बुधवार, 31 जुलाई 2019

बीमार आवासीय परियोजनाओं को पुनर्जीवित करने की चुनौती स्वीकार की जाये...

संवाददाता : भोपाल मध्यप्रदेश


            म.प्र. भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) के अध्यक्ष अन्टोनी डिसा ने कहा है कि रियल एस्टेट सेक्टर को विकास की नई ऊँचाईयों तक ले जाने के लिये जरूरी है कि बीमार परियोजनाओं को पुनर्जीवित करने की चुनौती स्वीकार की जाये। डिसा नई दिल्ली में रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड सर्वेयर लंदन द्वारा आयोजित रियल एस्टेट कॉन्‍फ्रेंस-2019 को संबोधित कर रहे थे।



डिसा ने कहा कि हाउसिंग सेक्टर को प्रोत्साहित करने के लिये विनियमन, वित्त और प्रौद्यौगिकी के बीच समन्वय स्थापित किया जाना चाहिए। प्रदेशों में रेरा कानून को मजबूत बनाने के लिये अधिक शक्तियाँ दी जाना चाहिए।


उन्होंने कहा ‍कि बीमार परियोजनाओं को पुनर्जीवित करने के लिये ठोस कदम उठाने की जरूरत है। सॉलवेन्सी कोड तथा वेनक्रोप्सी कोड में संशोधन करना आवश्यक है।


प्रकाश जावड़ेकर ने प्रकाशन विभाग की अनेक ई-परियोजनाओं की शुरुआत की...

संवाददाता : नई दिल्ली 


         केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने नई दिल्ली स्थित सूचना भवन में प्रकाशन विभाग की अनेक ई-परियोजनाओं की शुरुआत की। पुस्तक गैलरी अवलोकन के दौरान जावड़ेकर ने विभाग की नए डिजाइन के साथ तैयार वेबसाइट, मोबाइल ऐप 'डिजिटल डीपीडी', रोजगार समाचार के ई-संस्करण और ई-पुस्तक 'सत्याग्रह गीता' की शुरुआत की।



इस अवसर पर जावड़ेकर ने कहा कि “मन की बात” कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा नागरिकों से पढ़ने की आदत डालने की बात के समान हमें पढ़ने की संस्कृति में नई जान फूंकनी चाहिए। उन्होंने पढ़ने की संस्कृति में सुधार लाने के लिए पड़ोस में रीडिंग क्लब बनाने का आग्रह किया। जावड़ेकर ने कहा कि रोजगार समाचार में निजी नौकरियों सहित सभी नौकरियों की सूची शामिल कर समाचार पत्र की भूमिका सुधारी जा सकती है।


उन्होंने सुझाव दिया कि रोजगार समाचार जब कॉलेजों में वितरित किया जाएगा तो इससे छात्रों को अपना कौशल बढ़ाने और खुद को नौकरियों के बाजार के लिए बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रकाशन विभाग की नई सिरे से तैयार वेबसाइट आकर्षक और क्रियाशील लगती है। इसे रोजाना अपडेट करने से लोग जल्दी-जल्दी इस साइट को देखेंगे। प्रकाशन विभाग के लिए एक मोबाइल ऐप शुरु करने पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि इससे ई-पुस्तक और किंडल के युग में लोगों की पढ़ने की आदतों को सुधारने में मदद मिलेगी।


1. नई क्रियाशील वेबसाइट :  नई क्रियाशील वेबसाइट(www.publicationsdivision.nic.in) में प्रकाशन विभाग की पुस्तकों और अखबारों के बारे में नवीनतम जानकारी के साथ-साथ खरीदने की सुविधा प्रदान की गई है। इस वेबसाइट से खरीदारी आसान हो जाएगी। वेबसाइट पर उपलब्ध सभी पुस्तकों की बिक्री के लिए भुगतान भारत कोष के जरिए होगा।


वेबसाइट देखने में आकर्षक है और इसकी सुनियोजित बनावट है। पुस्तकों की सूची और नई जानकारियां तथा नई जारी पुस्तकों को कलात्मक तरीके से प्रदर्शित किया गया है। इनमें अच्छे दिखने वाले रंगों का इस्तेमाल किया गया है और पृष्ठभूमि और मूलपाठ के बीच शानदार डिजाइन और चित्रों को रखा गया है। जानकारी विभिन्न वर्गों और श्रेणियों में है जो सभी हितधारकों जैसे पाठकों, लेखकों, अन्य प्रकाशकों, प्रिंटरों, एजेंटों आदि की जरूरतों को पूरा करती है। इसमें शामिल सामग्री को आसानी समझा जा सकता है।


इसमें गांधी@150 पर एक विशेष खंड है। इस खंड में महात्मा गांधी और अन्य गांधीवादी प्रकाशनों के सामूहिक कार्य के संस्करणों को पढ़ने के लिए विशेष गांधी कैटलॉग, गांधी हेरीटेज पोर्टल सहित खास विशेषताओं के साथ शामिल किया गया है।


2.मोबाइल ऐप 'डिजिटल डीपीडी'  :   यह गूगल प्ले स्टोर पर मुफ्त डाउनलोड के लिए उपलब्ध है और मोबाइल की बढ़ती वाणिज्यिक संभावनाओ को देखते हुए यह सुनने को सरल बनाएगा। मोबाइल ऐप को डिजिटल राइट्स प्रबंधन प्रणाली से जोड़ा गया है ताकि साहित्यिक चोरी पर अंकुश लगाया जा सके और आसानी से भुगतान के लिए भारत कोष भुगतान गेटवे से इसे जोड़ा जा सके।


3.रोजगार समाचार का ई-संस्करण :  इम्प्लायमेंट न्यूज़ (अंग्रेजी) का हिन्दी संस्करण रोजगार समाचार सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों सहित केन्द्र सरकार में नौकरियों के अवसरों के बारे में जानकारी प्रदान करता है। यह विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए करियर संबंधी लेखों के जरिए विभिन्न क्षेत्रों में दाखिले और करियर के अवसरों के बारे में जानकारी और मार्गदर्शन देता है।


ई-रोजगार समाचार अखबार को डिजिटल रूप में प्रस्तुत करेगा और यह 400 रुपये के वार्षिक शुल्क पर उपलब्ध है। उम्मीद है कि ई-रोजगार समाचार युवा पाठकों की बढ़ती जरूरतों को पूरा करेगा और संचार के इलेक्ट्रॉनिक मोड की ओर बढेगा।  


4. ई- पुस्तक 'सत्याग्रह गीता'  :  जानी-मानी कवयित्री डॉ. क्षमा राव द्वारा 1930 में संस्कृत के छंदों में लिखी गई विरासत निधि पुस्तक में गांधी जी के जीवन और उससे जुड़ी घटनाएं प्रस्तुत की गई है। गांधी@150 स्मारक के तहत डीपीडी ने पुस्तक का पीडीएफ संस्करण खरीदा है और पुस्तक का ई-संस्करण तैयार किया है। इसकी पहुंच अधिक लोगों तक सुनिश्चित करने के लिए अंग्रेजी अनुवाद भी शामिल किया गया है। अठारह अध्यायों में विभाजित (भगवत गीता के अध्यायों की तरह), सत्याग्रह , गीता, गांधी के विचारों, जीवन के दर्शन और संस्कृत के छंदों में उनकी कार्य के तरीकों, गांधी के चरित्र और नीतियों को शामिल किया गया है।


दिल की बीमारी से पीड़ित बच्चों के इलाज के लिए सरकार प्रतिबद्ध...

संवाददाता : भोपाल मध्यप्रदेश


            मुख्यमंत्री कमल नाथ की उपस्थिति में बच्चों के दिल की बीमारी का नि:शुल्क इलाज करने के लिए मंत्रालय में एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर किए गए। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं सांई प्रशांति मेडिकल सर्विस एंड रिसर्च फाउंडेशन के बीच यह एम.ओ.यू. हुआ। एम.ओ.यू. के अनुसार फाउण्डेशन से प्रतिवर्ष 1000 बच्चों की हृदय संबंधी बीमारियों का नि:शुल्क इलाज होगा। इस मौके पर लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तुलसी राम सिलावट भी उपस्थित थे।



मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा कि बालपन में हृदय की बीमारी से पीड़ित बच्चों के इलाज के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बच्चों को दिल की बीमारी से मुक्त करने के लिए उनका नि:शुल्क इलाज करवा रही है। इस कार्य में स्वयं सेवी संस्थाओं के जुड़ जाने से निश्चित ही हम प्रदेश के ऐसे सभी बच्चों का सफलतापूर्वक इलाज करने में सफल होंगे, जो दिल की बीमारी से जूझ रहे हैं।


आज हुए एम.ओ.यू.के मुताबिक जन्म से 18 वर्ष तक के बच्चों के इलाज के लिये बाल हृदय उपचार योजना में सत्य सांई प्रशांति मेडिकल सर्विसेस एंड रिसर्च फाउंडेशन द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सहयोग के साथ नि:शुल्क शिविर लगाया जाएगा। शिविरों के जरिए दिल की बीमारी से पीड़ित बच्चों की पहचान कर उनका नि:शुल्क इलाज किया जाएगा।


एम.ओ.यू. पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से मिशन संचालक छवि भारद्वाज एवं फाउंडेशन की ओर से मैनेजिंग ट्रस्टी मनोज भिमानी ने हस्ताक्षर किए। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण पल्लवी जैन गोविल उपस्थित थीं।


खादी ग्रामोद्योग आयोग को 7 लाख रुपये मूल्य के 1,000 जैकेटों और अंगवस्त्रम का ऑर्डर मिला...

प्रजा दत्त डबराल @ नई दिल्ली


         खादी ग्रामोद्योग आयोग को इलाहाबाद स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉरमेशन टेक्नोलॉजी (आईआईआईटी) से 7 लाख रुपये मूल्य के 543 खादी जैकेटों और 450 अंगवस्त्रम की आपूर्ति का ऑर्डर मिला है।



केवीआईसी के अध्यक्ष विनय कुमार सक्सेना ने बताया कि आईआईआईटी के आगामी दीक्षांत समारोह के दौरान इनका इस्तेमाल किया जाएगा यह ऑर्डर अन्य शिक्षण संस्थानों में भी इस तरह का चलन शुरु करने की दिशा में अग्रणी होगा। क्योंकि खादी में अनोखी भारतीयता की झलक है। इस ऑर्डर में नीली डेनिम खादी जैकट, हरी प्रिंटिड खादी जैकेट और पीली प्रिंटिड खादी जैकेट शामिल है।


उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि आने वाले समय में हमारे कारीगरों द्वारा तैयार जैकेट और अंगवस्त्रम सभी जाने-माने शैक्षणिक संस्थानों के दीक्षांत समारोह की पोशाक बन जाएंगे। केवीआईसी को इस वर्ष मार्च में इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू) से अंगवस्त्रम के साथ खादी सिल्क के रोब की विभिन्न किस्मों का ऑर्डर मिल चुका है।


रूस के माउंट एलब्रुस में लहराएगा बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ का झण्डा...

संवाददाता : भोपाल मध्यप्रदेश


             जल्द ही रूस के 18 हजार 510 फीट ऊचे माउंट एलब्रुस में मध्यप्रदेश का "बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ" का झण्डा लहरायेगा। माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली प्रदेश की पहली महिला पर्वतारोही कुमारी मेघा परमार को महिला बाल विकास द्वारा अभियान का ब्रांड एम्बेसडर बनाया गया है। मेघा परमार "ट्रस्ट मी" - ''बेटी बचाओ - बेटी पढ़ाओ'' का झण्डा लेकर 2 अगस्त को माउंट एलब्रुस पर चढ़ाई करेंगी। कुमारी मेघा इस अभियान के माध्यम से माता-पिता को अपनी बेटियों पर भरोसा करने का संदेश देंगी।



कुमारी मेघा परमार ने प्रमुख सचिव महिला बाल विकास अनुपम राजन से मुलाकात कर उन्हें अभियान की जानकारी दी। राजन ने कुमारी मेघा को माउंट एलब्रुस पर विजय हासिल करने के लिये शुभकामनाएँ दी। उन्होने कहा कि कुमारी मेघा बेटियों के लिये नई प्रेरणा स्त्रोत बनकर उभरी है। राजन ने कहा कि इस अभियान के लिये विभाग उनकी हर सम्भव मदद करेगा


अटल नवाचार मिशन के अटल समुदाय नवाचार केन्द्र कार्यक्रम की शुरूआत...

संवाददाता : नई दिल्ली 


          भारत में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए नीति आयोग के कार्यक्रम अटल नवाचार मिशन के तहत नई दिल्ली में अटल समुदाय नवाचार केन्द्र कार्यक्रम की शुरूआत हुई। कार्यक्रम का उद्देश्य देश के अल्प विकसित क्षेत्रों में सामुदायिक नवाचार को बढ़ावा देना है।



केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस तथा इस्पात मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने एसीआईसी कार्यक्रम का उद्घाटन किया। नवाचार के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि नवाचार के माध्यम से भारत 2024-25 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि एसीआईसी समुदायों में उपलब्ध ज्ञान और आधुनिक प्रौद्योगिकी पारितंत्र के बीच एक सेतू का कार्य कर सकता है।


प्रधान ने कहा कि भारत अगले 15 वर्षों में जीवाश्म ईंधन का सबसे बड़ा उपभोक्ता होगा। इसलिए कच्चे तेल के आयात में कमी लाने की आवश्यकता है। वर्तमान में प्रति वर्ष 6 लाख करोड़ रुपये कच्चे तेल के आयात में खर्च होते है। उन्होंने अटल समुदाय नवाचार केन्द्र से नवाचार प्रक्रियाओं पर ध्यान देने का आग्रह किया, ताकि भारत के जीवाश्म ईंधन के उपयोग तथा इस पर खर्च होने वाले धन में कमी लाई जा सके।


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन- वेस्ट टू वेल्थ के बारे में प्रधान ने कहा कि गैर-जीवाश्म और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के उपयोग से घरेलू ऊर्जा क्षेत्र को बड़ी मदद मिल सकती है।


प्रधान ने कहा कि एसीआईसी कार्यक्रम को पंचायती राज्य के सभी संस्थानों के साथ जोड़ा जाना चाहिए, ताकि जमीना स्तर की रचनात्मकता से उत्पादों/सेवाओं को बेहतर बनाया जा सके। सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के सीएसआर कोष का उपयोग एसीआईसी कार्यक्रम के लिए किया जाएगा।


एआईएम मिशन के निदेशक आर. रमणन ने कहा कि इस नई पहल से देश की नवाचार भावना तथा आवश्यक अवसंरचना और नवाचार पारितंत्र सुविधा को प्रोत्साहन मिलेगा। एसीआईसी का उद्देश्य समावेशी नवाचार पारितंत्र का निर्माण करना है। देश स्तर पर नवाचार के लिए आवश्यक अवसंरचन का समान वितरण होना चाहिए।


नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार ने कहा कि नई पहल से आकांक्षी जिलों, स्तर-2 और स्तर-3 शहरों, जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर राज्यों समेत पूरे देश के प्रतिभाशाली युवाओं व अनुसंधानकर्ताओं को नया अवसर प्राप्त होगा।


नीति आयोग के सीईओ श्री अमिताभ कांत ने कहा कि एसीआईसी कार्यक्रम देश के अल्प विकसित 484 जिलों पर विशेष ध्यान केन्द्रित करेगा।


एसीआईसी के कार्यक्रम निदेशक उन्नत पंडित ने कहा कि यह कार्यक्रम देश को नवाचार और प्रौद्योगिकी आधारित स्टार्ट अप राष्ट्र के रूप में स्थापित करेगा। इससे भारत की स्थिति वैश्विक नवाचार सूचकांक में बेहतर होगी।


अंतरिक्ष यात्रियों की अंतर्राष्ट्रीय फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल ने डॉ. जितेन्द्र सिंह से मुलाकात की...

संवाददाता : नई दिल्ली 


     अंतरिक्ष यात्रियों की अंतर्राष्ट्रीय फेडरेशन के कार्यकारी निदेशक क्रिश्चियन फैचटिंगर के नेतृत्‍व में फैडरेशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्‍ली में पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास, प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, जन शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्‍य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह से मुलाकात की। फैडरेशन की परियोजना प्रबंधक और विशेष सलाहकार एलेना फैचटिंगर भी इस अवसर पर मौजूद थीं। बैठक में जाने माने वैज्ञानिक और वीएसएससी, इसरो के निदेशक एस. सोमनाथन, इसरो के वैज्ञानिक सचिव आर. उमामोहश्‍वरन, इसरो मुख्‍यालय में अंतर्राष्‍ट्रीय सहयोग के निदेशक डा. डी. गौरीशंकर और इसरो मुख्‍यालय में अंतर्राष्‍ट्रीय सहयोग की सहयोगी निदेशक यू. चन्‍द्रलेखा भी मौजूद थे।



प्रतिनिधिमंडल ने हाल के चन्‍द्रयान-2 मिशन और गगनयान मिशन की योजना बनाने के लिए भारतीय वैज्ञानिकों को बधाई दी। प्रतिनिधिमंडल ने 21-25 अक्‍तूबर 2019 को वाशिंगटन में होने वाली आगामी इंटरनेशनल एस्‍ट्रोनॉटिकल कांग्रेस (आईएसी) में भाग लेने के लिए डा. सिंह को आमंत्रित किया।


बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने अंतरिक्ष विभाग के विकास से जुड़े विभिन्‍न मुद्दों के बारे में विचार-विमर्श किया। उन्‍होंने निकट भविष्‍य में भारत में इंटरनेशनल एस्‍ट्रोनॉटिकल कांग्रेस आयोजित करने की संभावना के बारे में भी चर्चा की। भारत को 1988 में बंगलुरू में और 2007 में हैदराबाद में आईएसी की मेजबानी करने का अनुभव है।


आईएसी दुनिया का सबसे बड़ा वार्षिक अंतरिक्ष कार्यक्रम है जिसमें अंतरिक्ष एजेंसियों और उद्योग के रहनुमा, युवा पेशेवरों और छात्रों सहित 6000 प्रतिनिधि भाग लेते हैं।


भारत ने पहली एशियन योगासन चैम्पियनशिप जीती...

सुरेश चौरसिया @ नोएडा


            भारतीय खिलाड़ियों ने ढाका में 22 गोल्ड, 4 रजत और 2 कांस्य पदक जीतकर प्रथम  एशियन योगासन खेल ट्रॉफी जीती। इस चैंपियनशिप का आयोजन बांग्लादेश योगासन एसोसिएशन ने ग्लोबल योग एलायंस के अधिकार के तहत किया था। जिन दर्शकों ने यह योग शो देखा, वह सभी दर्शक भारतीय खिलाडियों के शानदार प्रदर्शन से अभिभूत थे। नितिन पावले और पूजा पटेल भारत के स्टार आकर्षण थे जिन्होंने सभी 4 श्रेणियों यानी पारंपरिक योग, कलात्मक योग, लयबद्ध योग और कलात्मक जोड़ी चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल किया।



बांग्लादेश 3 स्वर्ण, 14 रजत और 5 कांस्य पदक के साथ दूसरे स्थान पर रहा जबकि हांगकांग 2 कांस्य पदक के साथ चैम्पियनशिप में तीसरे स्थान पर रहा, इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले अन्य देश भूटान और थाईलैंड थे। ग्लोबल योग एलायंस के अध्यक्ष डॉ. गोपाल जी ने चैम्पियनशिप का उद्घाटन किया, जबकि बांग्लादेश सरकार  के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री के.एम. खालिद मुख्य अतिथि थे। बांग्लादेश योग एसोसिएशन के अध्यक्ष कबीर बिन अनवर, उपाध्यक्ष समीम खान टीटू, महासचिव हामिद और राष्ट्रीय खेल परिषद सचिव मसूद करीम  भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। बांग्लादेश में भारतीय उच्चायोग के डिप्टी हाई कमिश्नर मिधुन टी.के. गेस्ट ऑफ ऑनर रहे। सांस्कृतिक मामलों के मंत्री के.एम. खालिद ने घोषणा की कि मार्च 2020 में हम अपने संस्थापक शेख मुजीबुर रहमान के 100 वें जन्म समारोह के दौरान ग्लोबल योग एलायंस के साथ मिलकर एक अंतर्राष्ट्रीय योग कार्यक्रम आयोजित करेंगे।


शासकीय जमीनों पर बने मंदिरों को पट्टे देने विधेयक लाया जाएगा :पी.सी. शर्मा

संवाददाता : भोपाल मध्यप्रदेश


          धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री पी.सी. शर्मा ने आज गुरुबख्श की तलैया स्थित राम मंदिर में संत-पुजारियों की बैठक में कहा कि शासकीय जमीनों पर बने मंदिरों, जहाँ नियमित पूजा-पाठ हो रहा है, को पट्टे देने के लिये विधेयक लाया जायेगा। 



शर्मा ने कहा कि मठ-मंदिर और संस्कृति संरक्षण के लिये राज्य सरकार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि नर्मदा ट्रस्ट में  संतों के नामांकन के सम्बंध में विचार किया जाएगा। संत-पुजारी संगठनों की मांगे पूरी की जायेंगी। बैठक में विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में आये संत, पुजारी शामिल हुए।


बच्चों को दिया हरियाली का संदेश


मंत्री शर्मा ने शासकीय माध्यमिक शाला, बोर्ड कॉलोनी परिसर में बच्चों के साथ पौध-रोपण किया। शर्मा ने बच्चों को अधिक से अधिक पौधे लगाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पौधे हमें जीवन देते हैं, छाया देते हैं और खाने के लिये मीठे फल भी देते हैं। इसलिये हमें अपने घर के आस-पास पौधे लगाकर पर्यावरण को संरक्षित करना चाहिये।


 


प्रधानमंत्री ने आईसीटी आधारित मल्टी मॉडल प्लेटफॉर्म – प्रगति के जरिए 30वीं बैठक की अध्यक्षता की।...

 


         प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अग्र-सक्रिय शासन और समय पर कार्यान्वयन के लिए आईसीटी आधारित मल्टी मॉडल प्लेटफॉर्म – प्रगति के जरिए आज 30वीं बैठक की अध्यक्षता की।



केंद्र सरकार के नए कार्यकाल में यह पहली प्रगति बैठक थी।


पिछले कार्यकाल में 29 प्रगति बैठकों में 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक के कुल निवेश के साथ 257 परियोजनाओं की संचयी समीक्षा की। 47 कार्यक्रमों / योजनाओं की समीक्षा की गई। 17 क्षेत्रों (21 विषयों) में जन शिकायतों के समाधान की भी समीक्षा की गई।


प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) से जुड़ी शिकायतों के समाधान की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने केन्द्र सरकार की इस प्रतिज्ञा को दोहराया कि कोई भी परिवार 2022 तक बेघर नहीं रहेगा, और अधिकारियों को प्रेरित किया कि वे इस उद्देश्य को हासिल करने की दिशा मेहनत से कार्य करें, और रास्ते में आऩे वाली सभी बाधाओं को खत्म करें। प्रधानमंत्री ने वित्तीय सेवाओं के विभाग से जुड़ी जन शिकायतों के समाधान की भी समीक्षा की।


प्रधानमंत्री ने आयुष्मान भारत की कार्यप्रणाली का भी विस्तार से अध्ययन किया उन्हें बताया गया कि करीब 35 लाख लाभान्वित अस्पताल में दाखिले की सुविधा का लाभ ले चुके हैं और अब तक 16,000 अस्पताल इस योजना से जुड़े हैं। प्रधानमंत्री ने उन राज्यों से बातचीत का आह्वान किया जो योजना में सर्वश्रेष्ठ कार्यप्रणाली और सुधार में मदद कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आकांक्षापूर्ण जिलों में योजना के लाभों और सकारात्मक प्रभाव के बारे में एक अध्ययन किया जाना चाहिए। उन्होंने जानना चाहा कि इस योजना के दुरुप्रयोग और जालसाजी के कभी-कभार होने वाले मामलों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।


सुगम्य भारत अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक परिसरों तक पहुंचने में दिव्यांगजनों के सामने आने वाली परेशानियों के संबंध में जानकारी एकत्र करने का एक तंत्र तैयार करने के लिए प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करने का आग्रह किया। उन्होंने दिव्यांगजनों के लिए पहुंच बढ़ाने का समाधान ढूंढने में लोगों की अधिक भागीदारी और संवेदनशीलता का आह्वान किया।


जल शक्ति के महत्व पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने राज्यों का आह्वान किया कि वे वर्तमान मानसून के दौरान जल संरक्षण की दिशा में अधिकतम प्रयास करें।


प्रधानमंत्री ने रेलवे सड़क क्षेत्र में आठ महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। यह परियोजनाएं बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश और गुजरात सहित अनेक राज्यों में फैली हुई हैं।


 


आज से प्रदेश के सभी जिलों में "आपकी सरकार-आपके द्वार"...

संवाददाता : भोपाल मध्यप्रदेश


         देश की लगभग 70% जनता अब भी गाँवों में रहती है और उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जिले में आना पड़ता है। इससे न केवल समय एवं धन की बर्बादी होती है, बल्कि परेशानी भी होती है। ग्रामीणों की समस्याओं का गाँव में ही निराकरण, उनकी रोजमर्रा की आवश्यकताओं एवं विकास संबंधी मांगों की पूर्ति के उद्देश्य से मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा एक अभिनव कार्यक्रम 'आपकी सरकार-आपके द्वार' प्रारंभ किया जा रहा है। इसका विधिवत शुभारंभ एक अगस्त को प्रदेश के सभी जिलों में किया जाएगा।



कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के प्रभारी मंत्री, अन्य मंत्रीगण, विधायकगण, कलेक्टर तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी जिले के किसी एक गाँव में आकस्मिक रूप से जाकर वहाँ शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन का अवलोकन एवं निरीक्षण करेंगे। इसके बाद वे जिले के एक विकासखंड में  जन समस्या निवारण शिविर में शामिल होंगे तथा प्राप्त आवेदनों का मौके पर ही निराकरण करेंगे। 


'आपकी सरकार-आपके द्वार' कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण, उनकी रोजमर्रा की आवश्यकताओं की पूर्ति, उनकी विकास संबंधी मांगें प्राप्त करना तथा उनकी पूर्ति, प्रशासन और शासन को ग्रामीण नागरिकों के और करीब लाना तथा प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित करना है।


प्रत्येक माह में दो भ्रमण तथा शिविर


'आपकी सरकार-आपके द्वार' कार्यक्रम के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी निर्देश अनुसार प्रत्येक माह में कलेक्टर जिले में कम से कम दो गाँवों के भ्रमण कार्यक्रम तथा शिविर आयोजित कर उनमें मंत्रियों, विधायकों तथा जन-प्रतिनिधियों को आमंत्रित करेंगे। प्रत्येक मंत्री, विधायक एक माह में कम से कम 2 विकास खंडों पर ऐसे शिविरों में शामिल होंगे।


यह होगी कार्य-योजना


कार्यक्रम के प्रथम भाग के रूप में चयनित विकासखंड के एक गाँव का चयन कर, सभी ऐसे अधिकारी जिनके विभाग की योजनाओं का आम जनता से सीधा संबंध होता है एक ही वाहन में वहाँ पहुँचेंगे तथा शासकीय योजनाओं का अवलोकन एवं निरीक्षण करेंगे। भ्रमण किए जाने वाले गाँव का नाम गोपनीय रखा जाएगा। भ्रमण कार्यक्रम प्रातः 9:00 बजे से प्रारंभ होकर दोपहर 1:00 बजे तक चलेगा। इसके बाद दोपहर 2:00 बजे से विकासखंड स्तर पर शिविर का आयोजन किया जाएगा।


समस्याओं का त्वरित निराकरण होगा


इन शिविरों में जो आवेदक अपनी समस्याओं को लेकर आएंगे, उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जाएगा। यदि किसी समस्या का तत्काल निराकरण नहीं किया जा सकता हो, तो निराकरण के संबंध में संबंधित विभाग को दिशा निर्देश दिए जाएंगे तथा इसकी सूचना संबंधित आवेदक को भी दी जाएगी।  शिविर में समस्त संबंधित विभागों के पृथक-पृथक टेबल लगाए जाएंगे, जहाँ संबंधित अधिकारी विभागीय योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराएंगे तथा विभाग से संबंधित शिकायतें एवं आवेदन प्राप्त करेंगे। प्राप्त आवेदनों की कंप्यूटर पर प्रविष्टि कराई जाएगी, प्राप्त आवेदन का रिकॉर्ड रखा जाएगा तथा उनका समय-सीमा में निराकरण किया जाएगा।


सभी आवश्यक सुविधाएँ होंगी


शिविर में आने वाले ग्रामीणों के बैठने, उनके आवेदन प्राप्त करने, उनके लिए स्वच्छ पेयजल आदि की व्यवस्था की जाएगी। शिविरों के आयोजन से पहले आयोजन की सूचना मुनादी तथा अन्य तरीकों से ग्रामवासियों को दी जाएगी। शिविरों की तिथियों का निर्धारण हाट बाजारों को दृष्टि में रखकर किया जाएगा।


उत्तराखंड के सूरज, महिमा और वैदेही करेंगे वर्ल्डस्किल्स अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता 2019 में नाम रोशन...

संवाददाता : देहरादून उत्तराखंड 


           कज़ान, रूस में 22-27 अगस्त 2019 तक 6-दिवसीय द्विवार्षिक प्रतियोगिता में उत्तराखंड के सूरज, महिमा गांधी और वैदेही पंत भाग लेंगे. प्रतियोगिता में भारत के 18 राज्यों और संघीय क्षेत्रों के 48 प्रतिभागी देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। 



भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीइ) ने 48-सदस्यीय दल की घोषणा की है जो विश्व में वर्ल्डस्किल्स इंटरनेशनल कॉम्पीटीशन 2019 के नाम से विख्यात कौशल उत्कृष्टता के सबसे बड़े प्रदर्शन में भारत का प्रतिनिधित्व करेगा। 


धम सिंह नगर शहर खटीमा के सूरज 22 साल के है और ऑटो बॉडी रिपेयर तकनीशियन है. उधम सिंह नगर की ही महिमा गांधी 20 वर्ष की है और सौंदर्य चिकित्सक है. वैदेही पंत, आयु 19 वर्ष, हरिद्वार की है और भोजनालय सेवा चलाती हैं। 


कज़ान में होने वाली इस प्रतियोगिता के लिए भारत भर में संपन्न 500 से अधिक जिला, राज्य, क्षेत्र और राष्ट्र स्तरीय प्रतियोगिताओं से अभ्यर्थियों का चयन हुआ है. प्रतियोगियों की औसत उम्र 22 वर्ष है जबकि सबसे छोटा। 


प्रतियोगी 17 साल का है.  टीम इंडिया में देश भर के प्रतिभागी सम्मिलित है, जिनमें 6 पूर्वोत्तर क्षेत्र से आते हैं. प्रभागियों में 77% टियर2 और टियर3 शहरों के हैं और 10 अलग-अलग भाषा-भाषी हैं. इनमें से अधिकाँश प्रतियोगी अत्यंत साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं. 35% के माता-पिता या तो खेतों में काम करते हैं या दिहाड़ी मजदूर हैं। 


राष्ट्रपति गाम्बिया में,गाम्बिया के राष्ट्रपति के साथ शिष्टमंडल स्तरीय चर्चा...

रेनू डबराल  @ नई दिल्ली


        राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद 30 जुलाई, 2019 को गाम्बिया पहुंचे। भारत के किसी राष्ट्राध्यक्ष की यह गाम्बिया की पहली यात्रा है। बांजुल हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति का स्वागत गाम्बिया के राष्ट्रपति एडम बैरो ने किया।



आज गाम्बिया के बैरो ने राजनिवास में राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद की अगवानी की। चर्चा के दौरान कोविंद ने दिसंबर, 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में बैरो को जीत की बधाई दी। उल्लेखनीय है कि इस चुनाव के बाद गाम्बिया में लोकतंत्र बहाल हो गया है। राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि गाम्बिया और लोकतांत्रिक विश्व के लिए यह एक शानदार पल था। उन्होंने महात्मा गांधी की 150वीं जयंती की स्मृति में गाम्बिया के राष्ट्रपति द्वारा लिखे गए लेख 'वॉट महात्मा गांधी मीन्स टू मी' की प्रशंसा भी की।


इसके बाद दोनों पक्षों के बीच शिष्टमंडल स्तरीय चर्चा आरंभ हुई। इस अवसर पर कोविंद ने कहा कि भारत को गाम्बिया की प्रगति और समृद्धि में उसका साझेदार बनने का गौरव प्राप्त है।


भारत ने कौशल विकास और कुटीर उद्योग परियोजना के लिए गाम्बिया को 500,000 अमेरिकी डॉलर अनुदान का प्रस्ताव किया। इसके अलावा औषधि और होम्योपैथी की पारम्परिक प्रणालियों के क्षेत्र में सहयोग के लिए दोनों पक्षों ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। राष्ट्रपति कोविंद ने राष्ट्रपति बैरो से अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन समझौते पर गाम्बिया का अनुमोदन प्राप्त किया। इस समझौते से सौर ऊर्जा पर दोनों देशों के बीच सहयोग के नये अवसर खुलेंगे और जलवायु परिवर्तन से मुकाबला करने में सहायता होगी। उल्लेखनीय है कि भारत गाम्बिया के चुने हुए गांवों में सौर परियोजनाएं स्थापित करने की दिशा में काम कर रहा है।


गाम्बिया के राष्ट्रपति बैरो ने गाम्बिया की प्रगति और समृद्धि में भारतीय समुदायों द्वारा निभाई जाने वाली भूमिका की सराहना की। राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि भारत गाम्बिया के बड़े कारोबारी साझेदारों में शामिल है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय कारोबार 2018-19 में 200 मिलियन अमेरिकी डॉलर के पार हो गया था। इस तरह पिछले दो वर्षों में द्विपक्षीय कारोबार में लगभग 100 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।


राष्ट्रपति श्री कोविंद ने अपने गाम्बिया दौरे के संबंध में एक प्रेस वक्तव्य भी जारी किया।


गाम्बिया के राष्ट्रपति एडम बैरो ने राष्ट्रपति श्री कोविंद के सम्मान में दोपहर के भोज का आयोजन किया था। इसके बाद शाम को राष्ट्रपति कोविंद गाम्बिया की संसद को संबोधित करेंगे। वे सेनेगल और गाम्बिया में भारत के राजदूत द्वारा आयोजित भारतीय समुदाय स्वागत समारोह में भी शिरकत करेंगे।


मैक्स अस्पताल ने 2 साल के बच्चे को दिया तोहफा...

संदीप शर्मा @ देहरादून उत्तराखंड 


         मैक्स हॉस्पिटल देहरादून ने दो साल के बहरे बच्चे और उसके माता-पिता को नया जीवन दिया है। आयुष गुप्ता और विशाखा (बदला हुआ नाम) दोनो कामकाजी पति-पत्नी हैं और एक खुशहाल एवं सामान्य जीवन जी रहे हैं। अपने पहले बच्चे विवान के जन्म के बाद वे बहुत खुश थे। लेकिन जल्द ही उनकी सारी खुशी गहरे दुख में बदल गई, जब उन्हें पता चला कि उनका बच्चा बहरा है, वह सुन नहीं सकता। डॉक्टरों से यह जानकारी मिलने के बाद माता-पिता बेहद दुखी हो गए, उन्हें लगा कि उनका 'मम्मी' और 'पापा' सुनने का सपना अधूरा ही रह जाएगा। बच्चे की जीभ भी अटकी हुई थी, जिसकी वजह से उसके लिए स्तनपान करना भी मुश्किल था।



माता-पिता इस झटके को झेल नहीं पा रहे थे। ''जब भी हम डॉक्टर के पास जाते, हम भगवान से यही प्रार्थना करते कि यह बात गलत निकले। हमारे परिवारों में बहरेपन का कोई इतिहास नहीं है। हमें यकीन ही नहीं हो रहा था कि विवान सुन नहीं सकता, हम यह सोच-सोच कर परेशान थे, कि उसकी आगे की जिंदगी कैसी होगी।'' बच्चे की मां विशाखा ने बताया। ''हमने कई अस्पतालों में संपर्क किया, हमें बताया गया कि कॉक्लियर इम्पलान्ट के द्वारा ही हमारे बच्चे का इलाज हो सकता है। मैं कई और मरीजों के परिवारों से मिली, जिनमें यह इम्प्लान्ट किया गया है। इससे हमें इम्प्लान्ट का फैसला लेने में मदद मिली। हम देहरादून में ही अपने बच्चे का इलाज कराना चाहते थे।'' ''तभी हमें पता चला कि डॉ इराम खान मैक्स हॉस्पिटल देहरादून में कॉक्लियर इम्प्लान्ट विशेषज्ञ हैं। हमने उनके साथ अपॉइन्टमेन्ट बुक किया। इम्प्लान्ट की कीमत सभी जगहों पर लगभग एक समान है, हम अपने बच्चे के इलाज के लिए बेहतर देखभाल, हाइजीन और सुरक्षित वातावरण चाहते थे। हम डॉ इराम से मिले और अपनी समस्या के बारे में बताया।


उन्होंने हमें हर जरूरी जानकारी दी और भरोसा दिलाया कि मैक्स देहरादून में ही हमारे बच्चे का इलाज ठीक तरह से हो सकता है।''''विवान एक स्वस्थ, मेल चाइल्ड है, जो बेहद सोशल है लेकिन सुनने की क्षमता न होने के कारण वह बोल भी नहीं सकता था। उसके लिए कॉक्लियर इम्प्लान्ट ही सही इलाज था। हमने इस केस के बारे में डॉ ए के लहिरी के साथ चर्चा की, जो कॉक्लियर इम्प्लान्ट में विशेषज्ञ हैं, उन्होंने इस मामले में हमें पूरा सहयोग दिया।'' डॉ इराम खान, अटेन्डिंग कन्सलटेन्ट, डिपार्टमेन्ट ऑफ ईएनटी ने बताया ''26 मई 2019 को बच्चे की सर्जरी की गई। सर्जरी के बाद विवान को 2 दिन तक अस्पताल में रखा गया और तीसरे दिन छुट्टी दे दी गई। कॉक्लियर इम्प्लान्ट को 10वें दिन स्विच करना था। 6 जून का दिन परिवार के लिए बेहद खास था क्योंकि इस दिन बच्चा पहली बार किसी आवाज के लिए रिस्पॉड करने वाला था।


परिवार इस मौके पर बेहद भावुक था, माता-पिता सही समय पर अस्पताल पहुंच गए। ठीक 3ः02 मिनट पर राईट साईड इलेक्ट्रोड पर सिगनल भेजा गया, विवान के लिए यह नया अनुभव था, उसने सिर हिलाकर रिस्पॉन्स किया। परिवार के लिए भी यह बेहद भावुक क्षण था। आखिरकार माता-पिता की उलझन खत्म हो गई जब उन्हें पता चला कि अब उनका बच्चा सुन सकता है। इम्प्लान्ट के साथ-साथ उनकी प्रार्थना भी सफल हुई। कॉक्लियर इम्प्लान्ट एक इलेक्ट्रॉनिक मेडिकल डिवाइस है जिसमें भीतरी कान के क्षतिग्रस्त हिस्से को इस तरह ठीक किया जाता है कि ऑडियो सिगनल दिमाग तक पहुंच सकें।''डॉ इराम खान, ईएनटी स्पेशलिस्ट ने कहा, ''कॉक्लियर इम्प्लान्ट परिवार के लिए जीवन को बदल देने वाला फैसला होता है, इसने बच्चे को नया जीवन दिया है।


इम्प्लान्ट के बाद परिवार को बच्चे की बहुत देखभाल करनी होती है। बच्चे में बोलने की क्षमता विकसित करने के लिए भी काम करना होता है। इस तरह पहली बार आवाज सुनने वाले बच्चे के लिए विशेष थेरेपी की जरूरत होती है।''डॉ संदीप सिंह तंवर, वाईस प्रेजीडेन्ट- ऑपरेशन्स एण्ड युनिट हैड, मैक्स सुपर स्पेशलटी अस्पताल, देहरादून ने कहा, ''कॉक्लियर इम्प्लान्ट बच्चे के जीवन को बदलने वाला महत्वपूर्ण फैसला है, जिसमें माता-पिता और कन्सलटेन्ट स्पेशलिस्ट दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। अपने पहले सफल कॉक्लियर इम्प्लान्ट के साथ मुझे विश्वास है कि आने वाले समय में बड़ी संख्या में लोग देहरादून में ही हमारी इस सेवाओं से लाभान्वित होंगे।''


दिल्ली पुलिस के पास इस प्रकरण में ठोस व सटीक आंकड़े भी नही..

प्रदीप महाजन @ नई दिल्ली 


              सुप्रीम कोर्ट में एक जवाब में दिल्ली पुलिस ने उच्चतम न्यायालय को बताया कि 1 जनवरी 2016 से 30 अप्रैल 2018 तक 489 बांग्लादेशी घुसपैठियों को हिरासत में लिया गया और 480 को भारत से निर्वासित (डिपोर्ट)किया गया।साथ ही दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट को यह भी बताया कि उपरोक्त अवधि के दौरान किसी रोहिंग्या को गिरफ्तार या उसे वापिस निर्वासित नहीं किया है। 



गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस के पास इस प्रकरण में ठोस व सटीक आंकड़े भी नही है, बस अप्रेल 2018 तक की जानकारी है।


मंगलवार, 30 जुलाई 2019

दुर्घटना पीड़ितों के इलाज को मना नहीं कर सकते निजी अस्पताल : अरविंद केजरीवाल

प्रजा दत्त डबराल @ नई दिल्ली


       “दिल्ली की सीमा के अंदर अगर कोई एक्सीडेंट होता है या कोई एसिड अटैक होता है या कोई बर्न इंजरी होती है तो उसका तुरंत इलाज कराना बहुत जरूरी होता है। चिकित्सा के क्षेत्र में कहा गया है कि पहले एक घंटे में अगर उसको मेडिकल की सुविधा मिल जाए तो दुर्घटना के शिकार व्यक्ति की जान बचने के आसार काफी ज्यादा रहते हैं। इस बारे में सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के कई ऑर्डर भी हैं जिनमें कहा गया है कि अगर किसी ऐसे पीड़ित को लेकर आप अस्पताल लेकर जाते हैं तो कोई भी अस्पताल इलाज करने से मना नहीं कर सकता। लेकिन ऐसा देखा गया है कि कई बार प्राइवेट अस्पताल कोई न कोई बहाना बनाकर इलाज के लिए मना कर देते थे। प्राइवेट अस्पताल वाले इसलिए इलाज करने से बचते हैं कि इसका बिल कौन देगा। दुर्घटना के शिकार व्यक्ति का इंश्योरेंस है भी या नहीं। दिल्ली के मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली सचिवालय में हुई एक प्रेस कांफ्रेंस में ये बात कही।



-    दिल्ली सरकार अपनी योजना के तहत दुर्घटना पीड़ितों के इलाज का पूरा खर्च उठा रही है


-    फरवरी, 2018 से लेकर अप्रैल2019 के बीच 2,501 लोगों का निजी  अस्पतालों में हुआ मुफ्त इलाज


-    दुर्घटना पीड़ितों के इलाज में आनाकानी करने वाले अस्पतालों पर सख्त एक्शन लेगी दिल्ली सरकार  


अरविंद केजरीवाल ने कहा, दिल्ली सरकार के लिए हर इनसान की जान बहुत अहम है, चाहे अमीर हो या गरीब। हम चाहते हैं कि ऐसे हादसों में जो भी पीड़ित हों उनको तुरंत मेडिकल की सुविधा मिले। हम चाहते हैं कि दुर्घटना के आसपास मौजूद लोग दुर्घटना के शिकार व्यक्ति को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले कर जाएं। वह अस्पताल चाहे कितना भी बड़ा न हो, अस्पताल चाहे प्राइवेट हो या सरकारी, दुर्घटना के शिकार व्यक्ति को तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए ताकि उसकी जान बचाई जा सके। इसके लिए दिल्ली सरकार ने योजना बनाई है कि उसके इलाज का सारा खर्च दिल्ली सरकार उठाएगी। यह योजना फरवरी2018 में लागू हुई थी। फरवरी, 2018 से लेकर अप्रैल2019 के बीच इस 14 महीने में 2,501 लोगों को अस्पताल ले जाकर जान बचाई जा चुकी है। इन लोगों को प्राइवेट अस्पतालों ले जाया गया। वहां उनका इलाज हुआ।


मुख्यमंत्री ने कहा, पिछले कुछ दिनों में मेरे सामने कुछ ऐसे मामले भी आए हैं कि कुछ प्राइवेट अस्पताल दुर्घटना के शिकार ऐसे लोगों के इलाज में आनाकानी कर रहे हैं। आज मैंने दिल्ली के सारे अस्पतालों की मीटिंग बुलाई थी। मैंने उनको कहा कि हम आपको पार्टनर मानते हैं। दिल्ली सरकार के अस्पताल लोगों की जान बचाने की कोशिश करेंगे लेकिन आपकी भी जिम्मेदारी है। आपकी लीगल जिम्मेदारी भी है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा कहा है। अब आप लोग कोई बहाना नहीं बना सकते क्योंकि दिल्ली सरकार इसके लिए पैसे दे रही है। हमारे पास ऐसी एक भी शिकायत नहीं आनी चाहिए। मुझे खुशी है कि सभी अस्पतालों का बहुत पॉजिटिव रेस्पॉन्स रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि वे किसी को भी मना नहीं करेंगे। लेकिन उन्हें ये भी बता दिया गया है कि अगर वे मना करेंगे तो दिल्ली सरकार उस अस्पताल के खिलाफ सख्त से सख्त एक्शन लेने में नहीं हिचकेगी। अगर ये पता चला कि ऐसे किसी भी मामले में उनका रवैया गैर- जिम्मेदाराना था और उसकी वजह से किसी की मौत हो जाती है तो दिल्ली सरकार उस अस्पताल का लाइसेंस कैंसल करने से भी नहीं हिचकेगी।


श्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, मैं आज दिल्ली के नागरिकों को आश्वासन देना चाहता हूं कि भगवान न करे कि आपके साथ कभी कोई दुर्घटना हो, लेकिन अगर ऐसा कुछ हो जाता है तो दिल्ली सरकार आपके साथ है। दिल्ली के सारे अस्पताल आपके साथ हैं।


मुख्यमंत्री ने ये भी कहा, एक और बहुत दिलचस्प आंकड़ा है कि हमने इसके साथ एक और स्कीम निकाली थी कि जो भी व्यक्ति दुर्घटना के शिकार व्यक्ति को अस्पताल ले जाएगा उसको 2,000 रुपये का पुरस्कार मिलेगा। अभी तक 2501 मामले आए लेकिन लोगों ने पुरस्कार लेने से मना कर दिया। अभी तक 100 से भी कम लोगों ने ये पुरस्कार लिया। जो भी व्यक्ति पीड़ित को अस्पताल लेकर जाता है वह 2000 रुपये के लालच में नहीं लेकर जाता है। वह उस व्यक्ति की जान बचाने के लिए अस्पताल लेकर जाता है। ये हमारे लिए और समाज के लिए बहुत अच्छी बात है कि जब ऐसे लोगों को 2000 रुपये का पुरस्कार लेने को कहा जाता है तो वह मना कर देते हैं और कहते हैं कि हमने अपना धर्म निभाया है।


मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से मिली आजादी, राज्यसभा में ऐतिहासिक बिल पास...

संवाददाता : नई दिल्ली 


          मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक की कुप्रथा से मुक्ति दिलाने के लिए लाये गये मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक 2019 को आज राज्यसभा की मंजूरी मिल गयी और इस तरह नरेंद्र मोदी सरकार का एक बड़ा चुनावी वादा पूरा हुआ। राज्यसभा में बिल के पक्ष में 99 मत मिले जबकि विरोध में 84 मत पड़े।



मुस्लिम महिलाएं इसके लिए लंबे समय से संघर्ष कर रही थीं और मोदी सरकार ने उनका साथ देते हुए तीन तलाक विधेयक को पारित कराने के लिए पूर्व के कार्यकाल में भी प्रयास किये थे लेकिन प्रयास राज्यसभा में अटक जाते थे इस कारण बार-बार अध्यादेश से काम चलाना पड़ रहा था। राज्यसभा में तीन तलाक बिल को पास कराना सरकार के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा था लेकिन सरकार के फ्लोर मैनेजमेंट की दाद देनी होगी कि वह इस महत्वपूर्ण विधेयक को पारित कराने में सफल रही। लोकसभा इसे गत सप्ताह ही पारित कर चुकी है और अब राज्यसभा की भी मंजूरी मिल जाने के बाद इसके कानून बनने की राह साफ हो गयी है। इससे पहले सुबह विधयेक को चर्चा और पारित करने के लिए राज्यसभा में पेश करते हुए कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि तीन तलाक संबंधी विधेयक मुस्लिम महिलाओं को न्याय दिलाने के मकसद से लाया गया है और उसे किसी राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिये।


उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय द्वारा एक फैसले में इस प्रथा पर रोक लगाने के बावजूद तीन तलाक की प्रथा जारी है। उधर, इस विधेयक पर हुयी चर्चा में भाग लेते हुए विभिन्न दलों के सदस्यों ने इसे अपराध की श्रेणी में डालने के प्रावधान पर आपत्ति जतायी और कहा कि इससे पूरा परिवार प्रभावित होगा। अन्नाद्रमुक, वाईएसआर कांग्रेस ने भी तीन तलाक संबंधी विधेयक का कड़ा विरोध करते हुए इसे प्रवर समिति में भेजे जाने की मांग की। विपक्षी दलों के सदस्यों ने इसका मकसद ''मुस्लिम परिवारों को तोड़ना'' बताया। विधेयक पर चर्चा में भाग लेते हुए नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने सवाल उठाया कि जब तलाक देने वाले पति को तीन साल के लिए जेल भेज दिया जाएगा तो वह पत्नी एवं बच्चे का गुजारा भत्ता कैसे देगा? उन्होंने कहा, ''यह घर के चिराग से घर को जलाने की कोशिश'' की तरह है।


उन्होंने कहा कि इस विधेयक का मकसद ''मुस्लिम परिवारों को तोड़ना'' है। उन्होंने कहा कि इस्लाम में शादी एक दिवानी समझौता है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि आप इसे संज्ञेय अपराध क्यों बना रहे हैं? उन्होंने इस विधेयक को प्रवर समिति में भेजने की मांग की। राकांपा के माजिद मेनन ने कहा कि जब उच्चतम न्यायालय ने इस बारे में कोई निर्णय दे दिया है तो वह अपने आप में एक कानून बन गया है। ऐसे में अलग कानून लाने का क्या औचित्य है?


सत्ता संभालते ही येदियुरप्पा का बड़ा फैसला, ‘टीपू जयंती’ समारोह रद्द...

संवाददाता : बेंगलुरु


          पूर्ववर्ती मैसूर साम्राज्य के 18वीं सदी के विवादित शासक टीपू सुल्तान की जयंती पर आयोजित होने वाले वार्षिक समारोह को कनार्टक की भाजपा सरकार ने मंगलवार को रद्द कर दिया। इस समारोह का आयोजन 2015 से हो रहा था। बी एस येदियुरप्पा के नेतृत्व वाली नयी सरकार ने सत्ता में आने के तीन दिन के भीतर यह आदेश पारित किया। एक दिन पहले ही राज्य विधानसभा में येदियुरप्पा की सरकार ने विश्वासमत हासिल किया था।



सिद्धरमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने 2015 में टीपू जयंती के अवसर पर 10 नवंबर को वार्षिक समारोह के आयोजन की शुरुआत की थी और भाजपा एवं अन्य के विरोध के बावजूद एच डी कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली कांग्रेस-जदएस की गठबंधन सरकार ने पिछले साल भी इसे जारी रखा था। आदेश में कहा गया है कि विराजपेट के विधायक के. जी. बोपैया ने येदियुरप्पा को पत्र लिखकर राज्य के कन्नड़ एवं संस्कृति विभाग द्वारा टीपू जयंती के अवसर पर आयोजित किए जाने वाले वार्षिक समारोहों को रद्द करने का अनुरोध किया।


पत्र में उन्होंने ऐसे समारोह को लेकर विशेषकर कोडागू जिले में होने वाले विरोध की ओर ध्यान आकृष्ट किया।वर्ष 2015 में इसके पहले आधिकारिक आयोजन के दौरान कोडागू जिले में व्यापक प्रदर्शनों और हिंसा में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कार्यकर्ता कटप्पा की मौत हो गयी थी। भाजपा और दक्षिणपंथी संगठन टीपू को ''धार्मिक कट्टरपंथी'' बताते हुए जयंती समारोहों का कड़ा विरोध करते रहे हैं।


कुलदीप सिंह सेंगर को सत्ता के संरक्षण से वंचित कराएं प्रधानमंत्री : प्रियंका गांधी

संवाददाता : नई दिल्ली 


            उन्नाव बलात्कार मामले की पीड़िता के एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होने की घटना की पृष्ठभूमि में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार को कहा कि इस मामले के मुख्य आरोपी कुलदीप सिंह सेंगर जैसे 'अपराधी' को मिल रहे कथित सरकारी संरक्षण से वंचित किये जाने की पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को करना चाहिए।



प्रियंका ने ट्वीट कर पूछा, कुलदीप सेंगर जैसे लोगों को हम राजनीतिक सत्ता की ताकत और संरक्षण क्यों देते हैं और पीड़िता को अपनी जिंदगी के लिए लड़ने को अकेले क्यों छोड़ देते हैं ? उन्होंने सड़क दुर्घटना मामले में दर्ज प्राथमिकी का हवाला देते हुए आरोप लगाया, ''यह प्राथमिकी साफ तौर पर दिखाती है कि परिवार डरा हुआ था। इसमें यह भी जिक्र है कि वह सुनियोजित दुर्घटना थी।'' प्रियंका ने कहा, ''प्रधानमंत्री जी, कृपया इस अपराधी और उसके भाई को मिल रहे राजनीतिक सत्ता के संरक्षण से वंचित कराइए, जो आपकी पार्टी ने उसे दे रखा है।


अभी भी बहुत देर नहीं हुई है।'गौरतलब है कि गत रविवार को हुए सड़क हादसे में उन्नाव बलात्कार मामले की पीड़िता गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे में पीड़िता की मौसी,चाची और ड्राइवर की मौत हो गई। पीड़ित महिला और उसके वकील को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर मामले के मुख्य आरोपी हैं।


आम जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना सबसे बड़ा दायित्व : सीएम

संवाददाता : देहरादून उत्तराखंड 


     मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा है कि लोकसेवक उत्तराखण्ड के आवरण हैं। हम सभी से राज्य की पहचान होती है। कार्मिकों से उनके विभाग की पहचान भी स्थापित होती है। शासन व सरकार में शामिल लोगों के आचरण से सरकार की छवि बनती है। यदि अच्छी छवि है तो जनता के बीच सकारात्मक संदेश जाता है। बुरी छवि होने से नकारात्मक संदेश जाता है। मुख्यमंत्री 'लोक सेवा में नैतिकता' विषय पर सचिवालय में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी चाहे सामान्य आदमी हों, कर्मचारी हों या बड़े अधिकारी हों, नियम कायदे सभी के लिए एक समान हैं। अगर हम अपनी जिम्मेदारियों के प्रति न्याय करते हैं तो हम नैतिक हैं।



इसके विपरीत अपनी जिम्मेदारियों से अनजान बने रहना या लापरवाह रहना अनैतिक आचरण की श्रेणी में आता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा आचरण ही हमें महान बनाता है। अच्छी शिक्षा या उच्च पद पाने पर भी अगर हमारा व्यवहार सही नहीं है तो उच्च शिक्षा या पद का कोई औचित्य नहीं है। रावण बहुत ज्ञानी था परंतु आचरण अनैतिक था। प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की हमसे बहुत अपेक्षाएं हैं। जितना ऊंचा पद होता है उतनी ही बड़ी जिम्मेदारी होती है। समाज विशेष तौर पर युवा पीढ़ी की हमसे बहुत उम्मीदें हैं। ये हम पर है कि हम इन उम्मीदों को कितना पूरा कर पाते हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि हर मनुष्य का अंतिम लक्ष्य सुख प्राप्ति है और सच्चा सुख नैतिकतापूर्ण आचरण से ही सम्भव है।


सचिवालय बहुत महत्वपूर्ण संस्था है। यहां लिए जाने वाले निर्णय हजारों-लाखों के जीवन पर प्रभाव डालते हैं। निर्णय लेने या फाईलों के निस्तारण में विलम्ब की प्रवृत्ति से बचना चाहिए। हमारे राज्य का भला होगा तो हमारा स्वतः ही भला होगा। कार्यशाला में उपस्थित अधिकारियों को सम्बोधित करते हुए मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने कहा कि हमें कोई भी निर्णय लेते समय सही और गलत का ज्ञान होना आवश्यक है।


उन्होंने कहा कि यदि निर्णय लेने में दुविधा है तो सबसे गरीब व्यक्ति का ध्यान रखते हुए यह विचार करें कि क्या हम अपने फैसले से उसके लिए कुछ अच्छा कर पा रहे हैं।मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य ने हमें बहुत कुछ दिया है, हमें राज्य को इससे अधिक लौटाना होगा। लक्ष्य 2020 का निर्धारण नैतिकता के आधार पर किया गया है। हमें इन लक्ष्यों की पूर्ति के लिए हर सम्भव कोशिश करनी चाहिए। अपने सामान्य जीवन में नैतिकता का पालन करते हुए अपनी टेबल से समयबद्धता के साथ फाईलों का निस्तारण करना चाहिए। लोग हम पर भरोसा करके अपनी समस्याओं को लेकर व्यक्तिगत या फोन पर सम्पर्क करते हैं। हमारा दायित्व है कि हम उनकी बात को ध्यान से सुनें और यथासम्भव राहत देने की कोशिश करें।


डीजीपी अनिल कुमार रतूड़ी ने कहा कि सभी अधिकारियों को नियमों की पूरी जानकारी होती है। इन नियमों का पालन करते हुए लोक सेवा में नैतिक आचरण बनाया रखा जा सकता है। दक्षता, ज्ञान व मनोवृत्ति सबसे महत्वपूर्ण हैं। कार्यशाला को आत्मचिंतन का महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए कहा कि सही व गलत की पहचान जरूरी है। जनसामान्य के जीवन-गुणवत्ता में सुधार, शासन का सबसे बड़ा उद्देश्य है। हम अधिकारियों को अच्छा वेतन व अन्य सुविधाएं मिलती हैं जबकि एक बहुत बड़ा वर्ग ऐसा है जिसे कि अपनी सामान्य जरूरतों को पूरा करने के लिए भी जद्दोजहद करनी पड़ती है।


सामान्य जन के लिए  अधिकारियों का उपलब्ध रहना सबसे महत्वपूर्ण है। कार्यशाला को अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने भी सम्बोधित किया। एसएसपी विजिलेंस सैंथिल अबुदई कृष्णराज एस ने सतर्कता अधिष्ठान की ओर से प्रस्तुतिकरण दिया। कार्यशाला का संचालन अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने किया। कार्यशाला में शासन के प्रमुख सचिव, सचिव, अपर सचिव से लेकर सेक्शन ऑफिसर स्तर तक के अधिकारी उपस्थित रहे।


केंद्रीय बलों ने महाराष्ट्र में बाढ़ में फंसे महालक्ष्मी एक्सप्रेस से 900 लोगों को सफलतापूर्वक निकाला...

संवाददाता : नई दिल्ली 


        मुंबई और कोल्हापुर के बीच चलने वाली महालक्ष्मी एक्सप्रेस आज सुबह से लगभग 900 यात्रियों और रेल कर्मचारियों के साथ पटरियों पर पानी भरने के कारण बदलापुर और वांगानी रेलवे स्टेशन के बीच फंसी हुई थी।


सुबह लगभग 8.50 बजे इस घटना की जानकारी मिलते ही गृह मंत्रालय ने तुरंत 09 नौकाओं और अन्य आवश्यक बचाव उपकरणों के साथ मुंबई और पुणे से राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की 02 टीम को तैनात किया। एनडीआरएफ की टीमें लगभग 09.40 बजे घटनास्थल पर पहुंची। उसी समय गृह मंत्रालय के अनुरोध पर रक्षा मंत्रालय (एमओडी) ने बचाव अभियान के लिए तुरंत नौसेना और वायु सेना की टीमों को तैनात किया।



नौसेना दल विशेषज्ञ गोताखोरों के साथ स्थल पर पहुंचे। बचाव अभियान में सहायता के लिए दो एमआई -17 भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टरों को भी कार्य में लगाया गया। 130 प्रशिक्षित कर्मचारियों, भोजन पैकेज, पानी और बचाव सामग्री के साथ सेना की दो टुकड़ियां भी तैनात की गई थी।


रेल मंत्रालय ने एक राहत ट्रेन सहित सभी आवश्यक संसाधन जुटाए और यात्रियों को चिकित्सा सहायता और नाश्ता भी उपलब्ध कराया।


पूरी तरह से पानी से भरे सड़कों, कठिन और दुर्गम क्षेत्र के बावजूद एनडीआरएफ और नौसेना की टीमों ने सभी फंसे हुए यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों को ट्रेन से सुरक्षित निकाल लिया।


केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा स्थिति की पूरी निगरानी की गई। उन्होंने और गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने गृह मंत्रालय,एनडीआरएफ, रक्षा मंत्रालय और अन्य एजेंसियों के प्रयासों की सराहना की, जिसकी बदौलत कम से कम समय में सभी यात्रियों को सफलतापूर्वक बचाया जा सका।


कोल्हापुर तक यात्रियों की आवाजाही के लिए भारतीय रेलवे द्वारा एक विशेष 19-कोच ट्रेन की व्यवस्था की गई है।


केदारनाथ हाईवे पर घंटों तक ठप रही आवाजाही...

संवाददाता : रुद्रप्रयाग उत्तराखंड 


        रुद्रप्रयाग में बारिश का कहर जारी है। मंगलवार दिनभर हुई बारिश के कारण केदारनाथ हाईवे बांसबाड़ा में लगातार बंद होता रहा। जिस कारण आम जनता के साथ ही केदारनाथ आने-जाने वाले तीर्थ यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं दूसरी ओर जिला मुख्यालय के नये बस अडडे पर ऊपरी पहाड़ी से भारी-भरकम बोल्डर गिरने से पार्किंग में खड़ा एक वाहन बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुआ। गनिमत यह रही कि जिस समय बोल्डर गिरे, वह समय सड़क पर कोई नहीं था। वरना एक बड़ी अनहोनी हो सकती थी।



लगातार हो रही बारिश अब आम जनता के साथ ही केदारनाथ यात्रा के लिये आफत बनती जा रही है। दो दिनों से जिले में रूक-रूकर हो रही बारिश थमने का नाम नहीं ले रही है। बारिश के कारण केदारनाथ हाईवे पर बांसबाड़ा में लगातार पहाड़ी टूटकर हाईवे पर आ रही है। जिस कारण यातायात बार-बार प्रभावित हो रहा है। मंगलवार सुबह चार घंटे तक बांसबाड़ा में आवाजाही प्रभावित रही। चार घंटे बाद हाईवे को खोला गया, लेकिन दोबारा पहाड़ी टूटने के कारण हाईवे पर आवाजाही बंद हो गई। बांसबाड़ा में वैकल्पिक मार्ग से भी आवाजाही कराई गई, लेकिन वैकल्पिक मार्ग भी बंद हो गया। बांसबाड़ा बरसाती सीजन में नासूर बन गया है। यहां लगातार पहाड़ी टूट रही हैं। वाहन चालक, स्थानीय लोग और यात्री जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं। बांसबाड़ा में स्थिति यह बन गई है कि कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।


वहीं दूसरी ओर रुद्रप्रयाग जिला मुख्यालय में नये बस अडडे पर सुबह चार बजे के समय बारिश के कारण पहाड़ी से बड़े-बड़े बोल्डर गिर गये। बोल्डर की चपेट में सड़क पर खड़ी एक यूटीलीटी आ गई। वाहन बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। बोल्डर इतने बड़े थे कि उन्हें किनारे करने के लिये जेसीबी बुलानी पड़ी। जब बोल्डर गिरे उस समय सड़क पर कोई नहीं था। अन्यथा कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी। बस अडडे पर पहाड़ी से लगातार बोल्डर गिर रहे हैं। जिस कारण वाहनों के साथ ही नगरपालिका की कुछ दुकानों को भी खतरा बना हुआ है। इधर, रुद्रप्रयाग शहर के बीच में बहने वाला पुनाड़ गदेरा भी उफान पर आ गया है। गदेरे किनारे बसे लोगों के लिये भी अब खतरा पैदा होने लग गया है।


इंदौर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की स्वीमिंग एकेडमी और कुश्ती एकेडमी स्थापित होगी...

संवाददाता : भोपाल मध्यप्रदेश


      खेल एवं युवा कल्याण मंत्री जीतू पटवारी ने कहा है कि इंदौर के नेहरू स्टेडियम को नए स्वरूप में खिलाड़ियों और खेल प्रेमी जनता को लौटाया जाएगा। यहाँ सिर्फ खेल गतिविधियाँ ही होंगी।  इंदौर में स्वीमिंग तथा कुश्ती एकेडमी की स्थापना की जाएगी। शहर के प्रसिद्ध बिलावली तालाब की जल क्षमता बढ़ाकर इसे वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों के लिए तैयार किया जाएगा। वर्ष 2020 में इसी तालाब में अंतर्राष्ट्रीय वाटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिता होगी। बिजलपुर में बनने वाले एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम में हॉकी के अलावा अन्य खेलों के लिये भी सुविधाएँ जुटायी जाएंगी।



 मंत्री पटवारी ने इन्दौर में निर्माणाधीन तथा प्रस्तावित स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान महापौर मालिनी गौड़, संचालक खेल एवं युवा कल्याण एस.एन. थाउसेन तथा अन्य जन-प्रतिनिधि मौजूद थे।


सीईटी ऑन लाईन परीक्षा में शामिल विद्यार्थियों को लौटाया जायेगा परीक्षा शुल्क


उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने कहा है कि पिछले माह आयोजित सीईटी ऑन लाईन परीक्षा में शामिल विद्यार्थियों को परीक्षा शुल्क लौटाया जायेगा। अगले वर्ष से सीईटी की परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी रूप से सम्पन्न करायी जायेगी। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिये हर संभव प्रयास किये जायेंगे। विद्यार्थियों के हितों का पूरा ध्यान रखा जायेगा।


पटवारी इन्दौर में खण्डवा रोड स्थित देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। पटवारी ने कहा कि प्रदेश में प्रोफेसर्स की कमी को दूर करने पूरे प्रयास किये जा रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में अनेक नवाचार कर गुणवत्ता के नये मापदण्ड स्थापित किये जायेंगे।


सीएफओ एस. के. राणा. के नेतृत्व में वेलम स्कूल में चलाया गया मॉकड्रिल...

संवाददाता : देहरादून उत्तराखंड 


       मुख्य अग्निश्मन अधिकारी एस के राणा के नेतृत्व में दून के वेलम स्कूल में चलाया गया जन जागरूकता अभियान चलाया छात्रों एवं अध्यापकों को आग के गुरू सीखएं गये कार्यक्रम में मुख्य रूप से मुख्य अग्निश्मन अधिकारी एस के राणा एवं राय सिंह राणा मनीष पन्त एवं  अन्य फायर कर्मी मौजूद रहे।



आरजीपीवी के कर्मचारियों की मांग पर गंभीरता से विचार किया जायेगा...

संवाददाता : भोपाल मध्यप्रदेश


        जनसम्‍पर्क मंत्री पी.सी. शर्मा ने राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आयोजित सम्मान समारोह में कहा कि प्रदेश के समस्त शासकीय कर्मचारियों की मांगों को सरकार गंभीरता पूर्वक निराकृत कर रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि तकनीकी शिक्षा मंत्री बाला बच्चन उनकी सभी मांगों को गंभीरतापूर्वक पूरा करेंगे। शर्मा ने कहा कि वे स्वयं भी इस संबंध में बच्चन से चर्चा करेंगे। उन्होंने आरजीपीवी के कुल सचिव से कहा कि कर्मचारियों की मांगों को एक-एक कर पूरा किया जाए।



विश्वविद्यालय के कर्मचारी श्रमिक संघ द्वारा आज कॉन्फ्रेंस हॉल में सम्मान समारोह किया गया। समारोह में मंत्री शर्मा ने कहा कि यह विश्व विद्यालय देश का प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय बन चुका है। ऐसे में सभी कर्मचारियों की भी जिम्मेदारी अहम हो जाती है कि वे विश्वविद्यालय को सर्वोत्तम शिखर तक ले जाने के लिए प्रयास करें। इसके पहले मंत्री शर्मा विश्व विद्यालय परिसर में चल रहे अखंड रामायण पाठ में भी सम्मिलित हुए।


समारोह में अखिल भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री कृष्ण प्रताप सिंह, सूरज प्रकाश दांगी, जहीर अहमद, नदीम खान, देवेंद्र प्रजापति और आरजीपीवी कर्मचारी संघ के पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।


 


ये क्या हो रहा है सी पी साहब ....

प्रदीप महाजन @ नई दिल्ली 


            शाहदरा जिला के गीता कॉलोनी थाने के इंस्पेक्टर(ATO) राजीव विमल को रेप के एक मामले में रिश्वत लेने के आरोप में सस्पेंड कर दिया है।सस्पेंड इन्स्पेक्टर राजीव विमल को हेड कांस्टेबल कपिल के ब्यान पर सस्पेंड किया गया है।आरोप है कि रेप के एक मामले में इंस्पेक्टर राजीव विमल ने आरोपियों से करीब सवा लाख की घूस ली। आला अधिकारी इस मामले में जांच कर रहे है



एक लाख लोगों ने राजभवन भ्रमण कर बनाया विश्व रिकार्ड...

संवाददाता : भोपाल मध्यप्रदेश


          राज्यपाल लालजी टंडन ने राजभवन को आम नागरिकों के लिए खुला रखने की व्यवस्था को यथावत जारी रखने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के दौरान गत वर्ष के समान इस वर्ष भी आम नागरिकों को राजभवन अवलोकन की दी गई सुविधा को भी यथावत रखने के लिए कहा है।  उन्होंने कहा है कि आमजन की सुविधा और सहूलियत के अनुसार व्यवस्थाएँ की जायें। टंडन आज राजभवन में अधिकारियों से व्यवस्थाओं संबंधी चर्चा कर रहे थे।



आम नागरिकों के लिए राजभवन आगामी 11 से 16 अगस्त तक पूर्ववत खुला रहेगा। राजभवन 11 से 14 अगस्त तक और 16 अगस्त  को सुबह 11 से रात 10 बजे तक खुला रहेगा। स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त के दिन सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक ही राजभवन अवलोकन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। राजभवन में दोपहर 2 से शाम 8 बजे तक प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इस अवधि में राजभवन में प्रवेश नहीं मिलेगा।  इसके बाद रात 8 से 10 बजे तक रोशनी देखने की सुविधा मिलेगी। राजभवन 16 अगस्त को भी सुबह 11 से रात 10 बजे तक नागरिकों के लिए खुला रहेगा। 


वर्तमान में प्रचलित व्यवस्था में आम नागरिक  के लिए प्रत्येक मंगलवार और गुरूवार को शाम 4 से 6 बजे तक अवलोकन की और विद्यालयों को  छात्र भ्रमण कार्यक्रम के लिए पूर्वानुमति से प्रवेश की सुविधा जारी रहेगी। स्कूली बच्चों के भ्रमण कार्यक्रम के लिए समय और दिवस का कोई बंधन नहीं होने की व्यवस्था भी पहले की तरह रहेगी।


गत वर्ष राजभवन को अवलोकन के लिये खोले जाने की व्यवस्था का आम नागरिकों ने स्वागत किया था। मात्र 6 दिन में एक लाख से अधिक लोगों ने राजभवन का अवलोकन कर नया विश्व कीर्तिमान स्थापित किया था। वर्ल्ड बुक ऑफ रिकार्डस यू.के. लंदन द्वारा इसे विश्व रिकार्ड के रूप में दर्ज कर राजभवन को प्रमाण-पत्र दिया गया है। 


डीएम ने डेंगू के निस्तारण के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की...

संवाददाता : देहरादून उत्तराखंड 


          जिलाधिकारी सी रविशंकर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों के साथ वैक्टर जनित रोगों (डेंगू, मलेरिया, इत्यादि) के निस्तारण की समीक्षा बैठक आयोजित की गयी।



जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग, के क्षेत्रवार स्वास्थ्य प्रभारी, नगर निगम देहरादून और ऋषिकेश के अधिकारियों से पिछली बैठक में डेंगू के निस्तारण के कार्यों की प्रगति की समीक्षा के दौरान प्रत्येक अधिकारी से निर्गत आउटकम का स्पष्ट विवरण प्राप्त किया। उन्होंने जिला वैक्टर जनित रोग निवारण अधिकारी द्वारा प्रस्तुत कार्यों की प्रगति से असंतुष्टि व्यक्त करते हुए कड़ी चेतावनी दी कि वे कार्यप्रणाली में सुधार करें और कार्य की गम्भीरता को समझते हुए कार्य करें। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी एस.के गुप्ता को अपने स्तर पर भी वैक्टर जनित रोगों की रोकथाम कार्यों की रूटीनवार बैठक लेते हुए उसकी निगरानी करने के निर्देश दिये। उन्होंने जिला वैक्टर जनित रोग अधिकारी के कार्यों पर विशेष निगरानी रखते हुए उसकी प्रगति बढाने और शिक्षा, बाल विकास, नगर निगम, पंचायतीराज जैसे विभागों से भी अपेक्षित सहयोग प्राप्त करते हुए डेंगू के प्रकोप से निजात दिलाने के प्रयास करने के निर्देश दिये।


जिलाधिकारी ने नगर निगम देहरादून एवं ऋषिकेश से भी संवेदनशील क्षेत्रों में मच्छर के प्रकोप से छुटकारा के लिए की गयी फॉगिंग, चूना छिड़काव, अवरूद्ध जल की निकासी और लोगों को इसके लिए जागरूक करने के प्रयासों का विवरण प्राप्त किया और उनको भी अपनी प्रगति को बढाने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने सभी सम्बन्धित विभागों को डेंगू व मलेरिया प्रकोप के निस्तारण अभियान में अपना अपेक्षित सहयोग प्रदान करने और लोगों को इसके लिए व्यापक पैमाने पर जागरूक करने के निर्देश दिये। उन्होंने सभी सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये कि इस कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नही की जायेगी और अगली बैठक में स्पष्ट आंकड़ों और किये गये कार्यों की स्पष्ट जानकारी प्रस्तुत करेगें।


स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इस दौरान अवगत कराया कि डेंगू के 3 प्रकार होते हैं, साधारण डेंगू,इमरजिव और डेंगू शॉक सिण्ड्रोम। बैठक में बताया गया कि जनपद में डेंगू के अब तक 67 मामले सामने आये हैं। इस दौरान अपर जिलाधिकारी वित्तध्राजस्व बीर सिंह बुदियाल, मुख्य चिकित्साध्किार एस.के गुप्ता, नगर आयुक्त नगर निगम ऋषिकेश चरतर सिंह सहित सम्बन्धित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।


ई-गवर्नेंस 2019 पर 22वां राष्ट्रीय सम्मेलन शिलांग में आयोजित किया जाएगा :पी.एस.थंगखिव

संवाददाता : नई दिल्ली 


         प्रशासनिक सुधार, लोक शिकायत विभाग और इलेक्ट्रॉनिक्स तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा मेघालय सरकार मिलकर 8-9 अगस्त, 2019 को शिलांग में ई-गवर्नेंस 2019 पर 22वें राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन करे रहे हैं। इस सम्मेलन का पूर्वोत्तर क्षेत्र में पहली बार आयोजन किया जा रहा है। यह सम्मेलन सभी तरह की डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने, समस्याओं के समाधान में अनुभव का आदान-प्रदान करने, जोखिम कम करने, मुद्दों को सुलझाने और सफलता की योजना उपलब्ध कराने के लिए स्थायी ई-गवर्नेंस पहलों को तैयार करने और उन्हें लागू करने के प्रभावी तरीकों के बारे में जानकारी साझा करने के लिए एक मंच उपलब्ध कराता है। यह घोषणा मेघालय सरकार के मुख्य सचिव पी.एस.थंगखिव, प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग के अतिरिक्त सचिव वी.श्रीनिवास ने आज शिलोंग में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में की। शिलोंग में आयोजित 22वां राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन नई सरकार के डीएआरपीजी के 100 दिनों की पहल का एक हिस्सा है।



इस सम्मेलन का विषय “डिजिटल इंडिया : सफलता से उत्कृष्टता” है। सम्मेलन के दौरान पूर्ण सत्र में 5 उप-विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। ये उप-विषय हैं – इंडिया इंटरप्राइज आर्किटेक्चर (आईएनडीईए), डिजिटल बुनियादी ढांचा, वन नेशन - वन प्लेटफॉर्म, पेशेवरों के लिए उभरती प्रौद्योगिकी, सचिवालय सुधार, राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सेवा आपूर्ति आकलन (एनईएसडीए), समावेश और क्षमता निर्माण, नवाचारियों और उद्योगों के साथ तालमेल, सभी तरह की डिजिटल सेवाएं, राज्य सरकारों की सूचना प्रौद्योगिकी पहल जैसे उप-विषयों के बारे में चार सत्रों का आयोजन किया जाएगा।


इस सम्मेलन में भाग लेने के लिए 28 राज्यों और आठ केंद्रशासित प्रदेशों ने अपनी सहमति दे दी है। इस सम्मेलन में 450 से अधिक प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों का प्रदर्शन करने के लिए सम्मेलन के दौरान एक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाएगा। मेघालय के मुख्य सचिव ने कहा कि इस सम्मेलन का उद्घाटन राज्य के मुख्यमंत्री कॉनराड कोंगकल संगमा और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायतें और पेंशन, परमाणु ऊर्जा विभाग, अंतरिक्ष विभाग राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह करेंगे। मेघालय के सूचना प्रौद्योगिकी, संचार और शहरी मामलों के विभाग के मंत्री हैमलेटसन डोहलिंग उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे। प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत और पेंशन विभाग के सचिव के.वी.इपन और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में सचिव अजय प्रकाश साहनी सहित भारत सरकार के वरिष्ठ सचिव भी इस सम्मेलन में शामिल होंगे।


डीएआरपीजी में अतिरिक्त सचिव वी.श्रीनिवास ने कहा कि शिलांग में आयोजित 22वां राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन इस क्षेत्र में ई-गवर्नेंस पहलों को महत्वपूर्ण गति प्रदान करेगा। इससे पूर्वी क्षेत्र के नागरिक अधिकारियों और उद्योग क्षेत्र के दिग्गजों को सभी तरह की सेवापूर्ति में सुधार लाने के लिए ई-गवर्नेंस में अपने सफल प्रयासों का प्रदर्शन करने का भी अवसर उपलब्ध होगा।


लाहौर के बिना भारत अधूरा है : इंद्रेश कुमार

संवाददाता : भिवानी हरियाणा 


             राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने सोमवार को कहा कि हर वक्त कश्मीर का राग अलापने वाला पाकिस्तान कह रहा है कि कश्मीर के बिना पाकिस्तान अधूरा है, ऐसे में ''हमें भी अब कहना होगा कि लाहौर के बिना भारत अधूरा है।''इंद्रेश ने जिले के पंचायत भवन में शहीदों की याद में आयोजित स्वाभिमान दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य विपक्षी कांग्रेस पर भी हमला बोला और कहा कि वह हमेशा ''विभाजनकारी ताकतों'' को बढ़ावा देती रही है।



उन्होंने कहा, ''देश का विभाजन भी उसी के समय हुआ। कश्मीर की समस्या भी उसी की देन है।घाटी में अब हालात बदले हैं। क्यों नहीं वहां अब पत्थरबाजी हो रही?''इंद्रेश ने कहा, ''आज मॉब लिंचिंग (भीड़ हत्या) पर शोर मचाया जा रहा है। जबकि सबसे पहले कश्मीर से मॉब लिंचिंग की शुरुआत हुई थी। छह लाख अल्पसंख्यक हिंदुओं को घर से निकाल दिया गया था। अपने ही देश में वे विस्थापित की तरह जीवनयापन कर रहे हैं।


इस पर तो किसी भी दल की ओर से कभी प्रतिक्रिया नहीं दी गई।'' आरएसएस नेता ने कहा, ''अब विश्व की कोई ताकत भारत को गुलाम बनाकर नहीं रख सकती। देश का युवा जागरूक हो चुका है।'' उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों में देश की एकता व अखंडता सुरक्षित है। इसे और मजबूत करने की जरूरत है।


सोमवार, 29 जुलाई 2019

एम.पी. वनमित्र सॉफ्टवेयर का दो दिवसीय प्रशिक्षण प्रारंभ...

संवाददाता : भोपाल मध्यप्रदेश


           आदिम जाति कल्याण विभाग के 'एम.पी. वनमित्र' सॉफ्टवेयर पर केन्द्रित दो दिवसीय प्रशिक्षण आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी में प्रारंभ हुआ। यह साफ्टवेयर वन अधिकार अधिनियम, 2006 की पूरी प्रक्रिया का ऑनलाइन क्रियान्वयन कराता है। इसके माध्यम से मध्यप्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य होगा, जो वन अधिकार अधिनियम की पूरी प्रक्रिया को डिजिटाइज़ करने जा रहा है। यह सिस्टम महाराष्ट्र नॉलेज कॉर्पोरेशन (MKCL), पुणे द्वारा विकसित किया गया है।



प्रशिक्षण में पहले दिन 26 जिलों के प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण को प्रमुख सचिव, आदिम जाति कल्याण दीपाली रस्तोगी ने सम्बोधित किया। संचालक, आदिम जाति क्षेत्रीय विकास राकेश सिंह ने प्रस्तावना रखी। प्रशिक्षण में अपर जिलाधिकारी, सीइओ, डीएफओ, एसी (ट्रायबल) एसडीएम, एसडीओ (फॉरेस्ट), DeGM एवं 2 मास्टर ट्रेनर मौजूद थे।


विभाग से के.के. पबिया, विश्रुत मानिक, रितेश अग्रवाल समेत आदिम जाति क्षेत्रीय विकास कार्यालय के कर्मचारी उपस्थित थे। पहले दिन 156 प्रशिक्षणार्थियों का प्रशिक्षण ट्रेनिंग हुई। दूसरे दिन 30 जुलाई को शेष 26 जिलों के प्रशिक्षणार्थी, प्रशिक्षण लेंगे। MKCL की तरफ से योगेश बिचकुले, सुनील रजक, पंकज तिवारी ने प्रशिक्षण दिया।


म्यांमार के कमांडर-इन-चीफ रक्षा विभाग के वरिष्ठ जनरल मिन आंग ह्लिंग भारत की आधिकारिक यात्रा पर...

संवाददाता : नई दिल्ली 


       म्यांमार के कमांडर-इन-चीफ रक्षा विभाग (सीडीएस) के वरिष्ठ जनरल मिन आंग ह्लिंग (एमएएच) 25 जुलाई से 02 अगस्त, 2019 भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं।



रक्षा राज्य मंत्री श्रीपद यसो नाइक ने म्यांमार के कमांडर-इन-चीफ रक्षा विभाग (सीडीएस) के वरिष्ठ जनरल मिन आंग ह्लिंग से बातचीत की। बातचीत के दौरान दोनों के पक्षों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। मुलाकात के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाने पर बातचीत की गई, संयुक्त अभ्यास तथा म्यांमार रक्षा सेवाओं को दिए जाने वाले प्रशिक्षण की समीक्षा की गई। इसके अलावा संयुक्त निगरानी के तहत समुद्री सुरक्षा को मजबूत बनाने, चिकित्सा सहयोग, प्रदूषण का मुकाबला तथा नई अवसंरचना के विकास के मुद्दों पर चर्चा की गई।


बातचीत के अंत में भारत और म्यांमार में रक्षा सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गये।


इसके पूर्व म्यांमार रक्षा सेवाओं के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ वहां के वरिष्ठ जनरल मिन आंग ह्लिंग ने वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बी.एस.धनोआ, थल सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत और नौसेना अध्यक्ष एडमिरल करमबीर सिंह से मुलाकात की। म्यांमार के वरिष्ठ जनरल मिन आंग ह्लिंग को तीनों सेनाओं ने गार्ड ऑफ आनर पेश किया। वरिष्ठ जनरल ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की।


भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी के तहत म्यांमार प्रमुख देश है। इस नीति के तहत पूर्वी एशियाई देशों के साथ भारत अपने संबंधों को प्राथमिकता देता है। हाल के वर्षों के दौरान म्यांमार के साथ भारत का रक्षा सहयोग तेजी से बढ़ रहा है।


वचन-पत्र में उल्लिखित वादे पूरे किये जायेंगे : पी.सी. शर्मा

संवाददाता : भोपाल मध्यप्रदेश


        जनसम्पर्क मंत्री पी.सी. शर्मा ने प्रदेश के कर्मचारी संगठनों की बैठक में कहा कि कमल नाथ सरकार के वचन-पत्र में शामिल प्रत्येक वायदा पूरा किया जायेगा। सरकार मंत्रियों की समिति के माध्यम से कर्मचारियों की विभिन्न मांगों पर मंथन करेगी और तदुपरांत मांगें पूरी करने की दिशा में कदम उठायेगी।



जनसम्पर्क मंत्री शर्मा ने कहा कि कर्मचारी आंदोलन के दौरान कर्मचारियों का वेतन काटे जाने के मामले का शीघ्र निराकरण किया जायेगा। इस सिलसिले में प्रस्तावों पर चर्चा पूरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी संगठनों को निराश होने की आवश्यकता नहीं है।


शर्मा ने कहा कि रोजगार के अवसरों में वृद्धि के लिये निवेश बढ़ाने से जुड़े कदम उठाये गये हैं। इस सिलसिले में प्रदेश के नगरों के लिये फ्लाइट सर्विसेस में बढ़ोत्तरी के लिये भी पहल की गयी है। कर्मचारी संगठनों को आश्वस्त करते हुए शर्मा ने कहा कि वे बतौर जन-प्रतिनिधि कर्मचारी हितों की रक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।


इस मौके पर प्रांताध्यक्ष रामनरेश त्रिपाठी, भुवनेश पटेल, जितेन्द्र सिंह, सुधीर नायक, राजकुमार पटेल, अशोक शर्मा तथा महेन्द्र शर्मा सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों के कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे।


 


स्नाइपर फ्रंटियर प्रतियोगता : 2019...

संवाददाता : नई दिल्ली 


          भारतीय सेना का 9 सदस्य दल स्नाइपर फ्रंटियर प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए बेलारूस रवाना हो गया है। यह प्रतियोगिता अंतर्राष्ट्रीय सैन्य खेल का हिस्सा है जो बेलारूस में 03 अगस्त से 17 अगस्त, 2019 तक चलेगी। इस 13 दिवसीय प्रतियोगिता में गहन स्नाइपर प्रतियोगिता होगी जिसमें भागीदारों की मानसिक, शारीरिक और फायरिंग कुशलता देखी जाएगी।



इस प्रतियोगिता में रूस और चीन सहित 23 से अधिक देशों के भाग लेने की संभावना है।


उपसेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल डी.आनबू ने बेलारूस से रवाना होने से पहले सैन्यदल के साथ बातचीत की। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए भारतीय सेना के दल ने कठिन प्रशिक्षण प्राप्त किया है। हमारी शुभकामनाएं उनके साथ हैं। 


 


बेबी रूचि आर्य का पहला कुमांऊनी गीत यू-ट्यूब पर जारी हुआ...

संवाददाता : देहरादून/अल्मोड़ा उत्तराखंड 


        दस साल की बेबी रूचि आर्य का पहला कुमांऊनी गीत बीते रोज यू-ट्यूब पर जारी हुआ। यह गीत मोहिनी वीएचएम प्रोड्क्शन द्वारा प्रस्तुत किया गया है। और जो पहाड़ों से हो रहे पलायन के ऊपर गाया गया है जिसके बोल हिट कमू लै जानू पहाड़ा हैं।



इसमें लोकगायक एवं गीतकार विनोद आर्या ने बेबी रूचि आर्य के साथ अपनी मधुर आवाज दी है। बेबी रूचि आर्य अल्मोड़ा जिले के डोटल गावं की रहने वाली है, रूचि के पिता राकेश आर्य ने बताया कि रूचि अभी दस साल की है और शुरू से ही उसे गाने का शौक रहा है, वह अपने स्कूल व गांव के अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों में गाती रहती है। एलबम के म्यूजिक जय राज व रिकॉर्डिस्ट संजीव मेहता ने भी बेबी रूचि आर्य की काफी प्रशंसा की।


उन्होंने बताया कि रूचि काफी मेहनती है और उसका भविष्य काफी उज्ज्वल है। विनोद आर्या ने इससे पहले 2008 में दिल तोड़ी कमला, 2011 में गोल ज्यू की महिमा अपार व मेरी जीवन अधार, 2019 में कमू करी गे कमाल मचौ गे धमाल एवं बग्वाली पोखर मेरी दिलमे बसिगे साई जैसे सुपरहिट कुमाऊंनी लोकगीत प्रस्तुत कर चुके हैं। विनोद ने बताया कि इस गीत के बाद उनका एक नॉन स्टॉप गाना भी जारी होने वाला है।


जितेन्‍द्र सिंह ने आईएएस अधिकारियों की ई-प्रशासनिक सूची-2019 जारी की...

संवाददाता : नई दिल्ली 


         केंद्रीय पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास, प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, जन शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्‍य मंत्री डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने आज नई दिल्‍ली में आईएएस अधिकारियों की ई-प्रशासनिक सूची-2019 जारी की। यह प्रशासनिक अधिकारियों की सूची का 64वां संस्‍करण है और पहली बार इस सूची में आईएएस अधिकारियों की फोटो है।



इस सूची में अधिकारियों के बैच, कैडर, वर्तमान पोस्टिंग, वेतनमान, योग्‍यता और उनके संपूर्ण कैडर की शक्ति के साथ सेवानिवृत्ति के संबंध में महत्‍वपूर्ण जानकारी है। सूची को कार्यकारी पत्रक से जोड़ा गया है। इस सूची को डीओपीटी के जरिए तैयार किया गया है, जिसमें उपयोगकर्ताओं को सूची देखने के अनेक विकल्‍प दिए गए हैं। कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग आईएएस अधिकारियों का कैडर नियंत्रण प्राधिकार है और राज्‍यों के कैडरों से प्राप्‍त जानकारी की मदद से प्रशासनिक अधिकारियों की सूची तैयार की गई है। ई-आईएएस प्रशासनिक अधिकारी सूची मंत्रालय की वेबसाइट http:persmin.nic.in पर https://easy.nic.in/civilListIAS/YrCurr/StartCL.htm  लिंक के तहत उपलब्‍ध है।


इस पहल के लिए डीओपीटी को बधाई देते हुए, डॉक्‍टर जितेन्‍द्र सिंह ने कहा कि सरकार में डिजिटल कामकाज की दिशा की ओर बढ़ने की प्रधानमंत्री की प्राथमिकता को ध्‍यान में रखते हुए यह एक महत्‍वपूर्ण कदम है। यह कामकाज में नागरिकों को केन्‍द्र में रखने की तर्ज पर है, क्‍योंकि यह आईएएस अधिकारियों से जुड़ी जानकारी को सार्वजनिक रूप से उपलब्‍ध कराएगी, जिस तक उपयोगकर्ता कहीं से भी पहुंच सकते हैं। डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने कहा कि मंत्रालय के अन्‍य विभागों को भी इस कार्य प्रणाली को अपनाने के लिए प्रोत्‍साहित किया जाना चाहिए। उन्‍होंने जोर देकर कहा कि राज्‍य सरकारों को इस मॉडल का अनुसरण करना चाहिए, ताकि उन्‍हें सम्‍बद्ध राज्‍य के प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के बारे में पूरी और नियमित जानकारी मिल सके।


प्रशासनिक अधिकारियों की सूची के फायदों के बारे में जानकारी देते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि यह सूचना आयोगों का काम सरल बनाएगी, क्‍योंकि आरटीआई कार्यकर्ताओं द्वारा अधिकारियों के बारे में मांगी गई जानकारी पहले से ही सार्वजनिक तौर पर अनेक तलाशी विकल्‍पों के साथ उपलब्‍ध होगी। उन्‍होंने कहा कि सरकार की एचआर शाखा होने के नाते डीओपीटी अनुसंधान कार्य और तुलनात्‍मक आंकड़ों के विश्‍लेषण के काम को आगे बढ़ाएगा, जो अनेक मानदंडों जैसे आयु, लिंग, शैक्षणिक योग्‍यता आदि पर आधारित होगा। यह सरकार के मानव संसाधन प्रबंधन में सहायता करेगा, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि इन अधिकारियों की सेवाओं का सर्वश्रेष्‍ठ उपयोग किया जाए।


मंत्रालय में सचिव डॉ. सी. चन्‍द्रमौली ने कहा कि इस सूची में 5,104 आईएएस अधिकारियों के बारे में जानकारी है। उन्‍होंने कहा कि इससे न केवल रोजमर्रा के प्रशासनिक कार्य में, बल्कि अनुसंधान में भी मदद मिलेगी, क्‍योंकि जनसंख्‍या संबंधी काफी जानकारी उपलब्‍ध है। उन्‍होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री द्वारा डिजिटल इंडिया और सुगम जीवन को महत्‍व देने की तर्ज पर है। उन्‍होंने बताया कि इस वर्ष के अंत तक लगभग सभी विभाग ई-एचआरएमएस पर होंगे, जिसका अर्थ है कि अन्‍य बातों के अलावा उनकी सर्विस बुक, एलटीसी से जुड़ी जानकारी इलेक्‍ट्रॉनिकली उपलब्‍ध होगी। उन्‍होंने कहा कि इससे रिक्‍त पदों की संख्‍या का पूर्वानुमान लगाने में मदद मिलेगी। मंत्रालय में सचिव ने डॉक्‍टर जितेंद्र सिंह को डीओपीटी के डैशबोर्ड के बारे में संक्षिप्‍त रूप से बताया, जिसकी वजह से इस विभाग का समूचा कामकाज डैशबोर्ड पर उपलब्‍घ है।


इस अवसर पर डीएआरपीजी सचिव के.वी. ईपन और मंत्रालय के वरिष्‍ठ अधिकारी भी मौजूद थे।


राम झूला पुल पर सीमित संख्या में आवाजाही...

संवाददाता :ऋषिकेश उत्तराखंड 


           उत्तराखंड के ऋषिकेश में लक्ष्मण झूला पुल पर आवाजाही बंद होने के कारण राम झूला पुल पर दबाव बढ़ गया है। शनिवार को कांवड़ियों और अन्य लोगों की भीड़ बढ़ने से देर शाम राम झूला पुल की चार तारें टूट गईं।इससे भगदड़ की स्थिति बन गई। पुलिस प्रशासन ने तत्काल लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को इसकी सूचना दी। विभाग के इंजीनियरों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद रात करीब आठ बजे पुल की मरम्मत पूरी की।इस दौरान शाम पांच से रात आठ बजे तक पुल से आवागमन बंद रहा।



एसएसपी टिहरी योगेंद्र सिंह रावत ने बताया कि पुल पर दोपहिया वाहनों की आवाजाही बंद करा दी गई है। लोगों की भी सीमित संख्या में आवाजाही रखने के लिए दोनों ओर बैरिकेडिंग लगा दिए गए हैं।लक्ष्मण झूला और राम झूला पुल की जांच की सर्वे रिपोर्ट में लोक निर्माण विभाग ने लक्ष्मण झूला पुल पर आवाजाही पूर्ण रूप से बंद करने और राम झूला पुल पर सीमित संख्या में आवाजाही करने सहित वाहनों के आवागमन पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाने के लिए कहा था।


स्थानीय प्रशासन की लापरवाही यह रही कि उसने राम झूला पुल पर वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध ही नहीं लगाया, जिसका नतीजा शनिवार को सामने आया। पुल की भार वहन क्षमता 500 किलोग्राम प्रति स्क्वायर मीटर है। लेकिन निर्माण के 34 साल बीत जाने के बाद आवाजाही बढ़ने से पुल की वहन क्षमता काफी कम हो गई है। इसकी जानकारी होते हुए भी प्रशासन और पुलिस ने राम झूला पुल पर बेतरतीब तरीके से आवाजाही चालू रखी।


सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभावों के कारण पत्रिकाओं को आगे बढ़ाना एक चुनौतीः मुख्यमंत्री

संवाददाता : देहरादून उत्तराखंड 


      मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में चाणक्य मंत्र पाक्षिक पत्रिका के एक वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि चाणक्य मंत्र पत्रिका से पाठकों को कई राज्यों की समसामयिक जानकारी प्राप्त हो रही है। पत्रिका पूर्वाग्रह की भावनाओं से हटकर सकारात्मक कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभावों के कारण पत्रिकाओं को आगे बढ़ाना एक चुनौती है। आशा है कि पत्रिका निष्पक्ष रूप से समीक्षाएं करती रहेगी।



विधायक हरबंश कपूर ने कहा कि पत्रकारिता अपने आप में कठिन कार्य है। पत्र-पत्रिकाएं समाज को नई दिशा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। चाणक्य मंत्र पाक्षिक पत्रिका ने एक वर्ष में विभिन्न गतिविधियों को जन-जन तक पहुंचाने का अच्छा प्रयास किया है।


इस अवसर पर सूचना आयुक्त जे.पी मंमगाई, चाणक्य मंत्र पाक्षिक पत्रिका के समूह संपादक रणविजय सिंह, प्रधान संपादक धर्मपाल धनखड़, रजत गुप्ता, वी.के प्रजापति, डा. सुशील उपाध्याय आदि उपस्थित थे।


बाघों की गिनती बढ़कर 2967 हुई,प्रधानमंत्री ने इसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया...

संवाददाता : नई दिल्ली 


       विश्‍व बाघ दिवस के अवसर पर, प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज नई दिल्‍ली में अपने आवास पर बाघों के अखिल भारतीय अनुमान-2018 के चौथे चक्र के परिणाम जारी किए।



सर्वेक्षण के अनुसार 2018 में भारत में बाघों की संख्‍या बढ़कर 2967 हो गई।


इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने इसे भारत के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया और बाघों के संरक्षण की दिशा में भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया। प्रधानमंत्री ने इस लक्ष्‍य को हासिल करने के लिए कार्य कर रहे विभिन्‍न हितधारकों की गति और समर्पण की सराहना की। उन्‍होंने इसे संकल्‍प से सिद्धि का एक उत्‍तम उदाहरण बताया। उन्‍होंने कहा कि भारत की जनता जब एक बार कुछ करने की ठान लेती है, तो कोई भी ताकत उसे वांछित परिणाम हासिल करने से रोक नहीं सकती।


प्रधानमंत्री ने कहा कि करीब 3000 बाघों के साथ, भारत आज सबसे बड़ा और सुरक्षित प्राकृतिक वास हो गया है।


नरेन्‍द्र मोदी ने जोर देकर कहा कि आगे का रास्‍ता चयनात्‍मकता की बजाय सामूहिकता है। उन्‍होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए एक व्‍यापक आधार और समग्र दृष्टिकोण आवश्‍यक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि विकास और पर्यावरण के बीच स्‍वस्‍थ संतुलन कायम करना संभव है। उन्‍होंने कहा,'हमारी नीतियों, हमारी अर्थनीतियों में, हमें प्राकृतिक संरक्षण के बारे में अपनी संवादात्‍मक भूमिका को बदलना होगा।'


भारत अपने नागरिकों के लिए कुछ और मकानों का निर्माण करेगा और साथ ही जीव-जंतुओं के लिए गुणवत्‍तापूर्ण प्राकृतिक वास भी बनाएगा। भारत के पास एक आकर्षक समुद्री अर्थव्‍यवस्‍था और एक स्‍वस्‍थ समुद्री पारिस्थितिकी होगी। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि यह संतुलन एक मजबूत और समग्र भारत के लिए योगदान देगा।


जंगल, बाघ और जैव विविधता से मध्यप्रदेश की विश्व में पहचान...

संवाददाता : भोपाल मध्यप्रदेश


     मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा है कि जंगल, बाघ और जैव विविधता के कारण मध्यप्रदेश की देश में ही नहीं, पूरे विश्व में पहचान है। नाथ आज मिंटो हाल में अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज हमारे देश में बाघ और जंगल सुरक्षित हैं, तो इसका श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय ती इंदिरा गांधी को जाता है। नाथ ने कहा कि 1980 में विरोध के बावजूद उन्होंने लोकसभा में फॉरेस्ट एक्ट पास करवाया। तब इसे विकास विरोधी कहा गया था। उन्होंने कहा कि इसी एक्ट ने हमारे देश की जैव विविधिता को न केवल संरक्षित किया, बल्कि संवर्धित भी किया।



कमल नाथ ने कहा कि भारत जैव विविधता के मामले में दुनिया का सबसे धनी देश है। उन्होंने कहा कि देश में जैव विविधता के साथ ही अन्य कई ऐसे फैसले लिये गये, जिनमें बाघों का संरक्षण भी शामिल है। इसके कारण ही हमारा देश बाघों की संख्या के मामले में पूरी दुनिया में अव्वल है। उन्होंने कहा कि बाघ हमारे इको सिस्टम का हार्ट हैं। यह एकमात्र प्राणी है, जिसके कारण हमारे देश में पर्यावरणीय संतुलन बना हुआ है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने केन्द्रीय वन मंत्री के रूप में मध्यप्रदेश के वनों और बाघों के संरक्षण के लिए विशेष मदद उपलब्ध कराई। इसी का परिणाम है कि पेंच, संजय गांधी, और बांधवगढ़, नेशनल पार्क के रूप में विकसित हुए। उन्होंने कहा कि आज हमारा प्रदेश देश में ही नहीं, पूरे विश्व में बाघों की संख्या के मामले में अव्वल है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए समाज की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि हम सभी को मिलकर अपने प्रदेश की इस संपदा की रक्षा के लिए आगे आना होगा। मुख्यमंत्री ने उन सभी लोगों को बधाई दी ,जो वनों और वन्य-प्राणियों के संरक्षण के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश को जो गौरव हासिल हुआ, इसमें हमारे वनकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका है।


मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 32 हजार बच्चों द्वारा तैयार की गई बाघ की कलाकृति बनाने पर उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि वन्य-प्राणियों की रक्षा के लिए बच्चों को जागरूक बनाना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर बच्चों द्वारा बनाई गई बाघ की कलाकृति, 'बाघों की कहानी-मुन्ना की जुबानी' पुस्तिका और संजय टाइगर रिजर्व के प्रतीक चिन्ह का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने किंगडम ऑफ टाइगर्स फोटो प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इसमें कलाकारों द्वारा बाघों पर बनाई गई विभिन्न मुद्राओं के चित्रों को प्रदर्शित किया गया है।


वन मंत्री उमंग सिंघार ने आभार प्रदर्शन किया। मुख्य सचिव एस.आर. मोहंती, अपर मुख्य सचिव वन के.के. सिंह, मुख्य वन संरक्षक एवं बड़ी संख्या में वन और वन्य-प्राणी प्रेमी उपस्थित थे।


केन्‍द्र सरकार ने देश भर में वक्‍फ संपत्तियों का शत-प्रतिशत डिजिटाइजेशन पहले 100 दिन में हासिल करने का लक्ष्‍य रखा...

संवाददाता : नई दिल्ली 


         केन्‍द्रीय अल्‍पसंख्‍यक कार्य मंत्री मुख्‍तार अब्‍बास नकवी ने आज नई दिल्‍ली में केन्‍द्रीय वक्‍फ परिषद (सीडब्‍ल्‍यूसी) के राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन का उद्घाटन किया। नकवी ने कहा कि केंद्र सरकार ने 100 दिन में देश भर की वक्‍फ संपत्तियों का शत-प्रतिशत डिजिटेइजेशन करने का लक्ष्‍य रखा है। देश भर में 6 लाख से ज्‍यादा पंजीकृत वक्‍फ संपत्तियां हैं।



नकवी ने अपने सम्‍बद्ध राज्‍य वक्‍फ बोर्डों में वक्‍फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन के लिए कौमी वक्फ बोर्ड तरक्कियाती योजना के तहत 8 मुतवल्लियों को पुरस्कृत किया। यह पहला मौका है  जब वक्‍फ संपत्तियों के बेहतर उपयोग खासतौर से सामाजिक-आर्थिक-शैक्षणिक दृष्टि से अधिकार संपन्‍न बनाने के लिए मुतवल्लियों को प्रोत्‍साहित किया गया है और पुरस्‍कृत किया गया है।


नकवी ने कहा कि मुतवल्‍ली वक्‍फ संपत्तियों के संरक्षक हैं और यह उनकी जिम्‍मेदारी है कि वे वक्‍फ संपत्तियों की सुरक्षा और बेहतर उपयोग सुनिश्चित करें।


इस राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन में अल्‍पसंख्‍यक कार्य मंत्रालय में सचिव शैलेश, अन्‍य वरिष्‍ठ अधिकारी, केन्‍द्रीय वक्‍फ परिषद के सचिव, सीडब्‍ल्‍यूसी सदस्‍य, परिषद के वरिष्‍ठ अधिकारी, राज्‍य वक्‍फ बोर्डों के अध्‍यक्ष/सीईओ भी शामिल हुए।


नकवी ने कहा कि पूर्व में अल्‍पसंख्‍यक समुदायों के विकास के लिए देश के केवल 90 जिलों की पहचान की गई थी, जबकि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्‍व वाली सरकार ने अल्‍पसंख्‍यकों के लिए विकास कार्यक्रमों का 308 जिलों, 870 ब्‍लॉकों, 331 कस्‍बों और देश के हजारों गांवों में विस्‍तार किया है।


नकवी ने कहा कि वक्‍फ संपत्तियों के पट्टे के नियम की समीक्षा के लिए न्‍यायमूर्ति (सेवानिवृत्‍त) ज़कीउल्‍लाह खान के नेतृत्‍व में गठित पांच सदस्‍यों की समिति ने अपनी रिपोर्ट दे दी है। समिति की सिफारिशें सुनिश्चित करेंगी कि वक्‍फ संपत्तियों के बेहतर इस्‍तेमाल और इन संपत्तियों को विवादों से मुक्‍त कराने के लिए वक्‍फ नियमों को आसान और प्रभावी बनाया जाए, इनमें से अनेक कई दशकों से विवादों में फंसी हुई हैं। उन्‍होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्‍य सरकारों के साथ विचार-विमर्श करके समिति की सिफारिशों के बारे में आवश्‍यक कार्रवाई कर रही है।    


 


केदारनाथ धाम में ई-रिक्शा चलाने की तैयारी शुरू...

संवाददाता : देहरादून उत्तराखंड 


       केदारनाथ धाम में वैष्णो देवी की तर्ज पर ई-रिक्शा या गोल्फ कार्ट चलाने की तैयारी शुरू हो गई है। फिलहाल इसके लिए ट्रायल की कवायद जारी है। ट्रायल की रिपोर्ट पक्ष में आने के बाद ई-रिक्शा चलाने को हरी झंडी दिखाई जाएगी।



डीएम मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि रुद्रा प्वाइंट से केदारनाथ मंदिर के पास तक ई-रिक्शा चलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस प्रोजेक्ट से बुजुर्ग तीर्थयात्रियों को काफी आराम मिलेगा। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए)के ईई प्रवीन कर्नवाल ने बताया-रुद्रा प्वाइंट से मंदिर के पास तक ई-रिक्शा के लिए लोनिवि के साथ दो किलोमीटर का 12 फीट चौड़ा रास्ता बनाया जा रहा है।


मार्ग को सीसी करते हुए टायल लगाई जाएंगी। एआरटीओ मोहित कोठारी ने बताया कि सड़क बनने के बाद सितंबर में ई-रिक्शा का ट्रायल करेंगे।


राज्यपाल लालजी टंडन का शपथ ग्रहण समारोह सम्पन्न...

संवाददाता : नई दिल्ली 


        लालजी टंडन को मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रविशंकर झा ने आज मध्यप्रदेश के राज्यपाल पद की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह राजभवन परिसर में प्रात: 11 बजे हुआ। मुख्य सचिव एस. आर. मोहंती ने समारोह की कार्यवाही का संचालन किया। राज्यपाल लालजी टंडन को शपथ ग्रहण के बाद गार्ड ऑफ आनर दिया गया।  टंडन ने सलामी गारद का निरीक्षण भी किया। समारोह में राज्यपाल के परिवार के सदस्य उपस्थित थे।



शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री कमलनाथ, विधान सभा अध्यक्ष एन.पी.प्रजापति, मध्यप्रदेश के लोकायुक्त जस्टिस नरेश गुप्ता, सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर, महापौर आलोक शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री द्वय दिग्विजय सिंह, कैलाश जोशी, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, पुलिस महानिदेशक वी.के. सिंह, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, मंत्री-मंडल के सदस्य, विधायकगण, पार्षद, विश्वविद्यालयों के कुलपति, सेना, पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न धार्मिक, राजनैतिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और पत्रकार उपस्थित थे।


पहली एशियाई योगासन खेल प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए भारतीय टीम रवाना...

सुरेश चौरसिया @ नोएडा


            कुछ वर्षों से योग के प्रति भारत ही नहीं अपितु पुरे विश्व में जागरूकता फैलने लगी है, क्योंकि योग से तन और मन दोनों ही स्वस्थ होते है और स्वस्थ मन शरीर के कई विकारों को दूर करता है। इसीलिए ग्लोबल योग अलायन्स के संस्थापक डॉ. गोपाल अपने छात्रों के साथ ढाका में होने वाली पहली एशियाई योगासन खेल प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे है। भारतीय योग टीम ढाका के लिए मारवाह स्टूडियो से रवाना हो चुकी है। यह प्रतियोगिता 26 व 27 जुलाई को होनी है इसमें आठ राष्ट्र बांग्लादेश, भारत, हांगकांग, भूटान, ईरान, इंडोनेशिया, मलेशिया और थाईलैंड भाग लेंगे।




डॉ. गोपाल ने कहा की इस प्रतियोगिता में छात्रों द्धारा विभिन्न आसन व योग मुद्राएं की जाएंगी और मुझे लगता है हम इसमें बहुत अच्छा प्रदर्शन करेंगे और इस तरह की प्रतियोगिता से छात्रों का रुझान योग के प्रति बढ़ेगा।



श्रीनिवास बने युवा कांग्रेस के अध्यक्ष...

प्रदीप महाजन @ नई दिल्ली 


श्रीनिवास को भारतीय युवक कॉंग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष पद पर कांग्रेस आलाकमान ने मनोनीत किया है, श्रीनिवास इससे पहले युवा कांग्रेस में उपाध्यक्ष पद पर थे,श्री निवास बेंगलुरु से सम्बंध रखते हैं।



गौरतलब हैं कि एक समय नरसिम्हा राव के समय युवा कांग्रेस की कमान तेजतर्रार मनिंदर सिंह बिट्टा को दी गई थी वह समय युवा कांग्रेसियों का स्वर्णिम समय था हर तरफ कांग्रेस में युवा नेता को सम्मान मिलता था,वही दूसरी और दिल्ली प्रदेश युथ कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर दबंग सुशील शर्मा थे दिल्ली में शर्मा की हैसियत किसी मंत्री से कम नही थी लेकिन उनको तन्दूर कांड ले डूबा।बिट्टा के बाद युवा कांग्रेस को चलाने वाला कोई हाई फाई नेता नही आया।



युवा कांग्रेस नेता सुमित शर्मा ने बताया कि श्रीनिवास सबको साथ लेकर चलने वाले नेता हैं,उनके इस पद पर आ जाने से युवा शक्ति को ताकत और नई ऊर्जा मिलेगी।



योगी सरकार को ढाई साल से ज्यादा का समय हुआ अभी खाका खीचनें में ही लगी है यू.पी....

संवाददाता : लख़नऊ उत्तर प्रदेश 


          उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि भारत को 5000 अरब डालर की अर्थव्यवस्था बनाने में उत्तर प्रदेश की बड़ी भूमिका होगी। योगी ने यहां 'दूसरी ग्राउण्ड ब्रेकिंग सेरेमनी' में कहा,  देश को 5000 अरब डालर की अर्थव्यवस्था बनाने तथा दुनिया की आर्थिक महाशक्ति बनाने में उत्तर प्रदेश की बड़ी भूमिका होगी। योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने इस वर्ष निर्यात में अब तक की सबसे अधिक 28 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है।



उन्होंने कहा, 65,000 करोड़ रुपये की निवेश परियोजनाओं से उत्तर प्रदेश के तीन लाख युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। इस मौके पर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बीते दो-तीन वर्ष में कानून व्यवस्था में सुधार आया है और देखते ही देखते सबका विश्वास यहां की कानून व्यवस्था पर हो रहा है।  उन्होंने कहा कि संगठित अपराध को समाप्त करने का जो काम यहां उत्तर प्रदेश में हुआ है, उसी का फल है कि इतना बड़ा निवेश आया है।


औद्योगिक निवेश के दूसरे चरण 'दूसरी ग्राउण्ड ब्रेकिंग सेरेमनी' में 65 हजार करोड़ रुपये की 250 से अधिक परियोजनाओं का शिलान्यास केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने किया। इस मौके पर राज्य के उप मुख्यमंत्रीद्वय दिनेश शर्मा और केशव प्रसाद मौर्य, औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना, परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, औद्योगिक विकास राज्य मंत्री सुरेश राणा, राज्य मंत्रिपरिषद के अन्य सदस्य, देश के नामी उद्योगपति और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।