शुक्रवार, 27 नवंबर 2020

युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय ने भारतीय तीरंदाजी संघ की मान्यता को बहाल किया...

 संवाददाता : नई दिल्ली

युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय ने देश में तीरंदाजी खेल के प्रचार और नियमन के लिए राष्ट्रीय खेल महासंघ के रूप में भारतीय तीरंदाजी संघ-एएआई की सरकारी मान्यता बहाल कर दी है। एएआई की सरकारी मान्यता को भारतीय खेल विकास संहिता, 2011 (स्पोर्ट्स कोड) के अनुसार अपने चुनाव कराने में विफलता के कारण आठ साल पहले वापस ले लिया गया था। एएआई को प्रदान की गई सरकारी मान्यता एक वर्ष के लिए मान्य होगी।

केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री और भारतीय तीरंदाजी संघ के अध्यक्ष अर्जुन मुंडा ने युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के फैसले का स्वागत किया। अर्जुन मुंडा ने कहा कि मैं भारतीय तीरंदाज़ी संघ को 7 दिसंबर, 2012 को लागू किए गये निलम्बन के फैसले को रद्द किये जाने के निर्णय के लिए मंत्रालय को धन्यवाद देता हूं। इस कदम को 'ऐतिहासिक और स्वर्णिम दिन' करार देते हुए, मुंडा ने कहा कि यह भारतीय तीरंदाज़ी के लिए एक नए युग की शुरुआत है।

तीरंदाज़ी संघ के अध्यक्ष ने कहा कि भारतीय टीम के लिए इस महत्वपूर्ण मोड़ पर बेहतर प्रदर्शन करने के लिए यह एक महान प्रेरणा मिलेगी, जब वे टोक्यो-ओलंपिक में दुनिया के शीर्ष तीरंदाजों से सबसे कठिन चुनौती का सामना करेंगे। सभी तीरंदाज़ों, प्रशिक्षकों और पूरे तीरंदाजी परिवार को हार्दिक बधाई देते हुए श्री मुंडा ने कहा कि तीरंदाज़ी संघ की मान्यता की बहाली लंबे संघर्ष और अदालती लड़ाई का परिणाम है। भारत में तीरंदाजी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए भारतीय तीरंदाज़ी संघ का दृढ़ संकल्प है। संघ के अध्यक्ष ने कहा कि एएआई युवा कार्य और खेल मंत्रालय के साथ मिलकर तीरंदाजी के खेल के लाभ के लिये भविष्य में सर्वोच्चता और नैतिकता के उच्चतम स्तर को बनाए रखने के लिए खिलाड़ियों के लिए काम करेगा।

दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा 18.01.2020 को रिटर्निंग ऑफिसर श्री पीके त्रिपाठी द्वारा एएआई के पदाधिकारियों और कार्यकारी समिति के चुनाव कराए गए थे। राष्ट्रीय खेल महासंघों और युवा कार्यक्रम मंत्रालय में ऐच्छिक पदों के लिए आयु और कार्यकाल संबंधी प्रतिबंधों और सरकारी सेवकों पर इस खेल संहिता के प्रावधानों के आलोक में युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय द्वारा रिपोर्ट की जांच की गई और रिटर्निंग ऑफिसर के 18 जनवरी 2020 को आयोजित एएआई के चुनावों को युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय ने स्वीकार कर लिया है, जिसमें अर्जुन मुंडा (अध्यक्ष), प्रमोद चंदुरकर (सचिव) और आर.एस. तोमर (कोषाध्यक्ष) चुने गए।

हालांकि, यह सूचित किया जाता है कि पी.बी. वार नोंगबरी (उपाध्यक्ष पद पर निर्वाचित)  के.बी. गुरुंग और कुमजुमरिबा (दोनों संयुक्त सचिव के रूप में चुने गए) खेल संहिता के प्रावधानों के अनुसार उचित नहीं पाए गए हैं (चुनाव लड़ने के लिए निर्धारित सरकारी प्राधिकरण से पूर्व अनापत्ति प्रमाण पत्र-एनओसी की अनुपस्थिति में निर्वाचित)। इसके अनुसार, एएआई को सलाह दी गई है कि वे इन अधिकारियों को अपने पद से त्यागपत्र देने के लिए कहें और यदि वे चाहें तो इन पदों के लिए दोबारा चुनाव आयोजित करें। मान्यता की बहाली के पत्र जारी होने के 6 महीने के भीतर, एएआई को खेल संहिता के ऐसे प्रावधानों को शामिल न करने की भी सलाह दी गई है, जिनके संविधान में इसका कोई संदर्भ नहीं है।

विश्व तीरंदाजी (तीरंदाजी खेल के लिए अंतर्राष्ट्रीय महासंघ) ने भी भारतीय तीरंदाज़ी संघ के निलंबन को समाप्त कर दिया है और वर्तमान में एएआई को भारतीय ओलंपिक संघ और विश्व तीरंदाजी, दोनों की मान्यता प्राप्त है।

मंत्री सखलेचा द्वारा विज्ञान कथा और काव्य कोष पत्रिका का विमोचन...

 संवाददाता : भोपाल मध्यप्रदेश

सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा ने अपने निवास पर गुरुवार को विश्वरंग 2020 के अंतर्गत रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय भोपाल द्वारा प्रकाशित विज्ञान कथा कोष तथा विज्ञान कविता कोष का विमोचन किया। विज्ञान कथा कोष सात खंडों में विश्व की प्रमुख विज्ञान कथाओं का संचयन है तथा विज्ञान कविता कोष पांच खंडों में देश की विज्ञान कविताओं का संकलन है।

देश में इस तरह का प्रयास पहली बार हुआ है।विज्ञान कथा कोष और विज्ञान कविता कोष के प्रधान संपादक, रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति और विश्व रंग के निदेशक संतोष चौबे सहित अन्य पदाधिकारी विमोचन अवसर पर उपस्थित थे।

मंत्री सखलेचा ने विश्वरंग 2020 की प्रशंसा की और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आयोजित इस महोत्सव से सकारात्मक ऊर्जा पैदा होने की बात कही। उन्होंने इसे हिंदी भाषा में विज्ञान कथाओं और विज्ञान कविताओं का अनूठा संकलन बताया।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि निश्चित ही विश्वविद्यालय अपनी रचनात्मकता और नवाचारों को आगे बढ़ाएगा जिसका फायदा समाज को भी मिलेगा।

मुख्यमंत्री की संवेदनशील पहल,ब्रेन हेमरेज के मरीज के इलाज के लिए मिली एक लाख रूपए की सहायता...

 संवाददाता : रायपुर छत्‍तीसगढ़

बिलासपुर जिले में लगभग ढाई वर्ष पूर्व हुई सड़क दुर्घटना में घायल मरीज के इलाज के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल एक लाख रूपए की सहायता मंजूर की है। मुख्यमंत्री की इस संवेदनशील पहल के लिए परिवार के लोगों ने आभार व्यक्त किया है।

बिलासपुर जिले के विकासखंड तखतपुर निवासी भगवती यादव ने बताया कि ढाई वर्ष पूर्व उनके बेटे जय यादव को सड़क दुर्घटना के कारण ब्रेन हेमरेज हो गया। भगवती यादव की पारिवारिक स्थिति अच्छी नहीं है। उनके बेटे की आय से ही परिवार का खर्च चलता था, लेकिन दुर्घटना के बाद परिवार की माली स्थिति और खराब होती गई। भगवती के सामने अब परिवार चलाने के साथ ही बेटे का इलाज करवाना भी एक समस्या थी। उन्होंने जहां से भी संभव हो सकता था वहां आर्थिक मदद के लिए गुहार लगाई, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका। 

भगवती यादव को उनके बेटे के इलाज के लिए मुख्यमंत्री से गुहार लगाने की सलाह मिलने पर उन्होंने मुख्यमंत्री को इलाज में सहायता के लिए आवेदन किया। आवेदन मिलने के 24 घंटे के भीतर बेटे की इलाज के लिए एक लाख रूपये की सहायता स्वीकृत की गई। यह राशि कलेक्टर बिलासपुर द्वारा रेडक्रास सोसायटी बिलासपुर द्वारा प्रदान की गई। 

राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने अधिकारियों को संविधान की शपथ दिलाई...

 संवाददाता : शिमला हिमाचल

राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने गुरूवार यहां राजभवन में 71वें संविधान दिवस के अवसर पर अधिकारियों को संविधान की शपथ दिलाई।संविधान दिवस को राष्ट्रीय विधि दिवस के नाम से भी जाना जाता है।  

यह दिन भारतीय संविधान को अपनाने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। संविधान सभा ने 26 नवम्बर, 1949 को संविधान को अपनाया था, जिसे 26 जनवरी, 1950 को पूरे देश में लागू किया गया।



राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री संविधान दिवस के अवसर पर झालसा द्वारा कार्यक्रम आयोजित...

 संवाददाता : रांची झारखंड

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि संविधान दिवस के शुभ अवसर पर मैं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पंडित जवाहर लाल नेहरु, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, सरदार वल्लभ भाई पटेल, बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर, डॉ. जयपाल सिंह मुंडा, शहीद भगत सिंह जैसे चमत्कारी व्यक्तित्वों के साथ-साथ भगवान बिरसा मुंडा, अमर शहीद सिद्धो-कान्हो, नीलाम्बर-पीताम्बर, शेख भिखारी जैसे सपूतों के प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूँ। मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान बने हुए 71 वर्ष पूरे हो चुके हैं।

मैं इस शुभ अवसर पर यह सोच कर आश्चर्यचकित हो रहा रहा हूँ कि आजादी प्राप्ति के बाद का समय कितना चुनौतीपूर्ण रहा होगा ? सैकड़ों रियासतों में बंटा देश आजाद हुआ था, जाति, धर्म, सम्प्रदाय, वर्ग, भाषा-बोली आदि के आधार पर बंटे तत्कालीन भारत की परीक्षा की घड़ी थी। जिनसे हमें आजादी मिली थी वे भी भविष्यवाणी कर रहे थे कि कुछ महीनों के भीतर भारत के अनेकों टुकड़े होने तय हैं। ऐसी परिस्थिति में सभी रियासतों को एक करने का सरदार वल्लभ भाई पटेल का प्रयास एवं बाबा साहेब के नेतृत्व में एक ऐसे संविधान का निर्माण किया गया जिसे हर किसी ने स्वीकार किया। ये ऐसे कार्य थे जिसने वास्तव में आधुनिक भारत की नींव रखी। उक्त बातें मुख्यमंत्री ने अपने पैतृक गांव नेमरा से संविधान दिवस के अवसर पर झालसा द्वारा आयोजित कार्यक्रम को वर्चुअल मोड के माध्यम से संबोधित करते हुए कहीं।

सुरक्षित भविष्य के लिए एक मजबूत संविधान की सख्त जरुरत है

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि आज हमारा देश एक है, सभी लोग एक साथ विकास की राह पर आगे बढ़ रहे हैं। आज हमारे पास विश्व का सिर्फ सबसे अच्छा संविधान ही नहीं है, बल्कि इसे सही ढंग से उपयोग में लाने का 71 साल का इतिहास भी है।

राष्ट्र के सर्वांगीण विकास के लिए एक मजबूत संविधान जो सबों के हित की रक्षा करे, इसकी जरुरत सभी को है। विगत वर्षों में संविधान दिवस के आयोजन को जो रूप दिया गया उससे लगता है कि आज का दिन बड़े-बड़े नेताओं, न्यायाधीशों, अधिकारियों द्वारा संविधान को याद करने तथा अपना संविधान कैसे कमजोर वर्ग के लोगों के लिए जरुरी है यह बताने का दिन है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं तो मानता हूँ कि एक सशक्त संविधान की जितनी जरुरत मजदूर, किसान, ठेले-खोमचे वाले, दलित, आदिवासी, अल्पसंख्यक को है उतनी ही इसकी जरुरत राज्यपाल, न्यायाधीश, मुख्यमंत्री, IAS, IPS अधिकारियों को भी है। उन्होंने कहा कि सबों के अधिकार की रक्षा करने वाली किताब है संविधान। इसकी जरूरत पक्ष को भी है और विपक्ष को भी है। आज मैं झारखण्ड के मुख्यमंत्री के रूप में आपको संबोधित कर रहा हूँ, पर मैं बता दूं कि देश के एक सामान्य नागरिक के रूप में भी हेमन्त सोरेन के लिए संविधान एवं संविधान दिवस उतना ही उपयोगी है। इसलिए देश के भविष्य के लिए, सबों के सुरक्षित भविष्य के लिए एक मजबूत संविधान की सख्त जरुरत है।

आज एक देश के रूप में, एक शक्ति के रूप में खड़े हैं तो, इस संविधान के कारण

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि जब हम विपक्ष में थे और तत्कालीन सरकार CNT/SPT को ख़त्म करने पर उतारू थी तो मुझे सड़क पर निकल इनका विरोध करने की ताकत इसी संविधान ने दी थी। यह पवित्र किताब ही है जो हमें जोड़ के रखता है। देशवासियों को बांटने वाली नजर से देखें तो बहुत कुछ अलग-अलग दिखेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जाति के आधार पर, धर्म के आधार पर, क्षेत्र के आधार पर, भाषा के आधार पर, काम के आधार पर, शिक्षा के आधार पर, उम्र के आधार पर, जेंडर के आधार पर, राज्य/क्षेत्र के आधार पर, आप ही बताइए हम कितने अलग-अलग हैं । परन्तु, आज एक देश के रूप में, एक शक्ति के रूप में खड़े हैं तो, इस संविधान के कारण। सिर्फ यह एक किताब बच जाए तो सभी कुछ बच जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारें सर्वांगीण विकास की नीतियां बनाती हैं। मैं तो कहता हूँ कि सरकारें सिर्फ संविधान की भावना के अनुरूप काम करने का प्रण कर ले तो उसे और कुछ अलग से करने की जरुरत नहीं पड़ेगी।

उन्होंने कहा कि संविधान के अनुसार शासन हो एवं संविधान के अनुसार आचरण हो तो सब ठीक हो जाएगा। अपने संविधान की खूबसूरती सिर्फ उसमें लिखे एक लक्ष्य से समझा जा सकता है। संविधान के समक्ष ‘सबों को बराबरी का अधिकार’। बराबरी शिक्षा प्राप्त करने में, भरपेट भोजन प्राप्त करने में, जीवन जीने में, स्वास्थ्य सम्बंधित सुविधा प्राप्त करने में, रोजगार के अवसर में, धार्मिक आस्था के अनुरूप आचरण करने में बराबरी। शहर एवं गाँव के स्कूल में अंतर न हो, गरीब एवं अमीर के अस्पताल में अंतर न हों, न्यायालय में न्याय मिलने में किसी ढंग का अंतर न हो, थाने और सरकारी कार्यालयों में सबों को सामान रूप से सुना जाए, इससे ज्यादा किसी को कुछ नहीं चाहिए।

सम्यक बदलाव एवं प्रगति करने की दिशा में आगे बढ़ रही है राज्य सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरी सरकार इन विषयों पर सम्यक बदलाव एवं प्रगति करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। कोरोना काल में शहर के साथ-साथ गाँव को भी सुरक्षित रखते हुए आपकी सरकार ने अपने सीमित संसाधनों में अच्छा काम किया है। संकट के समय एक ओर सरकारी कर्मी की सेहत सुरक्षित रखने का प्रयास हुआ, वहीं दूसरी ओर दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों तक भी हम हवाई जहाज लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब कोरोना के द्वारा लगाये गए ब्रेकर को पार कर हम आगे बढ़ने को तैयार हैं। और आगे भी बराबरी के सिद्धांत को सामने रखते हुए आपकी सरकार आगे बढ़ेगी ।

पारा लीगल वालंटियर’ एवं अन्य माध्यमों से झालसा अच्छा काम कर रही है

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम का आयोजन न्याय को सुनिश्चित करने वाली एवं उसे गाँव-गाँव तक पहुँचाने में लगी हुई संस्था के माध्यम से किया गया है। ‘पारा लीगल वालंटियर’ एवं अन्य माध्यमों से झालसा अच्छा काम कर रही है। आज प्रोजेक्ट तृप्ति, प्रोजेक्ट आत्मनिर्भर, प्रोजेक्ट निरोगी भवन एवं प्रोजेक्ट चेतना के शुभारम्भ का भी दिन है। JHALSA का Web Portal एवं App भी लांच किया जा रहा है। उम्मीद करते हैं एवं मेरी शुभकामना रहेगी की उपरोक्त प्रोजेक्ट एवं App, आम जन तक मदद पहुँचाने के अपने उद्देश्यों में सफल हो। अंत में मैं महापुरुषों को नमन करते हुए सबों से अपील करना चाहूंगा कि संविधान दिवस के अवसर को हम अपने संविधान को सही ढंग से जानने-समझने के लिए करें । झालसा इस कार्य को अपने हाथों में ले एवं अगले वर्ष के लिए इस सम्बन्ध में तैयारी करे ।

इस अवसर पर लोक अदालत की उपलब्धियों को बताया गया। साथ ही ईफाइलिंग एंड ऑनलाइन सर्टिफाइड कॉपी दाखिल करने, नवनियुक्त सिविल जजों के लिए आरंभिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया। झालसा द्वारा सभी को न्याय की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मोबाइल एप्प और वेब पोर्टल, प्रोजेक्ट तृप्ति, प्रोजेक्ट आत्मनिर्भरता, प्रोजेक्ट निरोगी भवः एवं प्रोजेक्ट चेतना की लॉन्चिंग की गई।

इस मौके पर जस्टिस रवि रंजन, जस्टिस एससी मिश्रा, जस्टिस अमरेश कुमार सिंह, जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद, जस्टिस अनुभा रावत चौधरी व अन्य एवं नेमरा से रामगढ़ विधायक ममता देवी, उपायुक्त रामगढ़ संदीप सिंह, एसपी प्रभात कुमार सहित जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी मौजूद थे।

कृषि प्रौद्योगिकी प्रशिक्षण एवं शिक्षण संस्थान में तीन दिवसीय ‘खुम्ब उत्पादन तकनीक’ विषय पर ऑनलाइन प्रशिक्षण शिविर शुरू...

 

संवाददाता : चंडीगढ़ हरियाणा

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय,हिसार के सायना नेहवाल कृषि प्रौद्योगिकी प्रशिक्षण एवं शिक्षण संस्थान में तीन दिवसीय ‘खुम्ब उत्पादन तकनीक’ विषय पर ऑनलाइन प्रशिक्षण शिविर शुरू हुआ।

इस अवसर पर प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए संस्थान के सह-निदेशक (प्रशिक्षण) डॉ. अशोक गोदारा ने कहा कि किसी भी व्यवसाय को शुरू करने से पहले उसका तकनीकी ज्ञान व बाजारीकरण की जानकारी होना बहुत जरूरी है। क्योंकि जब तक उत्पादों को बाजार में उचित मूल्य नहीं मिलेगा तब तक सही मुनाफा नहीं कमा सकते। उन्होंने किसानों व बेरोजगार युवाओं से आह्वान करते हुए इस प्रशिक्षण का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।

इस ऑनलाइन प्रशिक्षण की संयोजिका डॉ. पवित्रा कुमारी ने बताया कि इस प्रशिक्षण में प्रदेश के विभिन्न जिलों के 35 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। इस दौरान मशरूम से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने व्याख्यानों से प्रतिभागियों को अवगत करवाया जाएगा व मशरूम के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी जाएगी।

उन्होंने मशरूम से होने वाले लाभ और मशरूम के पोषक व औषधीय गुणों के बारे में प्रतिभागियों को अवगत कराया। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को मशरूम की खाद तैयार करने की विधि के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।

मुफ्त बिजली,कोरोना टीका और मेट्रो में महिलाओं को मुफ्त सफर, बीजेपी ने किए क्या वादे...

 संवाददाता : हैदराबाद

भाजपा ने गुरुवार को वादा किया कि वह महानगर में हाल के समय में बारिश से प्रभावित हर परिवार को 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता, 100 यूनिट से कम खपत वाले परिवारों को नि:शुल्क बिजली, महानगर की बसों और मेट्रो ट्रेन में महिलाओं को मुफ्त में सफर की सुविधा देगी। हैदराबाद के नगर निकाय चुनावों के लिए जारी घोषणापत्र में पार्टी ने यह वादा किया है।

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस की तरफ से जारी घोषणापत्र में कहा गया है कि केंद्र की सलाह के मुताबिक सभी को कोविड-19 टीका मुहैया कराया जाएगा। इसने कहा कि महानगर में कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए प्रभावी योजना तैयार की जाएगी, जिसमें महानगर में हर किसी को मुफ्त में वायरस की जांच की सुविधा मिलेगी। 

घोषणापत्र में नि:शुल्क पेयजल आपूर्ति, हर वर्ष तीन नए महिला थानों का निर्माण और महिलाओं के लिए हर एक किलोमीटर पर शौचालय का निर्माण, महामारी के दौरान ऑनलाइन शिक्षा तक पहुंच में आ रही दिक्कतों को देखते हुए सरकारी स्कूलों के छात्रों को नि:शुल्क टेबलेट का भी वादा किया गया है।

बृहद् हैदराबाद नगर निगम का चुनाव एक दिसंबर को होने वाला है। सीएमओ की तरफ से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के बारे में पूछे जाने पर कि राज्य सरकार के पास सूचना है कि निकाय चुनावों से पहले कुछ नेता समस्याएं खड़ी करना चाहते हैं, इस पर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि मुख्यमंत्री को बताना चाहिए कि कौन समस्या खड़ी करने का प्रयास कर रहा है।

मुख्य सचिव सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने जनपदों को शीघ्रातिशीघ्र डिजिटलाइज्ड करने के निर्देश दिए...

 संवाददाता : देहरादून उत्तराखंड

मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने गुरूवार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने जनपदों को शीघ्रातिशीघ्र डिजिटलाइज्ड करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक राज्य से एक जनपद को 31 मार्च, 2021 तक 100 प्रतिशत डिजिटलाइज्ड किया जाना है, इसके लिए प्रदेश में जनपद अल्मोड़ा को चुना गया है और इस लक्ष्य को पाने के लिए सभी को मिशन मोड में कार्य करना होगा।

उन्होंने ऊर्जा, आवास व पेयजल आदि के बिलों के भुगतान डिजिटल मोड में किए जाने में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आमजन में डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रचार -प्रसार करना होगा और इसके लिए बैंकों को आगे आना होगा।

मुख्य सचिव ने शिकायत निवारण तंत्र को भी मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल ट्रांजेक्शन में पेमेंट फेल होने की समस्या होती है। यदि ऐसी शिकायतों का निवारण 1-2 दिन में हो जाए तो लोग डिजिटल ट्रांजेक्शन आसानी से अपना सकेंगे।

गुरुवार, 26 नवंबर 2020

केंद्रीय खेल मंत्री ने फिट इंडिया स्कूल सप्ताह के दूसरे संस्करण का शुभारंभ किया...

 संवाददाता : नई दिल्ली

केंद्रीय खेल मंत्री किरेन रिजिजू ने "फिट इंडिया स्कूल सप्ताह" कार्यक्रम के दूसरे संस्करण का शुभारंभ किया। फिट इंडिया मिशन की निदेशक एकता विश्नोई, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड-सीबीएसई के अध्यक्ष मनोज आहूजा, सीआईएससीई के अध्यक्ष डॉ. जी. इमैनुअल; एमपी इंटरनेशनल स्कूल, कासरगोड के प्रधानाचार्य डॉ. अब्दुल जलील मारथ्या, जेपी पब्लिक स्कूल, ग्रेटर नोएडा के शारीरिक शिक्षा और खेल विभाग की अध्यक्ष सुश्री नीरज सिंह और जेपी पब्लिक स्कूल, ग्रेटर नोएडा के छात्र प्रतीक और एमपी इंटरनेशनल स्कूल, कासरगोड के यासिर आमिर अली और स्पोर्ट्स एंकर मनीष बटाविया की उपस्थिति में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।

बच्चों को शारीरिक गतिविधि और खेल को अपनी दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से वर्चुअल कार्यक्रम का आयोजन किया गया क्योंकि स्कूल पहली जगह है जहाँ आदतें बनती हैं।

समारोह के दौरान, रिजिजू ने विद्यालय जीवन में फिटनेस के महत्व के बारे में बात की और कहा कि "छात्र भारत को फिट बनाने के पीछे प्रेरक शक्ति हैं और मुझे यह देखकर खुशी हो रही है कि इतने सारे स्कूलों ने फिट इंडिया स्कूल सप्ताह के लिए पंजीकरण कराया है और यह संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। यह हमारे लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करता है ताकि हर भारतीय फिट हो सके क्योंकि इसके लिए ऊर्जा इन स्कूलों से ही पैदा होती है।

फिट इंडिया स्कूल सप्ताह कार्यक्रम पिछले साल नवंबर में शुरू किया गया था और इसमें देश भर के 15,000 से अधिक स्कूलों ने भाग लिया था।

जेपी पब्लिक स्कूल की एक भाग्यशाली छात्रा, प्रकृति आदर्श को भी सजीव प्रसारण सत्र के दौरान खेल मंत्री से एक सवाल पूछने का मौका दिया गया था और उसने उसे अपनी फिटनेस मंत्र के बारे में पूछने के लिए चुना था। प्रकृति ने खेल मंत्री से उनकी उम्र से कम दिखने का प्रबंधन कैसे किया जाता है, इसके बारे में भी प्रश्न पूछा।

रिजिजू ने हंसी के साथ जवाब दिया और कहा कि "मुझे लगता है कि मैं 25-30 साल का लड़का हूं और फिट रहने के लिए जो भी आवश्यक है उसका पालन करें। आपको इसके लिए हमेशा इच्छा शक्ति और जुनून चाहिए।

वर्तमान महामारी की स्थिति को ध्यान में रखते हुए, इस वर्ष की पहल ऑनलाइन हो गई है और प्रस्तावित गतिविधियां ज्यादातर वर्चुअल माध्यम से स्कूलों द्वारा संचालित की जा रही हैं।

कार्यक्रम में भाग लेने के लिए स्कूलों को https://fitindia.gov.in/fit-india-school/web/ पर अपना पंजीकरण कराना होगा।

इसके बाद उन्हें फिट इंडिया स्कूल सप्ताह मनाने के लिए दिसंबर 2020 में किसी एक सप्ताह का चयन करना होगा और पंजीकरण के दौरान उनके साथ पहले से साझा की गई सूची से दैनिक गतिविधियों का संचालन करना होगा।

इस वर्ष के स्कूल वीक कार्यक्रम के लिए कुछ गतिविधियां की जो योजना बनाई गई हैं, वे हैं - एरोबिक्स, पेंटिंग, क्विज़ / डिबेट्स, डांस और स्टेप-अप चैलेंज।

20 साल पहले पटवारी ने छल-कपट कर फर्जी पट्टे वितरित किए...

 संवाददाता : भोपाल मध्यप्रदेश

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सभी पात्र आदिवासी भाई-बहनों को उनकी लंबे समय से काबिज जमीन पर पट्टा दिलाया जाएगा। किरनताल क्षेत्र में 20 वर्ष पहले स्थानीय पटवारी ने छल-कपट कर भोले-भाले बैगा आदिवासी भाइयों को फर्जी पट्टे वितरित कर दिए थे, उनकी फर्जी बही बना दी थी पर सरकारी रिकार्ड में जमीन उनके नाम दर्ज नहीं की थी।

इस मामले में न केवल सभी दोषी व्यक्तियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी, अपितु सभी पात्र बैगा भाई-बहनों को वैधानिक कार्रवाई पूर्ण कर शीघ्र ही उनकी काबिज भूमि के पट्टे दिए जाएंगे। गरीबों और आदिवासियों के साथ अन्याय बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री चौहान ने उमरिया जिले के किरनताल क्षेत्र के औचक निरीक्षण के दौरान यह बात कही। उन्होंने ग्राम में चौपाल लगाकर एक-एक आदिवासी भाई-बहन की समस्या सुनी तथा उसका निराकरण किया। इस अवसर पर आदिम जाति कल्याण मंत्री मीना सिंह, विधायक बांधवगढ़ शिवनारायण सिंह आदि उपस्थित थे।

जेल भी हो आया है पटवारी

मुख्यमंत्री चौहान को गांववासियों ने बताया कि वर्ष 1999-2000 में वहां के पटवारी ने आदिवासी 21 भाइयों से पैसे लेकर उनके फर्जी पट्टे बना दिए और भूमि रिकार्ड में दर्ज नहीं की। इस मामले में पटवारी जेल भी हो आया है। मुख्यमंत्री चौहान ने मामले की विस्तृत जाँच करने के निर्देश दिए।

लगभग 75 आदिवासी लंबे समय से भूमि पर काबिज

मुख्यमंत्री चौहान को बताया गया कि गांव में लगभग 75 ऐसे आदिवासी हैं जो कि लंबे समय से शासकीय भूमि पर काबिज़ हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने निर्देश दिए कि इस संबंध में एस.डी.एम. एवं तहसीलदार आवश्यक वैधानिक कार्रवाई कर सभी पात्र आदिवासियों को भूमि के पट्टे दिलवाएं।

सोमवार को लगाएं शिविर

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ग्राम में सोमवार को शासकीय शिविर लगाया जाए, जिसमें एक-एक आदिवासी की समस्या सुनी जाए व उसका निराकरण किया जाए। मध्यप्रदेश सरकार गरीबों, वंचितों, आदिवासियों की सरकार है हम इनके साथ अन्याय नहीं होने दे सकते। हर आदिवासी को उसका वाज़िब हक दिलवाया जाएगा।

कोविड-19 वैक्सीन के उचित प्रबंधन और स्टोरेज के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित हो : मुख्य सचिव

 संवाददाता : जयपुर राजस्थान

राज्य में कोरोना से प्रतिरक्षा के लिए आने वाली  वैक्सीन के उचित प्रबंधन और स्टोरेज व्यवस्था के लिए पूर्व में ही व्यवस्थाएं उपलब्ध है जिन्हें आने वाले दिनों में और सुदृढ़ कर लिया जाए । साथ ही वैक्सीन वितरण के लिए समय से पहले ही माइक्रो प्लान तैयार किया जाकर प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए ।
 
मुख्य सचिव श्री निरंजन आर्य ने बुधवार को राज्य में कोविड-19 से प्रतिरक्षा के लिए आने वाली वैक्सीन के प्रबंधन के सम्बन्ध में आवश्यक तैयारियों की समीक्षाओं के लिए स्टेट स्टीयरिंग कमेटी(टीकाकरण) की बैठक में यह बात कही।
 
मुख्य सचिव आर्य ने कोविड-19 के टीकाकरण के लिए भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को सबसे पहली प्राथमिकता में रखने के निर्देश दिए। उन्होंने टीकाकरण के लिए फ्रंटलाइन कोरोना वरियर्स  को भी प्राथमिकता देने की बात कही। मुख्य सचिव ने कोविड-19 टीकाकरण की व्यापक ट्रेकिंग करने की चर्चा करते हुए कहा कि क्योंकि यह वैक्सीन दो बार लगनी है इसलिए हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि पहली बार टीकाकरण के बाद व्यक्ति दूसरी बार अवश्य टीका लगाने आए।
 
 उन्होंने राज्य में कोल्ड चौन सिस्टम और हैल्थ केयर वर्कस के डेटा कलेक्शन की विस्तार से जानकारी लेते हुए कहा कि डेटाबेस के लिए सॉफ्टवेयर आधारित प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाए जिसमें सभी राजकीय एवं निजी चिकित्सकीय संस्थानों के हैल्थ वर्कर्स एवं अन्य संवर्ग का भी डाटा बेस तैयार किया जाएगा।
 
बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के शासन सचिव श्री सिद्धार्थ महाजन ने विभिन्न तैयारियों के बारे में विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया ।मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन नरेश ठकराल ने बताया कि कोविड-19 वैक्सीन के प्रबंधन के लिए राज्य में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में स्टेट स्टीयरिंग कमेटी का गठन किया गया है जिसकी प्रत्येक माह बैठक होगी। जिला स्तर पर गठित कमेटी की बैठक प्रत्येक पखवाडे़ होगी। उन्होंने बताया कि कोविड-19 वैक्सीन के प्रबंधन एवं वितरण के लिए डेटा बेस तैयार किया जा रहा है।

बैठक में यह भी तय किया गया कि टीकाकरण के संबंध में आम जन के मन में किसी भी प्रकार की भ्रांतियां उत्पन्न न हो इसके लिए मीडिया से सकारात्मक सहयोग लिया जाए।

स्टेट स्टीयरिंग कमेटी(टीकाकरण) की बैठक में वित्त विभाग के प्रमुख शासन सचिव अखिल अरोरा, गृह विभाग के प्रमुख शासन सचिव वी. श्रवण कुमार, ऊर्जा सचिव दिनेश कुमार, चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव वैभव गलारिया, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की सचिव मंजू राजपाल, महिला एवं बाल विकास सचिव के.के. पाठक, सचिव,चिकित्सा एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, सिद्धार्थ महाजन, परिवहन आयुक्त रवि जैन, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के आयुक्त महेन्द्र सोनी, तथा निदेशक स्थानीय निकाय दीपक नंदी सहित यूनिसेफ के प्रतिनिधि डॉ. देवेंद्र एवं अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री राज्यसभा सांसद अहमद पटेल के अंतिम संस्कार में शामिल हुए...

 संवाददाता : रायपुर छत्‍तीसगढ़

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बुधवार गुजरात के भरूच जिले के अंकलेश्वर तालुका स्थित पीरामन गांव पहुंचकर वहां राज्यसभा सांसद अहमद पटेल के अंतिम संस्कार में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय अहमद पटेल के परिजनों से मिलकर अपनी शोक संवेदनाएं प्रकट की।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से बात कर कोविड की स्थिति का जायजा लिया...

संवाददाता : शिमला हिमाचल

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने बुधवार जम्मू से प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति का जायजा लेने के लिए प्रदेश के मुख्य सचिव, सचिवों और उपायुक्तों के साथ वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग की। उन्होंने अधिकारियों को स्थिति पर निगरानी रखने और इस महामारी से लड़ने के लिए कारगर कदम उठाने के निर्देश दिए।
 
जय राम ठाकुर ने कहा कि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि कोविड रोगियों को उपचार की उचित सुविधा मिले और लोगों को सार्वजनिक स्थलों पर फेस मास्क के उपयोग और परस्पर दूरी बनाए रखने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि लोगों को सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल नहीं होने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए क्योंकि इससे महामारी फैलने की सम्भावनाएं बढ़ जातीं हंै। होम आईसोलेशन में रखे गए कोविड मरीजों को आवश्यक उपचार की सुविधा प्रदान की जाए और उनके स्वास्थ्य पर निरंतर निगरानी रखी जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आॅक्सीजन और स्वास्थ्य उपकरणों की कोई कमी नहीं हैं और लोग इस बारे में चिन्तित ना रहें। उन्होंने कहा कि उप-मण्डलाधिकारियों और खण्ड विकास अधिकारियों को विवाह आदि सामाजिक आयोजनों में मानक संचालन प्रक्रिया को उचित प्रकार से लागू करना सुनिश्चित करना चाहिए।
 
जय राम ठाकुर ने कहा कि आम जनमानस को कोविड-19 महामारी के प्रति जागरूक करने और प्रदेश में घर-घर जाकर क्षय, कुष्ठ, मधुमेह, रक्तचाप जैसी बीमारियों से सम्बन्धित सूचना एकत्रित करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने ‘हिम सुरक्षा अभियान’ का शुभारम्भ किया है। यह अभियान 25 नवम्बर से 27 दिसम्बर, 2020 तक चलाया जा रहा है। उन्होंने प्रदेशवासियों से स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को उनकी बीमारियों और स्वास्थ्य मापदण्डों के बारे में उचित जानकारी देकर प्रदेश सरकार का सहयोग करने का आग्रह किया।
 
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कई स्थानों पर हिमपात के दृष्टिगत सड़कों के उचित रख-रखाव के लिए आवश्यक प्रबन्ध करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण स्थानों पर मशीनों और मजदूरों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि लोगों को असुविधा का सामना न करना पड़े।
 
मुख्य सचिव अनिल खाची ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि प्रदेश में कोविड वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए प्रशासन हर सम्भव प्रयास करेगा और सभी मानक संचालन प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार वितरण तथा मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट के विभिन्न बोर्ड के राज्य स्तरीय टॉपर्स को सम्मानित...

 संवाददाता : रांची झारखंड

मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार वितरण तथा मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट के विभिन्न बोर्ड के राज्य स्तरीय टॉपर्स को सम्मानित करने के लिए समारोह का आयोजन किया जाएगा।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन स्वच्छता प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 119 विद्यालयों को पुरस्कृत करेंगे. इस मौके पर झारखंड इंटरमीडिएट काउंसिल (जैक), केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और आईसीएसई बोर्ड के मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा-2020 में राज्य स्तर पर पहला, दूसरा और तीसरा स्थान हासिल करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित करेंगे।

44,441 विद्यालयों की भागीदारी मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय

पुरस्कार योजना के लिए आयोजित ऑनलाइन प्रतियोगिता में राज्यभर के शहरी और ग्रामीण इलाकों में अवस्थित 44,441 विद्यालयों ने भाग लिया था. स्वच्छता के पांच मानकों के आधार पर इन सभी विद्यालयों का आकलन कर ग्रेडिंग की गई. इन मानकों में पेयजल व्यवस्था, शौचालय, हैंडवॉश (साबुन के साथ), ऑपरेशन एंड मेंटनेंस और बिहेवियरल चेंज एंड कैपासिटी बिल्डिंग शामिल है. इन मानकों के आधार पर विद्यालयों को भी पांच श्रेणियों में विभक्त कर स्टार ग्रेडिंग की गई. इसमें 90 से 100 प्रतिशत प्राप्तांक प्राप्त करने वाले विद्यालयों को पांच स्टार, 75 से 89 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले विद्यालयों को चार स्टार, 51 से 74 प्रतिशत अंक हासिल करने वाले विद्यालयों को तीन स्टार, 35 से 50 प्रतिशत तक अंक वाले विद्यालयों को दो स्टार और 35 प्रतिशत से कम प्राप्तांक प्राप्त करने वाले विद्यालयों को एक स्टार प्रदान किया गया।

कितने विद्यालयों को मिला कितना स्टार

मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार प्रतियोगिता में राज्यभर के 928 विद्यालयों को पांच स्टार, 5668 विद्यालयों को चार स्टार, 27951 विद्यालयों को तीन स्टार, 6917 विद्यालयों को दो स्टार और 2977 विद्यालयों को एक स्टार हासिल हुआ।

पांच स्टार प्राप्त करने वाले विद्यालयों का कराया गया तृतीय पक्ष मूल्यांकन

इस प्रतियोगिता में पांच स्टार प्राप्त करने वाले सभी 928 विद्यालयों का बीआईटी मेसरा के द्वारा तृतीय पक्ष मूल्यांकन कराया गया. इसमें 740 विद्यालयों का स्टार ग्रेडिंग सही पाया गया. इन 740 विद्यालयों में से 119 विद्यालयों का विभिन्न कोटि में मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार योजना के लिए चयन किया गया है. इसमें कक्षा एक से पांच तक वाले 35 विद्यालय, कक्षा एक से आठ एवं छह से आठ तक वाले 25 विद्यालय, कक्षा एक से दस, कक्षा एक से बारह और कक्षा नौ से बारह तक के 50 विद्यालय के अलावा एक विशेष विद्यालय, तीन आवासीय विद्यालय और पांच निजी विद्यालय शामिल हैं।

मैट्रिक और इंटरमीडिएट के टॉपर्स को मिलेगी प्रोत्साहन राशि

इस समारोह में झारखंड इंटरमीडिएट काउंसिल, सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के मैट्रिक और इंटरमीडिएट के सभी संकायों के राज्य स्तरीय टॉपर्स को प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया जाएगा. इसके तहत मैट्रिक में पहला स्थान हासिल करने वाले को एक लाख, दूसरा स्थान हासिल करने वाले विद्यार्थी को 75 हजार और तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को 50 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि के रुप में दिए जाएंगे. वहीं इंटरमीडिएट के विज्ञान, वाणिज्य और कला संकाय में पहला स्थान हासिल करने वाले विद्यार्थी को तीन लाख, दूसरा स्थान प्राप्त करने वाले को दो लाख और तीसरा स्थान हासिल करने वाले विद्यार्थी को एक लाख रुपए बतौर प्रोत्साहन राशि मुख्यमंत्री प्रदान कर सम्मानित करेंगे।

किस बोर्ड के कितने टॉपर्स को मिलेगी प्रोत्साहन राशि

इस समारोह में कुल 59 टॉपर्स् को प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया जाएगा. इसमें झारखंड इंटरमीडिएट बोर्ड के मैट्रिक के 6 तथा इंटरमीडिएट के 12 टॉपर्स, सीबीएसई बोर्ड के मैट्रिक के 7 और इंटरमीडिएट के 14 टॉपर्स और आईसीएसई बोर्ड के मैट्रिक के 8 तथा इंटरमीडिएट के 12 ट़ॉपर्स शामिल हैं. समारोह का आयोजन स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा किया जाएगा।

सरकारी कार्यालयों व शाखाओं में आगामी 26 नवम्बर संविधान दिवस मनाने का निर्णय लिया...

 संवाददाता : चंडीगढ़ हरियाणा

हरियाणा सरकार ने राज्य के सभी सरकारी विभागों के कार्यालयों व शाखाओं में आगामी 26 नवम्बर संविधान दिवस मनाने का निर्णय लिया है, जिसमें संविधान की प्रस्तावना को  पढ़ा जाएगा।

इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इस वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के केवडिया में अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन के दौरान 26 नवंबर को प्रातः 11 बजे संविधान की प्रस्तावना (प्रीएम्बल) को पढ़ने का नेतृत्व करेंगे।

उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार ने कोरोना महामारी के दिशा निर्देशों की पालना करते हुए राज्य के सभी विभागों के कार्यालय, स्वायत्त निकायों, संगठनों, स्थानीय स्वशासन संस्थाओं और शैक्षणिक संस्थानों को भी प्रधानमंत्री के इस प्रस्तावना पढ़ने के कार्यक्रम में शामिल होने के निर्देश दिए हैं। संवैधानिक मूल्यों व मौलिक अधिकारों पर चर्चा व वेबिनार सहित अन्य कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाएगा।

इस संबंध में प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मण्डलायुक्तों और सभी उपायुक्तों को एक पत्र लिखा गया है।

देहरादून स्मार्ट सिटी परियोजना की उच्च स्तरीय संचालन समिति की बैठक संपन्न...

संवाददाता : देहरादून उत्तराखंड

देहरादून स्मार्ट सिटी परियोजना की उच्च स्तरीय संचालन समिति की बैठक बुधवार को सचिवालय में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने परियोजना की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखते हुए उसे समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत स्मार्ट सड़कों के निर्माण में डक्ट का कार्य पूर्ण होने के बाद ही ब्लैक टॉपिंग का कार्य किया जाए। बैठक में देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड के सीईओ आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि देहरादून में इलेक्ट्रिक बस परियोजना शुरू किए जाने के लिए प्रोटो बस इस सप्ताह देहरादून आ जाएगी।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रोटो बस को महिलाओं को समर्पित करते हुए केवल महिलाओं हेतु चलाया जाए। उन्होंने कहा कि इलैक्ट्रिक बसों के संचालन की कार्यवाही में तेजी लाते हुए इसे शीघ्र शुरू किया जाए।

बुधवार, 25 नवंबर 2020

भारत सरकार ने मंगलवार देश में 43 मोबाइल ऐप पर रोक लगायी...

 संवाददाता : नई दिल्ली

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार ने मंगलवार सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69ए के अंतर्गत एक आदेश जारी किया है, जिसके तहत 43 मोबाइल ऐप्स तक पहुंच पर रोक लगायी गयी है।

यह कार्रवाई प्राप्त इनपुट के आधार पर की गयी है। इनपुट के अनुसार ये ऐप्स ऐसी गतिविधियों में संलग्न हैं, जो भारत की संप्रभुता और अखंडता, देश की रक्षा, देश की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए नुकसानदेह हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र, गृह मंत्रालय से प्राप्त व्यापक रिपोर्टों के आधार पर भारत में उपयोगकर्ताओं द्वारा इन ऐप्स तक पहुंच को अवरुद्ध करने का आदेश जारी किया है।

इससे पहले 29 जून, 2020 को भारत सरकार ने 59 मोबाइल ऐप्स तक पहुंच को अवरुद्ध किया था और 2 सितंबर, 2020 को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69ए के तहत 118 अन्य ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। सरकार सभी मोर्चों पर भारतीय नागरिकों के हितों की रक्षा और देश की संप्रभुता एवं अखंडता के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार इसे सुनिश्चित करने के लिए सभी संभव कदम उठाएगी।

भारत में आज जिन ऐप्स तक पहुँच को अवरुद्ध किया गया है, उनकी सूची निम्न अनुलग्नक में दी गई है

  1. अली सप्लायरर्स मोबाइल ऐप
  2. अलीबाबा वर्कबेंच
  3. अलीएक्सप्रेस – स्मार्टर शौपिंग, बेटर लिविंग
  4. अलीपे कैशियर
  5. लालामूव इंडिया - डिलीवरी ऐप
  6. ड्राइव विथ लालामूव इंडिया
  7. स्नैक वीडियो
  8. कैमकार्ड - बिजनेस कार्ड रीडर
  9. कैमकार्ड - बीसीआर (वेस्टर्न)
  10. सोल – फॉलो द सोल टू फाइंड यू
  11. चाईनीज सोशल – फ्री ऑनलाइन डेटिंग वीडियो ऐप एंड चैट
  12. डेट इन एशिया – डेटिंग एंड चाट फॉर एशियन सिंगल्स
  13. वीडेट - डेटिंग ऐप
  14. मुफ्त डेटिंग ऐप - सिंगोल, स्टार्ट योर डेट!
  15. अडोर ऐप
  16. ट्रूलीचाईनीज - चाईनीज डेटिंग ऐप
  17. ट्रूलीएशियन  - एशियन डेटिंग ऐप
  18. चाइनालव: डेटिंग ऐप फॉर चाईनीज सिंगल्स
  19. डेटमाईऐज : चैट, मीट, डेट मट्युर सिंगल्स ऑनलाइन
  20. एशियन डेट: फाइंड एशियन सिंगल्स
  21. फ्लर्टविश: चैट विथ सिंगल्स
  22. गाएज ओनली डेटिंग: गे चैट
  23. टुबिट: लाइव स्ट्रीम
  24. वीवर्कचाइना
  25. फर्स्ट लव लाइव- सुपर हॉट लाइव ब्यूटीज लाइव ऑनलाइन
  26. रेला - लेस्बियन सोशल नेटवर्क
  27. कैशियर वॉलेट
  28. मैगोटीवी
  29. एमजीटीवी- हुनान टीवी ऑफिसियल टीवी ऐप एपीपी
  30. वीटीवी - टीवी वर्जन
  31. वीटीवी – सीड्रामा, केड्रामा एंड मोर
  32. वीटीवी लाइट
  33. लकी लाइव-लाइव वीडियो स्ट्रीमिंग ऐप
  34. ताओबाओ लाइव
  35. डिंगटॉक
  36. आइडेंटिटी वी
  37. इसोलैंड 2: एशेज ऑफ़ टाइम
  38. बॉक्स स्टार (अर्ली एक्सेस)
  39. हीरोज इवोल्वड 
  40. हैप्पी फिश
  41. जेलीपॉप मैच-डेकोरेट योर ड्रीम आइलैंड
  42. मंचकिन मैच: मैजिक होम बिल्डिंग
  43. कॉन्क्विस्टा ऑनलाइन II

देश के प्रसिद्ध लेखक-साहित्यकार और शिक्षाविद डॉ अरुण प्रकाश ढौंडियाल शिक्षा के जरिए विद्यार्थियों का बना रहे हैं भविष्य...

 राजू बोहरा @ नयी दिल्ली

उत्तराखंड के हरिद्वार जिले की तहसील भगवानपुर में स्थित ‘’माउंटेनियर्स एकेडमी’’ की शुरुआत दो हजार ग्यारह में हुई थी जो आज एक इंटरमीडिएट कॉलेज का रूप ले चुका है। इसके संस्थापक-संरक्षक एवं भूस्वामी शिक्षाविद एवं स्थापित लेखक-साहित्यकार डॉ अरुण प्रकाश ढौंडियाल है।

अंग्रेजी माध्यम के साथ चलने वाले इस विद्यालय में औसतन तेरह प्रतिशत अल्पसंख्याक परिवारों से आने वाले शिक्षार्थी रहे हैंl फीस स्कूल का स्ट्रक्चर निकटवर्ती सभी पब्लिक स्कूलों से बहुत कम है लेकिन स्थानीय अभिभावकों, समाजसेवी वर्गों एवं जन प्रतिनिधियों का मानना है कि यहां का शिक्षा का स्तर सर्वोत्तम है।

आश्चर्य की बात यह है कि डॉक्टर अरुण प्रकाश ढौंडियाल संस्था की वित्त व्यवस्था को संतुलित करने के लिए अपनी पेंशन का प्रयोग करते हैं। विद्यालय में वर्ष भर अनेक एक्टिविटीज चलती रहती है।

स्वतंत्रता दिवस, जय जवान जय किसान दिवस, शिक्षक दिवस आदि के अतिरिक्त सफाई अभियान, प्रदूषण मुक्ति अभियान, ईद मिलन, रक्षाबंधन, होली मिलन दिवाली उत्सव, मेहंदी प्रतियोगिता, निबंध प्रतियोगिता, वाद-विवाद प्रतियोगिता, लेखन कंपटीशन, भाषण प्रतिभा आयोजन, कवि सम्मेलन, नुक्कड़ नाटक इत्यादि के उपरांत वार्षिक महोत्सव भी मनाया जाता है।

इन सभी क्रियाकलापों में धार्मिक समभाव, सांप्रदायिक सानिध्य, सामाजिक उन्नयन, नैतिक प्रजाकता, चरित्रिक संशोधन का प्रशिक्षण दृष्टिगत होता है। इलाके में यहां के छात्र अलग से पहचाने जाते हैं यही पहचान विद्यालय परिवार की संचित पूंजी है। ‘’माउंटेनियर्स एकेडमी’ के संस्थापक-संरक्षक डॉ अरुण प्रकाश ढौंडियाल देश के एक जानेमाने प्रसिद्ध साहित्यकार-लेखक और शिक्षाविद है।



दिल्ली-मुम्बई कॉरिडोर से बदलेगी प्रदेश की किस्मत : लोक निर्माण मंत्री

 संवाददाता : भोपाल मध्यप्रदेश

लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा है कि दिल्ली-मुम्बई कॉरिडोर को जोड़ने वाले 173 किलो मीटर लम्बाई वाले फोरलेन 'इन्दौर-देवास-उज्जैन-आगर-गरोठ'' मार्ग प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। इसके निर्माण से प्रदेश के आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि दिसम्बर 20 तक इस मार्ग का अवार्ड पारित कर दिया जाएगा।

मंत्री भार्गव ने कहा कि भारत सरकार की अति महत्वकांक्षी दिल्ली-मुम्बई कॉरिडोर का 244 किलोमीटर हिस्सा मध्यप्रदेश से होकर गुजरेगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर भारत सरकार द्वारा एक लाख करोड़ रूपये की राशि व्यय की जा रही है। इस मार्ग को 2023 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

उन्होंने बताया कि दिल्ली-मुम्बई मार्ग का लाभ सम्पूर्ण मध्यप्रदेश को प्राप्त हो सके, इसके लिए मध्यप्रदेश सरकार के अनुरोध पर केन्द्र सरकार द्वारा 'न्दौर-देवास-उज्जैन आगर-गरोठ'' तक 173 किलोमीटर वाले फोरलेन सड़क मार्ग निर्माण की भी स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। उन्होंने कहा कि इस मार्ग के निर्माण से ग्वालियर से देवास, भोपाल से देवास,इन्दौर मार्ग भी जुड़ जाएगें। परिणाम स्वरूप मध्यप्रदेश के सभी अंचल के लोग इस कॉरिडोर का लाभ उठा सकेंगे। उन्होंने कहा कि इस कॉरिडोर के निर्माण से प्रदेश में रोजगार नये अवसर पैदा होंगे।

मंत्री भार्गव ने बताया कि केन्द्रीय भू-तल परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने चम्बल अटल प्रोग्रेस-वे की स्वीकृति के समय प्रदेश की पिछली सरकार के समय खनिज विभाग की अनुमतियों में विलम्ब की ओर ध्यान आकृष्ट किया था, जिस पर पिछले छह माह में सभी गतिरोध दूर कर व्यवस्था सुधारी गई है।

लोक निर्माण विभाग के साथ प्रदेश के मुख्य सचिव द्वारा खनिज की अनुमतियाँ एवं भू-अर्जन के मुआवजों के वितरण की नियमित समीक्षा की रही है। पिछले छह माह में ही कोरोना के संक्रमण काल के दौरान भी प्रदेश के विभिन्न जिलों में कलेक्टरों एवं राजस्व मशीनरी द्वारा रूपये 540 करोड़ से अधिक राशि के भू-अर्जन के मुआवजे वितरण किए गए हैं, जो निरन्तर जारी हैं।

खनिज विभाग की अनुमतियाँ भी अब केवल सात दिन में दी जा रही हैं। प्रदेश सरकार ने एक कदम आगे बढ़ते हुए भारतमाला परियोजना के लिए गौण खनिज की रॉयल्टी से छूट का निर्णय भी लिया है। मध्यप्रदेश इस योजना का लाभ उठाने में केन्द्र सरकार की अपेक्षाओं से एक कदम आगे बढ़कर ही काम करेंगा और रोजगार तथा उद्योग के साथ-साथ अधोसंरचना विकास के नए आयाम स्थापित करेगा।

मजदूर वर्ग के लोगों को किराना का सामान एवं स्वच्छता किट वाले वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया...

 संवाददाता : जयपुर राजस्थान

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास से मुकुल माधव फाउंडेशन के ‘गिव विथ डिग्निटी’ कार्यक्रम के तहत गरीब परिवारों एवं मजदूर वर्ग के लोगों को किराना का सामान एवं स्वच्छता किट वितरीत करने वाले वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।



नवनिर्मित थाना भवन कबीर नगर का लोकार्पण और हरी झण्डी दिखाकर सायबर संगवारी वाहनों को किया रवाना...

 संवाददाता : रायपुर छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंगलवार आधुनिक साज-सज्जा से निर्मित सर्वसुविधायुक्त सिटी कोतवाली थाना का लोकार्पण किया। इसका निर्माण रायपुर स्मार्ट सिटी मिशन के तहत शहर के हृदय स्थल व सघन क्षेत्र में बने पुराने सिटी कोतवाली थाने को सर्वसुवधिायुक्त थाना के रूप में निर्मित किया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित थाना भवन कबीर नगर का भी लोकार्पण किया। उन्होंने सायबर अपराधों पर तुरंत लगाम लगाने के लिए दो सायबर संगवारी वाहन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना भी किया। 

मुख्यमंत्री ने इस सर्वसुविधायुक्त सिटी कोतवाली भवन का अवलोकन किया। उन्होंने थाना प्रभारी के कक्ष में बैठकर कोतवाली की कार्रवाई विवरण का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, विधायकगण सत्यनारायण शर्मा, कुलदीप जुनेजा, संसदीय सचिव विकास उपाध्याय, महापौर श्री एजाज ढ़ेबर, मुख्य सचिव आर.पी. मण्डल और कलेक्टर डॉ.एस. भारतीदासन सहित जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के अधिकारी उपस्थित थे। 

छह मंजिला यह भवन लगभग 14 हजार वर्ग फुट के क्षेत्र में कुल 30 हजार वर्ग फुट में निर्मित है। लगभग 6 करोड़ रूपए की लागत से इस भवन का निर्माण 10 माह की समयावधि में पूर्ण किया गया है। इस भवन के भू-तल में टी.आई. और उनके स्टॉफ के बैठने की व्यवस्था है। प्रथम तल मंे ए.एस.आई. एवं टी.आई. के बैठने की व्यवस्था के साथ ही इन्वेस्टिंगेशन हॉल और वेटिंग कक्ष बनाया गया है।

द्वितीय तल में मीटिंग कक्ष, डॉक्यूमेंट्स कक्ष और इन्वेस्टिगेशन कक्ष, तृतीय तल में शस्त्रागार, माल खाना, कम्प्यूटर कक्ष और भोजन कक्ष एवं चौथे माले में महिला एवं पुरूष सिपाहियों के लिए अलग-अलग 50-50 बिस्तरों की क्षमता वाला आराम गृह और रीक्रिएशन कक्ष निर्धारित है। पांचवे माले में सी.एस.पी. और एस.आई. के कक्ष होंगे और पूरे स्टॉफ के लिए वर्क स्टेशन इसी माले में है। छठवें माले में 2 बड़े हॉल है, जिसमें मीटिंग और सेमीनार का आयोजन किया जा सकेगा। सिटी मॉनिटरिंग की उन्नत सुविधा इस थाने में उपलब्ध है।  

मुख्यमंत्री ने शिमला स्मार्ट सिटी के तहत सफाई मशीनों को झण्डी दिखा कर रवाना किया...

 संवाददाता : शिमला हिमाचल

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने मंगलवार यहां शिमला शहर में स्वच्छता बनाए रखने के लिए शिमला स्मार्ट सिटी के तहत दो सफाई मशीनों को झण्डी दिखा कर रवाना किया। ये दो सफाई मशीनें निविदा प्रक्रिया के माध्यम से खरीदी गई हैं। मशीनों का निर्माण डुल्वो, इटली द्वारा किया गया है और मैसर्स लायन सर्विसेज लिमिटेड, राजेंद्र प्लेस, नई दिल्ली द्वारा आपूर्ति की गई है। ये मशीनें विभिन्न अन्य शहरों चंडीगढ़, मोहाली, इंदौर, रांची, पटना, कोहिमा, छिंदवाड़ा, भुवनेश्वर, फरीदाबाद, नोएडा आदि में भी सफलतापूर्वक चल रही हैं।

शिमला शहर की सड़कों की सफाई के लिए खरीदी गई ये सफाई मशीनें ड्यूलवो 6000 और ड्यूलवो 3000 आकार की है। इन मशीनों की लागत क्रमशः   2.41 करोड़ और 1.81 करोड़ रुपये है। इसके अलावा, शिमला स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने एक वर्ष की अवधि के लिए 1,29,81,432 रुपये उपभोग्य सामग्रियों, पुर्जों और मानक कार्यशाला उपकरणों के लिए वित्तपोषित किया है। दोनों मशीनें सेल्फ प्रोपेल्ड/मेकेनिकल सक्शन मशीन हैं, जो ठै टप् कंप्लांइट इंजन से लैस हैं।
 
मशीन की प्रभावी निगरानी के लिए इन दोनोें मशीनों में जीपीएस की सुविधा उपलब्ध है। बड़ी मशीन की हाॅपर क्षमता 6.2 सीयूएम है और छोटी मशीन की क्षमता 3.3 सीयूएम है।
 
शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, नगर निगम शिमला की महापौर सत्या कौण्डल, सचिव शहरी विकास रजनीश, प्रबन्ध निदेशक एवं सीईओ शिमला स्मार्ट सिटी लिमिटिड आबिद हुसैन सादिक और नगर निगम शिमला के आयुक्त आशीष कोहली इस अवसर पर उपस्थित थे।

वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में संविदा के आधार पर नियुक्त सेवानिवृत्त कर्मी अभी नहीं हटाए जाएंगे...

 संवाददाता : रांची झारखंड

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने सहायक वन संरक्षक के रिक्त पदों पर अस्थायी रूप से संविदा के आधार पर नियुक्त सेवानिवृत्त कर्मियों के अवधि विस्तार करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है।

वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अंतर्गत सहायक वन संरक्षक को की कमी तथा विभागीय कार्य प्रभावित होने के कारण 31 अक्टूबर 2019 को जारी आदेश के तहत कुल 12 सेवानिवृत्त कर्मियों को एक वर्ष के लिए संविदा के आधार पर नियुक्त किया गया था। इन 12 सेवानिवृत्त संविदा कर्मियों में से 10 व्यक्तियों द्वारा ही योगदान समर्पित किया गया था। इस वर्ष नवंबर माह में इन सभी संविदा कर्मियों के कार्य अवधि समाप्त होने वाली है।

इन पदाधिकारियों को मिला है अवधि विस्तार

पीसीसीएफ के द्वारा इन 10 कर्मियों में से 6 कर्मियों के कार्य मूल्यांकन एवं नियंत्री पदाधिकारी की अनुशंसा के आधार पर अवधि विस्तार की अनुशंसा की गई है।

इन 6 संविदा कर्मियों में सच्चिदानंद ठाकुर, कार्यालय क्षेत्रीय वन संरक्षक, रांची, सुरेश कुमार सिन्हा, कार्यालय प्रधान मुख्य वन संरक्षक, रांची, अमरेंद्र कुमार सिन्हा, कार्यालय मुख्य वन संरक्षक कार्मिक, (राजपत्रित), बलवीर सिंह, कार्यालय क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक, दुमका, प्रेम चंद्र शुक्ला, कार्यालय क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक, जमशेदपुर एवं हसीब उर रहमान, कार्यालय मुख्य वन संरक्षक, वन्य प्राणी, रांची शामिल हैं जिन्हें अवधि विस्तार दिया गया है।

केंद्र सरकार की ओर से 400वां सालाना प्रकाशोत्सव 2021 में मनाया जाएगा...

 संवाददाता : चंडीगढ़ हरियाणा

मानवता के रक्षक के रूप में प्रख्यात सिखों के नौंवे गुरु श्री तेग बहादुर जी का केंद्र सरकार की ओर से 400वां सालाना प्रकाशोत्सव 2021 में मनाया जाएगा। केंद्र सरकार की ओर से 400वें सलाना महोत्सव की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। देश भर से 70 सदस्यीय केंद्रीय समिति गठित की गई है, जो प्रकाशोत्सव की तैयारियों को अमलीजामा पहनाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समिति के अध्यक्ष होंगे, जबकि बाकी को सदस्यों के रूप में मनोनीत किया गया है।

इस कमेटी में हरियाणा से मुख्यमंत्री मनोहर लाल व खेल एवं युवा मामले राज्य मंत्री सरदार संदीप सिंह को सदस्य मनोनीत किया गया है। 70 सदस्यीय कमेटी में हरियाणा के खेल एवं युवा मामले राज्य मंत्री सरदार संदीप सिंह सिख समुदाय का प्रतिनिधित्व करेंगे। खेल राज्यमंत्री सरदार संदीप सिंह के कंधों पर हरियाणा में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों का जिम्मा होगा।

केंद्र सरकार की ओर से महान योद्धा, विचारक, कवि व शिक्षक के रूप में प्रख्यात श्री गुरु तेगबहादुर का वर्ष 2021 में 400वां प्रकाशोत्सव मनाया जाएगा। शीतकालीन सत्र में देश के राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद की ओर से सदन में घोषणा की गई थी, जिस तरह से प्रथम गुरु नानक देव जी का 550वां प्रकाशोत्सव मनाया गया था, उसी तरह गुरु तेग बहादुर जी का भी 400वां प्रकाशोत्सव मनाया जाएगा। समिति को गुरु तेग बहादुर जी 400वीं वर्षगांठ मनाने को लेकर योजनाएं व कार्यक्रमों के लिये विस्तृत तिथियों पर फैसला करने के अलावा जयंती समारोहों को दिशानिर्देशित करने वाली नीतियों, कार्यक्रमों और निगरानी की मंजूरी देने का अधिकार होगा।

खेल राज्यमंत्री सरदार संदीप सिंह ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी द्वारा धर्म, सच्चाई और विश्वास की आजादी को कायम रखने के लिए दी महान कुर्बानी को हम सभी को याद रखना चाहिए और गुरु जी की शिक्षाओं को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाना चाहिए। श्री गुरु तेग बहादुर जी ने हिंदुओं व कश्मीरी पंडितों और गैर मुस्लिमों के जबरन इस्लाम धर्म परिवर्तन का विरोध किया और गुरु जी को 1675 में मुगल बादशाह के आदेश पर दिल्ली के चांदनी चैक में शहीद कर दिया गया था।

ऐसे महान योद्धा के 400वां प्रकाशोत्सव मनाने के लिए केंद्र की ओर से गठित कमेटी में उन्हें जगह मिलना गौरव की बात है। गुरु जी के उपदेशों को फैलाने के लिए विभिन्न विभागों द्वारा साल भर करवाए जाने वाले कार्यक्रमों की सूची मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ विचार-विमर्श करके तय की जाएगी ताकि साल भर चलने वाले कार्यक्रम सिख संगत के लिए यादगार के तौर पर समर्पित किए जा सकें।

इलेक्ट्रोकेमिकल एनर्जी कन्वर्ज़न एण्ड स्टोरेज पर आयोजित कार्यशाला...

 संवाददाता : रुड़की उत्तराखंड

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की ने एआईसीटीई ट्रेनिंग एंड लर्निंग (अटल) अकादमी के साथ मिलकर 23 से 27 नवंबर 2020 के बीच ‘इलेक्ट्रोकेमिकल एनर्जी कन्वर्ज़न एण्ड स्टोरेज पर एक सप्ताह के वर्चुअल कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला का उद्देश्य विभिन्न इंजीनियरिंगकॉलेजों के फैकल्टी मैम्बर्स को स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के प्रति जागरूक बनाना था। कार्यशाला का उद्घाटन आईआईटी रुड़की के उप-निदेशक प्रो.मनोरंजन परिदा नेकिया।

इस दौरान प्रो. एस.के. सिंघल, प्रमुख- हाइड्रो एंड रिन्यूएबल एनर्जी विभाग, आईआईटी रुड़की उपस्थित रहे। इसमें पूरे भारत से 180 से अधिक फैकल्टी मैम्बर्स की भागीदारी देखी गई। कार्यशाला का आयोजन हाइड्रो एंड रिन्यूएबल एनर्जी विभाग के प्रो. अमित भोसले और प्रो.प्रथम अरोड़ा के नेतृत्व में हुआ।

उन्नत प्रौद्योगिकी पर्यावरण से संबंधित समस्याओं को हल करने की कुंजी है।प्रदूषण और जीवन व जैवविविधता की बढ़ती समस्या के बीच, यह कार्यशाला स्वच्छऊर्जा प्रौद्योगिकी को लेकर प्रतिभागियों को जागरूक करने में मदद करेगी प्रो अजीत केचतुर्वेदीनिदेशकआईआईटी रुड़की ने कहा। इलेक्ट्रोकेमिकल एनर्जी कन्वर्ज़न एण्ड स्टोरेज ऑटोमोटिव प्रपल्शन सिस्टम में खास महत्व रखता है।

कार्बन फुटप्रिंट को कम करने को लेकर बढ़ती चिंता को देखते हुएस्वच्छ ऊर्जा विकल्पों को अपनाना अनिवार्य हो गया है।कार्यशाला जलवायु परिवर्तन के मुद्दों से निपटने के नए तरीकों को लेकर प्रतिभागियों को आगे बढ़ाने का रास्तादिखाएगी और उनके कौशल विकास में सहायक होगी  प्रोमनोरंजना परिदाउप– निदेशकआईआईटी रुड़की, ने कहा।कार्यशाला के विषयों में बैट्री में फैब्रिकेशन, फ्यूल सेल को स्केल-अप करने के मुद्दे, बैट्री के स्केल-अप के मुद्दे, फ्लो बैट्री, बैट्री सिस्टम में थर्मोडायनामिक्स प्रमुख रूप सेशामिल था।

कार्यशाला का उद्देश्य ज्ञान को साझा करने का मंच प्रदान करने और इसे सुविधाजनक बनाने के साथ ही प्रतिभागियों को नए दृष्टिकोण औरतरीकों से परिचय कराना हैताकि वे इलेक्ट्रोकेमिकल एनर्जी कन्वर्ज़न एण्ड स्टोरेज तकनीक में दक्षता हासिल कर सकें। हम सभी प्रतिभागियों को उनकी भागीदारी के लिए धन्यवाद देते हैं

प्रो.एसकेसिंघलप्रमुखहाइड्रो एंड रिन्यूएबल एनर्जी विभागआईआईटी रुड़की, ने कहा। इलेक्ट्रोकेमिकल डिवाइस (रूपांतरण और भंडारण दोनों) का ऑटोमोबाइल से लेकर ग्रीन केमिकल उत्पादन तक में बड़ा उपयोग है।इलेक्ट्रोकेमिकल एनर्जी कन्वर्ज़न एण्ड स्टोरेज (ईईसीएस) प्रक्रियाएं विभिन्न स्रोतों से प्राप्त उर्जा के रूपांतरण, भंडारण, और उपयोग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है तथा विभिन्न उपकरणों, जैसे कि सौरसेल, ईंधन सेल, इलेक्ट्रोलाइज़र, बैटरी और सुपर-कैपासिटर्स के माध्यम से उर्जा को अंतिम उपयोगकर्ताओं को उपलब्ध कराती है।

मंगलवार, 24 नवंबर 2020

प्रधानमंत्री 25 नवंबर को लखनऊ विश्‍वविद्यालय के स्‍थापना दिवस के शताब्‍दी समारोह में शामिल होंगे...

 संवाददाता : नई दिल्ली

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी आगामी 25 नवंबर, 2020 को शाम साढ़े पांच बजे लखनऊ विश्‍वविद्यालय की स्‍थापना के शताब्‍दी समारोह में वीडियो कान्‍फ्रेंसिंग के जरिए शामिल होंगे। विश्‍वविद्यालय की स्‍थापना 1920 में हुई थी और वह अपनी स्‍थापना के 100 वर्ष पूरे होने पर समारोह मना रहा है।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री विश्‍वविद्यालय की स्‍थापना के 100 वर्ष पूरे होने पर एक स्‍मारक सिक्‍का जारी करेंगे। इस अवसर पर वह एक विशेष स्‍मार‍क डाक टिकट और भारतीय डाक विभाग द्वारा जारी विशेष कवर भी जारी करेंगे। इस अवसर पर रक्षा मंत्री, उत्‍तर प्रदेश के राज्‍यपाल और मुख्‍यमंत्री भी उपस्थित होंगे।    



मध्यप्रदेश भूकम्प की जोन 2 एवं 3 में,भूकम्प के समय घबराएं नहीं, सावधानियां बरतें...

 संवाददाता : भोपाल मध्यप्रदेश

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि गत दिनों प्रदेश के सिवनी, बालाघाट, बड़वानी, अलीराजपुर, छिंदवाड़ा, मंडला आदि जिलों तथा उनके समीप भूकंप के झटके महसूस किए गए। इनमें रिक्टर स्केल पर सर्वाधिक तीव्रता 4.3, सिवनी में आए भूकंप की थी। मध्यप्रदेश भूकम्प के जोन 2 व 3 में आता है, जो खतरनाक श्रेणी नहीं है। जोन 4 एवं 5 खतरनाक श्रेणी में आते हैं जहां भूकम्प की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.5 से अधिक रहती है। सरकार द्वारा भूकम्प उन्मुख सभी क्षेत्रों में राहत एवं बचाव की सारी व्यवस्थाएं की गई हैं। धैर्य रखें, घबराएं नहीं तथा सभी आवश्यक सावधानियां बरतें।

मुख्यमंत्री चौहान आज मंत्रालय में राज्य आपदा प्रबंधन की बैठक ले रहे थे। बैठक में मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा तथा सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

वाटर लैवल में अंतर है संभावित कारण

गत दिनों प्रदेश में आए भूकंप के संभावित कारणों की समीक्षा में बताया गया कि वाटर लैवल में परिवर्तन इस बार आए भूकंप का संभावित कारण है। इस बार सर्वाधिक 4.3 तीव्रता का भूकंप सिवनी में आया, जिसका एपीसेंटर सिवनी शहर के ठीक नीचे था।


गत दिनों प्रदेश में आए भूकम्प

मध्यप्रदेश में 22 नवम्बर को सिवनी शहर में रिक्टर स्केल पर 4.3 तीव्रता का, कटंगी बालाघाट में 2.4 तीव्रता का, कुरई सिवनी में 1.8 तीव्रता का तथा बरघाट केवलारी में 2.7 तीव्रता का भूकंप आया। इसी प्रकार 07 नवंबर को बड़वानी एवं अलीराजपुर के समीप 4.2 तीव्रता का, सिवनी जिले के पास ही 27 अक्टूबर को 3.3 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके झटके मंडला और बालाघाट में भी आए, 31 अक्टूबर को छिंदवाड़ा में 3.2 तीव्रता का तथा सिवनी जिले के पास 3.5 तीव्रता का भूकंप आया।

भूकम्प के समय ये सावधानियां बरतें

  • जहां है वहीं रहें, संतुलित रहें। हड़बड़ी घातक हो सकती है।

  • यदि घर के अन्दर हैं, तो गिर सकने वाली भारी वस्तुओं से दूर रहें।

  • खिड़कियों से दूर रहें। मजबूत मेज के नीचे छुपें।

  • चेहरे व सिर को हाथों की सुरक्षा प्रदान करें व कम्पन रूकने तक सिर को हाथों की सुरक्षा में रखें।

  • अगर घर से बाहर हैं तो खुली जगह तलाशें। भवनों, पेड़ों, बिजली के खम्भों व तारों से दूर रहें।

  • अगर वाहन में हो तो रूकें और अन्दर ही रहें।

  • पुल, बिजली के तारों, भवनों, खाई और तीव्र ढाल वाली चट्टानों से दूर रहें।

  • बिजली के उपकरण व खाना पकाने की गैस बन्द कर दें।

  • टूटे सामान से पैर चोटिल हो सकते है, अत: जूते पहन कर रखें।

  • अगर काई ज्वलनशील पदार्थ फैल गया है, तो तुरन्त उसे साफ करें।

  • यदि आग लग गयी है और धुआं है, तो लेट कर बाहर निकलने का प्रयास करें। ऐसे में साफ हवा जमीन के नजदीक ही मिलेगी।

हैल्थ प्रोटोकॉल की हो पालना समाज के सभी वर्ग निभाएं दायित्व : मुख्यमंत्री

 संवाददाता : जयपुर राजस्थान

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि कोरोना संक्रमण खतरनाक स्थिति की ओर बढ़ रहा है। जरा सी लापरवाही खुद के साथ ही दूसरों के लिये भी जानलेवा हो सकती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने संक्रमण पर नियंत्रण के लिए जनहित में कड़े फैसले लिये हैं। आमजन, जनप्रतिनिधियों, राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों सहित समाज के सभी वर्गों को समझना होगा कि प्रदेशवासियों की जीवन रक्षा को सर्वोपरि रखते हुए सोशल डिस्टेंंसिंग एवं हैल्थ प्रोटोकॉल की पालना के संबंध में राज्य सरकार द्वारा लिये गये इन निर्णयों की पालना हम सभी के हित में है। 
 
गहलोत सोमवार को वीसी के माध्यम से कोरोना संक्रमण की वर्तमान स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के आठ जिला मुख्यालयों पर नगरीय क्षेत्र में नाइट कफ्र्यू तथा शाम 7 बजे बाद बाजार बन्द कराने, विवाह समारोह में 100 से अधिक लोगों के इकटठा होने तथा मास्क नहीं लगाने पर जुर्माना बढ़ाने जैसे फैसले जीवन की रक्षा के लिए जरूरी हैं।

हैल्थ प्रोटोकॉल की पालना के साथ सीमित रखें चुनाव प्रचार 
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार को इस बात का एहसास है कि प्रदेश में संक्रमण के बढ़ने के पीछे त्यौहारी सीजन के दौरान बाजारों में उमड़ी भीड़, बढ़ती सर्दी, वैवाहिक कार्यक्रमों में अधिक संख्या में लोगों की उपस्थिति के साथ-साथ नगरीय-निकाय तथा पंचायत चुनावों के प्रचार में सोशल डिस्टेंसिंग की पालना नहीं होना भी है। उन्होंने कहा कि न्यायिक बाध्यता तथा संवैधानिक प्रावधानों के कारण सरकार ने निकाय एवं पंचायत चुनाव कराए। राज्य सरकार तथा राज्य निर्वाचन आयोग की सख्त हिदायत के बावजूद प्रचार के दौरान मास्क लगाने एवं डिस्टेंसिंग प्रोटोकॉल की उचित पालना नहीं हो पाई। उन्होंने वर्तमान में चल रहे पंचायतीराज चुनाव के प्रत्याशियों तथा सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे हैल्थ प्रोटोकॉल की पालना अनिवार्य रूप से करें, ताकि आमजन के समक्ष आदर्श प्रस्तुत हो सके।
 
सभी मरीजों को समान रूप से मिले उपचार
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी कोरोना मरीजों को संक्रमण की गंभीरता को ध्यान में रखकर समान रूप से इलाज मिले, यह सुनिश्चित किया जाए। अस्पताल प्रशासन एवं ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों एवं अन्य हैल्थ वर्कर्स की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि वे सभी भर्ती, डे-केयर एवं ओपीडी मरीजों से एक समान व्यवहार करते हुए बीमारी की गंभीरता के अनुरूप उनका इलाज करें।
आने वाली वैक्सीन के लिए तैयारी रखें
 
वीसी के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में कोरोना वैक्सीन के लिये अभी से पूरी तैयारियां रखने के निर्देश दिए। उन्होंने वैक्सीन के लिए स्टोरेज, कोल्ड चैन, आवश्यकता, वितरण की व्यवस्था तथा प्राथमिकता क्रम आदि बिंदुओं की अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चूंकि चिकित्साकर्मी सबसे अग्रिम पंक्ति के वॉरियर होते हैं अतः उन्हें वैक्सीन प्राथमिकता में सबसे ऊपर रखा जाए। 
 
नाइट कफ्र्यू की पालना में मिल रहा जन-सहयोग
 
शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सिद्धार्थ महाजन ने बताया कि आठ जिला मुख्यालयाें पर कलेक्टर एवं एसपी ने बाजारों में जाकर नाइट कफ्र्यू एवं शाम सात बजे बाद बाजार बंद करने की पालना सुनिश्चित कराई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों की पालना में व्यापारियों एवं आमजन का अपेक्षित सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि वैवाहिक आयोजनों में 100 जनों तक ही अनुमत रहने की भी कड़ाई से पालना की जा रही है। मैरिज गार्डन संचालकों से भी उनके यहां हो रहे आयोजनों में हैल्थ प्रोटोकॉल की पालना सुनिश्चित करने में जिम्मेदार भूमिका निभाने की अपेक्षा की गई है। हैल्थ प्रोटोकॉल एवं सोशल डिस्टेंसिंग की पालना कराना उनका भी दायित्व है।
 
40 निजी चिकित्सालय जोड़ेंगे 1850 अतिरिक्त बैड 
 
महाजन ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद दो दिन में ही प्रदेश के विभिन्न जिलों में करीब 40 निजी चिकित्सालयों मे कोविड रोगियों के उपचार के लिए 1850 अतिरिक्त बैड बढ़ाने का कमिटमेंट किया है। प्रदेश में अभी तक 41 लाख 79 हजार कोरोना टेस्ट किये जा चुके हैं। सभी 33 जिलों केे अस्पतालों में ऑक्सीजन सुविधाओं को सुदृढ़ किया गया है। किसी भी अस्पताल मे ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है।
 
एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुधीर भण्डारी ने बताया कि कोरोना मरीजों से भर्ती रहने के दौरान ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सा कर्मियों द्वारा प्रोफार्मा भरवाने की व्यवस्था की गई है। इससे यह सुनिश्चित हो सकेगा कि डॉक्टर प्रत्येक कोरोना मरीज को अटेंड करेें। उन्होंने बताया कि यह देखा गया है कि लक्षणों वाले रोगियों में से 80 प्रतिशत रोगी अस्पताल पहुंचने मे 7 से 12 दिन की देरी कर देते हैं इससे स्वास्थ्य संबंधी खतरा बढ़ जाता है और इलाज में भी लंबा समय लगता है। कभी-कभी जान को भी खतरा हो जाता है। ऎसे में अस्पताल पहुंचने में देरी न करें। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा भी वीसी से जुड़े। गहलोत ने उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। 
 
इस अवसर पर मुख्य सचिव निरंजन आर्य, पुलिस महानिदेशक एमएल लाठर, शासन सचिव चिकित्सा शिक्षा वैभव गालरिया, शासन सचिव गृह एनएल मीणा, सूचना जनसम्पर्क आयुक्त महेन्द्र सोनी, एवं स्वायत्त शासन निदेशक दीपक नंदी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री 24 नवम्बर को राजधानी रायपुर में लगभग 33.25 करोड़ रूपए के कार्यों का करेंगे लोकार्पण...

 संवाददाता : रायपुर छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 24 नवम्बर को राजधानी रायपुर में नागरिक सुविधाओं से संबंधित लगभग 33 करोड़ 25 लाख रूपए की लागत के कार्यों का लोकार्पण करेंगे। ये कार्य रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा पूर्ण कराए गए हैं। बघेल इनमें से 3 करोड़ 28 लाख रूपए की लागत से निर्मित देवेन्द्र नगर ग्लोबल चौक व सड़क चौड़ीकरण कार्य, लगभग 2 करोड़ 52 लाख रूपए की लागत से आक्सीजोन स्मार्ट रोड में कराए गए कार्य, लगभग 75 लाख रूपए की लागत से कलेक्टोरेट उद्यान में जन सुविधाओं के उन्नयन कार्यों, लगभग 20 करोड़ 70 लाख रूपए की लागत से कराए गए जवाहर बाजार परिसर के सौंदर्यीकरण कार्य, लगभग 6 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित नए सिटी कोतवाली थाना भवन और बूढ़ा तालाब में लगाए गए म्यूजिकल फाउंटेन का लोकार्पण करेंगे।

देवेन्द्र नगर ग्लोबल चौक व सड़क चौड़ीकरण कार्य - आवागमन को सुव्यवस्थित करने रिक्त भू-खंड का सदुपायोग करते हुए नगर निगम, रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड व लोक निर्माण विभाग द्वारा देवेन्द्र नगर चौक से एक्सप्रेस वे तक की दूरी के मार्ग के चौड़ीकरण व उन्नयन का कार्य किया गया है। इसमें लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क निर्माण (बी.टी.रोड) किया गया है एवं नगर निगम व रायपुर स्मार्ट सिटी द्वारा मिलकर लगभग 3 करोड़ 28 लाख रूपए की लागत से 47 दुकानों, नाली व सड़क निर्माण कार्य, वृक्षारोपण, चौक सौंदर्यीकरण, विद्युतिकरण कार्य निष्पादित किया गया है। भविष्य में एक्सप्रेेस वे प्रारंभ होने से सघन आवागन के दबाव को व्यवस्थित करने में सड़क चौड़ीकरण का यह कार्य अत्यधिक उपयोगी होगा। 

ऑक्सीजोन स्मार्ट रोड कार्य - रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा ऑक्सीजोन के समीप 220 मीटर सड़क का स्मार्ट सड़क के रूप में उन्नयन किया गया है। लगभग 2.52 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित इस सड़क में अंडरग्राउंड केबलिंग की व्यवस्था है। इस स्मार्ट रोड में प्रकाश व्यवस्था हेतु सोलर पैनल लगाए गए है। भूमिगत जल निकास व्यवस्था के साथ ही साइनेज व रोड मार्किंग कर इस मार्ग को आकर्षक स्वरूप दिया गया है। 

कलेक्टोरेट उद्यान में जन सुविधाओं का उन्नयन - कलेक्टोरेट पुलिस अधीक्षक कार्यालय सहित अन्य विभागीय कार्यालयों में आने वाले आम नागरिकों की सुविधा हेतु लगभग 75 लाख रूपए की लागत से कलेक्टोरेट परिसर में आगंतुकों की बैठक व्यवस्था एवं लैंडस्केपिंग, लाइटिंग व पेवर लगाकर आकर्षक उद्यान विकसित किया गया है। 

जवाहर बाजार परिसर का कायाकल्य - रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा नगर के सबसे पुराने व ऐतिहासिक जवाहर बाजार में पार्किंग सह व्यवसायिक परिसर निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है। लगभग 20 करोड़ 70 लाख रूपए की लागत से इस परिसर के जीर्णोद्धार उपरांत दशकों से किराएदार के रूप में व्यवसाय कर रहे 67 व्यवसायियों को मालिकाना हक प्रदान करने का ऐतिहासिक कार्य भी इस वर्ष छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किया गया है। इस योजना के तहत पार्किंग हेतु लोवर बेसमेंट के साथ ही अपर बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर व तीन मंजिला व्यवसायकि परिसर सह साईट डेवलपमेंट का कार्य किया गया है। इस परिसर के जीर्णोद्धार में ऐतिहासिक मुख्य द्वार को यथावत रखा गया है। 

सिटी कोतवाली थाना निर्माण कार्य - रायपुर स्मार्ट सिटी मिशन के तहत शहर के हृदय स्थल व सघन क्षेत्र में बने पुराने सिटी कोतवाली थाने को सर्वसुवधिायुक्त थाना के रूप में निर्मित किया गया है। इस निर्माण के बाद जहां मुख्य व्यापारिक क्षेत्र में बरसों पुराने सिटी कोतवाली के आसपास यातायात व्यवस्थित हो सकेगा, वहीं हाईटेक स्मार्ट सिटी कोतवाली थाने के सुव्यवस्थित संचालन होगा। लगभग 14 हजार वर्ग फुट के क्षेत्र में कुल 30 हजार वर्ग फुट में भूतल के साथ 6 मंजिल की भवन निर्मित है। लगभग 6 करोड़ रूपए की लागत से इस भवन का निर्माण 10 माह की अल्पावधि में पूर्ण किया गया है।

इस भवन के भू-तल में टी.आई. और उनके स्टॉफ के बैठने की व्यवस्था होगी। प्रथम तल मंे ए.एस.आई. एवं टी.आई. के बैठने की व्यवस्था के साथ ही इन्वेस्टिंगेशन हॉल और वेटिंग कक्ष बनाया गया है। द्वितीय तल में मीटिंग कक्ष, डॉक्यूमेंट्स कक्ष और इन्वेस्टिगेशन कक्ष, तृतीय तल में शस्त्रागार, माल खाना, कम्प्यूटर कक्ष और भोजन कक्ष एवं चौथे माले में महिला व पुरूष सिपाहियों के लिए अलग-अलग 50-50 बिस्तरों की क्षमता वाला आराम गृह और रीक्रिएशन कक्ष निर्धारित है। पांचवे माले में सी.एस.पी. और एस.आई. के कक्ष होंगे और पूरे स्टॉफ के लिए वर्क स्टेशन इसी माले में होगा। छठवें माले में 2 बड़े हॉल है, जिसमें मीटिंग और सेमीनार का आयोजन किया जा सकेगा। सिटी मॉनिटरिंग की उन्नत सुविधा इस थाने में उपलब्ध है। 

बूढ़ा तालाब में म्यूजिकल फाउंटेन की स्थापना - ऐतिहासिक बूढ़ा तालाब के सौंदर्यीकरण के तहत आकर्षक म्यूजिकल फाउंटेन की स्थापना की गई है। यह फाउंटेन देश में क्षेत्रफल के आधार पर सबसे बड़ा फाउंटेन है। इस फाउंटेन के शुरू होने से तालाब की नैसर्गिक भव्यता को आकर्षक स्वरूप मिलेगा। 

मुख्यमंत्री को पीपीई किट्स और मास्क भेंट किए...

 संवाददाता : शिमला हिमाचल

दैनिक समाचार पत्र दैनिक सवेरा टाइम्स के प्रदेश प्रभारी धनंजय शर्मा और दिल्ली में रह रहे शिमला के उद्यमी सुरेश गुप्ता ने आज यहां मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को एक हजार पीपीई किट्स और एन-95 मास्क भेंट किए।
 
मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए उनका आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे जहां जरूरतमंद लोगों को सहायता पहुंचाई जा सकेगी, वहीं अन्य लोग भी कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत लोगों की सहायता के लिए अपना योगदान देने के लिए प्रेरित होंगे।स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
 

मुख्यमंत्री ने असम के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेसी नेता तरुण गोगोई के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया...

 संवाददाता : रांची झारखंड

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने असम के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेसी नेता तरुण गोगोई के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति एवं शोक संतप्त परिजनों को यह दुःख सहने की शक्ति देने की परमात्मा से प्रार्थना की है।

https://twitter.com/HemantSorenJMM/status/1330880422062944256?s=08



हरियाणा मुख्यमंत्री सोशल मीडिया ग्रीवेन्स ट्रैकर प्रदेशवासियों से ढेरों आभार संदेश और खूब प्रशंसा बटोर रहा...

 संवाददाता : चंडीगढ़ हरियाणा

शिकायतों के त्वरित निवारण और तत्काल प्रतिक्रिया के चलते हरियाणा मुख्यमंत्री सोशल मीडिया ग्रीवेन्स ट्रैकर प्रदेशवासियों से ढेरों आभार संदेश और खूब प्रशंसा बटोर रहा है।पिछले एक हफ्ते में हरियाणा के मुख्यमंत्री कार्यालय के ट्विटर हैंडल को कई ऐसे संदेश मिले हैं जिनमें लोगों ने आधिकारिक ट्विटर हैंडल @cmohry पर की गई शिकायतों के जल्द निवारण के लिए आभार व्यक्त किया है।

ऐसे ही एक ट्वीट में रामफल ने राज्य सरकार द्वारा वृद्धावस्था पेंशन जारी न करने के बारे में शिकायत की थी जिसका तुरंत समाधान कर दिया गया। रामफल ने इस पर आभार व्यक्त करते हुए, ट्वीट कर कहा कि उनकी शिकायत का समाधान कर दिया गया है और उनका दृढ़ विश्वास है कि राज्य सुरक्षित हाथों में है।

एक अन्य ट्वीट में जिला चरखी दादरी के मूल निवासी सदानंद छिल्लर ने एसजीएमटी द्वारा प्रदान की गई सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि उनकी शिकायत का त्वरित निवारण कर दिया गया। उनका कहना था कि उन्होंने हाल ही में धान खरीद के दौरान एक शिकायत की थी जिसके बाद उन्हें तुरंत संबंधित कार्यालय से एक फोन आया। बातचीत के दौरान चरखी दादरी मंडी में अधिकारियों के साथ उनकी बात करवाई गई और उनकी शिकायत को प्राथमिकता से हल कर दिया गया। सदानंद छिल्लर ने अपने ट्वीट में कहा कि इस समस्या का समाधान दो दिनों के भीतर हो गया और वे संबंधित विभाग के आभारी हैं। उन्होंने कहा कि त्वरित प्रतिक्रिया से पता चलता है कि राज्य सरकार लोगों के प्रति विनम्र है ।

उन्होंने सरकार के सुशासन की सराहना की।गुरुग्राम के रहने वाले विपिन शुक्ला ने अपने इलाके में खुले गड्ढे के बारे में शिकायत की थी। इस पर संबंधित अधिकारियों द्वारा तुरंत गड्ढे की मरम्मत करवाई गई। बाद में, विपिन शुक्ला ने अपने ट्वीट में उन सभी अधिकारियों का आभार जताया जिन्होंने उनकी शिकायत का जल्द समाधान किया था।

इसी तरह, गुरुग्राम निवासी मनीषा ने स्थानीय डिपो में राशन की आपूर्ति के बारे में शिकायत की थी। उन्होंने शिकायत में बताया कि डिपो मालिक का कहना है कि सरकार अब मुफ्त राशन नहीं देती। संबंधित अधिकारियों द्वारा इस मामले को तुरंत उठाया गया और 2 दिनों के भीतर इस मुद्दे को सुलझा लिया गया। मनीषा ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका मुद्दा हल हो गया है।

राहुल मित्तल ने हिसार में एक नवनिर्मित सडक़ के बीच में एक खंभे के बारे में शिकायत की थी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इसे हटाने का आग्रह किया क्योंकि इससे दुर्घटनाएं होने का अंदेशा था। शिकायत पर संबंधित विभाग ने तेजी से कार्रवाई की और खंभे को शिफ्ट कर दिया । राहुल ने तत्काल की गई कार्रवाई के लिए ट्विटर पर @cmohry का आभार व्यक्त किया।सोशल मीडिया उपयोगकर्ता ट्विटर पर @cmohry को टैग कर सकते हैं और अपनी शिकायतें बता सकते हैं।

पूज्य मोरारी बापू ने संपन्न लोगों को गायों की सेवा में आय का दसवां हिस्सा लगाने के लिए प्रेरित किया...

 संवाददाता : लख़नऊ उत्तरप्रदेश

भगवान श्रीकृष्ण ने बाल रूप में जिस रेत पर लीलाएं की थीं उस पावन धरा-धाम में आयोजित रामकथा के पंडाल में महामंडलेश्वर स्वामी गुरु शरणानंदजी महाराज के सानिध्य में,आश्रम के विद्यार्थी तथा सीमित श्रोताओं के बीच आज पांचवें दिन की कथा का प्रारंभ हुआ। एक दिन विलंब से गोपाष्टमी की बधाई देते हुए व्यासपीठ से कहा गया कि गायों की पूजा के साथ-साथ गायों की सेवा जरूरी है। संपन्न लोगों को बापू ने अपनी आय का दसवां हिस्सा गायों की सेवा में लगाने के लिए प्रेरित किया। और कहा कि संपन्न लोगों को अपने आवास के पार्किंग में एक तरफ cow और एक तरफ car रखनी चाहिए और कहा कि जहां तक संभव हो पंचगव्य का सदुपयोग करें।

प्रेमी, रास नजर से जगत को देखता है, इस कथन के साथ आज ‘प्रेमसूत्र’ विषय का उद्घाटन करते हुए बापू ने कहा कि यदि हमारी आंखों में प्रेम का थोड़ा-सा अंजन लग जाए तो समग्र ब्रह्मांड एक रास ही है। सूर्य, चंद्र, नक्षत्र आदि पूरा अस्तित्व नर्तन कर रहा है। जगत का प्रलय हो जाए पर महारास कभी बंद ना हो, यह गोपियों की मांग थी। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण और गोपियों का रास केवल भूगोल तक सीमित नहीं था, वह पूरे अस्तित्व का महारास था और त्रिभुवन में टेलीकास्ट हो रहा था।

रास कब तक.. ऐसा राधाजी के पूछने पर ठाकुरजी ने बताया कि यह रास तब तक चलेगा जब तक आपके चरण की रेणु पूरे नभ मंडल और त्रिभुवन को आवृत न कर लें, ताकि यह रेणु सदा ज्ञात-अज्ञात चित्त को आकर्षित करती रहे। कथा भी एक रास है कहकर बापू ने सभी को रास-रस से भर दिया। बापू ने आगे कहा की कोई भी महापुरुष करुणा करके धरती पर आते हैं तब परमात्मा उसके आस-पास के लोगों की मानसिकता भी ऐसी बना देते हैं कि वे सहयोग करने लगते हैं। 

कथा की सात्विक चर्चा को आगे बढ़ाते हुए कहा कि बुद्धपुरुष के पास जाने से तीन वस्तु छूट जाती हैं -हृदय की ग्रंथियां छूटने लगती हैं, संशय छिन्न होने लगते हैं और कर्म की जाल समाप्त हो जाती है। ‘मानस’ से सीताजी, भरतजी और काकभुशुण्डि का दृष्टांत देते हुए बापू ने कहा कि कथा अमृत देती है,जिलाती है, कथा मरने नहीं देती। प्रेम के प्रकटीकरण के थोड़े और उपाय बताते हुए कहा कि प्रभु या बुद्धपुरुष के उदासीन शयन को देखकर प्रेम प्रकट हो जाता है। निषादराज का उदाहरण देते हुए कहा कि रामजी का शयन देखकर निषादराज में प्रेम प्रकट हो गया। दूसरा, किसी के सीधे-सादे नयन,वचन या लिबास को देख-सुनकर भी प्रेम प्रगट हो जाता है। 

इस बीच बापू ने कोरोना के बारे में चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देश के कुछ प्रदेशों में कोरोना की दूसरी लहर फिर से आ रही है इसलिए सबको  सोशल डिस्टेंस बनाए रखना है और मास्क का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करने के लिए कहा है। और कहा कि रमणबिहारी सब की रक्षा करेगा। आखिर में, कथा का वास्तविक दौर आगे बढ़ाते हुए पार्वती की रामकथा सुनने की विनम्र जिज्ञासा और शिवजी के द्वारा रामकथा का मंगलाचरण सुनाया। राम वह तत्व है जो बिना पैर चलता है,बिना हाथ कर्म करता है। मुख न होते हुए भी सभी रस का भोक्ता है, जुबान ना होने पर भी बहुत बड़ा वक्ता है। बिना शरीर सब को छूता है। नयन के बिना सब देखता है।

बिना घ्राणेन्द्रिय के बास ग्रहण करता है। ऐसी जिसकी अलौकिक करनी है, जिसकी महिमा वेद भी वर्णन नहीं कर सकते, वे कौशलपति राम हैं। आदि, मध्य और अंत में मूल तत्त्व की स्थापना करनी पड़ती है ऐसी रामकथा का प्रयोजन अपने भक्तों का हित ही है। इस तरह अध्यात्म के अनेक सुंदर पहलुओं को छूते हुए आज की रामकथा को विराम दिया गया।

सातताल व सूखाताल के पुनर्जीविकरण के साथ ही इन्हें पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए...

 संवाददाता : देहरादून उत्तराखंड

मुख्यमंत्री ने नैनीताल, सातताल, सूखाताल, हल्द्वानी तहसील भवन एवं रामनगर से सम्बन्धित विभिन्न योजनाओं का अवलोकन करते हुए सातताल व सूखाताल के पुनर्जीविकरण के साथ ही इन्हें पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए।

इन क्षेत्रों में किये जाने वाले निर्माण कार्यो में स्थानीय शिल्प शैली का उपयोग एवं स्थलों को बर्ड वाचिंग स्थल के रूप में विकसित करने के लिये वन विभाग के सहयोग से चिडियों के अनुकूल वृक्षों के रोपण करने के भी निर्देश दिए।



सोमवार, 23 नवंबर 2020

प्रधानमंत्री ने उत्‍तर प्रदेश विंध्‍याचल क्षेत्र में ग्रामीण पेयजल आपूर्ति परियोजना की आधारशिला रखी...

 संवाददाता : नई दिल्ली

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने रविवार उत्‍तर प्रदेश के विंध्‍याचल क्षेत्र के मिर्जापुर और सोनभद्र जिलों में ग्रामीण पेयजल आपूर्ति परियोजनाओं की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आधारशिला रखी। प्रधानमंत्री ने इस दौरान ग्रामीण जल एवं स्‍वच्‍छता समिति/पानी समिति के सदस्‍यों से भी संवाद किया। केन्‍द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्‍द्र सिंह शेखावत, उत्‍तर प्रदेश की राज्‍यपाल आनंदीबेन पटेल और उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ इस अवसर पर उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री ने रविवार जिन परियोजनाओं की आधारशिला रखी, उनसे 2995 गांवों के सभी घरों में जल-नल कनेक्‍शन पहुंचेंगे और इनसे जिलों की करीब 42 लाख की आबादी को लाभ होगा। इन सभी गांवों में ग्रामीण जल एवं स्‍वच्‍छता समितियों/पानी समितियों का गठन किया गया है, जो इसके परिचालन और रखरखाव की जिम्‍मेदारी संभालेंगी। इन परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत 5,555.38 करोड़ रुपए है। परियोजनाओं को 24 महीनों में पूरा करने की योजना है।

इस अवसर पर अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन की शुरूआत के बाद पिछले डेढ़ साल में दो करोड़ 60 लाख से ज्‍यादा परिवारों को पेयजल कनेक्‍शन मुहैया कराए गए हैं, इनमें उत्‍तर प्रदेश के कई लाख परिवार भी शामिल हैं। उन्‍होंने कहा कि जल जीवन मिशन के कारण हमारी माताओं और बहनों का जीवन आसान हुआ है क्‍योंकि उन्‍हें अपने घर में आसानी से पानी मिल रहा है। उन्‍होंने कहा कि इसका एक ओर बहुत बड़ा फायदा यह हुआ है कि गंदे पानी की वजह से गरीब परिवारों में होने वाली हैजा, टायफाइड, इन्सिफिलाइटिस जैसी जलजनित बीमारियों में बहुत कमी आई है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रचुर संसाधन होने के बावजूद विंध्‍याचल और बुंदेलखंड क्षेत्र अभावग्रस्‍त क्षेत्र बने हुए हैं। उन्‍होंने कहा कि बहुत सी नदियां होने के बावजूद इन क्षेत्रों को जलाभाव वाला और सूखा प्रभावित क्षेत्र माना जाता है। उन्‍होंने कहा कि इसी वजह से यहां के बहुत से निवासियों को क्षेत्र छोड़कर अन्‍यत्र चले जाना पड़ता है। उन्‍होंने कहा कि अब इन परियोजनाओं से जल संकट और सिंचाई जैसे मुद्दों का समाधान हो जाएगा जो‍ कि तीव्र विकास का सूचक है।

प्रधानमंत्री ने उत्‍तर प्रदेश सरकार की इस बात के लिए प्रशंसा की कि उसने महामारी के समय में भी एक प्रभावी सुशासन दिया और सुधारों की गति को बनाए रखा। मोदी ने इस क्षेत्र में हुए विकास कार्यों के संबंध में भी जानकारी दी। उन्‍होंने एलपीजी गैस सिलेंडर, बिजली आपूर्ति, मिर्जापुर में सौर संयंत्र, सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने और बंजर भूमि पर सौर परियोजनाएं लगाकर किसानों को लगातार अतिरिक्‍त आय मुहैया कराने के प्रावधानों की ओर संकेत किया।

स्‍वामित्‍व योजना का उल्‍लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि भूमि के मालिकों को रिहायशी और खेती योग्‍य भूमि के सत्‍यापित स्‍वामित्‍व पट्टे प्रदान किए गए हैं, जिनसे लोगों के मन में पट्टों के प्रति स्थिरता और निश्चितता आई है। इससे समाज के गरीब तबके के लोगों की संपत्ति पर अवैध अतिक्रमण करने की प्रवृत्ति पर लगाम लगी है और इस संपत्ति के बदले में ऋण लेने की संभावना में सुधार हुआ है।

क्षेत्र की जनजातीय आबादी के उन्‍नयन के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में बताते हुए श्री मोदी ने कहा कि कुछ विशेष परियोजनाओं के तहत यह योजनाएं जनजातीय क्षेत्रों तक भी ले जाई जा रही हैं। उत्‍तर प्रदेश समेत इस तरह के सभी क्षेत्रों में सैंकड़ों एकलव्‍य मॉडल स्‍कूल्‍स खोले गए हैं। हमारा लक्ष्‍य हर जनजातीय बहुल ब्‍लॉक में यह सुविधा प्रदान करने का है। उन्होंने कहा वनोपज आधारित परियोजनाएं भी लागू की गई हैं।

एक जिला स्‍तरीय खनिज कोष भी स्‍थापित किया गया है। ताकि जनजातीय क्षेत्रों में कोष की बिलकुल कमी न होने पाए। इस योजना के पीछे यह विचार है कि इन इलाकों से प्राप्‍त संसाधनों का एक हिस्‍सा स्‍थानीय तौर पर निवेश किया जाए। उत्‍तर प्रदेश में इस कोष के तहत 800 करोड़ रुपए एकत्रित किए गए हैं और 6000 से ज्‍यादा परियोजनाओं की मंजूरी दी गई।

प्रधानमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे कोरोना के प्रति सचेत रहें क्‍योंकि इसका खतरा अभी भी मंडरा रहा है। उन्‍होंने लोगों से कहा कि वे पूरी ईमानदारी से इसके लिए तय सावधानियां बरतें।