गुरुवार, 30 अप्रैल 2020

सुरक्षित आवागमन एवं क्वारेंटाइन के लिए पुख्ता व्यवस्था करें केन्द्र से विशेष ट्रेनों के लिए कर रहे समन्वय : मुख्यमंत्री

संवाददाता  : जयपुर राजस्थान


      मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में करीब 10 लाख प्रवासियों एवं श्रमिकों ने अपने गृह स्थान पहुंचने के लिए पंजीयन कराया है। इनमें से करीब 70 प्रतिशत संख्या राजस्थान आने वालों की है। श्रमिकों की इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए जिला कलक्टर एवं अन्य अधिकारी उनके सुरक्षित आवागमन और क्वारेंटाइन सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विशेष ट्रेनों के संचालन के लिए रेलवे के साथ समन्वय कर रही है।

 


 

आर्थिक गतिविधियों को सुचारू करना जरूरी

गहलोत ने कहा कि लॉकडाउन लगाना आसान है, लेकिन उसे हटाना बेहद मुश्किल काम है। ऎसे में लॉकडाउन के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को भी सुचारू करना हमारे लिए बेहद जरूरी है। अगर सभी गतिविधियां लंबे समय बंद रहीं तो आर्थिक संकट पैदा हो सकता है। ऎसे में कोरोना से लड़ना और मुश्किल भरा हो जाएगा। अधिकारी ऎसे प्रयास करें कि संक्रमण का फैलाव रोकते हुए आर्थिक गतिविधियों को पटरी पर लाया जा सके।

 

अनुमत श्रेणियों के लिए सरलता से जारी हों पास

मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी लॉकडाउन के दौरान पास जारी करने की व्यवस्था को सुगम बनाएं। आमजन लंबे समय से चल रहे लॉकडाउन के कारण पहले से ही पीड़ा झेल रहे हैं। ऎसे में पास को लेकर आने वाली समस्या उनमें तनाव पैदा कर सकती है। उन्होंने कहा कि पास जारी करने के लिए उचित सिस्टम हो। अनुमत श्रेणियों के लिए सरलता से पास जारी किए जाएं।

 

9 हजार 100 तक पहुंची जांच क्षमता

चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि प्रदेश में कोरोना की जांच क्षमता अब 9 हजार 100 प्रतिदिन तक पहुंच गई है। पाली, बाड़मेर एवं सीकर में भी आईसीएमआर से जांच की अनुमति मिलते ही हमारी जांच क्षमता 10 हजार तक पहुंच जाएगी। अभी सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों के साथ ही झालावाड़, भीलवाड़ा, भरतपुर, डूंगरपुर, चूरू तथा जयपुर के महात्मा गांधी अस्पताल और जोधपुर के एम्स एवं मरूस्थलीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान केंद्र में जांच सुविधा उपलब्ध है। 

 

अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग सुबोध अग्रवाल ने प्रस्तुतीकरण में श्रमिकों के आवागमन को लेकर राज्य सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 20 अप्रैल से अब तक प्रदेश में 7 हजार से अधिक उद्योगों में उत्पादन प्रारंभ हो गया है। उनके माध्यम से करीब एक लाख 30 हजार श्रमिकों को रोजगार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जिला कलक्टर मनरेगा में अधिक से अधिक संख्या में श्रमिकों को नियोजित करें ताकि उन्हें रोजगार मिल सके। 

 

चिकित्सा शिक्षा सचिव वैभव गालरिया ने कोविड-19 की जांच सुविधाओं के विस्तार तथा रणनीति को लेकर प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि 14 जिलों में पॉजीटिविटी रेट एक प्रतिशत से कम है, जबकि राज्य का औसत 2.47 प्रतिशत है। 

 

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