शुक्रवार, 20 मार्च 2020

दिल्ली के सभी रेस्टोरेंट में बैठ कर खाना खाने पर 31 मार्च तक प्रतिबंध, खरीदने और होम डिलीवरी पर रोक नहीं : अरविंद केजरीवाल

संवाददाता : नई दिल्ली


      दिल्ली सरकार ने कोरोना के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर दिल्ली के सभी रेस्टोरेंटों को 31 मार्च तक बंद करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि रेस्टोरेंट में बैठक कर खाना खाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। खरीदने और होम डिलीवरी पर प्रतिबंध नहीं है। पूर्व में किसी धार्मिक, राजनीतिक या सामाजिक समेत अन्य आयोजनों में 50 से अधिक लोगों की भीड़ एकत्र होने पर रोक थी, लेकिन अब ऐसे आयोजनों में 20 से अधिक लोगों की भीड़ एकत्र होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। जिन लोगों को क्वारेंटाइन किया जा रहा है, उनके हाथ पर अब स्टैंपिंग भी की जा रही है, ताकि वे सार्वजनिक स्थान पर जाने से रोका जा सके। ऐसे लोग सरकार के निर्दे शों का पालन नहीं करते हैं, तो उन्हें गिरफ्तार भी किया जा सकता है और उन पर एफआईआर भी दर्ज की जा सकती है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सभी से अपील कि घबराएं नहीं, बल्कि ऐहतियात बरतें।

 


 

दिल्ली सचिवालय के मीडया सेंटर में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कोरोना वायरस से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए दिल्ली सरकार सभी उचित कदम उठा रही है। अभी तक दिल्ली में कुल 10 मरीज पाए गए हैं। इसमें से एक की मौत हो गई है। दो मरीज ठीक होकर घर चले गए हैं। उनमें से एक मरीज सिंगापुर चले गए हैं और दिल्ली के 6 मरीजों का इलाज चल रहा है। यह लोग भी अब ठीक हो रहे हैं। अभी तक हमारे पास क्वारेंटाइन करने के लिए कुल 768 बेड की क्षमता है। उनमें से अभी तक 57 बेड इस्तेमाल हुए हैं। अभी 711 बेड खाली है। हमारे पास कुल 550 आइसोलेशन बेड हैं, जहां मरीज को भर्ती कर इलाज किया जा सकता है। केंद्र सरकार के अस्पतालों में 95 बेड हैं। 550 बेड में से सिर्फ 40 का इस्तेमाल हो रहा है। इसमें वह लोग हैं, जो संदिग्ध मिले हैं। उनको आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। केंद्र सरकार के 95 बेड में से 67 इस्तेमाल हो रहे हैं।

 

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार ने कोरोना को लेकर आज कुछ फैसले लिए हैं। जिसमें दिल्ली के सभी रेस्टोरेंट बंद किए जा रहे हैं। इसमें रेस्टोरेंट में बैठ कर खाना खाने पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है। अगर आप खाना खरीदते हैं या होम डिलीवरी करते हैं, तो उस पर प्रतिबंध नहीं है। उसी तरह, आज से सभी शैक्षणिक स्कूल व काॅलेज 31 मार्च तक बंद कर दिए गए हैं। शैक्षणिक संस्थानों के शिक्षक और गैर शिक्षक कर्मचारियों को अपने संस्थान में नहीं आना होगा और वो अपने घर से ही काम करेगा।

 

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जिन लोगों को एयरपोर्ट पर क्वारेंटाइन किया जा रहा है, उनसे घर पर भी क्वारेंटाइन करने के लिए कहा जा रहा है। उन्हें अलग कमरे में रहने के लिए कहा जा रहा है। उनके उपर स्टैंपिंग की जा रही है। क्योंकि कई मामले सामने आए हैं कि वो लोग भाग जा रहे हैं और क्वारेंटाइन नहीं कर रहे हैं। इसलिए उनके हाथ में स्टैंप लगाई जा रही है, ताकि सार्वजनिक स्थान पर स्टैंप लगा व्यक्ति दिखाई दे, तो उसे तुरंत घर जाने के लिए कहा जाए। ऐसे लोगों से हम कहना चाहते हैं कि आप दूसरों को भी बीमारी फैला सकते हैं। आपको क्वारेंटाइन करने के लिए कहा जा रहा है, तो आप करते रहिए। यह बहुत ही खतरनाक बीमारी है। जिससे सारी दुनिया परेशान है। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं, तो सरकार के पास कोई विकल्प नहीं बचेगा और हमें सख्त कदम उठाने पड़ेगे। संभव है कि आपको गिरफ्तार करना पड़े और आपके खिलाफ एफआईआर दर्ज करनी पड़े।

 

अब सुबह 10 से शाम 6 बजे तक प्रतिदिन प्राइवेट वाहनों का भी डिस-इन्फेक्शन किया जाएगा - अरविंद केजरीवाल  

 

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हम परिवहन विभाग के सभी बसों को प्रतिदिन डिस-इन्फेक्ट कर रहे हैं। सभी आईएसबीटी और मेट्रो को डिस-इन्फेक्ट कर रहे हैं। हमारे सभी बस डिपो में चाहे वह डीटीसी हो या क्लस्टर के हों, उनको सुबह 10 से 12 और शाम को 4ः30 से 6ः30 बजे तक कीटाणु रहित किया जा रहा है। निजी सार्वजनिक वाहनों आॅटो, टैक्सी, ग्रामीण सेवा आदि को भी डिस-इन्फेक्शन किया जा रहा था, जिसकी वजह से वाहनों की लंबी-लंबी लाइनें लगनी शुरू हो गई थी। इसलिए आज यह फैसला लिया गया है कि सुबह 10 से शाम 6 बजे तक प्रतिदिन प्राइवेट वाहनों का भी डिस-इन्फेक्शन किया जाएगा। अगर किसी डिपो पर ज्यादा भीड़ लगेगी, तो वहां पर मैन पाॅवर बढ़ा दी जाएगी।

 

वरिष्ठ नागरिकों से हमारी अपील है कि संभव हो तो वे थोड़े दिनों तक अपने घर में ही रहें, बाहर न निकलें - अरविंद केजरीवाल 

 

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में देखने को आया है कि हमारे यहां जो लंबी दूरी वाली बसें आती थी, उनमें बहुत कमी आई हैं। जम्मू-कश्मीर ने पूरी तरह बंद कर दिया है। नेपाल ने भी बंद कर दिया है। सभी लोगों से हमारी हाथ जोड़ कर अपील है कि स्थिति की नाजुकता को समझते हुए कम से कम घर से बाहर निकलें। ज्यादा से ज्यादा घर में रहें और जो भी काम हैं, वह घर से करने की कोशिश करें। निजी क्षेत्र के सभी कंपनी व संस्थानों से हमारी अपील है कि आप अपने कर्मचारी को घर से काम करने का विकल्प दीजिए, ताकि वह दफ्तर न आएं और भीड़ न हो। दुनिया भर से जो मामले आ रहे हैं, उसमें वरिष्ठ नागरिक सबसे अधिक प्रभावित हैं। वरिष्ठ नागरिक सुबह टहलने निकलते हैं और लोगों से मिलते हैं। इसलिए वरिष्ठ नागरिकों से हमारी अपील है कि संभव हो तो वे थोड़े दिनों तक अपने घर में ही रहें, बाहर न निकलें। सबसे ज्यादा ऐहतियात वरिष्ठ नागरिकों को ही बरतने की जरूरत है।

 

कोरोना से पैनिक होने की जरूरत नहीं है, अपने आप को बचाने की जरूरत - अरविंद केजरीवाल  

 

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कुछ दिन पहले हमने फैसला लिया था कि समाजिक, राजनीतिक, धार्मिक, खेल, सेमीनार, कांफ्रेंसेज आदि के आयोजनों में 50 लोगों से अधिक की भीड़ की अनुमति नहीं होगी। अब इसे 50 से घटा कर 20 कर करने का फैसला लिया गया है। अब किसी आयोजन में 20 से अधिक लोगों की भीड़ की अनुमति नहीं दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरी सभी लोगों से अपील है कि घबराने की जरूरत नहीं है। ऐहतियात बरतने की जरूरत है। अपने आप को बचाने की जरूरत है। जितना हम अपने आप को बचाएंगे, उतना ही इससे बच पाएंगे। कल सफदरजंग अस्पताल से एक मरीज ने कूद कर आत्महत्या कर ली थी। लोगों को समझने की जरूरत है कि कोरोना वायरस की बीमारी जिनको हो जाती है, उन सभी की जान नहीं चली जाती है। इसमें अधिकतर लोगों की जान बच जाती है। कुछ एक लोगों के लिए ही यह बीमारी घातक होती है। इसलिए डरने की जरूरत नहीं है। अपने आप को बचाने की जरूरत है। अगर आप इससे ग्रसित हैं, तो यह किसी और को न हो, इसके लिए ऐहतियात बरतने की जरूरत है।

 

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कोरोना के वायरस कई तरह से फैलते हैं। पहला, जब पीड़ित व्यक्ति छींकता है या खांसता है, तो हो सकता है कि इसके कीटाणु आपके मुंह पर आ जाएं। यह वायरस आंख, नाक और मुंह के जरिए ही फैलता है। इसलिए लोगों को एक मीटर की दूरी बनाने के लिए कहा जा रहा है। बीमार व्यक्ति अपना हाथ मुंह पर रखा है और आप से हाथ मिला लिया, तो वायरस आपके हाथ में अ जाते हैं। अब आप अपना हाथ मुंह पर लाते हैं तो वायरस आपके शरीर में आ जाएंगे। अगर हमने थूका या खांसा और इसके वायरस सतह पर गिर गए, तो उस सतह पर आप हाथ रखते हैं और बिना धोए हाथ को मुंह, आंख या नाक पर रखते हैं, तो इससे भी यह फैल सकता है। सख्त सतह पर इसका वायरस 48 घंटे तक जिंदा रहता है और साफ्ट स्थान पर 6 से 7 दिन तक जिंदा रहता है। कोराना वायरस किसी को हो गया, तो उसे 14 दिनों तक पता नहीं चलता हैं। इस दौरान आप समान्य जिंदगी जीते हैं और कितने लोगों के संपर्क में आकर उसे भी बीमार कर देते हैं, यह आप को पता नहीं चलता है।

 

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि बस, मेट्रो के फेरे कम करते हैं, तो उसमें भीड़ बढ़ सकती है। इसलिए हम फेरेे कम नहीं कर रहे हैं, बल्कि हम चाहते हैं कि लोग ही यात्रा करना काम कर दें। दिहाड़ी मजदूरी करने वालों को लेकर दिल्ली सरकार भी चिंतित हैं। यह लोग रोज कमा कर खाते हैं। हम आंकलन कर रहे हैं कि इनके लिए क्या करना चाहिए। लोगों का कहना है कि गर्मी आने पर वायरस का असर कम हो जाए। कुछ दिन और इंतजार कर रहे हैं। इसके बाद कुछ राहत देने की जरूरत होगी तो अवश्य कदम उठाएंगे। दैनिक उपयोग की वस्तुए बेचने वाली दुकानों पर लोगों भीड़ लगने और राशन जमा करने पर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल ने लोगों से अपील कि इस तरह से घबराएं नहीं, इससे कोई फायदा नहीं है। अभी तक पूरे देश ने मिल कर काफी अच्छा काम किया है और हम इसे नियंत्रित कर पाए हैं। इसी तरह से हम चैकन्ने रहेंगे, तो इससे निपट सकेंगे। 

 

सभी गैर आवश्यक सेवाएं शुक्रवार से बंद - अरविंद केजरीवाल 

 

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जो भी आवश्यक सेवाए हैं उनकों अनुमति दी जाएगी और गैर सार्वजनिक सेवाओं को शुक्रवार से बंद कर दिया जाएगा। दिल्ली सरकार के सभी अस्पतालों को वेल्टीलेटर, मशीनों को सक्रीय स्थिति में रखने के लिए निर्देश दिए जा रहे हैं। हम सभी प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों की मैपिंग करा रहे हैं कि कहां क्या-क्या सुविधाएं हैं, जिसे जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल कर सकें।