मंगलवार, 30 जून 2020

मुख्यमंत्री ने कोरोना काल में यात्री बस संचालकों को दी बड़ी राहत...

संवाददाता : रायपुर छत्‍तीसगढ़


      मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के यात्री बस संचालकों को कोरोना संकट से उत्पन्न हुई विषम परिस्थितियों में बड़ी राहत दी है। उन्होंने यात्री बस संचालकों को जून माह के मासिक कर में भी छूट प्रदान कर दी है। इसके पहले राज्य सरकार द्वारा अप्रैल और मई माह के मासिक कर में छूट प्रदान की गई थी। इस तरह छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बस ऑपरेटरों को अप्रैल, मई और जून तीन माह के मासिक कर के भुगतान की छूट मिली है। राज्य शासन के इस निर्णय से प्रदेश के यात्री बस संचालकों को लगभग पांच करोड़ रूपए का लाभ प्राप्त होगा।


गौरतलब है कि कोरोना वायरस (कोविड-19) के दौरान लॉकडाउन से उत्पन्न परिस्थिति में प्रदेश के बस ऑपरेटरों की विभिन्न कठिनाईयों का सामना करना पड़ा। जिनसे राहत पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने परिवहन विभाग को निर्देश दिए थे। लॉकडाउन की अवधि में यात्री बसों का उनके निर्धारित मार्ग में संचालन बंद रहा।



मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर परिवहन विभाग द्वारा बीते 4 जून को प्रदेश के अंतर्राज्यीय व अखिल भारतीय पर्यटक परमिट तथा समस्त मंजिली यात्री वाहनों को माह अप्रैल और मई की अवधि के लिए मासिक कर के भुगतान से पूरी छूट दी गई थी। प्रदेश के विभिन्न मार्गों में नियमित रूप से चलने वाली यात्री बसों का संचालन जून माह की अवधि में भी पूर्णतः बंद रहा है।


जिससे प्रभावित बस संचालकों द्वारा टैक्स में छूट की मांग पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जून माह में भी देय मासिक कर में छूट प्रदान कर दी है। जिससे आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहे बस संचालक लाभान्वित होंगे। राज्य शासन के इस निर्णय से प्रदेश के यात्री बस संचालकों को देय राशि लगभग पांच करोड़ रूपए का लाभ होगा।


इसी प्रकार मुख्यमंत्री बघेल ने वाहन निष्प्रयोग में रखने के पूर्व अग्रिम देय मासिक कर जमा करने के प्रावधानों से भी दो माह की अवधि के लिए छूट दिए जाने संबंधी कार्यवाही के निर्देश परिवहन विभाग को दिए हैं। 


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मुख्यमंत्री ने मंडी संसदीय क्षेत्र की वर्चुअल रैली को किया संबोधित...

संवाददाता : शिमला हिमाचल


      मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने मंडी संसदीय क्षेत्र की वर्चुअल रैली को मंगलवार यहां से संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की डिजिटल इंडिया सोच के कारण ही हम कोरोना वायरस के कारण हुए लाॅकडाउन और कफ्र्यू में भी जनता से संपर्क साधने में समर्थ हुए हैं।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व और पार्टी हाईकमान ने लोगों की समस्याओं और आवश्यकताओं को जानने के लिए वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रैलियां करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश देश में सबसे अधिक रैलियां आयोजित करने वाला प्रदेश है, जहां हमने खंड और मंडल स्तर पर भी रैलियां की हैं।

 


 

जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सक्षम नेतृत्व में समय रहते लिए गए निर्णयों के कारण ही हम इस वायरस का प्रभाव कम करने में सफल हुए हैं। उन्होंने कहा कि देश के लोगों ने प्रधानमंत्री के निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा लाॅकडाउन के निर्णय के कारण ही भारत में कोरोना के कारण मृत्यु दर विकसित देशों की तुलना में बहुत कम है। दुनिया के 15 सबसे विकसित देशों जिनकी जनसंख्या 142 करोड़ है, में पांच लाख से अधिक लोगों की मृत्यु हुई है, जबकि भारत की जनसंख्या 135 करोड़ होने के बावजूद भी अभी तक 16 हजार से अधिक मृत्यु कोविड-19 के कारण दर्ज की गई है।

 

अर्थव्यवस्था के पुनरूद्धार के लिए केंद्र सरकार द्वारा घोषित 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज के लिए मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह पैकेज समाज के प्रत्येक वर्ग को राहत प्रदान करने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अर्थव्यवस्था के पुनरूद्धार के लिए कई योजनाएं आरंभ की हैं। उन्होंने कहा कि अप्रैल, मई और जून माह में 5.90 लाख महिलाओं के जनधन खातों में पांच-पांच सौ रुपये जमा किए गए हैं। उन्होंने कहा कि उज्ज्वला योजना के तहत राज्य के प्रत्येक पात्र परिवार को तीन गैस सिलेंडर उपलब्ध करवाए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत एक लाख 11 हजार 863 लोग लाभान्वित हुए हैं तथा उनके खाते में पांच-पांच सौ रुपये जमा किए गए हैं।

 

जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने पात्र लोगों को तीन माह की अग्रिम सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान की है। उन्होंने कहा कि भवन और अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के तहत पंजीकृत कामगारों के खातों में चार-चार हजार रुपये हस्तांतरित किए गए हैं। 

 

पीयुष गोयल ने कहा कि केंद्र और राज्य की डबल ईंजन सरकार राज्य का चहुंमुखी विकास सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय सरकार राज्य की विकासात्मक मांगों पर संवेदनशील है। उन्हांेने कोविड-19 महामारी को प्रभावी रूप से रोकने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा किए गए प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी को रोकने के लिए हिमाचल माॅडल को देशभर में सराहा गया है।

 

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कोरोना महामारी को रोकने के लिए उठाए गए कदमों की विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा भी सराहना की गई है। उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी कहा है कि भारत सरकार द्वारा लाॅकडाउन के निर्णय के कारण महामारी को रोकने में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि इससे देश को आवश्यक उपकरणों जैसे पीपीई किट्स, मास्क, वेंटिलेटर, आईसोलेशन वार्ड को बनाने के लिए समय मिला है।

 

पीयुष गोयल ने केंद्र सरकार की उज्ज्वला योजना से छूटे परिवारों के लिए हिमाचल सरकार द्वारा गृहिणी सुविधा योजना आरंभ करने के लिए मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि हिमाचल सरकार ने केंद्र सरकार के आयुष्मान भारत योजना से छूट गए परिवारों के लिए हिमकेयर योजना आरंभ की है।

 

उन्होंने मुख्यमंत्री को राज्य सरकार की बल्क ड्रग फार्मा पार्क खालने की मांग पर केंद्र सरकार द्वारा सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया।

 

केंद्रीय वित्त एवं काॅरपोरेट मामले राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी नई दिल्ली से रैली में भाग लिया। मंडी संसदीय क्षेत्र के सांसद रामस्वरूप शर्मा ने कहा कि मंडी संसदीय क्षेत्र अभूतपूर्व विकास कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सक्षम नेतृत्व वाली केंद्र की भाजपा सरकार के द्वितीय कार्यकाल के एक वर्ष के दौरान भारत का विश्व शक्ति बनना सुनिश्चित हुआ है।

 

विधायक राकेश जम्वाल ने केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य सरकार के अढ़ाई वर्ष के कार्यकाल में प्रदेश के सभी क्षेत्रों और समाज के सभी वर्गों का कल्याण सुनिश्चित हुआ है।

 

वन मंत्री गोविंद ठाकुर, कृषि मंत्री डाॅ. रामलाल मारकंडा, विधायक कर्नल इंद्र सिंह, विनोद कुमार, जवाहर ठाकुर, हीरा लाल, इंद्र सिंह गांधी, किशोरी लाल, सुरेंद्र शौरी व प्रकाश राणा, संगठन सचिव पवन राणा, महासचिव राज्य भाजपा त्रिलोक जम्वाल, उपाध्यक्ष राज्य वन निगम सूरत नेगी, अध्यक्ष मंडी जिला भाजपा रणवीर, अध्यक्ष अल्पसंख्यक मोर्चा राजबली भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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उपमुख्यमंत्री ने किया सार्वजनिक निर्माण विभाग के नवीन मैन्युअल का विमोचन...

संवाददाता  : जयपुर राजस्थान


      उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने मंगलवार को सार्वजनिक निर्माण विभाग के मैन्युअल का विमोचन किया। पायलट ने बताया कि सार्वजनिक निर्माण विभाग मैन्युअल सर्वप्रथम वर्ष 1954 में प्रकाशित हुआ था एवं उसके बाद वर्ष 1984 में संशोधित किया गया था। उन्होंने बताया कि लम्बे समय से इस मैन्युअल के संशोधन की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। 

 

उन्होंने बताया कि इन मैन्युअल में विभाग के अन्तर्गत विभिन्न कार्यों के क्रियान्वयन हेतु राज्य सरकार द्वारा जारी निर्देशों, नियमों एवं प्रावधानों का संकलन है तथा यह विभाग में कार्यरत समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा वृहद रूप से उपयोग में लाया जाता है। 

 


 

इस मैन्युअल के तीन भाग हैं। प्रथम भाग में विभाग की सामान्य कार्यप्रणाली, भूमि अवाप्ति इत्यादि के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है। इसी प्रकार द्वितीय भाग में कार्यों के निष्पादन संबंधी यथा-अनुबंध, निविदा प्रक्रिया, बजट इत्यादि का तथा तृतीय भाग में विभाग के सभी प्रकार के कार्यों में प्रयोग में आने वाले फॉर्म्स को संकलित किया गया है।

 

पायलट ने इस कार्य के कुशल संपादन के लिए विभाग के समस्त वरिष्ठ अधिकारियों की प्रशंसा की। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव, सार्वजनिक निर्माण विभाग, शासन सचिव, सार्वजनिक निर्माण विभाग सहित विभाग के अधिकारी उपस्थित रहें।

 

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डोर-टू-डोर होगा सर्वे मुख्यमंत्री चौहान द्वारा आम नागरिकों से सहयोग की अपील...

संवाददाता : भोपाल मध्यप्रदेश 


      कोविड-19 के व्यापक सर्वेलेन्स के लिए प्रदेश भर में 15 दिवसीय 'किल कोरोना अभियान' चलाया जायेगा। इसकी शुरूआत एक जुलाई को होगी। अभियान 15 जुलाई तक चलेगा। प्रदेश के सभी जिलों में वायरस नियंत्रण और स्वास्थ्य जागरूकता अभियान में सरकार और समाज साथ-साथ कार्य करेंगे।


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आमजनों से अपील की है कि 'किल कोरोना अभियान' में घर-घर पहुंच रहे सर्वे दल को आवश्यक जानकारी देकर सहयोग करें। सर्दी- खांसी जुकाम के साथ डेंगू, मलेरिया, डायरिया आदि के लक्षण पाए जाने पर भी जरूरी परामर्श और उपचार नागरिकों को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने इन कार्यों में सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखने का आग्रह किया है।



देश के इस अनूठे और बड़े अभियान से अन्य प्रदेशों तक भी एक सार्थक संदेश पहुँचेगा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने 6 दिन पहले कमिश्नर-कलेक्टर की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में निर्देश दिए थे कि 'किल कोरोना अभियान' के लिए आवश्यक तैयारियाँ प्रारंभ की जाये। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा है कि कोरोना वायरस को समाप्त कर ही चैन की सांस लूँगा, इसे अमली जामा पहनाने के लिए राज्य सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य मिशन के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा अल्प अवधि में ही यह तैयारी की गई है।


डोर-टू-डोर होगा सर्वे


'किल कोरोना अभियान' में डोर-टू-डोर सर्वे के लिए पूरे प्रदेश में 11 हजार 458 सर्वे टीम लगाई जायेंगी। प्रत्येक टीम को नॉन कान्टेक्ट थर्मामीटर, पल्स ऑक्सीमीटर और जरूरी प्रोटेक्टिव गियर उपलब्ध कराया जायेगा।


'सार्थक एप' में संदिग्ध मरीजों की होगी प्रविष्टि


'किल कोरोना अभियान' में सर्वे द्वारा एस.ए.आर.आई./आई.एल.आई. के संदिग्ध मरीजों के साथ-साथ मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया आदि के संदिग्ध मरीजों को भी चिन्हांकित कर इनकी प्रविष्टि 'सार्थक एप' में की जायेगी। कोविड-19 के संदिग्धों की जिनकी प्रविष्टि 'सार्थक एप' पर की जाती है, के सम्बन्धित क्षेत्रों में मेप्ड एम.एम.यू. द्वारा सेम्पलिंग की जायेगी। रोजाना चिन्हित किये गये संदिग्धों की सेम्पलिंग के बाद उनकी टेस्टिंग आर.टी.पी.सी.आर. और टी.आर.यू.एन.ए.टी. के माध्यम से की जायेगी।


3 लाख ये ज्यादा होंगे सेम्पल


प्रदेश भर में एस.ए.आर.आई./आई.एल.आई. सर्वे के बाद चिन्हित संदिग्धों के 3 लाख से ज्यादा सेम्पल लिये जायेंगे। रोजाना 21 हजार टेस्ट किये जाने की क्षमता विकसित की जा रही है। इसमें प्रदेश के औसत पॉजीटिविटी से अधिक पॉजीटिविटी वाले 13 जिलों में सघन सेम्पलिंग आर.टी.पी.सी.आर. और टी.आर.यू.एन.ए.टी. के जरिए होगी। ऐसे 29 जिले जहां पाजीटिविटी दर प्रदेश के औसत से कम है, में जनरल सर्वेलेन्स के लिए पूल्ड सेम्पलिंग के निर्देश दिये गये हैं।


प्रदेश में 69 टी.आर.यू.एन.ए.टी. साईट्स संचालित है, जहां जिला स्तर पर टेस्टिंग की सुविधा उपलब्ध रहेगी। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि 'किल कोरोना अभियान' के बाद प्रदेश में टेस्ट प्रति मीलियन की संख्या 4022 से बढ़कर 7747 हो जाने की संभावना है, जो कि राष्ट्रीय औसत से अधिक है। इसी तरह अधिक सेम्पलिंग के परिणामस्वरूप प्रदेश की पॉजीटिविटी दर में भी गिरावट आयेगी।


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डिजिटल डिवाइड को समाप्त करने के लिए निजी क्षेत्र से सस्ती टेक्नोलॉजी उपलब्ध कराने का आह्वाहन : एम वेंकैया नायडू

संवाददाता : नई दिल्ली


     उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने मंगलवार आग्रह किया कि डिजिटल डिवाइड को समाप्त करने का आग्रह किया जिससे सर्वव्यापी प्राथमिक शिक्षा का लक्ष्य प्राप्त किया जा सके तथा माध्यमिक और उच्च शिक्षा को समावेशी बनाया जा सके।


वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से ' फ्यूचर ऑफ एजुकेशन - नाइन मेगा ट्रेंड्स ' पुस्तक का लोकार्पण करते हुए उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी ने न सिर्फ संभावनाओं के नए द्वार खोले हैं बल्कि हमें समाज में व्याप्त विशाल डिजिटल डिवाइड के प्रति भी आगाह किया है। यह पुस्तक भारत सरकार तथा राज्य सरकारों की पहल पर ICT एकेडमी द्वारा प्रकाशित की गई है जो कि गैर लाभकारी सोसायटी है।


टेक्नोलॉजी को सस्ता और सुलभ बनाने की जरूरत पर बल देते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि अभी भी कितने ही बच्चों को डिजिटल उपकरण सुलभ नहीं है। उन्होंने कहा कि हमें इस विशाल अंतर को पाटना होगा।



नायडू ने कहा कि बंदी के कारण बड़ी संख्या में छात्र प्रभावित हुए हैं क्योंकि उन्हें ऑनलाइन शिक्षा में कठिनाई होती है। बहुतों को पारंपरिक शिक्षा से ऑनलाइन शिक्षा के परिवर्तन में सहायता की आवश्यकता पड़ती है। अतः उन्हें ऑनलाइन शिक्षा के लिए विधिवत प्रशिक्षण की आवश्यकता है।


उन्होंने कहा कि आज भी देश में अनेक अभिभावक डिजिटल उपकरणों का खर्च वहन करने की स्थिति में नहीं हैं। डिजिटल डिवाइड के अंतर को समाप्त करने का काम बहुत व्यापक और दुरूह है जिसे के लिए निजी क्षेत्र को सरकार के साथ सहयोग करना चाहिए। उन्होंने शिक्षा टेक्नोलॉजी से संबद्ध निजी क्षेत्र की कंपनियों से आग्रह किया कि वे विद्यार्थियों की आवश्यकता को देखते हुए सस्ते शिक्षण साधन उपलब्ध कराएं - उन्होंने कहा कि " देश निर्माण में अपना योगदान देने का तथा अपने बच्चों के लिए उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करने का, आपके लिए यह अवसर है।"


इस अवसर पर प्रधानमंत्री को उद्धृत करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि भविष्य में ऑनलाइन ही मुख्य लाइन होगी जिससे लोगों को अन्य किसी लाइन में न लगना पड़े। उन्होंने एक सफल, समृद्ध भविष्य के लिए सभी से प्रधानमंत्री के तीन सूत्री मंत्र " रिफॉर्म, परफॉर्म एंड ट्रांसफॉर्म " को सिद्ध करने का आह्वाहन किया।


महामारी के दौरान जब शिक्षण संस्थान डिजिटल माध्यम से पढ़ा रहे हैं, शिक्षक और विद्यार्थी क्लाउड प्लेटफॉर्म के माध्यम से संपर्क कर रहे हैं, शिक्षण सामग्री साझा कर रहे हैं और अपने प्रोजेक्ट्स पूरे कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यहां तक कि परीक्षाएं भी ऑनलाइन ही ली जा रही है।


उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वर्चुअल रिएलिटी, ऑगमेंटेड रिएलिटी जैसी तकनीकें जल्दी ही कक्षाओं में पहुंच जाएंगी और विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के पढ़ने पढ़ाने के तरीकों को बदल कर रख देंगी।


उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे बदलती जरूरतों के अनुसार विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान करें। उपराष्ट्रपति ने कहा कि आज ऑनलाइन प्रयोगशाला के माध्यम से विद्यार्थी कहीं से भी कोई भी मशीन का उपयोग कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज शिक्षक की भूमिका उनके विद्यार्थी के मार्गदर्शक, कोच, सहायक, परामर्शदाता और यहां तक कि उसके मित्र के रूप में है।


नायडू ने राज्य सरकारों से आग्रह किया कि वे निजी क्षेत्र और गैर सरकारी संगठनों के साथ मिल कर विद्यार्थियों को हर स्तर पर अच्छी शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य को साकार करने के नए उपाय खोजे।


भारत के जनसांख्यकीय लाभ की चर्चा करते हुए श्री नायडू ने कहा हम इस अवसर को व्यर्थ गंवा नहीं सकते। हमें सभी बच्चों के लिए शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण को सुगम और सुलभ बनाना होगा जिससे हर बच्चा अपनी निहित क्षमता अनुसार अपना भविष्य बना सके।


मूल्य आधारित शिक्षा की आवश्यकता पर बल देते हुए उपराष्ट्रपति ने ऐसी शिक्षा प्रणाली विकसित करने का आह्वाहन किया हो भारतीय संस्कृति और मूल्यों को प्रतिबिंबित करे। उन्होंने कहा कि हमें बच्चों में सांस्कृतिक, नैतिक और आध्यात्मिक मूल्य पैदा करने हैं।


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राज्य सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के दो अधिकारियों के स्थानान्तरण आदेश जारी किये...

संवाददाता : भोपाल मध्यप्रदेश 


      राज्य सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के दो अधिकारियों के स्थानान्तरण आदेश जारी किये हैं। इनके अलावा एक अधिकारी का स्थानान्तरण निरस्त किया गया है।



प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश राज्य बीज एवं फार्म विकास निगम भोपाल सूफिया फारूकी वली को संचालक प्रोफेशनल एग्ज़ामिनेशन बोर्ड भोपाल तथा प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश राज्य बीज एवं फार्म विकास निगम भोपाल (अतिरिक्त प्रभार) पदस्थ किया गया है। इसी प्रकार अपर कलेक्टर देवास नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी को उप-सचिव मध्यप्रदेश शासन चिकित्सा शिक्षा विभाग पदस्थ किया गया है।


डॉ. सोनावणे सौरभ संजय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) जतारा, टीकमगढ़ का सागर स्थानान्तरण आदेश निरस्त कर दिया गया है।


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10 हजार एफपीओ के गठन से किसानों को होगा काफी लाभ, फसल बीमा योजना भी बहुत फायदेमंद : नरेंद्र सिंह तोमर

संवाददाता : नई दिल्ली


      भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की क्षेत्रीय समिति–I (हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, केंद्र शासित प्रदेश जम्मू- कश्मीर व लद्दाख) की 26 वीं बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में हुई। इसमें श्री तोमर ने कहा कि केंद्र सरकार का कृषि उत्पादों का निर्यात दोगुना करने का लक्ष्य है। इसके लिए उन्होंने समन्वित प्रयास करने पर जोर दिया। श्री तोमर ने कहा कि इन क्षेत्रों की विशेष जलवायु के कारण यहां के कृषि उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर होने से निर्यात की और भी काफी संभावनाएं है। यह क्षेत्र एक्सपोर्ट का हब बन सकता है ।


तोमर ने खेती की दृष्टि से मैदानी और पहाड़ी इलाकों के बीच के अंतर को स्पष्ट करते हुए कहा कि क्षेत्रीय समिति–I के अंतर्गत आने वाले इलाके पहाड़ी होते हुए भी समृद्ध जलवायु, औषधीय कृषि, सुगंधित पौधे, केसर, महंगे व उन्नत फलों की खेती के मामले में व आध्यात्मिक दृष्टि से भी संपन्न हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण हेतु जैविक व प्राकृतिक कृषि-पद्धति के साथ-साथ एकीकृत कृषि को बढ़ावा देने की बहुत जरूरत है। 



तोमर ने कहा कि हम सूक्ष्म सिंचाई के दायरे में खेती को जितना ज्यादा लाएंगे, उतनी ही अधिक उत्पादकता बढ़ेगी और जल बचाने के हमारे मिशन को भी पूरा कर पाएंगे। कृषि अधोसंरचना की उपलब्धता गांव-गांव में होना चाहिए, फूड प्रोसेसिंग की छोटी-छोटी यूनिट्स भी जगह-जगह लगें। प्रधानमंत्री जी ने हाल ही में एक लाख करोड़ रुपये के इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के साथ ही अन्य कई पैकेज दिए हैं। इनसे काफी लाभ मिलेगा।


बैठक को कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री परषोत्तम रूपाला एवं  कैलाश चौधरी ने भी संबोधित किया। डॉ. त्रिलोचन महापात्र, महानिदेशक (भाकृअनुप) एवं सचिव, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग ने खेती संबंधित समस्याओं और उसके समाधान हेतु हो रहे अनुसंधानों का जिक्र किया। भाकृअनुप की पुस्तकों और प्रकाशनों का विमोचन भी किया गया।


बैठक का आयोजन भाकृअनुप-केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान, शिमला द्वारा किया गया। बैठक में इन राज्यों के कृषि, बागवानी, पशुपालन व मत्स्य मंत्री, भाकृअनुप शासी निकाय, बिम्बाधर प्रधान विशेष सचिव व वित्त सलाहकार भाकृअनुप, कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपति व वैज्ञानिक सहित अन्य अधिकारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से शामिल हुए।


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परियोजना सहायक तथा फील्ड कार्यकर्ता की तुरंत आवश्यकता...

प्रजा दत्त डबराल @ देहरादून उत्तराखंड 


      "सीड"  डिविजन , विज्ञान और तकनीकी मंत्रालय (डी एस टी) ,भारत सरकार  तथा "डालियों का दगरिया " संस्था श्रीनगर द्वारा सयुंक्त रूप से संचालित परियोजना " एंटरप्रेन्योरशिप एंड स्किल डेवलपमेंट फॉर इनकम जेनरेशन थ्रो साइंस एंड टेक्नोलॉजी कल इंटरवेंशन फॉर शेड्यूल कास्ट परिवार टिहरी जिले में " के लिए एक परियोजना सहायक तथा फील्ड कार्यकर्ता की तुरंत आवश्यकता है।



अनिवार्य  शैक छिक योग्यता :


1. परियोजना सहायक : एम एस डब्लयू, तथा काम से कम  05 वर्ष तक  फील्ड में विशेषकर पहाड़ के गावों में समुदायों के साथ  कार्य करने का अनुभव,महिला को प्राथमिकता, कम्यूनिटी मोटीवेशन का अनुभव।


2.फील्ड कार्यकर्ता : बी. ए. तथा  स्वयं सेवी संस्थाओं में समुदाय संगठन (कम्यूनिटी ऑर्गनाइजर) के रूप में  कार्य करने  का कम  से कम  05 वर्ष का अनुभव,स्थानीय भाषा गढ़वाली का अच्छा ज्ञान।


सूचित किया जाता है कि विज्ञप्ति जारी होने के एक सप्ताह के अंदर अपना बायोडाटा शीघ्र निम्न पते पर भेजें अथवा अधिक जानकारी के लिए नीचे दिए गए फोन नंबरों पर संपर्क करें।


डा. मोहन सिंह पंवार
डायरेक्टर एवं परियोजना समन्वयक
डालियों का डगरिया( डी के डी)
आम्रकुंज , लेन नंबर 2,
श्रीनगर गढ़वाल - 246174
उत्तराखंड
फोन : 01346 257053 (का.)
         01346 252612 ( घर)
मोबाइल : 9412079068
E mail : mohanpanwar310@Yahoo.in
  
डा. मनोज परमार
परियोजना सह समन्वयक
डालियों का दग्रिया
आम्रकुंज (श्रीनगर) गढ़वाल
उत्तराखंड
मोबाइल : 9927785657
ईमेल : manojparmar @ gmail.com


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उत्तराखण्ड संवैधानिक अधिकार संरक्षण मंच का आम आदमी पार्टी में विलय...

संवाददाता : देहरादून उत्तराखंड 


      उत्तराखण्ड संवैधानिक अधिकार संरक्षण मंच का आज आम आदमी पार्टी में विलय हो गया। मंच के सभी पदाधिकारियेां और कार्यकर्ताओं ने आम आदमी पार्टी के उत्कृष्ट ऐतिहासिक फैसलों के देखते हुए प्रदेश प्रभारी दिनेश मोहनिया जी के नेतृत्व में आधिकारिक तौर पर सदस्यता ग्रहण की।इस मौके पर प्रदेश प्रभारी दिनोश मोहनिया ने कहा कि उत्तराखण्ड में भाजपा और कांग्रेस का कार्यकाल देखने के बाद और दिल्ली में आम आदमी पार्टी का कार्य देखने के बाद उत्तराखण्ड की जनता का भरोसा भी आम आदमी पार्टी में बढ़ा है और आप पार्टी को तीसरे विकल्प में रूप में देख रहे है।


मोहनिया ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी तीसरा विकल्प बन कर जनता के बीच आ रही है और जीत भी हासिल कर रही है।इस अवसर पर आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एस एस कलेर ने भी उत्तराखण्ड संवैधानिक अधिकार संरक्षण मंच के सभी पदाधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि उनके लिय यह हर्ष का विषय है कि जनता के पास अब प्रदेश में आम आदमी पार्टी तीसरे विकल्प के रूप में मौजूद है।आम आदमी पार्टी प्रदेश कार्यालय में उक्त जानकारी देते हुए उत्तराखण्ड संवैधानिक अधिकार संरक्षण मंच के प्रदेश संयोजक दौलत कुंवर जी ने कहा कि जब से उत्तराखण्ड प्रदेश बना है तभी से कांग्रेस और भाजपा दोनों की पार्टियां जनता का शोषण कर रही है और दोनों ने ही अभी तक जनता को ठगने का काम किया है।



उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के ऐतिहासिक जन सरोकारों के मुद्दों को देखते हुए आज भारत में एक चर्चा का विषय बन चुका है और यही कारण है कि हमारे मंच के सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता पार्टी में पूर्ण निष्ठा रखते हुए साथ कार्य करने की चेष्टा से विलय कर रहे है।


उन्होने बताया कि मंच के दौलत कुंवर, प्रदेश संयोजक, जगत राम डोगरा मुख्य सलाहकार, संदीप कुमार पंथ प्रदेश सहसंयोजक, रमेश दास प्रदेश प्रधान महासचिव, जीवन सिंह प्रदेश सचिव, विजय पाल तंगानी प्रदेश सलाहकार, वीरेंद्र प्रताप सिंह अध्यक्ष प्रदेश युवा मोर्चा, आशीष कर्णवाल प्रदेश प्रवक्ता, सुरेंद्र सिह रावत प्रभारी गढ़वाल मंडल, सागर धुन्ना अध्यक्ष गढ़वाल मंडल, विनोद शाह प्रदेश सचिव, संतोष कुमार पाटिल प्रदेश सचिव, मनीष सकलानी प्रदेश सचिव, अमीर चंद्र प्रदेश सोशल मीडिया प्रभारी, सुनील कुमार प्रदेश कार्यालय प्रभारी, जगदीश प्रदेश सचिव, बारू निराला प्रभारी विधानसभा चकराता, दलिप चंद्रा सहप्रभारी विस चकराता, धुरेंद्र चैधरी जिलाध्यक्ष देहरादून, गोविंद कटारिया जिला सचिव, आलम सिंह जिला सचिव आम आदमी पार्टी में शामिल हुए।


इस मौके पर पार्टी संगठन प्रभारी डीके पाल, पार्टी सचिव राजेश बहुगुणा, पार्टी माहसचिव विशाल चैधरी, प्रदेश प्रवक्ता रविंद्र सिंह आनंद, प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश काला जी  प्रदेश संगठन प्रभारी कौटिल्य,  धर्मेंद्र बंसल,  सारिक अफरोज,  प्रदीप बछवाण,  पूजा भल्ला, उमा सिसोदिया, नवीन प्रशाली, अशोक सेमवाल, राव नसीम, नवीन चौहान ,सहित आम आदमी पार्टी के नेतागण मौजूद थे।


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व्यापारियों ने चीन से 10 साल पुराना करार तोड़ा...

संवाददाता : नई दिल्ली


       गलवान घाटी में शहीद हुए भारतीय जवानों के प्रति श्रद्धांजलि देते हुए भारतीय कारोबारी चाइना से व्यापार समाप्त कर रहे हैं। अलीगढ़ की कोड़िया लॉक-हार्डवेयर फर्म ने चाइना से 10 साल पुराना करार तोड़ते हुए अब भारतीय उत्पाद बनाने का फैसला लिया है। इससे पहले भी शहर के कारोबारियों ने चाइना से व्यापार समाप्त किया है।कारोबारी प्रदीप गर्ग व विनीत अग्रवाल ने 1991 में मोती मिल कंपाउंड में कोड़िया लॉक एंड हार्डवेयर फर्म की शुरुआत की थी।



जिसके बाद उन्होंने चाइना से भी कई उत्पाद मंगाते हुए कारोबार को आगे बढ़ाया। करीब 10 साल पहले चाइना की एक फर्म से उनका हार्डवेयर उत्पादों को लेकर करार हुआ था। जिसके तहत वह ट्यूबलर लॉक, टेलिस्कोपी चैनल और ऑटो हिंजिस का माल मंगाते आए हैं। सालाना करीब पांच करोड़ से ज्यादा का कारोबार चाइना से होता रहा है।


अब चाइना की हरकत को लेकर देशभर में गुस्से के माहौल है। ऐसे में फर्म ने चाइना से अपने व्यापारिक करार समाप्त कर दिया है। बीते दिनों चाइना से ऑर्डर के लिए आए ऑफर को भी ठुकरा दिया।कारोबारी प्रदीप गर्ग ने बताया कि लॉक-हार्डवेयर के बाद ऑटो इंडस्ट्रीज में कदम रखा है। हार्डवेयर कारोबार को भी दूसरी पीढ़ी के रूप में सजल गर्ग व अजित अग्रवाल संभाल रहे हैं।


वहीं ऑटो इंडस्ट्रीज का व्यापार अयूर गर्ग देखते हैं। कारोबारी प्रदीप ने बताया कि उनका परिवार मूलरूप से कौड़ियागंज का है। जहां 1948 में यूपी का पहला मिनी शुगर प्लांट (खंडसारी यूनिट) प्रकाश शुगर उद्योग के नाम से पिता रामनिवेश गर्ग व ताऊ रामप्रकाश गर्ग ने लगाई थी।


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सोमवार, 29 जून 2020

मुख्यमंत्री झारखंड मंत्रालय में झारखंड राज्य अनुबंध कर्मचारी महासंघ की केंद्रीय समिति के सदस्यों ने मुलाकात की...

संवाददाता : रांची झारखंड


      मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सोमवार झारखंड मंत्रालय में झारखंड राज्य अनुबंध कर्मचारी महासंघ की केंद्रीय समिति के सदस्यों ने मुलाकात की l



समिति की ओर से मुख्यमंत्री को एक मांग पत्र  सौंपा गया l इस मौके पर उन्होंने मुख्यमंत्री को सप्रेम पौधा प्रदान किया l मुख्यमंत्री से मुलाकात करनेवालों में केंद्रीय समिति के अध्यक्ष विक्रांत ज्योति , संयुक्त सचिव सुशील पान्डेय,  मनरेगा संघ के  प्रदेश उपाध्यक्ष महेश सोरेन और पारा शिक्षक संघ के  प्रदेश उपाध्यक्ष रुपेश कुमार  शामिल थे l


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राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिक सुविधा केंद्र आरंभ करेगी : जय राम ठाकुर

संवाददाता : शिमला हिमाचल


      राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिकों को स्वस्थ और सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत करने के लिए समग्र डे-केयर सुविधा प्रदान करने के लिए पायलट आधार पर वरिष्ठ नागरिक सुविधा केंद्र आरंभ करेगी। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने यह बात आज यहां राज्य में वरिष्ठ नागरिक सेवा केंद्र खोलने संबंधी दिशा-निर्देशों के संदर्भ में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये केंद्र डे-केयर सुविधाएं जैसे- मनोरंजन, कौशल उन्नयन प्रदान करने के अतिरिक्त वरिष्ठ नागरिकों को मुफ्त स्वास्थ्य जांच, आरोग्य कार्यक्रम जैसे योगा सत्र आदि की भी सुविधाएं प्रदान करेंगे। इन केंद्रों के संचालन के लिए गैर-सरकारी संगठनों की संभावना को तलाशा जाएगा और राज्य सरकार केंद्रों के सुचारू संचालन के लिए उन्हें अनुदान प्रदान करेगी।

 


 

जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और प्रदेश में 3.91 लाख वरिष्ठ नागरिकों को बढ़ी हुई दर से सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान की जा रही है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए वृद्धाश्रमों, डे-केयर केंद्र, हेल्पलाइन और वरिष्ठ नागरिकों के लिए परामर्श जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए समेकित योजना बनाई जाएगी।

 

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने इस अवसर पर महत्वपूर्ण सुझाव दिए। अतिरिक्त मुख्य सचिव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता निशा सिंह ने राज्य में वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए चलाई जा रही विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी।

 

मुख्य सचिव अनिल खाची,प्रधान सचिव, वित्त प्रबोध सक्सेना, निदेशक, महिला एवं बाल कल्याण कृतिका कुलहारी, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव डी.सी राणा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।

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ग्रामीण विकास के लिए राज्य सरकार भरसक प्रयासरत : अल्पसंख्यक मामलात मंत्री

संवाददाता  : जयपुर राजस्थान


      अल्पसंख्यक मामलात मंत्री शाले मोहम्मद ने कहा है कि ग्रामीण विकास के लिए राज्य सरकार भरसक प्रयत्नशील है और इस दिशा में कहीं कोई कमी नही रखी जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी लोक सेवाओं और आधारभूत सुविधाओं के विकास एवं विस्तार के लिए राज्य सरकार हर स्तर पर व्यापक प्रयासों में जुटी हुई है। 

 

मोहम्मद ने सोमवार को जैसलमेर के ग्रामीण क्षेत्रों के दौरे में भीखोड़ाई स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में इन्टरलॉकिंग सड़क कार्य के लोकार्पण अवसर पर संबोधित कर रहे थे।

 


 

उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का पूरा-पूरा लाभ पाने के लिए ग्रामीणों से पूरी जागरुकता के साथ आगे आने का आह्वान किया और कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं में अधिक से अधिक जन सहभागिता से ही ग्रामीण विकास के नए आयाम स्थापित हो सकते हैं।

 


 

अल्पसंख्यक मामलात मंत्री ने इस अवसर पर कोरोना महामारी से बचाव एवं रोकथाम के लिए सभी प्रकार की सावधानियां बरतने और सुरक्षात्मक उपाय अपनाने के प्रति गंभीर रहने का आह्वान किया है और कहा है कि राज्य सरकार ने इसी को ध्यान में रखते हुए विशेष जागरुकता अभियान चला रखा है। इस अभियान के संदेश को गांव के हरेक व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए ग्रामीण आगे आकर लोक चेतना में भागीदारी अदा करें।

 

इस अवसर पर उन्होंने ग्रामीणों को मास्क और हैण्ड सेनेटाईजर वितरित किए और इनके नियमित व समुचित उपयोग करने को कहा। इसके बाद उन्होंने मानासर ग्राम पंचायत में गोविन्दरों की ढाणी रावतपुरा में गोविन्दरों की रोड से गुमनाराम की ढाणी तक सार्वजनिक इन्टरलॉकिंग सड़क का लोकार्पण किया। 

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात...

संवाददाता : भोपाल मध्यप्रदेश 


      मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से उनके निवास स्थान 7 लोक कल्याण मार्ग में मुलाकात की। मार्च 2020 में मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनकी प्रधानमंत्री से पहली मुलाकात थी। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी को कोविड-19 के दौरान प्रदेश में वैश्विक महामारी से निपटने के लिए किये गये प्रयासों और उससे जुड़ी समस्याओं से अवगत कराया। साथ ही इस वैश्विक महामारी से जुड़ी अन्य समस्याएं जैसे प्रवासी मजदूरों के लिए रोजगार, लॉकडाउन के दौरान अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना आदि के बारे में भी विस्तार से बताया।



लगभग आधे घंटे चली मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री मोदी को दो पुस्तिकाएं - 'उम्मीद' और 'मध्यप्रदेश विकास के लिए प्रतिबद्ध प्रयास' भेंट की। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा प्रकाशित 'उम्मीद' पुस्तिका में प्रवासी श्रमिकों के लिए मध्यप्रदेश सरकार की सुनियोजित और संवेदनशील पहल का विस्तार से उल्लेख किया गया है।


दूसरी पुस्तिका 'मध्यप्रदेश विकास के प्रतिबद्ध प्रयास’ में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में सौ दिन के कार्यों का लेखा-जोखा दिया गया है। इसमें कोरोना महामारी से जंग को पराजित करने से लेकर अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण की दिशा में किये गये प्रयासों तक का उल्लेख है। साथ ही इस पुस्तक में इस अवधि में किये गये सुधारों और नवाचारों का जिक्र भी है।


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रयासों की सराहना करते हुए कोविड-19 वैश्विक महामारी से निपटने के लिए केन्द्र से हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया। 


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धर्मेंद्र प्रधान ने पंजाब के मंडी गोबिंदगढ़ में सतत रेबार उत्पादन सुविधा केन्द्र का उद्घाटन किया...

संवाददाता : नई दिल्ली


      केंद्रीय इस्पात और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार पंजाब के मंडी गोबिंदगढ़ में माधव एलॉए द्वारा स्थापित, "कंटीन्यूअस गैल्वेनाइज्ड रेबार" उत्पादन सुविधा केन्द्र का उद्घाटन किया।


इस अवसर पर इस्पात मंत्री प्रधान ने कहा कि सामान्य रूप से इस्पात और विशेष रूप से कलई चढ़ा हुआ इस्पात(गैल्वनाइज्ड स्टील) एक ऐसी सामग्री है जो पर्यावरण के अनुकूल और लागत प्रभावी है। अवसंरचना वाले क्षेत्रों का बड़े पैमाने पर विस्तार करने और स्टील की उत्पादकता को बढ़ावा देने वाले हमारे दृष्टिकोण के साथ, कलई चढ़े हुए इस्पात की मांग बढ़ना निश्चित है।आज उद्घाटन की गई "कंटीन्यूअस गैल्वेनाइज्ड रेबार" उत्पादन सुविधा, निर्माण उद्योग को कलई चढ़ी हुई रेबार की आपूर्ति की बहुप्रतीक्षित आवश्यकता को पूरा करने में मदद  करेगी।



इस्पात क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के संदर्भ में बोलते हुए प्रधान ने कहा कि "एक अत्मनिर्भर भारत,एक मजबूत विनिर्माण क्षेत्र के साथ एक मजबूत भारत है, आत्मनिर्भरता अभी भी वैश्विक अर्थव्यवस्था को एकीकृत करता है। इस्पात क्षेत्र को इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी।हमें न केवल घरेलू मांग को पूरा करने की दिशा में ध्यान केंद्रित करना चाहिए बल्कि दुनिया की उम्मीदों को पूरा करने की दिशा में भी ध्यान केंद्रित करना चाहिए। आज जिस सुविधा केन्द्र का उद्घाटन किया गया है, वह  आत्मनिर्भर भारत बनाने की दिशा में उठाया गया एक सही कदम है।


प्रधान ने इस्पात मंत्रालय द्वारा उठाए गए कई कदमों के बारे में भी बात की, जिसके द्वारा इस क्षेत्र को अधिक जीवंत और आत्मनिर्भर बनाया जा सके जैसे डीएमआई एंड एसपी नीति, इस्पात समूहों की स्थापना, इस्पात स्क्रैप नीति, कच्चे माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए आवशयक कदम, इस्पात का सहीउपयोग आदि।


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भारत का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन ‘गगनयान‘ कोविड महामारी से प्रभावित नहीं होगा : डॉ. जितेंद्र सिंह

संवाददाता : नई दिल्ली


      केंद्रीय पूर्वोत्तर  क्षेत्र विकास (डोनर) राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज यहां कहा कि भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन ‘गगनयान‘ की शुरुआत कोविड महामारी से प्रभावित नहीं होगी और तैयारियां सही दिशा में आगे बढ़ रही हैं।


पिछले एक वर्ष के दौरान भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) एवं अंतरिक्ष विभाग की महत्वपूर्ण उपलब्धियों और भविष्य के लिए कुछ महत्वपूर्ण मिशनों के बारे में चर्चा करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भले ही कोविड-19 महामारी के कारण रूस में चार भारतीय अंतरिक्षयात्रियों का प्रशिक्षण बाधित हो गया था, फिर भी इसरो के अध्यक्ष एवं वैज्ञानिक टीम का विचार है कि प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं लॉन्च की डेडलाइन दोनों में ही एक ‘ गुंजाइश’   रखी गई थी। उन्होंने कहा कि अंतरिक्षयात्रियों का प्रशिक्षण अब फिर से आरंभ हो गया है और जैसेकि योजना थी 2022 में भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ से पूर्व लॉन्च का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।



इसरो की गतिवधियों में निजी क्षेत्र की सहभागिता को प्रोत्साहित करने के कैबिनेट के फैसले की व्याख्या करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि, भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्रमाणीकरण केंद्र (इन-स्पेस) नामक एक नियामकीय निकाय की स्थापना की जानी है। उन्होंने कहा कि यह निजी क्षेत्र की कंपनियों के लिए समान अवसर उपलब्ध कराएगा और उनकी सहभागिता को प्रोत्साहित करेगा।


डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि हमारे अंतरिक्ष मिशनों की क्षमता एवं संसाधनों को बढ़ाने के अतिरिक्त, निजी क्षेत्र की कंपनियों की बढ़ी हुई सहभागिता अंतरिक्ष वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों के ब्रेन ड्रेन को निरुत्साहित करेगी, जो अवसरों की तलाश में भारत से बाहर जाने लगे थे।


डॉ. जितेंद्र सिंह ने चंद्रयान-3 लुनर मिशन के बारे में कहा कि अभी तक की योजना के अनुसार, इसे अगले वर्ष लॉन्च किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मिशन में मूव करने के लिए मोड्यूल्स को कैरी करने हेतु एक लैंडर, रोवर तथा एक प्रोपलसन प्रणाली शामिल होगी लेकिन इसमें आर्बिटर नहीं होगा क्योंकि पिछला आर्बिटर पूरी तरह प्रचालनगत है।


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कोरोना वारियर्स सम्मान से डॉ. त्रिलोक सोनी को प्रधान व क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने किया सम्मानित...

संवाददाता : टिहरी उत्तराखंड 


      वैश्विक महामारी कोरोना के कारण जहां शहरी क्षेत्र के लोग प्रभावित हुए हैं वही गांव के लोग भी कोविड-19 से चिंतित हैं। ऐसे में गांव के लोगों को हिम्मत जुटाने के लिए लंबे समय से पर्यावरण के क्षेत्र में कार्य कर रहे पर्यावरणविद् वृक्षमित्र डॉ त्रिलोक चंद्र सोनी ने अपनी भूमिका निभाते हुए लॉकडाउन में टिहरी जिले में ग्राम पंचायत मरोड़ा, ग्राम पंचायत लामकाण्डे, ग्राम पंचायत हटवालगांव व चम्बा ब्लॉक का दूरस्थ गांव बनाली के गांव के लोगों को कोरोना महामारी से बचाव के लिए मास्क पहनने, सामाजिक दूर बनाये रखने, समय-समय पर हाथ धोने, गांव में स्वच्छता के लिए जागरुक व प्रेरित करने के साथही गांव के लोगों के लिए मास्क, सेनेटाइजर का वितरण भी किया।


पर्यावरणविद् डॉ त्रिलोक चंद्र सोनी को क्षेत्र पंचायत सदस्य हटवालगांव सरिता रावत व प्रधान मरोड़ा नीलम देवी ने कोरोना वारियर्स सम्मान से सम्मानित किया।  पर्यावरणविद् डॉ त्रिलोक चंद्र सोनी ने कहा मानव जीवन अनमोल है और प्रकृति ने इस धरा में मनुष्य को एक दूसरों के साथ भाईचारे व दुःख सुख निभाने को भेजा है लेकिन मनुष्य अपने स्वार्थ के कारण सब कुछ भूल गया है जिस कारण ऐसे महामारी जन्म ले रही है जो बहुत ही चिंतनीय विषय है। समय रहते हमे सतर्क होनी की जरूरत हैं।



मैं अपना सौभाग्य समझता हूं कि मेरे हृदय में मानव सेवा बसी हैं जिसे में निभा रहा हूं। सरिता रावत क्षेत्र पंचायत सदस्य ने कहा ऐसे बहुत कम लोग होते हैं जो दूसरों के खुसी में जीना पसंद करते हैं उन्ही में डॉ सोनी भी हैं जिन्होंने अपना जीवन पर्यावरण के साथ मानव सेवा में लगाया हैं मुझे खुसी हैं उन्हें सम्मानित करने के साथ डॉ सोनी जैसे शिक्षक हमारे गांव व क्षेत्र में हैं।


प्रधान नीलम देवी ने कहा हमारा सौभाग्य है डॉ सोनी हमारे ग्राम पंचायत मरोड़ा में कार्यरत हैं उनका भरपूर सहयोग छात्रहित के साथ गांव के लोगों को मिलता है उन्होंने पर्यावरण संरक्षण व प्रेम बंधुत्व की क्षेत्र में एक अलख जगाई हैं ऐसे में उन्हें सम्मानित करना हमारा फर्ज है। इस सम्मान कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता गोविंद सिंह रावत, कविता देवी, गुड्डी देवी, राजेश कुमार, दिनेश आदि उपस्थित रहे।


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कनॉट प्लेस के रेस्तरां पर पड़ी कोरोना वायरस की मार...

संवाददाता : नई दिल्ली


      कोरोना वायरस के चलते देश भर में हुए लॉकडाउन की मार दिल्ली के कनॉट प्लेस के रेस्तरां और कैफे चालकों पर पड़ी है। लुटीयन दिल्ली और कनॉट प्लेस में महंगे किराये और खर्चे न निकाल पाने के कारण कई रेस्तरां बंद हो चुके हैं और कई बंद होने की कगार पर हैं। कनॉट प्लेस में 3 रेस्तरां स्थायी रूप से बंद हो चुके हैं।


दो रेस्तरां मालिकों ने ‘टेक अवे’ का काम शुरु किया था, लेकिन आर्डर नहीं मिलने के कारण उन्होंने भी काम बंद कर दिया है। वहीं दूसरी ओर एनडीएमसी एरिया में नए रेस्तरां और कैफे खोलना अब महंगा हो जाएगा। नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) की ओर से हेल्थ लाइसेंस फीस में दो प्रतिशत का इजाफा कर दिया है। लुटियंस दिल्ली में होटल व रेस्तरां खोलना मंहगा होगा। नई दिल्ली नगर पालिका परिषद् (एनडीएमसी) ने अपने हेल्थ लाइसेंस फीसद में बढ़ोत्तरी की है। इसके बाद होटल से लेकर रेस्तरां, जिम, क्लब जैसे पर लाइसेंस फीस बढ़ी हुई देनी होगी।



एनडीएमसी के इस आदेश का असर बड़े रेस्तरां और पांच सितारा होटलों पर पढ़ेगा। इसमें 100 रुपए से लेकर 2500 रुपए तक का असर पड़ेगा। हालांकि एनडीएमसी का कहना है कि उन्हें समय-समय पर एक्ट के अनुसार इन दरों में वृद्धि करनी होती है। वर्ष 2018 में काउंसिल ने इस संबंध में फैसला लिया था, जिसे वर्ष 2020-2021 से लागू किया गया है। इसके बाद नए लाइसेंस और लाइसेंस के नवनीकरण में ज्यादा शुल्क देना होगा। नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अतुल भार्गव ने बताया कि इन दिनों काम धंधे का हाल बहुत बुरा है। सरकार की ओर से हमें कोई सहायता नहीं मिल रही है।


उन्होंने बताया कि कई बड़े रेस्तरां, कैफे और बार मालिकों के पास इन दिनों स्टाफ की सैलरी देने के लिए भी पैसे नहीं हैं, उपर से किराया इतना ज्यादा है कि लोगों के पास काम बंद करने के सिवा दूसरा कोई विकल्प नहीं बच रहा है।


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आबकारी विभाग तीन जोनों में विभाजित, जालंधर, फिरोजपुर व पटियाला में उप आबकारी व कर कमिश्रनर किए नियुक्त...

संवाददाता : चंडीगढ़ पंजाब 


      पंजाब सरकार ने सोमवार पटियाला,जालंधर व फिरोजपुर एक्साईज विभाग के जोनों में उप आबकारी व कर कमिश्रनर की नियुक्ति कर दी है। गौरतलब है कि पंजाब सरकार ने एक्साईज विभाग को पंजाब के तीन जोनों में विभाजित कर दिया था। लेकिन सरकार की तरफ से अभी तक अधिकारियों की नियुक्ति नही हो पाई थी। 



जालंधर जोन में जसपिंदर सिंह को उप आबकारी व कर कमिश्रनर तैनात किया है। वही पटियाला जोन की जिम्मेदारी उप आबकारी व कर कमिश्रनर राजपाल सिंह खैहरा को दी गई है और फिरोजपुर जोन में उप आबकारी व कर कमिश्रनर जसकरन सिंह बराड़ तो तैनात किया गया है।


इसके अलावा नरेश दुबे को उप आबकारी व कर कमिश्रनर लीगल सैल (पंजाब) लगाया गया है। हरसिमरत कौर को पदाउन्नति के बाद उप कमिश्रनर डिस्ट्रली लगाया गया है। 


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मुख्यमंत्री राहत कोष में अंशदान...

संवाददाता : शिमला हिमाचल


      मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को सोमवार यहां हिमाचल फ्लोर मिल कांगड़ा के मालिक अजय गुप्ता ने मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए दो लाख रुपये का चैक भेंट किया।

 


 

मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए उनका धन्यवाद व्यक्त किया। राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंध निदेशक आबिद हुसैन सादिक भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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विकास और पारिस्थितिकी संरक्षण में बेहतर तालमेल ज़रूरीः जय राम ठाकुर

संवाददाता : शिमला हिमाचल


      मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश वन्य प्राणी बोर्ड की 9 वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि विकास और पारिस्थितिकी संरक्षण में बेहतर तालमेल समय की आवश्यकता है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालयी राज्य होने के नाते हिमाचल प्रदेश के पारिस्थितिकी संतुलन में वन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और राज्य सरकार वनीकरण पर विशेष ध्यान दे रही है। वर्तमान वर्ष के दौरान 1.20 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य के वनों में समृद्ध जैव-विविधता है और लोगों को चारा, ईमारती लकड़ी और चिकित्सीय पौधों की उपलब्धता के अतिरिक्त ये विभिन्न प्रकार के वन्य जीवों की प्रजातियों को भी आश्रय प्रदान करते हैं। उन्होंने मानवता के कल्याण के लिए पारिस्थितिकी संतुलन की आवश्यकता पर बल दिया।

 


 

जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्र का 15 प्रतिशत हिस्सा संरक्षित क्षेत्र के अधीन आता है। राज्य में पांच राष्ट्रीय पार्क, 25 वन्य जीव अभ्यरण्य और तीन प्राकृतिक संरक्षण क्षेत्र हैं। राज्य सरकार विभिन्न विलुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण के लिए राज्य में वन्य जीव संरक्षण कानून को सख्ती से लागू कर रही है। उन्होंने प्रदेश में ट्रैगोपेन के कैप्टिव प्रजनन की सफलता पर पर प्रसन्नता व्यक्त की।

 

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पौंग बांध जलाशय को पर्यटन आकर्षण के रूप में विकसित करने का प्रयास कर रही है। इस जलाशय में प्रतिवर्ष बड़ी संख्या मंे प्रवासी पक्षी आते हैं, जिसके कारण यह पक्षी प्रेमियों के लिए आकर्षण का बड़ा केंद्र है। उन्होंने कहा कि सरकार वन्य जीव क्षेत्रों में विभिन्न विकासात्मक गतिविधियां सुनिश्चित कर रही है जिससे पारिस्थितिकी तंत्र तथा वन्य जीवन को कम से कम नुकसान हो। उन्होंने कहा कि पर्यावरण और वन्य प्राणियों का संरक्षण हमारा नैतिक कर्तव्य है, क्योंकि यह स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

 

जय राम ठाकुर ने कोविड-19 महामारी के दौरान वन विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न गतिविधियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि थुनाग, पंजुत-लम्बा सफर-चिलमगढ़-शिकारी माता सड़क के उन्नयन के लिए शिकारी देवी वन्य जीव अभ्यरण्य में 2.80 हेक्टेयर वन भूमि के परिवर्तन के मामले को उपयुक्त प्राधिकरण के समक्ष उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस सड़क के स्तरोन्नयन से स्थानीय लोगों के अतिरिक्त प्रत्येक वर्ष शिकारी माता आने वाले पर्यटकों को भी सुविधा मिलेगी।

 

मुख्यमंत्री ने दोहरानाला-शिल्लीराजगिरी (चेष्टा) सड़क को कुल्लू जिला के लौट और रोहलांग गांवों तक विस्तार देने के लिए खोखण वन्य जीव अभ्यरण्य से 1.55 हेक्टेयर वन भूमि को परिवर्तित करने के लिए विभाग को निर्देश दिए।

 

वन मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर ने इस अवसर पर कहा कि संरक्षित क्षेत्रों के नेटवर्क में इको-पर्यटन की दृष्टि की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क विश्व धरोहर सूची में शामिल है, जबकि पौंग बांध, रेणुकाजी झील और चन्द्रताल रामसर जैसे गंतव्य राष्ट्रीय तथा अन्तरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं।

 

अतिरिक्त मुख्य सचिव, वन संजय गुप्ता ने कहा कि राज्य वन्य प्राणी बोर्ड द्वारा स्वीकृत विषय राष्ट्रीय वन्य प्राणी बोर्ड की अंतिम स्वीकृति के लिए शीघ्र ही भेजे जाएंगे।

 

प्रधान मुख्य अरण्यपाल एवं मुख्य वन्य जीव वार्डन डाॅ. सविता ने वन्य प्राणियों से सम्बन्धित विभिन्न विषयों पर विस्तृत प्रस्तुति देते हुए वन्य प्राणी विंग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न गतिविधियों और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बोर्ड सदस्यों के समक्ष पिछली बैठक में उठे मामलों पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी प्रस्तुत की। उन्होंने बोर्ड के सदस्यों के समक्ष 9वीं बैठक का मसौदा प्रस्तुत किया, जिसमें थुनाग से शिकारी माता तक की सड़क को चैड़ा करना तथा शिकारी देवी वन्य जीव अभ्यरण जंजैहली-राजगढ़ से शिकारी माता सड़क को चैड़ा करना तथा दोहरानाला-शिल्लीगिराज से लौट-रोहलागी सड़क के प्रस्ताव प्रमुख हैं। ये सभी प्रस्ताव राष्ट्रीय वन्य प्राणी बोर्ड की स्वीकृति के लिए भेजे जाएंगे। बैठक के दौरान श्री रेणुकाजी लघु चिड़ियाघर के मास्टर प्लान पर हुई प्रगति से भी अवगत करवाया गया।

 

बैठक के दौरान दूर-दराज गांव शुग्गा में हाईटेंशन ट्रांसमिशन लाईन के अतिरिक्त मसौदे पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया, जिसे स्वीकृति के लिए राष्ट्रीय वन्य जीव बोर्ड को भेजा जाएगा। बैठक में पौंग बांध वन्य जीव अभ्यरण्य के बारे में सदस्य अर्जुन सिंह और होशियार सिंह द्वारा दिए गए कुछ सुझावों पर भी विचार विमर्श किया गया।

 

प्रधान मुख्य अरण्यपाल वन डाॅ. सविता द्वारा लिखी गई पुस्तक ‘वैटलैंड बर्ड्ज आॅफ पौंग डैम’, मुख्य अरण्यपाल प्रदीप ठाकुर और जिला वन अधिकारी डडवाल द्वारा लिखी पुस्तक स्नो लैपर्ड- प्राइड आॅफ हिमाचल प्रदेश, सेवानिवृत्त अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल पी.एल. ठाकुर और नरेश पाल सिंह दौलटा जिला वन अधिकारी द्वारा लिखित लाहौल पांगी पर पत्रिका का भी इस अवसर पर विमोचन किया।

 

विधायक अर्जुन सिंह, सुरेन्द्र शौरी, होशियार सिंह और बलबीर वर्मा, प्रधान सचिव राजस्व ओंकार चंद शर्मा, प्रधान मुख्य अरण्यपाल वन अजय कुमार, बोर्ड के सदस्यगण और राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रायगढ़ के फोर्टिस ओपी जिन्दल अस्पताल के फेज-2 का किया ऑनलाईन भूमिपूजन एवं शिलान्यास...

संवाददाता : रायपुर छत्‍तीसगढ़


     मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नगरी रायगढ़ के फोर्टिस-ओपी जिन्दल अस्पताल एवं शोध केन्द्र के फेज-2 के विस्तार कार्यो का अपने रायपुर निवास कार्यालय से ऑनलाईन भूमिपूजन और शिलान्यास किया। लगभग 25 करोड़ रूपए की लागत से इस अस्पताल में नई सुविधाएं विकसित की जाएंगी और 85 अतिरिक्त बिस्तर जोड़े जाएंगे। इस अवसर पर जेएसपीएल के चेयरमैन नवीन जिन्दल मुख्यमंत्री निवास में और रायगढ़ के कार्यक्रम स्थल पर जिंदल परिवार के सदस्य और अस्पताल के चिकित्सक और कर्मचारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने नवीन जिंदल सहित जिंदल समूह के सभी लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दी। नवीन जिंदल ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री सहायता कोष के लिए 2 करोड़ रूपए का चेक मुख्यमंत्री को सौंपा। बघेल ने इस सहयोग के लिए उन्हें धन्यवाद दिया।


मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि फोर्टिस-ओपी जिन्दल अस्पताल रायगढ़ और उसके आसपास के लोगों के लिए उपलब्ध एक सर्वसुविधायुक्त अस्पताल हैं, जहां अनुभवी चिकित्सकों के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर की चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि इस अस्पताल के विस्तार से क्षेत्र के लोगों को और अधिक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। कोविड-19 समेत अनेक गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अब किसी को भी अन्य शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। बघेल ने औद्योगिक सहित शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में जिंदल समूह द्वारा रायगढ़ क्षेत्र में किए जा रहे कार्यो की प्रशंसा की।



बघेल ने कोरोना की वैश्विक महामारी के दौर में जिंदल समूह द्वारा चिकित्सा सहित अन्य क्षेत्रों में सभी आवश्यक सहयोग देने की पेशकश के लिए नवीन जिंदल को धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संकट के दौर में सभी को अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने की आवश्यकता है। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण रोकने के लिए राज्य सरकार के साथ ग्रामीणों और शहर के नागरिकों, सामाजिक संगठनों ने मिलकर काम किया। इससे संक्रमण को काफी हद तक रोकने में सफलता मिली है।  


जेएसपीएल के चेयरमैन नवीन जिन्दल ने इस अवसर पर कहा कि पूरे देश में यह चर्चा है कि कोरोना संक्रमण रोकने में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में अच्छा काम किया गया। संक्रमण रोकने में सफलता मिली। उन्होंने कहा कि फोर्टिस ओपी जिंदल अस्पताल के विस्तार से रायगढ़ क्षेत्र के लोगों को विशेष रूप से गरीबों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस अस्पताल का विस्तार कार्य दो साल में पूरा होगा। राज्य सरकार कोविड-19 संकट के दौरान हेल्थ, शिक्षा और उद्योगों के क्षेत्र में जो भी जिम्मेदारी देगी उसे हम पूरा करेंगे। उनका संस्थान रायगढ़ निवासियों की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रतिबध्द है। दूसरे चरण के निर्माण के साथ ही यह अस्पताल 155 बेड का हो जाएगा।   


फोर्टिस ओपी जिन्दल अस्पताल एवं शोध केंद्र अपने दूसरे चरण में 25 करोड़ की लागत से 50 हजार वर्गफुट क्षेत्र में भवन बनाएगा और अनेक सुविधाएं प्रदान करेगा। इनमें 85 अतिरिक्त बेड होंगे और आईसीएमआर की गाइडलाइंस के अनुसार कोविड-19 आइसोलेशन वार्ड एवं आईसीयू की सुविधा होगी। इसके अलावा न्यूरो-आईसीयू, डायलिसिस, रेडियोलॉजी, एंडोस्कोपी, गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी, यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, हृदय रोग सर्जरी जैसी सुविधाएं विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम के साथ उपलब्ध कराई जाएंगी।


फोर्टिस ओपी जिन्दल हॉस्पिटल में फेज-2 के निर्माण से स्वास्थ्य सेवा में कई नए आयाम जुड़ेंगे और नेफ्रोलॉजी, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी समेत अनेक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।  आइसोलेशन, डायलिसिस से संक्रमित मरीजों को विशेष लाभ मिलेगा। फोर्टिस ओपी जिन्दल अस्पताल रायगढ़ क्षेत्र का एकमात्र सर्वसुविधायुक्त सुपर स्पेशयलिटी हॉस्पिटल है, जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर की चिकित्सा सुविधा, अत्याधुनिक उपकरण, अनुभवी चिकित्सकों, नर्सों एवं सहायकों की टीम सेवा समर्पित है। फोर्टिस ओपी जिन्दल अस्पताल में हृदय रोग, न्यूरो एवं स्पाइन रोग, हड्डी एवं जोड़ प्रत्यारोपण, नाक कान एवं गला रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग, बाल्य एवं शिशु रोग, छाती एवं फेफड़ा रोग, जनरल एवं लेप्रोस्कोपिक सर्जरी, फिजिशियन, नेत्र रोग, रेडियोलोजी, दंत रोग, मुख एवं जबड़ा रोग, फिजियोथेरेपी, पैथोलॉजी एवं आहार विशेषज्ञों की टीम मौजूद है।


फोर्टिस ओपी जिन्दल अस्पताल में क्षेत्र का एकमात्र कैथलैब, 64 स्लाइड सीटी स्कैन, अत्याधुनिक उपकरणों से युक्त ऑपेरशन थियेटर, ब्लड एवं कंपोनेंट बैंक, एफरेसिस मशीन, पैथोलॉजी, आईसीयू एवं बर्न आईसीयू तथा डायलिसिस की सुविधाएं उपलब्ध है। फोर्टिस ओपी जिन्दल अस्पताल को विश्वसनीय एवं उत्तम स्तर की चिकित्सा सुविधा के लिए इस वर्ष नाभ द्वारा मान्यता प्रदान की गई है। फोर्टिस ओपी जिंदल हॉस्पिटल में राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य योजना, स्मार्टकार्ड, चिरायु योजना एवं अन्य सभी योजनाओं का लाभ मरीजों को दिया जा रहा है।


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किसानों को घर पर मिलेगी मिट्टी के नमूनों के मुफ्त परीक्षण की सुविधा...

संवाददाता : नई दिल्ली


      एनएफएल ने उर्वरकों के उचित उपयोग को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से देश में मृदा परीक्षण की सुविधा को बढ़ावा देने को मिट्टी के नमूनों की जांच के लिए पांच मोबाइल मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं का शुभारम्भ किया, जो किसानों को उनके घर पर मिट्टी के नमूनों के परीक्षण की सुविधा मुहैया कराएगी।


सीएमडी वी. एन. दत्त और वरिष्ठ अधिकारियों ने एनएफएल के नोएडा स्थित कॉरपोरेट कार्यालय के परिसर से इस तरह की एक मोबाइल प्रयोगशाला को हरी झंडी दिखाई।



आधुनिक मृदा परीक्षण उपकरणों से युक्त ये मोबाइल प्रयोगशालाएं मिट्टी का समग्र और सूक्ष्म पोषक तत्व विश्लेषण करेगी। इसके अलावा इन मोबाइल प्रयोगशालाओं में किसानों को विभिन्न कृषि विषयों पर शिक्षित करने के लिए ऑडियो-वीडियो सिस्टम भी मौजूद रहेगा।


कंपनी मोबाइल मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं के अलावा देश के विभिन्न स्थानों पर स्थिर मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं के माद्यम से भी किसानों को सेवाएं दे रही है। इन सभी प्रयोगशालाओं ने वर्ष 2019-20 में मुफ्त में लगभग 25,000 मिट्टी के नमूनों का परीक्षण किया था।


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राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री

संवाददाता : शिमला हिमाचल


     महिलाएं समाज का अभिन्न अंग हंै और राज्य सरकार उनके सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना समाज कल्याण की कल्पना भी नहीं की जा सकती। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने यहां सक्षम गुड़िया बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह बात कही।

 

उन्होंने कहा कि बोर्ड का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं की सुरक्षा, संरक्षण और उनके सशक्तिकरण के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं, नीति और कार्यक्रमों के कार्यान्वयन की समीक्षा करने के अतिरिक्त महिलाओं के लिए नियम, नीतियां और योजनाओं के लिए सरकार को कानून बनाने की अनुशंसा करना है। सभी विभागों, बोर्डों और निगमों को महिला कल्याण के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान करने का अनुराध किया जाना चाहिए, ताकि इन योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जा सके तथा महिलाएं इन योजनाओं के लाभ प्राप्त करने के लिए प्रेरित हो सकें।

 


 

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुड़िया हेल्पलाइन-1515 पर उपलब्ध जानकारी पुलिस विभाग सक्षम गुड़िया बोर्ड के साथ भी सांझा करे। बोर्ड का गठन बालिकाआंे के विरूद्ध अपराध रोकने तथा उनका सशक्तिकरण सुनिश्चित करने के लिए किया गया है। उन्होंने बोर्ड की बेहतर कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने के लिए बोर्ड में गैर-सरकारी सदस्यांे की शीघ्र नियुक्ति करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गैर-सरकारी संगठनों और सामाजिक सरोकार से जुड़ी महिलाओं को भी बोर्ड के साथ जोड़ा जाना चाहिए।

 

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डा. राजीव सैजल ने सक्षम गुड़िया बोर्ड को प्रभावी बनाने तथा इसे सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। सक्षम गुड़िया बोर्ड की उपाध्यक्ष रूपा शर्मा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

 

मुख्य सचिव अनिल खाची, अतिरिक्त मुख्य सचिव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता निशा सिंह, प्रधान सचिव, वित्त प्रबोध सक्सेना, सचिव सामान्य प्रशासन देवेश कुमार, निदेशक महिला एवं बाल कल्याण कृतिका कुलहारी, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव डी.सी. राणा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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कृषि मंत्री ने 7.5 एचपी क्षमता के पहले अनुदानित सौर ऊर्जा पम्प सयंत्र का शुभारंभ किया...

संवाददाता : जयपुर राजस्थान


      राज्य में कुसुम योजना अन्तर्गत सौर ऊर्जा पम्प सयंत्र लगने शुरू हो गए हैं। कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने सोमवार को जयपुर के निकट झोटवाड़ा पंचायत समिति क्षेत्र में कापड़ियावास गांव में 7.5 एचपी क्षमता के पहले अनुदानित सौर ऊर्जा पम्प सयंत्र का शुभारंभ किया। 

 

कटारिया ने बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वर्ष 2020-21 में 25,000 सौर ऊर्जा पम्प सयंत्र लगाने के लिये 267 करोड़ रुपए की बजट घोषणा की थी। इतनी ही राशि नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की ओर से पीएम कुसुम कम्पोनेंट-बी योजना अन्तर्गत उपलब्ध करायी जा रही है। प्रदेश में पहली बार 7.5 एचपी क्षमता का अनुदानित सयंत्र स्थापित किया गया है। इससे पहले 5 एचपी क्षमता के संयत्र ही लगाए जाते थे। यह सयंत्र स्थापित कर राजस्थान देश का अग्रणी राज्य बन गया है। 

 


 

कृषि मंत्री ने बताया कि इस योजना में जिन किसानों के पास सिंचाई के लिए कृषि विद्युत कनेक्शन नहीं है और डीजल पर निर्भर है। ऎसे जल बचत सयंत्र या उन्नत उद्यानिकी संरचनाएं स्थापित करने वाले किसानों को अनुदान पर 3 एचपी क्षमता से 7.5 एचपी क्षमता तक के सौर ऊर्जा पम्प सयंत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस योजना में 10 एचपी तक के सयंत्र भी स्थापित किये जा सकते हैं। इनमें अनुदान 7.5 एचपी मानते हुए ही देय होगा।

 

कटारिया ने बताया कि इस योजना अन्तर्गत स्थापित किये जाने वाले सौर ऊर्जा पम्प सयंत्रों पर किसानों को 60 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। कृषक के हिस्से से लगने वाली 40 प्रतिशत राशि में से 30 प्रतिशत राशि तक का बैंक से ऋण भी लिया जा सकता है। 

 

कोरोना महामारी के प्रोटोकॉल के अनुसार आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में उद्यानिकी आयुक्त वी. सरवन कुमार, अतिरिक्त निदेशक यशपाल महावत तथा योजना से जुड़े अन्य अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं किसान उपस्थित थे।

 

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घर पर मास्क बनाकर रोशन ने कमाए 2200 रूपये...

संवाददाता : भोपाल मध्यप्रदेश


      मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा कोरोना संक्रमण से बचने के लिये लोगों को सस्ते मास्क उपलब्ध करवाने और महिलाओं को स्व-रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जीवन शक्ति योजना शुरू की गयी है। योजना में 10 हजार से अधिक महिलाओं ने पंजीयन कराया है।



नीमच निवासी रोशन मोदी ने इस योजना के तहत मास्क बनाकर मात्र कुछ ही दिन में 2200 रूपये की कमाई घर बैठे की है।  रोशन को जब इस योजना की जानकारी मिली तो उसने अपने मोबाईल से ही अपना पंजीयन करवाया। रोशन को 200 मास्क बनाने का आर्डर मिला।


जीवन शक्ति योजना के तहत रोशन मोदी ने 200 थ्री लेयर मास्क बनाकर नगरपालिका नीमच में जमा किए। नगरपालिका द्वारा रोशन के खाते में 2 हजार 200 रूपये राशि का भुगतान किया गया है। अपने घर में ही मास्क बनाकर, कोरोना की इस लड़ाई में रोशन अपना योगदान तो दे ही रही है, वहीं अपनी आमदमी भी बढ़ा रही हैं।


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राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण से प्रभावित केहरी गांव के लोगों ने लगाई दिनेश रावत से मदद की गुहार...

संवाददाता : देहरादून उत्तराखंड


       आज कैंट विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत प्रेम नगर राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण से प्रभावित केहरी गांव एवं बाल्मिकी बस्ती के लोगों के विशेष निमंत्रण पर क्षेत्र की समस्याओं को सुना जब मौके पर पहुंचा तो देखा की इस क्षेत्र में बहुत सारे लोगों के घर मकान पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो गए और जो भी बचा खुचा है वह बारिश के कारण गिर सकता है। 



क्योंकि मकान लगभग लगभग नीचे से खोदी गई जमीन के कारण खोखले हो गए हैं और किसी भी दिन बड़ी दुर्घटना को भी जन्म दे सकते हैं जैसा कि क्षेत्र के लोगों का कहना है हमारे पास अब तो सर छुपाने के लिए भी जगह नहीं है इनमें से बहुत सारे लोग घरों को छोड़कर किराए में चले गए और बहुत सारे लोग अपने मजबूरी के कारण वहीं पर रहने को मजबूर हैं इस अवसर पर क्षेत्र की महिलाओं ने एवं नौजवानों ने अपनी समस्याओं को रखते हुए कहा कि सरकार के सामने आप हमारी समस्याओं को रखें मैंने भी उन लोगों को आश्वस्त किया कि उनकी इस गम्भीर समस्या को प्रदेश मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के सामने रखा जाएगा और उन लोगों को सरकार की ओर से जो भी उचित व्यवस्था होगी उसको तुरंत किया जाएगा क्षेत्र के लोग काफी लंबे समय से अपनी मुआवजे की मांग कर रहे हैं। 


इनमें से बहुत सारे लोग रजिस्ट्री धारक हैं और बहुत सारे लोग कब्जाधारी है लेकिन सभी की समस्या एक जैसी है सब अपने घरों से बेघर हो गए हैं उनके दर्द को समझते हुए भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता दिनेश रावत ने उन्हें आश्वस्त किया उन्होने कहा आपकी मांग को मै शासन में रख कर उनकी पूर्ण कराने का आश्वासन देता हूॅ।


इस अवसर पर क्षेत्र के लोगों ने भाजपा के वरिष्ठ नेता दिनेश रावत का धन्यवाद और आभार प्रकट किया इसकी तत्पश्चात भाजपा के नेता दिनेश रावत जी ने प्रभावित लोगों को कैंट विधानसभा क्षेत्र की महिलाओं द्वारा तैयार किए मास्क एवं सैनिटाइजर उपलब्ध कराया साथियों हम लोगों को अपने द्वारा जन जागरण अभियान पत्र एवं केंद्र की मोदी सरकार की उपलब्धि के पत्रक वितरित किए गए इस अवसर पर क्षेत्र के वरिष्ठ कार्यकर्ता महिपाल सुरेश वाल्मीकि सुमित मोंटी हिम्मत सिंह भंडारी सुलोचना भट्ट आनंद सूद अमित सरकेश सुनीता भट्ट महेश कुमार राजेश कुमार जी आनंद सूद आदि लोग उपस्थित थे। 


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शनिवार, 27 जून 2020

मुख्यमंत्री ने सेब सीजन के लिए व्यापक प्रबन्ध करने के निर्देश दिए...

संवाददाता : शिमला हिमाचल


      सेब उत्पाद के परिवहन के लिए विस्तृत और व्यापक व्यवस्था की जानी चाहिए ताकि कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत बागवानों को अपने उत्पाद मण्डियांे तक ले जाने में असुविधा का सामना न करना पड़े। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर आज यहां सेब सीजन की तैयारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि फल उत्पादकों की सुविधा के लिए एचपीएमसी ने पैकेजिंग सामग्री जैसे कार्टनस, सैपरेटर्स, ट्रे और अन्य संबंधित सामग्रियों की आपूर्ति के लिए 26 फर्में सूचीबद्ध की है। उन्होंने कहा कि इन फर्मों द्वारा लगभग 1.20 करोड़ कार्टन तैयार किए जा चुके हैं।

 


 

जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश बागवानी विभाग ने नई दिल्ली की आजादपुर मण्डी और हरियाणा के सोनीपत की गनौर मण्डी में उत्पादकों के लिए विपणन सुविधा की व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि लगभग 1.17 लाख मीट्रिक टन क्षमता के नियंत्रित वायुमण्डल भण्डार (सीए स्टोर) हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में सरकारी और निजी क्षेत्रों में चिन्हित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इसके अलावा बागवानों को सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से 32 हजार मीट्रिक टन कोल्ड स्टोरेज सुविधा उपलब्ध है।

 

जय राम ठाकुर ने लोक निर्माण विभाग को सेब उत्पाद क्षेत्रों में सड़कों और सम्पर्क मार्गों का उचित रख-रखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि वाहनों का आवागमन सुचारू रहे। उन्होंने कहा कि सेब के सीजन के दौरान कानून व व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए और विभिन्न स्थानों पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाने चाहिए ताकि ट्रकों की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित की जा सके।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग को उन ठेकेदारों के साथ बैठक भी करनी चाहिए जो श्रमिकों को वापिस लाने के प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बागवानों को सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जानी चाहिए ताकि श्रमिकों की कमी के कारण बागवानों को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि किसानों को क्लर स्प्रे के उपयोग से बचने के लिए भी प्रेरित किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे न केवल उन्हें अपने उत्पाद की अच्छी कीमत मिलेगी और साथ ही श्रमिकों की समस्या भी हल करने में मदद मिलेगी।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि नेपाली श्रमिकों पर निर्भरता से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि मजदूरों की वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक हो तो राज्य सरकार देहरादून और अन्य स्थानों तक बसें भेजने पर भी विचार कर सकती है ताकि नेपाली श्रमिकों को राज्य में लाया जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य में श्रमिकों को लाने के लिए नेपाल के सीमावर्ती जिलों के प्रशासन से भी बात की जानी चाहिए।

 

जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य के किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त होगा क्योंकि इस वर्ष कोविड-19 संकट के कारण अन्य देशों से सेब का आयात इस वर्ष संभव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यह बहुत आवश्यक है कि सेब को मण्डियों तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि राज्य के विभिन्न हिस्सों से सेब उत्पादक क्षेत्रों में श्रमिक लाने के लिए उचित व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे न केवल नेपाली श्रमिकों पर उत्पादकों की निर्भरता कम होगी, बल्कि बागवानी करने वालों को भी सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि एपीएमसी कृषि बाजार के पदाधिकारियों के आवागमन की सुविधा प्रदान करेगा और संबंधित जिला अधिकारी उन्हें ट्राजिट पास जारी करेंगे। उन्होंने कहा कि एपीएमसी को सभी मण्डियों और व्यक्तिगत यार्डों में सीसीटीवी कैमरे स्थापित करना सुनिश्चित करेगा।

 

बागवानी मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर ने कहा कि बागवानी उद्योग से प्रतिवर्ष प्रदेश की आर्थिकी में 5000 करोड़ रुपये का योगदान होता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सेब सीजन के दौरान लगभग 5.83 लाख मीट्रिक टन सेब उत्पादन की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने मण्डी मध्यस्थता योजना के तहत सेब का समर्थन मूल्य 8 रुपये से बढ़ाकर 8.50 रुपये प्रति किलोग्राम किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में एंटी हेल नेट संरचना के निर्माण को प्रोत्साहित के लिए कुशे योजना आरम्भ की है।

 

मुख्य सचेतक नरेन्द्र बरागटा ने मुख्यमंत्री को यह सुनिश्चित करने के लिए धन्यवाद किया कि बागवानी उत्पादकों को उनके उत्पाद के विपणन में किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने उत्पाद के परिवहन, श्रमिकों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भी मुख्यमंत्री से आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सिरमौर व चम्बा जिलों से वैकल्पिक श्रमिक उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए मार्केट यार्डों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने की आवश्यकता पर बल दिया।

 

हिमफैड के अध्यक्ष गणेश दत्त ने कहा कि सेब की खरीद के लिए सरकार द्वारा स्थापित क्लेक्शन एंड प्रोक्योरमेंट केन्द्रों में होमगार्ड के जवानों को तैनात किया जाना चाहिए। निदेशक बागवानी डाॅ. एम.एम. शर्मा ने कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत सेब को मण्डियों तक पहुंचाने की तैयारियों के संबंध में एक विस्तृत प्रस्तुति दी।

 

शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज, कृषि मंत्री डाॅ. राम लाल मारकण्डा, परिवहन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर, मुख्य सचिव अनिल खाची, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव जे.सी. शर्मा, प्रधान सचिव ओंकार शर्मा, के.के. पंत, सचिव बागवानी अमिताभ अवस्थी, एचपीएमसी की प्रबन्ध निदेशक देव स्वेता बनिक, विशेष सचिव कृषि राकेश कंवर, निदेशक सूचना एवं जन सम्पर्क हरबंस सिंह ब्रसकोन और अन्य अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।

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मल्टीयूटीलिटी सेंटर की महिलाओं ने 6 माह में किया 1.10 करोड़ रूपए का व्यवसाय : मुख्यमंत्री

संवाददाता : रायपुर छत्‍तीसगढ़


      मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से शनिवार यहां उनके निवास कार्यालय में ‘कल्पतरू‘ मल्टीयूटीलिटी सेंटर, सेरीखेड़ी में कार्य कर रही बिहान रायपुर (उजाला ग्राम संगठन) की महिलाओं ने मुलाकात की। महिलाओं ने इस सेंटर में तैयार किए जा रहे विभिन्न उत्पाद मुख्यमंत्री को दिखाए और उनके संबंध मंे जानकारी दी। मुख्यमंत्री बघेल ने महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों की सराहना की और उनके बारे में महिलाओं से जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए सेरीखेड़ी के इस मल्टीयूटीलिटी सेंटर के कार्य के विस्तार और विभिन्न गतिविधियों के लिए सीएसआर मद से 15 लाख रूपए की राशि उपलब्ध कराने की घोषणा की।


मुख्यमंत्री ने कहा कि इस राशि से उन्हें काम करने और भी अधिक आसानी होगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मल्टीयूटीलिटी सेंटर सेरीखेड़ी की गतिविधियों और तैयार किए जा रहे उत्पादों पर केन्द्रित फोल्डर का विमोचन किया। महिलाओं ने मुख्यमंत्री को बताया कि कोरोना संकट काल में उन्हें इस सेंटर के माध्यम से रोजगार और आय का बड़ा सहारा मिला। महिलाएं अपने साथ गोबर से तैयार गमले, राखी जैसे उत्पाद भी मुख्यमंत्री को दिखाने लायी थीं। महिला समूह की अध्यक्ष मोहिनी डहरिया ने गोधन न्याय योजना प्रारंभ करने की घोषणा के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया।



राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत समूहों की महिलाएं इस सेंटर में ग्लिसरीन साबुन, डिजायनर मोमबत्ती, बांस के ट्री गार्ड, अगरबत्ती, फिनायल, फेश वास, मशरूम, मुनगा पावडर से तैयार कुकीज, हर्बल टी, एलईडी बल्ब, स्लीपर, गोबर के गमले, हर्बल गुलाल तथा बांस, गोबर, सब्जी के बीज और ग्लिसरीन सोप से डिजायनर राखियां तैयार कर रही हैं। कोरोना संकट के काल में सेंटर की महिलाओं द्वारा सेनेटाईजर, कोरोना से बचाव के लिए फेश सील्ड, तीन लेयर वाले कॉटन के मास्क, मेडिकल गाउन और हाल ही में पीपीई किट तैयार करना शुरू किया गया है। सेरीखेड़ी सेंटर की महिलाओं ने क्वारेंटाईन सेंटर में रूके मजदूरों के लिए कोरोना सुरक्षा किट भी तैयार किए, जिनका उपयोग रायपुर के क्वारेंटाईन सेंटरों में किया गया। इस किट में सेनेटाईजर, साबुन, मास्क आदि सामग्री शामिल की गई थी।


इस अवसर पर उपस्थित रायपुर कलेक्टर एस. भारतीदासन ने मुख्यमंत्री को बताया कि पिछले वर्ष दिसम्बर से प्रारंभ इस सेंटर में 180 महिलाएं काम कर रही है। महिलाओं द्वारा उत्पादित विभिन्न सामग्रियों का अब तक कुल 1 करोड़ 10 लाख रूपए का व्यवसाय किया है। इस अवधि में महिलाओं को लगभग 30 लाख रूपए की मजदूरी का भुगतान किया गया है। यहां काम करने वाली महिलाओं को 25 रूपए प्रति घंटे के हिसाब से मजदूरी का भुगतान किया जा रहा है। हर महिला को औसतन 200 रूपए प्रतिदिन मजदूरी मिलती है।


महिलाएं इस केन्द्र में गौमूत्र, गोबर पावडर, गोबर के अर्क, आलू विटामिन ई, कैमल मिल्क, गोट मिल्क और एलोवेरा से साबुन तैयार कर रही हैं। अच्छी गुणवत्ता के कारण इनकी अच्छी बिक्री हो रही है। अब तक इस केन्द्र में तैयार लगभग 12 लाख रूपए के साबुन बेचा गया है। इस केन्द्र में तैयार साबुन को भारत सरकार के खादी बोर्ड द्वारा खरीद कर पूरे देश में इसका विक्रय किया जा रहा है। सेरीखेड़ी सेंटर में कोरोना से बचाव के लिए तैयार किए जा रहे मास्क मात्र 40 रूपए में बेचे जा रहे है, जबकि बाजार में इसकी कीमत 120 रूपए तक है। मल्टीयूटीलिटी सेंटर से उजाला ग्राम संगठन के 35 स्व-सहायता समूह जुड़े हैं।


सेंटर की महिलाओं द्वारा 11 हजार बांस के ट्री गार्ड तैयार किए गए। बैम्बू ट्री गार्ड का लगभग 46 लाख रूपए का बिजनेस किया गया, जिसमें से 5 से 6 लाख रूपए का फायदा हुआ। सेंटर की महिलाएं बांस के पावडर, गोबर और चारकोल से अगरबत्ती तैयार कर रही है। सेंटर द्वारा तैयार किए जा रहे बेकरी आइटम में मशरूम, मुनगा, रागी, कोदो, ओटस आदि का उपयोग भी किया जा रहा हैै। विभिन्न प्रकार की चाकलेट, पेस्टीज तैयार किए जा रहे हैं। मुनगा पावडर और मशरूम पाउडर भी यहां तैयार किए जा रहे हैं। इस सेंटर की 19 महिलाओं को चप्पल बनाने का प्रशिक्षण दिया गया, 10 मशीनें उपलब्ध कराई गई, यहां एक हजार चप्पल प्रतिदिन तैयार किए जाते हैं। जिसे स्थानीय व्यापारियों द्वारा बेचा जाता है। अब तक इस सेंटर में तैयार 25 लाख रूपए की चप्पलें बेची गई, जिनसे 3 लाख रूपए की आमदनी हुई। सेंटर में एलईडी एसेम्बलिंग यूनिट की शुरूआत की गई है।


इस यूनिट में 400 बल्ब बनाने की क्षमता है। महिलाओं को शत-प्रतिशत बाई बेक की नीति पर सामग्री उपलब्ध कराकर एलईडी बल्ब तैयार कराए जा रहे हैं। हर्बल गुलाल, जूट बैग, पेपर बैग भी तैयार किए जाते हैं। सेंटर द्वारा 6 से 7 हजार लीटर सेनेटाईजर की बिक्री की जा चुकी है। सेंटर में कृत्रिम मोती की खेती, एक्वा कल्चर, बैम्बू बेस पर एक्वेरियम के निर्माण का काम भी शुरू किया गया है। इस सेंटर में पांच तरह की हर्बल टी तैयार की जा रही है, जिसकी काफी मांग है। यहां इम्युनिटी बूस्टर टी, एनर्जी बूस्टर टी, फ्रेशनर टी और कामिग टी जैसे उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। सेरीखेड़ी की मल्टीयूटीलिटी सेंटर को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं, विभिन्न विभागों के सहयोग, सीएसआर फंड की राशि से विकसित किया गया है।


क्रेडा द्वारा कोल्ड स्टोरेज, सोलर ड्रायर, सोलर वाटर हीटर की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ ही साथ केनरा बैंक, मोनेट, बैंक ऑफ बडौदा, यूनाईटेड इंडिया इंश्योरेंश, हाईटेक पावर, नंदन स्टील्स, बाल्को और जनमन फाउंडेशन द्वारा सहयोग दिया गया है।


इस सेंटर में काम करने वाली महिलाओं के लिए दाल-भात सेंटर, छोटे बच्चों के लिए आंगनबाड़ी केन्द्र भी संचालित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान मुख्य सचिव आर. पी. मण्डल, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, जिला पंचायत रायपुर के सीईओ डॉ. गौरव कुमार सिंह, सेरीखेड़ी मल्टीयूटीलिटी सेंटर की महिलाएं मोहिनी डहरिया, स्वमिता वर्मा, दया धु्रव, लता मनहर और सीमा साहू उपस्थित थीं।


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जनसमस्याओं का अधिकारी समयबद्व निपस्तारण करें : स्वायत्त शासन मंत्री

संवाददाता  : कोटा राजस्थान


      स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल ने शनिवार को कोटा जिले के सिविल लाइन्स स्थित आवास पर जनसुनवाई कर आम नागरिकों की समस्याओं को सुना तथा मौके पर ही संबधित विभागों के अधिकारियों से तथ्यात्मक जानकारी लेकर समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिये। 

 


 

स्वायत्त शासन मंत्री तीन घंटे तक लगातार आम नागरिकों के बीच कोरोना के प्राटोकॉल के तहत सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करते हुए एक-एक परिवादी से रूबरू हुए तथा समस्याओं के बारे में पूरी जानकारी ली। उन्होंने मौके पर ही उपस्थित विभागों के अधिकारियों से समस्याओं के बारे में तथ्यात्मक जानकारी लेकर मजमे आम में ही समस्या निराकरण के लिए समय निर्धारित करते हुए अधिकारियों को निर्देश प्रदान किये। आम नागरिकों द्वारा पेयजल, विद्युत, नगर निगम तथा व्यक्तिगत लाभ की योजनाओं के बारे में परिवाद दिये गये। 

 

सैंकड़ों परिवाद आये-

 

स्वायत्त शासन मंत्री द्वारा की गई जनसुनवाई में सैकड़ों की संख्या में परिवाद प्राप्त हुए जिन्हें दर्ज कर मौके पर ही संबन्धित विभागों के अधिकारियों को समयबद्धता तय करते हुए निराकरण के निर्देश दिये गये।

 

जनसुनवाई में उपस्थित अधिकारियों को उन्होंने नियमित रूप से आम नागरिकों की सुनवाई कर मूलभूत आवश्यकताओं का समय पर निराकरण करने के निर्देश दिये। विभिन्न कॉलोनियों में पेयजल लाइन डालने, सड़क, नाला निर्माण, विद्युत सप्लाई की समस्याओं का उन्होंने तकमीना बनाने के निर्देश दिये।

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बाघा बार्डर से 15 नागरिकों को मध्यप्रदेश लाया गया...

संवाददाता : भोपाल मध्यप्रदेश 


      कोरोना संक्रमण के कारण पाकिस्तान में फँसे मध्यप्रदेश के 15 नागरिकों को बाघा बार्डर वाहन भेजकर वापस लाया गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को जैसे ही इस संबंध में जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत बाघा बार्डर से उन्हें वापस लाने के लिये जरूरी प्रबंध करने के निर्देश दिये थे।


अपर मुख्य सचिव एवं प्रभारी स्टेट कंट्रोल-रूम आई.सी.पी. केशरी ने जानकारी दी है कि वापस लाये गये 9 नागरिकों में इंदौर की राधा कुमारी, सुनील ठाकुर, कवि कुमार, शोभावंती, प्रीति गवलानी, नंदलाल पृथयानी, सरला माधवानी, गीता चंदनानी और अनिल कुमार वासानी हैं।



इसी तरह भोपाल के 6 नागरिकों में रुक्मणि, इस्लाउद्दीन, शाजिया एरम, अलफेजुद्दीन, इंशराह काजी और मोहम्मद आरेजुद्दीन शामिल हैं।


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आत्‍मनिर्भर भारत प्रत्‍येक भारतीय के लिए आर्थिक ताकत और समृद्धि सुनिश्चित करता है : प्रधानमंत्री

संवाददाता : नई दिल्ली


       प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज परम श्रद्धेय डॉ. जोसफ मार थोमा मेट्रोपोलिटन के 90वें जन्‍मदिन के अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने अपनी शुभकामनाएं दी और उनके दीर्घ और स्‍वस्‍थ जीवन की कामना की।


इस अवसर पर, प्रधानमंत्री ने कहा कि डॉ. जोसफ मार थोमा ने अपना जीवन समाज और राष्ट्र की बेहतरी के लिए समर्पित किया है। उन्‍होंने कहा, “ डॉ. जोसफ मार थोमा गरीबी हटाने और महिला सशक्तीकरण को लेकर सबसे अधिक चिंतित रहे हैं। मार थोमा चर्च प्रभु ईसा मसीह के देवदूत सेंट थॉमस के महान आदर्शों से करीब से जुड़ा हुआ है।


प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत हमेशा से अनेक स्रोतों से आध्यात्मिक शक्तियों के लिए खुला रहा है। डॉ. जोसफ मार थोमा को उधृत करते हुए “ विनम्रता एक सद्गुण है, जो हमेशा अच्‍छे कार्यों का फल देती है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि विनम्रता की भावना के साथ मार थोमा चर्च ने हमारे साथी भारतीयों के जीवन में सकारात्मक अंतर लाने का काम किया है, विशेष रूप से स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में। उन्‍होंने कहा कि मार थोमा चर्च ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका निभाई और वह राष्ट्रीय एकता की दिशा में काम करने में सबसे आगे था।



प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड-19 केवल एक शारीरिक बीमारी नहीं है जो लोगों के जीवन के लिए खतरा है बल्कि यह हमारा ध्यान खराब जीवन-शैली की ओर भी ले जाता है। उन्‍होंने कहा कि एक वैश्विक महामारी से तात्पर्य है कि मानवता को पूर्णरूपेण उपचार की आवश्यकता है और श्रोताओं से कहा कि वे पृथ्‍वी में सद्भाव और खुशी को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास करें। उन्‍होंने कहा कि कोरोना योद्धाओं की मदद से भारत कोविड-19 से मजबूती से लड़ रहा है।


प्रधानमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन और सरकार द्वारा की गई अनेक पहलों तथा साथ ही लोगों के संघर्ष के कारण, भारत कई अन्य देशों की तुलना में बेहतर स्‍थान पर है और भारत में इलाज के बाद लोगों के स्‍वस्‍थ होने की दर बढ़ रही है। इसके कारण वायरस की गंभीरता अनुमान से कम है। उन्‍होंने कहा, कोविड की वजह से भारत में प्रति मिलियन मृत्यु दर 12 से कम है। इस संदर्भ में, इटली में मृत्यु दर 574 प्रति मिलियन है। अमेरिका, ब्रिटेन, स्पेन और फ्रांस के आंकड़े भी भारत की तुलना में बहुत अधिक हैं। लाखों गाँव, 85 करोड़ लोगों के घर कोरोनावायरस से लगभग अछूते हैं।


उन्‍होंने कहा कि लोगों द्वारा लड़ी गई लड़ाई के अब तक अच्छे परिणाम रहे हैं और जोर देकर कहा कि हमें सावधानी बरतना कम नहीं करना चाहिए। वास्तव में, हमें अब और भी सावधान रहना होगा। मास्क पहनना, दो गज की दूरी (सोशल डिस्टेंसिंग), भीड़भाड़ वाली जगहों से बचना, नियमित रूप से हाथ धोना, अब और भी जरूरी हो गया है।


पिछले कुछ सप्‍ताहों में, प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत सरकार अर्थव्यवस्था से संबंधित अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों मुद्दों से निपट रही है। समुद्र से अंतरिक्ष तक, खेतों से कारखानों तक, लोगों के अनुकूल और विकास के अनुकूल फैसले किए गए हैं। उन्‍होंने आशा व्‍यक्‍त की कि आत्मनिर्भर भारत का आह्वान प्रत्येक भारतीय के लिए आर्थिक मजबूती और समृद्धि सुनिश्चित करेगा।


हाल ही में पेश प्रधानमंत्री मत्‍स्‍य सम्‍पदा योजना के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि बीस हजार करोड़ रुपये के निवेश के साथ यह योजना हमारे मत्स्य क्षेत्र में परिवर्तन लाएगी, इससे निर्यात आय में वृद्धि होगी और पचपन लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। उन्‍होंने कहा कि मूल्य श्रृंखलाओं को मजबूत बनाने के लिए बेहतर प्रौद्योगिकी और बुनियादी ढांचा सुनिश्चित किया जा रहा है।


प्रधानमंत्री ने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र में किए गए ऐतिहासिक सुधार अंतरिक्ष परिसंपत्तियों और गतिविधियों का अधिक उपयोग सुनिश्चित करेंगे। डेटा और प्रौद्योगिकी तक पहुंच में सुधार होगा। उन्‍होंने कहा कि केरल में और विशेष रूप से दक्षिण भारत में जो अनेक युवा विज्ञान और प्रौद्योगिकी में गहरी दिलचस्पी लेते हैं, उन्‍हें इन सुधारों से लाभ मिलेगा।


प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने भारत को विकास का इंजन बनाने के लिए हमेशा से संवेदनशीलता और दूरदर्शिता से काम किया है। उन्‍होंने कहा कि ये फैसले दिल्ली के आरामदायक सरकारी कार्यालयों से नहीं बल्कि जमीन के लोगों से मिले फीडबैक के बाद किए गए हैं। इसने सुनिश्चित किया है कि प्रत्येक भारतीय की बैंक खाते तक पहुंच हो। 8 करोड़ से अधिक परिवारों के पास धुंआ रहित रसोई की सुविधा है, बेघरों को 1.5 करोड़ से अधिक मकान दिए गए हैं और भारत में, दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सेवा योजना, आयुष्मान भारत है।


प्रधानमंत्री ने कहा कि गरीबों के लिए, एक राष्ट्र-एक राशन कार्ड योजना लाने से उन्‍हें वे जहां कहीं भी रहेंगे वहां अपना राशन लेने में मदद मिलेगी।  मध्यम वर्ग का जीवन आसान बनाने के लिए अनेक पहल की गई हैं। किसानों के लिए, एमएसपी में वृद्धि की गई है और सुनिश्चित किया गया है कि उन्हें सही कीमत मिले। महिलाओं के लिए, सुनिश्चित किया गया है कि विभिन्‍न योजनाओं के जरिये उनके स्‍वास्‍थ्‍य की तरफ पर्याप्‍त ध्‍यान दिया जाए और, मातृत्व अवकाश बढ़ाने से उनका करियर खतरे में न पड़े।


प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत सरकार आस्‍था, लिंग, जाति, पंथ या भाषा के बीच भेदभाव नहीं करती है। हमारी 130 करोड़ भारतीयों को सशक्त बनाने की इच्छा है और हमारा मार्गदर्शक ‘भारत का संविधान’ है।


उन इस बात पर विचार करने का आह्वान किया कि किस प्रकार हमारे कार्य राष्‍ट्रीय विकास में योगदान दे सकते हैं। उन्‍होंने कहा कि आज भारत का कहना है- हम स्थानीय स्तर पर उत्पादन करेंगे और साथ ही स्थानीय उत्पाद खरीदेंगे। इससे कई लोगों के घरों में समृद्धि का दीप प्रज्ज्वलित होगा।


मलंकरा मार थोमा सीरियन चर्च, जिसे मार थोमा चर्च के रूप में भी जाना जाता है, केरल में प्राचीन, स्वदेशी चर्चों में से एक है। परंपरागत रूप से यह माना जाता है कि ईसा मसीह के एक शिष्य सेंट थॉमस ने 52 ईस्वी में भारत आकर चर्च की स्थापना की थी। वर्तमान में चर्च के प्रमुख 21 वें मलंकरा मेट्रोपोलिटन परम श्रद्धेय डॉ. जोसेफ मार थोमा हैं, जिन्होंने पिछले तेरह वर्षों से चर्च का नेतृत्व किया है। मार थोमा चर्च ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान और उसके बाद आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रवाद की भावना को बरकरार रखा है। चर्च मानवता की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध है और विभिन्न सामाजिक कल्याण संस्थानों, अनाथालयों, अस्पतालों, कॉलेजों, स्कूलों और तकनीकी संस्थानों को चलाता है। भूकंप, बाढ़, सूनामी आदि जैसे संकटों के दौरान चर्च ने विभिन्न राज्यों में राहत और पुनर्वास कार्यों में भाग लिया है।  


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प्रदेश के सभी जिलों में दुकानें सायं 8 बजे तक खोलने की अनुमति, सीएम ने डीएम को दिए निर्देश...

संवाददाता : देहरादून उत्तराखंड 


-देहरादून में अगले सप्ताह से शनिवार व रविवार को भी खुलेगा मार्केट

-अब सुबह पांच बजे से मार्निंग वाक पर जा सकेंगे लोग

 

      मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शनिवार को सचिवालय में कोविड-19 एवं डेंगू के रोकथाम एवं बचाव के लिए सभी जिलाधिकारियों से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से बैठक की। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि सभी जनपदों में दुकानों को शाम 08 बजे तक खोलने की अनुमति दी जाय।

 

देहरादून में अगले सप्ताह से शनिवार और रविवार को भी मार्केट को खोलने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि लोगों को सुबह 05 बजे से माॅर्निंग वाॅक की अनुमति दी जाय। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि राज्य में कोरोना पाॅजिटव की रिकवरी रेट में तेजी से सुधार हुआ है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों एवं स्वास्थ्य विभाग को सतर्कता एवं सुरक्षात्मक दृष्टि से कार्य करने को कहा। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में अब 1700 से अधिक टेस्ट प्रतिदिन हो रहे हैं। सोमवार से मुक्तेश्वर में भी कोरोना की टेस्टिंग शुरू हो जायेगी। यहां पर प्रतिदिन 100 टेस्ट होंगे।

 


 

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि डेंगू से बचाव के लिए व्यापक स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाया जाय। स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाय। जिन जनपदों में पिछले वर्षों में डेंगू का फैलाव कम रहा, उन जनपदों में हम इसे पूरी तरह कैसे नियंत्रित कर सकते हैं, इसके लिए ठोस रणनीति बनायी जाय। यह सुनिश्चित किया जाय कि अस्पतालों में प्लेटलेट्स की पर्याप्त उपलब्धता हो।

 

नगर निकायों द्वारा समय-समय पर फोगिंग की जाए। डेंगू से बचाव में रोकथाम के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार हो इसके लिए डाॅक्टर समय-समय पर मीडिया से समन्वय स्थापित करंे। शहरी क्षेत्रों में डेंगू से बचाव के लिए स्वच्छता एवं जल निकासी पर विशेष ध्यान दिया जाय। प्रत्येक जनपद में सप्ताह में एक दिन व्यापक स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाया जाय।

 

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि वर्षाकाल को दृष्टिगत रखते हुए पेयजल व्यवस्था की ओर विशेष ध्यान दिया जाय। पर्वतीय जनपदों में वर्षाकाल में पेयजल लाईनें क्षतिग्रस्त होने से व दूषित जल से बीमारियों की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए जन प्रतिनिधियों से निरन्तर संवाद बनाये रखें।

 

इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा डेंगू की रोकथाम एवं जनजागरूकता के लिए किये जा रहे प्रयासों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि कोविड-19 के प्रभावी नियंत्रण के लिए सर्विलांस सिस्टम को और अधिक मजबूत किया जाय। जो लोग होम क्वारंटीन एवं होम आईसोलेशन है उनकी लगातार निगरानी की जाय। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाय। बैठक में सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी, सचिव शैलेष बगोली, सौजन्या, एस.ए. मुरूगेशन, पंकज पाण्डेय, डीजी स्वास्थ्य अमिता उप्रेती आदि उपस्थित थे।

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राज्य सरकार विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री

संवाददाता : शिमला हिमाचल


      प्रदेश सरकार मौजूदा शैक्षणिक अधोसंरचना को मजबूत करने पर विशेष ध्यान देने के साथ राज्य में विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि विद्यार्थियों को प्रदेश में ही उच्च शिक्षा प्राप्त हो और वह अपनी क्षमताओं के अनुसार राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं में भाग ले सकें। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षण संस्थानों के समग्र विकास के लिए राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद् का गठन किया है। उन्होंने कहा कि राज्य परियोजना निदेशालय रूसा, प्रदेश में उच्च शिक्षा की पहुंच, समानता और गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि रूसा के अंतर्गत मिलने वाला अनुदान नैक (एनएएसी) द्वारा मान्यता पर निर्भर करता है, जिसके कारण विभिन्न काॅलेजों में एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा आरंभ होगी तथा इससे सभी काॅलेज नैक मान्यता प्राप्त करने के लिए प्रेरित होंगे।  

 


 

जय राम ठाकुर ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल कलस्टर विश्वविद्यालय मण्डी की स्थापना रूसा के दिशा-निर्देशों अनुसार की गई है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने इस विश्वविद्यालय के लिए 55 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जिसमें से 27.50 करोड़ रुपये आवंटित कर दिए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों को इस कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में अधोसंरचना, 26 महाविद्यालयों में अधोसंरचना, चम्बा जिला के लिल्लह कोठी में नए माॅडल डिग्री काॅलेज, डीएवी सेंटनरी महाविद्यालय कोटखाई और राजकीय महाविद्यालय चम्बा के स्तरोन्नयन के लिए रूसा के अन्तर्गत वर्ष 2018 में 92 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 929 उच्च और 1871 वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं के अतिरिक्त 138 राजकीय महाविद्यालय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान शिक्षा क्षेत्र में विभिन्न घटकों में 3,671.95 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020-21 के दौरान भवनों और शैक्षिक अधोसंरचना के लिए 116.37 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए। उन्होंने कहा कि पिछले वित्त वर्ष के दौरान इन मदों पर 114.36 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया था। उन्होंने कहा कि 1171 निर्माण कार्य पूरे कर लिए गए हैं, जबकि 314 कार्य प्रगति पर हैं। उन्होंने अधिकारियों को छात्रों की सुविधा के लिए शैक्षणिक संस्थानों में भवनों के निर्माण और अधोसंरचनात्मक कार्यों पर तेजी से काम करने के निर्देश दिए।

 

जय राम ठाकुर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे राष्ट्रीय फ्लैगशिप योजनाएं जैसे छात्रवृति योजनाएं जैसे रूसा, स्वच्छ भारत अभियान, खेलो इंडिया स्कूल गेम्स, एक भारत श्रेष्ठ भारत, भारत स्काउटस एंड गाईडस, इंस्पायर अवार्ड योजना, अटल टिंकरिंग लैब, साप्ताहिक आयरन फॅालिक ऐसिड सप्लिमेंटेंशन प्रोग्राम, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्रोग्राम, होस्टल सुविधाएं प्रदान करने के लिए आदि योजनाओं को अक्षरशः लागू करें, ताकि इन योजनाओं के लाभ अधिकतम विद्यार्थियों तक पहुंच सकें। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018-19 के दौरान केंद्र प्रायोजित छात्रवृत्ति योजनाओं पर 98.98 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं।

 

जय राम ठाकुर ने कहा कि शिक्षा विभाग कोविड-19 महामारी के मद्ेदनजर छात्रों को पढ़ाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का अधिकतम प्रयोग सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने कहा कि विभिन्न माध्यमों जैसे दूरदर्शन, रेडियो और सोशल मीडिया का प्रयोग बच्चों को पढ़ाने के लिए किया जा रहा है।

 

बैठक में बताया गया की मुख्यमंत्री द्वारा की गई 194 घोषणाओं मे से 140 घोषणाओं को लागू कर दिया गया है तथा 54 घोषणाओं पर प्रक्रिया जारी हैं।

 

शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने राज्य में लगभग विभिन्न स्कूलों में कार्यरत 10097 पीटीए, पैट और पैरा-शिक्षकों की सेवाओं को नियमित करने के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही लंबे समय से लंबित मांग पूरी हुई है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को विभिन्न ऐजेंसियों द्वारा सर्वश्रेष्ठ राज्य का दर्जा दिया गया है।

 

विशेष सचिव शिक्षा राजीव शर्मा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। निदेशक उच्च शिक्षा डाॅ. अमरजीत शर्मा और निदेशक प्राथमिक शिक्षा रोहित जम्वाल ने विभाग की विभिन्न गतिविधियों पर प्रस्तुति दी। मुख्य सचिव अनिल खाची, प्रधान सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री प्रधान सचिव जे.सी. शर्मा, विशेष सचिव राखिल काहलों और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।

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