शुक्रवार, 10 अप्रैल 2020

पंजाब पुलिस ने राहत कामों और कफ्र्यू लागू करवाने हेतु 4336 वालंटियरों को किया शामिल...

संवाददाता : चंडीगढ़ पंजाब 


      पंजाब पुलिस ने अपनी कार्य प्रणाली को आगे बढ़ाते हुये कोविड -19 सम्बन्धी राहत कामों की प्रभावी निगरानी को यकीनी बनाने के लिए डायल 112 वर्कर फोर्स में वालंटियरों को शामिल किया है। यह वालंटियर ज़मीनी स्तर पर काम कर रही 40,000 से अधिक पुलिस फोर्स की सहायता करेंगे।

 

अब तक 10 जिलों में पायलट आधार पर शुरू की गई इस स्कीम के अंतर्गत पहले ही 4336 वालंटियरों की भर्ती की जा चुकी है जिससे सेवाएं मुहैया करवाने और अन्य राहत कामों को ज़मीनी स्तर पर लागू करवाने में यह वालंटियर पंजाब पुलिस की सहायता कर सकें। अब तक कवर किये जिलों में अमृतसर सिटी (270), अमृतसर ग्रामीण (83), बठिंडा (370), फाजिल्का (343), फिऱोज़पुर (239), जालंधर शहर (267), लुधियाना सिटी (1602), लुधियाना ग्रामीण (388), एस.ए.एस.नगर (272) और पटियाला (502) शामिल हैं। हालाँकि इन वालंटियरों की सेवाओं ज़रूरत पडऩे पर अन्य जिलों में भी इस्तेमाल की जा सकती हैं।

 

इस सम्बन्धी जानकारी देते हुये पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि पंजाब पुलिस ने सोशल मीडिया पर वालंटियरों से अपील की थी कि वह इस कठिन समय में पुलिस के यतनों में शामिल हों। उन्होंंने बताया इसकी बहुत अधिक स्वीकृति मिली है।

 


 

यह डायल 112 वालंटियर, पुलिस को राशन पैक्ट तैयार करना और उनका वितरण, ट्रैफिक़ नियंत्रण और कफ्र्यू लागू करना, एमरजैंसी डाक्टरी सहायता / दवाएँ मुहैया करवाना, सैनेटरी पैडों का वितरण और ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों के लिए खाने के पैकेट बाँटने समेत कई कामों में सहायता कर रहे हैं। 

 

पंजाब पुलिस ने वालंटियरों को भर्ती करने का फ़ैसला इसलिए किया क्योंकि डायल 112 एमरजैंसी रिस्पांस सर्विस (ईआरऐस) पर प्राप्त हो रही काल की संख्या, जोकि कफ्र्यू हेल्पलाइन में तबदील कर दी गई थी, हाल ही के दिनों में 24 प्रतिदिन) के पास जा पहुँची थी और यह एक असाधारण बढ़ोतरी थी। डीजीपी ने कहा कि इस असाधारण माँग को पूरा करने के लिए हेल्पलाइन रिस्पांस क्षमता पहले ही दोगुनी कर दी गई है।

 

प्राप्त हुई काल तुरंत हल करने के लिए 112 जि़ला कंट्रोल रूमों को भेजी जाती हैं। फील्ड में मौजूद पुलिस फोर्स का काम सभी सार्वजनिक ज़रूरतों का हल करना और सभी शिकायतों का निवारण करना है। गुप्ता ने आगे कहा कि ग्राउंड फोर्स और बढ़ रहे दबाव के मद्देनजऱ वालंटियरों की सेवाएं लेने का फ़ैसला किया गया।

 

खाद्य वस्तुओं और दवाओं की कमी सम्बन्धी समस्याएँ जि़ला पुलिस इकाईयों की तरफ से पहल के आधार पर हल की जाती हैं और इसमें डायल 112 वालंटियरों की तरफ से सांझ - कम्युनिटी पुलिसिंग पहलकदमी के द्वारा पुलिस की सहायता की जाती है। डीजीपी ने कहा गुरपीत दिओ, एडीजीपी (कम्युनिटी अफेअरज़) और कंवरदीप कौर, एआईजी (इंटेलिजेंस) पूरा संचालन संभाल रहे हैं।  

 

आज तक पंजाब पुलिस की तरफ से ग़ैर सरकारी संगठनों, गुरुद्वारों और आम लोगों के सहयोग से कुल 40089562 यूनिट मिल सुखा राशन और पके हुए खाने के 5350698 पैक्ट मुहैया करवाए गए हैं। डीजीपी ने कहा कि वालंटियरों और पुलिस मुलाजिमों के सहयोग से गाँव वासी भी कई इलाकों में सवैइच्छत तालाबन्दी को यकीनी बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि 13241 गाँवों में से 11638 पूरी तरह सील कर दिए गए हैं, जो कि पंजाब के 88 प्रतिशत गाँवों के बराबर हैं।

 

डीजीपी ने बताया कि जहाँ तक कफ्र्यू लागू करने की बात है गुरूवार को 381 एफआईआर दर्ज की गई, 568 व्यक्तियों को गिरफ़्तार किया गया, 186 वाहन ज़ब्त किये और 1499 व्यक्तियों को ओपन जेलों में भेजा गया। इनके अलावा सोशल मीडिया पर जाली खबरें फैलाने में लगे व्यक्तियों के खि़लाफ़ चार एफआईआर भी दर्ज की गई हैं।   

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