिक्षा मंजू राजपाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। 

 

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