रविवार, 11 अक्तूबर 2020

ये संतुलित आहार आपको देगा कोरोना कवच...

 रेनू डबराल @ नई दिल्ली

कोरोना ने लोगों की जीवनशैली और खानपान पर असर डाला है। अभी इस महामारी की वैक्सीन  तैयार नहीं हो पाई है। ऐसे में संतुलित आहार अपनाकर कोरोना संक्रमण से खुद को बचा सकते हैं। संक्रमण से बचने में आहार के पोषक तत्व  हमारे लिए सुरक्षा कवच की तरह काम करते हैं। आहार विशेषज्ञों की मानें तो संक्रमण से बचाव की शक्ति शरीर के अंदर ही है, जो फल-सब्जियों और अनाज में मौजूद पोषक तत्वों से बढ़ाई जा सकती है।

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लंच : फल और सब्जियां फायदेमंद

दोपहर का भोजन 1.30 से 2.00 बजे तक कर लेना चाहिए। यह सुबह नाश्ते में ली हुई ऊर्जा की समाप्ति और शाम तक के लिए ऊर्जा जुटाने का वक्त होता है।

क्या लें
’दोपहर की थाली में दाल, रोटी, सब्जी, दही, सलाद सब शामिल हो। चूंकि हरे पत्तेदार सब्जियां पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं इसलिए रोटी में भी पालक या अन्य पत्तीदार सब्जी डाल सकते हैं।
’विटामिन ए और सी से भरपूर मौसमी फल-सब्जियों को तव्वजो दें। जैसे-जैसे कद्दू, नींबू, सेब। नींबू और पुदीने का पानी पिएंं। कच्ची हल्दी का एक टुकड़ा रोज खाएंं।


क्यों 
’हरे पत्तेदार सब्जियों में फाइटोन्यूट्रिएंट्स, विटामिन के, विटामिन सी, बीटा कैरोटीन, सेलेनियम आदि की प्रचुर मात्रा होती है, जो प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती हैं।
’अंगूर सहित दूसरे फलों में प्रोटीन, फाइबर, होता है। हल्दी में लिपोपोलीसैचिरिड नामक तत्व होता है जो इम्यून बेहतर करता है।

सुबह का पहला कोर यानी नाश्ता बेहद अहम होता है। यह पूरे दिन की ऊर्जा की शुरुआत होता है इसलिए इसे छोड़ना घाटे का सौदा है। नाश्ता सुबह 9.30 बजे तक कर लेना चाहिए।

क्या लें
’इस वक्त तुलसी, अदरक, लौंग व दालचीनी वाली चाय या ग्रीन टी इस बीमारी से लड़ने के लिए जरूरी है।
’नारियल पानी/ लस्सी में अजवाइन डालकर पीना भी फायदेमंद होगा। साथ ही बेसन/मूंग दाल का चीला भी अच्छा विकल्प है।
’रोटी में मिस्सी या मिश्रित रोटी लें। अंकुरित अनाज या फल भी ले सकते हैं। इससे शरीर में प्रोटिन बढ़ेगा।

क्यों
’ग्रीन-टी में विटामिन सी, पॉलीफेनोल्स के अलावा एंटी ऑक्सिडेंट जैसे कई औषधीय गुण पाए जाते हैं। ये शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। ये एंटी ऑक्सिडेंट बैक्टीरिया और वायरस को खत्म करने में भी मददार होते हैं। जो शरीर के लिए बेहतर है।
’अंकुरित अनाज एंटी ऑक्सीडेंट और विटामिन ए, बी, सी, ई से भरपूर होते हैं। इनमें फॉस्फोरस, आयरन, कैल्शियम, जिंक और मैग्नीशियम जैसे पौष्टिक तत्व भी पाए जाते हैं, जो हमारी स्वास्थ्य रक्षक कोशिकाओं को कोरोना से लड़ने में मदद करते हैं।

डिनर : खाने में डेयरी उत्पाद ज्यादा लें  
डिनर हमेशा सूर्यास्त से पूर्व होना फायदेमंद है। अगर अगर ऐसा संभव ना हो तो रात्रि भोजन एवं सोने के बीच  तीन घंटे का अंतर जरूर रखें।

क्या खाएं
डिनर में पनीर एवं अंडे की भुर्जी फायदेमंद रहेगी। इसके अलावा सोने से पहले एक गिलास उबला हुआ दूध इलायची, काली मिर्च या हल्दी डालकर लें। दूध में ओट्स भी ले सकते हैं।

क्यों
’दूध और दूसरे डेयरी उत्पाद में विटामिन बी प्रचुर मात्रा में होता है। इसके साथ ही इनमें मौजूद गुड बैक्टीरिया बीमार होने से बचाते हैं।

क्या कहती हैं रिसर्च
कई शोधों में यह स्पष्ट हुआ है कि अलग-अलग विटामिन और दूसरे पोषक तत्व  कोरोना के संक्रमण से बचाने और वायरस से लड़ने में काफी फायदेमंद हो सकते हैं। साथ ही विशेषज्ञों ने चेताया कि इनकी कमी से खतरा भी उठाना पड़ सकता है।

विटामिन-के: फेफड़ों को नष्ट होने से बचाता है
नीदरलैंड के शोधकर्ताओं का मानना है कि चीज में मिलने वाला विटामिन-के रक्त का थक्का जमने और फेफड़ों को नष्ट होने से बचाता है।
क्या खाएं :
विटामिन के-1 : पालक, ब्रोकोली, ब्लूबेरी के अलावा मौसमी फलों-सब्जियों में भी
विटामिन के-2: चीज मुख्य स्रोत, फरमेंटेड जापानी सोयाबीन नैटो भी बेहतर। विटामिन के-2 लेना ज्यादा बेहतर, यह आसानी से शरीर में अवशोषित हो जाता है।

विटामिन-डी: बीमारी को घातक होने से रोकता है
नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के  एक शोध ने माना कि विटामिन डी की कमी और कोरोना वायरस से मृत्यु दर के बीच एक संबंध है। शोधकर्ताओं ने कहा है कि विटामिन डी की पर्याप्त मात्रा इस बीमारी के गंभीर होने की आशंका को कम करता है।

ओमेगा-3 फैटी एसिड : प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती हैं
इनवेस्टिगेटिव ऑप्थेल्मोलॉजी एंड विजुअल साइंस की स्टडी के अनुसार ओमेगा-3, ओमेगा-6 फैटी एसिड शरीर को ऊर्जा देती हैं। प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत करती हैं। इसलिए अखरोट, अलसी खाना उपयोगी।

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