शनिवार, 15 अगस्त 2020

5 करोड़ से अधिक सैनिटरी पैड एक रुपए से कम कीमत पर उपलब्ध कराए गए : प्रधानमंत्री

संवाददाता : नई दिल्ली


      प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि उनकी सरकार देश में महिलाओं, विशेष रूप से वंचित वर्ग की महिलाओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर काफी सजग है।


देश के 74वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए श्री मोदी ने कहा कि सरकार गरीब बेटियों और बहनों के स्वास्थ्य और स्वच्छता का ख्याल रख रही है और उन्हें सस्ती कीमत पर स्वास्थ्य से जुड़े उत्पाद उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सरकार ने देशभर में 6 हजार से अधिक जन औषधि केन्द्रों के माध्यम से गरीब महिलाओं को 5 करोड़ से अधिक सैनिटरी पैड एक रुपये की न्यूनतम कीमत पर उपलब्ध कराए हैं।


प्रधानमंत्री की इस घोषणा पर केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री डी. वी. सदानंद गौड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री के निरंतर मार्गदर्शन और समर्थन के कारण ही यह उपलब्धि संभव हुई है। उन्होंने कहा कि 6 हजार जनऔषधि केंद्रों के नेटवर्क को लोगों और विशेष रूप से वंचितों को बेहतर सेवाएं देने के लिए बनाया गया है। एक रुपए की न्यूनतम कीमत पर 5 करोड़ से अधिक सैनिटरी पैड वितरित किया जाना इसका जीता जागता उदाहरण है।



गौड़ा ने कहा कि सरकार प्रधानमंत्री के विजन को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री जनऔषधि केन्द्रों के माध्यम से सस्ती कीमतों पर लोगों को आवश्यक और गुणवत्ता वाली दवाओं की आपूर्ति भी करती रहेगी।


केन्द्रीय जहाजरानी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में तेज प्रगति, विशेष रूप से महिला सशक्तीकरण और गरीब तबके के कल्याण की दिशा में उठाए गए कदम प्रधानमंत्री की दृढ़ प्रतिबद्धता के कारण ही संभव हो पाए हैं। उन्होंने कहा कि उनके मंत्रालय का फार्मास्युटिकल विभाग प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्रों के माध्यम से सस्ती कीमत पर सैनिटरी पैड और अन्य दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अथक प्रयास कर रहा है।


“जनऔषधि सुविधा सैनिटरी नैपकिन” के नाम से जाने जाने वाले ये उत्पाद एक सामाजिक अभियान के रूप में देश भर में 6000 से अधिक प्रधानमंत्री जनऔषधि केन्द्रों के माध्यम से गरीब महिलाओं को एक रुपए के न्यूनतम मूल्य पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं जबकि बाजार में इस तरह के सैनिटरी पैड की कीम​त लगभग 3 से 8 रुपए प्रति पैड है।


इस कदम ने देश के वंचित वर्ग की महिलाओं के लिए स्वच्छता, स्वास्थ्य और सुविधा ’सुनिश्चित की है। प्रधानमंत्री की सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा के विजन को पूरा करने के लिए केंद्रीय फार्मास्युटिकल्स विभाग की ओर से यह कदम उठाया गया है। ये सैनिटरी नैपकिन पूरी तरह से पर्यावरण के अनुकूल हैं क्योंकि ये ASTM D-6954 मानकों के अनुरुप जैविक रुप से नष्ट होने वाली सामग्री से बनाए जाते हैं।


देश के कई हिस्सों, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में लड़कियों और महिलाओं की सैनिटरी उत्पादों तक पहुंच नहीं है या फिर बाजार में उपलब्ध ऐसे उत्पादों की कीमत इतनी ज्यादा है कि वह इसका विकल्प नहीं चुन पातीं। ऐसे में जन औषधि केन्द्रों पर सस्ते दाम पर इनके मिलने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। 


जन औषधि केंद्रों ने जम्मू कश्मीर और लद्दाख क्षेत्र में ऐसे 1.56 करोड़ पैड वितरित किए हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा चलाए जा रहे “राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यकम” के तहत ये पैड लड़कियों और महिलाओं को निशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं।


लेबल: