सोमवार, 21 दिसंबर 2020

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भागलपुर जिला के गुवारीडीह स्थित पुरातात्विक स्थल का भ्रमण किया...

 संवाददाता : पटना बिहार

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भागलपुर जिला के बिहपुर प्रखंड में गुवारीडीह स्थित पुरातात्विक स्थल का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि यहां ऐतिहासिक जगह होने का प्रमाण दिख रहा है। ये पौराणिक जगह है, इसके बारे में सबको जानकारी होनी चाहिए। इन जगहों पर पूरा अध्ययन किया जाएगा। इसके बारे में कन्फर्मेशन होगा तब पूरे इलाके को ऐतिहासिक जगह के रूप में विकसित करेंगे।
 
माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजगीर के नेचर सफारी में निर्माणाधीन ग्लास फ्लोर ब्रिज (स्काई वाक), जीप लाइन, जीप बाइक एवं मेन कैम्प एरिया का निरीक्षण किया। निरीक्षण के क्रम उन्होंने अधिकारियों को सिक्योरिटी, सेफ्टी एवं प्रोटेक्शन का पूरा ध्यान रखने का निर्देश दिया। उन्होंने नेचर सफारी एरिया में कार्यरत श्रमिकों एवं कर्मियों के साथ सामूहिक तस्वीरें भी खिंचवाईं।
 
पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने राजगीर में नेचर सफारी के साथ-साथ जू सफारी बनाने की बात कही थी और इसका बहुत अच्छे ढंग से निर्माण किया जा रहा है। यह पूरी तरह से प्रोटेक्टेड रहे, इस सम्बंध में उन्होंने अधिकारियों को कई सुझाव भी दिए। साथ ही उन्होने कहा कि यहां आकर देखने और घूमने से युवा पीढ़ी को काफी जानकारियां मिलेंगी तथा वे पर्यावरण के प्रति जागरूक होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों ने जानकारी दी है कि मार्च तक ग्लास फ्लोर ब्रिज का काम पूरा हो जायेगा। यहां आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस की स्थायी तैनाती की जाएगी ताकि गलत प्रवृत्ति का व्यक्ति किसी को नुकसान न पहुंचाए। तकनीकी विशेषज्ञ भी रेगुलर ड्यूटी में यहां तैनात रहेंगे।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति और पर्यावरण के प्रति लोगों में जागृति आये, इसके लिए जल-जीवन-हरियाली अभियान चलाया जा रहा है। बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया जा रहा है। सौर ऊर्जा को बढ़ावा देते हुये जल संरक्षण की दिशा में भी तेजी से काम आगे बढ़ रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि राजगीर के इलाके में पीने के लिए गंगा नदी का स्वच्छ जल उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि लोगों को भूजल के भरोसे नहीं रहना पड़े।
 
पटना के जिलाधिकारी कुमार रवि ने ऑनलाइन दाखिल खारिज मामलों के कार्यों में प्रगति लाने हेतु सभी डीसीएलआर और अंचलाधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि सभी अंचलाधिकारी 31 दिसंबर तक लंबित मामलों का निष्पादन करें। साथ ही अंचल कार्यालय में प्रत्येक गुरुवार को विधिवत दाखिल खारिज शिविर का आयोजन करें और अभियान चलाकर मामलों का त्वरित निष्पादन करें।
 
बेतिया के जिलाधिकारी ने अधिकारियों के साथ धान अधिप्राप्ति को लेकर समीक्षा बैठक की। उन्होंन निर्देश देते हुए कहा कि जिले के सभी धान अधिप्राप्ति केन्द्रों पर अविलंब निर्धारित लक्ष्य के अनुसार शत-प्रतिशत धान क्रय कराना सुनिश्चित करायें। इस कार्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता और लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की जायेगी।
 
अररिया के जिला पदाधिकारी प्रशांत कुमार सीएच ने मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास निर्माण योजना, जल-जीवन-हरियाली अभियान एवं स्वच्छ भारत मिशन अभियान की समीक्षा की। उन्होंने सम्बंधित पदाधिकारियों को कार्य प्रगति में तेजी लाने एवं जो योजनाएं पूर्ण हो गई हैं, उनकी प्रविष्टि विभागीय वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्देश दिया।
 
किशनगंज के जिलाधिकारी डॉ आदित्य प्रकाश ने सदर अस्पताल परिसर में नवनिर्मित प्रसव कक्ष (लेबर रूम) का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि प्रसव कक्ष में डेडिकेटेड स्टाफ और चिकित्सीय सुविधा दी जा रही है तथा जच्चा-बच्चा दोनों के लिए आवश्यक व्यवस्था की गई है। आने वाले दिनों में सदर अस्पताल में डिजिटल एक्स रे और डायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराने हेतु कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।
 
बंधुआ मजदूरी पर पूरी तरह रोक लगाने को लेकर सहरसा जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी श्री कौशल कुमार ने बंधुआ मजदूरी उन्मूलन हेतु गठित जिला टास्क फोर्स की बैठक की। इस दौरान उन्होंने कई आवश्यक दिशा-निर्दश दिया।
 
जहानाबाद के जिलाधिकारी नवीन कुमार ने समाहरणालय परिसर में कोरोना महामारी के कारण जिले में वापस आये 9 श्रमिकों को मुख्यमंत्री औद्योगिक नवप्रवर्तन योजना के अंतर्गत रोजगार देने हेतु ‘सागर जलपान गृह’ का फीता काट कर उद्घाटन किया। उन्होंने इन सभी श्रमिकों को शुभकामनाएं भी दी।
 
खगड़िया के जिलाधिकारी ने विशेष भू-सर्वेक्षण कार्य की प्रगति का जायजा लेने हेतु अलौली अंचल स्थित हरिपुर मौजा के भू-सर्वेक्षण कार्यालय का निरीक्षण किया। इस क्रम में उन्होंने उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं आमजनों से सर्वेक्षण में आवश्यक सहयोग देने का आग्रह किया।
 
बक्सर के जिला पदाधिकारी ने बाल गृह का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सहायक निदेशक, बाल संरक्षण इकाई को बाल गृह में रह रहे बच्चों को कैटेगराइज कर स्किल मैपिंग कराने तथा उनके बौद्धिक विकास हेतु सुविधाएं उपलब्ध कराने के सम्बंध में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।