शुक्रवार, 1 मई 2020

इरफान खान सिर्फ टीवी और पर्दे के माध्यम से जिन लोगों से उनका रिश्ता बना ,जाते जाते वह उनकी आखें नम कर गयें : राजीव गुप्ता 

प्रजा दत्त डबराल @ नई दिल्ली


      कहा जाता है इस संसार में कोई भी जन्म से न ही प्रतिभावान , गुणवान और न ही बुद्धिमान होता है, मनुष्य अपनी कड़ी मेहनत और सच्ची लगन से किए गये अपने कार्यो को इतना अधिक ऊंचा कर लेता है कि समाज में उसे और उसके काम को मान-सम्मान और ख्याति तो मिलती ही है, साथ ही वो दूसरे लोगों के लिए भी आदर्श बन जाते हैं।


पूरे भारत में अपने लेखन का लोहा मनवा चुके, ऐसी ही शख्यितों में एक नाम सामने उभरकर आता है लेखक-निर्देशक राजीव गुप्ता का,जिन्होंने लोगों को यह विश्वास दिलाया है कि सच्ची लगन और कठोर परिश्रम ही सफलता की कूंजी है। 



मिलनसार, हंसमुख और मददगार स्वभाव के राजीव गुप्ता बताते हैं की अपनी मेहनत और अपने माता पिता और अपनी पत्नी का विशेष योगदान मानते है ,वे बताते हैं कि मेरी पत्नी मेरा लेखन में भी सहयोग करती है और किसी भी क्षेत्र में फैमिली के स्पोट के बिना सफल होना संभव नहीं होता और मेरी फैमिली नें मुझे पूरा सपोर्ट किया है।


लेखक-निर्देशक राजीव गुप्ता ने स्वर्गीय इरफान खान के बारे में हमें बताया की और इरफान खान की अद्भूत प्रतिभा का ही परिणाम था कि सिर्फ टीवी और पर्दे के माध्यम से भी जिन लोगों से उनका रिश्ता बना ,जाते जाते वह उन सबकी आखें भी वह नम कर गयें। कहते हैं मन विचलित हो तो कविता का जन्म होता है ।



उन्होंने  इरफान खान पर उनको आपने कलम से श्रद्धांजलि देकर एक कविता समर्पित की पढिये ऐसी ही एक कविता इरफान खान पर...



इरफान तुम्हारा जाना
ऐसा है ,जैसे...
एक चमकते सितारे का टूट जाना
एक युग का समाप्त हो जाना
एक खूबसूरत सफर का यूं अंत हो जाना
इरफान तुम्हारा जाना
ऐसा है,जैसे...
परिंदों का खामोश हो जाना
दरख्तों का सूख जाना
एक उजली सुबह का चु पचाप सो जाना
इरफान तुम्हारा जाना
ऐसा है ,जैसे...
किसी दरिया का रेगिस्तान में बदल जाना
किसी मंजिल का यूं अचानक खो जाना
एक फरिश्ते का किसी जिस्म से निकल जाना
इरफान तुम्हारा जाना
ऐसा है ,जैसे...
एक खूबसूरत सीन का पहले कट हो जाना
एक बेहतरीन संवाद का यूं भूल जाना
संगीत से एक सूर का गायब हो जाना
इरफान तुम्हारा जाना
ऐसा है ,जैसे...
सप्ताह से शुक्रवार का निकल जाना
घड़ी में बारह से तीन का ना आना
कलेण्डर से 29 अप्रैल का हमेशा के लिये मिट जाना
इरफान तुम्हारा जाना
ऐसा है ,जैसे...
खुदा के एक फैसले का गलत हो जाना
जिंदगी की कहानी से नायक का निकल जाना
आंसूं बहाना ,सबको रूलाना , निशब्द हो जाना
तुम्हें याद रखना बाकि सब भूल जाना
इरफान तुम्हारा जाना
ऐसा है ,जैसे...
एक चमकते सितारे का टूट जाना


लेबल: